सरायकेला-खरसावां
साथियों बचपन में हमने सुना था अगर किसी घर में कुछ समय के लिए रहना छोड़ दो तो उसमें भूतों का वास हो जाता है इसीलिए घर को कभी अकेला नहीं छोड़ना चाहिए। अब यह तो रही बचपन की बात लेकिन यह सिर्फ बचपन तक सीमित नहीं यह आज भी कायम है लेकिन यह दूसरे रूप में कायम है। जैसे कि प्रशासनिक महकमे की अगर हम बात करें तो अगर किसी विभाग का कोई पद अगर खाली हो तो वहां दलालों का दबदबा बना जाता है।

जी हां साथियों काफी समय से झारखंड के सरायकेला खरसावां जिले के जिला परिवहन पदाधिकारी का पद लगभग 1 महीने से खाली पड़ा हुआ है। पूर्व के जिला परिवहन पदाधिकारी गिरजा शंकर महतो के तबादले के बाद से ही यह पद अब तक वीरान पड़ा हुआ है। अब तक इस पद के लिए किसी नए जिला परिवहन पदाधिकारी की नियुक्ति नहीं की गई है।
वहीं काफी समय से पद खाली पड़े रहने से जिला परिवहन कार्यालय से संबंधित कई कार्य लंबित पड़े हुए हैं रोज मारिया के जीवन में मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण करने वाले जिले वासि लगातार जिला परिवहन कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं।
इस भीषण गर्मी में भी कई लोग, छात्र, नौकरी पेशेवर लोग कई किलोमीटर से अपनी गाड़ियों से अथवा, ऑटो, बस की सहायता से यात्रा कर जिला मुख्यालय पहुंचने हैं लेकिन परिवहन पदाधिकारी का पद खाली होने से उन्हें भी मजबूर होकर बेरंग लौटना पड़ता है।
वहीं इस मामले पर सूत्र बता रहे हैं कि लगभग लगभग 1 महीने से जिला परिवहन पदाधिकारी का पद खाली होने से ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन रजिस्ट्रेशन, फिटनेस, परमिट जैसी और भी कई ऐसे आवश्यक कार्य हैं जो लंबित पड़े हुए हैं। जिससे कि सरकार को लाखों रूपए राजसव का नुकसान हो रहा है लेकिन फिर भी अब तक इस पद के लिए किसी भी पदाधिकारी की नियुक्ति नहीं की गई है यह अपने आप में एक बड़ा सवाल है आखिर क्यों नहीं की गई आखिर क्या वजह रही।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उक्त विभागीय पद के खाली होने से वर्तमान में दलालों का दबदबा बना हुआ है। उक्त कार्यालय में अपनी परेशानी लेकर पहुंचे जिले वासियों से कुछ दलाल पैसों की उगाही करते हैं जिसकी रोकथाम जनहित में बेहद ही आवश्यक है।


