मॉडल स्कूल खरसावॉं में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण संपन्न।

मॉडल स्कूल खरसावॉं में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण संपन्न।

सरायकेला-खरसावां

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत मॉडल स्कूल खरसावॉं में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खरसावॉं के चिकित्सकों द्वारा विद्यालय के कक्षा 6 से 10 तक के छात्र-छात्राओं का व्यापक स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
इस स्वास्थ्य शिविर में डॉ. मो. नजीर आलम एवं डॉ. ममता कुमारी ने विद्यार्थियों के सामान्य स्वास्थ्य की जॉंच करने के साथ-साथ उन्हें स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित आहार, व्यक्तिगत स्वच्छता एवं नियमित स्वस्थ्य देखभाल के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी एवं आवश्यक परामर्श प्रदान किया।

चिकित्सकों ने बताया कि यदि किसी विद्यार्थी में पोलियो, कटे होंठ (क्लेफ्ट लिप), कटे तालु (क्लेफ्ट पैलेट), जन्मजात विकृतियॉं अथवा अन्य गंभीर एवं असाध्य बीमारियों के लक्षण पाए जाते हैं, तो उनके समुचित उपचार की व्यवस्था सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं के माध्यम से कराई जाएगी, ताकि प्रत्येक बच्चे को समय पर आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सके।

विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका बासुमति मिश्रा ने इस अवसर पर कहा कि विद्यार्थियों का शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य उनके सर्वांगीण विकास की आधारशिला है। उन्होंने सभी अभिभावकों एवं विद्यार्थियों से ऐसे स्वास्थ्य कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की।
कार्यक्रम के सफल संचालन में शिक्षिका शशिवाला बागे, शिक्षक जीडी महन्त, आशिष कुमार प्रमाणिक, विकास चंद्र महतो, सतीश सेन प्रधान, प्रभात कुमार महतो, प्रियतम सिंह, बीएड प्रशिक्षु शिक्षिका रोजालिन नाहक तथा मो. अब्दुल सत्तार सहित विद्यालय परिवार के सभी सदस्यों ने महत्वपूर्ण एवं सराहनीय योगदान दिया।

विद्यालय प्रबंधन ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, खरसावॉं की चिकित्सा टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के स्वास्थ्य परीक्षण शिविर बच्चों के स्वस्थ सुरक्षित एवं उज्जवल भविष्य के निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

राजकीय छऊ नृत्य कला केंद्र को मिलेगा नया स्वरूप, जल्द शुरू होगा प्रशिक्षण।

राजकीय छऊ नृत्य कला केंद्र को मिलेगा नया स्वरूप, जल्द शुरू होगा प्रशिक्षण।

सरायकेला-खरसावां

वर्षों से निष्क्रिय पड़े राजकीय छऊ नृत्य कला केंद्र को पुनर्जीवित करने की दिशा में जिला प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। गुरुवार को अनुमंडल कार्यालय सभागार में कला केंद्र के सचिव सह अनुमंडल पदाधिकारी अभिनव प्रकाश की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में केंद्र के संचालन, संस्थागत विकास एवं प्रशिक्षण व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में नगर पंचायत अध्यक्ष एवं सरायकेला छऊ आर्टिस्ट एसोसिएशन के संरक्षक मनोज कुमार चौधरी, वरिष्ठ छऊ गुरु, कलाकार तथा कला प्रेमी शामिल हुए।

बैठक में निर्णय लिया गया कि केंद्र में आवश्यक पदों को चरणबद्ध तरीके से भरते हुए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम पुनः प्रारंभ किया जाएगा, ताकि नई पीढ़ी को सरायकेला की विश्वविख्यात छऊ शैली का व्यवस्थित प्रशिक्षण मिल सके। साथ ही कला केंद्र के दीर्घकालीन एवं सुव्यवस्थित संचालन के लिए आवश्यक संस्थागत व्यवस्था विकसित की जाएगी।

अनुमंडल पदाधिकारी अभिनव प्रकाश ने बैठक में कलाकारों को फेलोशिप चयन समिति के गठन, सोसाइटी निबंधन अधिनियम के तहत संस्था का पंजीकरण, गवर्निंग बॉडी के गठन तथा विभिन्न सरकारी एवं अन्य स्रोतों से अनुदान एवं वित्तीय सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद कला केंद्र के संचालन, विकास एवं वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने में सुविधा होगी।

बैठक में कलाकारों ने नियमित प्रशिक्षण, प्रशिक्षकों की नियुक्ति, आधारभूत संरचना के विकास, कलाकार कल्याण योजनाओं तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सरायकेला छऊ के प्रचार-प्रसार से जुड़े कई सुझाव दिए। अनुमंडल पदाधिकारी ने सभी सुझावों पर गंभीरता से कार्य करने का आश्वासन दिया।

नगर पंचायत अध्यक्ष एवं सरायकेला छऊ आर्टिस्ट एसोसिएशन के संरक्षक मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि सरायकेला की सांस्कृतिक पहचान एवं विश्वविख्यात छऊ परंपरा के संरक्षण और संवर्धन के लिए कलाकारों द्वारा लगभग 20 वर्षों से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अब राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन की सकारात्मक पहल से राजकीय छऊ नृत्य कला केंद्र के पुनर्जीवन का मार्ग प्रशस्त हुआ है। उन्होंने कहा कि बैठक में प्रस्तुत विस्तृत कार्ययोजना आने वाले दिनों में कला केंद्र के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी तथा कलाकारों और नई पीढ़ी को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

बैठक में उपस्थित कलाकारों ने उम्मीद जताई कि केंद्र में शीघ्र नियमित प्रशिक्षण शुरू होने से सरायकेला छऊ की गौरवशाली परंपरा को नई ऊर्जा मिलेगी तथा इसे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूती मिलेगी।

कुकड़ू में बिजली की अनियमितता आपूर्ति और समस्याएं की स्थाई समाधान के लिए जिप उपाध्यक्ष ने कार्यपालक अभियंता के साथ की बैठक।

कुकड़ू में बिजली की अनियमितता आपूर्ति और समस्याएं की स्थाई समाधान के लिए जिप उपाध्यक्ष ने कार्यपालक अभियंता के साथ की बैठक।

सरायकेला/ईचागढ़

कुकड़ू प्रखंड क्षेत्र में प्राय समय पर बिजली आपूर्ति बाधित के संबंध में जिप उपाध्यक्ष मधुश्री महतो की उपस्थिति में गुरुवार को जिला कार्यपालक अभियंता विद्युत सरायकेला खरसावां के साथ तिरुलडीह बिजली फीडर कार्यालय में एक आवश्यक बैठक संपन्न हुआ।

बैठक में मुख्य रूप से बिजली विभाग से संबंधित कोई ज्वलंत समस्या पर अवगत कराया गया और क्षेत्र में नियमित बिजली की आपूर्ति के लिए पहली फेज में प्रखंड कुकड़ू को स्वीकृति प्रदान के साथ खुली तारों को हटा कर केबल तार से जोड़ा जाय , टूटा फूटा खंबा को हटाकर नए खंबा लगाया जाए, आवश्यकता अनुसार गांव में ट्रांसफार्मर की व्यवस्था किया जाए, आवश्यकता अनुसार गांव में लाइनमैन का नियुक्ति किया जाए, बिजली मित्र द्वारा मासिक बिजली बिल स्लिप कलेक्शन किया जाए, फीडर में योग्य अनुभवी कर्मी नियमित बहाल किया जाए, प्रखंड में आकस्मिक बिजली आपूर्ति बाधित एवं अन्य सूचना के लिए मोबाइल ग्रुप बनाया जाए। किसानों को रैयत पर नया बिजली कनेक्शन दिया जाए सहायक अभियंता एवं कनीय अभियंता द्वारा क्षेत्र में नियमित बिजली आपूर्ति मरम्मती कार्य का निरीक्षण कराया जय। बिजली तार द्वारा जानवरों की मृत्यु की मुआवजा राशि शीघ्र भुगतान किया जाए। बैठक में मुख्य रूप से सभी पंचायत के बिजली उपभोक्ता शामिल थे।

मध्य विद्यालय दुलमी में दो शिक्षकों की नियुक्ति, बच्चों व अभिभावक ने जताया आभार।

मध्य विद्यालय दुलमी में दो शिक्षकों की नियुक्ति, बच्चों व अभिभावक ने जताया आभार।

सरायकेला/ईचागढ़

कुकड़ू प्रखंड क्षेत्र के मध्य विद्यालय दुलमी में दो नए शिक्षकों की नियुक्ति गुरुवार को किया गया। स्कूली बच्चों व अभिभावक ने दोनो को स्वागत किया। मालूम हो कि काफी समय से विद्यालय के दो शिक्षक डेपुटेशन पर रहने के कारण छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। इस समस्या को लेकर समाजसेवी गौरांग दत्त ने संबंधित अधिकारियों को आवेदन दिया था तथा सोशल मीडिया (ट्विटर/एक्स) के माध्यम से भी नए शिक्षकों की नियुक्ति का आग्रह किया था।

समाजसेवी गौरांग दत्त ने  बताया कि विद्यालय में दो नए शिक्षक मिलने से विश्वास है कि बच्चों की पढ़ाई बेहतर होगी और आने वाले समय में विद्यालय का शैक्षणिक परिणाम भी उत्कृष्ट होगा। इस जनहित के कार्य में सहयोग देने वाले दुलमी के सभी ग्रामीणों, पत्रकार बंधुओं तथा पूर्वी सिंहभूम शिक्षक संघ के अध्यक्ष महोदय का हृदय से आभार एवं धन्यवाद दिया।

लगभग 1 महीने से जिला परिवहन पदाधिकारी का पद खाली, दलाल बना रहे हैं दबदबा।

लगभग 1 महीने से जिला परिवहन पदाधिकारी का पद खाली, दलाल बना रहे हैं दबदबा।

सरायकेला-खरसावां

साथियों बचपन में हमने सुना था अगर किसी घर में कुछ समय के लिए रहना छोड़ दो तो उसमें भूतों का वास हो जाता है इसीलिए घर को कभी अकेला नहीं छोड़ना चाहिए। अब यह तो रही बचपन की बात लेकिन यह सिर्फ बचपन तक सीमित नहीं यह आज भी कायम है लेकिन यह दूसरे रूप में कायम है। जैसे कि प्रशासनिक महकमे की अगर हम बात करें तो अगर किसी विभाग का कोई पद अगर खाली हो तो वहां दलालों का दबदबा बना जाता है।

जी हां साथियों काफी समय से झारखंड के सरायकेला खरसावां जिले के जिला परिवहन पदाधिकारी का पद लगभग 1 महीने से खाली पड़ा हुआ है। पूर्व के जिला परिवहन पदाधिकारी गिरजा शंकर महतो के तबादले के बाद से ही यह पद अब तक वीरान पड़ा हुआ है। अब तक इस पद के लिए किसी नए जिला परिवहन पदाधिकारी की नियुक्ति नहीं की गई है।

वहीं काफी समय से पद खाली पड़े रहने से जिला परिवहन कार्यालय से संबंधित कई कार्य लंबित पड़े हुए हैं रोज मारिया के जीवन में मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण करने वाले जिले वासि लगातार जिला परिवहन कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं।

इस भीषण गर्मी में भी कई लोग, छात्र, नौकरी पेशेवर लोग कई किलोमीटर से अपनी गाड़ियों से अथवा, ऑटो, बस की सहायता से यात्रा कर जिला मुख्यालय पहुंचने हैं लेकिन परिवहन पदाधिकारी का पद खाली होने से उन्हें भी मजबूर होकर बेरंग लौटना पड़ता है।

वहीं इस मामले पर सूत्र बता रहे हैं कि लगभग लगभग 1 महीने से जिला परिवहन पदाधिकारी का पद खाली होने से ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन रजिस्ट्रेशन, फिटनेस, परमिट जैसी और भी कई ऐसे आवश्यक कार्य हैं जो लंबित पड़े हुए हैं। जिससे कि सरकार को लाखों रूपए राजसव का नुकसान हो रहा है लेकिन फिर भी अब तक इस पद के लिए किसी भी पदाधिकारी की नियुक्ति नहीं की गई है यह अपने आप में एक बड़ा सवाल है आखिर क्यों नहीं की गई आखिर क्या वजह रही।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उक्त विभागीय पद के खाली होने से वर्तमान में दलालों का दबदबा बना हुआ है। उक्त कार्यालय में अपनी परेशानी लेकर पहुंचे जिले वासियों से कुछ दलाल पैसों की उगाही करते हैं जिसकी रोकथाम जनहित में बेहद ही आवश्यक है

भष्टाचार की भेंट चढ़ गया 37 करोड़ की लागत से निर्माधीण पातकुम – लावा सड़क, आने लगी दरार।

भष्टाचार की भेंट चढ़ गया 37 करोड़ की लागत से निर्माधीण पातकुम – लावा सड़क, आने लगी दरार।

सरायकेला/ईचागढ़

( सोनू कुमार सिंह )

एक वह रास्ता जो हमें हमारी मंजिल तक पहुंचती है और एक वह रास्ता जो हमें यमराज से मिलती है। जी हां साथियों रास्ते अगर अच्छे हो तो हमें हमारी मंजिल मिल ही जाती है लेकिन कुछ भ्रष्टाचारियों की वजह से सड़क निर्माण में लापरवाही बरतने के कारण सड़क की गुणवत्ता बिल्कुल ही बेकार निकल कर सामने आती है और इसका नतीजा यह होता है कि वक्त से पहले ही सड़कों में दरारें गड्ढे बन जाते हैं जो कि कई सड़क दुर्घटनाओं में मुख्य कारण बनती है अथवा कई बार जानलेवा साबित होते हैं।

साथियों अगर हम सरायकेला खरसावां जिले की बात करें तो इन दिनों सरायकेला खरसावां जिला अपराध भ्रष्टाचार के लिए सुर्खियों में बना हुआ है इसका अंदाजा अब इस बात से लगा सकते हैं कि सरायकेला खरसावां जिले में कानून व्यवस्था नियमित रूप से ना बनाए रखने के आलोक में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सरायकेला खरसावां जिले की पुलिस अधीक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

कहीं ज्वेलरी शॉप पर चापड़ से हमला, तो कहीं थाने में आदिवासी युवती के साथ मारपीट बर्बरता किया जाता है, तो कहीं गलियों और सड़कों में बिना नंबर प्लेट के दो पहिया वाहनों का चलना, कहीं सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करना, कहीं शराब की दुकान से शराब खरीद कर सड़क किनारे शराब पीना, कहीं सड़क किनारे झोपड़ी नुमा होटल में महुआ शराब का बिक्री होना, यह तमाम आपराधिक घटनाएं सरायकेला खरसावां जिले में आम बात हो गई हैं सूत्र बताते हैं मानो सरायकेला खरसावां जिले में कानून व्यवस्था बिल्कुल ठप हो चुकी है। और वह दिन दूर नहीं जब जिले में गुन्डों का आतंक होगा जिसे लोग गुंडाराज कहेंगे।

साथियों सरायकेला खरसावां जिले से एक और भ्रष्टाचार का मामला प्रकाश में आया है जहां पर सरायकेला खरसावां जिले के ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के लाइफ लाइन माने जाने वाले पातकुम – लावा सड़क महज छह माह में ही दरार आने लगी है। सड़क का निर्माण 37 करोड़ रु की लागत से किया जा रहा है।और ईचागढ़ प्रखंड वासियों के लिए यह सड़क लाइफ लाइन माना जाता है।

सूत्रों ने जानकारी दी है कि इस सड़क की निर्माण में सिर्फ खाना पूर्ति हुई है। डुमटांड़ से लेकर पातकुम तक जगह जगह सड़क में दरार आने लगी है और सड़कों में पड़ी यह दरारे धीरे-धीरे करके पूरी सड़क को जर्जर बना देगी। और वह दिन दूर नहीं जब लोगों को सड़क में गड्ढा या गड्ढे में सड़क का फर्क पता चलना बंद हो जाएगा। और सड़क पर बने यही दरारे और दरारों से बनने वाले गड्ढे एक दिन इस सड़क दुर्घटना में होने वाली मौत का कारण बनेंगे।

आपको बताते चलें कि इस सड़क के निर्माण हेतु ग्रामीणों ने विधायक, सांसद सहित अनेक जनप्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपकर कर सड़क निर्माण हेतु अनुरोध किया था। बड़ी मशक्कत के बाद इस सड़क का निर्माण किया जा रहा था लेकिन संवेदक द्वारा इस सड़क का निर्माण अच्छी गुणवत्तापूर्ण नहीं किया गया और यह सड़क भी भष्टाचार का भेंट चढ़ गया।

मिली जानकारी के अनुसार अब तक इस सड़क का निर्माण पाटपुर से लेपाटांड़ मैदान और लेपाटांड़ गांव से रानी बांध तक नहीं किया गया है। निर्माण पूरी भी नहीं हुई है और सड़क पर दरार आने लगी है। ग्रामीणों ने विभागीय अभियंता और पदाधिकारी से जाँच कर अविलंव कारवाई की मांग की है। साथ ही ग्रामीणों ने द्वारा मांग किया है कि सड़क का निर्माण अच्छी गुणवत्तापूर्ण हो ओर जँहा भी सड़क गड्डे में तब्दील हुआ है और दरारे आने लगी है उसका मरम्मति किया जाए।

सूत्रों ने यह भी जानकारी दी है कि इस सड़क पर रात दिन बालू का परिवहन किया जाता है इसलिए सड़क में दरार आने लगी है। और वह दिन दूर नहीं जब घटिया गुणवत्ता वाले सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे नजर आएंगे और स्थानीय ग्रामीण उस गड्ढे के कारण सड़क दुर्घटना में मौत का शिकार होंगे।

कुकड़ू के हाई तिरुल गांव में पेयजल संकट, जान जोखिम में डालकर पानी लाती हैं महिलाएं।

कुकड़ू के हाई तिरुल गांव में पेयजल संकट, जान जोखिम में डालकर पानी लाती हैं महिलाएं।

सरायकेला/ईचागढ़

सरायकेला-खरसावां जिले के कुकड़ू प्रखंड स्थित पारगामा पंचायत का हाईतीरूल गांव आज भी शुद्ध पेयजल की सुविधा से वंचित है। आदिवासी बहुल इस गांव की महिलाएं रोज 2 से 4 किलोमीटर पैदल चलकर पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले से पानी लाने को मजबूर हैं। गांव में न हैंडपंप है, न जलमीनार और न ही नल-जल योजना की सुविधा उपलब्ध है। हाईतीरूल गांव में अधिकांश आदिवासी परिवार रहते हैं। गर्मी हो या बरसात, महिलाएं रोज सुबह-शाम जंगल, झाड़ियों और खेतों की मेड़ से होकर 2 से 4 किलोमीटर पैदल चलकर पानी लाने जाती हैं।

पश्चिम बंगाल से लाना पड़ता है पानी

पानी के लिए ग्रामीणों को पश्चिम बंगाल की सीमा पार कर पुरुलिया जिले के बागमुंडी थाना क्षेत्र के माठा अंचल स्थित चड़क पाथर गांव जाना पड़ता है। वहां डाढ़ी, चुआं, डोभा और पुराने कूप से पानी भरकर महिलाएं डेगची और हांडी सिर पर रखकर गांव लौटती हैं। ग्रामीण महिलाओं का कहना है, “रास्ते में हाथियों का झुंड, सांप और बिच्छू मिलने का खतरा बना रहता है। कांटों भरे जंगल से होकर गुजरना पड़ता है। मजबूरी में यही पानी लाकर कपड़े से छानकर पीने और खाना बनाने में इस्तेमाल करते हैं. सालभर यही स्थिति रहती है।”

पेयजल की स्थायी व्यवस्था नहीं

ग्रामीणों का कहना है कि पहाड़ियों के बीच बसे इस गांव तक अब तक जल जीवन मिशन और हर घर नल से जल योजना का लाभ नहीं पहुंचा है। गांव में शुद्ध पेयजल की स्थायी व्यवस्था नहीं होने से लोगों को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सिर्फ लोगों को ही नहीं, पालतू मवेशियों के लिए भी कई किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ता है। यह इलाका हाथी प्रभावित क्षेत्र है, जिससे पानी लाने के दौरान हमेशा खतरा बना रहता है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से की मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव में चापाकल, जलमीनार अथवा नल-जल योजना के तहत शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि गांव में जल्द पेयजल की स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि लोगों को दूसरे राज्य से पानी लाने की मजबूरी खत्म हो सके।

झारखंड में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, एहतेशाम वकारिब बने जमशेदपुर के नए SSP, मनोज स्वर्गियारी को मिली सरायकेला-खरसावां की कमान

झारखंड में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, एहतेशाम वकारिब बने जमशेदपुर के नए SSP, मनोज स्वर्गियारी को मिली सरायकेला-खरसावां की कमान

सरायकेला/खरसावां

डबल डाउन बार हत्याकांड के बाद झारखंड सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिले में नए पुलिस कप्तानों की नियुक्ति कर दी है. सरकार ने आईपीएस अधिकारी एहतेशाम वकारिब को जमशेदपुर (पूर्वी सिंहभूम) का नया वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) बनाया है, जबकि 2018 बैच के आईपीएस अधिकारी मनोज स्वर्गियारी को सरायकेला-खरसावां जिले का नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है.

मनोज स्वर्गियारी मूल रूप से असम के बोडो समुदाय से आते हैं. उनका जन्म 28 जून 1991 को हुआ था. उन्होंने आईआईटी गुवाहाटी से बी.टेक की पढ़ाई पूरी की और वर्ष 2017 की यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल करने के बाद 2018 बैच के आईपीएस अधिकारी बने.

उल्लेखनीय है कि बिष्टुपुर स्थित डबल डाउन बार के बाहर करणी सेना युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष हिमांशु सिंह की हत्या के बाद पूरे कोल्हान में कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठे थे. मामले को लेकर लगातार विरोध-प्रदर्शन, राजनीतिक बयानबाजी और प्रशासनिक जवाबदेही की मांग तेज हो गई थी. इसके बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पूर्वी सिंहभूम के एसएसपी और सरायकेला-खरसावां के एसपी को पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय से संबद्ध करने का निर्णय लिया था.

सरकार ने स्पष्ट किया है कि जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और अपराधियों के साथ-साथ लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी. नए पुलिस अधिकारियों के सामने अब दोनों जिलों में कानून-व्यवस्था को मजबूत करना, लोगों का भरोसा बहाल करना और चर्चित मामलों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना बड़ी चुनौती होगी.

राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे के अवसर पर हरेलाल महतो ने चिकित्सकों को किया सम्मानित, मरीजों के बीच किया फल वितरण।

राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे के अवसर पर हरेलाल महतो ने चिकित्सकों को किया सम्मानित, मरीजों के बीच किया फल वितरण।

सरायकेला/ईचागढ़

राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे के अवसर पर ईचागढ़ विधानसभा के पूर्व एनडीए प्रत्याशी एवं आजसू पार्टी के केंद्रीय महासचिव हरेलाल महतो ने चांडिल अनुमंडल अस्पताल पहुंचकर अस्पताल में कार्यरत चिकित्सकों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों के बीच फल वितरण कर उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। कार्यक्रम के उपरांत हरेलाल महतो ने अनुमंडल अस्पताल का औचक निरीक्षण किया तथा अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने कहा कि डॉक्टर हमारे समाज में भगवान का दूसरा स्वरूप हैं। मानव सेवा में उनका योगदान अतुलनीय है और राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे के अवसर पर उनका सम्मान करना हम सभी का कर्तव्य है। हरेलाल महतो ने अस्पताल में चिकित्सकों की भारी कमी पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान में पूरा अनुमंडल अस्पताल मात्र एक डॉक्टर के भरोसे संचालित हो रहा है, जिससे क्षेत्र के हजारों मरीजों को समुचित चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पा रही है। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि जनहित को ध्यान में रखते हुए अविलंब कम-से-कम चार से पांच चिकित्सकों की नियुक्ति की जाए, ताकि आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।

उन्होंने 23 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नए अनुमंडल अस्पताल भवन का भी उल्लेख करते हुए कहा कि भवन तैयार होने के बावजूद वर्षों से उसका समुचित संचालन नहीं हो पाया है। लगातार टेंडर और मरम्मत कार्य होना सरकार की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। उन्होंने सरकार से शीघ्र अस्पताल भवन को पूर्ण रूप से चालू कर क्षेत्रवासियों को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। श्री महतो ने कहा कि जनता के स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि क्षेत्र की जनता को समय पर बेहतर उपचार मिल सके।

खरसावां में जेसीबी से कटी 11 हजार वोल्ट की अंडरग्राउंडकेबल।

खरसावां में जेसीबी से कटी 11 हजार वोल्ट की अंडरग्राउंडकेबल।

30 गांवों में 13 घंटे बिजली गुल; ग्रामीणों ने 5 घंटे तक श्री झारखंड सीमेंट कंपनी गेट को जाम कर किया धरना प्रदर्शन।

सरायकेला-खरसावां

खरसावां प्रखंड के हांसदा स्थित श्री झारखंड सीमेंट कंपनी की लापरवाही के कारण मंगलवार को करीब 30 गांवों की बिजली आपूर्ति 13 घंटे तक ठप रही। कंपनी द्वारा बुरूडीह-रेगोगोडा रेलवे ओवरब्रिज के समीप जेसीबी से खुदाई के दौरान दोपहर करीब 1 बजे 11 हजार वोल्ट की अंडरग्राउंड हाई-टेंशन बिजली केबल कट गई। इससे क्षेत्र की बिजली व्यवस्था पूरी तरह बाधित हो गई और हजारों उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। घटना के बाद चिलकू, सिमला, विटापुर पंचायत समेत आसपास के लगभग 30 गांवों में बिजली आपूर्ति बंद हो गई।

वहीं देर शाम तक बिजली बहाल नहीं होने और केबल मरम्मत का कार्य शुरू नहीं होने से ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ गया। बड़ी संख्या में लोग पहले घटनास्थल पर पहुंचे और बाद में रात करीब 9 बजे श्री झारखंड सीमेंट कंपनी के मुख्य गेट पर पहुंचकर प्रवेश एवं निकासी पूरी तरह रोक दी। ग्रामीणों ने कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, क्षतिग्रस्त अंडरग्राउंड हाई-टेंशन केबल को तत्काल जोड़ने तथा भविष्य में ऐसी लापरवाही पर रोक लगाने की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। करीब 100 से 150 ग्रामीणों ने लगभग पांच घंटे तक कंपनी का मुख्य गेट जाम रखा। कंपनी अधिकारियों द्वारा केबल मरम्मत कार्य तत्काल शुरू कराने और समस्या के समाधान का आश्वासन दिए जाने के बाद रात करीब 1 बजे ग्रामीणों ने जाम समाप्त किया।

इसके बाद मरम्मत कार्य पूरा होने पर बुधवार सुबह करीब 3 बजे बिजली आपूर्ति बहाल की गई। इस संबंध में श्री झारखंड सीमेंट कंपनी के अधिकारी संतोष उपाध्याय ने बताया कि खुदाई के दौरान अंडरग्राउंड हाई-टेंशन केबल क्षतिग्रस्त हो गई थी। उन्होंने कहा कि केबल जोड़ने का कार्य तत्काल शुरू कर दिया गया था, लेकिन तकनीकी प्रक्रिया होने के कारण इसमें समय लगा। इस दौरान मुख्य रूप से प्रभाकर मंडल, सुधीर मंडल, हेमंत मंडल, अखेलेश्वर महतो, कंचन चौहान, लखन महतो सहित विभिन्न गांव के ग्रामीण उपस्थित थे।

कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग
ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी की लापरवाही के कारण अंडरग्राउंड बिजली केबल क्षतिग्रस्त हुई, जिससे करीब 30 गांवों के हजारों उपभोक्ताओं को 13 घंटे तक बिजली संकट का सामना करना पड़ा। उन्होंने संबंधित कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की मांग की।
इन गांवों में रही बिजली गुल

केबल कटने के कारण चिलकू, रेगोगोडा, गोजुडीह, साडेबुरू, धातकीडीह, बलरामपुर, जगन्नाथपुर, बागरायडीह, रेगुडीह, गुराडीह, बड़गांव, रायडीह, संतारी, बुडूगुटू, आमडीहा, विटापुर, सिदाडीह, सोखानडीह, नारायडीह, मोसोडीह, तेतुलटांड़, कुलटांड़, बानडीह, सिलडुगरी, काशीडीह, कल्याणडीह, विषयगोड़ा, बंदिराम, लालबाजार, कोडासई, पगनाथडीह, सहरबेड़ा, पाड़ेयाबादी और गुडीसाई समेत लगभग 30 गांवों में मंगलवार दोपहर 1रू30 बजे से बुधवार सुबह 3 बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। इससे उमस भरी गर्मी में लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

हूल दिवस पर आजसू पार्टी ने दी शहीद सिदो-कान्हू को श्रद्धांजलि।

हूल दिवस पर आजसू पार्टी ने दी शहीद सिदो-कान्हू को श्रद्धांजलि।

सरायकेला/चांडिल

अंग्रेजी हुकूमत, ज़मींदारों के शोषण और अन्याय के विरुद्ध 1855 की ऐतिहासिक ‘हूल क्रांति’ का शंखनाद करने वाले अमर क्रांतिकारी शहीद सिदो-कान्हू, चांद-भैरव तथा वीरांगनाओं फूलो-झानो के बलिदान दिवस ‘हूल दिवस’ के अवसर पर मंगलवार को आजसू पार्टी ने श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके योगदान को याद किया। चांडिल के चिलगु स्थित आजसू पार्टी के प्रधान कार्यालय में केंद्रीय महासचिव हरेलाल महतो के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने शहीद सिदो-कान्हू के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।

इस अवसर पर हरेलाल महतो ने कहा कि भारत की आजादी की लड़ाई में झारखंड के वीर सपूतों का योगदान अतुलनीय और प्रेरणादायी रहा है। अंग्रेजी शासन के अत्याचार, शोषण और अन्याय के विरुद्ध सिदो-कान्हू, चांद-भैरव तथा फूलो-झानो ने जिस साहस और त्याग का परिचय दिया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को हूल क्रांति के इतिहास और हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष से अवगत कराना समय की आवश्यकता है, ताकि उनके बलिदान और आदर्शों को सदैव स्मरण रखा जा सके। कार्यक्रम में पूर्व चांडिल प्रमुख अमला मुर्मू, भीम महापात्र, देवराज महतो, हिमेश महतो सहित आजसू पार्टी के कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

हूल दिवस पर जिप उपाध्यक्ष मधुश्री महतो ने सिदो-कान्हू को दी श्रद्धांजलि।

हूल दिवस पर जिप उपाध्यक्ष मधुश्री महतो ने सिदो-कान्हू को दी श्रद्धांजलि।

सरायकेला/ईचागढ़

हूल दिवस के अवसर पर सरायकेला-खरसावां जिला परिषद की उपाध्यक्ष मधुश्री महतो ने कुकडू प्रखंड के सिंदूरपुर स्थित अमर शहीद सिदो-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में हूल क्रांति के महान वीरों के बलिदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया गया।

इस अवसर पर मधुश्री महतो ने कहा कि सिदो-कान्हू, चांद-भैरव के साथ-साथ फूलो-झानो जैसी वीरांगनाओं ने भी अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष में अपनी अमिट भूमिका निभाई। उनका साहस और बलिदान आज भी समाज को अन्याय के खिलाफ खड़े होने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि देश की आजादी की लड़ाई हो या अलग झारखंड राज्य आंदोलन, महिलाओं ने हर दौर में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। आज भी शिक्षा, राजनीति, सामाजिक सेवा, प्रशासन और अन्य क्षेत्रों में महिलाएं अपनी प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता का परिचय दे रही हैं, जिससे समाज निरंतर आगे बढ़ रहा है।

मधुश्री महतो ने महिलाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे अपने अधिकारों, समाज और आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य के लिए हमेशा सजग और संगठित रहें। उन्होंने कहा कि हर महिला में नेतृत्व की क्षमता होती है। जरूरत केवल आत्मविश्वास, एकजुटता और आगे बढ़ने के संकल्प की है। किसी भी सामाजिक आंदोलन, जनहित के कार्य या जरूरतमंदों की सहायता के लिए महिलाओं को सदैव अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं जागरूक और सशक्त होंगी, तभी समाज और राष्ट्र वास्तविक अर्थों में प्रगति करेगा। कार्यक्रम का समापन हूल क्रांति के शहीदों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने के संकल्प के साथ हुआ।

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