सरायकेला-खरसावाँ में अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 7100 किलो जावा महुआ जब्त।

सरायकेला-खरसावाँ में अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 7100 किलो जावा महुआ जब्त।

सरायकेला/राजनगर

सोनू कुमार सिंह

सरायकेला-खरसावाँ। जिले में अवैध शराब कारोबार के विरुद्ध प्रशासन का अभियान लगातार जारी है। उपायुक्त के निर्देश पर उत्पाद अधीक्षक क्षितिज विजय मिंज के नेतृत्व में उत्पाद विभाग की टीम ने शनिवार 16 अगस्त को राजनगर थाना क्षेत्र में बड़ी छापेमारी की।

गुप्त सूचना के आधार पर विभाग की टीम ने राजनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम जनबानी एवं हनुमतबेड़ा में सघन छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान टीम ने अवैध रूप से संचालित हो रहे शराब के अड्डों पर कार्रवाई करते हुए 04 अवैध चुलाई भट्टियों को मौके पर ही ध्वस्त कर दिया।

छापेमारी के दौरान मौके से 7,100 किलोग्राम जावा महुआ और 140 लीटर अवैध महुआ चुलाई शराब बरामद की गई है। बरामद सभी अवैध उत्पाद को विधिसम्मत तरीके से जब्त कर लिया गया है।

विभाग द्वारा संबंधित अवैध चुलाई अड्डा संचालकों के विरुद्ध झारखंड उत्पाद अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत अभियोग दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है।

इस संबंध में उत्पाद अधीक्षक क्षितिज विजय मिंज ने बताया कि जिले में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, परिवहन एवं बिक्री के विरुद्ध यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा और इस तरह की अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी अवैध शराब के निर्माण, बिक्री या परिवहन की जानकारी मिलती है तो इसकी सूचना तत्काल जिला प्रशासन या उत्पाद विभाग को दें, ताकि ऐसे अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

सरायकेला-खरसावां के कृषि विभाग में गड़बड़ी के आरोप, किसानों को नहीं मिल रहा योजना का लाभ।

सरायकेला-खरसावां के कृषि विभाग में गड़बड़ी के आरोप, किसानों को नहीं मिल रहा योजना का लाभ।

सरायकेला-खरसावां

( भरत सिंह )

साथियों योजना का लाभ जरूरतमंद किसानों तक नहीं पहुंचने की खबर इन दोनों गुप्त सूत्रों द्वारा प्राप्त हो रही है जिसे लेकर सरायकेला खरसावां जिले के कृषि विभाग सवालों के घेरे में बना हुआ है।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार किसानों का कहना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद किसानों तक नहीं पहुंच रहा है और बिचौलियों के माध्यम से काम करवाया जा रहा है। कई प्रखंडों के किसानों ने शिकायत की है कि किसान सम्मान निधि, बीज वितरण, खाद सब्सिडी और कृषि यंत्रों पर अनुदान जैसी योजनाओं में पारदर्शिता नहीं है। आरोप है कि बिना पैसे दिए न तो फॉर्म आगे बढ़ता है और न ही समय पर बीज-खाद मिल पाता है।

सूत्रों ने यह भी बताया है कि “ऑनलाइन आवेदन के बाद भी महीनों तक वेरिफिकेशन नहीं होता। जब दलाल के जरिए 500-1000 रुपये दिए जाते हैं तभी फाइल आगे बढ़ती है।
साथ ही कुछ कृषि पदाधिकारी और कर्मचारियों की मिलीभगत से योजनाओं में फर्जी किसानों के नाम पर राशि निकाली जा रही है। इससे वास्तविक किसान वंचित रह जा रहे हैं

किसानों की मांग है कि विभाग में शिकायत पेटी, हेल्पलाइन नंबर और नियमित जांच की व्यवस्था की जाए। साथ ही सभी योजनाओं की सूची पंचायत स्तर पर सार्वजनिक की जाए ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

इस संबंध में जिला कृषि पदाधिकारी से संपर्क करने पर उन्होंने कहा कि “अगर कोई लिखित शिकायत मिलती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। विभाग भ्रष्टाचार के खिलाफ है।”

फिलहाल किसान संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द सुधार नहीं हुआ तो वे जिला मुख्यालय में प्रदर्शन करेंगे।

शेष अगले अंक में…

जल जीवन मिशन के तहत कुचाई प्रखंड के सामुडीह ग्राम में मनाया गया जल अर्पण दिवस।

जल जीवन मिशन के तहत कुचाई प्रखंड के सामुडीह ग्राम में मनाया गया जल अर्पण दिवस।

सरायकेला/कुचाई

जल जीवन मिशन के तहत दिनांक 13 अगस्त 2026 को कुचाई प्रखंड अंतर्गत सामुडीह ग्राम में जल अर्पण दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, जलसहिया, ग्रामीणों एवं संबंधित पदाधिकारियों की सहभागिता रही।

इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने सुरक्षित पेयजल के उपयोग एवं जल संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए शपथ ली। साथ ही जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीणों को जल के महत्व, जल की बर्बादी रोकने तथा जलापूर्ति योजनाओं के बेहतर रख-रखाव एवं संचालन के प्रति जागरूक किया गया।

कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों से जल स्रोतों एवं जलापूर्ति योजनाओं के संरक्षण में सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चित करने तथा जल का विवेकपूर्ण उपयोग करने की अपील की गई।

कृषि एवं सम्बद्ध विभागों के अंतर्गत संचालित योजनाओं की उपायुक्त ने की समीक्षा।

कृषि एवं सम्बद्ध विभागों के अंतर्गत संचालित योजनाओं की उपायुक्त ने की समीक्षा।

सरायकेला-खरसावां

समाहरणालय सभागार में जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में कृषि एवं सम्बद्ध विभागों के अंतर्गत संचालित योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में पूर्व बैठक के निर्देशों के आलोक में की गई प्रगति की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप निर्धारित लक्ष्यों के विरुद्ध सभी योजनाओं का समयबद्ध, पारदर्शी एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी पात्र किसान अथवा लाभुक किसी भी जनकल्याणकारी योजना के लाभ से वंचित न रहे। इसके लिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए पात्र लाभुकों की पहचान, योजना से जोड़ने एवं लाभ का वास्तविक रूप से हस्तांतरण सुनिश्चित करें।

उपायुक्त ने किसानों के हित से जुड़ी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा पंचायत एवं ग्राम स्तर पर विशेष अभियान चलाकर पात्र किसानों को योजनाओं से आच्छादित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र से संबंधित योजनाओं का लाभ किसानों तक समय पर पहुंचे, इसके लिए विभागीय पदाधिकारी क्षेत्र भ्रमण एवं नियमित अनुश्रवण को प्राथमिकता दें। साथ ही किसानों को कृषि ऋण, बीमा, गुणवत्तापूर्ण बीज, कृषि यंत्र, सिंचाई सुविधा, पशुधन एवं अन्य कृषि-सम्बद्ध योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराते हुए पात्र लाभुकों को योजनाओं से जोड़ने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने कृषि, उद्यान, पशुपालन, गव्य विकास, भूमि संरक्षण एवं सहकारिता विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) पंजीकरण, मुख्यमंत्री कृषि ऋण माफी योजना अंतर्गत शेष लाभुकों का e-KYC, गुणवत्तापूर्ण बीज वितरण, डीप बोरिंग एवं तालाब जीर्णोद्धार, कृषि सहायक उपकरणों का वितरण, पशुधन विकास योजनाओं का लाभ, फसल बीमा योजनाओं में पात्र किसानों का आच्छादन तथा अन्य कृषि-सम्बद्ध योजनाओं का क्रियान्वयन निर्धारित प्रक्रिया एवं समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए।

उपायुक्त ने यह भी निर्देश दिया कि ऐसी योजनाएं, जिनमें लाभुकों के चयन एवं आवेदन संबंधी प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है, उनमें पात्र किसानों एवं लाभुकों को योजना का लाभ प्रदान करने में अनावश्यक विलंब न किया जाए। कृषि एवं सम्बद्ध सभी विभागों के पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि चयनित लाभुकों को कृषि उपकरण, पशुधन, बीज, सिंचाई सुविधा सहित अन्य स्वीकृत योजनाओं का लाभ यथाशीघ्र उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। जिन लाभुकों का योजना के तहत चयन पूर्ण हो चुका है, उन्हें लंबित न रखते हुए निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप शीघ्र लाभान्वित किया जाए तथा इसकी नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जाए।

उपायुक्त ने सहकारिता विभाग को निर्देश दिया कि किसानों को सहकारी व्यवस्था से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। इसके तहत संबंधित क्षेत्र की लैंप्स/सहकारी समितियों में किसानों एवं सदस्यों की संख्या बढ़ाने हेतु पंचायत एवं ग्राम स्तर पर अभियान संचालित करने तथा किसानों को सहकारी समितियों के माध्यम से उपलब्ध सेवाओं एवं सुविधाओं से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाए।

उन्होंने निर्देश दिया कि लैंप्स समितियों में युवाओं की भी भागीदारी सुनिश्चित की जाए तथा युवाओं की आय में वृद्धि के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर विकसित करने की दिशा में सकारात्मक पहल की जाए। इसके लिए लैंप्स समितियों के माध्यम से प्रज्ञा केंद्र संचालन, ऑनलाइन कार्यों एवं अन्य जनोपयोगी डिजिटल सेवाओं जैसी सुविधाएं प्रारंभ करने की संभावनाओं का आकलन करते हुए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि लैंप्स समितियों की सक्रियता बढ़ाते हुए किसानों को कृषि ऋण, बीज, उर्वरक, धान अधिप्राप्ति सहित अन्य उपलब्ध सहकारी सुविधाओं का समुचित लाभ दिलाने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाए। साथ ही किसानों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की अनावश्यक कठिनाई न हो तथा आवेदन, पंजीकरण, e-KYC एवं अन्य प्रक्रियाओं के निष्पादन में विभागीय स्तर पर आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाए।

उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करते हुए नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा एवं क्षेत्रीय स्तर पर अनुश्रवण करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कृषि एवं सम्बद्ध विभागों की योजनाओं का उद्देश्य किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करना, कृषि उत्पादकता में वृद्धि करना तथा किसानों को विभिन्न सरकारी सुविधाओं से प्रभावी रूप से जोड़ना है। इस दिशा में सभी संबंधित विभाग समन्वित रूप से कार्य करते हुए योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र लाभुक तक पहुंचाना सुनिश्चित करें।

उपायुक्त ने सभी विभागीय पदाधिकारियों को स्पष्ट जवाबदेही के साथ कार्य करने का निर्देश दिया, जिससे निर्धारित समय-सीमा में लक्ष्यों की प्राप्ति के साथ-साथ योजनाओं का वास्तविक लाभ किसानों तक सुनिश्चित किया जा सके।

बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला गव्य विकास पदाधिकारी, भूमि संरक्षण पदाधिकारी, DPM JSLPS एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।

जर्जर सड़क की विधायक के निजी स्तर पर मुरूम डालकर मरम्मती।

जर्जर सड़क की विधायक के निजी स्तर पर मुरूम डालकर मरम्मती।

सरायकेला/ईचागढ़

( मालखान महतो )
ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के तुता केनाल सड़क से कुलटांड़ तक करीब दो किलोमीटर जर्जर सड़क की विधायक सविता महतो के निजी स्तर पर मुरूम डालकर मरम्मती कराई जा रही है। झामुमो कार्यकर्ताओं द्वारा ट्रैक्टर से मुरूम लाकर सड़क पर बिछाया जा रहा है। कार्यकर्ता दिनभर मरम्मती कार्य में जुटे रहे।

झामुमो के वरिष्ठ नेता गुप्तेश्वर महतो ने बताया कि विधायक सविता महतो के निर्देश पर करीब दो किलोमीटर जर्जर सड़क की तत्काल मरम्मती कराई जा रही है।

उन्होंने कहा कि सड़क की स्थिति खराब होने के कारण लोगों को आवागमन में काफी परेशानी हो रही थी। टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने में समय लगने के कारण विधायक के निर्देश पर फिलहाल ट्रैक्टर और जेसीबी की मदद से मुरूम डालकर सड़क को चलने लायक बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विधायक के प्रयास से सड़क के स्थायी मरम्मती कार्य का टेंडर भी कराया जाएगा। फिलहाल ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए पार्टी के दर्जनों कार्यकर्ता श्रमदान कर सड़क मरम्मती में जुटे हुए हैं।मौके पर प्रखंड 20 सूत्री अध्यक्ष कन्हाई बेसरा, अघोर महतो, गणेश महतो, लाल सिंह, मधु गोप सहित दर्जनों झामुमो कार्यकर्ता उपस्थित थे।

कुड़मि को सारना धर्म-कोड और कुड़मालि भाषा को 8वीं अनुसूची में शामिल करने की मांग, गृहमंत्री अमित शाह से मिले अजीत प्रसाद महतो को मिला सकारात्मक आश्वासन।

कुड़मि को सारना धर्म-कोड और कुड़मालि भाषा को 8वीं अनुसूची में शामिल करने की मांग, गृहमंत्री अमित शाह से मिले अजीत प्रसाद महतो को मिला सकारात्मक आश्वासन।

सरायकेला/चांडिल

( मालखान महतो )

आदिवासी कुड़मि समाज की दशकों पुरानी मांग को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल हुई है। आदिवासी कुड़मि समाज के मूलखूंटी मूलमानता अजीत प्रसाद महतो के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने 9 अगस्त को नई दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की।

प्रतिनिधिमंडल ने आगामी जनगणना में कुड़मि समाज की अलग जातीय पहचान, मातृभाषा के रूप में कुड़मालि का पृथक अंकन, पारंपरिक प्रकृति-पूजक “सारना कुड़मि धर्म” को धर्म-कोड के रूप में मान्यता और कुड़मालि भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर विस्तृत मांग-पत्र सौंपा।

इस दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री एवं राज्यसभा में नेता सदन जे.पी. नड्डा, जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो, गिरिडीह सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी, पुरुलिया सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो, राज्यसभा सांसद खीरू महतो और आदिवासी कुड़मि समाज के केंद्रीय अध्यक्ष शशांक शेखर महतो सहित कई वरिष्ठ नेता और सामाजिक प्रतिनिधि मौजूद रहे।

प्रतिनिधिमंडल ने गृहमंत्री के समक्ष कहा कि यह मांग केवल पहचान की लड़ाई नहीं है, बल्कि कुड़मि समाज की भाषा, संस्कृति, धार्मिक परंपरा और ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण से जुड़ा विषय है। इस पर गृहमंत्री ने गंभीरता से विचार कर जल्द आवश्यक निर्णय लेने का आश्वासन दिया है।

उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व 6 अगस्त को समाज के प्रतिनिधिमंडल ने भारत के रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त को भी मांग-पत्र सौंपा था, जिसके बाद ही गृह मंत्रालय से मुलाकात का अवसर मिला।

गृहमंत्री से मिले इस आश्वासन के बाद चांडिल सहित पूरे झारखंड, बंगाल, ओडिशा और असम के कुड़मि समाज में अपनी भाषाई और धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान को लेकर नई उम्मीद जगी है।

इस मुलाकात के दौरान जयपुर के विधायक विश्वजीत महतो, संजय महतो, कृष्ण पद महतो, प्रेमचांद महतो, परिमल महतो समेत समाज के कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

वहीं जनसंपर्क सचिव गुणधाम मुतरुआर ने बताया कि इस आंदोलन की आगे की रणनीति तय करने के लिए 16 अगस्त को सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल प्रखंड के डोबो स्थित कुड़मि भवन में आदिवासी कुड़मि समाज की केंद्रीय समिति की अहम बैठक बुलाई गई है। इसमें झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम सहित विभिन्न राज्यों के केंद्रीय सदस्य शामिल होंगे।

आदित्यपुर को स्वच्छ और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में बड़ी पहल।

आदित्यपुर को स्वच्छ और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में बड़ी पहल।

सरायकेला/आदित्यपुर

( सोनू कुमार सिंह )

आदित्यपुर क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त महोदय की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

उक्त बैठक में आदित्यपुर क्षेत्र की कचरा निष्पादन व्यवस्था की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। क्षेत्र में स्वच्छता को लेकर कार्यरत एजेंसी के विरुद्ध आम जनता से प्राप्त शिकायतों से उपायुक्त महोदय को अवगत कराया गया। साथ ही सभी जनप्रतिनिधियों ने एक स्वर में मांग करते हुए कहा कि स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, नियमित एवं पारदर्शी बनाया जाए और लापरवाही बरतने वाली एजेंसी पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

साथ ही जनहित को ध्यान में रखते हुए बैठक में आदित्यपुर एवं गम्हरिया बाजार के समुचित रख-रखाव, साफ-सफाई और बेहतर प्रबंधन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। इन दोनों प्रमुख बाजार क्षेत्रों को आदित्यपुर नगर निगम के अधीन हस्तांतरित करने का आग्रह किया गया, ताकि बाजारों में अतिक्रमण, गंदगी और अव्यवस्था की समस्या का स्थायी समाधान हो सके।

इस अवसर पर सभी जनप्रतिनिधियों ने कहा कि स्वच्छ, सुंदर और सुव्यवस्थित आदित्यपुर बनाना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। नागरिकों को बेहतर नगरीय सुविधाएँ उपलब्ध कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और जनहित से जुड़े हर मुद्दे को पूरी गंभीरता के साथ प्रशासन के समक्ष उठाते रहेंगे।

वहीं उपायुक्त ने सभी विषयों को गंभीरता से सुना और सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

बैठक  में उपयुक्त नीतीश कुमार सिंह, नगर आयुक्त, आदित्यपुर नगर निगम के माननीय महापौर संजय सरदार, उप महापौर अंकुर सिंह, पार्षद अवधेश सिंह सहित नगर निगम के सभी माननीय पार्षदगण उपस्थित रहे।

सरायकेला DTO कार्यालय में अवैध वसूली का गोरख धंधा चरम पर, बिना अवैध पैसे लिए नहीं बन रहा लाइसेंस-सूत्र

सरायकेला DTO कार्यालय में अवैध वसूली का गोरख धंधा चरम पर, बिना अवैध पैसे लिए नहीं बन रहा लाइसेंस-सूत्र

सरायकेला

( भरत सिंह )

सरायकेला खरसावां जिले में इन दिनों अवैध कमाई का एक अलग ही खेल चल रहा है और यह खेल चरम सीमा पर पहुंच चुका है जिसे अगर समय रहते ना रोका गया तो यह अवैध कमाई का जरिया लोगों को उग्र आंदोलन करने पर मजबूर कर सकती है।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार सरायकेला-खरसावां जिले के सरायकेला स्थित जिला परिवहन कार्यालय – DTO में लाइसेंस बनवाने को लेकर आम जनता में भारी नाराजगी है। स्थानीय लोगों और कुछ ड्राइविंग स्कूल संचालकों का आरोप है कि यहां बिना अवैध वसूली के न तो लर्निंग लाइसेंस बन रहा है और न ही स्थाई लाइसेंस। जिसे लेकर पीड़ितों का कहना है कि कार्यालय परिसर में दलालों का खुला कारोबार चल रहा है। आरोप ये भी है कि इस पूरे खेल में कुछ मोटर वाहन निरीक्षक और कार्यालय के कर्मचारियों की मिलीभगत है। लोगों का दावा है कि तय फीस से कई गुना ज्यादा रकम वसूली जा रही है और रसीद भी नहीं दी जा रही।

एक आवेदक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “सरकारी फीस 500-600 रुपये है, लेकिन यहां 3000 से 5000 रुपये तक मांगे जा रहे हैं। अगर पैसे नहीं देंगे तो महीनों तक लाइसेंस अटका दिया जाता है।”

इस मामले को लेकर जिले के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन और परिवहन विभाग के उच्च अधिकारियों से जांच की मांग की है। उनका कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे इस मुद्दे को लेकर आंदोलन करेंगे।

फिलहाल जिला परिवहन पदाधिकारी से इस संबंध में संपर्क करने पर कोई आधिकारिक बयान नहीं मिल पाया है।

जिला नियोजनालय सह मॉडल कैरियर सेंटर, सरायकेला में रोजगार मेला आयोजित।

जिला नियोजनालय सह मॉडल कैरियर सेंटर, सरायकेला में रोजगार मेला आयोजित।

सरायकेला/खरसावां

विभिन्न पदों पर नियुक्ति हेतु 19 संस्थानों ने लिया भाग, 223 अभ्यर्थी शॉर्टलिस्ट।

बुधवार, 12 अगस्त 2026 को जिला नियोजनालय सह मॉडल कैरियर सेंटर, सरायकेला-खरसावाँ के परिसर में रोजगार मेला का आयोजन किया गया। रोजगार मेले में जिले एवं आसपास के क्षेत्रों के रोजगार इच्छुक अभ्यर्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

रोजगार मेले में रामकृष्णा फोर्जिंग्स लिमिटेड, रूंगटा माइन्स लिमिटेड, ब्राइटटेक इंडस्ट्रियल इंडिया लिमिटेड, आरुष मेटल कास्टिंग लिमिटेड, पैंथर सिक्योरिटीज, प्रवीण इंजीनियरिंग, ग्रीनटेक कंसल्टेंसी, एलआईसी, युवा शक्ति फाउंडेशन, टैलेंटनेक्सा सर्विसेज, मयंक इंटरप्राइजेज, सुभाष पेंटिंग वर्क्स, टाटा स्टील फाउंडेशन, ब्रावो सिक्योरिटी, सुदिशा फाउंड्री, मित्तल मोटर्स एवं यूनिक सोल्युशन सहित कुल 19 संस्थानों के प्रतिनिधियों द्वारा विभिन्न पदों पर नियुक्ति हेतु अभ्यर्थियों की चयन प्रक्रिया की गई।

रोजगार मेले में मोल्डिंग ऑपरेटर, मेल्टिंग इंजीनियर, कोर शॉप ऑपरेटर, मेंटेनेंस इंजीनियर, सीएनसी ऑपरेटर, फिटर, बॉल मिल ऑपरेटर, प्रेशर फिल्टर ऑपरेटर, वेल्डर, गैस कटर, इलेक्ट्रीशियन, लैब एग्जीक्यूटिव, ट्रेनी, सिक्योरिटी गार्ड एवं सुपरवाइजर, बीमा सखी, वीएमसी ऑपरेटर, एचआर एग्जीक्यूटिव, एचएमसी ऑपरेटर, लाइन ऑपरेटर, फोर्कलिफ्ट मशीन ऑपरेटर एवं वीटीएल ऑपरेटर सहित विभिन्न पदों के लिए 223 अभ्यर्थियों को शॉर्टलिस्ट किया गया।

जिला नियोजन पदाधिकारी सुश्री आशा मक्सिमा लाकड़ा ने बताया कि चयनित अभ्यर्थियों को मुख्यतः सरायकेला-खरसावाँ, चाईबासा एवं जमशेदपुर क्षेत्र में विभिन्न पदों पर रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने बताया कि जिला नियोजनालय सह मॉडल कैरियर सेंटर, सरायकेला-खरसावाँ के माध्यम से नियमित रूप से रोजगार शिविर एवं रोजगार मेले का आयोजन किया जाता है, ताकि जिले के युवाओं एवं रोजगार की तलाश कर रहे अभ्यर्थियों को विभिन्न प्रतिष्ठानों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा सकें।

उन्होंने जिले के रोजगार इच्छुक युवाओं एवं अन्य योग्य अभ्यर्थियों से अपील की कि भविष्य में आयोजित होने वाले रोजगार मेले एवं भर्ती कैंप में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर उपलब्ध रोजगार अवसरों का लाभ उठाएं। उन्होंने बताया कि रोजगार मेले एवं भर्ती कैंप के माध्यम से नियोजन की प्रक्रिया पूर्णतः निःशुल्क है।

रोजगार मेले में जिला नियोजन पदाधिकारी सुश्री आशा मक्सिमा लाकड़ा, वाईपी श्री रवि प्रकाश सिंह सहित जिला नियोजनालय के कर्मी श्री सुरेंद्र रजक, श्री सुजीत सरदार एवं अन्य कर्मी तथा संबंधित संस्थानों के एचआर मैनेजर एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

उपायुक्त के निर्देशानुसार अपर उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक सम्पन्न।

उपायुक्त के निर्देशानुसार अपर उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक सम्पन्न।

सरायकेला-खरसावां

आपदा से संबंधित मामलों की समीक्षा, 45 मामलों में ₹54.15 लाख की अनुग्रह अनुदान राशि स्वीकृत।

उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी श्री नितिश कुमार सिंह के निर्देशानुसार आज जिला स्तरीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) की बैठक अपर उपायुक्त श्री जयवर्धन कुमार की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई। बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी सरायकेला एवं चांडिल तथा सभी अंचलाधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में जिले में विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं से संबंधित लंबित मामलों की अंचलवार एवं आपदा-वार समीक्षा की गई। समीक्षा के क्रम में सर्वसम्मति से 45 स्वीकृत मामलों में कुल ₹54,15,000 (चौवन लाख पंद्रह हजार रुपये) की अनुग्रह अनुदान राशि नियमानुसार स्वीकृत करने का निर्णय लिया गया।

स्वीकृत मामलों में सड़क दुर्घटना से संबंधित 25 मामलों के लिए ₹25,00,000, अतिवृष्टि से कच्चा/पक्का मकान क्षतिग्रस्त होने से संबंधित 11 मामलों के लिए ₹45,500, पानी में डूबने से मृत्यु के 04 मामलों के लिए ₹16,00,000, सर्पदंश से मृत्यु के 02 मामलों के लिए ₹8,00,000, वज्रपात से मृत पशु के 02 मामलों के लिए ₹69,500 तथा अग्निकांड से मृत्यु के 01 मामले के लिए ₹4,00,000 की राशि स्वीकृत की गई।

बैठक में स्वीकृत सभी मामलों में निर्धारित नियम एवं प्रावधानों के अनुरूप अनुग्रह अनुदान राशि उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने का निर्देश दिया गया।

तीन माह से अधिक समय से लंबित मामलों पर खरसावां, राजनगर एवं इचागढ़ के अंचल अधिकारियों से स्पष्टीकरण

समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि कुछ आपदा से संबंधित आवेदन तीन माह से अधिक समय से कार्यालय स्तर पर लंबित हैं। इस पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए खरसावां, राजनगर एवं इचागढ़ के अंचल अधिकारियों से स्पष्टीकरण प्राप्त करने का निर्देश दिया गया। संबंधित अंचल अधिकारियों को लंबित मामलों के कारणों का स्पष्ट उल्लेख करते हुए स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने तथा मामलों का नियमानुसार शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

अपर उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि आपदा से प्रभावित परिवारों से संबंधित मामलों के निष्पादन में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब अथवा लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। यदि किसी मामले में अनावश्यक विलंब अथवा लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित पदाधिकारी/कर्मी को चिन्हित करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

आपदा प्रबंधन योजनाओं एवं आवेदन प्रक्रिया का स्थानीय भाषा में व्यापक प्रचार-प्रसार

सभी अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि आपदा प्रबंधन से संबंधित योजनाओं एवं उपलब्ध सहायता के प्रावधानों का अंचल स्तर पर स्थानीय भाषा में व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए। प्रभावित लोगों को आवेदन करने की प्रक्रिया, पात्रता तथा आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी सरल एवं स्पष्ट रूप से उपलब्ध कराई जाए, ताकि पात्र परिवार समय पर आवेदन कर सकें और उन्हें सहायता प्राप्त करने में अनावश्यक कठिनाई न हो।

पंचायत एवं ग्रामीण स्तर पर जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से आमजनों को आपदा से प्रभावित होने की स्थिति में आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन करने तथा आवेदन के निष्पादन की प्रक्रिया के संबंध में भी जानकारी देने का निर्देश दिया गया।

45 दिन से अधिक समय से आवेदन लंबित रहने पर जिला स्तर पर शिकायत की अपील

बैठक में आमजनों से अपील की गई कि यदि कोई परिवार आपदा से प्रभावित है और उसके द्वारा सहायता/अनुग्रह अनुदान के लिए आवेदन किए हुए 45 दिन या उससे अधिक समय बीत चुका है, लेकिन आवेदन स्वीकृत नहीं हुआ है अथवा स्वीकृत राशि प्राप्त नहीं हुई है, तो संबंधित परिवार जिला स्तर पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है।

ऐसे प्रभावित परिवार उपायुक्त कार्यालय अथवा जिला आपदा प्रबंधन कोषांग में अपनी शिकायत प्रस्तुत कर सकते हैं। प्राप्त शिकायतों पर संबंधित मामले की जांच करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि पात्र प्रभावित परिवारों को नियमानुसार देय सहायता समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराई जा सके।

बैठक में सभी संबंधित पदाधिकारियों को आपदा से प्रभावित परिवारों के मामलों में संवेदनशीलता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए आवेदन प्राप्त होने से लेकर सत्यापन, स्वीकृति एवं अनुग्रह अनुदान राशि के भुगतान तक की प्रक्रिया निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने का निर्देश दिया गया।

विधायक ने स्कूली बच्चों के बीच किया साइकिल का वितरण।

विधायक ने स्कूली बच्चों के बीच किया साइकिल का वितरण।

सरायकेला/ईचागढ़

( सोनू कुमार सिंह )

ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के राजकीयकृत मध्य विद्यालय टीकर में बुधवार को विधायक सविता महतो ने आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों के बीच साइकिल का वितरण किया। इस दौरान टीकर, सीलदा, काठघोड़ा, पातकुम एवं नारो मध्य विद्यालय के कुल 1163 छात्र-छात्राओं को साइकिल प्रदान की गई।

इस अवसर पर विधायक सविता महतो ने कहा कि झारखंड सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना है। योजना के तहत आठवीं कक्षा में अध्ययनरत सभी विद्यार्थियों को साइकिल उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि उन्हें विद्यालय आने-जाने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

उन्होंने कहा कि कल्याण विभाग की ओर से विद्यार्थियों को साइकिल दी जा रही है। साइकिल मिलने से ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को स्कूल आने-जाने में सुविधा होगी और उनकी पढ़ाई भी सुचारू रूप से जारी रखने में मदद मिलेगी। मौके पर बीडीओ एकता वर्मा, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी सुखदेव उरांव,झामुमो केन्द्रीय सदस्य काबलू महतो, प्रखंड सचिव अमित सिन्हा, सपन कुमार आदित्यदेव, प्रधानाध्यापक मेघनाद महतो, राजेश कुमार,शिक्षक शिव शंकर दास आदि उपस्थित थे।

17 साल से फरार लूट का स्थायी वारंटी आखिरकार राजनगर पुलिस के हत्थे चढ़ा।

17 साल से फरार लूट का स्थायी वारंटी आखिरकार राजनगर पुलिस के हत्थे चढ़ा।

सरायकेला/राजनगर

( सोनू कुमार सिंह )

फरार वारंटियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में राजनगर थाना पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। 17 साल से कानून को चकमा दे रहा लूटकांड का स्थायी वारंटी राजू लोहार पुलिस के शिकंजे में आ गया है।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान राजू लोहार, पिता गंगा लोहार, निवासी सिनी, थाना राजनगर के रूप में हुई है। आरोपी वर्ष 2009 से राजनगर थाना के एक लूटकांड में फरार चल रहा था। इतना ही नहीं, वह चाईबासा मुफस्सिल थाना के एक अन्य मामले में भी वांछित था।

बताया जाता है कि लंबे समय से फरार रहने के कारण आरोपी खुद को कानून से ऊपर समझने लगा था, लेकिन राजनगर थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस लगातार उसके संभावित ठिकानों पर नजर रखे हुए थी।

इसी दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि आरोपी अपने इलाके में ही छिपा हुआ है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एक विशेष टीम का गठन किया और सटीक रणनीति के तहत छापेमारी कर राजू लोहार को धर दबोचा।

राजनगर थाना पुलिस की इस कार्रवाई की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है। 17 साल पुराने मामले में गिरफ्तारी होना यह साबित करता है कि राजनगर थाना पुलिस अपने कर्तव्य के प्रति कितनी सजग और प्रतिबद्ध है। पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि अपराधी चाहे कितना भी पुराना हो या कितनी भी दूर क्यों न भाग जाए, कानून के हाथ से बच नहीं सकता।

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करते हुए आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

यह सफलता सरायकेला जिला पुलिस की बेहतर रणनीति, सतत निगरानी और राजनगर थाना की कार्यकुशलता का प्रत्यक्ष उदाहरण है।

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