कांग्रेस प्रेस प्रवक्ता शमशेर खान ने झारखंड सरकार के कृषि,पासुपलन एवं सहकारिता मंत्री को सौपा ज्ञापन
मुसाबानी
जिला कांग्रेस प्रेस प्रवक्ता शमशेर खान ने झारखंड सरकार के कृषि,पासुपलन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की से मिलकर एक ज्ञापन सौंपा,अपने एक दिवसीय कार्यक्रम के दौरान जमशेदपुर तिलक पुस्तकालय पहुंची मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने सभी समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया है।
ज्ञापन में कहा गया है के पूर्वी सिंहभूम एक कृषि प्रधान जिला है, यहा बहरागोड़ा,घाटशिला पोटका तथा पटमदा पूरी तरह से कृषि पर निर्भर क्षेत्र है,जिला में165,152,00 हेक्टेयर भूमि कृषि योग्य है,पूर्वी सिंहभूम जिला में इस वर्ष,6812 हेक्टेयर भूमि में सब्जी की खेती हुई है जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है।अगर सरकार यहां सिंचाई की उचित सुविधा,दे तो ये आंकड़ा बढ़ सकता है,ज्ञापन में कोल्ड स्टोर बनाने की मांग भी की गई है,साथ ही साथ जिला में एक कृषि महा विद्यालय खोलने की मांग जोरदार ढंग से उठाई गई है। ज्ञापन सपना वालों में जिला अध्यक्ष आनंद बिहारी दुबे, शमशेर खान, प्रेम करते कांग्रेस पार्टी के अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे l
खनन विभाग द्वारा पटमदा थाना में की गई प्राथमिकी को रद्द करने और जप्त की गई मशीन को मुक्त करने को लेकर डीसी को ज्ञापन सौंपा
जमशेदपुर
जिला खान निरीक्षक के द्वारा MM (DR) Act, 1957 तथा Mines Act, 1952 के प्रावधानों की अवहेलना करके पटमदा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है तथा पोखर खोदने के लिए भाड़े पर लाई गई मशीन को असंवैधानिक तरीके से जप्त किया गया है।
इस मामले को लेकर सुभाष कुमार शाही ने जिला उपायुक्त अनन्य मित्तल को ज्ञापन देकर प्राथमिकी को रद्द करने और जब्त की गई मशीन को मुक्त करने की गुहार लगाई है। श्री शाही ने ज्ञापन के माध्यम से निवेदन किया है कि जिला खान निरीक्षक द्वारा की गई इस पूरी कार्यवाही को MM (DR) Act, 1957 के विरुद्ध तथा JMMC Rules, 2004 के नियम 3 के अनुरूप नहीं मानते हुए MM (DR) Act की धारा 21 तथा 22 के प्रभावों से मुक्त कार्यवाही घोषित करते हुए दर्ज प्राथमिकी को रदद् करने की न्यायालय को अनुशंशा करने की मांग किया है। श्री शाही ने कानून का हवाला देते हुए कहा है कि विधान सभा से पारित एवम महामहिम राज्यपाल के अनुमोदन से राज पत्र में प्रकाशित JMMC Rules, 2004 यथा संशोधित के नियम 3 में राज्य सरकार के द्वारा यह स्पट कहा गया है कि इस नियमावली में प्रस्तावित किसी भी नियम का अनुपयोग MM (DR) Act, 1957 के प्रावधानों, इसके तहत बनाई गई केंद्रीय नियमवालियों के प्रावधानों, Mines Act, 1952 के प्रावधानों तथा इसके तहत बनाये गए नियर्मी के प्रावधानों एवम बिहार गौण/लघु खनिज (समानुदान) नियमावली, 1972 के प्रावधानों के अनुरूप की जाने वाली किसी भी कार्यवाही को प्रभावित नहीं कर सकती है। MM (DR) Act, 1957 की प्रस्तावना से यह स्पस्ट है कि संविधान में सातवी अनुसूची की केंद्रीय सूची के क्रमांक 54 से प्राप्त शक्तियों के अनुरूप भारत सरकार द्वारा इस अधिनियम को सरकार के अधिकार के खनिजों के नियमन तथा विकास के लिए अधिनियमित किया गया है। उन्होंने ज्ञापन में उल्लेख करते हुए कहा कि संविधान की सातवी अनुसूची की राज्य सूची के क्रमांक 23 में प्रस्तावित प्रावधानों से यह स्पस्ट है कि राज्य सरकार के द्वारा खनिजों का नियमन तथा विकास सिर्फ वैसे अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप किया जा सकेगा जिसे संसद के द्वारा खान एवम खनिजों के नियमन तथा विकास के लिए अनुमोदित किया गया है। केंद्रीय सूची तथा राज्य सूची के प्रावधानों से तथा JMMC Rules, 2004 के नियम 3 से यह स्पस्ट है कि संसद के द्वारा MM (DR) Act, 1957 के तहत अनुमोदित प्रावधार्नी के विरुद्ध खनिजों का नियमन तथा विकास राज्य सरकार अथवा उसके पदाधिकारियों द्वारा नहीं किया जा सकता है।
अतः MM (DR) Act, 1957 में प्रस्तावित mineral तथा minor mineral की परिभाषा से यह स्पस्ट है कि इस अधिनियम में जहाँ भी mineral शब्द का उपयोग हुआ है उसे minor mineral के लिए नहीं समझा जा सकता है। MM (DR) Act, 1957 की धारा 5 (2) में प्रस्तावित प्रावधानों से यह भी स्पस्ट है कि इस अधिनियम के तहत सिर्फ वैसी भूमी को ही खान के रूप में खनन कार्य के लिए नियमित किया जा सकता है जिसमें उपलब्ध खनिज में वैसे खनिज तत्वों का उनके लिए भारत सरकार द्वारा निर्धारित मानको के अनुरूप होना राज्य सरकार के द्वारा प्रमाणित किया गया है। भारत सरकार द्वारा निर्धारित मानों के अनुरूप खनिज तत्वों को धारित करने वाले खनिजों को MM (DR) Act, 1957 की धारा 10 तथा 11 में minerals vest in government कहा गया है। MM (DR) amendment Act 56 of 1972 के statement of objects and reason की कंडिका (viii) में भारत की संसद ने राज्य सरकारों को अपने निजी अधिकारों का उपयोग करके अर्थात राज्य सूची के प्रावधानों के अनुरूप, अपने पदाधिकारियों को ऐसा अधिकार देना कहा गया है जिससे कि वे वैसी भूमी में MM (DR) Act, 1957 के प्रभाव वाले खनिजों की खोज कर सकें जिस भूमी में ऐसी किसी भी प्रमाणिक खोज के पहले खनिज लोगों के निजी अधिकार का है। भारत सरकार के द्वारा सरकार के अधिकार के खनिजों की खोज के लिए MM (DR) Act, 1957 की धारा 5(2) (a) के अनुरूप नियमों तथा प्रक्रियाओं को The Minerals (Evidence of the Mineral Contents) Rules, 2015 के रूप में प्रकाशित भी किया गया है। चूंकि MM (DR) Act, 1957 की प्रस्तावना यह स्पस्ट करती है कि इस अधिनियम को सिर्फ सरकार के अधिकार के खनिजों के लिए अधिनियमित किया गया है इस अधिनियम के तहत सिर्फ वैसे लघु खनिजों को नियमित किया जा सकता है जिनको भारत सरकार ने इसकी धारा 3(e) से प्राप्त शक्तियों के तहत राज पत्र प्रकाशित करके अधिसूचित किया है। बिहार गौण/लघु खनिज नियमावली, 1972 का गठन राज्य सरकार के द्वारा MM (DR) amendment Act 56 of 1972 से संसद द्वारा जारी निर्देशों के अनुपालन में किया गया है और इसी के अनुरूप कार्यवाही करने के लिए JMMC Rules, 2004 में minerals vest in private persons को इसकी अनुसूची 2 में प्रकाशित किया गया है। राज्य सरकार ने MM (DR) Act, 1957 की धारा 23 (C) से प्राप्त शक्तियों का उपयोग करके The Jharkhand Minerals (Prevention of Illegal Mining, Transportation and Storage) Rules, 2017 का गठन सरकार के अधिकार में समाहित कुछ खास खनिजों के लिए किया है। इसमें दी गई खनिज (mineral) की परिभाषा के अनुरूप इसका प्रभाव उन सभौ खनिजों पर है जिनको mineral की परिभाषा में specify नहीं किया गया है। इसका अवलोकन यह दर्शता है कि इसका प्रभाव MM (DR) Act, 1957 की धारा 3 (e) में प्रकाशित building stone, ordinary gravels, ordinary sand (other than used for specified purposes) and ordinary clay पर नहीं है। EP Act, 1986 के तहत भारत सरकार द्वारा जारी पर्यावरणीय अधिसूचना EIA Notification, 2006 पर्यावरणीय सहमति सिर्फ वैसे mining projects पर प्रभावी करती है जिनमें किया जाने वाला उपक्रम Mine में किया जाने वाला उपक्रम है अर्थात जिसे Mines Act, 1952 की धारा 3 के अनुरूप Mines Act के प्रभावों से मुक्त नहीं किया गया है और जिन पर Mines Act, 1952 की धारा 16 प्रभावी है।
गिरीडीह जिले के सरिया थाना क्षेत्र के मंदरामो निवासी सात रैयतों ने डीसी ऑफिस पहुंचकर भू माफियाओं द्वारा उपजाऊ जमीन को कब्जा कर लेने संबंधित उपायुक्त के नाम आवेदन दिया है। आवेदन देने वालों में मोहित उद्दीन अंसारी, बिजली देवी व अन्य लोग शामिल थे। दिए गए आवेदन में बताया गया कि सरिया अंचल क्षेत्र के मंदरामो के मौजा कोंडाबाद में वर्षों से रेयती उपजाऊ ज़मीन है। उक्त ज़मीन पर भूमाफियाओं के द्वारा मिट्टी डलवाकर उसे बंजर बना दिया गया है। साथ ही रैयतों की 6 एकड़ भूमि जमाबंदी भी कर लिया गया है।
पूर्व मुखिया ने सांसद को ज्ञापन सौंप कर पीसीसी सड़क निर्माण कराने की मांग की
पुर्वी सिंहभूम/मुसाबनी
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
प्रखंड क्षेत्र के सोनागड़ा निवासी व पूर्व मुखिया जयपाल मांझी ने जमशेदपुर के सांसद विद्युत करण महतो को ज्ञापन सौंपा है, जिसमें कहा गया है कि डीवीसी सड़क से लेकर डुईकाडीह सोनागाड़ा गांव तक 1180 फीट पीसीसी सड़क काफी जर्जर अवस्था में है, इस सड़क से होकर हजारों ग्रामवासी रोज तकलीफ के साथ गुजारते हैं। बरसात के मौसम में भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसके साथ ही इस गांव के आसपास काफी बड़े इलाके में घने जंगल है जहां हर वर्ष आग लग जाती है, जिसे बुझाने के लिए दमकल का आना भी काफी मुश्किल हो जाता है। इसलिए जल्द से जल्द यहां पीसीसी सड़क का निर्माण कराया जाए। इस ज्ञापन में सांसद विद्युत वरण महतो से इसके लिए अनुरोध किया गया है।
कुम्हार टोला वासी ने नीमडीह थाना प्रभारी से जमीन केस मामले पर दोनों पक्ष की गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की।
सरायकेला/निमडीह
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
सरायकेला खरसावां जिला के नीमडीह थाना क्षेत्र हुंडरू पाथरडीह के कुम्हार टोला वनमाली कुम्हार ने नीमडीह थाना प्रभारी को विवादित जमीन पर किसी प्रकार की गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की है।
उक्त जमीन पर वनमाली कुम्हार और लाल मोहन गोराई के आपसी विवाद है। उक्त जमीन की मामले सिविल कोर्ट चांडिल में दर्ज है। इसके बाद भी उक्त जमीन पर एक पक्ष की गतिविधियों पर रोक नहीं जबकि दुसरे पक्ष को रोका जा रहा है। वनमाली कुम्हार का आरोप है लेकर नीमडीह थाना और अंचल अपने समर्थकों के पहुंच और विवादित पर रोक लगाने की मांग की गई। सिविल कोर्ट चांडिल में 24/23 में दर्ज है। नीमडीह थाना पहुंचे के बाद मालुम चला की पहले 144 लगया गया। उक्त जमीन पर 144हट गया। नीमडीह थाना प्रभारी मो तंज़िल खान ने उक्त जमीन पर पुनः विवाद नहीं हो इसके लिए पुनः 144 घारा का अनुमोदन किया जाएगा। वनमाली कुम्हार,भुतनाथ कुम्हार, वृहस्पति कुम्हार, पशुपति कुम्हार, सुबोध कुम्हार ने दर्जनों महिला के साथ नीमडीह थाना प्रभारी मो तंज़िल खान को एक मांग पत्र सौंपा गया।मांग पत्र में जान से मरने धमकी लाल मोहन कुम्हार,गोर कुम्हार, निताई कुम्हार, दीपक कुम्हार दे रहे हैं। चांडिल सिविल कोर्ट में सुधीर कुम्हार एवं अन्य लोगों पर मामला 24/23में दर्ज किया गया। वनमाली कुम्हार ने कहा की जमीन का बंटवारा कोर्ट के माध्यम नहीं होने के कारण एक जमीन पर दोनों दबा कर है।बनमाली कुम्हार ने लाल मोहन कुम्हार पर मेरी जमीन पर जबरन कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है।
पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमेटी के प्रतिनिधि मंडल जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति के उपनगर आयुक्त रवि प्रकाश मांग पत्र सौंपा।
पूर्वी सिंहभूम/जमशेदपुर
पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष आनंद बिहारी दुबे के नेतृत्व में जिला कमेटी का एक प्रतिनिधि मंडल जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति के उपनगर आयुक्त रवि प्रकाश से मिलकर विभिन्न मुद्दों पर विचार विमर्श करते हुए मांग पत्र सौंपा।
जिला अध्यक्ष आनंद बिहारी दुबे ने उप नगर आयुक्त का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि छठ महापर्व का आगमन हो चुका है, लेकिन अब तक सभी नदीतटों का सौंदर्यीकरण एवं साफ सफाई नहीं हुई है, जिसे तत्काल प्रभाव से तेज गति से सफाई अभियान और नदी घाट का प्रबंधन कार्य को संपन्न किया जाए, नदी में श्रद्घालुओं को उतारने का रास्ता जो बरसात के कारण खराब हो गया है, उसे भी ठीक किया जाए, छठव्रती एवं श्रद्धालुओं को नदी तट तक पहुंचाने के लिए लाइट का प्रबंध, चेंजिंग रूम और गोताखोर के साथ-साथ नदी तट पर जगह-जगह सावधानी से संबंधित बोर्ड लगाया जाए, क्योंकि जमशेदपुर में बड़े पैमाने पर छठव्रती नदी पहुंचकर आस्था के महापर्व छठ मनाते है। पदाधिकारी छठ आयोजन समिति से समन्वय स्थापित करें। 2) जिला अध्यक्ष आनंद बिहारी दुबे ने नगर आयुक्त का ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा कि टाउन हॉल और सोन मंडप के बगल में खाली स्थान पर कचरे का अंबार जमा है। जिसे तत्काल प्रभाव से साफ सुथरा कराया जाए। जो छठ पर्व में लोगों को सुविधा हो सके। 3) जिला अध्यक्ष ने तीसरी विषय को उद्रृत करते हुए कहा कि जमशेदपुर में पार्किंग व्यवस्था चरमरा गई है और इसके टेंडर का प्रक्रिया जो प्रशासन के तरफ से लाया जा रहा है, इसमें कहीं ना कहीं कमी रह जा रही है। जिससे टेंडर प्रक्रिया अब तक अधूरा है। पार्किंग व्यवस्था से सरकार को राजस्व की प्राप्ति होती है, ऐसे गंभीर मुद्दे पर विभाग के द्वारा उचित कदम उठाते हुए टेंडर प्रक्रिया को संपन्न कारना तथा यह भी सुनिश्चित की जाए कि अब तक टेंडर प्रक्रिया नहीं होने के कारण कितना राजस्व का हानि हुआ है साथ ही प्राप्त जानकारी के मुताविक टेंडर प्रक्रिया नहीं होने के कारण राजस्व का अनाधिकृत रूप से लाभ ले रहे है। जिसमें कुछ पदाधिकारी और कुछ लोग शामिल है। इसको अभिलंब संज्ञान लेकर जांच करते हुए कठोर कदम उठाई जाए, यदि पार्किंग टेंडर से संबंधित विषय को गंभीरता से नहीं लिया जाएगा, तो जिला कांग्रेस कमेटी वाध्य होकर आंदोलन करेगी साथ ही माननीय मंत्री के माध्यम से कैबिनेट में उक्त बात को रखने के लिए पत्राचार एवं मांग पत्र सौपेगी। जिसका पूर्ण रूप से जिम्मेवार जमशेदपुर आधिसूचित क्षेत्र समिति से संबंधित पदाधिकारी को माना जाएगा।
कोल्हन विश्वविद्यालय की विभिन्न समस्याओं को लेकर सांसद गीता कोड़ा ने राज्यपाल को सौपा मांग पत्र।
पश्चिम सिंहभूम/चाईबासा
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
कोल्हन विश्वविद्यालय चाईबासा में कुलपति, प्रति कुलपति, कुल सचिव, वित्त अधिकारी एवं रजिस्टार की स्थाई नियुक्ति कि रखी मांग।
सांसद गीता कोड़ा ने दिनांक 13 /11/ 2023 राजभवन में महामहिम राज्यपाल से भेंट कर कोल्हन विश्वविध्यालय में रिक्त पदों पर टीचर नियुक्ति की मांग के समर्थन में पत्र सौपा।
माननीय सांसद नें वर्तमान समय में बढ़ती शिक्षा गुणवंता कि जरूरतों को पूरा करने और छात्रों के उज्जवल भविष्य के लिए शिक्षा के क्षेत्र में विकसित कार्यक्रमों की मांग की,एंव
इस संबंध में सिहभुम लोकसभा क्षेत्र के तहत स्थित कोल्हान विश्वविद्यालय के महत्वपूर्णता पर चर्चा की गई, ज्ञातव्य हो कि कोल्हान विश्वविद्यालय के 54 डिग्री कॉलेज में 80000 विद्यार्थी स्नातक एवं स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर रहे हैं, कोल्हान विश्वविद्यालय में कुलपति, प्रति कुलपति, कुल सचिव, वित्त अधिकारी एवं रजिस्टर के पदों पर रिक्तियां के कारण छात्रों और कर्मचारियों को कई समस्या का सामना करना पड़ रहा है, इस संबंध में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊर्जा और नेतृत्व की आवश्यकता के लिए राजपाल महोदय का ध्यान आकृष्ट करते हुए सांसद श्रीमती गीता कोड़ा ने निवेदन करते हुए संबंधित पदों पर नियुक्ति के लिए समर्थ उम्मीदवारों की चयन प्रक्रिया शीघ्रता से पूर्ण करने की मांग रखी, ज्ञातव्य हो कि कोल्हन विश्वविद्यालय क्षेत्र जनजातीय बहुल क्षेत्र होने के साथ ही बहुत ही पिछड़ा क्षेत्र है यह क्षेत्र कोल्हान विश्वविद्यालय के माध्यम से उच्च शिक्षा के दृष्टिकोण से बहुत महत्वपूर्ण है, कोल्हन विश्वविद्यालय के कुलपति का पद मई 2023 से रिक्त है और प्रतिकूलपति का पद भी पिछले जून 2023 से रिक्त पड़ा हुआ है, जबकि वित्त अधिकारी का प्रभार भी प्रतिकूलपति के पास में होता हैं, तथा इस विश्वविद्यालय के रजिस्टार भी इस महीने के अंत तक सेवानिवृत होने के कारण रजिस्टार का पद भी रिक्त हो जाएगा ऐसी स्थिति में कोल्हान विश्वविद्यालय अंतर्गत पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को आवेदन करना, डिग्री प्रमाण पत्र निर्गत करना, डिग्री लेना, प्रमाण पत्र की सत्यता जैसी समस्या का सामना करना पड़ रहा है तथा विश्वविद्यालय में प्रशासनिक दृष्टिकोण से शैक्षणिक संस्था की दैनिक कार्यों, वित्तीय कार्यों, वार्षिक प्रतिवेदन, शिक्षा की गुणवता का मूल्यांकन कार्य प्रभावित हो रहा है, महामहिम राज्यपाल महोदय ने विश्वविद्यालय की समस्याओं को गंभीरता से लिया है एवं महत्वपूर्ण समस्याओं के निदान पर पहल करने की आश्वस्त किया।
पोटका में राशन की कालाबाजारी के खिलाफ ग्रामीणों ने का जोरदार प्रदर्शन, बीडीओ को सौंपा ज्ञापन
पूर्वी सिंहभूम/जादूगोड़ा
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
शुक्रवार 3 नवंबर को पोटका में राशन की कालाबाजारी के खिलाफ प्रखंड कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन।
राशन की कालाबाजारी के खिलाफ भाजपा नेता उपेंद्र नाथ सरदार, पूर्व मुखिया होपना महाली और कालिकापुर मुखिया बाघराय सोरेन के नेतृत्व में ग्रामीणों ने प्रखंड कार्यालय का घेराव कर जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद बीडीओ अभय कुमार द्विवेदी को एक ज्ञापन सौप कर एक सप्ताह में राशन की कालाबाजारी पर रोक लगाने, चार महीने से की जा रही राशन के कटौती की भरपाई करने,ज़मीन दाखिल में व्याप्त भ्रष्टाचार खत्म करने की मांग की गई।
इस दौरान उनकी मांगों की अनदेखी किए जाने पर सड़क पर उतर कर विरोध प्रदर्शन करने की चेतावनी दी गई। भाजपा नेता उपेंद्र नाथ सरदार ऊर्फ राजू ने कहा कि पोटका में पिता-पुत्र मिलकर गरीबों का निवाला लूटने में लगे है। लेकिन वे उनकी मंशा पूरी नही होने देगे।
ज्ञापन सौंपाते हुए आगे बताया गया है कि प्रखंड कार्यालय में भ्रष्टाचार चरम पर है। जमीन म्यूटेशन से लेकर हर काम में पैसे की लूट मची है। गरीबों का राशन कटौती के नाम पर कालाबाजारी की जा रही है और गरीब जनता अपना पेट भरने के लिए मंहगे दामों पर राशन खरीद कर भूख मिटाने को विवश है।
कार्यकारी अध्यक्ष अंबुज कुमार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आदित्यपुर के नवनियुक्त नगर आयुक्त आलोक कुमार से मिलकर के उन्हें ज्ञापन सौंपा
सरायकेला/आदित्यपुर
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
जिला कांग्रेस कमेटी सरायकेला खरसावां के कार्यकारी अध्यक्ष अंबुज कुमार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को नगर निगम आदित्यपुर के नवनियुक्त नगर आयुक्त आलोक कुमार से मिलकर के उन्हें जयप्रकाश उद्यान एक नंबर गेट से लक्ष्या अपार्टमेंट तक वन विभाग के रास्ते बनने वाली सड़क के शीघ्र निर्माण हेतु ज्ञापन समर्पित किया।
अंबुज ने जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से नवनियुक्त नगर आयुक्त आलोक कुमार जी को बधाई एवं शुभकामनाएं प्रदान किया.साथ ही आशा व्यक्त किया कि आलोक कुमार जी के कार्यकाल में आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र का सर्वांगीण विकास तेजी से सुनिश्चित होगा।
अंबुज कुमार ने जयप्रकाश उद्यान में सड़क बनाई जाने की मांग को लेकर के नगर आयुक्त से कहा कि अभिलंब इस सड़क निर्माण हेतु टेंडर का प्रकाशन सुनिश्चित करवाया जाए। जिस पर नगर आयुक्त में सकारात्मक जवाब दिया एवं कहा कि उक्त मार्ग के निर्माण हेतु आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए टेक्निकल सैंक्शन हेतु हेतु शीघ्र ही एस्टीमेट को रांची भेजा जाएगा।
विदित हो कि जय प्रकाश उद्यान का सड़क 23 जून 2023 को वन विभाग से आनापति प्रमाण पत्र प्राप्त होने के बाद भी पिछले 8 महीना से टेंडर की बाट जोह रहा है ।जिस पर आज कांग्रेस कार्यकारी जिला अध्यक्ष अंबुज कुमार ने नगर आयुक्त आलोक कुमार का ध्यान आकृष्ट कराया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला महासचिव रमाशंकर पांडे वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री राम ठाकुर नगर अध्यक्ष राहुल यादव जिला सचिव प्रकाश मंडल अनुज कुमार अभिजीत प्रधान दिनेश गोप, ईश्वर दीपू ठाकुर आदि उपस्थित रहे।
सरकारी जमीन के अतिक्रमण करने पर ग्रामीणों ने किया विरोध अंचल अधिकारी को सौंपा ज्ञापन
सरायकेला/गम्हरिया
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
सरायकेला जिले के गम्हरिया अंचल अधिकारी को ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंप कर जमीन को अतिक्रमण मुक्त व अतिक्रमण करने वालों पर कार्यवाही करने की मांग की है।
आपको बताते चलें कि सरायकेला जिले के गम्हरिया प्रखंड अंतर्गत बांधडीह पंचायत अंर्तगत दलाईकोचा में सरकारी जमीन का अतिक्रमण किया जा रहा था.जिसके विरोध में ग्रामीणों ने अंचल अधिकारी को ज्ञापन सौंप कर सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त करने व अतिक्रमण करने वालों पर कारवाई करने की मांग कि। ज्ञापन सौंपने वालों में राजेश प्रधान, राम केराई, राजेंद्र केराई,मानलाल केराई, सोमा बानरा के अलावे काफी लोगों के हस्ताक्षर हैं।
सीओ को सौंपे गये ज्ञापन में कहा गया है कि हल्का नौ के दलाईकोचा में सरकारी जमीन का अतिक्रमण कर चाहरदिवारी का निमार्ण किया जा रहा था. ग्रामीण उक्त सरकारी जमीन पर लोग दलाईकोचा से ठसकपुर व भालुबास आना जाना करते हैं साथ ही कृषि कार्य करने में उक्त जमीन क उपयोग करते हैं. ग्रामीणों ने आवेदन दे कर कहा है कि उक्त जमीन के चाहरदिवारी नही करने के आग्रह पर अतिक्रमण कारीयों द्वारा झुठे केस में फंसाने की भी धमकी दिया जाता है.ग्राणीणों के आवेदन पर सीओ ने सरकारी जमीन का मापी करते हुए सीमांकन किया गया है।
छोटा गम्हरिया पंचायत के निर्मल पथ से विश्वकर्मा कॉलोनी तक सड़क एवं नाला निर्माण के लिए प्रखंड विकास पदाधिकारी को सौंपा गया ज्ञापन।
सरायकेला/गम्हरिया
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
छोटा गम्हरिया पंचायत के विश्वकर्मा कॉलोनी, नमो टोला, कैलाश नगर, शिवनगर मोहल्ले के लोगों ने पूर्व पंचायत समिति सदस्य अजीत कुमार सिंह के नेतृत्व में प्रखंड विकास पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में लिखा गया कि गम्हरिया प्रखंड के छोटा गम्हरिया पंचायत अंतर्गत विश्वकर्मा कॉलोनी, शिवनगर, नमो टोला, कैलाश नगर के लोगों के आवागमन के लिए सड़क का निर्माण नहीं हुआ है और जो कच्ची सड़क है उसकी हालत भी बद्तर स्थिति में है. जिसके कारण यहां के स्थानीय लोगों का आवागमन बाधित हो गई है मजबूरन लोगों को नाले से भी बद्तर हो चुके कच्ची सड़क से गुजरना पड़ रहा है इसके साथ-साथ निर्मल पथ मे नाली की व्यवस्था ना होने के कारण निर्मल पथ से विश्वकर्मा कॉलोनी तक सालों भर दूषित जल का बहाव लगा रहता है यह एक बहुत ही गंभीर समस्या है। आवागमन हेतु सड़क का स्थाई व्यवस्था करने का आग्रह किया गया।
साथ ही साथ अनुमंडल अधिकारी, अपर उपायुक्त,उपायुक्त और जिला पंचायती राज पदाधिकारी को प्रतिलिपि दिया गया।
इस मौके पर पंचायत समिति सदस्य विकास कुमार शर्मा,उप मुखिया रेनू महतो, वार्ड सदस्य पार्वती महतो, सुनीता देवी, चंपक मंडल मंजू देवी संगीता मोहंती, मिली मुखर्जी कंचन पाल लक्ष्मी महतो रागिनी श्रीवास्तव अमित गोस्वामी उषा रानी महतो रेखा महतो प्रभावती महतो समेत सैकड़ो लोग सम्मिलित हुए।
3 माह से राशन नहीं मिलने पर राशन कार्डधारीयों ने उपायुक्त के नाम से बीडीओ प्रभारी को मांग पत्र सौंपा।
सरायकेला/निमडीह
3 माह से राशन नहीं मिलने से परेशान राशन कार्डधारीयों ने आखिरकार थक हार कर उपायुक्त का दरवाजा खटखटाया।
मिली जानकारी के अनुसार सरायकेला खरसावां जिला के नीमडीह प्रखंड अंतर्गत तिल्ला पंचायत के टोला जामडीह के कार्डधारियों ने 3 माह से राशन नहीं मिलने से परेशान होकर उपायुक्त से गुहार लगाई। नीमडीह प्रखंड के पुर्व जिप सदस्य अनिता पारित जामडीह के कार्डधारियों के साथ सरायकेला खरसावां जिला उपायुक्त के नाम नीमडीह अंचलाधिकारी सह प्रखंड विकास प्रभारी संजय पांडे को राशन के संबंध एक मांग सौंपा।
वहीं कार्डधारियों का कहना है कि जनवितरण दुकानदार की निलंबन और खाद्य आपूर्ति नियम के कारण तीन माह से राशन नहीं मिलने पर राशन कार्डधारी राशन से वंचित हैं। नीमडीह प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी कलेश्वर राविदास ने कहा की राशन से वंचित लोगों को शीघ्र ही राशन दिलाने की प्रयास की जाएगी।