रेलवे ट्रैक पर ग्रामीण का क्षत-विक्षत शव बरामद, जांच में जुटी पुलिस।

रेलवे ट्रैक पर ग्रामीण का क्षत-विक्षत शव बरामद, जांच में जुटी पुलिस।

सरायकेला/ईचागढ़

सरायकेला-खरसावां जिले के तिरुलडीह थाना क्षेत्र में तिरुलडीह और बाकारकुड़ी रेलवे स्टेशन के बीच चानो गांव के समीप रेलवे ट्रैक पर शनिवार को एक 50 वर्षीय ग्रामीण का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। मृतक की पहचान तिरूलडीह थाना क्षेत्र के चानो गांव निवासी मंगल सिंह मुंडा के रूप में की गई है।

मिली जानकारी के अनुसार, ट्रेन की चपेट में आने से उनकी मौत हुई है। घटना की सूचना मिलते ही तिरुलडीह थाना पुलिस और रेलवे पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए सरायकेला सदर अस्पताल भेज दिया।परिजनों एवं स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, मंगल सिंह मुंडा पिछले कुछ समय से मानसिक रूप से अस्वस्थ चल रहे थे।

हालांकि, घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसका स्पष्ट कारण अभी सामने नहीं आया है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

दुखद निधन: पत्रकार गणेश प्रसाद के छोटे भाई की पत्नी का स्वर्गवास।

दुखद निधन: पत्रकार गणेश प्रसाद के छोटे भाई की पत्नी का स्वर्गवास।

जमशेदपुर/मुसाबनी

अत्यंत दुख के साथ सूचित किया जाता है कि वरिष्ठ पत्रकार गणेश प्रसाद जी के छोटे भाई की धर्मपत्नी का स्वर्गवास हो गया है।

उनके निधन से परिवार सहित पूरे पत्रकार जगत में शोक की लहर है। वह एक सरल, सौम्य और मिलनसार स्वभाव की महिला थीं।

ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवार को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

सरायकेला में शिक्षक का शव मिलने से फैली सनसनी,परिजनों ने जताई संदिग्ध मौत की आशंका।

सरायकेला में शिक्षक का शव मिलने से फैली सनसनी,परिजनों ने जताई संदिग्ध मौत की आशंका।

सरायकेला/मिरुडीह

सरायकेला खरसावां जिले के सरायकेला थाना क्षेत्र में उस वक्त सनसनी फैल गई जब पुलिस ने एक नौजवान का शव संजय नदी स्थित चमारू-कोलबीरा पुल के नीचे रविवार को बरामद किया। मृतक की पहचान नुआगढ़ धातकीड़ीह निवासी जीतन महतो के रूप में हुई है, जो मिरुडीह स्थित विश्व विकास विद्यालय स्कूल में शिक्षक के पद पर कार्यरत थे।

मामले के संबंध में परिजनों ने जानकारी दी है कि जीतन महतो शनिवार शाम करीब छह बजे माणिक बाजार में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे। उनके साथ गांव के तीन अन्य लोग भी मौजूद थे। देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की, लेकिन पूरी रात उनका कोई सुराग नहीं मिला। रविवार सुबह स्थानीय लोगों ने चमारू-कोलबीरा पुल के नीचे संजय नदी में एक शव देखा, जिसकी सूचना तत्काल सरायकेला थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, शव को बाहर निकालकर उसकी पहचान कराई और फिर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया।

मृतक के बड़े पिताजी लक्खी पति महतो ( विश्व विकास विद्यालय मिरुडीह के संस्थापक) ने आरोप लगाया कि शादी समारोह में जीतन महतो के साथ मौजूद लोगों ने उनके लापता होने की जानकारी परिवार को काफी देर बाद दी। उनका कहना है कि यदि समय पर सूचना दी जाती, तो शायद उनकी तलाश जल्द शुरू हो सकती थी। लखपति महतो ने आशंका जताई है कि मामला सामान्य दुर्घटना का प्रतीत नहीं होता है, इसलिए पुलिस को हर पहलू से जांच करनी चाहिए।

वहीं इस मामले पर पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों की स्पष्ट स्थिति सामने आ सकेगी।

आपको बताते चलें कि जीतन महतो अपने परिवार के बड़े पुत्र थे। उनके परिवार में पत्नी, चार वर्षीय पुत्र और अन्य परिजन हैं। उनकी असामयिक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और पूरे गांव में शोक का माहौल है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। साथ ही घटना के बाद परिजनों ने मौत को संदिग्ध बताते हुए निष्पक्ष जांच और सच्चाई सामने लाने की मांग की है।

वहीं इस मामले पर मिली जानकारी के अनुसार मृतक जितेन महतो मिरुडीह स्थित विश्व विकास विद्यालय परिसर में ही रहकर विद्यालय की देखभाल करते थे अथवा बच्चों को पढ़ते थे स्कूल की पूरी जिम्मेदारी उनके ही सर पर थी उनकी मौत से मिरुडीह क्षेत्र में एक अलग ही चर्चा का विषय बना हुआ है अब देखना यह दिलचस्प होगा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आखिर क्या खुलासा होता है।

शेष अगले भाग में

सदर अस्पताल में गर्भवती महिला एवं गर्भस्थ शिशु की मृत्यु की घटना पर निष्पक्ष जांच एवं दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी : मनोज कुमार चौधरी

सदर अस्पताल में गर्भवती महिला एवं गर्भस्थ शिशु की मृत्यु की घटना पर निष्पक्ष जांच एवं दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी : मनोज कुमार चौधरी

सरायकेला-खरसावां

( मालखान महतो )

साथियों आप हम उन परिजनों के पीड़ा का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि जिस परिवार में दो दिन बाद बच्चे की किलकारियों की आवाज सुनाई देने वाली थी उसी घर में आज दो मौत होने की वजह से कोहराम छाया हुआ है। मां के आंख मूंद लेने से दुनिया देखने से पहले ही दुनिया को अलविदा कहा गया मां की कोख में पल रहा मासूम शिशु और पीछे छोड़ गया अपनों के चले जाने के गम में रोता बिलखता एक भरा पूरा परिवार।

जानकारी के अनुसार कांदागोड़ा गांव निवासी गुरा पूर्ती की पत्नी शुरू पूर्ती को शनिवार रात करीब 8 बजे प्रसव पीड़ा होने पर सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि भर्ती के समय महिला की स्थिति सामान्य थी, लेकिन रातभर उचित चिकित्सकीय देखभाल नहीं मिलने के कारण उसकी मौत हो गई और साथ ही साथ मां के गर्भ में पल रहे शिशु के भी मौत हो गई।

वहीं सरायकेला सदर अस्पताल में गर्भवती महिला एवं उसके गर्भस्थ शिशु की मृत्यु की अत्यंत दुखद सूचना प्राप्त होते ही नगर पंचायत सरायकेला के अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी तत्काल सदर अस्पताल पहुंचे तथा शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त कीं।

जानकारी के अनुसार कांदागोड़ा गांव निवासी गुरा पूर्ती की पत्नी शुरू पूर्ती को शनिवार रात करीब 8 बजे प्रसव पीड़ा होने पर सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि भर्ती के समय महिला की स्थिति सामान्य थी, लेकिन रातभर उचित चिकित्सकीय देखभाल नहीं मिलने के कारण उसकी मौत हो गई और साथ ही साथ मां के गर्भ में पल रहे शिशु के भी मौत हो गई

घटना के संबंध में परिजनों ने उपचार में लापरवाही, समय पर चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध नहीं होने तथा अस्पताल प्रबंधन की उदासीनता के गंभीर आरोप लगाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए चौधरी ने तत्काल उपायुक्त, सिविल सर्जन एवं अनुमंडल पदाधिकारी अभिनव प्रकाश से वार्ता कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हेतु मेडिकल टीम गठित करने तथा यदि किसी स्तर पर चिकित्सकीय लापरवाही सिद्ध होती है तो संबंधित चिकित्सक एवं कर्मियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने की मांग की।

इस पर उपायुक्त महोदय ने तत्काल मेडिकल जांच टीम गठित कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने एवं आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। साथ ही चिकित्सकीय अनुशासन से जुड़े अन्य मामलों की भी नियमानुसार समीक्षा एवं कार्रवाई की जाएगी।

घटना के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों एवं ग्रामीणों में स्वाभाविक आक्रोश व्याप्त था। अनुमंडल पदाधिकारी अभिनव प्रकाश एवं नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने मौके पर उपस्थित होकर शोकाकुल परिजनों एवं ग्रामीणों से वार्ता की तथा निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया। प्रशासन के आश्वासन के उपरांत परिजनों एवं ग्रामीणों ने अपना विरोध शांतिपूर्वक समाप्त कर दिया।

इस अवसर पर मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि “एक भी मरीज की जान लापरवाही के कारण जाना अत्यंत पीड़ादायक और अस्वीकार्य है। झारखंड सरकार मरीजों के जीवन एवं स्वास्थ्य के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। किसी भी प्रकार की चिकित्सकीय लापरवाही, अनुशासनहीनता या असंवेदनशीलता किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर एवं नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”

उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

वहीं मां और उसके गर्भस्थ में पल रहे शिशु की मृत्यु की खबर ने पूरे जिले वासियों के दिल को झकझोर कर रख दिया है जिसने भी यह खबर सुनी उनकी आंखें नम हो गई दिल भर आए हर किसी ने दुख व्यक्त किया। और यह मामला लगातार चर्चाओं में बना हुआ है हर किसी के जुबान पर बस एक ही सवाल है कथित तौर पर दोषियों को आखिर कब तक सजा मिलेगी।

सरायकेला सदर अस्पताल में प्रसूता की मौत पर हंगामा, परिजनों ने लगाया चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप।

सरायकेला सदर अस्पताल में प्रसूता की मौत पर हंगामा, परिजनों ने लगाया चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप।

सरायकेला/खरसावां

( मालखान महतो )

सरायकेला सदर अस्पताल में प्रसूता की मौत बाद सरायकेला सदर अस्पताल की चिकित्सकीय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रसूता की मौत के बाद पूरे सरायकेला जिले में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ हैइधर परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है

सरायकेला सदर अस्पताल में प्रसूता की मौत के बाद रविवार सुबह परिजनों ने जमकर हंगामा किया। जानकारी के अनुसार कांदागोड़ा गांव निवासी गुरा पूर्ती की पत्नी शुरू पूर्ती को शनिवार रात करीब 8 बजे प्रसव पीड़ा होने पर सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि भर्ती के समय महिला की स्थिति सामान्य थी, लेकिन रातभर उचित चिकित्सकीय देखभाल नहीं मिलने के कारण उसकी मौत हो गई।

मृतका के पति गुरा पूर्ती ने आरोप लगाया कि अस्पताल कर्मियों और चिकित्सकों ने समय पर ध्यान नहीं दिया, जिससे उनकी पत्नी की जान चली गई। परिजनों ने चिकित्सकीय लापरवाही के साथ-साथ ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक के व्यवहार पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि बुधवार सुबह जब वे डॉक्टर से मिलने पहुंचे तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

वहीं ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर रीमा ने बताया कि महिला अस्पताल पहुंचने के समय गंभीर एनीमिया से पीड़ित थी और उसके शरीर में रक्त की मात्रा काफी कम थी। उन्होंने कहा कि मरीज की स्थिति पहले से ही गंभीर थी। घटना के बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक तनाव का माहौल बना रहा।

आजसू पार्टी के ईचागढ़ प्रखंड अध्यक्ष को पितृशोक,क्षेत्र में शोक की लहर।

आजसू पार्टी के ईचागढ़ प्रखंड अध्यक्ष को पितृशोक,क्षेत्र में शोक की लहर।

सरायकेला/ईचागढ़

ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के तुता पंचायत के चोगा गांव निवासी एवं आजसू पार्टी के प्रखंड अध्यक्ष गोपेश कुमार महतो के पिताजी प्रदीप कुमार महतो, उम्र- 60 वर्ष का आकस्मिक निधन शनिवार को हो गया। निधन की सूचना मिलते ही आजसू पार्टी के केंद्रीय महासचिव हरेलाल महतो व अन्य ग्रामीण चोगा स्थित उनके घर पहुंचे और श्रद्धांजलि अर्पित किया। चिमटिया पंचायत समिति सदस्य प्रतिनिधि अनाथ चंद्र महतो ने बताया कि प्रदीप कुमार महतो एक मिलनसार व्यक्ति थे साथ ही खेल में काफी रुचि रखते थे।

उन्होंने बताया कि वो प्रोजेक्ट बालिका उच्च विद्यालय गौरांगकोचा में अनुबंध शिक्षक के रुप में काफी समय तक सेवा दे चुके हैं। उनके पिता उमाकांत महतो, सेवानृवित शिक्षक सह ईचागढ़ प्रखंड के सांसद प्रतिनिधि, तुता पंचायत के पंचायत समिति सदस्य के रुप में सेवा दे चुके हैं। वर्तमान समय में उनके बड़े पुत्र गोपेश कुमार महतो ईचागढ़ प्रखंड अध्यक्ष आजसू पार्टी का नेतृत्त्व कर रहे है। प्रदीप कुमार महतो अपना भरा पुरा परिवार को छोड़कर परलोक में चल बसे। प्रदीप कुमार महतो का अंतिम संस्कार सीता नाला नदी में शनिवार को पारम्परिक रिति-रिवाज से किया गया।

ईचागढ़ के हाड़ात गांव में जंगली हाथियों का तांडव, मां बेटी की दर्दनाक मौत, दो गंभीर रूप से घायल।

ईचागढ़ के हाड़ात गांव में जंगली हाथियों का तांडव, मां बेटी की दर्दनाक मौत, दो गंभीर रूप से घायल।

सरायकेला/ईचागढ़

मृतक में एक 35 वर्षीय महिला व एक 13 वर्षीय बच्ची।

मृतक के परिवार को मुआवाजा राशि सौंपते वन विभाग पदाधिकारी व अन्य।

ईचागढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत हाड़ात गांव में शनिवार की अहले सुबह करीब 2 बजे जंगली हाथियों ने एक ही परिवार पर हमला कर मां बेटी को जान से मार डाला, जबकि दो अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों की पहचान चाइना देवी (35 वर्ष), जो कमल चांद महतो की पत्नी थीं, और उनकी पुत्री अमिता बाला (13 वर्ष) के रूप में हुई है। वहीं घायलों में कमल चांद महतो के पिता मोहन लाल महतो (72 वर्ष) एवं मां सांतुला देवी (71 वर्ष) के रूप में की गई।

मृतक चायना देवी

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, जिसमें प्रभारी वनपाल मुकेश महतो, राणा प्रताप, सनातन रेबानी, वन रक्षी मुन्ना सोरेन और कैलाश चंद्र महतो शामिल थे। साथ ही ईचागढ़ थाना प्रभारी बजरंग महतो भी अपने दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। तत्काल कार्रवाई करते हुए वन विभाग के अधिकारियों ने मृतक के परिजनों को 50,000 रुपये प्रति व्यक्ति के हिसाब से एक लाख रुपये नगद सहायता प्रदान की। घायलों को 10-10 हजार रुपए इलाज हेतु तत्काल दिया गया,साथ ही कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रत्येक मृतक के परिजनों को 3,50,000 रुपये की मुआवजा राशि देने की बात कही गई। प्रभारी वनपाल मुकेश कुमार महतो ने बताया कि कमल चांद महतो के माता-पिता का घर को हाथी द्वारा तोड़ा गया, जिससे दोनों घायल हो गए। हल्ला करने पर अचानक मां बेटी अपने कमरे से निकला की हाथियों के चपेट में आने से दोनों की मौत हो गई। ईचागढ़ पुलिस द्वारा दोनों मृतकों के शव को पोस्टमार्टम के लिए सरायकेला सदर अस्पताल भेजा गया है, जबकि घायलों का इलाज एमजीएम अस्पताल में चल रहा है। वन विभाग की ओर से ग्रामीणों के बीच टार्च पटाखा का भी वितरण किया गया।

मृतक अमिता बाला

घटना के बाद ग्रामीणों ने जमकर बबाल मचाया। उप प्रमुख दीपक कुमार साहू, मुखिया नयन सिंह मुण्डा,ग्राम प्रधान बुधु सिंह मुण्डा,तीमीर सिंह मुंडा एवं अन्य आक्रोशित ग्रामीणों ने हाथियों को क्षेत्र से भगाने, घायलों का समुचित इलाज कराने,समुचित मुआवजा एवं 8 वर्षीय अनाथ हुए बच्चा को आवासीय विद्यालय में पढ़ाने, प्रभारी रेंजर के बदले रेंजर तत्काल नियुक्त करने का मांग किया है।

घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। लोगों का आरोप है कि प्रभारी रेंजर विमोद कुमार न कभी क्षेत्र भ्रमण करते हैं और न ही चांडिल रेंज कार्यालय में उपस्थित रहते है।

सापारुम गाँव में जंगली हाथी के हमले से 60 वर्षीय व्यक्ति की दर्दनाक मौत।

सापारुम गाँव में जंगली हाथी के हमले से 60 वर्षीय व्यक्ति की दर्दनाक मौत।

सरायकेला/तिरूलडीह

सरायकेला-खरसावां जिले के तिरूलडीह थाना क्षेत्र के सापारुम गाँव में जंगली हाथियों के हमले से एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान राधा तंतुबाई के रूप में हुई है, जिनकी उम्र लगभग 60 वर्ष बताई जा रही है।

घटना की सुचना मिलते ही प्रभारी वनपाल मुकेश महतो, थाना प्रभारी कौशल कुमार दलवल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और वन विभाग कि ओर से परिजनों को 50 हजार रुपए नगद मुआवजा का भूगतान किया एवं कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद 3 लाख 50 हजार रूपए मुआवजा राशि देने की बात कही गई।

वहीं तिरूलडीह पुलिस लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु सरायकेला सदर अस्पताल भेज दिया। वनपाल मुकेश कुमार महतो ने बताया कि मृतक शनिवार सुबह शौच के लिए तालाब जा रहा था जहां 6 कि संख्या में जंगली हाथी गांव में घुस आया और इसी दौरान राधा तंतुबाई उसकी चपेट में आ गए। हाथी के हमले से मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है और ग्रामीणों में काफी भय व्याप्त है

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। परिजनों ने वन विभाग से समुचित मुआवजा एवं कम-से-कम चतुर्थ श्रेणी का नौकरी मृतक के एक आश्रीत को देने का मांग किया है। ग्रामीणों के आक्रोश का भी सामना वन विभाग के पदाधिकारियों को करना पड़ा । थाना प्रभारी के समझाने के बाद लोग शांत हुए ।

ग्रामीणों का मांग है कि हाथियों से निजात के लिए ठोस कदम उठाए जाय , गांव में टार्च,पटाखा आदि उपलब्ध कराया जाय एवं हाथियों को क्षेत्र से भगाया जाय ‌।मौके पर मुखिया सुधीर सिंह मुण्डा, पूर्व मुखिया तपन सिंह मुण्डा सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे।

असंगी चेक डैम में नहाने के दौरान दो स्कूली छात्रों की मौत।

असंगी चेक डैम में नहाने के दौरान दो स्कूली छात्रों की मौत।

स्कूल से भाग कर नहाने डैम पहुंचे हुई मौत, परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल

सरायकेला/आर.आई.टी

बृहस्पतिवार को सरायकेला खरसावां जिले के आर.आई.टी थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है जिसमें की सेंट्रल पब्लिक स्कूल आदित्यपुर के 5 छात्र स्कूल के वक्त स्कूल से भाग कर नहाने चेक डैम पहुंचे जिसमें की नहाने के दौरान नौवीं कक्षा के दो छात्र रौनक भारद्वाज और गॉडविन थॉमस की मौत हो गई। छात्रों की मौत से इलाके में मातम का माहौल पसर गया है परिजनों की आंखों से आंसू थम नहीं रहे।

घटना की जानकारी मिलने पर आदित्यपुर नगर निगम के अध्यक्ष संजय सरदार  और डिप्टी मेयर अंकुर सिंह घटना स्थल पर पहुंचे और मृतक के परिजनों को ढांढस बंधाया.

घटित घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार सेंट्रल पब्लिक स्कूल के पांच छात्र स्कूल ऑवर्स के दौरान क्लास छोड़कर खरकई नदी पर बने आसंगी चेक डैम में नहाने पहुंचे थे. जब छात्र डैम में उतरे, तो अचानक गहराई का अंदाजा न होने के कारण रौनक और गॉडविन पानी के तेज बहाव और गहराई में समा गए. मौके पर मौजूद उनके सहपाठी प्रशांत कुमार ने बताया कि वह उस वक्त पानी लाने गया था, तभी यह चीख-पुकार मच गई. अन्य दो छात्र किसी तरह सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे.

घटना की सूचना मिलते ही आरआईटी थाना प्रभारी संजीव सिंह दलबल के साथ मौके पर पहुंचे. स्थानीय गोताखोरों की मदद से तत्काल सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया. लगभग एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद गोताखोरों ने दोनों छात्रों के शवों को पानी से बाहर निकाला. पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.

ग्राम प्रधान शीतल दास की हुई आकस्मिक निधन, क्षेत्र में शोक की लहर।

ग्राम प्रधान शीतल दास की हुई आकस्मिक निधन, क्षेत्र में शोक की लहर।

सरायकेला/ईचागढ़

प्रखंड क्षेत्र के नारो गांव के ग्राम प्रधान सह झामुमो के वरिष्ठ कार्यकर्ता शीतल दास का बुधवार को सांस लेने की तकलीफ़ एवं छाती में दर्द होने से चिकित्सा हेतु जमशेदपुर ले जाने के दौरान रास्ते में ही उनकी हृदय गति रुक जाने से निधन हो गया। 64 वर्षीय शीतल दास की आकस्मिक निधन से गांव एवं क्षेत्र में शोक व्याप्त है।

झामुमो प्रखंड सचिव अमित सिन्हा ने बताया कि मृत शितल दास एक सरल स्वभाव और मिलनसार व्यक्ति थे और हर सामाजिक कार्य में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेते थे। उन्होंने बताया कि झामुमो पार्टी के भी सच्चा सिपाही थे। उन्होंने बताया कि ग्राम प्रधान के निधन के बाद उनका अंतिम संस्कार करकरी नदी घाट पर बुधवार को ही किया गया। ग्राम प्रधान के निधन पर क्षेत्र में शोक की लहर है।

उन्होंने कहा कि शव यात्रा में गांव के सैकड़ों लोग एवं कई झामुमो के वरिष्ठ नेता कार्यकर्ता भी शामिल हुए। वहीं विधायक सविता महतो ने भी शितल दास की आकस्मिक निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि शितल दास का निधन से पार्टी एवं क्षेत्र के लोगों के लिए अपुर्नीय क्षति हुई है। उन्होंने उनके मृत आत्मा की शांति की कामना किया।

आदिवासी कुड़मि समाज के प्रदेश संगठन सचिव स्व. संजीव कुमार महतो के असामयिक निधन पर गहरा शोक

आदिवासी कुड़मि समाज के प्रदेश संगठन सचिव स्व. संजीव कुमार महतो के असामयिक निधन पर गहरा शोक

पश्चिम सिंहभूम

आदिवासी कुड़मि समाज आज अत्यंत मर्माहट और शोक की स्थिति में है। समाज के समर्पित, संघर्षशील एवं कर्मठ नेता प्रदेश संगठन सचिव संजीव कुमार महतो का असामयिक निधन समाज के लिए अपूर्णीय क्षति है।

पश्चिम सिंहभूम जिला अंतर्गत चक्रधरपुर प्रखंड के चंद्री ग्राम निवासी स्व. संजीव कुमार महतो समाज के उन बिरला कार्यकर्ताओं में से थे जिन्होंने जीवनभर कुड़मि समाज की एकता, सम्मान, संस्कृति की रक्षा तथा सामाजिक जागरण के लिए स्वयं को समर्पित रखा। रेल टेका आंदोलन, सामाजिक उत्थान के कार्यों और झारखंड, बंगाल एवं ओडिशा में समाज के संगठन को सुदृढ़ बनाने में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।

दिनांक 29 अक्टूबर की सुबह टहलने के दौरान हुए दुर्भाग्यपूर्ण सड़क हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आई। तत्पश्चात रेलवे अस्पताल चक्रधरपुर में प्राथमिक उपचार के बाद उचित चिकित्सा हेतु जमशेदपुर टीएमएच में भर्ती कराया गया। जहां उपचार के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें संध्या 7:25 बजे मृत घोषित कर दिया।

उनका इस प्रकार अकस्मात् चले जाना न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि संपूर्ण कुड़मि समाज के लिए गहन शोक और पीड़ा का विषय है। उन्होंने अपने पीछे विधवा मां, एक भाई, एक बहन, शिक्षिका पत्नी, एक पुत्री और एक पुत्र को छोड़ दिया है। समाज इस दुखद घड़ी में शोकाकुल परिवार के साथ खड़ा है और ईश्वर से प्रार्थना करता है कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें तथा परिवार को इस असहनीय क्षति को सहने की शक्ति दें।

उनके अंतिम संस्कार के समय समाज के वरिष्ठ मुलखुंटी मूलमानता अजीत प्रसाद महतो, केंद्रीय अध्यक्ष शशांक शेखर महतो, केंद्रीय महासचिव सुनील कुमार गुलिआर, केंद्रीय सहसचित जयराम महतो, गुणधाम मुतरुआर सहित अनेक सामाजिक प्रतिनिधि उपस्थित थे,

जिन्होंने शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी और समाज से आह्वान किया कि हम सभी स्व. संजीव कुमार महतो के अधूरे कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लें।
स्व. महतो जी का जीवन समाजसेवा, निष्ठा और आदिवासी अस्मिता की रक्षा के लिए समर्पित रहा। उनका जाना केवल एक व्यक्ति के नहीं, बल्कि एक विचारधारा की क्षति है। अब यह हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है कि उनके सपनों के समाज की दिशा में एकजुट होकर कार्य करें।

नही रहे झारखंड के जननायक दिशोम गुरू शिबू सोरेन दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में ली आखरी सांस निधन

नही रहे झारखंड के जननायक दिशोम गुरू शिबू सोरेन दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में ली आखरी सांस निधन

दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन पर 3 दिन का राज्यकिया शोक घोषित

झारखंड/रांची

झारखंड के जननायक दिशोम गुरु शिबू सोरेन (81 वर्ष ) का सोमवार को दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में निधन हो गया. पिछले कई दिनों से बीमार चल रहा थे. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खुद ट्वीट कर इसकी आधिकारिक जानकारी देते हुए कहा कि उनके निधन से मैं हो गया.गुरुजी शिबू सोरेन झारखंड अलग राज्य के जननायक हैं और उन्होंने ही अपने संघर्ष से झारखंड अलग राज्य का गठन कराया था. शिबू सोरेन का निधन के बाद है झारखंड आंदोलन के एक बड़े युग का समापन हो गया है. शिबू सोरेन अभी राज्यसभा सांसद थे. उनके निधन की खबर पाकर पूरे झारखंड ही नहीं पूरे देश में शोक की लहर है. करीब 81 वर्ष के शिबू सोरेन पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे थे और वे दिल्ली में इलाजरत थे.झारखंड मुक्ति मोर्चा का उन्होंने झारखंड अलग राज्य के गठन को लेकर अन्य लोगों के साथ मिलकर गठित किया था.

शिबू सोरेन, राष्ट्रीय पटल पर एक चिर परिचित पहचान है. एक आम शख्स से शख्सियत बनने का उनका सफर

झारखंड की राजनीति में  ध्रुव तारा की तरह चमकते रहे गुरुजी का निधन हो गया. गुरूजी का शुरुआती जीवन संघर्षों से भरा रहा. 11 जनवरी 1944 को गोला प्रखंड के नेमरा गांव में सोबरन सोरेन के घर जन्मे शिबू सोरेन को बचपन में प्यार से शिवलाल कहकर पुकारा जाता था. लेकिन उनकी प्रारंभिक शिक्षा शिवचरण मांझी के नाम से हुई. शिवचरण के नाम से उन्होंने 1972 में पहली बार जरीडीह से विधानसभा का चुनाव भी लड़ा था. उनकी प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही प्राइमरी स्कूल में हुई. फिर गोला प्रखंड में मौजूद राज्य संपोषित हाई स्कूल में उनके पिता ने नामांकन कराया. जहां आदिवासी छात्रावास में रहकर उन्होंने पढ़ाई को जारी रखा.

किशोरावस्था में ही महाजनों को देने लगे चुनौती

जब उनकी उम्र महज 13 साल थी, तभी एक घटना ने किशोर शिबू सोरेन के जीवन को बदल कर रख दिया. तारीख- 27 नवंबर 1957, जब उन्हें सूचना मिली कि उनके पिता सोबरन सोरेन की महाजनों ने हत्या कर दी है. वरिष्ठ पत्रकार अनुज कुमार सिन्हा की पुस्तक दिशोम गुरु शिबू सोरेन के मुताबिक महाजनों के लड़कों ने एक आदिवासी महिला के खिलाफ अपशब्द कहा था, जिसका विरोध शिबू सोरेन के पिता सोबरन सोरेन ने किया था. यह बात महाजनों को इतनी नागवार गुजरी की साजिश रचकर उनकी हत्या कर दी गई.

पिता की हत्या की घटना ने बदल दी गुरुजी की जिंदगी

गांधीवादी पिता की हत्या ने शिबू सोरेन को भीतर से झकझोर कर रख दिया. उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी और महाजनों के खिलाफ फूंक बिगुल दिया. लेकिन महाजनों से लड़ना आसान नहीं था. क्योंकि ग्रामीण महाजनों के कर्ज तले दबे हुए थे. सूद नहीं देने पर जमीन हड़प ली जाती थी. शराब पीलाकर सादे कागज पर अंगूठे का निशान ले लिया जाता था. इन घटनाओं ने शिबू सोरेन को आंदोलन खड़ा करने का रास्ता दिखा दिया. उन्होंने आवाज बुलंद करनी शुरू की तो लोग जुड़ने लगे. इसी दौरान शिबू सोरेन ने शराब और हड़िया के सेवन के खिलाफ ग्रामीणों को जागरूक करना शुरु किया.

टुंडी के आंदोलन से मिली पहचान

अपनी जन्म भूमि गोला के बाद उनको पेटरवार, जैनामोड़, बोकारो और धनबाद में लोग जानने लगे थे. इनके समाज सुधार आंदोलन और महाजनी प्रथा के खिलाफ उलगुलान को बड़ी पहचान मिली धनबाद के टुंडी में. यहां 1972 से 1976 के बीच उनका आंदोलन जबरदस्त रुप से प्रभावी रहा. वह महाजनों द्वारा हड़पी गई जमीन आदिवासियों को वापस कराने में सफलता हासिल करने लगे थे.

शिबू सोरेन की एक आवाज पर हजारों की संख्या में आदिवासी समाज के लोग तीर-धनुष के साथ जुट जाते थे. एक आह्वान पर हड़पी गई खेतों में लगी फसल काट ली जाती थी. टुंडी के पोखरिया में उन्होंने एक आश्रम बनाया था, जिसे लोग शिबू आश्रम कहते थे. इसी दौरान लोग प्यार और सम्मान से उनको गुरुजी कहने लगे. लेकिन गुरुजी को राजनीतिक पहचान मिली संथाल की धरती पर से उनको दिशोम गुरु यानी देश का गुरु कहलाए.

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