एक ही मरीज की दो रिपोर्ट में अलग-अलग जानकारी, परिजनों ने जताई चिंता।

एक ही मरीज की दो रिपोर्ट में अलग-अलग जानकारी, परिजनों ने जताई चिंता।

चाईबासा

शहर स्थित एक निजी अस्पताल Life Hospital में ब्लड जांच को लेकर लापरवाही का मामला सामने आया है। एक ही मरीज की दो अलग-अलग जांच रिपोर्टों में नाम और उम्र अलग दर्ज होने से परिजनों ने नाराजगी जताई है।

बताया जा रहा है कि मरीज गीता सिन्हा का अस्पताल में दो तरह का ब्लड टेस्ट किया गया था। इनमें से सीबीसी जांच वाली रिपोर्ट में मरीज का नाम गीता सिन्हा सही लिखा हुआ है, लेकिन दूसरी रिपोर्ट जो कोलेस्ट्रॉल की है, उसमें नाम दीपा सिंह लिखा है। यही नहीं, दोनों रिपोर्टों में मरीज की उम्र भी अलग-अलग दर्ज की गई है।

जब इस गलती को लेकर सवाल किया गया तो अस्पताल की तरफ से इसे टाइपिंग मिस्टेक बताया गया। लेकिन परिजनों का कहना है कि यह सिर्फ टाइपिंग की गलती का मामला नहीं है। उनका सवाल है कि अगर रिपोर्ट पर नाम और उम्र ही गलत लिखी जा सकती है, तो कैसे यकीन किया जाए कि रिपोर्ट उसी मरीज की है?

परिजनों ने यह भी कहा कि जब एक रिपोर्ट में पहचान ही गलत है, तो दूसरी रिपोर्ट सही है इसकी क्या गारंटी है? क्योंकि डॉक्टर इन्हीं रिपोर्टों के आधार पर इलाज तय करते हैं, इसलिए ऐसी गलती मरीज की सेहत के लिए बड़ा खतरा बन सकती है।

सूत्रों के अनुसार इस मामले को लेकर संबंधित डॉक्टर भास्कर भूषण की ओर से खेद जताया गया है और रिपोर्ट तैयार करने वाले स्टाफ को चेतावनी भी दी गई है।

फिलहाल परिजन यह मांग कर रहे हैं कि अस्पताल प्रबंधन स्पष्ट करे कि यह गड़बड़ी कैसे हुई और यह कैसे सुनिश्चित किया गया कि दोनों सैंपल और दोनों रिपोर्ट एक ही मरीज की हैं। इस घटना के बाद अस्पताल की जांच प्रणाली और रिपोर्ट की भरोसेमंदता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

आदित्यपुर थाना अंतर्गत मेन रोड की सर्विस रोड पर शराब दुकानों के आसपास शराबियों का जमावड़ा, राहगीर, बच्चे और बुजुर्ग परेशान।

आदित्यपुर थाना अंतर्गत मेन रोड की सर्विस रोड पर शराब दुकानों के आसपास शराबियों का जमावड़ा, राहगीर, बच्चे और बुजुर्ग परेशान।

थाना प्रभारी के कान में जूं तक नहीं रेंग रही – स्थानीय लोगों का आरोप

सरायकेला/आदित्यपुर

आदित्यपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत मेन रोड की सर्विस रोड पर स्थित शराब दुकानों के आसपास शाम होते ही शराबियों का जमावड़ा लग जाता है। खुलेआम सड़क पर शराब पीना, गाली-गलौज और हंगामा आम बात हो गई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस वजह से स्कूल से आने-जाने वाले छोटे-छोटे बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं और राहगीरों का चलना मुश्किल हो गया है। कई बार छेड़खानी और मारपीट की नौबत भी आ जाती है।

पुलिस अधीक्षक, सरायकेला-खरसावां

आश्चर्य की बात है कि इसकी शिकायत कई बार आदित्यपुर थाना प्रभारी से की गई, लेकिन उनके कान में जूं तक नहीं रेंग रही, ऐसा जनता का आरोप है। पुलिस की गश्ती भी नदारद रहती है।

आदित्यपुर थाना प्रभारी

जनता की मांग-
1. सर्विस रोड पर स्थित शराब दुकानों के 100 मीटर के दायरे में शराबियों के जमावड़े पर रोक लगे।
2. शाम 6 बजे के बाद नियमित पुलिस गश्ती बढ़ाई जाए।
3. SP सरायकेला-खरसावां मामले का संज्ञान लेकर संबंधित दुकानों पर कार्रवाई करें।
4. राहगीरों, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

•जनहित में जारी –
•भारत सिंह
•राष्ट्रीय सह प्रभारी (संपूर्ण भारत)
•विश्व हिंदू रक्षा परिषद

आकाशवाणी चौक पर हंगामा: वार्ड पार्षद पर ऑटो ड्राइवर ने किया जानलेवा हमला।

आकाशवाणी चौक पर हंगामा: वार्ड पार्षद पर ऑटो ड्राइवर ने किया जानलेवा हमला।

सरायकेला/आदित्यपुर

आदित्यपुर नगर निगम इलाके के आकाशवाणी चौक के पास शुक्रवार को दिनदहाड़े एक जनप्रतिनिधि के साथ बदसलूकी का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। वार्ड-13 के पार्षद शांतनु घोष पर एक ऑटो चालक ने हमला कर दिया।

मिली जानकारी के अनुसार, पार्षद शांतनु घोष बिष्टुपुर से लौटते समय आकाशवाणी चौक के पास रुके थे। उन्होंने अपनी बाइक सड़क किनारे खड़ी की थी, तभी तेज गति से आ रहे एक ऑटो ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोपहिया वाहन वहीं गिर पड़ा।

पार्षद ने जब चालक से वाहन थोड़ा पीछे हटाने को कहा, तो वह भड़क गया। आरोप है कि चालक ने ऑटो में रखी लोहे की रॉड निकाली और बाइक की हेडलाइट पर वार कर उसे तोड़ दिया। जब पार्षद ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने उनसे हाथापाई शुरू कर दी।

पीड़ित का आरोप है कि मारपीट के दौरान हमलावर ने उनके कपड़े फाड़ दिए और उनकी जेब में रखा महंगा मोबाइल फोन छीनकर सड़क पर दे मारा, जिससे फोन के टुकड़े-टुकड़े हो गए। जाते-जाते आरोपी ने पार्षद को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी।

इस घटना को लेकर पार्षद ने आदित्यपुर थाने में लिखित शिकायत देकर आरोपी चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। सरेआम हुई इस वारदात के बाद इलाके के लोगों में काफी नाराजगी देखी जा रही है।

सरायकेला-खरसावां: चांडिल थाना क्षेत्र में नशा और अवैध कारोबार चरम पर, थाना प्रभारी पर फोन न उठाने का आरोप – जनता परेशान।

सरायकेला-खरसावां: चांडिल थाना क्षेत्र में नशा और अवैध कारोबार चरम पर, थाना प्रभारी पर फोन न उठाने का आरोप – जनता परेशान।

सरायकेला/चांडिल

सरायकेला-खरसावां जिला के चांडिल अनुमंडल अंतर्गत चांडिल थाना क्षेत्र में इन दिनों *नशा, अवैध शराब, जुआ और अन्य अवैध कारोबार* के बढ़ने से स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि खुलेआम नशे का कारोबार युवाओं की जिंदगी बर्बाद कर रहा है। शाम होते ही कई इलाकों में असामाजिक तत्व सक्रिय हो जाते हैं, जिससे आम लोगों में भय का माहौल है।

सबसे चिंताजनक बात यह है कि जब जनता अपनी शिकायत लेकर *चांडिल थाना प्रभारी* को फोन करती है तो *फोन रिसीव नहीं होता* है, ऐसा स्थानीय लोगों का आरोप है। कई बार फोन करने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिलने से लोगों को थाने के चक्कर लगाने पड़ते हैं।

जनता की मांग –
1.  चांडिल थाना क्षेत्र में चल रहे नशा और अवैध कारोबार पर तत्काल रोक लगाई जाए।
2.  पुलिस अधीक्षक, सरायकेला-खरसावां मामले का संज्ञान लें और निष्पक्ष जांच कराएं।
3.  थाना में जनता की शिकायत सुनने के लिए एक वैकल्पिक हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाए।
4.  दोषी कारोबारियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो स्थानीय सामाजिक संगठनों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।

यह समाचार जनहित में जारी किया गया है ताकि प्रशासन नींद से जागे और युवाओं का भविष्य बचाया जा सके।

निवेदक –
भारत सिंह
राष्ट्रीय सह प्रभारी (संपूर्ण भारत)
विश्व हिंदू रक्षा परिषद
जनहित में

घरेलू गैस सिलेंडर का अवैध कारोबार जोरों पर, जनता परेशान – छोटे-छोटे गैस काटकर बेचने वालों की चांदी।

घरेलू गैस सिलेंडर का अवैध कारोबार जोरों पर, जनता परेशान – छोटे-छोटे गैस काटकर बेचने वालों की चांदी।

सरायकेला/आदित्यपुर

भरत सिंह की रिपोर्ट

आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में इन दिनों घरेलू गैस सिलेंडर का अवैध कारोबार जोर-शोर से चल रहा है। आरोप है कि घरेलू उपभोक्ताओं को समय पर गैस नहीं मिल पा रही है, वहीं घरेलू सिलेंडरों से गैस निकालकर छोटे-छोटे सिलेंडरों (कटिंग) में भरकर बेचने वाले लोगों तक गैस पहुंचाई जा रही है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि एचपी गैस एजेंसी, आदित्यपुर की लापरवाही/मिलीभगत से यह खेल चल रहा है।

घरेलू महिलाओं ने बताया कि बुकिंग के 8-10 दिन बाद भी सिलेंडर नहीं पहुंच रहा, जबकि चौक-चौराहों पर खुलेआम 200-300 रुपये में छोटे गैस सिलेंडर धड़ल्ले से बिक रहे हैं। इससे आम जनता परेशान है और अवैध गैस बेचने वाले मालामाल हो रहे हैं।

जनता की मांग-
1.  जिला प्रशासन और खाद्य आपूर्ति विभाग तुरंत छापेमारी करे।
2.  एचपी गैस एजेंसी आदित्यपुर की जांच हो।
3.  घरेलू गैस से व्यावसायिक कटिंग करने वालों पर FIR हो।

*विश्व हिंदू रक्षा परिषद राष्ट्रीय सह प्रवक्ता ने भी इस मुद्दे पर आंदोलन की चेतावनी दी है।*

> “अगर 48 घंटे में कार्रवाई नहीं हुई तो गैस एजेंसी के सामने धरना देंगे” – स्थानीय लोगों।

BREAKING NEWS: इस वक्त की बड़ी खबर, आदित्यपुर थाना क्षेत्र में अवैध नशीले पदार्थ, अवैध स्क्रैप टाल और सट्टे का धंधा जोरों पर, चोरी की वारदातों में इजाफा।

BREAKING NEWS: इस वक्त की बड़ी खबर, आदित्यपुर थाना क्षेत्र में अवैध नशीले पदार्थ और सट्टे का धंधा जोरों पर, चोरी की वारदातों में इजाफा।

सरायकेला/आदित्यपुर

आदित्यपुर से इस वक्त की बड़ी खबर आदित्यपुर निकाल कर सामने आ रही है जहां पर आदित्यपुर थाना अंतर्गत कई इलाकों में अवैध नशीले पदार्थ, अवैध स्क्रैप टाल सट्टा और जुआ का धंधा बेधड़क चल रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार शाम ढलते ही कई जगहों पर भीड़ जुटती है और देर रात तक यह अवैध कारोबार चलता है।

सूत्रों का कहना है कि इस धंधे में कई युवा बर्बाद हो रहे हैं और नशे की लत के कारण पैसों के लिए क्षेत्र में चोरी, छिनतई और अन्य आपराधिक घटनाओं में भी तेजी आई है। पिछले एक महीने में गम्हरिया, बड़ाकाठी और आदित्यपुर-2 के इलाकों में बाइक चोरी और घरों में चोरी की कई घटनाएं सामने आई हैं। इतना ही नहीं आदित्यपुर क्षेत्र में कई अवैध स्क्रैप टाल भी संचालित किया जा रहे हैं जहां पर चोरी की गई सामानों की खरीद बिक्री करने की सूचनाएं प्राप्त हो रही है

स्थानीय लोगों में आक्रोश
स्थानीय निवासियों ने बताया कि कई बार थाना में शिकायत की गई लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का कहना है कि पुलिस की गश्ती बढ़नी चाहिए और ऐसे अवैध अड्डों पर छापेमारी कर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

स्थानीय पुलिस ने कहा:
इस संबंध में आदित्यपुर थाना से संपर्क करने पर बताया गया कि सूचना मिलने पर कार्रवाई की जाएगी और रात में गश्ती बढ़ा दी गई है।

स्थानीय जनता ने एसपी सरायकेला-खरसावां से मांग की है कि क्षेत्र में चल रहे अवैध कारोबार पर जल्द से जल्द रोक लगाई जाए ताकि शांति व्यवस्था कायम रह सके।

आदित्यपुर नगर निगम की जमीन पर अवैध कब्जा कर दुकान-मकान बनाकर अवैध शराब की खुलेआम बिक्री, प्रशासन मौन।

आदित्यपुर नगर निगम की जमीन पर अवैध कब्जा कर दुकान-मकान बनाकर अवैध शराब की खुलेआम बिक्री, प्रशासन मौन।

सरायकेला/आदित्यपुर

आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र की सरकारी जमीन पर भूमाफियाओं द्वारा अवैध कब्जा कर पक्की दुकानें और घर बनाकर रहने का मामला सामने आया है। आरोप है कि इसी आड़ में इन दुकानों और घरों से अवैध देशी-विदेशी शराब की खुलेआम बिक्री की जा रही है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि निगम की कीमती जमीन पर रातों-रात टीन-शेड और पक्का निर्माण कर लिया जाता है। दिन में किराना और चाय की दुकान चलती है, लेकिन शाम होते ही वहीं से शराब की अवैध बिक्री शुरू हो जाती है। इससे आसपास के शरीफ परिवारों का जीना मुश्किल हो गया है। आए दिन नशेड़ियों द्वारा गाली-गलौज और मारपीट की घटनाएं होती हैं।

नगर निगम द्वारा कई बार अतिक्रमण हटाने का नोटिस दिया गया, परंतु राजनीतिक दबाव और मिलीभगत के कारण कार्रवाई ठंडे बस्ते में चली जाती है।

स्थानीय निवासियों की मांग:
1. आदित्यपुर नगर निगम अपनी जमीन का सर्वे कर अवैध कब्जा चिन्हित करे।
2. उपायुक्त, सरायकेला-खरसावां और नगर आयुक्त संयुक्त रूप से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाएं।
3. अवैध शराब बेचने वालों पर उत्पाद विभाग और स्थानीय थाना मिलकर कड़ी कार्रवाई करे।

क्षेत्र के एक बुजुर्ग ने कहा, _”निगम की जमीन पर कब्जा कर शराब बेचना, ये दोहरा अपराध है। सरकार की जमीन भी गई और समाज भी खराब हो रहा है।”

प्रशासन से जनहित में अपेक्षा है कि इस पर त्वरित संज्ञान लेकर कार्रवाई की जाए।

सरायकेला-खरसावां: आदित्यपुर, RIT और गम्हरिया थाना क्षेत्र में खुलेआम प्रतिबंधित नशे का कारोबार, युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में।

सरायकेला-खरसावां: आदित्यपुर, RIT और गम्हरिया थाना क्षेत्र में खुलेआम प्रतिबंधित नशे का कारोबार, युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में।

सरायकेला/आदित्यपुर

गांजा शराब ड्रग्स मुख्य रूप से शामिल है।

औद्योगिक क्षेत्र के नाम से मशहूर सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर, RIT और गम्हरिया थाना अंतर्गत प्रतिबंधित नशा का कारोबार इन दिनों बिना रोक-टोक के फल-फूल रहा है। स्थानीय लोगों की मानें तो शाम ढलते ही कई चौक-चौराहों, सुनसान गलियों और झुग्गी-झोपड़ी इलाकों में नशे की पुड़िया और नशीले पदार्थों की बिक्री आम हो गई है।

स्थानीय निवासियों ने बताया कि इस अवैध कारोबार की चपेट में सबसे ज्यादा 15 से 25 साल के युवा आ रहे हैं। स्कूल-कॉलेज के छात्र भी इसके जाल में फंसते जा रहे हैं। अभिभावकों में अपने बच्चों के भविष्य को लेकर भारी चिंता है।

सूत्रों के अनुसार यह कारोबार संगठित तरीके से चल रहा है। छोटे-छोटे पैडलर के माध्यम से इसकी सप्लाई की जाती है। कई बार स्थानीय लोगों द्वारा थाने में शिकायत भी की गई, परन्तु कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से कारोबारियों के हौसले बुलंद हैं।

जनहित में मांग:
क्षेत्र के बुद्धिजीवी और समाजसेवियों ने जिला प्रशासन और वरीय पुलिस अधीक्षक, सरायकेला-खरसावां से मांग की है कि –
1. आदित्यपुर, RIT, गम्हरिया क्षेत्र में विशेष छापेमारी अभियान चलाया जाए।
2. नशा के विरुद्ध जागरूकता अभियान स्कूल-कॉलेजों में चलाया जाए।
3. गुप्त सूचना तंत्र को मजबूत कर बड़े सप्लायरों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

एक अभिभावक ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, _”हम अपने बच्चों को बाहर भेजने से डरते हैं। अगर समय रहते रोक नहीं लगी तो यह औद्योगिक क्षेत्र अपराध का अड्डा बन जाएगा।

नोट: यह समाचार जनहित और प्रशासन का ध्यान आकृष्ट करने के उद्देश्य से प्रकाशित किया गया है।

आदित्यपुर में गैस एजेंसी संचालक दंपती पर हमला, सिलेंडर लूट का आरोप; वार्ड-2 में दहशत।

आदित्यपुर में गैस एजेंसी संचालक दंपती पर हमला, सिलेंडर लूट का आरोप; वार्ड-2 में दहशत।

सरायकेला/आदित्यपुर

आदित्यपुर थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 2, धीराजगंजा से दबंगई का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक नव-निर्मित गैस एजेंसी संचालक दंपती के साथ मारपीट और जबरन गैस सिलेंडर ले जाने का आरोप लगा है। इस संबंध में पीड़िता श्रीमती जोबा हेम्ब्रम ने आदित्यपुर थाना में लिखित शिकायत देकर न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई है।

पीड़िता जोबा हेम्ब्रम और उनके पति विकास चंद्र गुप्ता द्वारा दिए गए आवेदन के अनुसार, घटना 02 सितंबर 2026 की रात करीब 11:30 बजे की है। आरोप है कि कार्तिक सरदार, बबलू सरदार, गौतम गोराई, बबलू कालिंदी, मनोज सरदार और महेश महतो नामक छह लोग अचानक उनके घर पहुंचे और बिना कुछ कहे घर में रखा गैस सिलेंडर उठाकर ले जाने लगे।

जब पति विकास चंद्र गुप्ता ने इसका विरोध किया तो सभी आरोपियों ने मिलकर उन पर लात-घूंसों और लोहे की रॉड से जानलेवा हमला कर दिया, जिससे वे जमीन पर गिर पड़े। पीड़िता का आरोप है कि जब वह अपने पति को बचाने के लिए बीच-बचाव करने गई तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की।

शिकायत में पीड़िता ने बताया कि मारपीट के दौरान आरोपी कार्तिक सरदार और बबलू सरदार बार-बार धमकी देते हुए कह रहे थे कि “बिना मेयर की परमिशन लिए गैस एजेंसी क्यों ली?”

जोबा हेम्ब्रम ने बताया कि उनके पति ने 4 लाख 90 हजार रुपये देकर गैस एजेंसी का काम शुरू किया था और 02 सितंबर काम का पहला ही दिन था, उसी रात यह घटना घट गई।

पीड़िता ने अपनी शिकायत के साथ एजेंसी से संबंधित सभी दस्तावेज संलग्न किए हैं और आदित्यपुर थाना प्रभारी से आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

वहीं, शिकायत मिलने के बाद आदित्यपुर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

चांडिल में कारोबारी की दिनदहाड़े हत्या, चार गोलियां दागकर अपराधी फरार।

चांडिल में कारोबारी की दिनदहाड़े हत्या, चार गोलियां दागकर अपराधी फरार।

सरायकेला/चांडिल

सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है। कांदरबेड़ा स्थित होटल टेंथ माइल स्टोन में दिनदहाड़े फायरिंग कर कारोबारी निखार सबलोक की हत्या कर दी गई।
बताया जा रहा है कि अपराधियों ने निखार पर ताबड़तोड़ चार गोलियां चलाईं, जिनमें दो गोलियां सिर में लगीं।

गंभीर हालत में दोस्तों ने उन्हें टीएमएच पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी मौके से फरार हो गए। सूचना मिलते ही चांडिल थाना पुलिस, डीएसपी समेत जमशेदपुर की पुलिस टीमें मौके पर पहुंचीं
पुलिस ने घटनास्थल से नौ खोखे बरामद किए हैं।
सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और हत्या के पीछे पुरानी दुश्मनी समेत कई एंगल पर जांच जारी है।

वहीं इस मामले पर सरायकेला खरसावां की पुलिस अधीक्षक ने कहा जांच चल रही है अनुसंधान के बाद बता देंगे

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है निखार की हत्या क्यों और किसने की?

सरायकेला-खरसावां के कृषि विभाग में गड़बड़ी के आरोप, किसानों को नहीं मिल रहा योजना का लाभ।

सरायकेला-खरसावां के कृषि विभाग में गड़बड़ी के आरोप, किसानों को नहीं मिल रहा योजना का लाभ।

सरायकेला-खरसावां

( भरत सिंह )

साथियों योजना का लाभ जरूरतमंद किसानों तक नहीं पहुंचने की खबर इन दोनों गुप्त सूत्रों द्वारा प्राप्त हो रही है जिसे लेकर सरायकेला खरसावां जिले के कृषि विभाग सवालों के घेरे में बना हुआ है।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार किसानों का कहना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद किसानों तक नहीं पहुंच रहा है और बिचौलियों के माध्यम से काम करवाया जा रहा है। कई प्रखंडों के किसानों ने शिकायत की है कि किसान सम्मान निधि, बीज वितरण, खाद सब्सिडी और कृषि यंत्रों पर अनुदान जैसी योजनाओं में पारदर्शिता नहीं है। आरोप है कि बिना पैसे दिए न तो फॉर्म आगे बढ़ता है और न ही समय पर बीज-खाद मिल पाता है।

सूत्रों ने यह भी बताया है कि “ऑनलाइन आवेदन के बाद भी महीनों तक वेरिफिकेशन नहीं होता। जब दलाल के जरिए 500-1000 रुपये दिए जाते हैं तभी फाइल आगे बढ़ती है।
साथ ही कुछ कृषि पदाधिकारी और कर्मचारियों की मिलीभगत से योजनाओं में फर्जी किसानों के नाम पर राशि निकाली जा रही है। इससे वास्तविक किसान वंचित रह जा रहे हैं।

किसानों की मांग है कि विभाग में शिकायत पेटी, हेल्पलाइन नंबर और नियमित जांच की व्यवस्था की जाए। साथ ही सभी योजनाओं की सूची पंचायत स्तर पर सार्वजनिक की जाए ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

इस संबंध में जिला कृषि पदाधिकारी से संपर्क करने पर उन्होंने कहा कि “अगर कोई लिखित शिकायत मिलती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। विभाग भ्रष्टाचार के खिलाफ है।”

फिलहाल किसान संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द सुधार नहीं हुआ तो वे जिला मुख्यालय में प्रदर्शन करेंगे।

शेष अगले अंक में…

सरायकेला DTO कार्यालय में अवैध वसूली का गोरख धंधा चरम पर, बिना अवैध पैसे लिए नहीं बन रहा लाइसेंस-सूत्र

सरायकेला DTO कार्यालय में अवैध वसूली का गोरख धंधा चरम पर, बिना अवैध पैसे लिए नहीं बन रहा लाइसेंस-सूत्र

सरायकेला

( भरत सिंह )

सरायकेला खरसावां जिले में इन दिनों अवैध कमाई का एक अलग ही खेल चल रहा है और यह खेल चरम सीमा पर पहुंच चुका है जिसे अगर समय रहते ना रोका गया तो यह अवैध कमाई का जरिया लोगों को उग्र आंदोलन करने पर मजबूर कर सकती है।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार सरायकेला-खरसावां जिले के सरायकेला स्थित जिला परिवहन कार्यालय – DTO में लाइसेंस बनवाने को लेकर आम जनता में भारी नाराजगी है। स्थानीय लोगों और कुछ ड्राइविंग स्कूल संचालकों का आरोप है कि यहां बिना अवैध वसूली के न तो लर्निंग लाइसेंस बन रहा है और न ही स्थाई लाइसेंस। जिसे लेकर पीड़ितों का कहना है कि कार्यालय परिसर में दलालों का खुला कारोबार चल रहा है। आरोप ये भी है कि इस पूरे खेल में कुछ मोटर वाहन निरीक्षक और कार्यालय के कर्मचारियों की मिलीभगत है। लोगों का दावा है कि तय फीस से कई गुना ज्यादा रकम वसूली जा रही है और रसीद भी नहीं दी जा रही।

एक आवेदक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “सरकारी फीस 500-600 रुपये है, लेकिन यहां 3000 से 5000 रुपये तक मांगे जा रहे हैं। अगर पैसे नहीं देंगे तो महीनों तक लाइसेंस अटका दिया जाता है।”

इस मामले को लेकर जिले के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन और परिवहन विभाग के उच्च अधिकारियों से जांच की मांग की है। उनका कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे इस मुद्दे को लेकर आंदोलन करेंगे।

फिलहाल जिला परिवहन पदाधिकारी से इस संबंध में संपर्क करने पर कोई आधिकारिक बयान नहीं मिल पाया है।

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