सरायकेला/आदित्यपुर
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
इस पूरे संसार में आचार्य पंडित अथवा गुरु की एक अहम भूमिका है उनके ही आशीर्वाद से आपकी शिक्षा साक्षरता, सांसारिक ज्ञान, भौतिक ज्ञान, अथवा इस संसार में अपना जीवन यापन करने के लिए प्रयुक्त ज्ञान इन्हीं से प्राप्त होती है। और संसार में आचार्य अथवा पंडितों का निधन होना इस संसार के लिए अपूर्णीय क्षती के समान माना जाता है। और इस अपूर्णिया क्षती की पूर्ति करना किसी के लिए भी संभव नहीं।

कुछ इसी प्रकार मंगलवार की रात्रि में प्रख्यात आचार्य पंडित सुरेश कुमार द्विवेदी का निधन हो गया जो समाज के लिए काफी बड़ी क्षति है पंडित जी काफी दूरदर्शी एवं हाजिर मिजाज चेहरे पर मुस्कान व्यक्तित्व को धारण करते थे।
वहीं पंडित सुरेश कुमार द्विवेदी अपने पीछे दो पुत्र व एक पुत्री के साथ भरा पूरा परिवार छोड़ गए आज बुधवार के दिन पार्वती घाट में उनका अंतिम संस्कार होना है।
आपको बताते चले कि आचार्य पंडित सुरेश कुमार द्विवेदी ने कई जोड़ों की शादीयां भी करवाई है जो कि आज के समय में सफल जीवन यापन कर रहे हैं और उनके आशीर्वाद से पूरा परिवार खुशमय जीवन यापन कर रहा है।
