मनरेगा में कार्य करने वाले मजदूर के आकस्मिक निधन पर राज्य में पहले आश्रित लाभुक को मिला लाभ- उप विकास आयुक्त

मनरेगा में कार्य करने वाले मजदूर के आकस्मिक निधन पर राज्य में पहले आश्रित लाभुक को मिला लाभ- उप विकास आयुक्त

सरायकेला/इंचागढ़

मनरेगा मजदूर के आकस्मिक निधन पर आश्रित को उप विकास आयुक्त नें मनरेगा के तहत दो लाख के अनुग्रहित राशि का चेक उपलब्ध कराया

( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )

सरायकेला/इचागढ़: उप विकास आयुक्त श्री प्रवीण कुमार गागराई ने आज कार्यालय कक्ष में इचागढ़ प्रखंड के सितू पंचायत में मनरेगा मजदूर के आकस्मिक निधन पर उनके आश्रित को मनरेगा अंतर्गत संचालित योजना के तहत सामाजिक सुरक्षा के अनुग्रहित अनुदान राशि के तहत दो लाख रूपए (₹200000) का चेक प्रदान किया।

इस दौरान उप विकास आयुक्त नें कहा की मनरेगा में कार्यरत मजदूर (ऐसे मजदूर जो साल में कम से कम 15 दिन कार्य किए हो) को आकस्मिक निधन या हत्या पर योजना अंतर्गत पूर्व में 75000 रुपए देने के प्रावधान थे जिसे राज्य सरकार द्वारा बढ़ाकर अब ₹200000 कर दिया गया है, वही आंसिक विकलांगता पर पूर्व में निर्धारित राशि ₹37500 को बढ़ा कर 1, 00000 कर दिया गया है इसके साथ ही सामान्य मृत्यु पर निर्धारित राशि 30,000 को बढ़ाकर ₹100000 कर दिया गया है वही डोभा इत्यादि में डूबकर मृत्यु होने पर निर्धारित राशि 50,000 को भी बढ़ाकर एक लाख कर दिया गया है।

इस दौरान उप विकास आयुक्त ने मनरेगा में कार्य करने वाले ग्रामीण क्षेत्र के मजदूरों से अपील करते हुए कहा कि मनरेगा से जुड़ निरंतर कार्य करें, ऐसे मजदूर जो किसी कारण से अधिक दिन कार्य न कर रहे हो वह कम से कम साल में 15 या उससे अधिक दिन कार्य अवश्य करें ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना पर सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से जोड़ा जा सके।

पुलिस को मिली बड़ी सफलता 10 एकड़ जमीन में लगे अफीम की खेती को किया नष्ट…

पुलिस को मिली बड़ी सफलता 10 एकड़ जमीन में लगे अफीम की खेती को किया नष्ट…

चांडिल

बृहस्पतिवार 9 फरवरी को इचागढ़ थाना क्षेत्र के बोलो कोटा लावा इत्यादि तमाड़ थाना के सीमावर्ती क्षेत्रों में अफीम की खेती की जाने की सूचना मिली थी

आपको बता दें कि गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस निरीक्षक चांडिल थाना प्रभारी इचागढ़ थाना एवं सशस्त्र बल के साथ उक्त क्षेत्रों में छापामारी की गई

छापेमारी अभियान चला कर करीब 10 एकड़ जमीन में विभिन्न टुकड़ों में की गई अफीम की फसल को नष्ट कर दिया गया

इस संबंध में इसकी खेती करने वाले तथा इसके संरक्षण देने वाले लोगों को चिन्हित किया जा रहा है तथा उनके विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के सुसंगत धाराओं के तहत कांड दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी

12 एकड़ में फैले हुए विभिन्न टुकड़ों में अफीम की खेती को नष्ट किया गया….थाने में प्राथमिकी दर्ज

सरायकेला खरसावां

ईचागढ़ के चांडिल थाना अंतर्गत पुलिस को मिली बड़ी सफलता

SDPO संजय कुमार ने कहां अफीम के खिलाफ यह अभियान लगातार चल रही है और आगे भी यह अभियान बदस्तूर जनहित में जारी रहेगी

सरायकेला खरसावां: शनिवार 4 फरवरी को इचागढ़ चांडिल थाना क्षेत्र के कुटुम पहाड़ के पास सीता नाला के आसपास जंगली झाड़ी क्षेत्र से भारी मात्रा में अफीम की खेती किए जाने की सूचना मिली थी

( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )

गुप्त सूचना पर उक्त क्षेत्र में ग्राम बोड़ा एवं जोगा गड़ा के निकट इचागढ़ तमाड़ के सीमावर्ती क्षेत्र में सेट एवं जेब तथा जिला बल के कुल 50 जवान एवं पांच पदाधिकारी के साथ छापामारी अभियान चलाया गया

उक्त अभियान में लगभग 12 एकड़ में विभिन्न टुकड़ों में अफीम की खेती किया हुआ मिला जिसे तत्काल उपलब्ध बल एवं चौकीदार के मदद से नष्ट कर दिया गया

इस संबंध में इचागढ़ थाना में प्राथमिकी दर्ज कर इसमें संलिप्त लोगों के विरुद्ध कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है

मीडिया को जानकारी देते हुए SDPO संजय कुमार ने कहा की आगे भी वैसे किसान जिन्होंने अफीम का खेती किया हुआ है वह यथाशीघ्र नष्ट कर लें अन्यथा उनके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी आगे भी ऐसी सूचनाएं मिलने पर और भी जहां अफीम की खेती पाए जाने पर उसे नष्ट किया जाएगा तथा इसमें शामिल लोगों के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी मीडिया से भी अनुरोध है कि वह लोगों को इसके लिए जागरूक करें कि वह ऐसे खतरनाक मादक पदार्थ की खेती ना करें

इस पूरे अभियान में थाना प्रभारी ( इचागढ़ ) दिनेश ठाकुर, पुलिस अवर निरीक्षक शिवा यादव पुलिस अवर निरीक्षक अनिल मेहता एवं सशस्त्र बल के करीब 50 जवान शामिल थे

हांथी का आतंक ट्रस्कर हाथी कई ग्रामीणों की ले चुकी हैं जान

सरायकेला

इचागढ़:चांडिल वन क्षेत्र पदाधिकारी वन एवं पर्यावरण विभाग की अनदेखी के कारण आज विशालकाय हाथी आतंक का पर्याय बन चुके हैं। मनुष्य को देखते ही ये आक्रोशित होकर यह दौड़ाने लगते हैं और अपने पैर तले कुचल कर मार देते हैं आए दिन इस तरह लोगों की जान ले चुके हैं कई घरों को क्षतिग्रस्त कर दिए हैं सुरक्षा के नाम पर वन विभाग फटाका देकर अपना पल्लू झड़ लेते हैं। ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र के जनता वन विभाग के प्रति आक्रोश देखा गया है । 

एक तरफ केंद्र सरकार व राज्य सरकार द्वारा वन विभाग एवं पर्यावरण विभाग को प्रति बर्ष करोड़ों रुपया मुहैया कराते हैं जंगल व जंगली जीव जंतु की सुरक्षा के लिए

हाथी को आक्रोशित होने का मुख्य कारण जंगल की तराई में अवैध रूप से देशी महुआ भाटी । दारू माफिया द्वारा सुचारू रूप से चलाई जा रही है । जिसमे उपयोग होने वाले मादक पदार्थ जावा महुआ खाकर हाथी के झुंड मस्त हो जाते हैं ।ओर गांव में घुसकर ये दिन के उजाले में भी गांव के आसपास विचरण करते हैं। 

हाथी के आतंक से इचागढ़ विधान सभा के दर्जनों पंचायत के ग्रामीण आक्रोशित और भयभीत होकर्ण जीने पर मजबूर हैं। सूर्य ढलते ही ग्रामीण अपने घर से बाहर नही निकलते हैं।

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