पूर्व विधायक ममता देवी की परेसानी बढ़ी, एक और केस में मिली 2 साल की सजा…

हजारीबाग: लोक नायक जय प्रकाश नारायण केंद्रीय कारागार में सजा काट रही रामगढ़ की पूर्व विधायक ममता देवी और राजीव जयसवाल को गोला- गोली कांड के एक और मामले में दो वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है।अपर न्यायाधीश चतुर्थ सह विषेष अदालत एमएलए-एमपी कुमार पवन की अदालत ने दोनों अभियुक्तों को दो वर्ष व पांच-पांच हजार रूपए की जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना की राशि अदा नही करने पर अतिरिक्त 3 माह की कारावास की सजा भुगतनी पड़ सकती है।

इस मामले में रामगढ़ के ही अन्य 11 अभियुक्त जिसमें दिलदार हुसैन, आदिल इनामी, वासुदेव प्रसाद, मनोज पुजहर, लाल बहादुर महतो, कौलेश्वर महतो, बालेश्वर भगत, अभिषेक कुमार सोनी, कुंवर महतो, सुभास चन्द्र महतो और जदु महतो शामिल हैं, इन सभी अभियुक्तों को अदालत ने साक्ष्य के अभाव में बरी किया है। बताते चलें कि बीते 13 दिसंबर 2022 को व्यवहार न्यायालय हजारीबाग में रजरप्पा थाना कांड संख्या 79/2016 में रामगढ़ विधायक सहित 13 आरोपियों को पांच-पांच साल की सजा सुनाई गई थी। साथ ही 30 अगस्त 2022 को गोला थाना कांड संख्या 64/2016 में ममता देवी सहित आठ लोगों को तीन माह की सजा सुनाई गई थी।

क्या है पूरा मामला

बीते 29 अगस्त 2016 को आईपीएल कंपनी में धरना प्रदर्शन चल रहा था। इसी दौरान प्रशासन और रैयतों के बीच जमकर नोकझोंक हो गई थी। वही इस नोकझोंक के बीच रामगढ़ जिला के गोला अंचलाधिकारी के सरकारी वाहन को आग के हवाले कर दिए गए थे। इस घटना पर गोला अंचलाधिकारी के चालक कौलेश्वर राम मुंडा ने लिखित आवेदन के आधार पर गोला थाना में घटना के संदर्भ में कांड संख्या 65/2016 दर्ज किया गया था। वही इस पक्ष की ओर से कुल 17 गवाहों की गवाही व्यवहार न्यायालय में हुई।

मौत के बाद भी रिया को नहीं नसीब हुई अपनी जमीन की माटी, बहन के घर कराना पड़ा अंतिम संस्कार

हजारीबाग:अभिनेत्री ईशा आलिया का अंतिम संस्का र हजारीबाग के खिरगांव स्थित मुक्तिधाम में हो गया। लेकिन मौत के बाद भी उसके अरमान अधूरे रहे। परिवार की कोशिश थी कि यह क्रियाकर्म पैतृक गांव महुदी में हो, लेकिन कथित तौर समाज और जाति के लोगों के कारण यह संभव नहीं हो सका। कहा जा रहा है कि ईशा आलिया को अंतरजातीय विवाह करने की सजा के तौर पर अंतिम संस्कार के लिए उसके जन्मस्थान हजारीबाग जिले के चौपारण प्रखंड के महूदी गांव की मिट्टी नसीब नहीं हुई। ईशा के अंतरजातीय विवाह के कारण महूदी में उसके समाज के लोगों ने उसके शव को गांव लाने से मना कर दिया। आखिरकार ईशा के परिजन उसका शव लेकर हजारीबाग शहर में रहने वाली उसकी बहन के घर पहुंचे। उसका अंतिम संस्कार शुक्रवार को हजारीबाग मुक्तिधाम में किया गया। उसकी बहन के बेटे ने उसे मुखाग्नि दी।

झारखंड की रिया उर्फ ईशा आलिया ने कड़ी मेहनत और टैलेंट की दम पर अपना नाम बनाया था। वह चौपारण के महुदी गांव की रहने वाली थी। उसने प्रकाश कुमार उर्फ प्रकाश अलबेला से लव मैरिज की थी और उनकी तीन साल की एक बेटी भी है. ईशा की हत्याक के आरोप में उसके पति को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह हत्याि पश्चिम बंगाल के हावड़ा में बुधवार की सुबह हुई थी। ईशा के भाई अजय राणा गुरुवार की रात पौने दो बजे उसका शव लेकर कोलकाता से हजारीबाग के सिंघानी स्थित बहन संगीता देवी के घर पहुंचे।

अजय राणा ने अपने गांव के बिरादरी के लोगों घर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि वे लोग बहन का अंतिम संस्कार अपने गांव महुदी में करना चाहते थे । पर जाति समाज के लोगों ने उन्हें इजाजत नहीं दी। वहीं गांव की मुखिया के पति रणवीर प्रसाद ने कहा कि ईशा की शादी से उसके समाज के लोग नाराज जरूर थे। पर यदि ये लोग शव लेकर महुदी आते तो भले उनकी बिरादरी के लोग अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होते पर गांव के अन्य जरूर शरीक होते।

Design a site like this with WordPress.com
Get started