सरायकेला-खरसावां के कृषि विभाग में गड़बड़ी के आरोप, किसानों को नहीं मिल रहा योजना का लाभ।

सरायकेला-खरसावां के कृषि विभाग में गड़बड़ी के आरोप, किसानों को नहीं मिल रहा योजना का लाभ।

सरायकेला-खरसावां

( भरत सिंह )

साथियों योजना का लाभ जरूरतमंद किसानों तक नहीं पहुंचने की खबर इन दोनों गुप्त सूत्रों द्वारा प्राप्त हो रही है जिसे लेकर सरायकेला खरसावां जिले के कृषि विभाग सवालों के घेरे में बना हुआ है।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार किसानों का कहना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद किसानों तक नहीं पहुंच रहा है और बिचौलियों के माध्यम से काम करवाया जा रहा है। कई प्रखंडों के किसानों ने शिकायत की है कि किसान सम्मान निधि, बीज वितरण, खाद सब्सिडी और कृषि यंत्रों पर अनुदान जैसी योजनाओं में पारदर्शिता नहीं है। आरोप है कि बिना पैसे दिए न तो फॉर्म आगे बढ़ता है और न ही समय पर बीज-खाद मिल पाता है।

सूत्रों ने यह भी बताया है कि “ऑनलाइन आवेदन के बाद भी महीनों तक वेरिफिकेशन नहीं होता। जब दलाल के जरिए 500-1000 रुपये दिए जाते हैं तभी फाइल आगे बढ़ती है।
साथ ही कुछ कृषि पदाधिकारी और कर्मचारियों की मिलीभगत से योजनाओं में फर्जी किसानों के नाम पर राशि निकाली जा रही है। इससे वास्तविक किसान वंचित रह जा रहे हैं

किसानों की मांग है कि विभाग में शिकायत पेटी, हेल्पलाइन नंबर और नियमित जांच की व्यवस्था की जाए। साथ ही सभी योजनाओं की सूची पंचायत स्तर पर सार्वजनिक की जाए ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

इस संबंध में जिला कृषि पदाधिकारी से संपर्क करने पर उन्होंने कहा कि “अगर कोई लिखित शिकायत मिलती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। विभाग भ्रष्टाचार के खिलाफ है।”

फिलहाल किसान संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द सुधार नहीं हुआ तो वे जिला मुख्यालय में प्रदर्शन करेंगे।

शेष अगले अंक में…

सरायकेला DTO कार्यालय में अवैध वसूली का गोरख धंधा चरम पर, बिना अवैध पैसे लिए नहीं बन रहा लाइसेंस-सूत्र

सरायकेला DTO कार्यालय में अवैध वसूली का गोरख धंधा चरम पर, बिना अवैध पैसे लिए नहीं बन रहा लाइसेंस-सूत्र

सरायकेला

( भरत सिंह )

सरायकेला खरसावां जिले में इन दिनों अवैध कमाई का एक अलग ही खेल चल रहा है और यह खेल चरम सीमा पर पहुंच चुका है जिसे अगर समय रहते ना रोका गया तो यह अवैध कमाई का जरिया लोगों को उग्र आंदोलन करने पर मजबूर कर सकती है।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार सरायकेला-खरसावां जिले के सरायकेला स्थित जिला परिवहन कार्यालय – DTO में लाइसेंस बनवाने को लेकर आम जनता में भारी नाराजगी है। स्थानीय लोगों और कुछ ड्राइविंग स्कूल संचालकों का आरोप है कि यहां बिना अवैध वसूली के न तो लर्निंग लाइसेंस बन रहा है और न ही स्थाई लाइसेंस। जिसे लेकर पीड़ितों का कहना है कि कार्यालय परिसर में दलालों का खुला कारोबार चल रहा है। आरोप ये भी है कि इस पूरे खेल में कुछ मोटर वाहन निरीक्षक और कार्यालय के कर्मचारियों की मिलीभगत है। लोगों का दावा है कि तय फीस से कई गुना ज्यादा रकम वसूली जा रही है और रसीद भी नहीं दी जा रही।

एक आवेदक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “सरकारी फीस 500-600 रुपये है, लेकिन यहां 3000 से 5000 रुपये तक मांगे जा रहे हैं। अगर पैसे नहीं देंगे तो महीनों तक लाइसेंस अटका दिया जाता है।”

इस मामले को लेकर जिले के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन और परिवहन विभाग के उच्च अधिकारियों से जांच की मांग की है। उनका कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे इस मुद्दे को लेकर आंदोलन करेंगे।

फिलहाल जिला परिवहन पदाधिकारी से इस संबंध में संपर्क करने पर कोई आधिकारिक बयान नहीं मिल पाया है।

गम्हरिया में नशे का काला साम्राज्य, पुलिस की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल – थाना प्रभारी की नाकामी या मिलीभगत?

गम्हरिया में नशे का काला साम्राज्य, पुलिस की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल – थाना प्रभारी की नाकामी या मिलीभगत?

सरायकेला/गम्हरिया

सरायकेला जिले के गम्हरिया थाना क्षेत्र इन दिनों प्रतिबंधित नशे का गढ़ बनता जा रहा है। चौक-चौराहों से लेकर सुनसान ठिकानों तक, दिन-दहाड़े शराब, गांजा और अन्य प्रतिबंधित नशीले पदार्थों की खुलेआम खरीद-बिक्री हो रही है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह सब पुलिस की नाक के नीचे हो रहा है और गम्हरिया पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है।

सुत्रों से मिली के अनुसार, नशे के सौदागरों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्हें पुलिस का कोई खौफ ही नहीं रहा। शाम ढलते ही सरकारी शराब दुकानों के आस-पास नशेड़ियों का जमावड़ा लग जाता है। वहीं सड़क पर खुलेआम शराब पीना, गाली-गलौज और हंगामा आम बात हो गई है। इन्हीं शराब दुकानों और नशे के अड्डों के बगल से दिन के उजाले में स्कूली बच्चे, महिलाएं और फैक्ट्री जाने वाले मजदूरों का रोजाना आना-जाना होता है। नशे में धुत लोगों की अश्लील हरकतों और अभद्रता से छात्राओं और महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यह जनहित और सामाजिक सुरक्षा के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन चुका है। युवा पीढ़ी तेजी से इस जहर की गिरफ्त में आ रही है।

गम्हरिया थाना प्रभारी

सूत्र यह भी बताते हैं कि इस अवैध कारोबार की शिकायत कई बार गम्हरिया थाना में की जा चुकी है। लगातार सूचना देने के बावजूद थाना प्रभारी द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। छापेमारी के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जाती है, जबकि असली तस्कर खुलेआम घूम रहे हैं।

वहीं इस मामले पर स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर गम्हरिया पुलिस इसी तरह सोती रही, तो आने वाले समय में गम्हरिया अपराध का अड्डा बन जाएगा। थाना प्रभारी की यह चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। आखिर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है? कंही यह मामला अगर नशे के कारोबारी और थाना प्रभारी की मिलीभगत तो नहीं?”
साथ इस मांगने पर स्थानीय लोगों ने पुलिस अधीक्षक से हस्तक्षेप की मांग की है।

गम्हरिया की आम जनता ने जिले के पुलिस अधीक्षक, सरायकेला और आबकारी विभाग से जोरदार मांग की है कि –

1. गम्हरिया थाना क्षेत्र में अविलंब विशेष छापेमारी अभियान चलाया जाए।

2. नशे के अवैध कारोबार में लिप्त तस्करों और उन्हें संरक्षण देने वालों पर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

3. सरकारी शराब दुकानों के 100 मीटर के दायरे में खुलेआम शराब पीने वालों पर तुरंत कार्रवाई हो और वहां पुलिस की नियमित गश्ती सुनिश्चित की जाए।

4. गम्हरिया थाना प्रभारी की इस लापरवाही और शिकायतों की अनदेखी पर उच्चस्तरीय जांच हो।

जनता ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। अब देखना यह है कि जिले के आला अधिकारी इस गंभीर मामले पर कब तक संज्ञान लेते हैं और गम्हरिया को नशे के इस दलदल से कब मुक्त कराते हैं।

आदित्यपुर नगर निगम में बिना सड़क बने भुगतान का आरोप, उच्चस्तरीय जांच की मांग।

आदित्यपुर नगर निगम में बिना सड़क बने भुगतान का आरोप, उच्चस्तरीय जांच की मांग।

सरायकेला/आदित्यपुर

आदित्यपुर नगर निगम के वार्ड संख्या-20 में सड़क निर्माण कार्य में गंभीर वित्तीय अनियमितता का आरोप सामने आया है। आरोप है कि सड़क का निर्माण कराए बिना ही संवेदक को लाखों रुपये का भुगतान कर दिया गया।

इस मामले को लेकर कांग्रेस नेता बैध संजय कुमार ने राज्य के मुख्य सचिव के नाम संबोधित शिकायत पत्र सरायकेला-खरसावां के जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त को सौंपा है और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

क्या है पूरा मामला?
शिकायत पत्र के अनुसार, वार्ड-20 में तीन हिस्सों में पीसीसी सड़क निर्माण की योजना स्वीकृत की गई थी –
1. इमली चौक स्थित सर्विस रोड से शिव मंदिर तक – लगभग 300 फीट 2. शिव मंदिर से बजरंग मंदिर तक – लगभग 250 फीट 3. स्पार्क ऑटोमोबाइल दुकान से सर्विस रोड तक – लगभग 250 फीट
इस कुल लगभग 800 फीट सड़क निर्माण के लिए 12,24,843 रुपये की योजना स्वीकृत हुई थी और इसके लिए मेसर्स आर.एस. इंटरप्राइजेज के साथ एकरारनामा भी किया गया था।

आरोप है कि निर्धारित स्थल पर पीसीसी सड़क का निर्माण कार्य हुआ ही नहीं, फिर भी संवेदक को भुगतान कर दिया गया।

कांग्रेस नेता संजय कुमार का आरोप है कि इस कथित अनियमितता को छिपाने के लिए बाद में उसी स्थल पर योजना का नाम बदलकर फेवर ब्लॉक (पेवर ब्लॉक) सड़क का निर्माण करा दिया गया। उनका कहना है कि एक ही कार्यस्थल पर एक ही अवधि में दो अलग-अलग सड़क योजनाओं का क्रियान्वयन संभव नहीं है, जिससे वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार की आशंका गहरी हो जाती है।

शिकायतकर्ता के अनुसार उन्होंने इस संबंध में कई बार संबंधित अधिकारियों को लिखित शिकायत दी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

उन्होंने उपायुक्त से मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और सरकारी राशि के दुरुपयोग की जांच की मांग की है।

वहीं, इस पूरे मामले पर आदित्यपुर नगर निगम प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जांच के बाद ही आरोपों की सत्यता स्पष्ट हो पाएगी।

सरायकेला-खरसावां में बेलगाम शराबखोरी: सरकारी दुकान के बाहर ही छलकते जाम, प्रशासन मौन, जनता परेशान।

सरायकेला-खरसावां में बेलगाम शराबखोरी: सरकारी दुकान के बाहर ही छलकते जाम, प्रशासन मौन, जनता परेशान।

सरायकेला-खरसावां

सरायकेला खरसावां , आदित्यपुर, गम्हरिया कांड्रा थाना क्षेत्र/ मुख्य सड़क पर स्थित सरकारी शराब दुकान से शराब खरीदकर लोग सर्विस रोड पर ही बैठकर पीने लगे हैं। दिनभर शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है जिससे राहगीरों, स्कूली बच्चों और आसपास रहने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि रात्रि में शराब पीकर लोग गाली-गलौज और झगड़ा करते हैं। शाम होते ही सर्विस रोड पर चलना मुश्किल हो जाता है। महिलाओं का अकेले निकलना भी असुरक्षित हो गया है। ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन और आबकारी विभाग से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

आम जनमानस ने जिला प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि शराब दुकान के 500 मीटर के दायरे में शराब पीने पर सख्त रोक लगे, सीसीटीवी कैमरा लगाया जाए और नियमित गश्ती की जाए।

ब्रेकिंग न्यूज: MVI कार्यालय बना भ्रष्टाचार का अड्डा, बिना पैसे के नहीं होता एक भी काम।

ब्रेकिंग न्यूज: MVI कार्यालय बना भ्रष्टाचार का अड्डा, बिना पैसे के नहीं होता एक भी काम।

पश्चिम सिंहभूम/चाईबासा

परिवहन विभाग का वो कार्यालय जहां आम जनता को ईमानदारी से सेवा मिलनी चाहिए, वहीं आज भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा अड्डा बन चुका है। MVI कार्यालय में हालात ये हैं कि बिना पैसे दिए आपकी फाइल को कोई हाथ तक नहीं लगाता।

जनता की जेब पर खुलेआम डाका

सूत्रों और पीड़ित लोगों से मिली जानकारी के अनुसार MVI ऑफिस में हर काम का रेट फिक्स है –
• लाइसेंस बनवाना हो तो 1500 से 3000 रुपये अलग से • फिटनेस सर्टिफिकेट के लिए 2000 रुपये • गाड़ी का परमिट और कागजों में मामूली सुधार के लिए भी 500 से 1000 रुपये की वसूली  अगर आप ईमानदारी से लाइन में लगकर अपना काम कराना चाहते हैं, तो आपको महीनों तक दौड़ाया जाएगा। कभी सर्वर डाउन का बहाना, कभी साहब नहीं हैं, तो कभी कागज अधूरा है।

दलालों का राज, अफसर मौन

साथ ही सूत्र यह भी बताते हैं कि MVI कार्यालय के बाहर दलालों की फौज खड़ी रहती है। बिना दलाल के आप अंदर घुस भी नहीं सकते। आम आदमी का आरोप है कि ये दलाल सीधे अंदर के बाबुओं और अधिकारियों से मिले हुए हैं। जनता से लूटा गया पैसा नीचे से ऊपर तक बंटता है, इसलिए कोई सुनने वाला नहीं है।

एक पीड़ित ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “मैं 15 दिन से चक्कर लगा रहा हूं। काउंटर पर बैठा बाबू सीधे मुंह बात नहीं करता। बगल वाले ने इशारा किया कि 2000 रुपये दो तो 10 मिनट में काम हो जाएगा। ये कैसी व्यवस्था है?”

सवाल ये उठता है कि जब सरकार डिजिटल इंडिया और भ्रष्टाचार मुक्त शासन का दावा करती है, तो MVI जैसे सरकारी दफ्तरों में ये खुली लूट कैसे चल रही है? क्या जिला परिवहन पदाधिकारी और सरकार के आला अधिकारी इस भ्रष्टाचार से अनजान हैं? या फिर जानबूझकर आंखें मूंद ली गई हैं?

नहीं थम रहा चापड़ से हमला, आर.आइ.टी मोड़ के समीप युवक पर जानलेवा हमला।

नहीं थम रहा चापड़ से हमला, आर.आइ.टी मोड़ के समीप युवक पर जानलेवा हमला।

सरायकेला/आदित्यपुर

नहीं थम रहा चापड़ से हमला आए दिन चापड़ की घटनाएं निकल कर सामने आ रही है ताजा मामला सरायकेला खरसावां जिले के आदित्यपुर थाना क्षेत्र का है जहां पर आरआइटी मोड़ के पास रविवार शाम बेखौफ अपराधियों ने एक युवक पर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ हमला कर दिया. जिसमें युवक गंभीर रूप से घायल हो गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरआइटी मोड़ के समीप दो युवकों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया। इसी दौरान एक युवक ने धारदार हथियार निकालकर दूसरे पर हमला कर दिया।

वहीं घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए गंभीर रूप से घायल युवक को गंगोत्री अस्पताल पहुंचाया. वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत नाजुक होने पर चिकित्सकों ने उसे बेहतर इलाज के लिए टाटा मुख्य अस्पताल (TMH) रेफर कर दिया.

दिनदहाड़े निहत्थे पर वार कर एक ही पल में उतारा मौत के घाट।

दिनदहाड़े निहत्थे पर वार कर एक ही पल में उतारा मौत के घाट।

निहत्थे पर वार कर एक ही पल में उतारा मौत के घाट।

चार-पांच लोग अचानक सामने आए और बिना किसी वार्ता के किया हमला।

हमला इतना तेज कि संभलने तक का मौका नहीं मिला।

सरायकेला/आदित्यपुर

सरायकेला खरसावां जिले के आदित्यपुर थाना अंतर्गत बोलायडीह स्थित शीतला मंदिर के सामने शनिवार दोपहर लगभग एक बजे एक भयानक वारदात ने पूरे मोहल्ले को हिला कर रख दिया। गोप पाड़ा के रहने वाले जगन्नाथ गोप उर्फ काड़ा (27) को चार-पांच अज्ञात हमलावरों ने धारदार हथियार से ताबड़तोड़ हमला कर मौत के घाट उतार दिया। इससे आसपास के लोगों में अफरा तफरी मच गया। इसी चीख-पुकार के बीच आरोपी घटनास्थल से भाग निकले। बीच सड़क पर दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने पूरे इलाके को दहला दिया और लोगों में दहशत का माहौल बन गया।

कथित तौर पर हमला अचानक और निहत्थे पल में हुआ। चार-पांच लोग अचानक सामने आए और बिना किसी वार्ता के हमला कर दिया। हमला इतना तेज कि काड़ा को संभलने तक का मौका नहीं मिला।

सूचना पाते ही आदित्यपुर व गम्हरिया थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा दी। साथ ही घटना स्थल को सील कर दिया गया। पुलिस सीसीटीवी की फुटेज खंगाली जा रही है और कई लोगों से पूछताछ की जा रही है। एसपी के निर्देश पर एसडीपीओ भी घटनास्थल पर रवाना हुए हैं और फरार आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज कर दी गई है।

पुलिस ने अभी तक हत्या के कारण का खुलासा नहीं किया है। पुलिस जाँच में हर सम्भव पहलू—रंजिश, आपराधिक संगठनों की एंट्री या कोई अन्य विवाद की जांच शुरू कर दी है। वहीं ग्रामीणों में रोष और डर दोनों दिखाई दे रहे हैं; कई लोग सुरक्षा की मांग कर रहे हैं और आरोपियों को कड़ी सजा की माँग बार-बार कर रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए  पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।

अपराधियों ने कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ा दी, अपराधियों ने फिर ले ली एक व्यक्ति की जान।

अपराधियों ने कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ा दी, अपराधियों ने फिर ले ली एक व्यक्ति की जान।

सरायकेला/आदित्यपुर

सरायकेला जिले में नहीं थम रहा अपराध का तांडव आए दिन अपराधी नए-नए अपराध को अंजाम देने में कामयाब हो रहे हैं और स्थानीय पुलिस की कार्रवाई पर जिले की कानून व्यवस्था पर एक गहरा सवालिया निशान छोड़ रहे हैं। कहीं चपड़ से हमला कहीं गले से चैन की चिंताई कहीं मारपीट कहीं जानलेवा हमला कहीं चोरी, कहीं अवैध शराब की बिक्री कहीं अवैध स्क्रैप टाल का संचालित होना यह सभी अपराधीक घटनाएं सरायकेला खरसावां जिले के लिए आम बात हो गई है। सरायकेला खरसावां जिले में मानो अपराधियों ने कानून को एक खेल समझ लिया है।

ज्ञात हो सरायकेला खरसावां जिले में भावी कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जिले में नए पुलिस अधीक्षक का पदस्थापन किया गया लेकिन बरहाल स्थिति ज्यों कि त्यों बनी हुई है लोग आज भी जमशेदपुर के पूर्व पुलिस अधीक्षक  डॉ अजय कुमार की मिसाल दे रहे हैं चौक चौराहे पर उन्हीं के कार्यों की चर्चा हो रही है।

साथियों ताजा मामला सरायकेला खरसावां जिले के आदित्यपुर थाना क्षेत्र का है जहां पर शिवनारायणपुर मैदान में देर रात एक युवक की हत्या से इलाके में सनसनी फैल गई। और यह घटना इस वक्त आदित्यपुर में चर्चा का विषय बना हुआ है।

घटना के संबंध में मिली जानकारी शिवनारायणपुर मैदान में रविवार देर रात किसी बात को लेकर दो गुटों में हुए मामले विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया जिसके बाद मारपीट शुरू हो गई। मारपीट ने ऐसा रूप ले लिया जिसमें की एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। गंभीर रूप से घायल युवक की मौके पर ही मौत हो गई।

वहीं मृतक की पहचान शिवनारायणपुर, निवासी गौतम मुंडा के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शव की स्थिति देखकर प्रतीत होता है कि हमलावरों ने धारदार हथियार एवं पत्थरों से सिर पर वार कर हत्या की है। इस पूरे मामले की सूचना स्थानीय थाना को दी गई। घटना की सूचना मिलते ही आदित्यपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

फिलहाल पुलिस मामले के हर पहलुओं की जांच कर रही है पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही हत्या के कारणों का पता चल पाएगा।

जनहित में यक्ष प्रश्न इस वक्त सरायकेला खरसावां जिले के लिए यह है कि क्या आए दिन नए-नए अपराधी जन्म ले रहे हैं या फिर पुराने अपराधी नए अपराध को अंजाम दे रहे हैं? अपराध नियंत्रित करने में कहां चूक हो रही है जनता भय के माहौल से कब तक बाहर आएगी?

वहीं इस मामले पर पूर्व पार्षद अभिजीत महतो ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कानून को अपने हाथ में लेने का अधिकार किसी को भी नहीं है साथ ही उन्होंने स्थानीय थाना को उक्त मामले पर उचित जांच करने की बात कही।

गम्हरिया के सरकारी गोदाम में गरीबों को मिलने वाला कई क्विंटल चना दाल सड़ कर हुआ बर्वाद।

गम्हरिया के सरकारी गोदाम में गरीबों को मिलने वाला कई क्विंटल चना दाल सड़ कर हुआ बर्वाद।

सरायकेला/आदित्यपुर

सरायकेला खरसावां, गम्हरिया के सरकारी गोदाम में गरीबों को मिलने वाला कई क्विंटल चना दाल सड़ कर बर्वाद हो गया है लेकिन बांटा नहीं गया है.

इसमें अधिकारियों की लापरवाही उजागर हुई है. वहीं इस मामले में (एमओ) प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी ने चुप्पी साध ली है. बता दें कि इस प्रखंड में पिछले 8 माह से गरीबों को राशन में दाल कहकर नहीं दिया जा रहा था कि आपूर्ति शून्य है और बैक लॉग चल रहा है. इस बात की पुष्टि जिला आपूर्ति पुष्कर सिंह मुंडा ने भी पत्रकारों के समक्ष किया था.

लेकिन दूसरे ही दिन यह मामला उजागर हो गया कि जन वितरण प्रणाली (PDS) के तहत गरीबों के लिए आवंटित कई क्विंटल चना दाल गोदाम में सड़ कर बर्वाद हो गया है. बता दें कि राशन का समय पर वितरण न होने के कारण गोदामों में दाल और अनाज के सड़ने की घटनाएं सामने आती हैं. ऐसी घटनाओं में, जिम्मेदार अधिकारियों और राशन डीलरों की लापरवाही उजागर होती है, जिससे जरूरतमंद परिवारों को उनके हक का निवाला नहीं मिल पाता है. गोदामों में अनाज सड़ने के मामले और लापरवाही सरकारी गोदामों में रखरखाव की कमी और वितरण में देरी के कारण गरीबों तक पहुंचने वाला अनाज कई बार गोदामों में ही खराब हो जाता रहा है.

पिछले दिनों सरायकेला के ग्रामीण इलाकों में जन वितरण प्रणाली (PDS) के तहत कीड़े लगी और एक्सपायरी डेट वाली चना दाल बांटे जाने का गंभीर मामला सामने आया था, जिससे लोगों में भारी आक्रोश देखा गया था. अक्सर ऐसे मामलों में देखने को मिलता है कि वितरण में देरी, समय पर राशन न बंटने से अनाज गोदामों में ही सड़ने लगता है. कई बार तो गरीबों को खराब, घुन लगे (कीड़े लगे) या एक्सपायर हो चुके पैकेट दिए जाते है. उचित निगरानी और वितरण व्यवस्था में खामियों के चलते जिम्मेदार लोगों की लापरवाही सामने आती है. इस संबंध में जब गम्हरिया की प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो वो ऑफिस में नहीं मिली साथ ही उन्होंने फोन भी रिसीव नहीं की हैं. आखिर इस लापरवाही का जिम्मेदार कौन है.
वहीं आपको बताते चले की डीएसओ पुष्कर सिंह मुंडा को गम्हरिया अनाज गोदान में चल रही गड़बड़ी के बारे में फोनो द्वारा सूचित भी किया गया था।
लेकिन ना ही कोई जवाब और ना ही कोई समाधान बस लूट मचा लो लूट मचा लो सीधे लफ्जों में कहा जाए तो धूम मचा लो धूम मचा लो।
अभी तक गम्हरिया अनाज गोदान के जलने की अनुसंधान की कोई रिपोर्ट भी नहीं आई है।
आखिर हो क्या रहा है गरीब जनता के पेट पर कौन सफेद पोश लात मार रहा है। किन-किन तक बंदर बांट हो रही है ?

सूत्र बताते हैं कि आपूर्ति विभाग पदाधिकारी पुष्कर सिंह मुंडा के पदस्थापना के बाद से ही जिले में अनाज को लेकर कई तरह की परेशानियां सामने आ रही हैं जिससे कि लाभुक को नियमानुसार अनाज भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। जिससे कि लाखों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। सूत्र यह भी बताते हैं कि लाभुकों को तक नियमानुसार अनाज न पहुंचना और अनाज के गोदाम के अंदर अनाज का संड़ जाना यह कहीं ना कहीं आपूर्ति विभाग की लापरवाही के नतीजे को दर्शा रही है और यह जांच का विषय है और लाभुकों ने इस मामले पर जिले के उपयुक्त से जांच की गुहार लगाते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की भी मांग की है।

खड़काई पुलिया से लेकर गम्हरिया बाजार तक फल विक्रेताओं ने किया सड़क जाम आवागमन बाधित।

खड़काई पुलिया से लेकर गम्हरिया बाजार तक फल विक्रेताओं ने किया सड़क जाम आवागमन बाधित।

सरायकेला/आदित्यपुर

आदित्यपुर गम्हरिया मुख्य सड़क पर आए दिन लाखों की संख्या में गाड़ियां अथवा लोग सड़क से गुजरते हैं लेकिन यह फल विक्रेता सड़क जाम कर दुर्घटना की स्थिति उत्पन्न कर रहे हैं जिसकी रोकथाम करने वाला कोई नहीं जिसकी शुध लेने वाला कोई नहीं ट्रैफिक पुलिस कर्मी की मौजूदगी में यह फल विक्रेता सड़क को अतिक्रमण करने में सफल हो रहे हैं।

आपको बताते चलें कि आदित्यपुर खड़काई पुलिया से लेकर गम्हरिया बाजार तक की सड़कों पर जगह-जगह पर फल विक्रेताओं द्वारा फल के ठेले खड़े कर सड़क को बाधित कर रहे हैं।

सूत्रों द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार आदित्यपुर ट्रैफिक सिग्नल और गम्हरिया ट्रैफिक सिग्नल के समीप मुख्य सड़क के किनारे फल विक्रेता फल का ठेला लगाकर फल बेचते आए दिन नजर आते हैं जिसकी वजह से सड़क जाम एवं कई बार तो दुर्घटना की स्थिति भी बन जाती है दुर्भाग्य की बात यह है कि आदित्यपुर  थाना ट्रैफिक सिग्नल से महज़ कुछ ही दूरी पर स्थित है और साथ ही साथ ट्रैफिक सिग्नल के समीप हर वक्त ट्रैफिक पुलिस की तैनाती रहती है लेकिन फिर भी फल विक्रेता सड़क को जाम करने में सफल हो रहे हैं और ट्रैफिक पुलिस मुख् दर्शक बनी रहती है और यह मामला अपने आप में ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई पर सवालिया निशान छोड़ रही है।

आदित्यपुर ट्रैफिक थाना प्रभारी, राजू कुमार

साथियों आपको बताते चलें कि सड़क दुर्घटना का कारण केवल यह फल विक्रेता नहीं आदित्यपुर सरायकेला खरसावां मुख्य सड़क पर नित्य दिन सैकड़ो तीन पहिया ऑटो दौड़ती रहती है जो कि कहीं भी कभी भी ब्रेक लगा देती है कहीं भी कभी भी टर्न हो जाती है जो कि आए दिन सड़क दुर्घटना का कारण बन रही है।

ज्ञात हो कि आदित्यपुर ट्रैफिक सिग्नल के समीप स्थित महामाया होटल के पास कुछ दिन पहले एक महिला सड़क दुर्घटना का शिकार हो गई जिसमें कि उक्त महिला की मौत हो गई लेकिन फिर भी इस महामाया होटल के समीप फल विक्रेता सड़क किनारे फल का ठेला लगाकर सड़क जाम कर रहे हैं और यह तीन पहिया वाहन भी लगातार ट्रैफिक सिग्नल के समीप अपनी गाड़ी खड़ी कर पैसेंजर को बिठाते हैं अथवा गाड़ियों से उतारते हैं जिसको लेकर कई बार जाम अथवा दुर्घटना की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। वहीं इस मामले पर सूत्रों का कहना है कि जल्द से जल्द इन फल विक्रेताओं अथवा रैस ड्राइविंग करने वाले तीन पहिया वाहनों पर कार्रवाई नहीं की गई तो वह दिन दूर नहीं जब यह फल विक्रेता अथवा तीन पहिया वाहन किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकते है।

मनोज स्वर्गियारी, पुलिस अधीक्षक ,सरायकेला-खरसावां

वहीं इस मामले पर जनहित में सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्थानीय निवासियों ने जिला के पुलिस अधीक्षक से  सड़क पर हो रहे दुर्घटनाओं को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए ध्यान आकर्षित करने की बात कही।

जेएसएससी के नाम पर ठगी, दस लाख रुपये एंठने पहुंचे फर्जी अधिकारी को ग्रामीणों ने पकड़ कर किया पुलिस के हवाले।

जेएसएससी के नाम पर ठगी, दस लाख रुपये एंठने पहुंचे फर्जी अधिकारी को ग्रामीणों ने पकड़ कर किया पुलिस के हवाले।

सरायकेला/चौका

साथियों सरायकेला खरसावां जिले से एक ऐसी ही घटना निकलकर सामने आ रही है जिसमें की ग्रामीणों की बहादुरी के चर्चे सरेआम हो रहे हैं। जिसमें की ग्रामीणों ने 10 लाख की ठगी करने आए एक बहरूपिए को पकड़ कर चौक पुलिस के हवाले किया है।

सूत्रों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार गुरुचरण साव नामक व्यक्ति ने कथित तौर पर बहरूपिया को यह क

जी हां साथियों सरायकेला खरसावां जिले के चौका थाना क्षेत्र के बड़ामटांड़ में जेएसएससी पीजीटी सहायक आचार्य अभ्यार्थी से नौकरी पक्की करने के नाम पर ठगी करने आये एक व्यक्ति को लोगो ने पकड़कर चौका थाना पुलिस को सौंप दिया। घटना गुरुवार सुबह करीब 10 बजे की बताई जा रही है।

सूत्रों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार बीते बुधवार को अभ्यार्थी के पास जेएसएससी कार्यालय के नाम पर फोन आया था। जिसमें बताया गया कि आपकी नौकरी पक्की है। इसके लिए 10 लाख रुपए लगेगा नहीं तो यह नौकरी किसी दुसरे अभ्यार्थी को दे देंगे। उक्त व्यक्ति की बातें सुनकर अभ्यर्थियों ने उसे बहरूपिया समझने में देर नहीं की और तत्परता दिखाते हुए अपनी सूझबूझ से उक्त व्यक्ति को पैसे देकर नौकरी पाने के बहाने चावलीबासा बड़ामटांड़ बुलाया जहां पर कथित तौर पर अभ्यार्थियों अथवा ग्रामीणों ने उक्त व्यक्ति को पकड़कर चौका पुलिस को सौंप दिया।

सूत्रों ने यह भी जानकारी दी है कि चौका पुलिस उक्त व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है पुलिस को उक्त व्यक्ति के बैग से कई जेएसएससी का दस्तावेज एवं कई अभ्यार्थायों के दस्तावेज मिले है। कथित तौर पर उक्त व्यक्ति जेएसएससी ठगी गिरोह का सदस्य बताया जा रहा है। वहीं इस मामले पर समाचार लिखे जाने तक चौक थाना की पुलिस द्वारा कोई भी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

वहीं इस मामले पर चौक थाना प्रभारी से दूरभाष के माध्यम से संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन किसी कारणवश संपर्क नहीं हो पाई।

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