बिरसा मुंडा एयरपोर्ट, रांची में दिवंगत शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो जी के पार्थिव शरीर को कंधा देते मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन।

बिरसा मुंडा एयरपोर्ट, रांची में दिवंगत शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो जी के पार्थिव शरीर को कंधा देते मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन।

झारखंड विधानसभा/रांची

झारखंड विधानसभा परिसर में दिवंगत शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो जी के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि देते विधानसभा अध्यक्ष श्री रवींद्र नाथ महतो , मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन और मंत्री गण तथा विधायक गण।

झारखंड विधानसभा में अंतिम दर्शन को रखा गया दिवंगत शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो जी का पार्थिव शरीर, विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो और मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने दी अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि

मंत्री, सांसद, विधायक तथा अधिकारी गणों ने दिवंगत जगरनाथ महतो जी को श्रद्धा सुमन अर्पित कर नम आंखों से दी अंतिम विदाई

भण्डारीदह, बोकारो स्थित पैतृक गांव में दिवंगत मंत्री जगरनाथ महतो जी का आज पूरे राजकीय सम्मान के साथ होगा अंत्येष्टि

झारखंड विधानसभा रांची: राज्य के दिवंगत शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो जी का पार्थिव शरीर आज झारखंड विधान सभा परिसर में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो, मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन, केंद्रीय राज्य मंत्री अन्नपूर्णा देवी और राज्य सरकार में मंत्री आलमगीर आलम, चम्पाई सोरेन, सत्यानंद भोक्ता, बन्ना गुप्ता, मिथिलेश कुमार ठाकुर, बादल, हफीजुल हसन, सांसद विजय हांसदा, राज्यसभा सांसद महुआ माजी और पूर्व मुख्यमंत्री तथा विधायक बाबूलाल मरांडी ने पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

विधायक गणों ने श्रद्धा सुमन अर्पित कर अंतिम विदाई दी

विधायक स्टीफन मरांडी, सरयू राय, सरफराज अहमद, मथुरा प्रसाद महतो, इरफान अंसारी, सुदिव्य कुमार सोनू, जयमंगल सिंह, मंगल कालिंदी, राजेश कच्छप, दीपिका पांडेय, श्रीमती सविता महतो, पूर्णिमा नीरज सिंह, अंबा प्रसाद, शिल्पी नेहा तिर्की, श्री मनीष जयसवाल और किशुन दास के अलावा विधानसभा के कई अन्य सदस्य गणों, मुख्य सचिव श्री सुखदेव सिंह, पुलिस महानिदेशक अजय कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव वंदना डाडेल, प्रधान सचिव अजय कुमार सिंह और मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे सहित कई वरीय पदाधिकारी गणों ने दिवंगत जगरनाथ महतो जी को श्रद्धा सुमन अर्पित कर नम आंखों से अंतिम विदाई दी।

चेन्नई से पहुंचा पार्थिव शरीर, रांची एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री रहे मौजूद

इससे पूर्व आज सवेरे चेन्नई से दिवंगत मंत्री जगन्नाथ महतो जी। का पार्थिव शरीर रांची एयरपोर्ट लाया गया। यहां तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर को मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कंधा दिया। दिवंगत जगन्नाथ महतो के पार्थिव शरीर को बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से विधानसभा परिसर लाया गया ,जहां सभी ने पार्थिव शरीर पर माल्यार्पण कर नमन किया।

पूरे राजकीय सम्मान के साथ होगी अंत्येष्टि

झारखंड विधानसभा में अंतिम दर्शन के बाद दिवंगत मंत्री जगरनाथ महतो जी के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव भंडारीदह , बोकारो के लिए विदा किया गया, जहां आज पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि की जाएगी।

बीआरसी में शिक्षकों ने दिवंगत शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो को दी श्रद्धांजलि

बीआरसी में शिक्षकों ने दिवंगत शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो को दी श्रद्धांजलि

मुसाबनी

( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )

मुसाबनी : मानव संसाधन मंत्री जगरनाथ महतो के निधन पर गुरुवार को मुसाबनी बीआरसी में शिक्षकों द्वारा शोक सभा आयोजित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

शिक्षकों ने उनके सम्मान में मौन रह कर एवं उनके चित्र पर फूल माला चढ़ाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के मुसाबनी प्रखंड अध्यक्ष मोहम्मद सुलेमान ने कहा कि शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो के योगदान को कभी भूलाया नहीं जा सकता है। जगरनाथ महतो ने झारखंड अलग राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और युवाओं का मार्गदर्शन किया। उनका असमय चले जाना झारखंड के लिए भारी क्षति है। शिक्षक संघ के नेता राजकुमार रोशन ने कहा कि शिक्षा मंत्री जगन्नाथ महतो शिक्षक हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए।जो ऐतिहासिक रहा। पारा शिक्षकों के स्थायीकरण में उनकी अहम भूमिका रही। उनकी कमी शिक्षक समाज में हमेशा खलेगा। श्रद्धांजलि देने वालों में अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के अधिकारी एवं सदस्य शामिल थे।

नियति को भी टाइगर होने का ऐहसास कराया – हेमंत सोरेन

नियति को भी टाइगर होने का ऐहसास कराया – हेमंत सोरेन

सरायकेला

जगन्नाथ महतो के निधन पर माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी ने शोक जताया

जगन्नाथ महतो के निधन पर शोक जताते हुए मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी ने कहा: आज सुबह जब राजनीतिक योद्धा और संघर्ष के प्रतीक जगरनाथ दा के निधन की खबर मिली तो मैं निः शब्द होने के साथ मर्माहत हो उठा। जगरनाथ दा इस सरकार में मंत्री के साथ साथ मेरे बड़े भाई और एक ऐसे अभिभावक की भूमिका में थे जो गलतियां होने पर डांट भी लगा देते थे और कभी पीठ भी थपथपा देते थे। टाइगर के नाम से मशहूर जगरनाथ दा ने अपने संघर्ष , कर्तव्य निष्ठा, सादगी, और विचारों की स्पष्टता के कारण अपनी खास और अलग पहचान बनाई।

निर्धारित लक्ष्य हर हाल में हासिल करने की उनकी जिद से मैने बहुत कुछ सीखा। कई बार विषम परिस्थितियों में उनके सलाह,विचार और हौसला आफजाई ने हिम्मत दी और लड़ने का जज्बा दिया। जगरनाथ दा को यूं ही टाइगर नही कहा जाता था । कोरोना काल में गंभीर रूप से ग्रसित होने के बावजूद उन्होंने नियति से लंबी लड़ाई लड़ी और जीत कर अपने टाइगर होने को चरितार्थ कर दिखाया। आखिरकार हुआ वही जो नियति को मंजूर था।

जगरनाथ दा जैसे व्यक्तित्व की कमी की भरपाई करना संभव नहीं है। उनकी कमी जीवन भर खलेगी। उनकी शिक्षा, उनका मार्गदर्शन और उनका आशीर्वाद मुझे आगे का रास्ता दिखाएगा। जगरनाथ दा ने अपने मंत्रित्व काल के दौरान शिक्षा विभाग में कुछ ऐसे निर्णय लिए जिसे झारखंड हरदम याद रखेगा । अलग झारखंड के मुखर योद्धा जगरनाथ दा की सोच और उनके संकल्पों को पूरा कर उसे साकार करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। हमारी सरकार एवं झारखंड मुक्ति मोर्चा परिवार उनके सोच और विचार को साकार करने के प्रति तब तक संकल्पित रहेगी जब तक उसे हासिल नहीं कर लिया जाता। अपने बड़े भाई दुर्गा सोरेन जी के निधन के वक्त जिस शून्यता का एहसास हुआ था उसी शून्यता का एहसास आज हो रहा है। ईश्वर अपने श्री चरणों में दिवंगत आत्मा को स्थान दें और उनके परिवार और समर्थकों को इस दुःख में खुद को संभालने का साहस और सामर्थ्य दे यही प्रार्थना है। जगरनाथ दा अमर रहेंगे क्योंकि उनके विचार, सिद्धांत और मार्गदर्शन हमारी सरकार और हमारी पार्टी को सदैव दिशा दिखाते रहेंगे।

हेमंत सोरेन मुख्यमंत्री सह कार्यकारी अध्यक्ष झामुमो

जगरनाथ दा दिल में थे दिल में रहेंगे

हम कार्यकर्ताओं को प्रेरित करते रहेंगे

आपका संघर्ष बेकार नहीं जायेगा

हर हाल में सोच साकार होगा

शोक संदेश अलविदा जगरनाथ दा… बन्ना गुप्ता स्वास्थ्य मंत्री झारखण्ड

शोक संदेश अलविदा जगरनाथ दा… बन्ना गुप्ता स्वास्थ्य मंत्री झारखण्ड

आज हम सभी ने अपना अभिभावक, झारखंड ने एक आंदोलनकारी और राज्य की जनता ने एक लोकप्रिय नेता खो दिया।

उन्होंने एक अभिभावक के रूप में हमेशा मुझे मार्गदर्शन दिया, कोरोना काल में उनके कार्य कुशलता ने हम सभी को प्रोत्साहित किया, खुद कोरोना पॉजिटिव होने के बाद भी उन्होंने कभी भी हार नहीं मानी और लड़ाई लड़ते रहे, आज भले ही वे मौत से हार गए लेकिन टाइगर हमेशा जिन्दा था जिन्दा रहेगा अपने कर्मो से.

झारखंड आंदोलनमें उनकी महत्वपूर्ण भूमिका था,राज्य की जनता की सेवा के लिए वे हमेशा उपलब्ध रहते थे!

ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान कर शोकाकुल परिवार और समर्थकों को दुःख सहन करने की शक्ति दे।

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