अवैध अफीम की खेती रोकने हेतु प्री कल्टिवकशन ड्राइव के अंतर्गत जन संवाद कार्यक्रम

अवैध अफीम की खेती रोकने हेतु प्री कल्टिवकशन ड्राइव के अंतर्गत जन संवाद कार्यक्रम

किसानों को वैकल्पिक खेती एवं सरकारी योजनाओं से जुड़ने के लिए किया गया प्रेरित

सरायकेला/ईचागढ़

जिला प्रशासन सरायकेला-खरसावाँ द्वारा अवैध अफीम की खेती रोकने हेतु राज्य सरकार के निर्देशानुसार दिनांक 03 अक्टूबर से 17 अक्टूबर, 2025 तक प्री कल्टिवकशन ड्राइव संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में सोमबार को चांडिल प्रखंड के हेसाकोचा पंचायत सचिवालय में उपायुक्त नितिश कुमार सिंह एवं पुलिस अधीक्षक मुकेश लुनायत की उपस्थिति में जन संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त सुश्री रीना हांसदा, अनुमंडल पदाधिकारी चांडिल विकास राय, जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी चांडिल, अंचल अधिकारी चांडिल, थाना प्रभारी चौका, स्थानीय मुखिया, ग्राम प्रधान, मनकी–मुंडा एवं अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इस अवसर पर उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने कहा कि अफीम की अवैध खेती न केवल गैरकानूनी है, बल्कि यह समाज, परिवार और विशेष रूप से युवाओं के भविष्य के लिए अत्यंत घातक है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अफीम जैसी अवैध खेती छोड़कर खरीफ–रबी फसलों, बागवानी एवं फल–सब्जी की वैकल्पिक खेती अपनाएं। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा वैकल्पिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए तकनीकी सहयोग, प्रशिक्षण एवं योजनागत सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
उपायुक्त ने कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि यह इस बात का प्रतीक है कि पंचायत स्तर पर जागरूकता बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए महिलाओं की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है — परिवार एवं समाज के समग्र विकास के लिए सभी की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।

पुलिस अधीक्षक मुकेश लुनायत ने अफीम की अवैध खेती से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि ऐसी खेती में संलिप्त पाए जाने पर 20 वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है। उन्होंने अवैध खेती के कारण होने वाले वित्तीय, सामाजिक एवं पारिवारिक नुकसान, तथा युवाओं के अपराध के रास्ते पर भटकने के दुष्परिणामों पर विस्तार से चर्चा की।

उन्होंने बताया कि विगत वर्ष प्रशासन द्वारा किए गए जनजागरूकता प्रयासों के परिणामस्वरूप कई किसानों ने स्वयं अपनी अफीम की अवैध खेती का विनष्टीकरण किया,जो सराहनीय एवं अनुकरणीय कदम है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अवैध अफीम की खेती के स्थान पर वैकल्पिक खेती अपनाएं और एक जागरूक नागरिक के रूप में अपने आस-पास के अन्य किसानों को भी इसके लिए प्रेरित करें।

इस दौरान जिला कृषि पदाधिकारी ने कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी और किसानों को वैकल्पिक खेती के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंतर्गत किसानों के बीच सरसो,चना,मटर सहित अन्य वैकल्पिक फसलों (सब्जी) के बीजों का वितरण किया गया। साथ ही चयनित लाभुकों के बीच मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, फूलो-झानो आशीर्वाद योजना, धोती-साड़ी वितरण योजना एवं किसान क्रेडिट कार्ड समेत विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत परिसंपत्तियों का वितरण किया गया।

अफीम खेती के लंबित मामले में एक गिरफ्तार, भेजा जेल

अफीम खेती के लंबित मामले में एक गिरफ्तार, भेजा जेल

सरायकेला/ईचागढ़

सरायकेला-खरसावां जिला के ईचागढ़ थाना क्षेत्र के तुता गांव निवासी 27 वर्षीय वीष्णू महतो को रविवार को ईचागढ पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। थाना प्रभारी बिक्रम आदित्य पांडे ने बताया विष्णु महतो अफीम खेती में संलिप्त थे। विष्णु महतो के खिलाफ ईचागढ़ थाना कांड संख्या 23/25 दिनांक 01-03-025 के तहत धारा 15/18/46 दर्ज है। उन्होंने कहा कि लंबित एनडीपीएस एक्ट में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

उन्होंने लोगों को अपील करते हुए कहा कि अफीम खेती के खिलाफ लोगों को जागरूक किया जा रहा है , अफीम खेती को छोड़कर वैकल्पिक खेती अपनाएं, अन्यथा कठोर कार्रवाई के लिए तैयार रहें। उन्होंने कहा कि किसी भी सुरत में अफीम खेती एवं अन्य नशीले पदार्थ की खेती एवं कारोबार बर्दाश्त नही किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर लंबित मामलों का त्वरित कार्रवाई किया जा रहा है।

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