जिला उपायुक्त अनन्य मित्तल की अध्यक्षता में ऑनलाइन माध्यम (गूगल मीट) के द्वारा समीक्षात्मक बैठक का आयोजन किया गया
पश्चिमी सिंहभूम
चाईबासा
( सोनू कुमार सिंह का रिपोर्ट )
चाईबासा: जिला उपायुक्त अनन्य मित्तल की अध्यक्षता में ऑनलाइन माध्यम (गूगल मीट) के द्वारा आगामी 25 फरवरी को आयोजित होने वाले चावल वितरण दिवस हेतु समीक्षात्मक बैठक का आयोजन किया गया
बैठक में मुख्य रुप से जिला आपूर्ति पदाधिकारी, सभी M.O सभी A.D.M सहित अन्य मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
आगामी 25 फरवरी को पूरे जिले में चावल वितरण दिवस का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें सभी मद में प्राप्त खाद्यान्न का वितरण किया जाएगा। जिसमें अगर किसी डीलर के पास फरवरी माह का भी राशन प्राप्त किया जा चुका है, तो उसका भी वितरण सुनिश्चित किया जाएगा।
उपायुक्त के द्वारा सभी M.O को प्रत्येक राशन दुकान में समुचित राशन वितरण सुनिश्चित करने हेतु दंडाधिकारी प्रतिनियुक्त करने हेतु निर्देशित किया गया है। जिनकी निगरानी में राशन वितरण सुनिश्चित किया जाएगा।
साथ ही साथ जिला स्तर से भी वरीय पदाधिकारियों को चावल वितरण दिवस के दिन वितरण समुचित तरीके से कराने हेतु उनकी प्रतिनियुक्ति की गयी हैं, जो संबंधित प्रखंड में जाकर वितरण की प्रक्रिया की जांच करेंगे। पीडीएस सशक्तिकरण पखवाड़ा की समीक्षा के दौरान उपायुक्त के द्वारा सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी को निर्देशित किया गया कि आधार सीडिंग की प्रक्रिया में गति लाते हुए आगामी एक हफ्ते में शत प्रतिशत करेंगे साथ ही साथ आवश्यकता अनुसार जांच करते हुए डीलीशन का भी कार्य करना सुनिश्चित करेंगे।
सांसद नें कही केंद्र व राज्य सरकार के द्वारा चलाये जा रहे योजनाओं का लाभ लें और अय बढ़ाए
चाईबासा: जगन्नाथपुर प्रखंड स्टेडियम मे आत्मा एवं जिला कृषि विभाग के द्वारा बुधवार को किसान मेला सह कृषि प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन सांसद गीता कोड़ा, विधायक सोनाराम सिंकु, जिला कृषि पदाधिकारी कालीपद महतो, अनुमंडल पदाधिकारी शंकर एक्का समेत अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया।
इस अवसर पर प्रखंड विकास पदाधिकारी चन्दन प्रसाद, अचंल अधिकारी ललित भगत, प्रखंड प्रमुख बुधराम पुरती, उपप्रमुख भरत गोप, प्रखंड कृषि पदाधिकारी मंगल नाथ साहु, कृषि विज्ञान केन्द्र वैज्ञानिक सनत सवैंया, जेएसएलपीएस बिटीएम राउतु बोदरा, आत्मा से जगदीश दास, जगन्नाथपुर पंचायत समिति सदस्य सावित्रि नायक, प्रखंड बीस सुत्री अध्यक्ष ललित दोराईबुरु, इंटक प्रखंड अध्यक्ष सुरज मुखी, अमोद साव, मोनु घटवारी एवं जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए किसान एवं प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।
मौके पर किसान मेले मे किसानों के बीच कृषि उपकरण, कृषि बीज, झारखंड कृषि ऋण माफी योजना अंतर्गत स्वीकृती पत्र, पम्प सेट, मोबाईल आदि का वितरण किया गया तथा उपस्थित आगंतुकों के द्वारा मेले में लगाए गए विभिन्न स्टॉल का भ्रमण एवं कृषकों के कृषि उत्पादों का अवलोकन किया गया। कृषि मेला सह प्रदर्शनी में आहार श्रृंखला, स्मार्ट खेती एवं प्राकृतिक खेती, जलवायु अनुकूल कृषि, पशुपालन, जैविक खेती, उन्नत कृषि, फसल सुरक्षा, पोषण वाटिका आदि अलग अलग स्टालों के माध्यम से किसानों को जानकारी दी गई।
इस अवसर पर आयोजित सभा मे किसानो को संबोधित करते हुए सांसद गीता कोड़ा ने कहा कि राज्य की लगभग दो तिहाई जनता कृषि कार्यों पर निर्भर है और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से निरंतर कार्य किए जा रहे है। क्षेत्र के किसान कड़ी मेहनत कर अच्छी आमदनी कमा सकते हैं। देश के सम्पूर्ण विकास के लिए हर हाल में कृषि को आत्मनिर्भर बनाना बहुत जरूरी है। और यह तभी सम्भव हो सकेगा, जब यहां का एक-एक किसान आत्मनिर्भर बनकर कृषि को आयामों तक पहुँचाएँगे। उन्होंने कहा कि सरकार कृषि क्षेत्र में सुधारों को लेकर भी लगातार संकल्पित है। साथ ही कहा की सबंधित विभाग के पदाधिकारी को बोरिंग, तालाब चाहिए वह देंगे। जो पदाधिकारी काम नही करते हमे बताइए उनको घर भेजेंगे।
वहीं विधायक सोनाराम सिंकु ने किसानों को उन्नत खेती की जानकारी दी। कहा कि वर्तमान समय नई तकनीकी से खेती करने पर किसानों को काफी फायदा होगा। इसलिए किसान नई तकनीक से कृषि कार्य करें। जिससे उपज के साथ-साथ अच्छी कामाई भी होगी। किसान मुख्यमंत्री पशुधन योजना, मत्स्य पालन, फूलों की खेती कर सामर्थ बन सकते हैं। कृषि यंत्र में कृषकों को 90% सब्सिडी दी जा रही है। किसानों के हित में सरकार लगातार बेहतर कदम उठा रही है। इस उद्देश्य से किसानों के हित में उनके आधारभूत संरचनाओं को ठीक करने के उद्देश्य से कृषि से संबंधित विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि किसानों को लाभान्वित व जागरूक करने के लिए लगातार ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कृषि विभाग से संबंधित विभिन्न योजनाओं की जानकारी के साथ कृषकों से अपनी जरूरत के हिसाब से योजनाओं का लाभ लेने की बात कही।
मौके पर सांसद गीता कोड़ा एवं विधायक सोनाराम सिंकु के द्वारा संयुक्त रुप से चार प्रगतिशिल किसानो को पम्प सेट वितरण किया गया। जिसमे जगन्नाथपुर प्रखंड अंतर्गत ब्रह्मपुर गाँव के टुनु लागुरी, मधुसुदन लागुरी एवं बड़ालागड़ा पंचायत के लखन मुर्मु एवं नरसिंह बिरुवा शामिल है। वही बंदगांव प्रखंड के चार किसान मित्रो को स्मार्टफोन वितरण किया गया। जिनमे सकरी पुरती, मदन पुरती, सिंगराय पुरती व बुद्ददास पुरती शामिल है। जगन्नाथपुर प्रखंड के चार लाभुको को 225000/- केसीसी वितरण किया गया।
क्वालिटी परफॉर्मेंस रैंकिंग में चक्रधरपुर कुपोषण उपचार केन्द्र पुरे राज्य में प्रथम तो दुसरा स्थान पर जगन्नाथपुर सामुदायिक स्वास्थय केंद्र रहा
चाईबासा
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
चाईबासा: पश्चिम सिंहभूम जिले के सभी पांच कुपोषण उपचार केंद्रों को पूरे राज्य में टॉप पांच में स्थान प्राप्त हुआ है। इन केंद्रों में चक्रधरपुर कुपोषण उपचार केंद्र को पूरे राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। यह बात सरकार द्वारा अक्टूबर-2022 से दिसम्बर-2022 के बीच कराए गए सर्वेक्षण में सामने आई है।
वहीं पश्चिम सिंहभूम जिले के पांचों एमटीसी केंद्र को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। वर्तमान वित्तीय वर्ष के तृतीय तिमाही में सभी कुपोषण उपचार केंद्र में बच्चों के भर्ती और उनके ठीक होने की दर के आधार पर ये रैंकिंग की गई है।
जगन्नाथपुर कुपोषण उपचार केंद्र को मिला दूसरा स्थान
क्वालिटी परफॉर्मेंस रैंकिंग में पश्चिम सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर कुपोषण उपचार केंद्र 110 प्रतिशत के साथ पूरे राज्य में प्रथम स्थान पर रहा वहीं कुपोषण उपचार केंद्र जगन्नाथपुर 101.47 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर रहा. 101.83 प्रतिशत अंक के साथ एमटीसी चाईबासा पांचवें स्थान पर रहा।उल्लेखनीय है कि अति गंभीर कुपोषित बच्चों में सामान्य बच्चों की तुलना में आम बीमारियों से ग्रसित होने की 9 से 11 गुना खतरा ज्यादा रहता है।सरकार का यह सर्वे जिले के कुपोषण उपचार केंद्र में बच्चों के भर्ती और उनके स्वस्थ होने के आधार पर किया गया है।
प्रेमी से विडियो कॉल पर बात करना प पड़ा महंगा, पिता और भाई नें सादिया को उतार दी मौत के घाट और शव को कुंएं में फेंका
चाईबासा
चाईबासा: कहते है प्यार पर जब जब पहरा पड़ा तब तब प्यार और गहरा हुआ है,लेकिन सादिया को अपने प्रेमी से बिडियो कॉल से बात करना पड़ गया महंगा। ऐसी कि जान से हाथ गवानी पड़ी।वह भी उसके हाथों से जिसने बच्चा से पाल पोस कर बड़ा किया
पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर अनुमंडल मुख्यालय में पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर थाना क्षेत्र के ईचिड़ासाई में बीते दिनों कुंए से सादिया कौसर (20) का शव बरामद किया गया था।
इस मामले में मृतका के पिता मो मुस्तफा के बयान पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। हालांकि अनुसंधान के क्रम में जो बाते सामने आई उसने पुलिस को भी सोंचने पर मजबूर कर दिया।
दरअसल सादिया की हत्या उसी के परिजनों ने की थी। सादिया का कसूर सिर्फ इतना था कि वह बस्ती के ही एक लड़के से प्रेम करती थी।परिजनों ने उसे अपने प्रेमी से वीडियो कॉल पर बात करते पकड़ लिया था जिसके बाद उसकी हत्या कर शव को कुंएं में फेंक दिया था।दूसरे दिन पिता ने चक्रधरपुर थाने में बेटी की गुमशुदगी की प्राथमिकी भी दर्ज करा दी थी।
इस मामले में पुलिस मृतका के पिता मो. मुस्तफा अहमद, भाई मो. बकाश और मो. शाद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। हत्या कर शव को अर्धनग्न कर कुंएं में फेंका
घटना की जानकारी देते हुए एसपी अशुतोष शेखर ने बताया कि 10 फरवरी को मो मुस्तफा द्वारा थाने में शिकायत कराई गई कि उसकी बेटी सादिया 9 फरवरी की रात से लापता है इसके ठीक तीन दिन बाद 13 फरवरी को घर के पास ही एक कुंएं से सादिया का शव बरामद किया गया था। शव अर्धनग्न अवस्था में था इसलिए परिजनों ने दुष्कर्म कर हत्या की आशंका जताई थी।जब मामले में अनुसंधान किया गया तब जानकारी मिली कि परिजनों ने ही सादिया की हत्या की है। पूछताछ में मो. मुस्तफा ने बताया कि 9 फरवरी की रात सादिया बस्ती के ही एक युवक से वीडियो कॉल पर बात कर रही थी। बेटे ने उसे बात करते पकड़ा और मारपीट करने लगा। इसी बीच सादिया गिर गई जिस कारण उसे सिर पर चोट आई और वह बेहोश हो गई।सभी को लगा कि उसकी मौत हो गई है।रात को ही उसे अर्धनग्न अवस्था में मुंह में कपड़ा ठूंस दिया और पत्थर बांधकर कुंएं में फेंक दिया। ताकि किसी को लगे की उसके साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या की गई है। दूसरे दिन थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट करा दी।
जिला प्रशासन और टाटा स्टील फाउंडेशन मिलकर पेसा कानून और कोल्हान की पारंपरिक स्वशासन प्रणाली मानकी मुंडा व्यवस्था को समाप्त करने की दिशा में कार्य कर रहे
चाईबासा
चाईबासा: जिला प्रशासन और टाटा स्टील फाउंडेशन मिलकर पेसा कानून और कोल्हान की पारंपरिक स्वशासन प्रणाली मानकी मुंडा व्यवस्था को समाप्त करने की दिशा में कार्य कर रहे है।यह प्रतिक्रिया झारखंड पुनरूत्थान अभियान के संयोजक सन्नी सिंकु ने दी है।
टाटा स्टील फाउंडेशन के तत्वाधान में विगत 10 फरवरी 2023 को उपायुक्त की अध्यक्षता में समाहरणालय कक्ष में बैठक की गई थी।
उस बैठक में संबंधित प्रखंड के विकास पदाधिकारियों और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में निर्वाचित जन प्रतिनिधियों को ही बुलाया गया था।जिसमें टाटा स्टील फाउंडेशन ने जमशेदपुर कालिंगनगर डेवलपमेंट कॉरिडोर प्रोजेक्ट की भूमिका पर चर्चा की थी। जिसमें कहा गया था 286 किलोमीटर के बीच 450 गांव को संवारने का जिम्मेदारी अब कॉरिडोर प्रोजेक्ट के तहत उनकी जिम्मेदारी है। जिस आयाम को आगे बढ़ाते हुए टाटा स्टील फाउंडेशन ने 21 फरवरी 2023 को हाटगमरिय प्रखंड के प्रखंड विकास भवन के सभा कक्ष में बीडीओ ने बैठक का आयोजन किया है। जिस बैठक में विकास से संबंधित और निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है।
ताज्जुब लगता है कोल्हान में पारंपरिक स्वशासन प्रणाली के तहत मानकी मुंडा व्यवस्था आज भी लागू है।लेकिन कोल्हान के मानकी मुंडाओं को टाटा स्टील फाउंडेशन और बीडीओ ने बैठक में आमंत्रित नहीं किया है, न ही जिला समाहरणालय में संपन्न बैठक में उपायुक्त ने मानकी मुंडाओं को आमंत्रित किया था। जबकि भारत की संविधान में 73 वी संशोधन के तहत आदिवासी क्षेत्रों की पारंपरिक स्वशासन को नौकरशाह द्वारा कमजोर करने से रोकने के लिए ही PESA कानून 1996 बनाया गया। और कोल्हान को 1854 में ही नॉन रेगुलेशन एरिया घोषित किया गया था। जो कालांतर में महामहिम राष्ट्रपति द्वारा झारखंड के 13 जिलों सहित प.सिंहभूम चाईबासा को अनुसूचित जिला घोषित किया गया है। तब अनुसूचित जिला से सबंधित संविधान प्रदत्त कानून को लागू करने का दाहित्व जिला प्रशासन का है। झारखंड पुनरूत्थान अभियान जिला प्रशासन और टाटा स्टील फाउंडेशन से पूछना चाहती है। कोल्हान में मानकी मुंडा स्वशासन प्रणाली का अंग है।जिनको रिकॉर्ड ऑफ राइट के तहत हुकुकनामा प्राप्त है। जब संविधान में मानकी मुंडा की पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को अक्षुण,यथावत रखने के लिए ग्राम सभा का पदेन अध्यक्ष के रूप में मान्यता प्रदान किया गया है तो इन्हें टाटा स्टील फाउंडेशन की बैठक में क्यों नहीं बुलाया जा रहा है?
क्या टाटा स्टील फाउंडेशन और बीडीओ जमीन पर विकास का कार्य नहीं कर आकाश में करने के लिए उन्मुखीकरण बैठक का आयोजन किया है? जिला प्रशासन और टाटा स्टील फाउंडेशन इसका जवाब कोल्हान की जनता को सार्वजनिक तौर पर दे।
मधु कोड़ा,सांसद गीता कोड़ा व संयुक्त यूनियनों ने एमडीओ के विरोध विशाल विरोध प्रदर्शन किया, प्रबंधन को सौंपा मांग पत्र
चाईबासा
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
मधु कोड़ा,सांसद गीता कोड़ा व संयुक्त यूनियनों ने एमडीओ के विरोध विशाल विरोध प्रदर्शन किया, प्रबंधन को सौंपा मांग पत्र
चाईबासा: गुवा सेल खदान में एमडीओ के विरुद्ध झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, सांसद गीता कोड़ा के नेतृत्व में संयुक्त यूनियनों ने विशाल विरोध प्रदर्शन कर सेल प्रबंधन को मांग पत्र सौंपा।
इस विरोध प्रदर्शन को लेकर सबसे पहले पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, सांसद गीता कोड़ा व संयुक्त यूनियनों ने गुवा सेल के फुटबॉल मैदान में एक बैठक कर एमडीओ के विरुद्ध विभिन्न नारे लगाते हुए रैली निकाली। यह रैली गोवा सेल के फुटबॉल मैदान से होते हुए कच्ची धौड़ा, विवेक नगर, रेलवे मार्केट, रामनगर तथा गुवा बाजार होते हुए रामनगर में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया।
अपने संबोधन में मधु कोड़ा ने कहा कि सेल प्रबंधन गुवा सेल खदान को एमडीओ का नाम देकर एक निजी कंपनी ठेकेदार को देना चाह रही है। परंतु यहां के सभी संयुक्त यूनियन, सेलकर्मी तथा सारंडा के आसपास गांव के ग्रामीण इसका पुरजोर विरोध करती है। गुवा सेल खदान में निजीकरण कभी भी नहीं होने दिया जाएगा। चाहे इसके लिए क्यों ना हमें आंदोलन करना पड़े या सेल का चक्का जाम करना पड़े। सेल में निजीकरण होने से सेल में होने वाली बहाली पूरी तरह से बंद हो जाएगी। यहां के स्थानीय को रोजगार नहीं मिलेगा। और सेल प्रबंधन द्वारा ऐसा करने का हम विरोध करते हैं और किसी भी हालत में एमडीओ को गुवा नहीं आने दी जाएगी।
वंही सांसद गीता कोड़ा ने लोगों को संबोधित कर कहा कि सेल प्रबंधन एमडीओ के नाम पर यहां के लोगों को लॉलीपॉप पकड़ा दे रही है। यहां के लोग एम डी ओ के बारे में कुछ जानते भी नहीं है। एमडीओ क्या है। इसका मतलब होता है माइनिंग डेवेलपर्स ऑपरेशन। परंतु यहां के मजदूर गुवा सेल खदान में 2 मिलियन से बढ़ाकर 4.2 मिलीयन तक कर दिया है। मजदूरों में अभी भी ताकत है कि इसे 10 मिलियन टन तक कर सकता है। जब मजदूरों में इतनी क्षमता है तो बाहर से बुलाकर प्राइवेट को देने की क्या जरूरत। अगर सेल प्रबंधन एमडीओ को वापस नहीं लेती है तो सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करेंगे।
जनसभा को संबोधित करने के बाद विशाल जुलूस पैदल मार्च करते हुए सेल के जेनरल ऑफिस समक्ष प्रदर्शन किया। उसके बाद सेल प्रबंधन को मांग पत्र सौंपा। उन्होंने अपने मांग पत्र में लिखा कि गुवा लौह अयस्क खान में आजादी के पहले से खनन कार्य चल रहा है। जिसमें टेक्निकल व नन टेक्निकल लगभग 2000 कर्मी नियमित रूप से कार्य करते हुए आ रहे हैं। खनन की क्षमता 2.9 मिलियन टन से प्रतिवर्ष लौह अयस्क उत्पादन 4.2 मिलियन टन प्रतिवर्ष हो गया है। अब गुवा खदान में कार्यरत स्थाई कर्मचारी की संख्या मात्र 400 से भी कम रह गया है। इसके स्थान पर बहाली के नाम पर बहुत ही कम लोगों को लिया गया है और ठेका मजदूरों से टेक्निकल व नन टेक्निकल कार्य कराया जा रहा है। जो श्रम कानून का घोर उल्लंघन है। ज्ञात हो कि कॉन्ट्रैक्ट लेबर (रेगुलेशन व एबोलिशन) एक्ट 1970 के सेक्शन 10 सब सेक्शन 1 मैं व्यवस्था दिया गया है की कोर एक्टिविटी जो 24 घंटो और सालों भर चलने वाले कार्य पर मुख्य नियोक्ता कंपनी ठेका मजदूरों से नहीं करा सकता है। परंतु अब गुवा अयस्क खान द्वारा खनन कार्य का काम स्थाई रिक्त पदों पर बहाली कर काम नहीं कराया जा रहा है। बल्कि उल्टे श्रम कानून,लेबर कानून को ताक में रखकर सार्वजनिक कंपनी सेल द्वारा अब गुवा अयस्क खदान की खनन की कार्य एमडीओ के माध्यम से निजी ठेकेदार को देकर श्रम कानून का उल्लंघन किया जा रहा। सेल प्रबंधन से मांग करते हैं कि गुवा लौह अयस्क खान सेल द्वारा एमडीओ के माध्यम से नहीं कराया जाए, गुवा सेल कंपनी में जितने रिक्त पद(टेक्निकल व नन टेक्निकल) है उनकी बहाली अभिलंब निकाल कर रिक्त पद भरा जाए, गुवा सेल कंपनी में स्थाई बहाली में स्थानीय ग्रामीण व मजदूर के परिजनों को प्राथमिकता दी जाए, गुवा सेल कंपनी में सीएसआर के तहत अपने अपने पेरीफेरल क्षेत्र में सामुदायिक विकास हेतु कार्य के लिए सुनिश्चित बजट का प्रावधान किया जाए तथा कार्य स्थानीय के द्वारा कराया जाए।
इस विशाल आंदोलन में संयुक्त यूनियनों के पदाधिकारियों में झारखंड मजदूर संघर्ष संघ के रामा पांडे, बोकारो स्टील वर्कर्स यूनियन इंटक के दुचा टोप्पो, सीटू के मनोज मुखर्जी, सारंडा मजदूर यूनियन के कुल बहादुर, सप्लाई मजदूर संघ के राजेश कोड़ा, झारखंड मजदूर संघ के पंचम जॉर्ज सोय, जेएमएम के वृंदावन गोप, कोल्हान मजदूर यूनियन के ब्रज मोहन मिश्रा सहित सारंडा के विभिन्न गांव के ग्रामीण मौजूद थे।
नहीं मानते पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशाषन सरकार के विशेष सचिव का अदेश
पश्चिम सिंहभूम
चाईबासा
जिला प्रशासन ने शिथिल कर स्वास्थ्य योजनाओं को ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल को नियम विरुद्ध प्रक्रिया के तहत 100 से अधिक योजना दिया गया,आखिर क्यों है मेहरबान?
सरकारके विशेष सचिव के द्वारा हिदायत देने के बाद भी पश्चिमी सिंहभूम जिले में इन दिनों ग्रामीण विकास विशेष प्रमण्डल को ग्रामीण विकास विभाग के आदेश का उल्लंघन कर जिला से डीएमएफटी एवं एससीए की योजनाओं का दायित्व सौंपा गया है। साथ ही विभाग से भी मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना के अंतर्गत पुल-पुलिया एवं प्रखण्ड कार्यालय साथ ही प्रखण्ड कर्मचारी भवनों एवं अन्य बहुत सारी योजना का कार्य दिये जाने का मामला तुल पकड़ता जा रहा है
जबकी सरकार के विशेष सचिव के द्वारा ग्रामीण विकास विभाग के सीएस, उपायुक्त व कार्यपालक अभियंता को पत्र लिख कर रोक लगा दिया गया था।लेकिन सरकार के विशेष सचिव का अदेश को धत्ता बताते हुए भवन निर्माण विभाग से कार्य कराने के बजाय ग्रामीण विकास विभाग विशेष प्रमंडल चाईबासा पर मेहबान है स्थानाय जिला प्रशाषन।
इस मामले को लेकर झारखंड राज्य भ्रष्टाचार उन्मूलन समिति ने राज्य के स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रधान सचिव को पत्र लिख कर पश्चिमी सिंहभूम जिला में स्वीकृत स्वास्थ्य उपकेन्द्र भवनों का निर्माण कार्य भवन निर्माण विभाग से कराने की मांग की है।
इस संबंध में समिति के प्रदेश अध्यक्ष गणेश प्रसाद ने पत्र लिख कर कहा है कि इस जिला में स्वीकृत स्वास्थ्य उपकेन्द्र भवनों का निर्माण कार्य नियम के विरूद्ध एवं गलत प्रक्रिया के तहत विभाग के आदेश का उल्लंघन कर ग्रामीण विकास विशेष प्रमण्डल चाईबासा को कार्य आवंटित कर दिया गया है। ग्रामीण विकास विशेष प्रमण्डल को ग्रामीण विकास विभाग के आदेश का उल्लंघन कर जिला से डीएमएफटी एवं एससीए की योजनाओं का दायित्व सौंपा गया है। साथ ही विभाग से भी मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना के अंतर्गत पुल-पुलिया एवं प्रखण्ड कार्यालय साथ ही प्रखण्ड कर्मचारी भवनों एवं अन्य बहुत सारी योजना का कार्य दिया गया है। भवन निर्माण विभाग सिर्फ भवन निर्माण करने के लिए ही बना है। सभी जिला में कार्यपालक अभियंता, भवन प्रमंडल स्थापित है, जहां से सभी विभाग की भवन निर्माण एवं जीर्णोधार का कार्य किया ज है। ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल को चाईबासा को क्षमत. अधिक कार्य जिला द्वारा दिया जा रहा है।
ग्रामीण विकास विभाग एवं ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा पत्र जारी कर सभी जिला के उपायुक्त को जिला से कार्य देने पर रोक लगा दिया गया है लेकिन इस पत्र को जिला प्रशासन ने शिथिल कर स्वास्थ्य योजनाओं को ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल को नियम विरुद्ध प्रक्रिया के तहत 100 से अधिक योजना दिया गया है। जिला प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य उपकेन्द्र भवनों का कार्य दायित्व विभागीय आदेश के आलोक में वापस लेने एवं भवन निर्माण प्रमण्डल से कार्य कराना नियमानुकूल होगा। इस मुद्दे पर जिले के अधिकारी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।वहीं इस सबंध में झारखंड राज्य भ्रष्टाचार उन्मूलन समिति के प्रदेश अध्यक्ष नें कहा कि यदी कार्रवाई नहीं हीई तो उपायुक्त, कार्यपालक अभियंता के बिरूद्व न्यायालय में मामला दर्ज करेगें।
क्या लिखा सरकार के विशेष सचिव नें पत्र में
झारखण्ड सरकार ग्रामीण विकास विभाग (ग्रामीण कार्य मामले) में राम कुमार सिन्हा, सरकार के विशेष सचिव मुख्यअंभियंता व ग्रामीण विकास विशेष प्रक्षेत्र, राँची । सभी अधीक्षण अभियंता, ग्रामीण विकास विशेष अंचल, झारखण्ड । सभी कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण विकास विशेष प्रमण्डल, झारखण्ड । को पत्र लिख कर साफ साफ निदेशानुसार उपर्युक्त विषयक प्रासंगिक पत्र द्वारा बिना विभाग से अनुमति प्राप्त किये ग्रामीण विकास विभाग के अतिरिक्त किसी भी अन्य विभाग की योजनाओं का कार्यान्वयन ग्रामीण विकास विशेष प्रमण्डलों के द्वारा नहीं किये जाने का आदेश दिया गया है। किन्तु इसके बावजूद प्रायः ऐसे मामले संज्ञान में आ रहे हैं जहाँ बिना विभागीय अनुमति के ग्रामीण विकास विशेष प्रमण्डल के अभियंताओं के द्वारा ग्रामीण कार्य विभाग अतिरिक्त जिला स्तर पर अन्य विभागों की योजनाओं को भी कार्यान्वित किया जा रहा यह खेद का विषय है।उक्त विभागीय आदेश के विरूद्ध यदि अभियंताओं द्वारा अन्य विभागों योजनाओं का कार्य किया जाता है तथा इस कारण विभाग को अनावयक रूप से मान न्यायालय एवं लोक लेखा समिति का सामना करना पड़ता है, तो ऐसी स्थिति में अभियंता के विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई प्रारम्भ कर दी जाएगी।
यह दिया गया था निर्देश उपायुक्त को
जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त को लिखा गया पत्र में लिखा गया कि सरकार के विशेष सचिव, ग्रामीण विकास विभाग (ग्रामीण कार्य मामले) झारखण्ड राँची का पत्रांक 1579 दिनांक 01.09.2022 कहना है कि विभागीय सचिव के संज्ञान में आया है कि ग्रामीण विकास विशेष प्रमण्डलों के अभियंताओं द्वारा ग्रामीण कार्य विभाग के अतिरिक्त जिला स्तर पर जिला के अन्य मद के योजनाओं को विभाग के बैगर अनुमति लिये कार्यान्वित किया जा रहा है। परिणाम स्वरूप विभागीय कार्य यथा मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना, प्रखण्ड विकास पदाधिकारी एवं अंचल पदाधिकारी आवास निर्माण कार्य एवं पीएमजीएसवाई सड़क, मेन्टेनन्स कार्य बाधित हो जाता है। जिसके कारण विभाग को भारत सरकार के साथ बैठक में विषम परिस्थिति का सामना करना पड़ता है।
विभागीय आदेश के अनुसार अधोहस्ताक्षरी को जिला स्तर एवं अन्य विभागों का कार्य जैसे- सासंद मद, विधायक मद, एससीए, एसीए, डीएमएफटी एवं अनाबद्ध निधि जैसे विकास कार्य नही करना है। जिला मद के कार्य कराने के कारण विभाग को अनावश्यक रूप से न्यायालय एवं लोक लेखा समिति का सामना करना पड़ता है तथा सम्बन्धित अभियंता के विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। उपरोक्त कार्यों के क्रियान्वयन से सेवा निवृति के पश्चात् इस प्रमण्डल के सहायक अभियंता एवं कनीय अभियंता को कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है तथा विभाग को भी न्यायालय एवं लोक लेखा समिति का सामना करना पड़ता है।अतः भवदीय से अनुरोध है कि विभागीय आदेश के आलोक में इस प्रमण्डल को जिला से स्वीकृत योजनाओं का क्रियान्वयन की जिम्मेदारी से मुक्त रखने की कृपा की जाय ताकि विभागीय आदेश का अनुपालन किया जा सके तथा विभागीय कार्यों का ससमय क्रियान्वयन किया जा सकें।
माननीय अफसरों के सामने नतमस्तक हैं,,,,जगन्नाथपुर के विधायक अपने छेत्र के मात्र एक पुलिया के लिए डीसी को पत्र लिखें हैं
पश्चिम सिंहभूम,चाईबासा
जगन्नाथपुर के विधायक जिस तरह अपने छेत्र के एक पुलिया के लिए डीसी को पत्र लिखें हैं उससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस तरह माननीय अफसरों के सामने नतमस्तक हैं
2021में सांसद श्रीमती गीता कोड़ा के अनुसंशा पर डीएमएफट फंड से नोवामुण्डी प्रखंड के कोटगढ़ पंचायत में कुमीरता राजा बांध नाला में पुलिया निर्माण की स्वीकृति दी गई थी
पश्चिमी सिंहभूम जिला में कार्यकारी एजेंसी लघु सिचाई विभाग के अफसरसाही का है बोल बाला
चाईबासा: राज्य में छोटे भाई और बड़े भाई की गठबंधन वाली यूपीए की सरकार है।लेकिन जिस कदर गठबंधन दल के विधायकों को स्वीकृत योजनाओं का कार्य को चालु कराने के लिए उपायुक्त के समक्ष नतमस्तक होना पड़ रहा है यह काफी गंभीर मामला है।यदी देखना हो तो पश्चिमी सिंहभूम जिले में आकर देखें,यहां के उपायुक्त को स्वीकृत योजना का कार्य शुर करने के लिए बार बार पत्र लिखना पड़ रहा है लेकिन पदाधिकारी आंख कान दोनो बंद करके बैठे है।
वहीं यह कयास लगाया जा रहा है कि यह यदी झामुमो के विधायकों की योजना होती तो अब तक काम शुरु हो गया होता।लेकिन जब गठबंधन की सरकार है तो इस तरह का भेदभाव समझ से परे है।यांहा अफसरसाही का बोलबाला है।
पश्चिमी सिंहभूम जिले में डीएमएफटी की योजनाओं में अफसरों की मनमानी से माननीय तक प्रभावित है।
जगन्नाथपुर के विधायक जिस तरह अपने छेत्र के एक पुलिया के लिए डीसी को पत्र लिखें हैं उससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस तरह माननीय अफसरों के सामने नतमस्तक हैं।
वर्ष 2021में सांसद श्रीमती गीता कोड़ा के अनुसंशा पर डीएमएफट फंड से नोवामुण्डी प्रखंड के कोटगढ़ पंचायत में कुमीरता राजा बांध नाला में पुलिया निर्माण की स्वीकृति दी गई थी, कार्यकारी एजेंसी लघु सिंचाई प्रमंडल चाईबासा के द्वारा टेंडर भी किया गया,संवेदक को कार्य आवंटित भी कर दिया गया लेकिन स्थल के अनुरूप प्राक्कलन नही होने के कारण उपायुक्त के ही निर्देश पर संशोधित प्राक्कलन बनाया गया,जिसकी तकनीकी स्वीकृति मुख्य अभियंता ग्रामीण विकास विशेष अंचल रांची के द्वार दिया गया है,पुनः कार्यपालक अभियंता के द्वारा संशोधित प्राक्कलन की स्वीकृति देने का प्रस्ताव भेजे एक वर्ष होने को है,लेकिन स्वीकृति की करवाई संचिका में बंद है। संचिका की जांच होने से जिला प्रशासन के पदाधिकारियों की कार्य प्रणाली को उजागर करेगा,साथ ही अफसरशाही की पोल भी खोल कर रख देगा।ऐसा लगता है की पुलिया निर्माण अफसरशाही का भेट चढ गया है।विधायक डीसी को उक्त पुलिया विभाग को भेजने का प्रस्ताव देकर अपने बेबसी को जाहिर कर दिया है।डीसी को ग्रामीणों की आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने से कोई लेना देना नहीं है।
किया है पुरा मामला जो माननीय ने उपायुक्त को पत्र लिखा
सोनाराम सिंकु सदस्य झारखण्ड विधानसभा, राँची 54- जगन्नाथपुर (ST)
पत्रांक :- 157/22/JNP
उपायुक्त,
पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा।
विषय :- DMFT के अन्तर्गत स्वीकृत योजनाओं का कार्य प्रारंभ करने के संबंध में। प्रसंग जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त, पश्चिमी सिंहभूम के पत्रांक 161 / DMFT दिनांक 28.02.2022
पता ग्राम-जिन्तुगाड़ा
पोस्ट थाना जगन्नाथपुर
जिला पश्चिमी सिंहभूम
राज्य झारखण्ड (833203) मोज़ाइल नं0 9279990035
दिनांक:- 02/02/2023
उपर्युक्त विषय के संदर्भ में कहना है कि मेरे विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत DMFT फण्ड से निम्न योजनाओं की स्वीकृति विगत वर्ष 2022 में दी गई थी। लेकिन दुर्भाग्य वश योजनाओं का कार्य वर्ष 2023 में भी प्रारम्भ करने हेतु कार्यकारी एजेन्सी को अब तक आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। गौरतलब है कि इस संबंध में माननीया श्रीमती गीता कोडा, सांसद के द्वारा एवं मेरे द्वारा भी योजना प्रारम्भ हेतु कई बार अनुशंसा कर चुका हूँ। लेकिन अब तक जनहित से जुड़ा निम्न योजना को पूरा कराने हेतु किसी प्रकार की अब तक प्रशासनिक पहल नहीं की गई है, जो बहुत ही चिन्ता का विषय है।
• मनोहरपुर प्रखण्ड अन्तर्गत दिकुपोंगा जैक्शन कोयना नाला में पुलिया का निर्माण ।
• नोवामुण्डी प्रखण्ड अन्तर्गत कुमिरता राजाबांध नाला पर पुलिया निर्माण ।
उक्त दोनों योजना का पुर्नरीक्षित प्राक्कलन आपके निर्देशानुसार कार्यपालक अभियंता, लघु सिंचाई प्रमण्डल चाईबासा के द्वारा मुख्य अभियंता से तकनीकि स्वीकृति के पश्चात प्रशासनिक स्वीकृति हेतु DMFT शाखा में उपलब्ध कराया गया है। यह योजना नागरिक सुविधा एवं जनहित से जुड़ा हुआ है इसलिए ग्रामीणों को अवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु यथाशीघ्र योजना को पूरा कराना चाहेगें। यदि उक्त योजना को पूरा कराने हेतु किसी प्रकार की तकनीकि रूप से प्रशासनिक बाधा है तो इस संबंध में उक्त योजना का प्रस्ताव संबंधित विभाग को भेजने का कष्ट करेंगे।
प्राप्तकर्ता
412123 प्राप्तिकर्ता
उपायुक्त का कार्यालय (समाहरणालय) प० सिंहभूम, चाईबासा
जिला गव्य विकास कार्यालय में पशु मेला सह गव्य प्रदर्शनी आयोजित
पश्चिम सिंहभूम
चाईबासा
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
कृषि , पशुपालन एवं सहकारिता विभाग ” गव्य विभाग ” में आज पशु मेला सह गव्य प्रदर्शनी का विधिवत शुभारंभ जिला गव्य विकास कार्यालय परिसर , चाईबासा में बुधवार को मुख्य अतिथि जिला परिषद अध्यक्ष सुश्री लक्ष्मी सुरेन एवं विशिष्ट अतिथि जिला बीस सूत्री सदस्य त्रिशानु राय के करकमलों द्वारा दीप प्रज्वलित कर और श्रीफल फोड़कर किया गया।
स्वागत संबोधन तथा अतिथियों का स्वागत जिला गव्य विकास पदाधिकारी डॉ. सुधाकर सिंह मुंडा के द्वारा किया गया। मुख्य अतिथि जिला परिषद अध्यक्ष सुश्री लक्ष्मी सुरेन के द्वारा द्वारा लाभुकों के बीच गायों का वितरण भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन शीतल बागे के द्वारा किया गया।
मौके पर क्षेत्रीय निदेशक डॉ. योगेन्द्र कुमार , डॉ. विपिन मेहता , जिला मत्स्य पदाधिकारी जयंत रंजन, सांसद प्रतिनिधि शंकर बिरुली , डॉ. अखिलेश , डॉ. राधेश्याम राय , डॉ. जेनेविभा लकड़ा , डॉ. संजीव कुमार , डॉ. संजीव रंजन , डॉ. बबलू सुंडी , डॉ. कुंदन कुमार सहित काफी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
चाईबासा:-दुधारू गाय पशुमेला सह प्रदर्शनी कार्यक्रम का आयोजन 08-02-23 से 14-02-23 तक
पश्चिमी सिंहभूम,
चाईबासा
जिला उपायुक्त के निर्देशानुसार मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु मंगलवार 7 फरवरी को हेमलता गोप, पति गौतम गोप, प्रखंड हाटगम्हरिया, लालिमा सिंह पति रमेश प्रसाद वर्मा प्रखंड जगन्नाथपुर, जानकी खिलार, पति गुलेश खिलार प्रखंड जगन्नाथपुर एवं इसरत खातून पति मोहम्मद इलियास प्रखंड जगन्नाथपुर के लाभुकों के बीच दुधारू गाय का संबंधित पंचायत के मुखिया प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी द्वारा वितरण किया गया
दुधारू गाय का वितरण को गति देने के लिए जिला उपायुक्त के निर्देशानुसार जिला गव्य विकास कार्यालय पश्चिम सिंहभूम चाईबासा परिसर में 08/02/23 से 14/02/23 तक पशुमेला सह प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें जिले के लाभुक आयोजन स्थल में आकर अपनी अपनी दुधारू गाय पसंद कर क्रय कर सकते हैं।
पश्चिम सिंहभूम: चाईबासा के टोटो गुरुवार को एक बार फिर आईईडी ब्लास्ट की गई है जिसमें में तीन जवान घायल हो गये हैं. तीनों को एयरलिफ्ट कर रांची भेजा जा रहा है. इस ब्लास्ट में नक्सल अभियान में लगे तीन जवान घायल हो गए हैं. पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर ने घटना की पुष्टि की है
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
घायलों में सीआरपीएफ 60 बटालियन के 3 जवान शामिल हैं. जिनकी पहचान हेड कांस्टेबल आरओ राकेश पाठक, सिपाही बीडी गुदा और सिपाही पंकज यादव के रूप में हुई है.
कोल्हान के टोंटो थाना क्षेत्र के जंबाईबुरु और तुम्बाहासा जंगल क्षेत्र में सुरक्षा बलों द्वारा नक्सलियों के शीर्ष बड़े नेताओं की घेराबंदी के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है इससे नक्सली एक तरफ से बौखला गए हैं और सुरक्षाबलों को लगातार अपने निशाने पर लिया जा रहा है.
नक्सली किसी न किसी तरह से सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश में जुटे हुए हैं, लेकिन इन्हें सफलता नहीं मिल पा रही है. मालूम हो कि पिछले दिनों पूर्व सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के द्वारा लगाये गये 10 आईईडी बम सहित 3 नक्सली समर्थकों की गिरफ्तारी की है
चाईबासा : चाईबासा बुधवार को मुफस्सिल थाना अंतर्गत अंजदबेड़ा गांव से जोजोहातु के बिच में नक्सलियों द्वारा आईईडी विस्फोट किया गया विस्फोट में सीआरपीएफ का एक सब इंस्पेक्टर इंसार अली घायल हो गया
एक सीआरपीएफ का सब इंस्पेक्टर इंसार अली घायल हो गए ।बीते 15 दिन के अंदर सुरक्षाबलों का यह 11 जवान है जो नक्सलियों के द्वारा लगाए गए आईआईटी के चपेट में आने से घायल हुआ है। मुफस्सिल और गोइलकेरा थाना क्षेत्र के जंगलों में नक्सलियों ने चप्पे-चप्पे पर आईडी बम लगा रखा है । बुधवार को सुरक्षाबलों के द्वारा सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा था इसी दौरान अंजदबेड़ा गांव के पास जंगल में आईडी की चपेट में आने से यह जवान घायल हो गया जिसे बेहतर इलाज के लिए हेलीकॉप्टर के माध्यम से रांची भेज दिया गया है। जवान की हालत स्थिर बनी हुई है। इस संबंध में जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक चाईबासा आशुतोष शेखर ने कहा कि
मुफस्सिल और गोइलकेरा थाना क्षेत्र के जंगलों में नक्सलियों ने चप्पे-चप्पे पर आईडी बम लगा रखा है । बुधवार को सुरक्षाबलों के द्वारा सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा था इसी दौरान अंजदबेड़ा गांव के पास जंगल में आईडी की चपेट में आने से यह जवान घायल हो गया जिसे बेहतर इलाज के लिए हेलीकॉप्टर के माध्यम से रांची भेज दिया गया है। जवान की हालत स्थिर बनी हुई है। इस संबंध में जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक चाईबासा आशुतोष शेखर ने कहा कि
कोल्हान क्षेत्र में भाकपा (माओवादी) नक्सलियों के बड़ी संख्या में उपस्थित होकर किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की प्राप्त सूचना के आलोक में चाईबासा पुलिस, कोबरा 209 , 203 बटालियन , झारखण्ड जगुआर एवं सीआरपीएफ 60 , 174 , 197 बटालियन की टीमों का एक संयुक्त अभियान दल गठित कर अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को प्रातः लगभग 8 बजे मुफसिल थानान्तर्गत ग्राम जोजोहातु से अंजदबेड़ा के बीच सुरक्षा बलों को लक्षित करने के उद्देश्य से नक्सलियों द्वारा एक आईईडी का विस्फोट किया गया।
जिसके चपेट में आने से सीआरपीएफ 197 बटालियन के एसआई इंसार अली आईईडी विस्फोट से जख्मी हुए है तथा सर्च अभियान के दौरान उसी क्षेत्र में एक अन्य जिन्दा पाईप बम बरामद किया गया है। जिसे सुरक्षा बलों एवं बम निरोधक दस्ता के सहायता से सुरक्षा के दृष्टिकोण से उसी स्थान पर विनिष्ट किया गया है। पुलिस बल द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस मुख्यालय, झारखण्ड, रॉची एवं सीआरपीएफ झारखण्ड सेक्टर, झारखण्ड रांची के सहयोग से हेलीकॉप्टर के माध्यम से तत्काल प्राथमिकी उपचार के पश्चात जख्मी पदाधिकारी को उच्चत्तर ईलाज के लिए रॉची ले जाया गया। जख्मी पदाधिकारी की स्थिति स्थिर है। जबकि नक्सलियों के विरोध पूरे क्षेत्र में सघन अभियान सुरक्षा बलों की और से चलाया जा रहा है। जख्मी पदाधिकारी इंसार अली की स्थिति स्थिर है।