गणेश महाली के नेतृत्व में भाजपाईयों ने शिद्धु कान्हू को किया नमन। कहा:शिद्धु कान्हू की देन है सीएनटी एसपीटी एक्ट,जो आदिवासीयों का रक्षा कवच है।

गणेश महाली के नेतृत्व में भाजपाईयों ने शिद्धु कान्हू को किया नमन। कहा:शिद्धु कान्हू की देन है सीएनटी एसपीटी एक्ट,जो आदिवासीयों का रक्षा कवच है।

राजनगर

राजनगर : राजनगर बाजार स्थित सिदो कान्हु चौक में भारतीय जनता पार्टी की ओर से भाजपा एसटी मोर्चा के प्रदेश कोषाध्यक्ष गणेश महाली के नेतृत्व में हुल दिवस के अवसर पर सिदो कान्हु के मुर्ति पर उपस्थित भाजपाइयों ने एक के बाद एक करके माल्यार्पण कर नमन किया।

मौके पर गणेश महाली ने कहा कि सिदो कान्हु के नेतृत्व में अंग्रेजों के हुकुमत के खिलाफ लड़ाई लड़ कर सीएनटी एक्ट मिला, जो आदिवासियों का सुरक्षा कवच है. सीएनटी एक्ट मिलने के बाद भी यहां के वर्तमान सरकार के कारण यहां के आदिवासी, मुलवासी सुरक्षित नहीं है.जो दुर्भाग्य की बात है.हमें अपने हक और अधिकार के लिये पुनः लड़ाई लड़ने की आवश्यकता है. वह हक और अधिकार तभी मिलेगा, जब आने वाले लोकसभा एवं विधानसभा चुनाव में महागठबंधन के खिलाफ वोट कर भाजपा को विजय बनाना है।

इस अवसर पर रमेश हांसदा,कुबेर कांत षाड़ंगी, सोमनाथ सोरेन,बीजू बास्के,नारायण महतो,अंनत साहू,शंकर महतो,जगदीश महतो,रवि महतो,अजित राऊत,दीपू राऊत आदि उपस्थित थे।

Advertisement

Hotel Paras:- Tata Kandra Main Road, Gamharia, Seraikela Kharsawan, Jamshedpur -832108.
info@hotelparasheights.com
+91 94 3035 3977 | Contact
+91 94 3035 4008 | Reservations https://www.hotelparasheights.com

हुल दिवस पर प्रेम मार्डी के नेतृत्व में निकाली गई जेबीकेसएसएस की बाईक रैली।

हुल दिवस पर प्रेम मार्डी के नेतृत्व में निकाली गई जेबीकेसएसएस की बाईक रैली।

राजनगर

राजनगर: झारखंडी भाषा खतियानी संघर्ष समिति की ओर से हुल दिवस के अवसर पर प्रेम मार्डी के नेतृत्व में बाइक रैली निकाली. बाइक रैली निकलने के पुर्व राजनगर बाजार स्थित सिदो कान्हु चौक पर सिदो कान्हु के आदमकद मुर्ति माल्यार्पण किया.बाइक रैली राजनगर से शुरू होकर रोला होते हुए सरायकेला तक पहुंचा।

मौके पर प्रेम मार्डी ने कहा कि सिदो,कान्हु, फुलो झानो के संयुक्त नेतृत्व में 30 जुन 1855 में संताल विद्रोह की शुरुआत की थी . इन वीरों ने लगभग 60 हजार लोगों को अपने साथ लड़ाई में शामिल किया था. सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि उस समय लोगों की कमी वावजूद भी इतनी बड़ी फौज खड़ा किया.अंग्रेजो के खिलाफ लड़ाई भयंकर रुप ले लिया. अंग्रेजों ने इन लड़ाई को देखकर घुटने टेक दिए और सीएनटी एक्ट दिया, जो आदिवासियों, मुलवासियों का सुरक्षा कवच है. अंग्रेजों द्वारा दिया गया सुरक्षा कवच को भी यहां के सरकार एवं अधिकारियों ने तोड़ दिया, बाहर से आये लोगों को जमीन उपलब्ध कराया. वास्तव में आज यदि जांच किया जाय तो कई आदिवासियों, मुलवासियों के जमीन कब्जा किए हुए मिलेंगे.आज आदिवासी मुलवासी सुरक्षित नहीं है।

वहीं बेबी महतो ने कहा कि झारखंडी भाषा खतियानी संघर्ष समिति ने झारखंडवासियों के हक और अधिकार के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं. सरकार ने अभी तक झारखंडवासियों को जितनी हक मिलना चाहिए नहीं दिया है.हक और अधिकार के लिए कई आंदोलन किये मगर अभी तक नहीं मिला. इस लिए पार्टी ने निर्णय लिया कि अब लोकसभा एवं विधानसभा चुनाव लड़ कर अपने जीते हुए प्रत्याशी के माध्यम से सदन में हक और अधिकार को उठायेंगे।

Advertisement

Hotel Paras:- Tata Kandra Main Road, Gamharia, Seraikela Kharsawan, Jamshedpur -832108.
info@hotelparasheights.com
+91 94 3035 3977 | Contact
+91 94 3035 4008 | Reservations https://www.hotelparasheights.com

आदिवासी दिशोम जाहेर गाड़ विकास समिति ने शिद्धु कान्हू की पूजा कर मनाया हुल दिवस।

आदिवासी दिशोम जाहेर गाड़ विकास समिति ने शिद्धु कान्हू की पूजा कर मनाया हुल दिवस।

राजनगर

राजनगर: राजनगर बाजार स्थित सिदो कान्हु चौक में शुक्रवार को आदिवासी दिशोम जाहेर गाढ़ समिति राजनगर की ओर से हुल दिवस बड़ी धुम धाम एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया. हुल दिवस के अवसर पर आदिवासी दिशोम जाहेर गाढ़ के नायके ( पुजारी )बिशु हेम्ब्रम ने आदिवासी रीति-रिवाज के अनुसार राजनगर बाजार स्थित सिदो कान्हु के मुर्ति स्थापित जगह पर हड़िया एवं लड्डू की पुजा अर्चना की।

मौके पर आदिवासी दिशोम जाहेर गाढ़ समिति राजनगर के अध्यक्ष बीजू बास्के ने कहा कि सिदो कान्हु के नेतृत्व में अंग्रेजों के हुकुमत एवं महाजन प्रथा के खिलाफ लड़ाई लड़ी. सिदो कान्हु ने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ कर सीएनटी एक्ट मिला. जो आदिवासियों का सुरक्षा कवच है. आज हमें उन्हीं के पदचिन्ह पर चलने की आवश्यकता है.

Advertisement

Hotel Paras:- Tata Kandra Main Road, Gamharia, Seraikela Kharsawan, Jamshedpur -832108.
info@hotelparasheights.com
+91 94 3035 3977 | Contact
+91 94 3035 4008 | Reservations https://www.hotelparasheights.com

इस अवसर पर नायके बिशु हेम्ब्रम, बीजू बास्के, रायसेन मार्डी, धानू टुडू, मुनीराम हेम्ब्रम, सुराय मुर्मू, सावन सोय, मोटाय मेलगांडी, सुशील सुंडी, सिदो मुर्मू, कालीचरण हांसदा, सुतीलाल हांसदा, सिंघु हेम्ब्रम, सीताराम हांसदा, प्रेम मार्डी आदि उपस्थित थे।

संयुक्त आदिवासी सामाजिक संगठन चांडील अनुमंडल ने हुल दिवस पर शहीदों को किया नमन।

संयुक्त आदिवासी सामाजिक संगठन चांडील अनुमंडल ने हुल दिवस पर शहीदों को किया नमन।

सरायकेला/चांडिल

बाइक रोड शो निकाल कर समान नागरिक संहिता कानून का किया भारी विरोध प्रदर्शन।

चांडिल: संयुक्त आदिवासी सामाजिक संगठन चांडिल अनुमंडल ने शुक्रवार को शहीद बिरसा मुंडा सेतु कामारगौड़ा से शहीद गंगानारायण सिंह चौक पुंडीशीली ,शहीद सिदो -कान्हु चौक चांडील गोलचक्कर, शहीद फूलो – झानो चौक, शहीद सिदो -कान्हु चौक गौरांगकोचा तक निकाला विशाल बाइक रोड शो। तमाम शहीदों को बारी – बारी से पुष्प अर्पित कर दिया श्रद्धांजलि।विशाल रोड शो निकाल कर समान नागरिक संहिता कानून का किया पुरजोर विरोध प्रदर्शन। रोड शो समाप्ति के बाद गौरांगकोचा में आयोजित हुल जनसभा में हुए शामिल।

मीडिया से मुखातिब होते हुए संयुक्त आदिवासी सामाजिक संगठन चांडील अनुमंडल के प्रवक्ता सुधीर कुस्कू ने कहा की समान नागरिकता संहिता कानून आदिवासी समाज के लिए गले का फंदा है। यह कानून लागू होने से आदिवासी समाज की पहचान और अस्तित्व ही मीट जाएगी। आदिवासी समाज के मूल पहचान हो जाएगी खत्म। आदिवासी समाज की कास्टोमरी लॉ खत्म हो जाएगी। किस्कू ने आगे कहा कि आदिवासी समाज अपनी अस्तित्व को बचाने के लिए किसी भी हद तक जाएगी।संयुक्त आदिवासी सामाजिक संगठन चांडील अनुमंडल समान नागरिक संहिता कानून का विरोध आगे गांव गांव तक ले जाएगी और भारी विरोध करेगी।इस कानून से आदिवासी समाज के लिए बने विशेष कानून सीएनटी/एसपीटी एक्ट, पेसा एक्ट, पांचवी अनुसूची और छठी अनुसूची खत्म हो जाएगी।आदिवासी समाज की आरक्षण खत्म हो जाएगी। किसी भी हाल में इस कानून को लागू नही होने देंगे।इस तरह से आयोजित हुल जनसभा में बारी- बारी सभी वक्ताओं समान नागरिक संहिता कानून का कड़ा विरोध किया गया।

Advertisement

Hotel Paras:- Tata Kandra Main Road, Gamharia, Seraikela Kharsawan, Jamshedpur -832108.
info@hotelparasheights.com
+91 94 3035 3977 | Contact
+91 94 3035 4008 | Reservations https://www.hotelparasheights.com

मौके पर श्यामल मार्डी, पारगाना रामेश्वर बेसरा ,श्याम सिंह सरदार, सुखराम हेंब्रम, चारुचंद किस्कू, रविंदर सरदार, जगदीश सिंह सरदार, भद्रु सिंह सरदार, लक्षण सिंह, सुरेंदर सिंह ज्योतीलाल बेसरा, धनेश्वर मुर्मू, भादूडीह माझी बाबा बुद्धेश्वर मारडी, डोमन बास, प्रकाश मारडी जगन्नाथ किस्कू, रवींद्रनाथ सिंह , बधुसूदन हेंब्रम और भी संगठन के सक्रिय सदस्य गण एवं आदिवासी अगुवा गण उपस्थित थे।

आदित्यपुर मिरूडीह सिदो कान्हू के प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गयाऔर हुल दिवस मनाया।

आदित्यपुर मिरूडीह सिदो कान्हू के प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गयाऔर हुल दिवस मनाया।

सरायकेला/आदित्यपुर

आदित्यपुर: वीर अमर सिदो-कान्हू स्मारक विकास सेवा समिति मीरुडीह द्वारा शुक्रवार को मीरुडीह चौक पर हूल दिवस मनाया गया. सर्वप्रथम सिदो-कान्हू की मूर्ति पर माल्यार्पण किया गया. फिर समिति के लोगों ने पूजा की. मौके पर भाजपा नेता बास्को बेसरा, शैलेंद्र सिंह, आरआईटी मंडल अध्यक्ष अमितेश अमर थे।

भाजपा नेता वास्को बेसरा ने कहा कि देश की आजादी का पहला आंदोलन हूल दिवस था. इसके प्रणेता सिदो-कान्हू थे. 1855 में अंग्रेजों ने सिदो-कान्हू को फांसी दे दी थी. सिदो कान्हू ने अपने जल जंगल और अपनी माटी को बचाने के लिए बलिदान दिया इसीलिए संथाली उसी समय से 30 जून को हूल दिवस मनाया जाता है. कार्यक्रम के आयोजन में समिति के अध्यक्ष डॉ बेसरा के साथ सदस्य रामेश्वर मार्डी, मंगल टुडू, मधुसुदन मार्डी, चैतन्य मुर्मू आदि का महत्वपूर्ण योगदान रहा

Advertisement

Hotel Paras:- Tata Kandra Main Road, Gamharia, Seraikela Kharsawan, Jamshedpur -832108.
info@hotelparasheights.com
+91 94 3035 3977 | Contact
+91 94 3035 4008 | Reservations https://www.hotelparasheights.com

नारायण प्राइवेट आईटीआई संस्थान परिसर में सिदो-कान्हू के तस्वीर पर कर्मचारियों ने श्रद्धा सुमन अर्पित की गई।

नारायण प्राइवेट आईटीआई संस्थान परिसर में सिदो-कान्हू के तस्वीर पर कर्मचारियों ने श्रद्धा सुमन अर्पित की गई।

सरायकेला

सरायकेला : नारायण प्राइवेट आईटीआई संस्थान परिसर में सिदो-कान्हू के तस्वीर पर सभी कर्मचारियों के द्वारा तस्वीर पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर हुल दिवस मनाया गया।इस अवसर पर संस्थान के संस्थापक डाक्टर जटा शंकर पांडे ने कहा सिदो-कान्हू मुर्मू का जन्म भोगनाडीह नामक गाँव में एक संथाल आदिवासी परवार में हुआ था जो कि वर्तमान में झारखण्ड के साहेबगंज जिला के बरहेट प्रखंड में है। सिदो मुर्मू का जन्म 1815 ई0 में हुआ था एवं कान्हू मुर्मू का जन्म 1820 ई0 में हुआ था।संथाल विद्रोह में सक्रिय भूमिका निभाने वाले इनके और दो भाई भी थे जिनका नाम चाँद मुर्मू और भैरव मुर्मू था।

इन छः भाई बहनो का जन्म भोगनाडी गाँव मे हुआ था जो कि वर्तमान में झारखण्ड राज्य के संथाल परगाना परमण्ल के साहेबगंज जिला के बरहेट प्रखण्ड के भोगनाडीह में है।
सिदो ने अपनी दैवीय शक्ति का हवाला देते हुए सभी मांझीयों को साल की टहनी भेजकर संथाल हुल में शामिल होने के लिए आमंत्रन भेजा। 30 जून 1855 को भेगनाडीह में संथालो आदिवासी की एक सभा हुई जिसमें 400 गांवों के 50000 संथाल एकत्र हुए।जिसमें सिदो को राजा, कान्हू को मंत्री, चाँद को मंत्री एवं भैरव को सेनापति चुना गया। संथाल विद्रोह भोगनाडीह से शुरू हुआ जिसमें संथाल तीर-धनुष से लेस अपने दुश्मनो पर टुट पड़े।

Advertisement

Hotel Paras:- Tata Kandra Main Road, Gamharia, Seraikela Kharsawan, Jamshedpur -832108.
info@hotelparasheights.com
+91 94 3035 3977 | Contact
+91 94 3035 4008 | Reservations https://www.hotelparasheights.com

संस्थान में मुख्य रूप से उपस्थित थे महाधिवक्ता निखिल कुमार , बिमल ओझा ,हरी नारायण साहू, शांति राम महतो महतो ,पवन कुमार महतो,अजय मण्डल,शंकर दस,देव कृष्णा महतो, कृष्णा महतो, , गोराब महतो, आदि मौजूद थे।

गौरंगकोचा स्थित स्थापित संथाल सिदो कान्हू के प्रतिम माल्यापर्ण एवं श्रद्धांजलि दी गई।

गौरंगकोचा स्थित स्थापित संथाल सिदो कान्हू के प्रतिम माल्यापर्ण एवं श्रद्धांजलि दी गई।

सरायकेला/चांडिल

हूल दिवस के अवसर पर शुक्रवार को ईचागढ़ प्रखंड के गौरांगकोचा स्थित ब्लॉक मोड़ पर स्थापित संथाल हुल के अमर नायक सिदो-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यापर्ण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई. मौके पर गौरांगकोचा के माझी बाबा धनेश्वर मुर्मू की अगुवाई में पूजा-अर्चना की गई. इसके बाद उपस्थित लोगों ने भी श्रद्धा सुमन अर्पित किया. इस अवसर पर समाजसेवी भूषण मुर्मू ने कहा कि क्रांति के महानायक सिदो-कान्हू और उनके भाई-बहनों का किसी के गुलामी के खिलाफ प्रतिबद्धता, माटी के प्रति प्रेम और समाज के प्रति समर्पण जन मानस के बीच ऊर्जा पैदा करता है।

एक और क्रांति की जरूरत।

भूषण मुर्मू ने कहा कि वर्तमान समय में भी एक हूल यानी एक क्रांति की जरूरत है. यह किसी सरकार और व्यक्ति के विरूद्ध नहीं, व्यवस्था के विरूद्ध नहीं बल्कि अपना वजूद बचाने के लिए, समाज में फैले अंधविश्वास के लिए, सुशासन व पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए क्रांति की जरूरत है. उन्होंने कहा कि प्रकृति प्रेमी आदिवासियों को हर वर्ष एक-एक पौधा लगाने की आवश्यकता है. ताकि पर्यावरण संतुलन बना रहे और आदिवासियों का प्रकृति के साथ संबंध बना रहे. इस अवसर पर मुखिया राखोहरि सिंह मुंडा, निताई उरांव, रंजीत टुडू, खगेन महतो, गोविंद बंसरा, अजित मुर्मू, सपन सिंहदेव समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल थे।

Advertisement

Hotel Paras:- Tata Kandra Main Road, Gamharia, Seraikela Kharsawan, Jamshedpur -832108.
info@hotelparasheights.com
+91 94 3035 3977 | Contact
+91 94 3035 4008 | Reservations https://www.hotelparasheights.com

हूल दिवस के अवसर पर सिदो-कान्हू की प्रतिमा पर मंत्री चंपई सोरेन विधायक सविता महतो ने श्रद्धांजलि दी।

हूल दिवस के अवसर पर सिदो-कान्हू की प्रतिमा पर मंत्री चंपई सोरेन विधायक सविता महतो ने श्रद्धांजलि दी।

सरायकेला/चांडिल

चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के विभिन्न स्थानों में शुक्रवार को हूल दिवस के अवसर पर अंग्रेजों के खिलाफ आंदोलन करने वाले आदिवासी वीर सपूतों की शौर्य गाथा और बलिदान को याद किया गया. चांडिल गोलचक्कर में स्थापित सिदो-कान्हू की प्रतिमा पर परिवहन मंत्री चंपई सोरेन, ईचागढ़ की विधायक सविता महतो के अलावा विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, सामाजिक कार्यकर्ता, छात्र संगठनों के नेता, पुलिस-प्रशासन के पदाधिकारी आदि ने अंग्रेजी हुकूमत, महाजनी प्रथा व बंदोबस्ती के खिलाफ आंदोलन का शंखनाद करने वाले वीर शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित किया.अच्छी सोच और निस्वार्थ सेवा कमजोर नहीं होता।

वहीं वीर शहीद सिदो-कान्हू को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद मंत्री चंपई सोरेन ने कहा कि अच्छी सोच, निस्वार्थ सेवा और समाज के लिए शुरू किया गया काम कभी कमजोर नहीं हो सकता. उन्होंने कहा कि संथाल विद्रोह मुट्ठी भर आदिवासियों ने शुरू किया था, जो बाद में जन आंदोलन बन गया. आजादी के आंदोलन में संथाल के आदिवासियों का हूल विद्रोह बेहद प्रभावशाली रहा. मौके पर सविता महतो ने कहा कि सिदो-कान्हू, चांद-भैरव, फुलो-झानो के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता. जिस दिन हम इनके संघर्ष गाथा को भुला देंगे उसी दिन झारखंड और झारखंडी समाज का विकास अवरूद्ध हो जाएगा।

Advertisement

Hotel Paras:- Tata Kandra Main Road, Gamharia, Seraikela Kharsawan, Jamshedpur -832108.
info@hotelparasheights.com
+91 94 3035 3977 | Contact
+91 94 3035 4008 | Reservations https://www.hotelparasheights.com

Design a site like this with WordPress.com
Get started