पत्रकार बने रंगदार

पत्रकार बने रंगदार

सरायकेला खरसावां

सरायकेला खरसावां जिला अंतर्गत कांड्रा निवासी इंडिया न्यूज वायरल के पत्रकार बिपिन वार्ष्णेय के साथ ही गम्हरिया आदित्यपुर क्षेत्र के दो पत्रकार जिसमें एक संतोष कुमार उर्फ चुटैया धारी और एक अन्य पत्रकारों द्वारा मिलकर ब्लैकमेलिंग कर रंगदारी मांगने का मामला प्रकाश में आया है, जो पत्रकारिता के नाम पर एक धब्बा बन गया है जानकार सूत्रों के द्वारा जानकारी मिली है कि बांधा झुरिया के निकट बस्ती निवासी एक गरीब महिला पूर्णिमा तांती चार बच्चे की मां सात महीने की गर्भ गिराना चाहती थी,जिस बात को लेकर उसने कांड्रा पंचायत सहिया जयंती सेन से और जेएसपीएल कर्मचारी सोमा प्रमाणिक से संपर्क साधा लेकिन सात महीने की गर्भ पात से महिला को क्षति पहुंचने की आशंका से सोमा ने वैसा करने से मना कर दिया और उसने पूर्णिमा को यह बताया की ऐसा करने से उसके जीवन को खतरा पहुंच सकता है,उसकी जान भी जा सकती है,और गर्भ पात एक कानूनन जुर्म है,उन्होंने सलाह दिया की तुम उस बच्चे को जन्म दो और कहा कि वैसे भी लोग है जो बच्चे के लिए तरसते हैं और बच्चा एडॉप्ट करना चाहते है.

एक बार यह कॉल रिकॉर्डिंग सुने

अब आप मामले की गंभीरता को पढ़िए

वहीं जेएसपीएल कर्मचारी सोमा प्रमाणिक की बचपन की एक सहेली सुदीप्ता दत्ता जो कदमा जमशेदपुर में रहती थी, शादी के बाद बीस सालों से वे बच्चे के लिए तरस रही थी,जिसकी ससुराल भिलाई पहाड़ी में थी,सोमा ने उससे बात कर इस गर्भवती महिला के बारे में बताया तो सुदीप्ता ने बच्चे को गोद लेना सहर्ष स्वीकार कर लिया,28/05/2024 को बच्चे का जन्म सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गम्हरिया में हुआ लेकिन सहिया के ना समझी से स्वास्थ्य केंद्र में दोनों का आधार कार्ड यानी पूर्णिमा तांती और सुदीप्ता दत्ता का दिया गया था लेकिन क्रमांक संख्या में सुदीप्ता का नाम चढ़ाया गया,यही गलती सहिया के द्वारा कम जानकारी के कारण हो गया इनके द्वारा यह समझ लिया गया की बच्चे को सुदीप्ता ले जायेगी जिसका की लिखा पढ़ी भी हो गया है कोर्ट में सत्यापन के द्वारा तो सुदीप्ता का ही नाम लिखाया जायेगा तो जन्म प्रमाण पत्र बनने में दिक्कत का सामना नही करना पड़ेगा ,जिला परिषद पिंकी मंडल के साथ भी पूर्व में ही पांच लोगों के समक्ष एक कागजात पर एडॉप्ट करने की बात हुई है लेकिन सहिया के सुझबुझ की कमी से ही इस तरह की गलती हो गई है,जिसको पत्रकार सब कमजोरी समझ कर ब्लैकमेलिंग कर रंगदारी वसूली की योजना को कामयाब कर दिया.

उन सभी की कॉल रिकॉर्डिंग में सब कुछ साफ है.ढाई लाख रु की मांग कर रहे है जिसके चलते आत्म हत्या तक की स्थिति उत्पन्न हो गई थी यह है पत्रकारों का काला कारनामा जिसमे दो कांड्रा के पत्रकार जो कांड्रा थाना के बहुत करीबी माने जाते हैं, इन लोगों का काम ही लोगों को गुमराह करना है,एक ने कांड्रा लेम्पस को कमीशन खोरी कर के ताला बंदी करवा दिया और रू कमाने के लिए पत्रकारिता को सबसे अच्छा धंधा समझ कर अख्तियार कर लिया इन दोनों पत्रकारों पर ब्लैकमेलिंग कर रंगदारी से रू वसूली के मामले में कानूनी करवाई कर इन लोगों की पत्रकारिता को काली सूची में डालकर प्रशासनिक कारवाई कर दिया जाना चाहिए इनके अलावा एक और पत्रकार हैं जो भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे है इनकी भी थाना में बहुत पहुंच है,इतना ही नहीं इन सभी का स्क्रैप व्यवसाय से,अवैध बालू माफियाओं से,अपराधियों से अच्छा सांठ गांठ है,इनकी नजर में पत्रकारिता रूपया कमाने की मशीन है,पत्रकारिता में इन सभी भ्रष्ट पत्रकारों के चलते ही शराब दुकानों में मूल्य से ज्यादा रुपए की वसूली की जाती है,राशन दुकानों में राशन काट कर दी जाती है,गांजा की बिक्री खुले आम होती है

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Author: Reporter : Sonu Kumar Singh ( संपादक : भरत सिंह )

किसी भी तरह की जानकारी के लिए संपर्क करें 7970896833,, संपादक भरत सिंह:-8210048890

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