मुसाबनी: बच्चों के बीच रहकर अपने आप को खुश रखना कोई बेथल होम के निदेशक से सीखें। छोटी-छोटी चीजों से बच्चों को खुसी देना, उनके साथ खेलना, उनके साथ मस्ती करना, उन्हें प्यार से पढ़ाना, दुलार करना अनाथ बच्चों के लिए पिता बन जाना बेथल होम बेनाशोल के निदेशक लिविंगस्टन जोशेफ़ के दिनचर्या में शामिल है।

आपको बताते चलें कि बेथल होम में लगभग डेढ़ सौ से अधिक बच्चे रहकर नि:शुल्क पढ़ाई करते हैं। सभी बच्चों को तमाम तरह की सुविधाएं यहां उपलब्ध है। शनिवार को होम में लगे आम के पेड़ से पके व ताजे आम तोड़कर सैकड़ों बच्चों के बीच बांटा गया।


पके आम लेने के लिए बच्चों में होड़ मच गई। आम तोड़ने से लेकर वितरण किए जाने तक में बच्चों की भूमिका देखने को मिली ।बच्चे पके आम लेने के लिए कतार में देखे गए। होम में पढ़ने वाले सभी बच्चों को बराबर हिस्से में आम बांटा गया। फलों का राजा आम पाकर बच्चे काफी खुश नजर आए।












