दुर्गा पूजा त्यौहार के मद्देनजर गम्हरिया-आदित्यपुर क्षेत्र में शराब की अड्डेबाजी के विरुद्ध उत्पाद विभाग एवं पुलिस प्रशासन का संयुक्त अभियान।
सरायकेला-खरसावां
आगामी दुर्गा पूजा के मद्देनजर उपायुक्त, सरायकेला-खरसावां के निर्देशानुसार संध्या उत्पाद विभाग एवं गम्हरिया थाना की संयुक्त टीम द्वारा छोटा गम्हरिया एवं ऊषा मार्टिन क्षेत्र में शराब की अड्डेबाजी के विरुद्ध अभियान चलाया गया।
अभियान के दौरान सड़क किनारे स्थित होटल एवं खाद्य स्टॉल संचालकों को अनावश्यक जमावड़ा को बढ़ावा नहीं देने तथा प्रतिष्ठानों के आसपास शराब का सेवन एवं अड्डेबाजी नहीं होने देने का निर्देश दिया गया। सार्वजनिक स्थलों एवं मैदानों में शराब का सेवन कर रहे लोगों को वहां से हटाया गया। इसके अतिरिक्त आदित्यपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत केडिया लाल बिल्डिंग एवं बिको मोड़ क्षेत्र में भी गश्ती कर स्थिति का जायजा लिया गया।
शराब की अड्डेबाजी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश, नियमित रूप से चलेगा अभियान
उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि सार्वजनिक स्थलों, होटल एवं खाद्य प्रतिष्ठानों के आसपास शराब की अड्डेबाजी को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अड्डेबाजी में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा ऐसे स्थलों पर नियमित निगरानी एवं अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है।
उपायुक्त ने आमजनों से दुर्गा पूजा के दौरान शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने तथा विधि-व्यवस्था के संधारण में जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि शराब की अड्डेबाजी एवं अन्य असामाजिक गतिविधियों की सूचना तत्काल संबंधित प्रशासनिक अथवा पुलिस पदाधिकारियों को दें।
वीर बिरसा मुंडा स्टेडियम बचाओ उलगुलान सफल, शिबू सोरेन की प्रतिमा का निर्णय वापस; 29 सितंबर को सरायकेला में होगी समीक्षा बैठक।
सरायकेला-खरसावां
‘वीर बिरसा मुंडा स्टेडियम बचाओ उलगुलान’ को आदिवासी समाज के एकजुट प्रयास से सफलता मिली है। आंदोलन के दबाव में प्रशासन ने स्टेडियम परिसर में दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रतिमा स्थापित करने का निर्णय वापस ले लिया है, जिसका आंदोलनकारियों ने स्वागत किया है।
इस सफलता की समीक्षा और आगे की रणनीति तय करने के लिए मंगलवार, 29 सितंबर 2026 को सुबह 10:00 बजे, बिरसा मुंडा स्टेडियम, सरायकेला में समीक्षा बैठक बुलाई गई है। बैठक में आंदोलन की समीक्षा के साथ-साथ स्टेडियम से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा होगी।
आयोजकों ने आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाने वाले सभी आंदोलनकारियों की उपस्थिति अनिवार्य बताई है। साथ ही जो साथी अब तक आंदोलन से नहीं जुड़ पाए हैं, उनसे भी बैठक में शामिल होने की अपील की गई है।
बैठक में अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए 11 सदस्यीय समन्वय टीम का गठन किया गया है। यह टीम विभिन्न संगठनों, समाज के पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, मीडिया और राजनीतिक दलों से समन्वय कर लोगों को बैठक से जोड़ेगी।
समन्वय की जिम्मेदारी इस प्रकार सौंपी गई है: • सावित्री कुदादा – AHSMS केंद्रीय अध्यक्ष कृष्णा बोदरा के सभी पदाधिकारियों से समन्वय
• विष्णु बानरा, राष्ट्रीय अध्यक्ष कोल सेना – AHSMS केंद्रीय अध्यक्ष मुकेश बिरुआ एवं AHSYM के पदाधिकारियों से समन्वय
• दिवाकर सरदार – सीनी-उपरदुगनी क्षेत्र के आदिवासी भूमिज/मुंडा समाज से समन्वय
• रहिन्द्र सरदार एवं श्री जगदीश सरदार – चांडिल अनुमंडल/पूर्वी सिंहभूम क्षेत्र से समन्वय
• महेश मिंज – सरायकेला-खरसावां/पश्चिमी सिंहभूम जिला से समन्वय
• साधु बानरा, DESHAULI फाउंडेशन – खूंटी/रांची जिला से समन्वय
• कोल झारखंड बोदरा, अध्यक्ष मानकी मुंडा – कोल्हान के डाकुवा/मुंडा/मानकी से समन्वय
• गणेश गगराई, अध्यक्ष आदिवासी हो समाज महासभा – कोल्हान के मुखिया/पंचायत समिति/जिला परिषद सदस्यों से समन्वय
• वीर सिंह सीजुई – कोल्हान के प्रिंट मीडिया/यूट्यूबर/ब्लॉगर्स से समन्वय
• विष्णु सरदार – सभी राजनीतिक दलों से समन्वय
• सावन सोय, अध्यक्ष ऑल इंडिया हो लैंग्वेज एक्शन कमेटी – 10 सदस्यीय टीम से समन्वय कर 28 सितंबर तक उपस्थिति सूची और मुख्य एजेंडा तैयार करेंगे। एजेंडा मानसिंह मुंडा, सुखराम सोय और रामचंद्र मुंडा के साथ मिलकर तैयार किया जाएगा।
बैंक हड़ताल पर ब्रेक, यूनियनों ने विरोध प्रदर्शन वापस लिया।
जमशेदपुर
बैंक कर्मियों और अधिकारियों द्वारा घोषित हड़ताल अभी नहीं होगी। इंडियन बैंक्स एसोसिएशन और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के प्रतिनिधियों के बीच रविवार को हुई वार्ता में कई अहम मुद्दों पर सहमति बन गई, जिसके बाद हड़ताल के साथ-साथ विरोध से जुड़े सभी कार्यक्रमों को रोकने का फैसला लिया गया।
यूएफबीयू की जानकारी के मुताबिक, बैठक में पांच दिन के कार्य सप्ताह की मांग पर गंभीरता से विचार करने हेतु आईबीए और यूएफबीयू की एक संयुक्त उच्चस्तरीय कमेटी तुरंत बनाने पर सहमति हुई है। यह कमेटी सभी संबंधित पक्षों से बातचीत कर इसका हल निकालने की कोशिश करेगी।
वहीं स्केल-4 और उससे वरिष्ठ अधिकारियों के लिए लागू परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम में बदलाव को लेकर आईबीए सरकार के सामने सिफारिश रखेगा। इसके अलावा 8 मार्च 2024 के समझौते में अटके हुए विषयों को जल्द निपटाने पर भी दोनों पक्षों में सहमति बनी।
वार्ता सफल रहने के बाद यूएफबीयू ने प्रस्तावित हड़ताल और आंदोलन संबंधी कार्यक्रमों को फिलहाल टाल दिया है। इस संबंध में 27 सितंबर 2026 को परिपत्र जारी किया गया। इससे बैंक स्टाफ और अधिकारियों में आंदोलन को लेकर बनी असमंजस की स्थिति दूर होने की संभावना है।
90% लाने वाला जमशेदपुर का होनहार छात्र 9वीं मंजिल से कैसे गिरा? शरीर पर चोटें कहानी से अलग, पिता ने लगाई CBI जांच की गुहार।
जमशेदपुर
जमशेदपुर के डीबीएमएस स्कूल से लगभग 90% अंक लाकर मणिपाल इंस्टीट्यूट में पढ़ रहे लक्ष्य मिश्रा की 6-7 अप्रैल की रात संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। कॉलेज प्रशासन ने परिजनों को सूचना दी कि छात्र 9वें फ्लोर से गिर गया।
पिता का कहना है कि बेटे के शरीर पर लगी चोटें 9वें फ्लोर से गिरने से मेल नहीं खातीं। घटनास्थल पर खून का कोई निशान नहीं था। आरोप है कि फॉरेंसिक टीम के आने से पहले ही हॉस्टल के फ्लोर को धो दिया गया और शव को चादर-तकिए में लपेट दिया गया।
सबसे बड़ा सवाल – हादसे के बाद बच्चे को 20 किमी दूर सरकारी अस्पताल ले जाने के बजाय कॉलेज के ही निजी अस्पताल में क्यों रखा गया? और हॉस्टल का अटेंडेंस रजिस्टर 5.25 बता रहा है जबकि हॉस्पिटल का रजिस्टर 30 दिन का अटेंडेंस दिखा रहा है।
परिजनों ने कर्नाटक पुलिस से निष्पक्ष जांच और बिसरा को सुरक्षित रख कर दिल्ली AIIMS के डॉक्टरों से दोबारा पोस्टमार्टम जांच की मांग की है। उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से भी गुहार लगाई है।
साथ ही इस पुरे मामले पर पिता ने CBI जांच की गुहार लगाई है।
ईचागढ़ के बिस्टाटांड गांव में गरीबों के हक पर डाका: आवास योजना से वंचित हैं धनंजय और भजोहरि, जर्जर छतों के नीचे और हाथियों के खौफ के साए में जीने को मजबूर हैं परिवार।
सरायकेला/ईचागढ़
(मालखान महतो )
प्रखंड अंतर्गत बिस्टाटांड गांव से प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार की एक बेहद दर्दनाक तस्वीर सामने आई है। यहाँ सरकार की महत्वाकांक्षी ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ (PMAY) गरीबों के लिए महज़ एक छलावा बनकर रह गई है। कागजों पर विकास के बड़े-बड़े दावे करने वाले प्रशासन की नाक के नीचे बिस्टाटांड गांव के असली जरूरतमंद आज भी नारकीय जीवन जीने को विवश हैं। गांव के अत्यंत गरीब और लाचार ग्रामीण धनंजय महतो और भजोहरि महतो का जीवन आज गंभीर संकट में है। दोनों परिवारों के कच्चे मकान पूरी तरह से जर्जर और ढलने की कगार पर पहुंच चुके हैं। स्थिति इतनी दयनीय है कि घरों की छतें पूरी तरह टूट चुकी हैं, जिसके कारण उन्हें बारिश और धूप से बचने के लिए बांस और प्लास्टिक शीट (तिरपाल) का सहारा लेना पड़ रहा है।
सबसे बड़ी विडंबना यह है कि यह पूरा इलाका हाथी प्रभावित क्षेत्र के रूप में जाना जाता है, जहाँ अक्सर जंगली हाथियों का आतंक बना रहता है। ऐसे संवेदनशील और खतरनाक इलाके में जर्जर और कच्चे मकानों में रहना इन गरीब परिवारों के लिए मौत को दावत देने जैसा है। सिर पर पक्की छत न होने और हाथियों के हमले के लगातार बने रहने वाले खौफ के कारण इन परिवारों को हर पल अनहोनी का डर सताता रहता है और उनका हर दिन जान हथेली पर लेकर गुजर रहा है।
स्थानीय ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक गरीबों तक पहुंचने के बजाय, बिचौलियों और स्थानीय स्तर पर प्रभाव रखने वाले अपात्र लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। जरूरतमंदों के हक को ताक पर रखकर उन लोगों को आवास आवंटित किए जा रहे हैं जो आर्थिक रूप से पहले से ही सक्षम हैं, जबकि असली हकदार दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं।
इस गंभीर मामले को लेकर बिस्टाटांड गांव के लोगों ने कई बार स्थानीय प्रखंड कार्यालय के चक्कर काटे और अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन प्रशासनिक सुस्ती के कारण अब तक कोई सुध नहीं ली गई है। अधिकारियों की इस गहरी उदासीनता से ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
अब ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च-स्तरीय जांच कराई जाए, ताकि सच सामने आ सके। इसके साथ ही, हाथी प्रभावित इस संवेदनशील क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए पीड़ित धनंजय महतो और भजोहरि महतो को फौरन प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सुरक्षित पक्का मकान मुहैया कराया जाए, और इस योजना में गड़बड़ी करने वाले तथा अपात्रों को लाभ दिलाने वाले भ्रष्ट तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
ईश्वर चंद्र विद्यासागर : शिक्षा और समाज सुधार के महान पुरोधा।
कोलकाता
भारत के सामाजिक और शैक्षिक इतिहास में ईश्वर चंद्र विद्यासागर का नाम उन महान व्यक्तित्वों में लिया जाता है, जिन्होंने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बनाया और रूढ़ियों के विरुद्ध तर्क, मानवीयता तथा सुधार का रास्ता अपनाया। उनकी जयंती पर देश उन्हें श्रद्धा और कृतज्ञता के साथ याद करता है। वे केवल महान शिक्षाशास्त्री ही नहीं, बल्कि समाज सुधारक, लेखक, संस्कृत विद्वान और मानवीय मूल्यों के प्रबल समर्थक थे।
ईश्वर चंद्र विद्यासागर का जन्म 26 सितंबर 1820 को पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर जिले के वीरसिंह गांव में हुआ था। उनका मूल नाम ईश्वर चंद्र बंद्योपाध्याय था। साधारण आर्थिक परिस्थितियों में पले-बढ़े ईश्वर चंद्र ने अपनी प्रतिभा, परिश्रम और अध्ययन के बल पर शिक्षा के क्षेत्र में असाधारण प्रतिष्ठा प्राप्त की। संस्कृत के गहन ज्ञान के कारण उन्हें ‘विद्यासागर’ की उपाधि मिली, जिसका अर्थ है—‘विद्या का सागर’।
उनका जीवन इस बात का उदाहरण है कि कठिन परिस्थितियां प्रतिभा और संकल्प के मार्ग में स्थायी बाधा नहीं बन सकतीं। उन्होंने शिक्षा को केवल व्यक्तिगत उन्नति का साधन न मानकर समाज को जागरूक और सशक्त बनाने का माध्यम माना। विशेष रूप से बालिकाओं की शिक्षा के प्रति उनका दृष्टिकोण अपने समय से काफी आगे था। उन्होंने महिला शिक्षा को सामाजिक विकास के लिए आवश्यक माना और बालिकाओं के लिए विद्यालयों की स्थापना तथा उनके विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
ईश्वर चंद्र विद्यासागर का सबसे महत्वपूर्ण योगदान सामाजिक सुधार के क्षेत्र में माना जाता है। उस समय हिंदू समाज में विधवा महिलाओं की स्थिति अत्यंत कठिन थी। बाल विवाह और कम उम्र में विधवापन जैसी समस्याओं ने बड़ी संख्या में महिलाओं के जीवन को प्रभावित किया था। विद्यासागर ने विधवा पुनर्विवाह के समर्थन में मजबूत सामाजिक और वैचारिक अभियान चलाया। उन्होंने शास्त्रों के अध्ययन और तर्क के आधार पर यह स्पष्ट करने का प्रयास किया कि विधवा पुनर्विवाह का विरोध धार्मिक रूप से अनिवार्य नहीं है।उनके प्रयासों का प्रभाव व्यापक हुआ और अंततः हिंदू विधवा पुनर्विवाह अधिनियम, 1856 के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ। यह कानून भारतीय सामाजिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है। हालांकि कानून बन जाना सामाजिक सोच बदलने के लिए पर्याप्त नहीं था, फिर भी विद्यासागर ने अपने प्रयासों से सुधार की दिशा में एक मजबूत आधार तैयार किया।
बाल विवाह और महिलाओं की शिक्षा के प्रश्न पर भी उन्होंने समाज को सोचने के लिए प्रेरित किया। उनका मानना था कि किसी समाज की प्रगति का आकलन इस बात से किया जा सकता है कि वहां महिलाओं को कितने अवसर और सम्मान प्राप्त हैं। इसी विचार के अनुरूप उन्होंने शिक्षा के प्रसार को सामाजिक सुधार से जोड़ा।शिक्षा के क्षेत्र में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा। संस्कृत कॉलेज से जुड़े रहते हुए उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में कई सुधारों की आवश्यकता पर जोर दिया। वे ऐसी शिक्षा के पक्षधर थे, जो केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रहे, बल्कि विद्यार्थियों में तर्क, भाषा-बोध और व्यावहारिक समझ विकसित करे। बंगाली भाषा और साहित्य के विकास में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनकी प्रसिद्ध पुस्तक ‘बर्ण परिचय’ ने बंगाली भाषा सीखने की प्रक्रिया को सरल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और लंबे समय तक बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा का आधार बनी रही।विद्यासागर की सबसे बड़ी विशेषताओं में उनकी सरलता और मानवीय संवेदना शामिल थी। वे जरूरतमंदों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहते थे। गरीब विद्यार्थियों की मदद, शिक्षा के लिए सहयोग और वंचित वर्गों के प्रति सहानुभूति उनके व्यक्तित्व का हिस्सा थी। उनके लिए समाज सुधार केवल भाषण या लेखन का विषय नहीं था, बल्कि जीवन में उतारने वाला संकल्प था।
ईश्वर चंद्र विद्यासागर का व्यक्तित्व भारतीय पुनर्जागरण की उस धारा का प्रतिनिधित्व करता है, जिसमें शिक्षा, तर्क और सामाजिक चेतना के माध्यम से समाज में परिवर्तन लाने का प्रयास किया गया। उन्होंने परंपराओं का अंधानुकरण करने के बजाय उनके सामाजिक प्रभाव पर विचार करने की आवश्यकता बताई। जहां परंपरा मानव कल्याण में सहायक थी, वहां उसका सम्मान किया और जहां सामाजिक कुरीतियां लोगों के जीवन को प्रभावित करती थीं, वहां सुधार की आवाज उठाई।
उनका जीवन आज भी शिक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी के क्षेत्र में प्रेरणा देता है। आधुनिक भारत में जब शिक्षा को समान अवसर, महिला सशक्तीकरण और सामाजिक न्याय से जोड़ा जा रहा है, तब विद्यासागर के विचार और कार्य विशेष रूप से प्रासंगिक दिखाई देते हैं। उन्होंने यह संदेश दिया कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि व्यक्ति और समाज में विवेक, संवेदना और जिम्मेदारी का विकास करना भी है।
ईश्वर चंद्र विद्यासागर ने अपने जीवन से यह सिद्ध किया कि एक व्यक्ति दृढ़ इच्छाशक्ति, ज्ञान और मानवीय संवेदना के बल पर सामाजिक परिवर्तन की मजबूत नींव रख सकता है। उनका योगदान किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा। शिक्षा, भाषा, महिला अधिकार, सामाजिक सुधार और मानवीय सेवा—हर क्षेत्र में उन्होंने अपने समय पर गहरी छाप छोड़ी। आज उनकी जयंती पर उन्हें याद करना केवल एक महान व्यक्तित्व को श्रद्धांजलि देना नहीं, बल्कि उन मूल्यों को स्मरण करना भी है जिनके लिए उन्होंने अपना जीवन समर्पित किया।
शिक्षा का विस्तार, महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की रक्षा, सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जागरूकता तथा जरूरतमंदों के प्रति संवेदना—ये सभी उनके जीवन से मिलने वाली महत्वपूर्ण सीख हैं। ईश्वर चंद्र विद्यासागर भारतीय समाज सुधार आंदोलन के ऐसे पुरोधा थे, जिनकी विद्या के साथ मानवता भी उतनी ही विशाल थी। उनकी स्मृति आने वाली पीढ़ियों को यह प्रेरणा देती रहेगी कि ज्ञान तभी सार्थक है, जब वह समाज के कल्याण और मानव जीवन को बेहतर बनाने में योगदान दे।
ईश्वर चंद्र विद्यासागर की जयंती पर उन्हें शत्-शत् नमन।
ईचागढ़ में पशुपालन विभाग की विशेष पहल: टीकर पंचायत में आयोजित हुआ आवारा कुत्तों का टीकाकरण सह जागरूकता शिविर।
सरायकेला/ईचागढ़
ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले टीकर पंचायत सचिवालय परिसर में शनिवार को पशुपालन विभाग की ओर से एक महत्वपूर्ण और जनहितकारी कदम उठाते हुए आवारा कुत्तों का एंटी रेबीज टीकाकरण सह जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को रेबीज जैसी घातक बीमारी के प्रति सतर्क करना और आवारा श्वानों का टीकाकरण कर क्षेत्र को सुरक्षित बनाना था।
शिविर के दौरान पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को विस्तार से बताया कि आवारा कुत्तों के काटने से किस प्रकार रेबीज का संक्रमण फैलता है और इससे बचाव के लिए क्या उपाय करने चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रखंड पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. हरेलाल महतो ने कहा कि इन दिनों आवारा कुत्तों द्वारा इंसानों और पालतू पशुओं को काटने के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जो कि एक चिंता का विषय बनता जा रहा है।
डॉ. महतो ने ग्रामीणों को आगाह करते हुए स्पष्ट किया कि यदि किसी व्यक्ति को आवारा कुत्ता काट ले, तो लापरवाही बिल्कुल न बरतें और समय पर एंटी रेबीज का टीका अवश्य लगवाएं। समय पर टीका न लगाने से यह संक्रमण जानलेवा साबित हो सकता है। इसी खतरे को ध्यान में रखते हुए पशुपालन विभाग की ओर से विशेष अभियान चलाकर आवारा कुत्तों को एंटी रेबीज का टीका लगाया जा रहा है। उन्होंने उपस्थित सभी लोगों से इस अभियान को पूरी तरह सफल बनाने और प्रशासन का सहयोग करने की जोरदार अपील की, ताकि समाज को रेबीज मुक्त बनाया जा सके।
इस विशेष जागरूकता एवं टीकाकरण शिविर में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की भी सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम के दौरान प्रखंड प्रमुख गुरूपद मार्डी, चलंत पशु चिकित्सक डॉ. राहुल कुमार, टीकर पंचायत की मुखिया गंगामनी देवी, जेएसएलपीएस (JSLPS) के बीपीएम, रोजगार सेवक सहित बड़ी संख्या में आसपास के ग्रामीण मौजूद रहे, जिन्होंने इस पहल की सराहना की।
झारखंड की राजनीति में बड़ा उलटफेर: आजसू पार्टी के केंद्रीय महासचिव सह ईचागढ़ के पूर्व प्रत्याशी हरेलाल महतो ने दिया इस्तीफा।
सरायकेला/ईचागढ़
ईचागढ़ झारखंड की सियासत से इस वक्त की एक बड़ी खबर सामने आ रही है। आजसू पार्टी के केंद्रीय महासचिव और ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र से वर्ष 2019 तथा 2024 के विधानसभा चुनाव में पार्टी के आधिकारिक प्रत्याशी रहे हरेलाल महतो ने आजसू पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश महतो को भेज दिया है। उनके इस अचानक इस्तीफे के बाद से ही राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है और कयासों का दौर शुरू हो गया है।
निजी कारणों और वर्तमान परिस्थितियों का दिया हवाला अपने त्यागपत्र में हरेलाल महतो ने पार्टी छोड़ने के पीछे मुख्य रूप से वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों और कुछ निजी कारणों का हवाला दिया है। हालांकि, उन्होंने अपने पत्र में खुलकर विस्तृत राजनीतिक कारणों का खुलासा नहीं किया है, लेकिन उनके इस कदम को पार्टी के भीतर एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है।
मजबूत सांगठनिक पकड़ और लंबा राजनीतिक सफर हरेलाल महतो का आजसू पार्टी के संगठन में एक मजबूत और प्रभावशाली वजूद रहा है। वह वर्ष 2019 और हाल ही में संपन्न हुए 2024 के झारखंड विधानसभा चुनाव में आजसू पार्टी के टिकट पर ईचागढ़ विधानसभा सीट से प्रमुख दावेदार और प्रत्याशी रहे थे। ईचागढ़ के अलावा भी पार्टी संगठन ने उन्हें कई राज्यों और महत्वपूर्ण चुनावों में बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी थीं: उपचुनावों में जिम्मेदारी: वर्ष 2019 के बाद झारखंड के विभिन्न महत्वपूर्ण विधानसभा उपचुनावों—जैसे डुमरी, रामगढ़ और घाटशिला—में उन्हें पार्टी की ओर से प्रभारी एवं सह-प्रभारी जैसी अहम जिम्मेदारी दी गई थी।
अंतर-राज्यीय चुनाव प्रबंधन: झारखंड के बाहर भी उन्होंने पार्टी का दायित्व संभाला। पश्चिम बंगाल के बाघमुंडी विधानसभा क्षेत्र में वे पार्टी के चुनाव प्रभारी रहे, वहीं ओड़िशा के पंचायत चुनावों में भी उन्होंने अपनी सांगठनिक कुशलता का लोहा मनवाया था।
अब आगे क्या? राजनीतिक भविष्य पर टिकी निगाहें पार्टी के केंद्रीय महासचिव जैसे सर्वोच्च पदों में शुमार शख्सियत का इस्तीफा देना आजसू पार्टी के लिए एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम है। इस इस्तीफे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि हरेलाल महतो का अगला राजनीतिक कदम क्या होगा।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वे किसी अन्य राजनीतिक दल का दामन थामेंगे, अपनी कोई नई राजनीतिक रणनीति बनाएंगे या फिर कुछ समय के लिए सक्रिय राजनीति से दूरी बना लेंगे। आने वाले दिनों में उनके अगले कदम पर पूरे झारखंड, विशेषकर ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र के राजनीतिक समीकरणों और हर राजनीतिक दल की पैनी नजर बनी रहेगी।
पीआईबी रांची द्वारा ‘वार्तालाप’ मीडिया कार्यशाला का भव्य आयोजन, पत्रकारों को किया गया सम्मानित।
सरायकेला/आदित्यपुर
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय (PIB), रांची द्वारा होटल द क्रूज, आदित्यपुर में ‘वार्तालाप’ मीडिया कार्यशाला-2026 का सफल आयोजन किया गया।
कार्यशाला का मुख्य विषय पोषण माह, स्वच्छता ही सेवा और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 रहा।
कार्यक्रम में PIB रांची के अधिकारियों के साथ-साथ सरायकेला-खरसावां जिले के वरिष्ठ पत्रकार बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। अधिकारियों ने सरकारी योजनाओं में मीडिया की भूमिका और अफवाहों से बचाव पर विस्तार से चर्चा की।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागी पत्रकारों को प्रतिभागिता प्रमाण पत्र और PIB का विशेष स्मृति फोल्डर (वार्तालाप-2026) प्रदान किया गया। सामूहिक फोटो सत्र के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
PIB के अधिकारियों ने सभी पत्रकारों का आभार व्यक्त किया।
BREAKING NEWS: आशियाना मोड़ आदित्यपुर में 25 गरीब दुकानदारों पर बुलडोजर का खतरा, त्योहार से पहले 150 लोगों की रोजी-रोटी पर संकट, हाई कोर्ट में गुहार के बाद भी नोटिस।
सरायकेला/आदित्यपुर
सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया अंचल अंतर्गत आशियाना मोड़, आदित्यपुर में पिछले 20-25 वर्षों से अपनी छोटी-छोटी दुकानों से परिवार चला रहे 25 गरीब दुकानदारों को नगर निगम / प्राधिकरण के C.O. द्वारा कल दिनांक 26.09.2026 को सुबह 7 बजे दुकान तोड़ने का नोटिस दिया गया है।
पीड़ित दुकानदारों का कहना है कि वे झारखंड सरकार की बिहार नाबाद जमीन पर चाय, पान, नाश्ता, फल-सब्जी, जनरल स्टोर चलाकर अपना जीवन यापन कर रहे हैं। उनके पास बिजली बिल, होल्डिंग टैक्स, आधार, वोटर कार्ड जैसे 20 साल पुराने प्रमाण मौजूद हैं।
मामला रांची हाई कोर्ट में लंबित- दुकानदारों ने अपनी रोजी-रोटी बचाने के लिए झारखंड हाई कोर्ट, रांची में याचिका दायर की है, जो अभी विचाराधीन है। इसके बावजूद बिना कोर्ट के अंतिम आदेश के और बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के तोड़ने की तैयारी की जा रही है, जो Street Vendors Act 2014 और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का सीधा उल्लंघन है।
आरोप – बिल्डर को लाभ पहुंचाने की साजिश- स्थानीय लोगों का आरोप है कि उक्त कीमती जमीन को किसी निजी बिल्डर को देने के लिए आनन-फानन में गरीबों को उजाड़ा जा रहा है।
जनहित में मांग- 1. जब तक हाई कोर्ट का फैसला नहीं आता, तब तक तोड़ने की कार्रवाई पर तुरंत रोक लगे। 2. “पहले बसाओ फिर उजाड़ो” की नीति के तहत 25 परिवारों को वैकल्पिक स्थान / वेंडिंग जोन दिया जाए। 3. त्योहार (दुर्गा पूजा, दिवाली, छठ) के समय मानवीय आधार पर राहत दी जाए। 4. उपायुक्त, सरायकेला-खरसावां मामले का संज्ञान लेकर समय प्रदान करें।
दुकानदारों ने उपायुक्त और अंचल अधिकारी, गम्हरिया को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।
निवेदक- समस्त 25 पीड़ित दुकानदार, आशियाना मोड़, आदित्यपुर संपर्क – भरत सिंह, विश्व हिंदू रक्षा परिषद, राष्ट्रीय सह प्रभारी ( संपूर्ण भारत )
मारुति सुजुकी विक्टोरिस में वाइपर और ब्रेक पैडल में शिकायत – ग्राहक परेशान, बारिश में हादसे की आशंका।
सरायकेला आदित्यपुर
मारुति सुजुकी की नई लॉन्च हुई विक्टोरिस गाड़ी को लेकर ग्राहकों से लगातार शिकायतें मिल रही हैं।
ग्राहकों का आरोप है कि: 1. वाइपर स्प्रे फेल- वाइपर का पानी सही से फ्रंट ग्लास पर नहीं आ पाता है, जिससे वाइपर सही से नहीं चल पाता और फ्रंट ग्लास की सफाई नहीं हो पाती। बारिश के मौसम में विजिबिलिटी जीरो हो जाती है।
2. ब्रेक पैडल में खटखट आवाज – ब्रेक दबाने पर पैडल से खटखट/कटकट की आवाज आती है। पैडल ढीला महसूस होता है, जिससे ब्रेकिंग में भरोसा कम हो रहा है।
जनहित में खतरा- नई गाड़ी लेने वाले ग्राहक रास्ते में बारिश के दौरान काफी परेशान हो रहे हैं। ग्लास साफ न होने और ब्रेक में आवाज के कारण *एक्सीडेंट की संभावना* बढ़ गई है।
जनता की मांग- – मारुति सुजुकी कंपनी तुरंत इस तकनीकी खामी की जाँच करे। – सभी विक्टोरियस गाड़ियों का सर्विस कैंप लगाकर वाइपर नोजल और ब्रेक पैडल असेंबली की फ्री जाँच और सुधार करे। – ग्राहकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
> अगर किसी ग्राहक को यह समस्या आ रही है तो वह मारुति हेल्पलाइन और कंज्यूमर हेल्पलाइन 1915 पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
जनहित में जारी- भरत सिंह, राष्ट्रीय सह प्रभारी (संपूर्ण भारत)
विश्व हिंदू रक्षा परिषद का द्वितीय अंतर्राष्ट्रीय हिंदू प्रतिनिधि महासम्मेलन एवं भारतीय सनातन गौरव सम्मान समारोह 04 अक्टूबर को लखनऊ में।
लखनऊ
विश्व हिंदू रक्षा परिषद के तत्वावधान में द्वितीय अंतर्राष्ट्रीय हिंदू प्रतिनिधि महासम्मेलन एवं भारतीय सनातन गौरव सम्मान समारोह का भव्य आयोजन 04 अक्टूबर 2026, रविवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, गोमती नगर, लखनऊ में किया जा रहा है।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 9:00 बजे ब्रेकफास्ट के साथ होगा। दोपहर 2 बजे के पश्चात अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों का सम्मेलन प्रारंभ होगा।
आमंत्रित अतिथियों में – मा. राजनाथ सिंह जी, रक्षा मंत्री, भारत सरकार, मा. योगी आदित्यनाथ जी, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश, डॉ. दिनेश शर्मा, पूर्व उपराज्यपाल, अंडमान एवं निकोबार, मा. बृजेश पाठक, उप-मुख्यमंत्री, उ.प्र., मा. केशव प्रसाद मौर्य, उप-मुख्यमंत्री, उ.प्र. व औषधीय शिक्षक, डॉ. राजेश्वर सिंह, विधायक, एवं 21 देशों के प्रतिनिधि, संत-महात्मा, विद्वतजन, सामाजिक कार्यकर्ता एवं विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।
इस महासम्मेलन का उद्देश्य विश्व भर के हिंदू समाज को एक मंच पर लाकर सनातन संस्कृति, राष्ट्र रक्षा और हिंदू एकता को सुदृढ़ करना है। इस अवसर पर भारतीय सनातन गौरव सम्मान से विशिष्ट विभूतियों को सम्मानित भी किया जाएगा।
आयोजक – गोपाल राय – अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष, विश्व हिंदू रक्षा परिषद मनीष राय – अंतर्राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, विश्व हिंदू रक्षा परिषद
यह जानकारी देते हुए परिषद के राष्ट्रीय सह प्रभारी (संपूर्ण भारत) भरत सिंह ने बताया कि इस ऐतिहासिक सम्मेलन में देश-विदेश से हजारों प्रतिनिधियों के पहुंचने की संभावना है। सभी सनातन प्रेमियों से सादर उपस्थिति की अपील की गई है।
जुड़ने के लिए संपर्क करें – 9670876666, 8887832744, 9388999996, 9956016175, 9219395138 8210048890
निवेदक – भारत सिंह राष्ट्रीय सह प्रभारी (संपूर्ण भारत) विश्व हिंदू रक्षा परिषद