मानगो क्षेत्र की समस्याओं के समाधान हेतु पुनः अगले सप्ताह से सभी संबंधित पदाधिकारियों से मिलेंगे..रवि शंकर केपी समाजसेवी
मानगो
मानगो क्षेत्र में निवास करने वाले साथियों को जोहार।
रवि शंकर केपी समाजसेवी: आप सबों के सहयोग से पिछ्ले कई वर्षो से मानगो क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों से समन्वय कर रहा हूं। कई समस्याओं का समाधान कई माननीयों तथा विभागीय पदाधिकारियों के सहयोग से पूर्ण हुआ। कई समस्याओं का समाधान किसी ना किसी कारण वश पूरा नहीं हुआ लेकिन प्रयास जारी है।
पुनः अगले सप्ताह से सभी संबंधित पदाधिकारियों से मिलने का कार्यक्रम बना रहा हूं।
मुख्य रूप से जिला की उपायुक्त मैडम से भी समय लिया जाएगा।
मानगो नगर निगम के कार्यपालक पदाधिकारी श्री सुरेश यादव, बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता श्री अजय कुमार, पीएचईडी के जेई श्री पंडित महतो, से मिलकर मानगो क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया जाएगा।
आप सभी सक्रिय साथियों से आग्रह होगा की थोड़ा समय निकाल कर साथ चलने का प्रयास करें।
मैं एक दिन पुर्व ही समय लेकर ग्रुप में सूचित कर दूंगा।
जमशेदपुर: 2 महीने से लापता छात्र का शव आज बरामद किया गया। छात्रा बीएचयू में पड़ता था। जमशेदपुर के मानगो के जाकिरनगर के रहने वाले संजय सोरेन का शव दो महीने बाद घर से 10 किलोमीटर की दूरी पर बरामद किया गया। शव के पास ही मोबाइल भी बरामद किया गया। जिससे उसकी पहचान की गई। परिजनों ने इस मामले पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। इस मामले को लेकर आदिवासी समुदाय के लोगों ने आजाद नगर थाने में 2 घंटे तक हंगामा किया।पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की गई। सिटी एसपी के आश्वासन के बाद उन्हें वापस भेजा गया।
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
परिवार वालों ने शव को लेकर थाने में ही विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाना चाह रही थी। घर वाले इसका विरोध कर रहे थे। आजाद नगर थाना के गेट के सामने शव को रखा गया। आदिवासी समुदाय के नेता दिनकर कश्यप के नेतृत्व में थाना पहुंचे लोग ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। पहले डीएसपी पटमदा सुमित कुमार बातचीत के लिए आए लेकिन लोगों ने उनकी बात नहीं मानी। उन लोगों ने स्पष्ट कह दिया कि जब तक गिरफ्तारी नहीं तब तक शव नहीं उठेगा।
संजय सोरेन 19 अक्टूबर से लापता था। परिजनों ने कई जगह उसकी तलाश की लेकिन कुछ पता नहीं चला। उसके लापता होने के ठीक 2 महीने के बाद 19 दिसंबर को उसकी स्कूटी एमजीएम थाना क्षेत्र के सिमुलदांगा में मिली थी। इस मामले में पुलिस से शिकायत के बाद भी परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने कार्यवाही नहीं की। परिजनों नहीं स्कूटी की भी तलाश की थी।
परिजनों के आरोप के बाद पुलिस एक्शन मोड में आई है।जिसके बाद खोजी कुत्ते का सहारा लिया गया। कुत्ता एक जगह आकर रुक गया था। गुरुवार को उसकी लाश मिली। मृतक संजय के भाई जयराम सोरेन ने कहा कि स्कूटी उन लोगों ने ढूंढी, कपड़ा और जूता उन्हीं लोगों ने ढूंढा। अब शव को भी उन लोगों ने ही ढूंढ निकाला। इस दरमियान पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही।
पुलिस को संजय को खोजने में मदद करनी चाहिए उस पुलिस ने परिजनों पर ही शक जाहिर किया और उनसे ही पूछताछ की। स्कूटी मिलने के बाद उसे थाना तक ले जाने की जहमत पुलिस ने नहीं की। उन लोगों ने ही बरामद स्कूटी को थाना तक पहुंचाया। पुलिस का यह उदासीन रवैया उसके प्रति अविश्वास पैदा किया है।
शव की स्थिति देखकर अनुमान लगाया जा रहा है कि उसे अक्टूबर महीने में जब से वह लापता था तभी मार दिया गया होगा। उसके मोबाइल से शव की पहचान की गई। शव की स्थिति को देखने से अनुमान लगाया जा रहा है कि हत्या के बाद शव को जलाया गया होगा और जल नहीं पाने के कारण अधजली अवस्था में उसे छोड़कर अपराधी फरार हो गए।