सरायकेला/आदित्यपुर

भरत सिंह की रिपोर्ट
सरायकेला में ठेकेदार संजय डालमिया के पटनायक टोला स्थित आलीशान आवास पर ED की तीन गाड़ियां जब पहुंचीं, तो एक ही सवाल हर जुबान पर था – आखिर जनता का पैसा लोन के बहाने कैसे लूट सकता है कोई डालमिया?

क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह मामला 35 करोड़ रुपये के लोन घोटाले से जुड़ा है। आरोप है कि बैंक से लिया गया लोन, जो विकास कार्यों और जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा है, उसे निजी फायदे के लिए इधर-उधर किया गया। ED की टीम सुबह से ही घर में मौजूद दस्तावेजों, बैंक खातों और लेन-देन की जांच में जुटी है।
और इस मामले पर संजय डालमिया के भतीजे को भी कदमा के आवास से गिरफ्तार किया गया है।
सवाल जो उठ रहे हैं
1. एक ठेकेदार को 35 करोड़ का लोन किन शर्तों पर मिला?
2. क्या इस लोन के पैसे की हेरा फेरी में बैंक के अधिकारियों की भी मिलीभगत है?
3. जब आम आदमी 50 हजार के लोन के लिए चक्कर काटता है, तो करोड़ों कैसे दे दूए जाते हैं?

आज जब ED के साथ केंद्रीय बल के जवान डालमिया के घर के बाहर खड़े थे, तो मोहल्ले के लोग भी देख रहे थे कि कैसे कुछ लोग सिस्टम को जेब में रखकर जनता के पैसे पर ऐश करते हैं।
फिलहाल ED ने कोई आधिकारिक प्रेस रिलीज नहीं दी है, लेकिन सूत्र बता रहे हैं कि कई अहम कागजात जब्त किए गए हैं। अगर आरोप सही साबित होते हैं, तो यह सिर्फ लोन का मामला नहीं, बल्कि जनता के विश्वास के साथ धोखा है।
सरायकेला की जनता अब इंतजार कर रही है कि ED की इस जांच से दूध का दूध और पानी का पानी होगा।
क्या 35 करोड़ जनता के खाते में वापस आएगा? यह सबसे बड़ा सवाल है।
