सरायकेला
मीरुडिह
श्री श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर आखड़ा समिति द्वारा निकाली गई शोभायात्रा– अध्यक्ष अरुण श्रीवास्तव
शोभायात्रा के दौरान दिखा आकर्षक झांकी,श्रद्धालुओं ने दिखाया खेल करतब
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
सरायकेला : राम नवमी के अवसर पर सरायकेला जिले के आर आई टी थाना क्षेत्र अंतर्गत मीरुडिह स्थित श्री श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर में भक्त श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर राम भक्त हनुमान के प्रति आस्था जताया। पूरा क्षेत्र में भक्ति उल्लास का माहौल बना रहा।



तड़के सुबह से ही लोगों का रुख मंदिर की ओर रहा। चौक चौराहे में स्थित बजरंगबली प्रतिमा भी भव्य नजर आया। भक्त श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की। श्री श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर आखड़ा समिति के सदस्यों ने भी पूजा अर्चना कर राम भक्त बजरंगबली के प्रति आस्था जताया।

अपराहन को शोभायात्रा निकली। श्री राम, लक्ष्मण, सीता सहित बजरंगबली की झांकी भी देखने को मिला। शोभा यात्रा के दौरान चौक चौराह पर भक्त श्रद्धालुओं ने खेल करतब भी दिखाया। इस दौरान जय श्री राम का नारा गूंज रहा था। शोभा यात्रा के दौरान चौक चौराहे पर पुलिस सक्रिय रही।



आपको बताते चलें कि रामनवमी की दशमी को धूमधाम से आदित्यपुर में रामनवमी जुलूस निकला. इस दौरान सड़कों पर खेल तमाशे खूब हुए. आग का गोला निकालते हुए रामभक्त झंडा मीलान की ओर आगे बढ़ रहे थे, जिसे देखने के लिए सड़कों पर महिलाओं और पुरुषों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी. श्री श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर आखड़ा समिति के द्वारा पुरे मीरुडिह बस्ती में शौर्य प्रदर्शन किया जिसे देखने लोगो का हुजूम उमड़ पड़ा.


रामनवमी विसर्जन जुलूस के उपलक्ष्य पर विभिन्न अखाड़ों द्वारा निकाले गए भव्य विसर्जन जुलूस और झांकी से अखाड़ों से लेकर सड़क राममय दिखा हालांकि इस दौरान कई अखाड़ों द्वार खेल का प्रदर्शन किया गया. दोपहर से शुरू हुआ अखाड़ा प्रदर्शन का कार्यक्रम सीतारामपुर डैम में जाकर समाप्त हुआ
वहीं रामनवमी अखाड़ा जुलूस में प्रशासन भी पूरी तरह सक्रिय दिखाई दिए
इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में अध्यक्ष अरुण श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष मधुसूदन कुमार, कोषाध्यक्ष प्रभुनाथ तिवारी, सचिव अवधेश कुशवाहा, उपसचिव ध्रुव प्रसाद सिंह, हीरो शर्मा, संतोष सुमन,MS राव, सुजीत शर्मा, रामकृष्ण महाकुर, राजेश भगत, गणेश शर्मा,अभय कुमार, रामकिशोर मंडल, बबलू मंडल,झा जी, विनय सोनी, अजय शर्मा, सिंह जी, जयराम सिंह, एवं समस्त बस्ती वासियों का योगदान रहा



