लव जिहाद
बाबर खान

आज झामूमो नेता बाबर खान ने कहा कि भाजपा और उनके सहयोगी संगठन मुद्दा हीन होने के बाद गंदी राजनीति पर उतारू हो गई है।
आपसी सहमति वाली विवाह को लव जिहाद का नाम देकर के सस्ती लोकप्रियता हासिल करने का प्रयास किया जा रहा है जो निंदनीय है नहीं चिंता का विषय है।
बाबर खान ने कहा कि आज भाजपा नेता अभय सिंह के नेतृत्व में जिस प्रकार कदमा थाना में जाकर के दबाव की राजनीति कर एक विशेष वर्ग के ऊपर में मुकदमा दर्ज कराया है मैं इसकी निंदा करता हूं।
विगत दिनों एक विशेष समुदाय के परिजनों द्वारा कदमा थाना में जाकर शिकायत दर्ज करने की बात कही गई तो थाना द्वारा सुल्ला करने की बात कही गई। बाबर खान ने कहा कि यह क्या हो रहा है। एक प्रभावशाली संगठन के दबाव में आकर पुलिस केस दर्ज कर देती है। हेमंत सरकार में ये चिंता का विषय है। कुछ पुलिस अधिकारी भाजपा और उनके सहयोगी संगठन के दबाव में काम करने पर मजबूर है ऐसे प्रशासनिक अधिकारी को चिन्हित कर उन पर विभागीय कार्रवाई की मांग करेगी झामुमो। जमशेदपुर जैसे शांतिप्रिय शहर को आसन्त करने का प्रयास कुछ गिने चुने लोग कर रहे हैं जिसे लगातार पुलिस नजरअंदाज कर रही है। बहुत जल्द इन गंभीर विषय को लेकर झारखंड के मुख्यमंत्री से मिलकर उन्हें इन गंदी खेलों से अवगत कराया जाएगा। और ऐसे अमन चैन के दुश्मनों के विरुद्ध प्रशासन की नजर अंदाज की शिकायत भी की जाएगी। लव जिहाद का खेल झारखंड राज्य में नहीं चलेगा। यदि लव जिहाद को रोकना है तो पहले अपने घर को सही करो सब कुछ ठीक हो जाएगा लेकिन गंदी राजनीति मत करो। कुछ दिनों से भाजपा की मन मानी प्रर्दशन में जो भाजपाईयों की गुंडा गर्दी की झलक देखने को मिली और प्रशासन की चुप्पी यह हैरान करने वाली है। जिस प्रकार साक्षी कब्रिस्तान के विषय को लेकर जिला मुख्यालय में प्रदर्शन के दौरान प्रशासन के वरीय पदाधिकारी के साथ धक्का-मुक्की गई जिसका प्रमाण आज भी हमारे पास है उसके बाद उलीडीह थाना में गेट बंद कर जिस तरह अपने पुराने परभाव में प्रदर्शन कर गुंडागर्दी की है सभी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में आज भी कैद है। और आज तक पुलिस उन लोगों के विरोध कानूनी कार्रवाई करने से बच रही है। ऐसा लगता है प्रशासन भाजपा को खुली छूट दे रखी है। आज यही कारण है कुछ शरारती लोगों का मनोबल बढ़ा हुआ है

बाबर खान ने कहा बहुत जल्द एक प्रतिनिधिमंडल कदमा थाना प्रभारी और नगर पुलिस अधीक्षक से मिलकर इस विषय पर एक मांग पत्र देगा। और इस तरह के विषय पर राजनीति दल के हस्तक्षेप पर रोक की मांग करेगा।
