सरायकेला/ईचागढ़
इचागढ़ में सैकड़ों ग्रामीणों ने खोला मोर्चा, आदित्यपुर निवासी विवेक झा उर्फ छोटू झा पर लगाया सिंडिकेट चलाने का आरोप
स्वर्णरेखा नदी से हो रहे कथित अवैध बालू उत्खनन के खिलाफ इचागढ़ थाना क्षेत्र के ग्रामीणों का सब्र टूट गया है। इचागढ़, सोनो और आसपास के दर्जनों गांवों के सैकड़ों ग्रामीणों ने अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है।

ग्रामीणों ने प्रेस वार्ता और बैठक कर आरोप लगाया है कि आदित्यपुर निवासी विवेक झा उर्फ छोटू झा के नेतृत्व में क्षेत्र में बालू का एक संगठित सिंडिकेट सक्रिय है। ग्रामीणों का कहना है कि इस पूरे खेल में उन्हें धमकाया भी जा रहा है।
एनजीटी प्रतिबंध के बावजूद रात भर चल रहा है खेल
ग्रामीणों का आरोप है कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के प्रतिबंध और बरसात के मौसम में खनन पर रोक के बावजूद सोनो क्षेत्र के नदी घाट से रोजाना शाम 6 बजे के बाद से सुबह तक सैकड़ों हाईवा वाहनों से बालू का अवैध उठाव किया जा रहा है।
उनके अनुसार, नदी से निकाला गया बालू पहले कथित तौर पर लाइसेंसी स्टॉक यार्ड में ले जाया जाता है और फिर वहां से उसे वैध बताकर आदित्यपुर-जमशेदपुर क्षेत्र में सप्लाई किया जाता है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि यदि यह सब खुलेआम हो रहा है, तो जिला खनन विभाग और जिला प्रशासन की नजर क्यों नहीं पड़ रही है।
ग्रामीणों का ऐलान – अब एक ट्रैक्टर बालू भी नहीं उठने देंगे
ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि वे अपने गांव की सीमा में किसी भी कीमत पर नदी से बालू का अवैध उठाव नहीं होने देंगे।
उनका आरोप है कि इस संबंध में कई बार इचागढ़ थाना और खनन विभाग को लिखित और मौखिक शिकायत दी गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि विरोध करने पर बालू कारोबार से जुड़े कुछ लोगों द्वारा उन्हें धमकाया जाता है और ग्रामीणों के अनुसार, यूट्यूबर अभिषेक भारती पर आरोप है कि वे बालू कारोबारियों के पक्ष में खबरें चलाकर ग्रामीणों पर दबाव बनाने का प्रयास करते हैं।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि कथित बालू माफिया द्वारा खुलेआम कहा जा रहा है कि उनका सब कुछ मैनेज है और उन्हें पुलिस-प्रशासन का कोई डर नहीं है।
ओवरलोड हाईवा से सड़कें जर्जर, पुल-पुलिया खतरे में
अवैध परिवहन से ग्रामीणों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि ओवरलोड बालू लदे सैकड़ों हाईवा के चलने से इचागढ़-सोनो की मुख्य सड़कें पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं। जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों ने कहा, एक तरफ सरकार पर्यावरण बचाने की बात करती है, दूसरी तरफ स्वर्णरेखा नदी की धारा, उसके प्राकृतिक स्वरूप और पुल-पुलिया को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
अब गांव-गांव में बनेगा ‘पर्यावरण रक्षा दल’
प्रशासन की चुप्पी से नाराज ग्रामीणों ने अब खुद मोर्चा संभालने का फैसला किया है। उन्होंने ऐलान किया है कि यदि 48 घंटे के भीतर प्रशासन ने कथित अवैध खनन पर रोक लगाकर जांच शुरू नहीं की, तो प्रत्येक गांव में ‘पर्यावरण रक्षा दल’ का गठन किया जाएगा।
यह दल रात में नदी घाटों पर पहरा देगा और अवैध खनन की सूचना प्रशासन को देगा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि वे चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेंगे, जिसमें चक्का जाम से लेकर जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन तक शामिल होगा।
मीडिया को भी बनाया जा रहा है निशाना?
ग्रामीणों ने बताया कि इस अवैध कारोबार को लेकर पहले भी कई मीडिया संस्थानों में खबरें प्रकाशित हो चुकी हैं। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। उल्टा, ग्रामीणों का आरोप है कि खबर लिखने वाले कुछ पत्रकारों को कानूनी नोटिस भेजकर डराने-धमकाने का प्रयास किया गया।
अब ग्रामीणों का सीधा सवाल है – आखिर यह पूरा अवैध खेल किसके संरक्षण में चल रहा है? यदि रातभर हाईवा चलते हैं, तो चेकनाका, थाना और खनन विभाग को भनक क्यों नहीं लगती?
ग्रामीणों ने उपायुक्त, सरायकेला-खरसावां और जिला खनन पदाधिकारी से नदी घाटों की तत्काल जांच, सीसीटीवी निगरानी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
सूत्र यह बताते हैं कि जब भी कोई पत्रकार अवैध बालू खनन के खिलाफ समाचार प्रकाशित करता है तो यूट्यूबर अभिषेक भारती उक्त पत्रकार के खिलाफ ही मनघड़ंत कहानी बनाकर समाचार के तौर पर लोगों के बीच प्रस्तुत कर समाज को दीगभ्रमित करने का प्रयास करता है।
जनता यह जानना चाहती है कि कंही यूट्यूबर अभिषेक भारती और जिला खनन विभाग की साठ घाट से यह अवैध बालू का खनन तो नही हो रहा ?
शेष अगले अंक में
अस्वीकरण
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