सरायकेला

पुलिस से जमीन मालिक तक जाता है हिस्सा, सुबह से रात तक होती है बालू की ढुलाई
सरायकेला : सरायकेला थाना क्षेत्र के टेंटोपोसी पंचायत के राजनाथडी स्थित खरकई नदी से अवैध बालू का कारोबार सुबह चार बजे से रात तक किया जा रहा है। यह बालू का अवैध कारोबार स्थानीय मुखिया चूड़ामुनी सोरेन के पति पूर्व मुखिया फोरमेन सोरेन, ग्राम प्रधान विजय महतो व भुनीराम महतो के देखरेख में किया जा रहा है। पुलिस से लेकर जमीन मालिक को मैनेज करने का काम पूर्व मुखिया व ग्राम प्रधान के द्वारा किया जा रहा है,ताकि बालू का अवैध कारोबार बिना किसी रोक टोक के जारी रहे। ट्रैक्टर मालिकों की पंचायती भी पूर्व मुखिया के घर में ही होती है। दर्जनों ट्रकों की प्रतिदिन बालू ढुलाई होने के कारण किनारे का बालू समाप्त हो गया है और अब बीच नदी से नाव पर रखकर बालू किनारे लाकर ट्रैक्टर में लोड किया जा रहा है ।

ऐसे होता है बालू का खेल
खरकाई नदी के बीच से बालू को उठाकर लाना पड़ रहा है। इसके लिए स्थानीय लोगों द्वारा एक टीना की सीट के नीचे दस प्लास्टिक के ड्रम बांध कर उसे नाव का रुप दे दिया गया है। जिसके बाद टीना की सीट के ऊपर बालू को रखकर चार लोग उसे खींचकर किनारे लाते हैं। फिर उस नाव रुपी टीना के ऊपर रखे बालू को मजदूर मिलकर ट्रैक्टर में भरते हैं और फिर ट्रै्क्टर उसे सप्लाई के लिए निकल जाता है। यह खेल दिन भर चलता रहता है।

प्रतिमाह पांच हजार रुपये सरायकेला पुलिस पर लेने का आरोप
एक ट्रैक्टर मालिक ने आरोप लगाते हुए बताया कि बालू का उठाव के लिए सरायकेला पुलिस को प्रति ट्रैक्टर पांच हजार रुपये प्रतिमाह देने पड़ते हैं। फिर गांव के ग्राम प्रधान, पूर्व मुखिया को भी इसमें हिस्सा देना पड़ता है, ताकि किसी तरह का कोई परेशानी होने पर वे लोग मैनेज करते हैं। नाव रुपी टीना के ऊपर नदी से बालू निकाल कर किनारे तक लाने व ट्रैक्टर में लोड करने के लिए मजदूरों को एक ट्रैक्टर के छह सौ रुपये दिए जाते हैं। फिर उस ट्रैक्टर को जिसकी जमीन के ऊपर से होकर गुजारा जाता है। उस जमीन के मालिक को दो से तीन सौ रुपये प्रति ट्रैक्टर दिए जाते हैं।
15-20 ट्रैक्टर प्रतिदिन करते हैं बालू की ढुलाई
राजनाथडी घाट से प्रतिदिन 15 से 20 ट्रैक्टर बालू की ढुलाई करते हैं। एक ट्रैक्टर बालू तीन से चार हजार रुपये ट्रैक्टर मालिक बेचते हैं। अगर राजनाथडी घाट में कोई बाहरी व्यक्ति पहुंच जाए तो सभी ट्रैक्टर मालिकों की इसकी सूचना तुरंत हो जाती है और सभी ट्रैक्टर मालिक ग्राम प्रधान व पूर्व मुखिया तक इसकी सूचना पहुंचा देते हैं। फिर उस अनजान व्यक्ति को पहले धमकाने की कोशिश करते हैं बात नहीं बनने पर फिर कहते हैं कि पीएम आवास के लिए बालू की आवश्यकता है जिसके कारण विभागीय इजाजत से बालू का अवैध कारोबार किया जा रहा है। हालांकि किसी तरह का कोई आदेश न ही ट्रैक्टर चालकों के पास है और न ही ग्राम प्रधानों के पास। यहां दिन भर अवैध बालू का कारोबार धड़ल्ले से जारी है।

मीडिया को जानकारी देते हुए सरायकेला थाना प्रभारी नीतीश कुमार ने बताया किपुलिस पर रुपये लेने का आरोप गलत है। बीच बीच में छापामारी की जाती है। छापामारी में पकड़ाने वाले आरोपितों पर कार्रवाई की जाती है।

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