विधायक ने 51लाख से निर्मित आठ विकास योजनाओं का किया उद्घाटन

विधायक ने 51लाख से निर्मित आठ विकास योजनाओं का किया उद्घाटन

इचागढ़

( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )

ईचागढ़: इचागढ़ विधायक सविता महतो ने बुधवार को ईचागढ़ क्षेत्र में विधायक निधि से निर्मित 50 लाख 84 हजार 5 सौ रुपये की लागत से निर्माण होने वाले आठ विकास योजनाओं का किया उद्घाटन विधिवत शिलापट्ट अनावरण कर किया।

इस दौरान विधायक ने कुरुकतोपा में बुधराम हेंब्रम् के निजी तलाव का जीर्णोद्धार 8 लाख 60 हजार 1 सौ रुपये, कुरुकतोपा में उमेश कैवत के घर के सामने से भृगु कर्मकार घर तरफ चार सौ फिट पीसीसी 5 लाख 62 हजार 5 सौ रुपये, कारला बेड़ा में पुराना स्कूल से मैदान तरफ चार सौ फिट पीसीसी 5 लाख 65 हजार 9 सौ रुपये, काटघोड़ा में पीसीसी पथ से दशरत मांझी के घर तक पांच सौ फिट पीसीसी 6 लाख 83 हजार रुपये, गुदढ़ी टोला खूनडीह में आंगनवाड़ी केंद्र से मंसूक मांझी के घर तरफ पांच सौ फिट पीसीसी 6 लाख 80 हजार 5 सौ रुपये, हुंडीह में बिंदु तांती के घर से हरि मंदिर होते हुए घलटु महतो के घर तरफ चार सौ फिट पीसीसी 5 लाख 56 हजार 5 सौ रुपये, कुड़माडीह में लालू हजाम के निजी तालाब का जीर्णोद्धार 6 लाख 3 हजार 3 सौ रुपये व सिमलटांड में भिष्वदेव महतो के निजी तालाब का जीर्णोद्धार 5 लाख 72 हजार 7 रुपये की लागत से कराया गया। विधायक ने कहा सभी योजना का निर्माण होने से ग्रामीण लोगों को इसका लाभ मिलेगा।

उक्त मौके पर केंद्रीय सदस्य काबलु महतो, प्रखंड अध्यक्ष निताई उरांव, किसुन किस्कु, विष्मदेव महतो, हरेन महतो, अधर महतो, लालू हाजाम, गणपति कैवत, महादेव मांझी, इंद्रदेव मांझी, अशोक महतो, विभिसन महतो, आदि झामुमो कार्यकर्ता व ग्रामीण जनता उपस्थित थे।

ईचागढ़ में जगह जगह किया गया पदयात्रियों का स्वागत

ईचागढ़ में जगह जगह किया गया पदयात्रियों का स्वागत

ईचागढ़

( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )

ईचागढ़: वीर शहीद रघुनाथ महतो यूथ ब्रिगेड छोटानागपुर के तत्वावधान एवं आदिवासी कुड़मी समाज के सहभागिता से चुआड़ विद्रोह के महानायक व देश के प्रथम स्वतंत्रता सेनानी क्रांतिवीर शहीद रघुनाथ महतो के जन्मस्थली नीमडीह प्रखंड के घुंटियाडीह गांव से सिल्ली प्रखंड के शहीद स्थल गढ़तेंतेर लोटा-कीता गांव तक पदयात्रा (सेउरने डहर बेढ़ा) निकाला गया है। जिसका आज तीसरा दिन है। गौरतलब है कि शहीद जन्म स्थल से मिट्टी संग्रह कर 150 लोगों की पदयात्रा शुभारम्भ 01अप्रैल 2023 को जन्मस्थली घुंटियाडीह गांव से प्रारंभ हुआ है और 5 अप्रैल को शहादत दिवस के दिन शहीद स्थल तक पहुंचना है। इधर रविवार को पदयात्रियों की रात्रि विश्राम इंटर कॉलेज तिरुलडीह में व्यवस्थित रहा। आज सुबह 9 बजे कॉलेज के प्राचार्य उपेंद्र चंद्र महतो,प्रो. हृदयरंजन महतो एवं अन्य कॉलेज परिवार के सदस्यों ने श्रद्धापूर्वक पदयात्रियों को विदा किए। साथ में चल रहे आदिवासी कुड़मी समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष अनंत काड़ुआर ने कहा कि शहिदों को आदर्श मानकर आगे बढ़ने वालोें के लिए सम्मान और स्थान के लिए किसी प्रकार की कमी नहीं होती। बाकी काबिले तारीफ है कॉलेज की आतिथ्य सत्कार की व्यवस्थाएं। बढ़ते क्रम में सितु स्थित मिलन चौक के समीप सैकड़ों विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों द्वारा ‘शहीद मिट्टी कलश’ को माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पण कर भव्य रूप से स्वागत किया गया। साथ ही शहीद रघुनाथ महतो के जीवन वृत्तांत को सभी विद्यार्थियों एवं ग्राम वासियों को सुनाया गया । अंत में नमन करते हुए सभी पदयात्रियों को आगे के लिए शुभकामनाएं दी हुई। आज की रात्रि विश्राम राढ़ु नदी के तट पर होगी।

कार्यक्रम को सफल बनाने में गुणधाम मुतरुआर प्रभात कुमार महतो, देवेंद्रनाथ महतो, अर्जुन महतो, रमेश महतो, रक्षित महतो,विजय महतो आदि ने अहम भूमिका निभाकर धन्य हुए।

पामीया में आम सभा के माध्यम से सुमित्रा मार्डी बनी सेविका

पामीया में आम सभा के माध्यम से सुमित्रा मार्डी बनी सेविका

सरायकेला खरसावां

इचागढ़

( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )

ईचागढ़: प्रखंड क्षेत्र के पामीया मे शुक्रवार को पामीया आंगनबाड़ी केंद्र का सेविका का चयन हेतु आमसभा का आयोजन किया गया।

मौके पर प्रमुख गुरू पद मार्डी,मुखिया मेनका सिंह मुण्डा, पर्यवेक्षिका जया पांडे आदि उपस्थित थे।

जानकारी के अनुसार आम सभा में कुल 7 आवेदन प्राप्त हुए जिसमें 3 आदिवासी व 4 ओबीसी आवेदिका सामिल थे । उन्होंने कहा कि आदिवासी बाहुल्य पोशक क्षेत्र होने के चलते ओबीसी को रद्द किया गया।चयन समिति के द्वारा उच्च शिक्षा एवं बाहुल्य क्षेत्र के आधार पर सुमित्रा मार्डी का चयन किया गया।

वहीं चयन होने के बाद सीडीपीओ हिमाद्रि , प्रखंड प्रमुख गुरूपद मार्डी, मुखिया मेनका सिंह मुण्डा,पंसस आदि ने सुमित्रा मार्डी को आंगनबाड़ी सेविका चयन का औपबंधिक चयन पत्र सौंपा।

वहीं सीडीपीओ हिमाद्रि ने बताया कि जाती बाहुल्य के आधार पर एवं उच्च योग्यता को आधार मानते हुए चयन समिति द्वारा सुमित्रा मार्डी का चयन किया गया एवं चयन पत्र दिया गया।

ईचागढ़ विधानसभा में सभी पर भारी पड़ सकते हैं अरविंद सिंह

ईचागढ़ विधानसभा में सभी पर भारी पड़ सकते हैं अरविंद सिंह

जमशेदपुर

जमशेदपुर : ईचागढ़ विधानसभा सीट से पूर्व विधायक अरविंद सिंह 2024 में चुनाव लड़ सकते हैं. चर्चा हो रही है कि अगर वे चुनावी मैदान में उतरे तो सभी प्रत्याशियों पर भारी पड़ सकते हैं. ईचागढ़ विधानसभा सीट का तीन बार प्रतिनिधित्व कर चुके अरविंद सिंह चुनाव के पहले से ही आम जनता के बीच जाकर उनके सुख-दुख में शरीक हो रहे हैं. वे विधानसभा क्षेत्र में पूरी तरह से सक्रिय हैं. विधानसभा क्षेत्र के लोग बराबर टोली बनाकर उनके आवास पर आकर मिल भी रहे हैं और वर्तमान विधायक का दुखड़ा भी रो रहे हैं. क्षेत्र के लोगों के अनुरोध पर ही वे चुनावी समर में कूदने की तैयारी कर रहे हैं. इस विधानसभा सीट से आजसू पार्टी के हरेलाल महतो और पूर्व विधायक स्व. साधु महतो की पत्नी सारथी महतो भी जोर आजमाइश की तैयारी कर रही है.

अरविंद सिंह हैं बाबूलाल मरांडी के बेहद करीबी


पूर्व विधायक अरविंद सिंह की बात करें तो वे भाजपा नेता सह झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के बेहद करीबी हैं. जब बाबूलाल ने भाजपा छोड़कर अपनी नयी पार्टी झारखंड विकास मोर्चा बनायी थी, तब उनके साथ अरविंद सिंह भी शामिल हो गये थे और पार्टी को मजबूत करने का काम किया था. अरविंद सिंह की केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सह झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास से भी काफी नजदीकियां हैं. रघुवर दास और अरविंद सिंह को कई कार्यक्रमों में एक साथ देखा भी गया है. पूर्व विधायक अरविंद सिंह के परिवार के सदस्य ईचागढ़ और जमशेदपुर पश्चिम से चुनाव लड़ सकते हैं. दोनों विधानसभा क्षेत्रों में अरविंद सिंह की सक्रियता बेहद बढ़ गयी है.

साख नहीं बचा पायी हैं सविता महतो

ईचागढ़ की वर्तमान विधायक सविता महतो अपने पति के नाम पर चुनाव तो जीत गयी है, लेकिन वह अपनी साख नहीं बचा पा रही है. जिस सोच के साथ लोगों ने उन्हें खुलकर वोट दिया था अब विधानसभा क्षेत्र की जनता में बिखराव आने लगा है. पार्टी की ओर से उन्हें दोबारा टिकट मिलेगा या नहीं यह भी साफ नहीं है.

हरेलाल विवाद में और सारथी का जनाधार नहीं


आजसू पार्टी के नेता हरेलाल महतो पहले से ही विवाद में हैं. बीच में एक मामला दर्ज होने के बाद वे फरारी काट रहे थे, लेकिन पुलिस ने कई माह बाद कोलकाता में छापेमारी कर गिरफ्तार कर लिया था और जेल भेजा था. हांलांकि वे भी चुनावी समर में उतरने की अपने स्तर से तैयारी कर रहे हैं. इधर स्व. साधु महतो की पत्नी सारथी महतो की बात करें तो उनका अपना कोई जनाधार नहीं है. राजनीति में भी वह पूरी तरह से सक्रिय नहीं है. ऐसे में अगर पार्टी की ओर से उन्हें टिकट दिया जाता है तो वह नैया कैसे पार लगा सकती है आने वाले दिनों में ही पता चलेगा.

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