ईचागढ़ के लेपाटांड़ में मुआवजा भुगतान को लेकर लगा शिविर में पहुंचे विधायक सबिता महतो।
सरायकेला/ईचागढ़
ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के लेपाटांड़ पंचायत भवन में सोमवार को लाबा नहर से पातकुम तक सड़क चौड़ीकरण, मजबूतीकरण एवं पुनर्निर्माण के लिए अधिग्रहित भूमि के मुआवजा भुगतान को लेकर विधायक सविता महतो के पहल पर शिविर लगाया गया।
शिविर में विधायक सबिता महतो शामिल हुईं। लेपाटांड़, पाटपुर एवं किस्टोपुर मौजा के भू-स्वामियों को मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया पूरी कराने के लिए 13, 14 एवं 17 अगस्त को शिविर आयोजित किया गया था। ग्रामीणों के मांग पर जो बढ़ कर 18, 19 तक बढ़ाया गया।विधायक ने अधिकारियों को प्रभावित रैयतों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने देने तथा प्रक्रिया जल्द पूरी करने का निर्देश दिया। ग्रामीणों की मांग पर विधायक ने मुआवजा भुगतान शिविर की अवधि दो दिन और बढ़ाने का निर्देश दिया, ताकि सभी प्रभावित रैयत आवश्यक दस्तावेज जमा कर प्रक्रिया पूरी कर सकें। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण क्षेत्रवासियों की लंबे समय से मांग रही है और इसके लिए सभी रैयतों का सहयोग जरूरी है।
उन्होंने लेपाटांड़ के मुंडारी खूंटकट्टी क्षेत्र में आने का उल्लेख करते हुए खूंटकट्टीदारों एवं मानकी के सहयोग से समस्याओं के समाधान की अपील की। अनुमंडल पदाधिकारी नितिन शिवम गुप्ता ने भू-स्वामियों से जल्द आवश्यक दस्तावेज जमा करने की अपील की, ताकि मुआवजा भुगतान में अनावश्यक विलंब न हो। मौके पर अंचलाधिकारी दीपक प्रकाश, झामुमो केंद्रीय सदस्य काबलू महतो, मुंडारी खूंटकट्टीदार सह ग्राम प्रधान मधूमती सिंह मानकी, भू-अर्जन विभाग के अरूप कुमार मोदक एवं पशुपति बागची, युवा प्रखंड अध्यक्ष स्वपन आदित्यदेव समेत सड़क निर्माण से जुड़े कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
जर्जर सड़क की विधायक के निजी स्तर पर मुरूम डालकर मरम्मती।
सरायकेला/ईचागढ़
( मालखान महतो ) ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के तुता केनाल सड़क से कुलटांड़ तक करीब दो किलोमीटर जर्जर सड़क की विधायक सविता महतो के निजी स्तर पर मुरूम डालकर मरम्मती कराई जा रही है। झामुमो कार्यकर्ताओं द्वारा ट्रैक्टर से मुरूम लाकर सड़क पर बिछाया जा रहा है। कार्यकर्ता दिनभर मरम्मती कार्य में जुटे रहे।
झामुमो के वरिष्ठ नेता गुप्तेश्वर महतो ने बताया कि विधायक सविता महतो के निर्देश पर करीब दो किलोमीटर जर्जर सड़क की तत्काल मरम्मती कराई जा रही है।
उन्होंने कहा कि सड़क की स्थिति खराब होने के कारण लोगों को आवागमन में काफी परेशानी हो रही थी। टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने में समय लगने के कारण विधायक के निर्देश पर फिलहाल ट्रैक्टर और जेसीबी की मदद से मुरूम डालकर सड़क को चलने लायक बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विधायक के प्रयास से सड़क के स्थायी मरम्मती कार्य का टेंडर भी कराया जाएगा। फिलहाल ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए पार्टी के दर्जनों कार्यकर्ता श्रमदान कर सड़क मरम्मती में जुटे हुए हैं।मौके पर प्रखंड 20 सूत्री अध्यक्ष कन्हाई बेसरा, अघोर महतो, गणेश महतो, लाल सिंह, मधु गोप सहित दर्जनों झामुमो कार्यकर्ता उपस्थित थे।
विधायक ने स्कूली बच्चों के बीच किया साइकिल का वितरण।
सरायकेला/ईचागढ़
( सोनू कुमार सिंह )
ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के राजकीयकृत मध्य विद्यालय टीकर में बुधवार को विधायक सविता महतो ने आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों के बीच साइकिल का वितरण किया। इस दौरान टीकर, सीलदा, काठघोड़ा, पातकुम एवं नारो मध्य विद्यालय के कुल 1163 छात्र-छात्राओं को साइकिल प्रदान की गई।
इस अवसर पर विधायक सविता महतो ने कहा कि झारखंड सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना है। योजना के तहत आठवीं कक्षा में अध्ययनरत सभी विद्यार्थियों को साइकिल उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि उन्हें विद्यालय आने-जाने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
उन्होंने कहा कि कल्याण विभाग की ओर से विद्यार्थियों को साइकिल दी जा रही है। साइकिल मिलने से ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को स्कूल आने-जाने में सुविधा होगी और उनकी पढ़ाई भी सुचारू रूप से जारी रखने में मदद मिलेगी। मौके पर बीडीओ एकता वर्मा, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी सुखदेव उरांव,झामुमो केन्द्रीय सदस्य काबलू महतो, प्रखंड सचिव अमित सिन्हा, सपन कुमार आदित्यदेव, प्रधानाध्यापक मेघनाद महतो, राजेश कुमार,शिक्षक शिव शंकर दास आदि उपस्थित थे।
बालू के काले कारोबार के खिलाफ इचागढ़ में फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, प्रशासन के खिलाफ बनाया ‘पर्यावरण रक्षा दल।
सरायकेला/ईचागढ़
इचागढ़ में सैकड़ों ग्रामीणों ने खोला मोर्चा, आदित्यपुर निवासी विवेक झा उर्फ छोटू झा पर लगाया सिंडिकेट चलाने का आरोप
स्वर्णरेखा नदी से हो रहे कथित अवैध बालू उत्खनन के खिलाफ इचागढ़ थाना क्षेत्र के ग्रामीणों का सब्र टूट गया है। इचागढ़, सोनो और आसपास के दर्जनों गांवों के सैकड़ों ग्रामीणों ने अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है।
ग्रामीणों ने प्रेस वार्ता और बैठक कर आरोप लगाया है कि आदित्यपुर निवासी विवेक झा उर्फ छोटू झा के नेतृत्व में क्षेत्र में बालू का एक संगठित सिंडिकेट सक्रिय है। ग्रामीणों का कहना है कि इस पूरे खेल में उन्हें धमकाया भी जा रहा है।
एनजीटी प्रतिबंध के बावजूद रात भर चल रहा है खेल ग्रामीणों का आरोप है कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के प्रतिबंध और बरसात के मौसम में खनन पर रोक के बावजूद सोनो क्षेत्र के नदी घाट से रोजाना शाम 6 बजे के बाद से सुबह तक सैकड़ों हाईवा वाहनों से बालू का अवैध उठाव किया जा रहा है।
उनके अनुसार, नदी से निकाला गया बालू पहले कथित तौर पर लाइसेंसी स्टॉक यार्ड में ले जाया जाता है और फिर वहां से उसे वैध बताकर आदित्यपुर-जमशेदपुर क्षेत्र में सप्लाई किया जाता है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि यदि यह सब खुलेआम हो रहा है, तो जिला खनन विभाग और जिला प्रशासन की नजर क्यों नहीं पड़ रही है। ग्रामीणों का ऐलान – अब एक ट्रैक्टर बालू भी नहीं उठने देंगे ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि वे अपने गांव की सीमा में किसी भी कीमत पर नदी से बालू का अवैध उठाव नहीं होने देंगे।
उनका आरोप है कि इस संबंध में कई बार इचागढ़ थाना और खनन विभाग को लिखित और मौखिक शिकायत दी गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि विरोध करने पर बालू कारोबार से जुड़े कुछ लोगों द्वारा उन्हें धमकाया जाता है और ग्रामीणों के अनुसार, यूट्यूबर अभिषेक भारती पर आरोप है कि वे बालू कारोबारियों के पक्ष में खबरें चलाकर ग्रामीणों पर दबाव बनाने का प्रयास करते हैं।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि कथित बालू माफिया द्वारा खुलेआम कहा जा रहा है कि उनका सब कुछ मैनेज है और उन्हें पुलिस-प्रशासन का कोई डर नहीं है। ओवरलोड हाईवा से सड़कें जर्जर, पुल-पुलिया खतरे में अवैध परिवहन से ग्रामीणों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि ओवरलोड बालू लदे सैकड़ों हाईवा के चलने से इचागढ़-सोनो की मुख्य सड़कें पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं। जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों ने कहा, एक तरफ सरकार पर्यावरण बचाने की बात करती है, दूसरी तरफ स्वर्णरेखा नदी की धारा, उसके प्राकृतिक स्वरूप और पुल-पुलिया को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
अब गांव-गांव में बनेगा ‘पर्यावरण रक्षा दल’ प्रशासन की चुप्पी से नाराज ग्रामीणों ने अब खुद मोर्चा संभालने का फैसला किया है। उन्होंने ऐलान किया है कि यदि 48 घंटे के भीतर प्रशासन ने कथित अवैध खनन पर रोक लगाकर जांच शुरू नहीं की, तो प्रत्येक गांव में ‘पर्यावरण रक्षा दल’ का गठन किया जाएगा।
यह दल रात में नदी घाटों पर पहरा देगा और अवैध खनन की सूचना प्रशासन को देगा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि वे चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेंगे, जिसमें चक्का जाम से लेकर जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन तक शामिल होगा।
मीडिया को भी बनाया जा रहा है निशाना? ग्रामीणों ने बताया कि इस अवैध कारोबार को लेकर पहले भी कई मीडिया संस्थानों में खबरें प्रकाशित हो चुकी हैं। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। उल्टा, ग्रामीणों का आरोप है कि खबर लिखने वाले कुछ पत्रकारों को कानूनी नोटिस भेजकर डराने-धमकाने का प्रयास किया गया।
अब ग्रामीणों का सीधा सवाल है – आखिर यह पूरा अवैध खेल किसके संरक्षण में चल रहा है? यदि रातभर हाईवा चलते हैं, तो चेकनाका, थाना और खनन विभाग को भनक क्यों नहीं लगती?
ग्रामीणों ने उपायुक्त, सरायकेला-खरसावां और जिला खनन पदाधिकारी से नदी घाटों की तत्काल जांच, सीसीटीवी निगरानी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
सूत्र यह बताते हैं कि जब भी कोई पत्रकार अवैध बालू खनन के खिलाफ समाचार प्रकाशित करता है तो यूट्यूबर अभिषेक भारती उक्त पत्रकार के खिलाफ ही मनघड़ंत कहानी बनाकर समाचार के तौर पर लोगों के बीच प्रस्तुत कर समाज कोदीगभ्रमित करने का प्रयास करता है।
जनता यह जानना चाहती है कि कंही यूट्यूबर अभिषेक भारती और जिला खनन विभाग की साठ घाट से यह अवैध बालू का खनन तो नही हो रहा ?
शेष अगले अंक में
अस्वीकरण
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आजादी के इतने वर्षों बाद भी कांकीटांड़ गांव में नहीं बना सड़क
सरायकेला/ईचागढ़
मालखान महतो
सरायकेला-खरसावां जिले के ईचागढ़ प्रखंड का कांकीटांड़ गांव आज भी विकास की बुनियादी सुविधाओं से कोसों दूर है। तीन पंचायतों के अंतर्गत आने वाला यह गांव आजादी के बाद से अब तक एक अदद सड़क के लिए तरस रहा है। गांव तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क तो दूर, बरसात के दिनों में खेतों की मेड़ ही ग्रामीणों के लिए एकमात्र सहारा है। स्कूली बच्चों को भी करीब दो किलोमीटर तक फिसलन भरी मेड़ पर गिरते-पड़ते स्कूल जाना पड़ता है। वहीं गंभीर रूप से बीमार मरीजों और गर्भवती महिलाओं को इलाज के लिए ग्रामीणों के सहारे ढोकर मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ता है।
ये तस्वीरें ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के कांकीटांड़ गांव की हैं। आजादी के इतने वर्षों बाद भी गांव के लोगों को सड़क जैसी बुनियादी सुविधा नसीब नहीं हुई है। गांव तक आने-जाने के लिए कोई सुगम रास्ता नहीं है। बरसात के दिनों में हालात और भी बदतर हो जाते हैं।
धान के खेतों के बीच बनी संकरी मेड़ ही ग्रामीणों के लिए मुख्य सड़क तक पहुंचने का एकमात्र रास्ता है। इसी रास्ते से ग्रामीण मिलन चौक बाजार जाते हैं और इसी पगडंडी से बच्चे स्कूल का सफर तय करते हैं। करीब दो किलोमीटर तक फिसलन भरी मेड़ पर छोटे-छोटे बच्चे गिरते-पड़ते स्कूल पहुंचते हैं और फिर इसी जोखिम भरे रास्ते से वापस घर लौटते हैं।
सबसे ज्यादा परेशानी तब होती है, जब गांव में कोई व्यक्ति गंभीर रूप से बीमार पड़ जाता है या किसी गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाने की जरूरत पड़ती है। सड़क नहीं होने के कारण मरीजों को ढोकर मुख्य सड़क तक लाना पड़ता है। ऐसे में समय पर इलाज मिलना भी ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। गांव में एक नव प्राथमिक विद्यालय भी था, लेकिन शिक्षा विभाग द्वारा इसे बंद कर दिया गया है। बच्चों को दो किलोमीटर पैदल चलकर सितु स्कूल आना पड़ता है।ग्रामीणों का कहना है कि मुख्य सड़क पर वाहनों की आवाजाही के बीच बच्चों को जान जोखिम में डालकर सड़क पार करनी पड़ती है।
ग्रामीणों का कहना है कि आज वैज्ञानिक युग में लोग जी रहे हैं,लेकिन कांकीटांड़ के लोग आज भी अपने गांव तक एक सड़क के लिए तरस रहे हैं। सड़क के अभाव में गांव का विकास भी प्रभावित हो रहा है।यहां आज भी खेत की मेड़ ही सड़क का विकल्प बनी हुई है। ग्रामीणों की सबसे बड़ी मांग है कि गांव को मुख्य सड़क से जोड़ने के लिए जल्द से जल्द पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए, ताकि बच्चों को स्कूल जाने और मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में अपनी जान जोखिम में न डालनी पड़े। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से कांकीटांड़ गांव की समस्या को गंभीरता से लेते हुए सड़क निर्माण कराने की मांग की है।
नल जल योजना के तहत सड़क किनारे पाइप लाइन बिछाकर नहीं किया ड्रैसिंग , बारिश में टुट रहा सड़क का फुटपाथ।
सरायकेला/ईचागढ़
सरायकेला-खरसावां जिला के ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के सितु ,सोड़ो,तुता सहित कई पंचायत क्षेत्रों में जल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा हर घर नल जल योजना अन्तर्गत बृहत जल मीनार का निर्माण जारगोडीह में कराया जा रहा है, जिसमें हर घर नल से जल आपूर्ति हेतु पाइप लाइन का कार्य संवेदक द्वारा किया जा रहा है। सड़क किनारे एवं गांवों में पाइप बिछाने के गड्ढे खोदने का काम किया जा रहा है। पाइप बिछाने के बाद ऊपर मिट्टी को हल्का देकर छोड़ दिया गया है, जिससे आए दिन वाहन फंस रहा है। पाइप बिछाने के बाद ड्रेसींग भी नहीं किया गया है, जिससे बारिश में मिट्टी का कटाव होने से सड़क किनारे फुटपाथ जगह जगह धंस कर खतरे को आमंत्रित कर रहा है।
लोगों का आरोप है कि सुरजमल ओंकारमल कंस्ट्रक्शन द्वारा पाइप बिछाकर मिट्टी को समान भी नहीं किया जा रहा है। लोगों को आवागमन में असुविधा के साथ ही। सड़क किनारे का मिट्टी कटाव होने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पाइप बिछाए गए गढ्ढों को ठीक नहीं करने से सड़क भी क्षतिग्रस्त हो सकता है। इस संबंध में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को ग्रामीणों द्वारा शिकायत किया जाएगा।
चिपड़ी से चुनीडीह गांव तक की बदहाल सड़क से ग्रामीण त्रस्त, 15 वर्षों से जर्जर मार्ग पर आवागमन को मजबूर।
सरायकेला/ईचागढ़
ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के तिरुलडीह 2 पंचायत अंतर्गत चिपड़ी से चुनीडीह गांव तक की जर्जर सड़क को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले 15 वर्षों से सड़क की हालत बद से बदतर बनी हुई है, लेकिन आज तक स्थायी समाधान नहीं किया गया। बारिश के दिनों में सड़क पूरी तरह कीचड़ और जलजमाव से भर जाती है, जिससे आवागमन बेहद कठिन हो जाता है।
ग्रामीणों ने बताया कि चिपड़ी हाई स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राओं को प्रतिदिन करीब दो किलोमीटर तक साइकिल हाथ में लेकर या उतरकर कीचड़ भरे रास्ते से गुजरना पड़ता है। इससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। किसानों और ग्रामीणों को बाजार तक सब्जियां पहुंचाने में भी भारी परेशानी होती है और कई बार सामान को कंधे पर ढोकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है।
ग्रामीणों ने बताया कि यदि गांव में कोई व्यक्ति बीमार पड़ जाए तो एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती। ऐसे में मरीज को खाट पर लिटाकर लगभग दो किलोमीटर तक मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है, जिसके बाद ही अस्पताल पहुंचाना संभव हो पाता है। ग्रामीणों ने स्थानीय जनप्रतिनिधि के प्रति नाराजगी जताते हुए कहा कि कई बार आवेदन देकर सड़क निर्माण की मांग की गई, लेकिन 15 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। उनका कहना है कि विकास के दावों के बावजूद गांव आज भी बुनियादी सड़क सुविधा से वंचित है।
इस दौरान जगदीश सिंह मुंडा, जगदीश महतो, सुग्रीव भगत, डीसी महतो, राजकिशोर महतो, नरेश महतो, विष्णु महतो, शिवचरण महतो तथा वरुण महतो सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने अविलंब सड़क निर्माण की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
चांडिल में नोटरी की फर्जी मोहर से दस्तावेज तैयार करने का मामला, पुलिस जांच में जुटी।
सरायकेला/ईचागढ़
सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल व्यवहार न्यायालय से नोटरी पब्लिक की फर्जी मोहर बनाकर दस्तावेज तैयार किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। मामले का खुलासा वरिष्ठ अधिवक्ता सह नोटरी पब्लिक अशोक कुमार झा ने किया है। शिकायत मिलने के बाद चांडिल थाना पुलिस जांच में जुट गई है। अधिवक्ता अशोक कुमार झा ने बताया कि 29 जुलाई 2026 को सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें एक दस्तावेज प्राप्त हुआ। दस्तावेज पर उनका नाम और नोटरी की मोहर अंकित थी, लेकिन जांच करने पर पता चला कि वह मोहर फर्जी थी और उस पर उनके हस्ताक्षर भी नहीं थे।
अशोक कुमार झा ने बताया कि वे भारत सरकार से लाइसेंस प्राप्त नोटरी पब्लिक हैं और वर्षों से चांडिल व्यवहार न्यायालय परिसर में नोटरी सेवा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके नाम और फर्जी मोहर का इस्तेमाल कर दस्तावेज तैयार किए जाने से उनकी प्रतिष्ठा के साथ-साथ न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े होते हैं।
उन्होंने इस संबंध में चांडिल के अनुमंडल पदाधिकारी , अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, चांडिल थाना, न्यायालय तथा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और सचिव को लिखित शिकायत दी है। शिकायत के साथ उन्होंने अपनी असली नोटरी मोहर का नमूना और फर्जी दस्तावेज की प्रति भी सौंपी है। वहीं पुलिस मामले की जांच कर फर्जी दस्तावेज बनाने वाले का पता लगाने में जुटी है।
मामले की जांच के लिए चांडिल थाना के ASI सुरेंद्र कुमार व्यवहार न्यायालय पहुंचे और अधिवक्ताओं तथा नोटरी से जुड़े कर्मियों से पूछताछ शुरू की। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नकली मोहर किसने तैयार की और उसका इस्तेमाल किन-किन दस्तावेजों में किया गया।
बार एसोसिएशन ने भी घटना पर कड़ी नाराजगी जताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने फर्जी दस्तावेज को साक्ष्य के रूप में जब्त कर लिया है और मामले की जांच जारी है।
रेलवे ट्रैक पर ग्रामीण का क्षत-विक्षत शव बरामद, जांच में जुटी पुलिस।
सरायकेला/ईचागढ़
सरायकेला-खरसावां जिले के तिरुलडीह थाना क्षेत्र में तिरुलडीह और बाकारकुड़ी रेलवे स्टेशन के बीच चानो गांव के समीप रेलवे ट्रैक पर शनिवार को एक 50 वर्षीय ग्रामीण का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। मृतक की पहचान तिरूलडीह थाना क्षेत्र के चानो गांव निवासी मंगल सिंह मुंडा के रूप में की गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, ट्रेन की चपेट में आने से उनकी मौत हुई है। घटना की सूचना मिलते ही तिरुलडीह थाना पुलिस और रेलवे पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए सरायकेला सदर अस्पताल भेज दिया।परिजनों एवं स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, मंगल सिंह मुंडा पिछले कुछ समय से मानसिक रूप से अस्वस्थ चल रहे थे।
हालांकि, घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसका स्पष्ट कारण अभी सामने नहीं आया है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रघुनाथपुर में जंगली हाथियों का उत्पात, किसानों की धान की बिचड़े रौंदी।
सरायकेला/ईचागढ़
ईचागढ़ प्रखंड के रघुनाथपुर गांव में जंगली हाथियों के झुंड ने शुक्रवार को जमकर उत्पात मचाया। हाथियों ने कई किसानों के खेतों में लगी धान की बिचड़ी को रौंदकर पूरी तरह बर्बाद कर दिया, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। रघुनाथपुर निवासी किसान गुरुपद महतो, निमाई महतो, कुंजबिहारी महतो, शशिभूषण महतो, शिवराम महतो, जगन्नाथ महतो, निवारण महतो और उमापद महतो के खेत में लगे धान के बिचड़े को रौन्द कर नष्ट कर दिया। ग्रामीणों ने बताया कि हाथियों का झुंड पिलीद जंगल में डेरा जमाए हुए है। शाम होते ही हाथी जंगल से निकलकर गांवों और खेतों में पहुंच जाते हैं तथा फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है।
वन विभाग के अनुसार, हाथियों का यह झुंड पश्चिम बंगाल से स्वर्णरेखा नदी पार कर ईचागढ़ क्षेत्र में पहुंचा है। फिलहाल झुंड का अधिकांश हिस्सा पिलीद जंगल में मौजूद है, जबकि कुछ हाथी तमाड़ रेंज की ओर चले गए हैं। हाथियों को गांव की ओर आने से रोकने के लिए वन विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है। वन विभाग ने ग्रामीणों से रात में अकेले जंगल या खेत की ओर नहीं जाने तथा हाथी दिखाई देने पर तत्काल विभाग को सूचना देने की अपील की है।
ईचागढ़ गांव में हादसा पीड़ित परिवार से मिलीं विधायक सविता महतो किया आर्थिक सहयोग
सरायकेला/ईचागढ़
सोनू कुमार सिंह
ईचागढ़ प्रखंड के ईचागढ़-डुमटांड़ मुख्य मार्ग स्थित घुनियापाड़ा में बालू लदे अनियंत्रित टीपर के घर में घुस जाने की घटना के बाद शुक्रवार को ईचागढ़ की विधायक सविता महतो पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचीं। उन्होंने मंगल राजवार के घर जाकर हादसे की जानकारी ली तथा दुर्घटना में घायल बच्चों और परिजनों का हालचाल जाना।
विधायक ने दुर्घटना में क्षतिग्रस्त कच्चे मकान का निरीक्षण किया और पीड़ित परिवार को तत्काल राहत के रूप में तिरपाल उपलब्ध कराया। साथ ही उन्होंने आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया।
इस दौरान उन्होंने परिवार को हरसंभव सहायता दिलाने का भरोसा दिलाते हुए कहा कि इस कठिन समय में पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं।
इस दौरान विधायक ने संबंधित प्रखंड कर्मियों को निर्देश दिया कि पीड़ित परिवार को आपदा राहत योजना के तहत शीघ्र सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें जल्द से जल्द राहत मिल सके।विधायक के आगमन पर स्थानीय ग्रामीणों ने भी घटना की जानकारी देते हुए प्रशासन से दुर्घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की।
इस अवसर पर झामुमो केंद्रीय सदस्य काबलू महतो, प्रखंड अध्यक्ष निताई उरांव, सपन आदित्यदेव, पशुपति बागची, समेत प्रखंड कर्मी एवं स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे।
यह सड़क नहीं ईचागढ़ प्रखंड वासियों की जिंदगी का हाल है जिस सड़क पर चलना है उसी का हाल बेहाल है।
सरकार कहती है स्पीड पर कंट्रोल रखो कभी ना होगा कोई ग़म सड़क पर बने गड्ढे खुद ही स्पीड ब्रेकर का काम करती है अब क्या घर से निकलना बंद कर दे हम:- ग्रामीण
बदहाल सड़क से ग्रामीण परेशान, एक सप्ताह का अल्टीमेटम, सड़क का मरमत्तीकरण नहीं होने से होगा धानरोपण।
सरायकेला/ईचागढ़
साथियों आपने और हम सभी ने अक्सर यह कहते सुना होगा कि जब सामने गड्ढे हो तो गड्ढे को फांद कर जाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए वरना हमारे बदन पर भी कीचड़ लग सकती है। इसीलिए लोग सलाह देते हैं के गड्ढे के बगल से हमें गुजर जाना चाहिए। लेकिन जब सड़क पर गड्ढे और कीचड़ के सिवा और कुछ ना हो तो फिर स्थानीय निवासियों को कीचड़ के रास्ते से ही गुजरना मजबूरी हो जाती है।
साथियों पुराने समय में राजतंत्र था और एक राजा के लिए उसकी प्रजा की सुख सुविधाएं सर्वोपरि हुआ करती थी। आज की तारीख में देश की जनता देश के प्रधानमंत्री राज्य के मुख्यमंत्री अथवा स्थानीय विधायक को अपने राजा के तौर पर देखती है और यह सोचती है की उसका राजा उसके हितों के बारे में सोंचेगा उसे हर सुख सुविधा मुहैया कराएगा और यही सोंचकर यही सोंच लेकर जनता घंटों लाइन में लगकर कड़ी धूप में खड़े होकर अपना कीमती वोट देकर अपना एक विधायक का चुनाव करती है। और खुद के द्वारा चुने गए विधायक की जीत पर खुशियां मानती है मिठाइयां बांटते हैं और यह सोचती है कि अब अच्छे दिन आएंगे। लेकिन क्या हो जब उनके सपने कीचड़नुमा खराब सड़क में तब्दील हो जाए तब आप सोंच सकते हैं उस जानता के मन में किस तरह की भावना उत्पन्न हो सकती है।
जी हां साथियों ऊपर लिखे गए हृदय विदारक शब्दों का जीता जागता सबूत ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र में देखने को मिलता है जहां पर कीचड़नुमा बदहाल सड़क से क्षेत्र वासियों का जीना मुहाल हो चुका है। खराब सड़क और विधायक द्वारा किए गए वादों को ना निभाए जाने से जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है लोग खराब सड़क पर धान रोपनी करने तक की बात कह रहे हैं।
ताजा मामला ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के सोड़ो पंचायत के अंतर्गत पड़ने वाले हाड़ात गांव का है जहां पर भारी बारिश के कारण खराब सड़क और जल जमाव से ग्रामीणों का पैदल चलना और वाहनों का निकलना मुहाल चुका है। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को अस्पताल पहुंचने में भारी परेशानीयों का सामना करना पड़ रहा है।
सूत्र बताते हैं कि स्थानीय ग्रामीणों द्वारा उक्त खराब सड़क की समस्या के निवारण के लिए ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक सविता महतो सहित ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी सह आजसू नेता हरेलाल महतो, जेएलकेएम नेता सह पूर्व प्रत्याशी तरुण महतो सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई थी। इसके बावजूद भी सड़क मरम्मत नहीं हो पाई। दो पहिया और अन्य वाहनों के साथ-साथ पैदल चलने वालों को भी काफी कठिनाई हो रही है।
वहीं इस मामले पर स्थानीय ग्रामीण संजय कुमार महतो ने बताया कि हाड़ात टोला पहाड़धार के लोहरा टोला का रास्ता इतना बेहाल हो चुका है कि स्कूली बच्चों से लेकर के बूढ़े बुजुर्गों तक का निकलना मुश्किल हो गया है। उन्होंने बताया कि ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक सहित अन्य समाजसेवियों को इस संबंध में अवगत कराया गया है, परंतु अभी तक कोई भी कार्रवाई नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि सड़क की बदहाल स्थिति के कारण लोगों को रोजाना जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ता है। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं विभाग से जल्द से जल्द समस्या का निवारण करने का अनुरोध किया है। साथ ही ग्रामीणों ने एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है और कहा है कि सड़क का मरमत्तीकरण नहीं होने से सड़क पर ही धान रोपनी का कार्यक्रम किया जाएगा और सड़क को बंद कर दिया जाएगा।
संजय कुमार महतो, ग्रामीण
वहीं इस मामले पर ईचागढ़ प्रखंड के उपप्रमुख दीपक कुमार साव ने कहा कि ग्रामीणों की ओर से सड़क की समस्या की सूचना लगातार मिल रही है पूर्व में भी मैंने निजी स्तर से सड़क को चलने लायक बनाया था। इस वर्ष भी निजी स्तर से सड़क का मरम्त्तीकरण किया जाएगा।