झारखंड की इस अनुपम धरती पर सभी सैलानियों का हार्दिक स्वागत है, जोहार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन झारखंड
झारखंड की हरियाली का व्याख्या करना यह शब्दों के बाहर की बात है:- मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, झारखंड
झारखंड/रांची
( सोनू कुमार सिंह )
साथियों काफी वर्षों ( 1982 ) पहले बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्रीज में एक फिल्म आई थी “नदिया के पार” और फिल्म का एक गाना बेहद ही प्रसिद्ध हुआ था जिसे आज भी हम और आप गुनगुनाते हैं उस गाने की एक लाइन मुख्यमंत्री के इस मनमोहन कार्य में फिट बैठती है “ठहेर ठहेर ये सुहानी सी डगर तनी देखने दे”। कैने दिशा में लेके चला रहे बटोहिया।

प्राकृतिक की गोद में बसा 24 जिलों वाला झारखंड राज्य अपने आप में एक हरियाली का प्रतीक है। जहां नजर घुमाओ बड़े-बड़े पहाड़ बड़े-बड़े पेड़ पौधे फूल पत्तियां पक्षियां जानवर यह सब एक अलग ही मनमोहक दृश्य दिखाई देती है जिसे देखने के बाद हर किसी का मन प्रसन्न हो जाता है फिर और किसी नजारे को देखने की चाहत नहीं रहती।
प्रकृति की गोद में बहती निर्मल जलधारा, घने जंगलों की हरियाली और पहाड़ों का शांत सौंदर्य बार-बार यह एहसास कराता है कि झारखंड प्रकृति का अनुपम उपहार है। यह हमारी साझी धरोहर है, जिसे सहेजना और संरक्षित रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। झारखंड के किसी भी कोने में आप चले जाइए, प्रकृति अपने अलग-अलग रंगों में आपका स्वागत करती दिखाई देगी।
आपको बताते चलें कि झारखंड हमारे भारत देश का एक पर्यटक स्थल के नाम से भी जाना जाता है यहां के पर्यटक स्थल बाहरी सैलानियों को काफी आकर्षित करती है जिससे कि बाहर से भी लाखों की संख्या में सैलानी खासकर मानसून के महीने में झारखंड के पर्यटन स्थलों का नजारा देखने के लिए हजारों मील दूर से यात्रा कर झारखंड प्रदेश में प्रवेश करते हैं।
वहीं रविवार का दिन झारखंड के लिए बेहद ही खास दिन रहा जिसमें की झारखंड के माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी पत्नी कल्पना सोरेन के संग सेल्फ ड्राइव करते हुए झारखंड के कुछ चुनिंदा पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया।
वहीं मुख्यमंत्री के पर्यटन स्थलों का जायजा लेते हुए मुख्यमंत्री ने कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की जिसे देखने के बाद यूजर्स की मानो कमेंट करने का तांता लग गया। किसी ने जोहार झारखंड कहा तो किसी ने जोहार झारखोंड कहा है।
साथियों आपको बताते चलें कि 24 जिलों वाला राज्य झारखंड के मुख्यमंत्री का एक-एक क्षण काफी कीमती माना जाता है उनके ऊपर 24 जिलों का कार्यभार की जिम्मेदारी है फिर भी वे काफी व्यस्त होने के बावजूद भी रांची से लौटने के क्रम में जोन्हा जलप्रपात का दृश्य देखकर वह खुद को रोक नहीं पाएं और वही अपनी गाड़ी को खड़ी कर प्राकृतिक का नजारा देखने के लिए कुछ क्षण अपनी पत्नी कल्पना सोरेन संघ रुक गए और कुछ देर प्रकृतिक के मनमोहक नजारे का अवलोकन करने के बाद कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करते हुए लिखा है कि रांची शहर से कुछ ही दूरी पर स्थित जोन्हा फ़ॉल की हरी-भरी वादियों के बीच कुछ पल बिताने का अवसर मिला। इस बीच वहां फलों का भी आनंद लिया और स्थानीय लोगों से बातचीत भी हुई।
साथियों फुर्सत के क्षण मे से कुछ समय प्रकृति के गोद में अवश्य जाना चाहिए, वहां शांतिपूर्ण आनन्द एवं चिन्तन-मनन प्रदेश के खुशहाली में मील का पत्थर साबित होता है । प्रकृति की गोद में समय बिताना सबसे अच्छा है, यह हमारे जीवन को नई दिशा देता है। झारखंड की प्रकृतिक वातावरण का अनुभव प्राप्त करना बहुत ही प्रभावित करता है मन को बस उसे समझने की आवश्यकता है।












