
चाईबासा
शहर स्थित एक निजी अस्पताल Life Hospital में ब्लड जांच को लेकर लापरवाही का मामला सामने आया है। एक ही मरीज की दो अलग-अलग जांच रिपोर्टों में नाम और उम्र अलग दर्ज होने से परिजनों ने नाराजगी जताई है।

बताया जा रहा है कि मरीज गीता सिन्हा का अस्पताल में दो तरह का ब्लड टेस्ट किया गया था। इनमें से सीबीसी जांच वाली रिपोर्ट में मरीज का नाम गीता सिन्हा सही लिखा हुआ है, लेकिन दूसरी रिपोर्ट जो कोलेस्ट्रॉल की है, उसमें नाम दीपा सिंह लिखा है। यही नहीं, दोनों रिपोर्टों में मरीज की उम्र भी अलग-अलग दर्ज की गई है।
जब इस गलती को लेकर सवाल किया गया तो अस्पताल की तरफ से इसे टाइपिंग मिस्टेक बताया गया। लेकिन परिजनों का कहना है कि यह सिर्फ टाइपिंग की गलती का मामला नहीं है। उनका सवाल है कि अगर रिपोर्ट पर नाम और उम्र ही गलत लिखी जा सकती है, तो कैसे यकीन किया जाए कि रिपोर्ट उसी मरीज की है?
परिजनों ने यह भी कहा कि जब एक रिपोर्ट में पहचान ही गलत है, तो दूसरी रिपोर्ट सही है इसकी क्या गारंटी है? क्योंकि डॉक्टर इन्हीं रिपोर्टों के आधार पर इलाज तय करते हैं, इसलिए ऐसी गलती मरीज की सेहत के लिए बड़ा खतरा बन सकती है।
सूत्रों के अनुसार इस मामले को लेकर संबंधित डॉक्टर भास्कर भूषण की ओर से खेद जताया गया है और रिपोर्ट तैयार करने वाले स्टाफ को चेतावनी भी दी गई है।
फिलहाल परिजन यह मांग कर रहे हैं कि अस्पताल प्रबंधन स्पष्ट करे कि यह गड़बड़ी कैसे हुई और यह कैसे सुनिश्चित किया गया कि दोनों सैंपल और दोनों रिपोर्ट एक ही मरीज की हैं। इस घटना के बाद अस्पताल की जांच प्रणाली और रिपोर्ट की भरोसेमंदता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
















