ईचागढ़ के बिस्टाटांड गांव में गरीबों के हक पर डाका: आवास योजना से वंचित हैं धनंजय और भजोहरि, जर्जर छतों के नीचे और हाथियों के खौफ के साए में जीने को मजबूर हैं परिवार।

ईचागढ़ के बिस्टाटांड गांव में गरीबों के हक पर डाका: आवास योजना से वंचित हैं धनंजय और भजोहरि, जर्जर छतों के नीचे और हाथियों के खौफ के साए में जीने को मजबूर हैं परिवार।

सरायकेला/ईचागढ़

(मालखान महतो )

प्रखंड अंतर्गत बिस्टाटांड गांव से प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार की एक बेहद दर्दनाक तस्वीर सामने आई है। यहाँ सरकार की महत्वाकांक्षी ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ (PMAY) गरीबों के लिए महज़ एक छलावा बनकर रह गई है। कागजों पर विकास के बड़े-बड़े दावे करने वाले प्रशासन की नाक के नीचे बिस्टाटांड गांव के असली जरूरतमंद आज भी नारकीय जीवन जीने को विवश हैं।
गांव के अत्यंत गरीब और लाचार ग्रामीण धनंजय महतो और भजोहरि महतो का जीवन आज गंभीर संकट में है। दोनों परिवारों के कच्चे मकान पूरी तरह से जर्जर और ढलने की कगार पर पहुंच चुके हैं। स्थिति इतनी दयनीय है कि घरों की छतें पूरी तरह टूट चुकी हैं, जिसके कारण उन्हें बारिश और धूप से बचने के लिए बांस और प्लास्टिक शीट (तिरपाल) का सहारा लेना पड़ रहा है।

सबसे बड़ी विडंबना यह है कि यह पूरा इलाका हाथी प्रभावित क्षेत्र के रूप में जाना जाता है, जहाँ अक्सर जंगली हाथियों का आतंक बना रहता है। ऐसे संवेदनशील और खतरनाक इलाके में जर्जर और कच्चे मकानों में रहना इन गरीब परिवारों के लिए मौत को दावत देने जैसा है। सिर पर पक्की छत न होने और हाथियों के हमले के लगातार बने रहने वाले खौफ के कारण इन परिवारों को हर पल अनहोनी का डर सताता रहता है और उनका हर दिन जान हथेली पर लेकर गुजर रहा है।

स्थानीय ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक गरीबों तक पहुंचने के बजाय, बिचौलियों और स्थानीय स्तर पर प्रभाव रखने वाले अपात्र लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। जरूरतमंदों के हक को ताक पर रखकर उन लोगों को आवास आवंटित किए जा रहे हैं जो आर्थिक रूप से पहले से ही सक्षम हैं, जबकि असली हकदार दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं।

इस गंभीर मामले को लेकर बिस्टाटांड गांव के लोगों ने कई बार स्थानीय प्रखंड कार्यालय के चक्कर काटे और अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन प्रशासनिक सुस्ती के कारण अब तक कोई सुध नहीं ली गई है। अधिकारियों की इस गहरी उदासीनता से ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

अब ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च-स्तरीय जांच कराई जाए, ताकि सच सामने आ सके। इसके साथ ही, हाथी प्रभावित इस संवेदनशील क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए पीड़ित धनंजय महतो और भजोहरि महतो को फौरन प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सुरक्षित पक्का मकान मुहैया कराया जाए, और इस योजना में गड़बड़ी करने वाले तथा अपात्रों को लाभ दिलाने वाले भ्रष्ट तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

ईचागढ़ में पशुपालन विभाग की विशेष पहल: टीकर पंचायत में आयोजित हुआ आवारा कुत्तों का टीकाकरण सह जागरूकता शिविर।

ईचागढ़ में पशुपालन विभाग की विशेष पहल: टीकर पंचायत में आयोजित हुआ आवारा कुत्तों का टीकाकरण सह जागरूकता शिविर।

सरायकेला/ईचागढ़

ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले टीकर पंचायत सचिवालय परिसर में शनिवार को पशुपालन विभाग की ओर से एक महत्वपूर्ण और जनहितकारी कदम उठाते हुए आवारा कुत्तों का एंटी रेबीज टीकाकरण सह जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को रेबीज जैसी घातक बीमारी के प्रति सतर्क करना और आवारा श्वानों का टीकाकरण कर क्षेत्र को सुरक्षित बनाना था।

शिविर के दौरान पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को विस्तार से बताया कि आवारा कुत्तों के काटने से किस प्रकार रेबीज का संक्रमण फैलता है और इससे बचाव के लिए क्या उपाय करने चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रखंड पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. हरेलाल महतो ने कहा कि इन दिनों आवारा कुत्तों द्वारा इंसानों और पालतू पशुओं को काटने के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जो कि एक चिंता का विषय बनता जा रहा है।

डॉ. महतो ने ग्रामीणों को आगाह करते हुए स्पष्ट किया कि यदि किसी व्यक्ति को आवारा कुत्ता काट ले, तो लापरवाही बिल्कुल न बरतें और समय पर एंटी रेबीज का टीका अवश्य लगवाएं। समय पर टीका न लगाने से यह संक्रमण जानलेवा साबित हो सकता है। इसी खतरे को ध्यान में रखते हुए पशुपालन विभाग की ओर से विशेष अभियान चलाकर आवारा कुत्तों को एंटी रेबीज का टीका लगाया जा रहा है। उन्होंने उपस्थित सभी लोगों से इस अभियान को पूरी तरह सफल बनाने और प्रशासन का सहयोग करने की जोरदार अपील की, ताकि समाज को रेबीज मुक्त बनाया जा सके।

इस विशेष जागरूकता एवं टीकाकरण शिविर में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की भी सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम के दौरान प्रखंड प्रमुख गुरूपद मार्डी, चलंत पशु चिकित्सक डॉ. राहुल कुमार, टीकर पंचायत की मुखिया गंगामनी देवी, जेएसएलपीएस (JSLPS) के बीपीएम, रोजगार सेवक सहित बड़ी संख्या में आसपास के ग्रामीण मौजूद रहे, जिन्होंने इस पहल की सराहना की।

झारखंड की राजनीति में बड़ा उलटफेर: आजसू पार्टी के केंद्रीय महासचिव सह ईचागढ़ के पूर्व प्रत्याशी हरेलाल महतो ने दिया इस्तीफा।

झारखंड की राजनीति में बड़ा उलटफेर: आजसू पार्टी के केंद्रीय महासचिव सह ईचागढ़ के पूर्व प्रत्याशी हरेलाल महतो ने दिया इस्तीफा।

सरायकेला/ईचागढ़

ईचागढ़ झारखंड की सियासत से इस वक्त की एक बड़ी खबर सामने आ रही है। आजसू पार्टी के केंद्रीय महासचिव और ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र से वर्ष 2019 तथा 2024 के विधानसभा चुनाव में पार्टी के आधिकारिक प्रत्याशी रहे हरेलाल महतो ने आजसू पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश महतो को भेज दिया है। उनके इस अचानक इस्तीफे के बाद से ही राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है और कयासों का दौर शुरू हो गया है।

निजी कारणों और वर्तमान परिस्थितियों का दिया हवाला
अपने त्यागपत्र में हरेलाल महतो ने पार्टी छोड़ने के पीछे मुख्य रूप से वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों और कुछ निजी कारणों का हवाला दिया है। हालांकि, उन्होंने अपने पत्र में खुलकर विस्तृत राजनीतिक कारणों का खुलासा नहीं किया है, लेकिन उनके इस कदम को पार्टी के भीतर एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है।

मजबूत सांगठनिक पकड़ और लंबा राजनीतिक सफर
हरेलाल महतो का आजसू पार्टी के संगठन में एक मजबूत और प्रभावशाली वजूद रहा है। वह वर्ष 2019 और हाल ही में संपन्न हुए 2024 के झारखंड विधानसभा चुनाव में आजसू पार्टी के टिकट पर ईचागढ़ विधानसभा सीट से प्रमुख दावेदार और प्रत्याशी रहे थे।
ईचागढ़ के अलावा भी पार्टी संगठन ने उन्हें कई राज्यों और महत्वपूर्ण चुनावों में बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी थीं:
उपचुनावों में जिम्मेदारी: वर्ष 2019 के बाद झारखंड के विभिन्न महत्वपूर्ण विधानसभा उपचुनावों—जैसे डुमरी, रामगढ़ और घाटशिला—में उन्हें पार्टी की ओर से प्रभारी एवं सह-प्रभारी जैसी अहम जिम्मेदारी दी गई थी।

अंतर-राज्यीय चुनाव प्रबंधन: झारखंड के बाहर भी उन्होंने पार्टी का दायित्व संभाला। पश्चिम बंगाल के बाघमुंडी विधानसभा क्षेत्र में वे पार्टी के चुनाव प्रभारी रहे, वहीं ओड़िशा के पंचायत चुनावों में भी उन्होंने अपनी सांगठनिक कुशलता का लोहा मनवाया था।

अब आगे क्या? राजनीतिक भविष्य पर टिकी निगाहें
पार्टी के केंद्रीय महासचिव जैसे सर्वोच्च पदों में शुमार शख्सियत का इस्तीफा देना आजसू पार्टी के लिए एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम है। इस इस्तीफे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि हरेलाल महतो का अगला राजनीतिक कदम क्या होगा।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वे किसी अन्य राजनीतिक दल का दामन थामेंगे, अपनी कोई नई राजनीतिक रणनीति बनाएंगे या फिर कुछ समय के लिए सक्रिय राजनीति से दूरी बना लेंगे। आने वाले दिनों में उनके अगले कदम पर पूरे झारखंड, विशेषकर ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र के राजनीतिक समीकरणों और हर राजनीतिक दल की पैनी नजर बनी रहेगी।

जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी ने ईचागढ़ प्रखंड में एस आई आर के तहत दावा-आपत्ति प्रक्रिया का किया निरीक्षण।

जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी ने ईचागढ़ प्रखंड में एस आई आर के तहत दावा-आपत्ति प्रक्रिया का किया निरीक्षण।

सरायकेला/ईचागढ़

ईचागढ़ व कुकड़ू प्रखंड में संचालित एस आई आर कार्य के अंतर्गत दावा-आपत्ति प्रक्रिया का जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती पारुल सिंह द्वारा निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों से कार्य की प्रगति की जानकारी लेते हुए दावा-आपत्ति से संबंधित कार्यों का निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप निष्पादन सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

निरीक्षण के क्रम में एस एन प्लस हाई स्कूल, टीकर, ईचागढ़, राजकीय +2 हाई स्कूल, तिरुलडीह, कुकड़ू तथा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय का भ्रमण किया गया। इन विद्यालयों में इएलसी  क्लब गतिविधियों का आयोजन कर विद्यार्थियों को मतदान एवं लोकतांत्रिक प्रक्रिया के प्रति जागरूक किया गया। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की छात्राओं द्वारा मतदाता जागरूकता से संबंधित चित्रकला एवं आकर्षक रंगोली तैयार की गई, जिसकी सराहना की गई।

इस दौरान विद्यार्थियों से मतदान एवं मतदाता सूची से संबंधित विषयों पर संवाद करते हुए प्रश्नोत्तरी आयोजित की गई तथा सही उत्तर देने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया। विद्यालय पहुंचने पर छात्राओं द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत भी किया गया।

इएलसी गतिविधियों के माध्यम से 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले एवं मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित पात्र युवाओं को फार्म-6 के माध्यम से अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। साथ ही, मतदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए युवाओं को जागरूक मतदाता के रूप में अपने मताधिकार का प्रयोग करने तथा लोकतांत्रिक प्रक्रिया एवं राष्ट्र निर्माण में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया गया।

चांडिल डैम विस्थापित समन्वय मंच की विस्थापितों की संवाद यात्रा जारगोडीह से हुई शुरुआत।

चांडिल डैम विस्थापित समन्वय मंच की विस्थापितों की संवाद यात्रा जारगोडीह से हुई शुरुआत।

सरायकेला/ईचागढ़

चांडिल डैम विस्थापित समन्वय मंच की पूर्व घोषित संवाद यात्रा सोमवार को ईचागढ़ प्रखंड के जारगोडीह गांव से शुरू हुई। यात्रा के दौरान मंच के सदस्यों ने विभिन्न गांवों में नुक्कड़ सभाएं कर विस्थापितों की समस्याओं, अधिकारों और आंदोलन की आगामी रणनीति को लेकर ग्रामीणों से संवाद किया। जारगोडीह में आयोजित नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए श्यामल मार्डी ने कहा कि इस बार सभी विस्थापित संगठन एकजुट होकर ग्रामीणों के बीच आए हैं। उन्होंने कहा, “अबकी बार की लड़ाई आर-पार की है। विस्थापितों के अधिकार और उनके हक की लड़ाई को मजबूती के साथ लड़ा जाएगा।”

उन्होंने ग्रामीणों से आंदोलन में एकजुटता के साथ शामिल होने का आह्वान किया। संवाद यात्रा के माध्यम से विस्थापित परिवारों से उनकी समस्याओं और अपेक्षाओं की जानकारी भी ली गई। जारगोडीह के बाद संवाद यात्रा बामूनडीह, पोईलौंग, चोगा, आदारडीह और सोड़ो गांव पहुंची। विभिन्न गांवों में नुक्कड़ सभाओं के जरिए ग्रामीणों को विस्थापन से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए एकजुट होने का संदेश दिया गया।

यात्रा में अजित किस्कु, अम्बिका यादव, हेमंत गोप, हरेकृष्ण महतो, अकलु धीवर, आशीष राम धीवर, मनहर महतो, धर्मेंद्र महतो, डॉ. गुरुचरण महतो, सिमंत महतो समेत अन्य लोग शामिल थे। मंच की ओर से बताया गया कि संवाद यात्रा के जरिए चांडिल डैम से प्रभावित गांवों में पहुंचकर विस्थापितों को आंदोलन की आगामी रूपरेखा से अवगत कराया जाएगा।

खेत में काम कर रहीं पांच महिलाओं पर गिरी आकाशीय बिजली, दो की मौत,तीन महिलाएं घायल।

खेत में काम कर रहीं पांच महिलाओं पर गिरी आकाशीय बिजली, दो की मौत,तीन महिलाएं घायल।

सरायकेला/ईचागढ़

तिरुलडीह थाना क्षेत्र के पांड्रा गांव में सोमवार को मौसम के अचानक बदले मिजाज ने दो परिवार पर दुखों का पहाड़ ला दिया। खेत में काम कर रहीं पांच महिलाएं आकाशीय बिजली की चपेट में आ गईं। हादसे में सोनामनी महतो और मुक्ता महतो की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य महिलाएं घायल हो गईं। प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, महिलाएं खेत में काम कर रही थीं। इसी दौरान अचानक आकाशीय बिजली गिरने से सभी इसकी चपेट में आ गईं।

घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और आसपास के ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए तीनों घायल महिलाओं को तत्काल तिरुलडीह अस्पताल पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें पातकुम अस्पताल रेफर कर दिया। बताया जा रहा है कि उपचार के बाद तीनों घायल महिलाओं की स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर है।

घटना की जानकारी मिलने के बाद तिरुलडीह थाना प्रभारी पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। पुलिस ने दोनों मृत महिलाओं के शवों को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए अपने कब्जे में लेने की प्रक्रिया शुरू की। इधर, घटना की सूचना मिलने पर जेएमएम प्रखंड अध्यक्ष कृतिबास महतो भी अपने सहयोगियों के साथ मौके पर पहुंचे और राहत कार्य में सहयोग किया।

आकाशीय बिजली की चपेट में आने से दो महिलाओं की मौत की खबर मिलते ही पूरे पांड्रा गांव में शोक की लहर दौड़ गई। हादसे ने ग्रामीणों को झकझोर कर रख दिया है।

घटना की जानकारी मिलते ही जिला परिषद उपाध्यक्ष श्रीमती मधुश्री महतो ने संज्ञान लेते हुए स्थानीय प्रशासन को आवश्यक कार्रवाई और पीड़ित परिवार को सरकारी नियमानुसार मुआवजा दिलाने का निर्देश दिया। उन्होंने दोनों दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। साथ ही आम लोगों से अपील की है कि बारिश और वज्रपात के दौरान खुले खेतों, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के पास न रहें।

विद्यालयों में धूमधाम से मनाया गया राष्ट्रीय खेल दिवस।

विद्यालयों में धूमधाम से मनाया गया राष्ट्रीय खेल दिवस।

सरायकेला/ईचागढ़

(मालखान महतो)
प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में शनिवार को मेजर ध्यानचंद के जन्म जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया गया। शहीद अजित धनंजय महतो विद्यानिकेतन चोगा में सर्वप्रथम मेजर ध्यानचंद के तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। उनके जीवनी पर प्रकाश डाला गया।

उसके बाद विद्यालय में छात्र- छात्राओं के बीच विभिन्न प्रकार के खेल कूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। खेलों में 100 मी दौड़,200 मी दौड़, 400 मी दौड़, रस्साकसी,म्यूजिकल चेयर,कबड्डी,फुटबॉल आदि खेल का आयोजन किया गया। खेल में  प्रथम,द्वितीय तथा तृतीय स्थान वालों छात्र- छात्राओं को पुरष्कृत किया गया। मौके पर विद्यालय के  प्रधानाध्यापक क्षेत्रपति महतो, शिक्षक त्रिलोचन यादव,सुजीत कुमार दत्त,कैलाश चंद्र महतो, गोपेश कुमार महतो,चन्दन कुमार महतो आदि उपस्थित थे।

रुक-रुक कर हो रही बारिश से बिजली आपूर्ति अनियमित, अंधेरे में रात गुजारने को मजबूर उपभोक्ता।

रुक-रुक कर हो रही बारिश से बिजली आपूर्ति अनियमित, अंधेरे में रात गुजारने को मजबूर उपभोक्ता।

सरायकेला/ईचागढ़

दिनभर बिजली गुल रहने से लोग परेशान, ऑनलाइन कामकाज व पानी सप्लाई भी प्रभावित

(मालखान महतो)
ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र में पिछले दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण जहां जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, वहीं खराब मौसम का सीधा असर बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर भी पड़ा है। बारिश शुरू होते ही क्षेत्र में बिजली की आंख-मिचौली शुरू हो जाती है।

शुक्रवार को दिनभर बिजली आपूर्ति ठप रही। शाम के बाद करीब तीन घंटे तक बिजली आपूर्ति बहाल हुई, लेकिन इसके बाद फिर बिजली गुल हो गई। देर रात तक बिजली नहीं रहने से लोगों को अंधेरे में रात गुजारने को मजबूर होना पड़ा।क्षबिजली की अनियमित आपूर्ति को लेकर क्षेत्र के उपभोक्ताओं में काफी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि हल्की बारिश और मौसम खराब होते ही बिजली काट दी जाती है। इसके बाद घंटों तक बिजली बहाल नहीं होती है। लगातार बिजली गुल रहने से घरेलू कार्यों के साथ-साथ छोटे-बड़े व्यवसाय भी प्रभावित हो रहे हैं। खासकर ग्रामीण क्षेत्र में बिजली पर निर्भर रहने वाले दुकानदारों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
टीकर, गौरांगकोचा, सितु, मिलन चौक बाजार सहित प्रखंड के विभिन्न इलाकों में बिजली की अनियमित आपूर्ति से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। बाजार क्षेत्र में फोटो कॉपी, प्रिंटिंग, ऑनलाइन फॉर्म भरने, साइबर सेवा, मोबाइल रिचार्ज समेत अन्य ऑनलाइन कार्य प्रभावित हो रहे हैं। बिजली नहीं रहने के कारण दुकानों में लगे कंप्यूटर, प्रिंटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बंद पड़े रहते हैं। इससे ग्राहकों को भी घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
बिजली आपूर्ति बाधित होने का असर पेयजल व्यवस्था पर भी पड़ा है। बिजली से चलने वाले मोटर नहीं चल पाने के कारण कई जगहों पर पानी सप्लाई प्रभावित हुई है।

लगातार बिजली कटौती का असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा है। शाम और रात के समय बिजली नहीं रहने के कारण बच्चों को पढ़ाई करने में परेशानी हो रही है। ग्रामीण इलाकों में कई परिवारों के पास पर्याप्त वैकल्पिक रोशनी की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में बिजली गुल रहने पर बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो जाती है।बारिश के दौरान विद्युत लाइन में आने वाली खराबियों को तत्काल दुरुस्त करने की मांग की है।

रंगामाटी-टिकर सड़क की मरम्मत के लिए 90 लाख का होगा टेंडर।

रंगामाटी-टिकर सड़क की मरम्मत के लिए 90 लाख का होगा टेंडर।

सरायकेला/ईचागढ़

(मालखान महतो)
रंगामाटी-टिकर सड़क की बदहाली दूर करने की दिशा में पथ निर्माण विभाग ने पहल शुरू कर दी है। सड़क के सामान्य मरम्मत कार्य के लिए विभाग के सरायकेला-खरसावां रोड डिवीजन की ओर से ई-टेंडर जारी किया गया है।

करीब 9.05 किलोमीटर लंबी इस सड़क की मरम्मत पर 89 लाख 99 हजार 781.58 रुपये खर्च किए जाएंगे। विभाग की ओर से जारी ई-प्रोक्योरमेंट नोटिस के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 में नन-प्लान मद से सड़क की मरम्मत कराई जाएगी। कार्य पूरा करने के लिए संवेदक को तीन माह का समय दिया गया है। निविदा की तिथि 27 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है।

भारी वाहनों के परिचालन से सड़क की हालत जर्जर

रंगामाटी-टिकर सड़क ईचागढ़ क्षेत्र के लिए लाइफलाइन मानी जाती है। इसी मार्ग से जमशेदपुर, आदित्यपुर और चाईबासा की ओर से आने वाले बड़ी संख्या में मालवाहक वाहन रामगढ़, हजारीबाग और पटना सहित अन्य क्षेत्रों की ओर आवागमन करते हैं। लगातार भारी वाहनों के परिचालन के कारण सड़क की स्थिति काफी जर्जर हो गई है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के दिनों में गड्ढों में पानी भर जाने के कारण स्थिति और गंभीर हो जाती है। कई स्थानों पर सड़क की खराब स्थिति के कारण दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।

मरम्मत कार्य के लिए टेंडर जारी होने की जानकारी मिलने पर स्थानीय लोगों ने खुशी जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्धारित समय में गुणवत्तापूर्ण तरीके से मरम्मत कार्य पूरा किया जाता है तो क्षेत्र के लोगों के साथ-साथ मालवाहक वाहनों के आवागमन में भी काफी सुविधा होगी।

डीएवी एम पब्लिक स्कूल में छात्राओं के बीच हुई राखी प्रतियोगिता।

डीएवी एम पब्लिक स्कूल में छात्राओं के बीच हुई राखी प्रतियोगिता।

सरायकेला/ईचागढ़

ईचागढ़ प्रखंड के गौरांगकोचा स्थित डीएवी एम पब्लिक स्कूल में रक्षा बंधन के उपलक्ष्य में गुरुवार को छात्राओं के बीच राखी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में यूकेजी से कक्षा आठवीं तक की छात्राओं ने हिस्सा लिया। छात्राओं ने एक से बढ़कर एक सुंदर और आकर्षक राखियां बनाईं। स्कूल के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं की उपस्थिति में उत्कृष्ट राखियों का चयन किया गया।प्रतियोगिता में एलकेजी की पीहू कुमारी गोप, कक्षा तीन की अनुष्का सिंह मुंडा, कक्षा चार की पायल बेसरा, कक्षा पांच की सोनिया महतो, कक्षा छह की संगीता प्रमाणिक, कक्षा सात की सुमन पुराण तथा कक्षा आठ की प्रतिमा महतो और आशा सिंह मुंडा ने बेहतर प्रदर्शन किया।

प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली छात्राओं को विद्यालय के प्राचार्य मनोरंजन महतो ने बच्चों का मनोबल बढ़ाने के उद्देश्य से कॉपी, पेंसिल, कलम एवं नकद राशि देकर पुरस्कृत किया। उन्होंने छात्राओं की रचनात्मक प्रतिभा की सराहना करते हुए ऐसे आयोजनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया।मौके पर रवि शंकर पुराण, प्रवीण कुमार दास, डोना आदित्यदेव, धनेश्वर महतो, नीतू गोप, भवानी सिंह, पवन प्रमाणिक, गंगा सागर पाल, यमुना गोराई, कुंज बिहारी लायेक, दिनेश गोप, संजू रानी महतो समेत विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित थे।

एक दर्जन हाथियों ने दर्जन भर किसानों के धान की फसल को किया नष्ट।

एक दर्जन हाथियों ने दर्जन भर किसानों के धान की फसल को किया नष्ट।

सरायकेला/ईचागढ़

ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के सोड़ो पंचायत अंतर्गत तालापीड़ी, बिस्टाटांड़, जारगोडीह, सोड़ो के दर्जन भर किसानों के खेत में लगे धान की खेती को शनिवार देर रात को 13 जंगली हाथियों ने रोंद कर नष्ट कर दिया। वनरक्षी सह प्रभारी वन पाल कैलाश चंद्र महतो ने बताया कि कुटाम जंगल में विगत कोई दिनों से डेरा जमाए हुए थे। शनिवार रात को हथियों का झुण्ड सालूकडीह,डुमरा,सितु होते हुए तालापीढ़ी, बिस्टाटांड़ के रास्ते स्वर्णरेखा नदी जारगोडीह में  डेरा जमाए हुए है। कुटाम जंगल से जरगोडीह जाने के क्रम में दर्जनभर किसानों के धान की खेती को नुकसान पहुँचाया है।

ग्रामीणों ने बताया कि किसी तरह  किसानों ने धान की खेती तैयार की है,उपर से जंगली हाथियों द्वारा नष्ट किया जा रहा है। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग किया है कि जंगली हाथियों को इस क्षेत्र से भगाया जाए और क्षतिग्रस्त फसलों का समय पर उचित क्षतिपूर्ति मुआवजा दिया जाए।

विधायक ने किया कुकड़ू प्रखंड क्षेत्र में 6 सड़कों का शिलान्यास।

विधायक ने किया कुकड़ू प्रखंड क्षेत्र में 6 सड़कों का शिलान्यास।

सरायकेला/ईचागढ़

ईचागढ़ विधायक सविता महतो ने शनिवार को कुकड़ू प्रखंड क्षेत्र में 6 सड़कों का शिलान्यास नारियल फोड़कर व शिलापट्ट अनावरण कर किया। मुख्यमंत्री ग्राम सड़क सुदृढ़ीकरण योजना अन्तर्गत तिरूलडीह चौड़ा पथ से सापारूम 2.800 किलोमीटर, चौड़ा कारगिल चौक से संपतडीह भाया मानकीडीह तक 3.500 किलोमीटर पथ, कुकड़ू चौड़ा पथ से शोभानदी तक 2.917 किलोमीटर, लेटेमदा रेलवे लाइन से बांदावीर तक 2.200 किलोमीटर पथ, कुकड़ू से ईचाडीह 4.300 किलोमीटर पथ एवं कुकड़ू,हेड़ेमुली चान्हो तक 2.300 किलोमीटर पथ निर्माण व सुदृढ़ीकरण कार्य का विधिवत शिलान्यास किया। वहीं विधायक सविता महतो ने कहा कि कुकड़ू प्रखंड क्षेत्र में 6 सड़कों का निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया।

उन्होंने कहा कि कुल 18 किलोमीटर सड़क का निर्माण व सुदृढ़ीकरण कार्य 11 करोड़ 86 लाख 64 हजार की लागत से किया जाएगा। सड़कों का निर्माण व सुदृढ़ीकरण कार्य होने से लोगों को यातायात की समस्या से निजात मिल सकती है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में करीब 300 किलोमीटर सड़कों का कार्य प्रगति पर है। क्षेत्र का चहुंमुखी विकास उनकी प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि संवेदक को गुणवत्ता पूर्ण सड़क निर्माण कार्य ससमय पूर्ण करने का निर्देश दिया गया।मौके पर जिप उपाध्यक्ष मधुश्री महतो, प्रमुख प्रतिमा बाला पातर ,सांसद प्रतिनिधि मनोज कुमार महतो, झामुमो केन्द्रीय सदस्य काबलू महतो, प्रखंड अध्यक्ष कृतिवास महतो आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।

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