अवैध तरीके से रूपये की निकिसी कर विभाग के खजाने को लूटने का काम,उपायुक्त नें लिया संज्ञान

लेखापाल नें 22 km दुरी बता कर निकाल ली ममता वाहन संचालक के साथ लाखों रूपये,जबकी निरीक्षण के दौरान जांच अधिकारी भी 8 km ही पाया

मामला जगन्नाथपुर सीएचसी के तत्तकालिन लेखापाल मनोज साव के द्वारा ममता वाहन के संचालक के खाते में एक बार नही कई बार जगन्नाथपुर से मालूका की दूरी 22 किमी दिखा कर डाले लाखो रूपया

स्वास्थय विभाग से सूचना के अधिकार द्वारा मांगे गए थे ममता वाहन का रिपोर्ट, उसी पर उपायुक्त नें लिया संज्ञान और अलग अलग दो जांच दल द्वारा कराया गया मामले की जांच

चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले में अनुबंध पर बहाल लेखापालों द्वारा कभी फर्जी भाउचर बना और भेंडर बनाकर लाखों रूपये कि निकासी किया जा रहा है तो वहीं स्वास्थय विभाग में चल रहे ममता वाहन में विभाग द्वारा निर्धारित दूरी के बजाय कई अधिक दुरी का किमी दिखाकर ममता वाहन संचालक के खाते में लेखापाल द्वारा रूपये का निकिसी कर विभाग के खजाने को लूटने का काम कर रहें तो कहीं आरबीसी के तहत स्वास्थय विभाग में अपने सगे भाई के खाते में रूपये डाल दिए जाते हैं,जबकी आरबीएस के तहत चलने वाले वाहन का कागजात किसी और के नाम पर रहता है।इस तरह के काले कारनामों से विभाग बदनाम हो रहें है।

इधर गोईलकेरा निवासी नितिन नें पश्चिमी सिंहभूम जिले के जगन्नाथपुर प्रखंड के सीएचसी समेत सभी सीएचसी में चल रहे ममता वाहनों का लेखा जोखा सुचना के आधार पर मांगा गया था।हलांकि जगन्नाथपुर सीएचसी के द्वारा ही केवल ममता वाहन का लेखा जोखा का ब्यौरा स्वास्थय विभाग को अब तक उपलब्ध कराई है,जबकी अन्य सीएचसी में चल रहे ममता वाहनों का ब्यौरा नहीं दिया गया है।

आपको बताते चलें कि स्वास्थय विभाग के द्वारा दिए गए ममता वाहन के ब्यौरा में पाया गया कि तत्कालिन लेखापाल जगन्नाथपुर के द्वारा ममता वाहन संचालक दिनेश शर्मा के खाते में मालुका कि दूरी 7-8 किमी के बजाय 22 किमी दिखा कर राशी कि निकाशी गई है,जिसे दैनिक भास्कर नें खुलाशा कि थी।इसी खबर को उपायुक्त नें संज्ञान में लेते हुए स्वास्थय विभाग के तीन सदस्य जांच दल का गठन किया गया था जिसमें स्वास्थय विभाग का डीटीओ भारती मिंज, एसीएमओ डॉ जगदीश प्रसाद, डीपीएम विजय कुमार व एक सहायक कर्मी थे। तथा दुसरे जांच दल में जगन्नाथपुर के कार्यपालक दण्डाधिकारी सह कुमारडुंगी के अंचलाधिकारी सुसमा लकड़ा को बनाया गया था।

वंही जिला प्रशाषन कि ओर से जांच दल के पदाधिकारी सुसमा लकड़ा द्वारा मामले की जांच कि गई जिसमे भी पाया गया कि मालूका से जगन्नाथपुर की दूरी 22 किमी दिखाकर रूपये कि निकिसी हूई है,इतना ही नही और कई गांव का दुरी अधिक दिखाकर ममता वाहन के संचालक को भुगतान किया गया यह प्रमाण पंजिका में लेखिपाल के हस्ताक्षर से हुई है।इधर गुरूवार को स्वास्थय विभाग के द्वारा तीन सदस्य जांच दल जगन्नाथपुर पहूंची और मामले कि करिब चार घंटे तक तक जांच किया गया।जांच में ममता वाहन के पंजिका में लेखापाल के द्वारा दर्शाया गया किमी निर्धारित दूरी अधिक पाया गया, जबकी वास्तव में जगन्नाथपुर से मालूका की दुरी आठ किमी ही है।यदी तोड़ागहातु होकर भी मालुका से जगन्नाथपुर आती है ममता वाहन तो दुरी 11-12 किमी ही होती है,मगर लेखापाल मनोज साव नें 22 किमी दर्शाया है।इस दौरान एसीएमओ डॉ जगदीश प्रसाद व डीपीएम विजय कुमार के द्वारा ममता वाहन संचालक दिनेश शर्मा सै पूछ ताछ किया तो उसने भी कभी 25 किमी तो कभी 30 किमी जगन्नाथपुर से मालूका की दूरी बताया फिर सात किमी दूरी बताया।संतोष जनक और बरगलाने जैसी जानकारी जांच दल को दी गई जिससे संतुष्ट नहीं हुए जांच दल।और चार घंटे के जांच में तत्तकालिन लेखापाल मनोज साव पर लगाया गया आरोप सही साबित हुआ और तीन वर्ष का लेखा जोखा के बही खाते जांच दल सिज कर अपने साथ ले गए।तथा ममता वाहन संचालक दिनेश साव से भी लिखित लिया कि कितने साल से सीएचसी में ममता वाहन चला रहा है और कितने रूपया महिना लिया है। जबकी ममता वाहन संचालक नें वर्ष 2019 के जून माह में दिनेश साव ने करिब 70 हजार का कलेम किया था जिसे लेखापाल नें एक लाख तीन हजार भूगतान कर दिया गया।इधर जांच दल में बीपीएम विजय कुमार नें ममता वाहन के नाम पर हुई लूट की जानकाली सही पाए जाने पर इसकी जानकारी दुरभाष पर अपने वरिय पदाधिकारी को दे दी है।

लेखापाल की तो नौकरी जायेगी,ममता वाहन संचालक पर होगा एफआईः डॉ जगदीश

जांच करने आए चाईबासा सदर अस्पताल के ऐसीएमओ डॉ जगदीश प्रसाद नें कहा कि सात से आठ किमी मालूका से जगन्नाथपुर कि दूरी को 22 किमी दिखा कर निकासी किए गये रूपये का आरोप सही साबित हूआ है।उन्होनें ममता वाहन के संचालक दिनेश साव को कहा है लेखापाल का नौकरी तो जाएगा तुम पर एफआईआर दर्ज करेगें।

आरोप सही साबित हुआ कार्रवाई होगीःबीपीएम

बीपीएम विजय कुमार जहां तीन वर्ष के ममता वाहन संचालन का खाता सिज कर ले गए वहीं खाते में कई जगह मालूका कि दुरी 7 किमी के बजाय 22-25 किमी दिखाए जाने का प्रमाण भी पाया जिस पर लेखापाल कि हस्तक्षरयुक्त पंजिका है।उन्होने भी कहा कि सरकारी रूपये कि गलत निकासी ममता वाहन के संचालक के साथ सांठ गांठ लेखापाल का है,जो आरोप है सत्य है,कार्रवाई होगी।जब्त किए गए खातें में और भी दुसरे स्थानों की दुरी का लेखा जोखा का जांच करेगें।

डीपीएम भारती मिंज नें नापी जगन्नाथपुर से मालूका की दूरी

स्वास्थय विभाग का डीपीएम भारतीय मिंज नें जगन्नाथपुर से मालूका की दुरी नापने के लिए दो मार्ग से सफर तय किया तो पता चला कि जिंतूगढ़ा से होकर मालुका की दुरी आठ किमी और तोड़ागहातु होकर जाते है तो मालूका की दूरी 11-12 किमी है,फिर भी 22 किमी नहीं होता है।जबकी जगन्नाथपुर सिएचसी के अंदर 12 प्रसव केंद्र है विभिन्न पंचायतो में जहां प्रस्व कराने की सुविधा उपलब्ध है।

विद्यादायिनी पूजा अवार्ड 2023 का आयोजन इस वर्ष भी किया जाएगा

घाटशिला:झारखंड उदय न्यूज़ व क्रिएशंस के संयुक्त तत्वावधान में लगातार 11वें वर्ष विद्यादायिनी पूजा अवार्ड 2023 का आयोजन इस वर्ष भी किया जाएगा

जानकारी देते हुए झारखंड उदय की ओर से रवि प्रकाश सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष से ही विद्यादायिनी पूजा है वोट को विधानसभा स्तरीय बनाया गया है

( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )

रवि प्रकाश सिंह ने कहा कि इस वर्ष हमारे निर्णायक मंडल सदस्य घाटशिला विधानसभा के विभिन्न स्थल पर स्थित सरस्वती पूजा पंडाल का निरीक्षण करेंगे साथ ही सरस्वती पूजा के दिन 26 जनवरी को घाटशिला के अलावा मुसाबनी डुमरिया गालूडी धालभूमगढ़ की पूजा कमेटी का मुआयना होगा इसके बाद फरवरी के प्रथम सप्ताह में सरस्वती पूजा कमेटियों को सम्मानित भी किया जाएगा

साथ ही रवि प्रकाश सिंह ने बताया कि पंडाल प्रतिमा वातावरण व प्रकाश सज्जा वर्ग में सर्वश्रेष्ठ 03 पंडालों को सम्मानित किया जाएगा इस दौरान रंगारंग कार्यक्रमों के साथ-साथ पुरस्कार वितरण समारोह होगा

रवि प्रकाश सिंह ने पूरे घाटशिला विधानसभा के सभी सरस्वती पूजा कमेटियों से आग्रह किया है कि वह उनके निर्णायक मंडल सदस्यों को मोड़ने के दौरान सहयोग करें एवं सरस्वती पूजा के दिन शाम 5:00 बजे से रात 9:00 बजे के बीच निर्णायक मंडल सदस्य पंडाल में पहुंचे

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