कड़ी सुरक्षा के बीच निकला मुहर्रम का जुलूस, युवाओं ने दिखाए कई बेहतरीन करतब।
सरायकेला/गम्हरिया
सरायकेला : मुहर्रम को लेकर रविवार को सरायकेला में दो स्थानों पर फातिहा ख्वानी के साथ मुहर्रम का जुलूस निकला. कर्बला में महान शहादत की याद में मनाए जाने वाले मुहर्रम पर जुलूस और ताजिया परंपरागत अकीदत के साथ निकाले गए क्ष
अखाड़ा जुलूस में शामिल युवक मातमी धुन के बीच हैरतअंगेज करतब दिखा रहे थे. अकीदतमंदों का मुहर्रम हजरत मुहम्मद के कौल (वाणी) और अमल (कर्म) से पवित्र हो उठा. सुबह फातिहा के बाद इमामबाड़ा में लंगरखानी के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई, जो लोगों की अटूट आस्था का प्रतीक है. इस अवसर पर सरायकेला में विभिन्न समाज के नेताओं को पगड़ी पहना कर सम्मानित किया गया।
जिसमें मुख्य रूप भाजपा नेता गणेश महाली, पुलिस उपाधीक्षक चंदन कुमार वत्स, सरायकेला एसडीओ राम कृष्ण कुमार, सरायकेला सीओ सुरेश प्रसाद सिन्हा, सरायकेला नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी राजेंद्र प्रसाद गुप्ता, सरायकेला थाना प्रभारी नीतीश कुमार, समाजसेवी पीनू दुबे सहित कई अन्य लोगों को अखाड़ा समिति द्वारा पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया।
जुलूस में शामिल लोग या हुसैन.. या हुसैन… के नारे लगा रहे थे. साथ-साथ अपने शरीर पर तलवार, ब्लेड और जंजीर से मार कर मातम मना रहे थे. जुलूस में युवाओं द्वारा हैरतअंगेज कारनामे दिखाए गए. करतब देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी थी. वहीं मुहर्रम के त्योहार को लेकर पुलिस प्रशासन की ओर हर जगह सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे. जगह- जगह दंडाधिकारी के साथ पुलिस बल तैनात किए गए थे।
चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के बीच मुसाबनी में मुस्लिम समुदाय ने निकाला मोहर्रम का जुलूस।
मुसाबनी
मुस्लिम समुदाय ने शनिवार को विभिन्न इमामबाड़ों से पूरे अकीदत के साथ मोहर्रम का जुलूस निकाला। इस अवसर पर सबसे पहले भंडारबोरो मोहर्रम कमेटी द्वारा जुलूस निकाला गया जो बदिया पहुंचा। उसके बाद बदिया से सैकड़ों की तादाद में युवा बूढ़े बुजुर्ग बच्चों के साथ ढोल नगाड़ा और रंग-बिरंगे झंडों को लिए मुस्लिम समुदाय ने जुलूस प्रारंभ किया।
मोहर्रम के जुलूस में घाटशिला के विधायक रामदास सोरेन अपने पूरी टीम के साथ शामिल हुए। मोहर्रम कमेटी द्वारा उनका पगड़ी पोसी कर स्वागत किया गया। मोहर्रम जुलूस की सुरक्षा व्यवस्था में खुद एसडीओ सत्यवीर रजक, डीएसपी चंद्रशेखर आजाद,सीओ राजीव कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी सीमा कुमारी, सांसद प्रतिनिधि दिनेश साव, थाना प्रभारी मुसाबनी अंचित कुमार, डुमरिया थाना प्रभारी संजीवन उरांव, गुड़ाबांदा थाना प्रभारी परवेज आलम, एएसआई मृत्युंजय पांडेय सहित पुलिस के जवान पूरी सुरक्षा व्यवस्था को संभाले हुए थे। जिसके बाद जुलूस माहुलबेड़ा इमामबाड़ा पहुंचा। जहां प्रशासनिक अधिकारियों का स्वागत नौजवान मोहर्रम कमेटी माहुलबेड़ा के अध्यक्ष सह लाइसेंस धारी सूफी मोहम्मद इरफान, उपाध्यक्ष अब्दुल रहमान अली, सरपरस्त हिदायत हुसैन उर्फ मुन्ना खान, शेख अकबर, सचिव सलीम जावेद, पूर्व प्रमुख रविंद्र नाथ घोष, मुखिया भीमसेन मुर्मू, मोहम्मद सुलेमान, मोहम्मद इस्लाम, मोहम्मद नसीम द्वारा संयुक्त रुप से सभी प्रशासनिक पदाधिकारियों का पगड़ी पोशी कर स्वागत किया।
इस अवसर पर डीएसपी चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि मुसाबनी में मोहर्रम का जुलूस देखकर लगता है कि यहां आपसी भाईचारा पूरी मजबूती के साथ कायम है। सभी जाति धर्म के लोग मिलकर इस त्यौहार को शांतिपूर्ण तरीके से मना रहे हैं। यह आज के समय में काबिले तारीफ है।मुसाबनी नंबर 3 बस स्टैंड पर मौलाना आजाद क्लब मुसाबनी नंबर 3 इमामबाड़ा में लाइसेंस धारी मोहम्मद सुल्तान, अध्यक्ष पप्पू अली, इरफान अली, मोहम्मद शकील, जाहिद अली, मोहम्मद आसिफ अली खानज़ मोहम्मद नसीम, मोहम्मद खुर्शीद, मोहम्मद सगीर, चीकू द्वारा उतरी बादिया की मुखिया रीना महाली, भाजपा नेता दिनेश साव, सांसद प्रतिनिधि सत्या तिवारी, भाजपा मंडल अध्यक्ष तुषारकान्त पातर ,मुसाबनी बाजार समिति के अध्यक्ष सरदार राजू सिंह, जलदार प्रधान सहित कई गणमान्य लोगों का स्वागत किया गया।
मोहर्रम जुलूस में विभिन्न अखाड़ों द्वारा एक से बढ़कर एक करतब दिखाए गए। मोहर्रम का जुलूस मुसाबनी नंबर 2 इमामबाड़ा होते हुए मुसाबनी नंबर 1 स्टेट बैंक मैदान पहुंचा। जहां मुसाबनी नंबर 1 कमेटी के अध्यक्ष अब्दुल रज्जाक उर्फ झुमरू खान, उपाध्यक्ष शेख साबिर, मोहम्मद रशीद, सचिव शेख फरीद, कोषाध्यक्ष सैयद अयूब, शेख यूनुस, मोहम्मद फरीद, सलाहकार सैयद सरवर, मोहम्मद रफीक, मोहम्मद बदरुद्दीन द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों एवं कमेटी के मोहर्रम कमेटी के पदाधिकारियों का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया एवं उनके बैठने की व्यवस्था की गई। यहां उन्हें जलपान कराया गया।
इस मैदान में भंडारबोरो, बदिया, माहुलबेड़ा, मोहम्मद नगर, मौलाना आजाद मोहर्रम कमेटी, मुसाबनी नंबर दो मोहर्रम कमेटी, इसराइली मोहल्ला कमेटी के सभी अखाड़े पहुंचे थे। इनके द्वारा लगभग एक घंटा यहां करतब दिखाए गए। यहां महिलाओं ने भी जम के खेल का आनंद लिया। मुसाबनी एक नंबर मोहर्रम कमेटी द्वारा मैदान में काफी व्यवस्थित ढंग से रौशनी की, बैठने की और बांस से बेरिकेटिंग कर व्यवस्था की गई थी। जिसकी प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रशंसा भी किया।
मोहर्रम त्योहार में विभिन्न स्थानों से निकाले जुलूस दिखाए हैरतअंगेज कारनामे।
सरायकेला/चांडिल
चांडिल: मुहर्रम के अवसर पर चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के विभिन्न स्थानों में जुलूस निकाला गया. इस दौरान करतबबाजों ने लाठी, भाला, तलवार आदि से हैरतअंगेज कारनामे दिखाए. चांडिल में आलीशान मुहर्रम कमेटी की ओर से मुहर्रम का जुलूस निकाला गया. चांडिल स्थित ईमामबाड़ा से निकलकर जुलूस चांडिल बस स्टैंड के बाद एनएच 32 के रास्ते बाजार का भ्रमण किया. जुलूस होटल राहुल पैलेस तक और डैम रोड का भ्रमण कर वापस ईमामबाड़ा पहुंचकर समाप्त हुआ।
इस दौरान करतबबाजों ने शानदार खेल का प्रदर्शन किया. जुलूस के दौरान एनएच 32 के किनारे लोगों के लिए शर्बत का स्टॉल भी लगाया गया था.फातिया के बाद हुआ लंगरखानी मुहर्रम के अवसर पर लोगों की अटूट आस्था का भरपूर समागम देखने को मिला. सुबह ईमामबाड़ा में फातिया के बाद लंगरखानी हुआ. इसके बाद अखाड़ा जुलूस प्रारंभ हुआ. मुहर्रम में पैगंबर मोहम्मद साकिब की शहादत पर कर्बला के शहीदों के बलिदान को याद किया जाता है. कर्बला के शहीदों ने इस्लाम धर्म को नया जीवन प्रदान किया था. आलीशान मुहर्रम कमेटी चांडिल की ओर से निकाले गए अखाड़ा जुलूस के दौरान सुरक्षा का पुख्ता प्रबंध किया गया था. जगह-जगह पुलिस बल तैनात किए गए थे. एनएच 32 पर वाहनों का आवागमन रोक दिया गया था. जुलूस के साथ भी चांडिल थाना की पुलिस के अलावा चौका थाना प्रभारी दल-बल के साथ मौजूद थे. यहां दंडाधिकारी के रूप में चांडिल के अंचल अधिकारी को प्रतिनियुक्त किया गया था, जो जुलूस के साथ चल रहे थें।
आदित्यपुर से निकले मोहर्रम का जुलूस हैरतअंगेज करतब दिखाए प्रशासन रहे अलर्ट।
सरायकेला/आदित्यपुर
आदित्यपुर:शनिवार को आदित्यपुर में मुहर्रम त्यौहार को लेकर शाम को मुस्लिम बस्ती में खुशी का माहौल रहा. जुलूस के दौरान प्रशासन और पुलिस की टीम मुस्तैद रहे. क्षेत्र में दंडाधिकारी के रूप में जहां गम्हरिया सीओ मनोज कुमार तैनात थे। वहीं आदित्यपुर थाना प्रभारी राजन कुमार भी खुद गश्त करते नजर आए. चौक चौराहों पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी. मुस्लिम बस्ती के दो अखाड़ों ने जुलूस निकला और करतब दिखाए. पुराना मुहर्रम अखाड़ा के लाइसेंसी नूर जहां अखाड़ों ने करतब दिखाने के बाद तजिया जुलूस निकाला।
वहीं शहीद मो इस्लाम अखाड़ा में भी करतब बाजों ने एक से बढ़कर करतब दिखाए. यहां अतिथि के रूप में समाजसेवी गणेश चौधरी पहुंचे, जिन्हें लाइसेंसी मंजूर आलम और शेख हसन ने सम्मानित किया. मंजूर आलम ने बताया कि इस्लाम धर्म में मुहर्रम का महीना काफी अहम और महत्वपूर्ण माना जाता है. इसके 10वें दिन यानी 29 जुलाई को रोज-ए-आशुरा मनाया जाता है.दरअसल इस दिन को इस्लामिक कल्चर में मातम का दिन भी कहा जाता है और इस दिन मुस्लिम समुदाय के लोग ताजिया निकालते हैं. मुहर्रम के महीने को गम का महीना कहा जाता है. अपने-अपने क्षेत्र में करतबबाजी के बाद लोग तजिया जुलूस निकाल कर आदित्यपुर थाना पहुंचे जहां बारी-बारी से दोनों अखाड़ों के खिलाड़ियों ने करतब दिखाए. थाना प्रभारी ने बेहतर करतब दिखाने वाले को पुरस्कृत किया जाएगा.आदित्यपुर थाना में सरायकेला बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अधिवक्ता ओम प्रकाश, वरिष्ठ नागरिक संघ के अध्यक्ष रविन्द्र नाथ चौबे समेत शांति समिति के अन्य सदस्य मौजूद रहे।