मॉडल स्कूल खरसावॉं में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण संपन्न।

मॉडल स्कूल खरसावॉं में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण संपन्न।

सरायकेला-खरसावां

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत मॉडल स्कूल खरसावॉं में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खरसावॉं के चिकित्सकों द्वारा विद्यालय के कक्षा 6 से 10 तक के छात्र-छात्राओं का व्यापक स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
इस स्वास्थ्य शिविर में डॉ. मो. नजीर आलम एवं डॉ. ममता कुमारी ने विद्यार्थियों के सामान्य स्वास्थ्य की जॉंच करने के साथ-साथ उन्हें स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित आहार, व्यक्तिगत स्वच्छता एवं नियमित स्वस्थ्य देखभाल के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी एवं आवश्यक परामर्श प्रदान किया।

चिकित्सकों ने बताया कि यदि किसी विद्यार्थी में पोलियो, कटे होंठ (क्लेफ्ट लिप), कटे तालु (क्लेफ्ट पैलेट), जन्मजात विकृतियॉं अथवा अन्य गंभीर एवं असाध्य बीमारियों के लक्षण पाए जाते हैं, तो उनके समुचित उपचार की व्यवस्था सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं के माध्यम से कराई जाएगी, ताकि प्रत्येक बच्चे को समय पर आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सके।

विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका बासुमति मिश्रा ने इस अवसर पर कहा कि विद्यार्थियों का शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य उनके सर्वांगीण विकास की आधारशिला है। उन्होंने सभी अभिभावकों एवं विद्यार्थियों से ऐसे स्वास्थ्य कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की।
कार्यक्रम के सफल संचालन में शिक्षिका शशिवाला बागे, शिक्षक जीडी महन्त, आशिष कुमार प्रमाणिक, विकास चंद्र महतो, सतीश सेन प्रधान, प्रभात कुमार महतो, प्रियतम सिंह, बीएड प्रशिक्षु शिक्षिका रोजालिन नाहक तथा मो. अब्दुल सत्तार सहित विद्यालय परिवार के सभी सदस्यों ने महत्वपूर्ण एवं सराहनीय योगदान दिया।

विद्यालय प्रबंधन ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, खरसावॉं की चिकित्सा टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के स्वास्थ्य परीक्षण शिविर बच्चों के स्वस्थ सुरक्षित एवं उज्जवल भविष्य के निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कुकड़ू के हाई तिरुल गांव में पेयजल संकट, जान जोखिम में डालकर पानी लाती हैं महिलाएं।

कुकड़ू के हाई तिरुल गांव में पेयजल संकट, जान जोखिम में डालकर पानी लाती हैं महिलाएं।

सरायकेला/ईचागढ़

सरायकेला-खरसावां जिले के कुकड़ू प्रखंड स्थित पारगामा पंचायत का हाईतीरूल गांव आज भी शुद्ध पेयजल की सुविधा से वंचित है। आदिवासी बहुल इस गांव की महिलाएं रोज 2 से 4 किलोमीटर पैदल चलकर पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले से पानी लाने को मजबूर हैं। गांव में न हैंडपंप है, न जलमीनार और न ही नल-जल योजना की सुविधा उपलब्ध है। हाईतीरूल गांव में अधिकांश आदिवासी परिवार रहते हैं। गर्मी हो या बरसात, महिलाएं रोज सुबह-शाम जंगल, झाड़ियों और खेतों की मेड़ से होकर 2 से 4 किलोमीटर पैदल चलकर पानी लाने जाती हैं।

पश्चिम बंगाल से लाना पड़ता है पानी

पानी के लिए ग्रामीणों को पश्चिम बंगाल की सीमा पार कर पुरुलिया जिले के बागमुंडी थाना क्षेत्र के माठा अंचल स्थित चड़क पाथर गांव जाना पड़ता है। वहां डाढ़ी, चुआं, डोभा और पुराने कूप से पानी भरकर महिलाएं डेगची और हांडी सिर पर रखकर गांव लौटती हैं। ग्रामीण महिलाओं का कहना है, “रास्ते में हाथियों का झुंड, सांप और बिच्छू मिलने का खतरा बना रहता है। कांटों भरे जंगल से होकर गुजरना पड़ता है। मजबूरी में यही पानी लाकर कपड़े से छानकर पीने और खाना बनाने में इस्तेमाल करते हैं. सालभर यही स्थिति रहती है।”

पेयजल की स्थायी व्यवस्था नहीं

ग्रामीणों का कहना है कि पहाड़ियों के बीच बसे इस गांव तक अब तक जल जीवन मिशन और हर घर नल से जल योजना का लाभ नहीं पहुंचा है। गांव में शुद्ध पेयजल की स्थायी व्यवस्था नहीं होने से लोगों को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सिर्फ लोगों को ही नहीं, पालतू मवेशियों के लिए भी कई किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ता है। यह इलाका हाथी प्रभावित क्षेत्र है, जिससे पानी लाने के दौरान हमेशा खतरा बना रहता है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से की मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव में चापाकल, जलमीनार अथवा नल-जल योजना के तहत शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि गांव में जल्द पेयजल की स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि लोगों को दूसरे राज्य से पानी लाने की मजबूरी खत्म हो सके।

राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे के अवसर पर हरेलाल महतो ने चिकित्सकों को किया सम्मानित, मरीजों के बीच किया फल वितरण।

राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे के अवसर पर हरेलाल महतो ने चिकित्सकों को किया सम्मानित, मरीजों के बीच किया फल वितरण।

सरायकेला/ईचागढ़

राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे के अवसर पर ईचागढ़ विधानसभा के पूर्व एनडीए प्रत्याशी एवं आजसू पार्टी के केंद्रीय महासचिव हरेलाल महतो ने चांडिल अनुमंडल अस्पताल पहुंचकर अस्पताल में कार्यरत चिकित्सकों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों के बीच फल वितरण कर उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। कार्यक्रम के उपरांत हरेलाल महतो ने अनुमंडल अस्पताल का औचक निरीक्षण किया तथा अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने कहा कि डॉक्टर हमारे समाज में भगवान का दूसरा स्वरूप हैं। मानव सेवा में उनका योगदान अतुलनीय है और राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे के अवसर पर उनका सम्मान करना हम सभी का कर्तव्य है। हरेलाल महतो ने अस्पताल में चिकित्सकों की भारी कमी पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान में पूरा अनुमंडल अस्पताल मात्र एक डॉक्टर के भरोसे संचालित हो रहा है, जिससे क्षेत्र के हजारों मरीजों को समुचित चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पा रही है। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि जनहित को ध्यान में रखते हुए अविलंब कम-से-कम चार से पांच चिकित्सकों की नियुक्ति की जाए, ताकि आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।

उन्होंने 23 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नए अनुमंडल अस्पताल भवन का भी उल्लेख करते हुए कहा कि भवन तैयार होने के बावजूद वर्षों से उसका समुचित संचालन नहीं हो पाया है। लगातार टेंडर और मरम्मत कार्य होना सरकार की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। उन्होंने सरकार से शीघ्र अस्पताल भवन को पूर्ण रूप से चालू कर क्षेत्रवासियों को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। श्री महतो ने कहा कि जनता के स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि क्षेत्र की जनता को समय पर बेहतर उपचार मिल सके।

सरायकेला के प्रशासनिक अधिकारियों ने भगवान बिरसा मुंडा के प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दी भावभीनी श्रद्धांजलि।

सरायकेला के प्रशासनिक अधिकारियों ने भगवान बिरसा मुंडा के प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दी भावभीनी श्रद्धांजलि।

सरायकेला/खरसावां

हूल दिवस के पावन अवसर पर उप विकास आयुक्त रीना हांसदा ने सिद्धो-कान्हू पार्क स्थित अमर वीर शहीद सिद्धो-कान्हू की प्रतिमा एवं समाहरणालय परिसर स्थित भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

स अवसर पर उन्होंने अमर वीर सिद्धो-कान्हू, चांद-भैरव, फूलो-झानो तथा भगवान बिरसा मुंडा सहित झारखंड के सभी महान स्वतंत्रता सेनानियों एवं जननायकों के अदम्य साहस, त्याग और बलिदान को श्रद्धापूर्वक नमन किया। साथ ही उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर सामाजिक न्याय, समानता, समरसता एवं जनकल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
उन्होंने कहा कि हूल के अमर वीरों एवं भगवान बिरसा मुंडा का संघर्ष और बलिदान सदैव हमें अन्याय के विरुद्ध संघर्ष, लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा तथा समाज और राष्ट्र की सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।

मत्स्य निदेशक एवं उप निदेशक ने चांडिल जलाशय एवं फिश फीड मिल का किया निरीक्षण।

मत्स्य निदेशक एवं उप निदेशक ने चांडिल जलाशय एवं फिश फीड मिल का किया निरीक्षण।

सरायकेला/खरसावां

सरायकेला-खरसावाँ जिले के भ्रमण के क्रम में झारखंड सरकार के मत्स्य निदेशक अमरेंद्र कुमार एवं उप निदेशक (मत्स्य) शंभू प्रसाद यादव ने चांडिल जलाशय एवं चांडिल फिश फीड मिल का निरीक्षण कर मत्स्य क्षेत्र की गतिविधियों की समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने चांडिल बांध विस्थापित मत्स्यजीवी समिति एवं चांडिल स्वर्णरेखा मत्स्यजीवी समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों के साथ बैठक कर मत्स्य उत्पादन, जलाशय के वैज्ञानिक प्रबंधन, मत्स्य संसाधनों के संरक्षण, मत्स्य विपणन, मत्स्यजीवियों की आजीविका संवर्धन तथा विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में समिति के सदस्यों द्वारा दिए गए सुझावों एवं समस्याओं से अवगत होते हुए अधिकारियों ने उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर मत्स्य उत्पादन में वृद्धि तथा मत्स्यजीवियों की आय बढ़ाने हेतु आवश्यक पहल करने का आश्वासन दिया।

मत्स्य निदेशक ने कहा कि जलाशयों का वैज्ञानिक प्रबंधन, गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज का संचयन, मत्स्य संसाधनों का संरक्षण तथा मत्स्यजीवी समितियों की सक्रिय सहभागिता से मत्स्य उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को विभागीय योजनाओं का लाभ पात्र मत्स्यजीवियों तक समयबद्ध एवं पारदर्शी ढंग से पहुंचाने तथा समितियों के साथ नियमित समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए।

इसके उपरांत अधिकारियों ने चांडिल फिश फीड मिल का निरीक्षण कर फिश फीड निर्माण प्रक्रिया, उत्पादन क्षमता एवं गुणवत्ता नियंत्रण व्यवस्था का अवलोकन किया। इस दौरान उच्च गुणवत्ता वाले संतुलित मत्स्य आहार के उत्पादन, वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप निर्माण प्रक्रिया अपनाने, कच्चे माल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर विशेष बल दिया गया। साथ ही फिश फीड की गुणवत्ता एवं उत्पादन क्षमता में वृद्धि के लिए आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया।

निरीक्षण के क्रम में अधिकारियों ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि मत्स्य क्षेत्र के समग्र विकास, मत्स्यजीवी समितियों के सुदृढ़ीकरण, गुणवत्तापूर्ण मत्स्य उत्पादन तथा राज्य सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए समन्वित एवं परिणामोन्मुखी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, ताकि जिले में मत्स्य उत्पादन को नई गति मिले तथा मत्स्य पालकों की आय में सतत वृद्धि हो।

इस अवसर पर जिला मत्स्य पदाधिकारी रौशन कुमार, मत्स्य प्रसार पदाधिकारी राज कुमार तुरी, चांडिल मत्स्यजीवी समिति के अध्यक्ष नारायण गोप, सरदीप कुमार लायक, विभाग के अन्य संबंधित पदाधिकारी तथा दोनों मत्स्यजीवी समितियों के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

जेएलकेएम के प्रखंड स्तरीय बैठक का आयोजन,संगठन मजबूती को लेकर हुई चर्चा।

जेएलकेएम के प्रखंड स्तरीय बैठक का आयोजन,संगठन मजबूती को लेकर हुई चर्चा।

सरायकेला/ईचागढ़

ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के डुमटांड़ बाजार मैदान में सोमवार को जेएलकेएम का प्रखंड स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में आगामी वर्ष 2027 में होने वाली पंचायत चुनाव, आगामी विधानसभा चुनाव से संबंधित विस्तार पूर्वक चर्चा किया गया। साथ ही ईचागढ़ थाना क्षेत्र से अवैध बालू खनन तथा परिवहन को लेकर भी चर्चा किया गया और बैठक में अवैध खनन और परिवहन को रोकने हेतु चरणबद आंदोलन करने का भी रुप रेखा तैयार किया गया।

ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी तरुण महतो ने बताया कि आने वाले पंचायत चुनाव में पार्टी की ओर से वार्ड सदस्य से लेकर जिला परिषद के पद पर प्रत्याशी दिया जाएगा एवं उनके जीत सुनिश्चित करने हेतु वार्ड स्तर पर मतदाताओं से बैठक कर उनकी मुलभुत समस्याओं का निदान हेतु प्रयास किया जाएगा।

साथ ही कहा कि ईचागढ़ थाना क्षेत्र से अवैध बालू का खनन और परिवहन किया जा रहा है, इसे रोकने के लिए भी जेएलकेएम पार्टी चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। मौके जिला अध्यक्ष दीपक महतो,अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला अध्यक्ष साबीर अंसारी,जिला उपाध्यक्ष गुरुपद महतो,जिला सचिव अजय महतो,प्रखंड अध्यक्ष नंदकिशोर महतो, लाल मोहन महतो,नकुल महतो,रुपेश महतो सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।

मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 के तहत 30 जून 2026 (मंगलवार) को आयोजित होगा विशेष सोशल मीडिया अभियान।

मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 के तहत 30 जून 2026 (मंगलवार) को आयोजित होगा विशेष सोशल मीडिया अभियान।

सरायकेला/खरसावां

जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त नितिश कुमार सिंह के निर्देशानुसार मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 के अंतर्गत जिले में व्यापक जनजागरूकता एवं नागरिकों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विशेष प्रचार-प्रसार अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में दिनांक 30 जून, 2026 को जिले भर में #JharkhandSIR हैशटैग के साथ वृहद सोशल मीडिया अभियान आयोजित किया जाएगा।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 30 जून, 2026 (मंगलवार) को पूर्वाह्न 11:00 बजे से अपराह्न 1:00 बजे तक फेसबुक, एक्स (ट्विटर), इंस्टाग्राम एवं यूट्यूब सहित विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आधिकारिक हैशटैग #JharkhandSIR के माध्यम से विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों , प्रखंड विकास पदाधिकारियों एवं अंचल अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र के निकटतम मतदान केंद्रों पर उपस्थित होकर अथवा अपने आधिकारिक सोशल मीडिया माध्यमों से निर्धारित पोस्टर एवं लीफलेट में निहित संदेशों का वाचन करते हुए वीडियो एवं तस्वीरें साझा करें, ताकि मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की जानकारी अधिकाधिक नागरिकों तक पहुँच सके।

साथ ही, जिले के सभी नागरिकों से अपील की गई है कि वे इस विशेष सोशल मीडिया अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें, #JharkhandSIR हैशटैग का उपयोग करते हुए जागरूकता संबंधी सामग्री साझा करें तथा मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 को सफल बनाने में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएँ।

रेफरल अस्पताल की छवि से बाहर निकल रहा है सरायकेला का सदर अस्पताल : मनोज कुमार चौधरी

रेफरल अस्पताल की छवि से बाहर निकल रहा है सरायकेला का सदर अस्पताल : मनोज कुमार चौधरी

सरायकेला-खरसावां

नगर पंचायत सरायकेला के अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने अपने नियमित साप्ताहिक निरीक्षण के क्रम में सदर अस्पताल, सरायकेला का भ्रमण कर स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों से मुलाकात कर उपचार, चिकित्सकीय व्यवस्था, दवाओं की उपलब्धता तथा अस्पताल की अन्य सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की।

निरीक्षण के दौरान अधिकांश मरीजों एवं उनके परिजनों ने अस्पताल में मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों के व्यवहार तथा उपचार व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया। यह जानकर मनोज कुमार चौधरी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सरायकेला का सदर अस्पताल अब धीरे-धीरे केवल “रेफरल अस्पताल” की पुरानी छवि से बाहर निकलकर बेहतर उपचार और जनविश्वास का केंद्र बनता जा रहा है।

उन्होंने बताया कि सिविल सर्जन के साथ नियमित समन्वय बनाकर अस्पताल में कई आवश्यक सुधार कार्य किए जा रहे हैं। जल्द ही अस्पताल में एक आधुनिक डिजिटल एक्स-रे मशीन स्थापित की जाएगी। साथ ही आपातकालीन कक्ष के बाहर डॉक्टर एवं स्वास्थ्यकर्मियों के लिए अलग चेंबर का निर्माण कराया जा रहा है। इससे आपात स्थिति में मरीजों को डॉक्टर से संपर्क करने में होने वाली देरी समाप्त होगी और उपचार और अधिक त्वरित एवं प्रभावी ढंग से उपलब्ध हो सकेगा।

मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि सरायकेला एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बिच्छू एवं सर्पदंश के मामले अक्सर सामने आते हैं। ऐसे मरीजों के उपचार के लिए आवश्यक जीवनरक्षक इंजेक्शन एवं दवाइयां सदर अस्पताल में उपलब्ध हैं तथा जरूरतमंद मरीजों को समय पर उपचार दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि झारखंड के माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। सरकार की जनहितकारी नीतियों एवं जिला प्रशासन के सहयोग से सरायकेला सदर अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं का निरंतर विस्तार हो रहा है, जिससे आम लोगों को अपने जिले में ही बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो रही है।

अंत में उन्होंने चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जनसेवा की इसी भावना के साथ अस्पताल को और अधिक सक्षम एवं आधुनिक बनाने के लिए हरसंभव प्रयास जारी रहेंगे।

जेएलकेएम के प्रखंड स्तरीय बैठक का आयोजन, संगठन मजबूती को लेकर हुई चर्चा।

जेएलकेएम के प्रखंड स्तरीय बैठक का आयोजन, संगठन मजबूती को लेकर हुई चर्चा।

सरायकेला/ईचागढ़

ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के डुमटांड़ बाजार मैदान में सोमवार को जेएलकेएम का प्रखंड स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में आगामी वर्ष 2027 में होने वाली पंचायत चुनाव, आगामी विधानसभा चुनाव से संबंधित विस्तार पूर्वक चर्चा किया गया।

साथ ही ईचागढ़ थाना क्षेत्र से अवैध बालू खनन तथा परिवहन को लेकर भी चर्चा किया गया और बैठक में अवैध खनन और परिवहन को रोकने हेतु चरणबद आंदोलन करने का भी रुप रेखा तैयार किया गया। ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी तरुण महतो ने बताया कि आने वाले पंचायत चुनाव में पार्टी की ओर से वार्ड सदस्य से लेकर जिला परिषद के पद पर प्रत्याशी दिया जाएगा एवं उनके जीत सुनिश्चित करने हेतु वार्ड स्तर पर मतदाताओं से बैठक कर उनकी मुलभुत समस्याओं का निदान हेतु प्रयास किया जाएगा। साथ ही कहा कि ईचागढ़ थाना क्षेत्र से अवैध बालू का खनन और परिवहन किया जा रहा है, इसे रोकने के लिए भी जेएलकेएम पार्टी चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।

मौके जिला अध्यक्ष दीपक महतो,अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला अध्यक्ष साबीर अंसारी,जिला उपाध्यक्ष गुरुपद महतो,जिला सचिव अजय महतो,प्रखंड अध्यक्ष नंदकिशोर महतो, लाल मोहन महतो,नकुल महतो,रुपेश महतो सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पत्नी कल्पना सोरेन संग किया झारखंड के पर्यटन स्थलों का भ्रमण।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पत्नी कल्पना सोरेन संग किया झारखंड के पर्यटन स्थलों का भ्रमण।

झारखंड की इस अनुपम धरती पर सभी सैलानियों का हार्दिक स्वागत है, जोहार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन झारखंड

झारखंड की हरियाली का व्याख्या करना यह शब्दों के बाहर की बात है:- मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, झारखंड

झारखंड/रांची

( सोनू कुमार सिंह )

साथियों काफी वर्षों ( 1982 ) पहले बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्रीज में एक फिल्म आई थी “नदिया के पार” और फिल्म का एक गाना बेहद ही प्रसिद्ध हुआ था जिसे आज भी हम और आप गुनगुनाते हैं उस गाने की एक लाइन मुख्यमंत्री के इस मनमोहन कार्य में फिट बैठती है “ठहेर ठहेर ये सुहानी सी डगर तनी देखने दे”। कैने दिशा में लेके चला रहे बटोहिया

प्राकृतिक की गोद में बसा 24 जिलों वाला झारखंड राज्य अपने आप में एक हरियाली का प्रतीक है। जहां नजर घुमाओ बड़े-बड़े पहाड़ बड़े-बड़े पेड़ पौधे फूल पत्तियां पक्षियां जानवर यह सब एक अलग ही मनमोहक दृश्य दिखाई देती है जिसे देखने के बाद हर किसी का मन प्रसन्न हो जाता है फिर और किसी नजारे को देखने की चाहत नहीं रहती।

प्रकृति की गोद में बहती निर्मल जलधारा, घने जंगलों की हरियाली और पहाड़ों का शांत सौंदर्य बार-बार यह एहसास कराता है कि झारखंड प्रकृति का अनुपम उपहार है। यह हमारी साझी धरोहर है, जिसे सहेजना और संरक्षित रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। झारखंड के किसी भी कोने में आप चले जाइए, प्रकृति अपने अलग-अलग रंगों में आपका स्वागत करती दिखाई देगी।

आपको बताते चलें कि झारखंड हमारे भारत देश का एक पर्यटक स्थल के नाम से भी जाना जाता है यहां के पर्यटक स्थल बाहरी सैलानियों को काफी आकर्षित करती है जिससे कि बाहर से भी लाखों की संख्या में सैलानी खासकर मानसून के महीने में झारखंड के पर्यटन स्थलों का नजारा देखने के लिए हजारों मील दूर से यात्रा कर झारखंड प्रदेश में प्रवेश करते हैं।

वहीं रविवार का दिन झारखंड के लिए बेहद ही खास दिन रहा जिसमें की झारखंड के माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी पत्नी कल्पना सोरेन के संग सेल्फ ड्राइव करते हुए झारखंड के कुछ चुनिंदा पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया।

वहीं मुख्यमंत्री के पर्यटन स्थलों का जायजा लेते हुए मुख्यमंत्री ने कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की जिसे देखने के बाद यूजर्स की मानो कमेंट करने का तांता लग गया। किसी ने जोहार झारखंड कहा तो किसी ने जोहार झारखोंड कहा है।

साथियों आपको बताते चलें कि 24 जिलों वाला राज्य झारखंड के मुख्यमंत्री का एक-एक क्षण काफी कीमती माना जाता है उनके ऊपर 24 जिलों का कार्यभार की जिम्मेदारी है फिर भी वे काफी व्यस्त होने के बावजूद भी रांची से लौटने के क्रम में जोन्हा जलप्रपात का दृश्य देखकर वह खुद को रोक नहीं पाएं और वही अपनी गाड़ी को खड़ी कर प्राकृतिक का नजारा देखने के लिए कुछ क्षण अपनी पत्नी कल्पना सोरेन संघ रुक गए और कुछ देर प्रकृतिक के मनमोहक नजारे का अवलोकन करने के बाद कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करते हुए लिखा है कि रांची शहर से कुछ ही दूरी पर स्थित जोन्हा फ़ॉल की हरी-भरी वादियों के बीच कुछ पल बिताने का अवसर मिला। इस बीच वहां फलों का भी आनंद लिया और स्थानीय लोगों से बातचीत भी हुई।

साथियों फुर्सत के क्षण मे से कुछ समय प्रकृति के गोद में अवश्य जाना चाहिए, वहां शांतिपूर्ण आनन्द एवं चिन्तन-मनन प्रदेश के खुशहाली में मील का पत्थर साबित होता है । प्रकृति की गोद में समय बिताना सबसे अच्छा है, यह हमारे जीवन को नई दिशा देता है। झारखंड की प्रकृतिक वातावरण का अनुभव प्राप्त करना बहुत ही प्रभावित करता है मन को बस उसे समझने की आवश्यकता है

वन विभाग को मिली बड़ी सफलता, ग्रामीणों की सहायता से जंगली हाथी को निकाला।

वन विभाग को मिली बड़ी सफलता, ग्रामीणों की सहायता से जंगली हाथी को निकाला।

सरायकेला/ईचागढ़

साथियों लगातार कई दिनों से हाथियों के हमले से हो रहे मौत की खबर न्यूज़ चैनलों, अखबारों अथवा न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से अथवा सोशल मीडिया के माध्यम से भी हम सभी को प्राप्त हो रहे थी।

इसके साथ ही एक खबर और निकलकर सामने आ रही थी कि 10 दिनों से एक जंगली हाथी मैसाड़ा- कालीचामदा में डेरा जमा हुए था जिसे उक्त स्थान से निकलकर घने जंगल की ओर भेजने का प्रयास लगातार 10 दिनों से वन विभाग द्वारा किया जा रहा था वन विभाग ही नहीं ग्रामीणों के द्वारा भी लगातार हाथी को घने जंगल की ओर भेजने का प्रयास किया जा रहा था लेकिन वन विभाग अथवा ग्रामीणों की प्रयास विफल साबित हो रही थी।

साथ ही वन विभाग द्वारा ग्रामीणों के बीच सुरक्षा के दृष्टिकोण से और हाथी को भगाने हेतु क्षेत्र में लगातार टॉर्च, पटाखा, मोबिल, बोरा आदि का वितरण कर हाथी भगाने में जन सहभागिता को बढ़ाया जा रहा था।

लेकिन वह दिन आ ही गया जब वन विभाग की मेहनत रंग लाई और हाथी को उक्त स्थान से खदेड़ कर वर्तमान में सालबनी के जंगल में भेजा गया। वहीं वन विभाग एवं QRT टीम हाथी पर लगातार नजर बनाई हुई है ताकि हाथी को सुरक्षित घने जंगल की और ले जाया जा सके।

आपको बताते चले की 10 दिनों से मैसाड़ा- कालीचामदा में डेरा डाले इस जंगली हाथी को वन विभाग, पालना का लोकल QRT टीम और बंगाल का QRT टीम तथा ग्रामीणों के संयुक्त प्रयास से इस जटिल भौगालिक क्षेत्र से निकालने में सफलता प्राप्त की है।

इस मामले में प्रभारी वनपाल पात‌कुम कैलाश चंद्र महतो की अगुवाई में अन्य वन कर्मी , हाथी भगाओ दस्ता, तथा ग्रामीणों द्वारा लगातार 10 दिनों तक प्रयास किया जा रहा था। साथ ही लागातार माइकिंग के माध्यम से ग्रामीणों को सुचना, और जागरूकता बढ़ाया गया।

इस अभियान में वनपाल कैलाश चंद्र महतो, सुरेन्द्र कुमार गोप, मुन्ना सोरेन, वनरक्षी लखीचरण सिंह मुंडा, राजेश किस्कू, भागवत टुडू, राम चरण महतो आदि शामिल हुए।

ग्राम स्वसाशन व्यवस्था की ग्राम पद के लिए लोगों का चयन किया गया।

ग्राम स्वसाशन व्यवस्था की ग्राम पद के लिए लोगों का चयन किया गया।

सरायकेला/खरसावां

सरायकेला खरसावां जिला के नीमडीह प्रखंड के चलीयामा पंचायत के बांधटाड गांव में आदिवासी कल्याण समिति समुदायिक भवन की बैठक। जिसमें ग्राम सभा भानु सिंह सरदार की अध्यक्षता में बैठक संपन्न हुई। बैठक में मानकी/ मंडा स्वशासन व्यवस्था के तहत गांव व्यवस्था हेतु विभिन्न पद के रूप लोग का चयनित किया गया। चयनित लोग को प्रमाण पत्र भी संयोजक मंडली द्वारा जारी की गई।मुख्य अतिथि में बड़ेदा पंचायत के मुखिया बरुण सिंह उपस्थित थे।

संयोजक मंडली में सुधाकर सिंह, भोला सिंह सरदार,भानु सिंह,मदन सिंह, इंद्रजीत सिंह, दुर्योधन सिंह, जनार्दन सिंह, बैधनाथ सिंह, उपस्थित थे ‌। बैठक में निर्णय लिया कि  आगमी २९ तारिख को सभी लोग मिलकर नीमडीह प्रखंड विकास पदाधिकारी को एक पत्र सौंपा जाएगा।

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