सरायकेला/आदित्यपुर
साथियों हमारे देश में गंदगी कई तरह की होती है और कई चीजों को गंदगी के रूप में देखते हैं सोचते हैं समझते हैं बोलते हैं पढ़ते हैं कहते भी हैं सुनते भी हैं सुनाते भी हैं।
आज का हमारा गंदगी का मुद्दा है सड़क किनारे बनी हुई नालियां या फिर यूं कहें कि बजबजाती हुई नालिया।
सरायकेला खरसावां जिले के आदित्यपुर नगर निगम की अगर हम बात कहें तो नगर निगम की कामयाबी की दास्तान यह बज-बजाती हुई नालियां कह रही है आपको या मुझे कहने की आवश्यकता नहीं है।

ताजा मामला सरायकेला खरसावां जिले के आदित्यपुर नगर निगम का है जहां पर आदित्यपुर थाने के समीप ही नालि जाम हो चुकी है नालियों में पानी और कचरा दोनों भर चुका है लेकिन इस पर नगर निगम की नजर नहीं पड़ती।

इतना ही नहीं केवल आदित्यपुर थाना ही नहीं बल्कि आदित्यपुर नगर निगम में पड़ने वाले Royal Enfield showroom के विपरीत दिशा में Reliance पेट्रोल पंप Bharat petroleum पेट्रोल पम्प के समीप एवं Indo Danish tool room से पहले A.K.I industries की समीप सर्विस रोड में भी नालियों का गंदा पानी बह रहा है इतना ही इतना ही नहीं आदित्यपुर थाना से महज कुछ ही दूरी पर स्थित दुर्गा मंदिर अथवा पानी टंकी के समीप गंदे पानी और कचरे का मिश्रण काफी मात्रा में देखी जा रही है और आदित्यपुर नगर निगम की कामयाबी की दास्तान कह रही है। जिसकी छाया प्रति समाचार के साथ संलग्न किया गया है।

आदित्यपुर नगर निगम में पड़ने वाले कई ऐसी सड़के हैं जहां पर नालियों का गंदा पानी सड़क पर बह रहा है और उस गंदे पानियों पर चलने को आदित्यपुर नगर वासी मजबूर हैं।

आपको बताते चलें कि इन गंदे पानियों से न जाने कई तरह के कीटाणु पैदा होते हैं कीटाणुओं के साथ-साथ कई तरह के मच्छर भी उत्पन्न होते हैं और इन्हीं गंदगियों से उत्पन्न होती है डेंगू वाले मच्छर जिससे कि डेंगू जैसी बीमारियां उत्पन्न होने की समस्या काफी बढ़ जाती है।

वहीं सूत्रों का कहना है कि आदित्यपुर नगर निगम कुछ दिनों पहले या फिर यूं कहें कि कुछ महीनों पहले काफी जोश में थी और पूरे क्षेत्र की साफ सफाई में आदित्यपुर नगर निगम की ओर से काफी ध्यान दिया गया था। कहीं नालियों की सफाई की जा रही थी तो कहीं सड़क पर झाड़ू मरवाए जा रहे थे तो कहीं सड़क किनारे बसे झोपड़ी नुमा दुकानों को तोड़ा जा रहा था ताकि राष्ट्रपति महोदया (द्रौपदी मुर्मू) को हमारा सरायकेला जिला स्वच्छ प्रतीत हो।

लेकिन राष्ट्रपति महोदया द्रौपदी मुर्मू के कार्यक्रम संपन्न होने के पश्चात मानो आदित्यपुर नगर निगम गहरी निंद्रा में सोई हुई है शायद इसी वजह से उन्हें आदित्यपुर नगर निगम की गंदगी दिखाई नहीं देती और गंदगी से उत्पन्न होने वाली बीमारियों से भी अनभिज्ञ है।
आगे इस मामले पर सूत्रों ने कहा है कि कई ऐसी कंपनियां हैं जो अपने कंपनियों का कचरा निकाल कर नालियों में डाल देते हैं जिसकी वजह से भी नालिया जाम हो जाती है और नालियों में बहने वाला गंदा पानी ठहर सा जाता है जिसकी वजह से कई तरह की बीमारियां उत्पन्न होती है और ज्यादातर डेंगू जैसे मच्छर को यह नालियां उत्पन्न करती है जिससे कि डेंगू जैसे महामारी का प्रकोप क्षेत्र में बढ़ाने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
यक्ष प्रश्न

इस मामले पर यक्ष प्रश्न यह उठता है कि नालियों के जाम होने की वजह कौन है ? मौसम जिसकी वजह से कचरा उड़ कर नालियों में समाहित हो जाता है ? या फिर इसकी वजह नगरवासि खुद है जो अपने घर का कचरा नालियों में डाल देते हैं ? या फिर आदित्यपुर नगर निगम का जिनकी आंखें यह गंदी नालियां नहीं देख पाती या फिर जगह-जगह पर जमा कचरा नहीं देख पाती है ? आखिर कौन है वजह ?
आखिर में एक सवाल यह भी उठता है कि आखिर कब तक यह नालियां जाम रहेंगी या फिर इस मामले पर नगर निगम कोई कदम उठाएगी अगर उठाएगी तो कब तक उठाएगी ?






















