जमशेदपुर । सोमवार की सुबह तड़के पूर्वी सिंहभूम जिला के मुसाबनी प्रखंड के अंचलाधिकारी राम नरेश सोनी (42) का निधन हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार की सुबह मुसाबनी स्थित उनके आवास पर हार्ट अटैक आई थी जिसके बाद तत्काल इलाज के लिए उन्हें टाटा मुख्य अस्पताल ले जाया गया।
टाटा मुख्य अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के दौरान ने मृत घोषित किया। घटना की सूचना पाकर जिले के उपायुक्त विजया जाधव मुख्य अस्पताल पहुंची। इसके बाद जिले के तमाम प्रशासनिक अधिकारी टाटा मुख्य अस्पताल पहुंचे।
सुप्रीम कोर्ट में पूजा सिंघल की जमानत याचिका पर सुनवाई आज
रांची : सेस्पेंड आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को सुनवाई होगी. न्यायमूर्ति संजीव किशन कौल और न्यायमूर्ति अभय एस ओका की पीठ ने दिसंबर में जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए दो जनवरी की तिथि निर्धारित की थी. बता दें कि पूजा सिंघल की नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद हाइकोर्ट ने तीन नवंबर को जमानत याचिका खारिज कर दी थी. इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी. सुप्रीम कोर्ट में 12 दिसंबर को याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई के बाद कोर्ट ने ईडी को जमानत मांगने के आधार की जांच करने के लिए कहा था. साथ ही याचिका को सुनवाई के लिए जनवरी में पेश करने का निर्देश दिया था.
रांची : मनी लाउंड्रिंग और अवैध खनन मामले में गिरफ्तार पंकज मिश्रा का आज रिम्स में अल्ट्रासाउंड होगा. पंकज मिश्रा का इलाज फिलहाल रिम्स पेइंग वार्ड में चल रहा है. यूरिन में इंफेक्शन की समस्या से निजात दिलाने के लिए उन्हें दवाइयां देनी शुरू कर दी गयी है. वहीं, इंफेक्शन का कारण जानने के लिए ब्लड की जांच के लिए सैंपल भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट सोमवार को आयेगी. इसके अलावा अल्ट्रासाउंड की जांच सोमवार को की जायेगी. उसका इलाज सर्जरी विभाग के डॉ मृत्युंजय सरावगी की देखरेख में चल रहा है.
पटना : बिहार की राजधानी से बड़ी खबर आ रही है जहां पर अपराधियों का तांडव देखने को मिला। दीघा थाना क्षेत्र के अपराधी को पकड़ने गए दरोगा की जमकर पिटाई कर दी। इस घटना के बाद पुलिस महकमे में खलबली मच गई है । जनकारी अनुसार थाने में तैनात सब इंस्पेक्टर राघवेंद्र कुमार सिंह एक वारंटी को गिरफ्तार करने पहुंचे थे। इसी दौरान अपराधी और सब इंस्पेक्टर ने नोकझोंक हो गई दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि अपराधी ने पुलिस की जमकर पिटाई कर दी। जिसमें दारोगा को गंभीर चोटें आई हैं और गंभीर रूप से घायल दारोगा को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।
बता दें कि बिहार के नए डीजीपी IAS भट्टी ने बीते दिनों पुलिसकर्मियों को कहा था कि वे अपराधियों को दौड़ाए, नहीं तो वे उन्हें दौड़ाएंगे। डीजीपी की इस निर्देश के पास पुलिसकर्मियों अपराधी को पकड़ने गए थे दरोगा वारंटी को खोजते खोजते उसके मोहल्ले में पहुंच गए। लेकिन इसी बीच अपराधी दरोगा से टकरा गया। इसके बाद अपराधियों ने दुर्गा राघव शरण सिंह की लात घुसों से पिटाई कर दी। बताया जा रहा है कि अपराधियों ने साथियों के साथ मिलकर उन्हें दौड़ा दौड़ा कर पीटा है।
मामले की जॉच में जुटी पुलिस
जानकारी अनुसार इस घटाना में दारोगा का चश्मा भी टूट गया। वे किसी तरह वहां से भागकर वापस लौटे। इस पुरे मामले की जानकारी उन्होने पटना पुलिस के वरीय अधिकारीयों को दी है। इसके बाद तत्काल एक टीम का गठन किया गया और छापेमारी करने पुलिस पहुंची। इस दौरान पुलिस ने मौके से एक युवक को हिरासत में ले लिया है और घटना को अंजाम देने वाले अन्य युवक की तलाश में जुट गई है।
झारखंड: झारखंड के ग्रामीण इलाकों में एक साथ चार हजार करोड़ से अधिक की सड़क और पुल योजना शुरू होगी. दो से तीन महीने में सारी योजनाओं पर काम शुरू हो जायेगा. इसमें प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 2308 करोड़ की सड़क और पुल योजना है. इसमें से 2037 करोड़ की सड़क और 271 करोड़ की पुल योजना पर काम होगा. ग्रामीण इलाकों की सड़कों के अपग्रेडेशन का काम होना है. यानी जो सड़कें खराब हालत हैं, उन्हें बेहतर किया जायेगा. भारत सरकार ने इसकी स्वीकृति आदेश झारखंड को भेज दिया है.
मुख्यमंत्री सड़क योजना का डीपीआर तैयार :
वहीं मुख्यमंत्री सड़क योजना से हर विधायक के क्षेत्र में 10 करोड़ रुपये की सड़क योजना देनी है. इसका डीपीआर तैयार हो गया है. सारे विधायकों से अनुशंसा लेकर सड़क योजनाओं को स्वीकृति दी जा रही है. इन पर राज्य मद से जल्द ही काम शुरू होना है. इसके अलावा मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना से भी हर विधायक को 10 करोड़ की पुल योजना देनी है. 50 से ज्यादा विधायकों की अनुशंसा लेकर योजनाओं को स्वीकृति दे दी गयी है. अब योजनाओं का टेंडर किया जायेगा. जल्द ही इस पर काम शुरू होना है. इन दोनों योजनाओं से करीब 1700 करोड़ की योजनाओं पर काम होना है.
पीएमजीएसवाइ में गड़बड़ी की जांच है अधूरी, टेंडर कराना होगा चुनौती
केंद्र ने काफी मशक्कत के बाद पीएम ग्राम सड़क योजना से 3106 किमी की सड़क योजना दी है. इसके तहत 336 सड़क और 143 पुल योजना पर काम होना है. इनका टेंडर झारखंड स्टेट रूरल रोड डेवलपमेंट अथॉरिटी को करना है. लेकिन अभी अथॉरिटी में मुख्य अभियंता का पद खाली पड़ा है. मुख्य अभियंता जेपी सिंह प्रभारी व्यवस्था के तहत थे.
वह अधीक्षण अभियंता स्तर के हैं, पर पथ विभाग में प्रभारी अभियंता प्रमुख के रूप में पोस्टिंग थी. अब उन्हें हटा दिया गया है. इस तरह वह दोनों पद से हटा दिये गये हैं. ऐसे में पहले मुख्य अभियंता की पोस्टिंग करनी होगी, क्योंकि बिना उनके टेंडर का निबटारा संभव नहीं है. टेंडर सहित सारे महत्वपूर्ण कार्यों के निबटारे की जिम्मेवारी मुख्य अभियंता की होती है. पिछली बार पीएमजीएसवाइ के टेंडर निबटारा में बड़ी गड़बड़ी हुई थी.
बड़ी संख्या में विभाग को इसकी शिकायतें मिली थीं. इसके आलोक में जांच का निर्देश दिया गया था. अभी भी इसकी जांच अधूरी है. ऐसे में अब फिर टेंडर का निबटारा पारदर्शिता के साथ कराना चुनौती होगा, हालांकि विभाग ने यह फैसला लिया है कि छवि को सुधारा जायेगा.
नये साल के जश्न में राजधानी रांची में शराब की रिकॉर्ड बिक्री हुई. शहर में 31 दिसंबर को 4.53 करोड़ रुपये की शराब की बिक्री हुई. इससे पहले रांची में एक दिन में इतनी शराब की बिक्री नहीं हुई थी. एक दिन में अधिकतम साढ़े तीन करोड़ रुपये की शराब की बिक्री का अब तक का रिकॉर्ड रांची के नाम था. एक जनवरी को लगभग तीन करोड़ रुपये से अधिक की शराब की बिक्री हुई. हालांकि इसके आधिकारिक आंकड़े जारी होने बाकी हैं.
ऐसे में दो दिनों में लगभग साढ़े सात करोड़ रुपये की शराब रांची में बिक गयी. दूसरी ओर पूरे झारखंड की बात करें, तो नये साल के स्वागत में लोग 45 करोड़ रुपये की शराब पी गये हैं. 31 दिसंबर को राज्य भर में 24 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड शराब की बिक्री हुई.
वहीं, एक जनवरी को लगभग 20 से 21 करोड़ रुपये की शराब की बिक्री हुई है. ऐसे में दो दिनों में 45 करोड़ रुपये की शराब की बिक्री हुई. पूरे दिसंबर माह की बात की जाये, तो राज्य में लगभग 330 करोड़ रुपये की शराब की बिक्री हुई है. नवंबर में 279 करोड़ व अक्तूबर में 309 करोड़ की शराब की बिक्री हुई थी.
रात 10 बजे के बाद भी खुली थीं शराब की दुकानें
झारखंड शराब व्यापारी संघ के महासचिव सुबोध कुमार जायसवाल ने कहा कि एक जनवरी को राजधानी में रात 10 बजे के बाद भी शराब की दुकानें खुली थी. उन्होंने कहा कि प्लेसमेंट एजेंसी नियम की अनदेखी कर रही है. इसके बाद भी घाटा पूरा होनेवाला नहीं है.
रांची। झारखंड में कोरोना से निपटने की तैयारी जारी है। 12 जिले में तैयार RT-PCR लैब सात जनवरी से एक्टिव को जाएंगे। जिन जिलों में सात जनवरी से जांच शुरू करने के निर्देश दिए हैं उनमें गढ़वा, गिरिडीह, चतरा, लातेहार, लोहरदगा, जामताड़ा, पाकुड़, कोडरमा, खूंटी, रामगढ़, सिमडेगा तथा सरायकेला खरसावां शामिल हैं।
12 जिलों के सिविल सर्जन को स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त सचिव सह अपर अभियान निदेशक विद्यानंद शर्मा पंकज ने पत्र भेजकर कहा है कि कोरोना के नए वैरिएंट बीएफ-7 के देश में दस्तक देने से पहले राज्य के सभी जिलों में ही आरटी-पीसीआर जांच बहुत जरूरी है, जिससे ओपीडी में आने वाले संदिग्ध रोगियों की जांच कर समय पर उसके संक्रमित होने की पहचान की जा सके। इसके बाद से इन जिले के लोगों को आरटी-पीसीआर टेस्ट के लिए दूसरे जिले पर निर्भर नहीं रहना होगा।
सेंटर एक्टिव करने की तैयारियां अपने अंतिम चरण में है। कोरोना के नए वैरिएंट बीएफ-7 से निपटने के लिए 12 जिलों में स्थापित आरटी-पीसीआर जांच शुरू करने का निर्देश संबंधित जिले के सिविल सर्जनों को दिए हैं। आपको बता दें कि अभी तक इन जिलों के सैंपल जांच के लिए दूसरे जिलों के मेडिकल कॉलेजों या सदर अस्पतालों को भेजे जाते थे, जहां पूर्व में लैब स्थापित की जा चुकी थी। जिन 12 जिलों में आरटी-पीसीआर लैब बनाए गए हैं, उनको बनाने में प्रति लैब 30 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। बताते चलें कि इन जिलों में इमरजेंसी कोविड रेस्पांस पैकेज-2 के तहत केंद्र से मिली राशि से आरटी-पीसीआर लैब बनाए गए हैं
आदित्यपुर: सरायकेला खरसावां जिला के आरआईटी थाना अंतर्गत आदित्यपुर- 2 रोड नम्बर 19 में रविवार को बड़ा हादसा सामने आया है. जहां सड़क पर गोलगप्पे बेच रहा युवक और गोलगप्पे खा रही 11 वर्षीय बच्ची अनियंत्रित कार की चपेट में आ गयी. स्थानीय लोगों के सहयोग से दोनों घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है.
गोलगप्पे बेच रहे 35 वर्षीय युवक का नाम दीपक कुमार बताया जा रहा है, जबकि गोलगप्पे खा रही 11 वर्षीय बच्ची का नाम अनन्या है. दीपक का टाटा मुख्य अस्पताल में इलाज चल रहा है, जबकि बच्ची का इलाज स्थानीय शिवा नर्सिंग होम में चल रहा है. दोनों के पैर में चोट लगी है. दीपक का चोट गंभीर है, जबकि अनन्या के पैर में हेयर फ्रैक्चर हुआ है. दोनों के इलाज का खर्च कार चालक चंदन कुमार कर रहे हैं.
घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि कार चालक चंदन कुमार 19 नंबर रोड की ओर से बाबा आश्रम की तरफ जा रहे थे, तभी बाबा आश्रम की तरफ से आ रहे एक ऑटो चालक ने बेतरतीब ढंग से कैंची मार दिया जिससे कार चालक चंदन कुमार का संतुलन बिगड़ गया और उन्होंने सड़क पर गोलगप्पे बेच रहे दीपक कुमार के ठेले में दे मारी जिससे वहां भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गई. दुर्घटना में दीपक एवं 11 वर्षीय बच्ची अनन्या घायल हो गई. उधर आक्रोशित भीड़ ने कार चालक की जमकर पिटाई कर डाली. सूचना पर पहुंची आरआईटी थाना पुलिस ने घायलों को इलाज हेतु अस्पताल भिजवाया. कार चालक ने दोनों घायलों के इलाज का बीड़ा उठाया है और दोनों घायलों का इलाज करा रहे हैं.
सरायकेला:खरसांवा शहीद स्थल में भारी भीड़ के बीच लोगों ने 1948 के शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित किया। यहां तक कि केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा भी शहीद स्थल पहुंचे एवं शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। राज्य के आदिवासी कल्याण व परिवहन मंत्री चंपाई सोरेन सहित मंत्री जोबा मांझी भी खरसावां शहीद स्थल पहुंचे एवं शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित की।
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
विधायक दशरथ गागराई, सुखराम उरांव, दीपक बिरुवा भी शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित करने वालों में शामिल थे।
इसके अलावे झारखंड आंदोलनकारी मंच के राजकिशोर लोहरा, अशोक महतो आदि ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। शहीद स्थल में विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस प्रशासन सक्रिय दिखे।
खरसावां में 1 जनवरी को गोली कांड या हत्याकांड का नाम सुनते ही हमारे जनों दिल में एक ही नाम एक ही हादसा याद आता है जालियांवाला बाग जहां ब्रिटिश सरकार ने हजारों निहत्थे लोगों पर अंधाधुंध गोलियां चलाई थी उस गोलीकांड में लगभग 2000 लोग शहीद हुए थे जबकि खरसावां गोलीकांड में सहादत हुए लोगों की संख्या जालियांवाला बाग से 5 गुना अधिक थी हमने स्कूलों के पाठ्यक्रम में जालियांवाला बाग के विषय पर बहुत कुछ पढ़ा है इसलिए हमारे जनों में हैं परंतु खरसावां गोलीकांड के विषय को किसी भी इस पुस्तक में या किसी भी विषय के पाठ्यक्रम में प्रस्तुत नहीं किया गया
चलिए हम आपको बताते हैं 1 जनवरी 1948 का वह दिल दहला देने वाला सच
प्रत्यक्षदर्शियों और पुराने बुजुर्गों के अनुसार 1 जनवरी 1948 को जब आजाद भारत अपने नए वर्ष की 1 तारीख पहले नए साल की जश्न में लीन था वही खरसावां के क्रांतिकारी आदिवासी अपना खून अपने ही द्वारा बहा रही थी
प्रत्यक्षदर्शियों और पुराने बुजुर्गों के अनुसार जानकारी के अनुसार आदिवासी खरसावां को उड़ीसा में मिलाए जाने के विरोध कर रहे थे आदिवासी खरसावां को बिहार में शामिल करने की मांग कर रहे थे इसी सर्वसम्मति वह आंदोलन को लेकर 1 जनवरी 1948 को खरसावां हॉट मैदान पर विशाल आमसभा आहूत की गई थी
तत्कालीन आदिवासी नेता जयपाल सिंह समय पर सभा स्थल पर नहीं पहुंच पाए जिससे भीड़ तितर-बितर हो गई सामने ही खरसावां राजमहल की सुरक्षा में तैनात उड़ीसा सरकार की फौज उन्हें रोकने का प्रयास किया भाषाई नासमझी संवाद हिताया सशस्त्र बलों की धैर्य हीनता का मामला चाहे कुछ भी हो रहा हो आपसी विवाद बढ़ता गया पुलिस ने गोलियां चलानी शुरू कर दी पुलिस की गोलियों से कितने लोग मारे गए कितने हताहत हुए इसका वास्तविक आंकड़े का रिकॉर्ड आज तक नहीं मिल पाया
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पुलिस ने भीड़ को घेरकर बिना कोई चेतावनी दिए निहत्थे लोगों पर गोलियां चलानी शुरू कर दी 15 मिनट में कई राउंड गोलियां चलाई गईं खरसावां के इस ऐतिहासिक मैदान में एक कुआं हुआ करता था.भागने का कोइ रास्ता नहीं था कुछ लोग जान बचाने के लिए कुएं में कूद गए देखते ही देखते कुमार राठौर से पट गया गोली कांड के बाद जिन शवों को लेने उनके परिजन नहीं आए उन शवों को कुएं में डाल दिया गया और कुएं का मुंह बंद कर दिया गया
जहां पर आज शहादत स्मारक बनाया गया है इसी स्मारक पर 1 जनवरी को आदिवासियों परंपरा के अनुसार पुष्प और तेल डालकर शहादत हुए क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है
हजारीबाग:अभिनेत्री ईशा आलिया का अंतिम संस्का र हजारीबाग के खिरगांव स्थित मुक्तिधाम में हो गया। लेकिन मौत के बाद भी उसके अरमान अधूरे रहे। परिवार की कोशिश थी कि यह क्रियाकर्म पैतृक गांव महुदी में हो, लेकिन कथित तौर समाज और जाति के लोगों के कारण यह संभव नहीं हो सका। कहा जा रहा है कि ईशा आलिया को अंतरजातीय विवाह करने की सजा के तौर पर अंतिम संस्कार के लिए उसके जन्मस्थान हजारीबाग जिले के चौपारण प्रखंड के महूदी गांव की मिट्टी नसीब नहीं हुई। ईशा के अंतरजातीय विवाह के कारण महूदी में उसके समाज के लोगों ने उसके शव को गांव लाने से मना कर दिया। आखिरकार ईशा के परिजन उसका शव लेकर हजारीबाग शहर में रहने वाली उसकी बहन के घर पहुंचे। उसका अंतिम संस्कार शुक्रवार को हजारीबाग मुक्तिधाम में किया गया। उसकी बहन के बेटे ने उसे मुखाग्नि दी।
झारखंड की रिया उर्फ ईशा आलिया ने कड़ी मेहनत और टैलेंट की दम पर अपना नाम बनाया था। वह चौपारण के महुदी गांव की रहने वाली थी। उसने प्रकाश कुमार उर्फ प्रकाश अलबेला से लव मैरिज की थी और उनकी तीन साल की एक बेटी भी है. ईशा की हत्याक के आरोप में उसके पति को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह हत्याि पश्चिम बंगाल के हावड़ा में बुधवार की सुबह हुई थी। ईशा के भाई अजय राणा गुरुवार की रात पौने दो बजे उसका शव लेकर कोलकाता से हजारीबाग के सिंघानी स्थित बहन संगीता देवी के घर पहुंचे।
अजय राणा ने अपने गांव के बिरादरी के लोगों घर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि वे लोग बहन का अंतिम संस्कार अपने गांव महुदी में करना चाहते थे । पर जाति समाज के लोगों ने उन्हें इजाजत नहीं दी। वहीं गांव की मुखिया के पति रणवीर प्रसाद ने कहा कि ईशा की शादी से उसके समाज के लोग नाराज जरूर थे। पर यदि ये लोग शव लेकर महुदी आते तो भले उनकी बिरादरी के लोग अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होते पर गांव के अन्य जरूर शरीक होते।
खरसावां गोलीकांड में सहादत हुए शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचे केंद्रीय मंत्री माननीय अर्जुन मुंडा और उनकी पत्नी मीरा मुंडा
आपको बताते चलें कि 1 जनवरी 1948 खरसावां गोलिकांड में कई लोग शहीद हुए थें, हर साल श्रद्धांजलि देने बड़े संख्या में लोग पहुँचते हैं
वहीं आज केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा और उनकी पत्नी मीरा मुंडा समेत कई आंदोलन कारी भी पहुंचे और शहीद स्थल पर लोगों ने श्रद्धांजलि दिया।
वहीं केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा जहाँ आजादी का लोग जश्न मना रहें थें और यह क्षेत्र रक्त रंजीत होकर पड़ा हुआ था,1948 में यह पहली घटना ने पुरे देश कि आदिवासी को मर्माहत किया, देश की आजादी में आदिवासी समुदाय के लोगों ने अपनी जान का निछावर और बलिदान दिया उन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता युगो युगो तक उनकी शहादत को याद किया जाएगा
रांची:नए साल में हेमंत सरकार भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की बड़े पैमाने पर फेर बदल की तैयारी कर रही है। लंबे समय से राज्य में उपायुक्त का तबादला नहीं होने की वजह से कई जिलों के उपायुक्त के तबादलों की तैयारी की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार कार्मिक विभाग इससे संबंधित सूची तैयार कर रहा है।सूत्रों की मानें तो तबादले संबंधी आदेश पर जनवरी 2023 के पहले सप्ताह में इसपर निर्णय लिए जा सकते हैं।
तबादलों से पहले जिला के उपायुक्त के कार्यों की समीक्षा भी की जा रही है।
यह भी देखा जा रहा है कि किस जिले में बेहतर काम उपायुक्त के तरफ से किए गए हैं। साथ ही सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाएं धरातल पर कितने प्रतिशत पर उतर रही है। उपायुक्त की भूमिका की भी समीक्षा की जाएगी। खराब परफॉर्मेंस वाले जिलों के उपायुक्त को बदलने वाली सूची प्राथमिकता के तौर पर पहले बदले जाएंगे। सचिवालय के सचिव स्तर के अधिकारियों को भी बदला जाएगा।
हाल हीं में सचिव स्तर के अधिकारियों को बड़े पैमाने पर प्रमोशन भी दिया गया है। जिनका पदस्थापन की तैयारी भी चल रही है। मतलब साफ है कि सचिव स्तर के अधिकारियों को भी बदलने के लिए कार्मिक विभाग सूची तैयार कर रहा है। जिसके बाद इन अधिकारियों की सूची राज्य सरकार की सहमति क्वलिए भेजा जाएगा।जिसके बाद तबादला किया जाएगा।