मुरूप के स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में 47 यूनिट रक्त का हुआ संग्रह शिविर में 89 लोगों की हुई नेत्र जांच

मुरूप के स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में 47 यूनिट रक्त का हुआ संग्रह शिविर में 89 लोगों की हुई नेत्र जांच

सरायकेला खरसावां

शिविर में 89 लोगों की हुई नेत्र जांच, 19 रोगियों का आपरेशन के लिए चयन

( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )

सरायकेला: रेड क्रॉस सोसाइटी जमशेदपुर और सरायकेला प्रखंड अंतर्गत मुरूप पंचायत सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में पंचायत सचिवालय के प्रांगण में दिवंगत मुखिया स्व पानो महली की स्मृति में आयोजित स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में कुल 47 यूनिट रक्त का संग्रह हुआ। उक्त रक्तदान शिविर का विधिवत उद्घाटन सरायकेला प्रखंड विकास पदाधिकारी मृत्युंजय कुमार एवं मुरूप पंचायत सेवा समिति के पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से दिवंगत मुखिया पानो महली के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित कर की। मुख्य अतिथि के रूप से उपस्थित मृत्युंजय कुमार ने कहा कि मानव रक्त का कोई विकल्प नहीं है। इसका एक मात्र उपाय रक्तदान ही है।

रक्तदान करने के कई फायदे भी हैं,इससे सर्वप्रथम हमारे शरीर की जांच हो जाती है । हार्ट के लिए रक्तदान करना काफी फायदेमंद माना जाता है।इससे वजन कंट्रोल रहता है।तथा कैंसर जैसी खतरनाक बीमारियां का जोखिम भी कम होता है। प्रत्येक व्यक्ति को रक्तदान करना चाहिए,ताकि शरीर में रक्त संचार सही ढंग से हो सके। रक्तदान करने के 24 घंटे उपरांत ही उतना रक्त हमारा शरीर आपूर्ति कर लेता है। रक्तदान से किसी प्रकार की कमजोरी एवं अस्वस्थ होनें की समस्या नहीं होती है। रक्तदान से ही किसी की जान बचाई जा सकती है ।इसलिए रक्तदान को महादान कहा गया है ।
वहीं इसी क्रम में निशुल्क नेत्र जांच शिविर में जमशेदपुर के नेत्र विशेषज्ञ द्वारा 89 लोगों की निशुल्क नेत्र जांच हुई , जिसमे 19 मोतियाबिंद रोगियों का आपरेशन के लिए चयन किया गया।चयनित रोगियों का निशुल्क नेत्र आपरेशन आगामी तिथि को पूर्णिमा नेत्रालय तामुलिया जमशेदपुर में किया जाएगा। नेत्र रोगियों के आपरेशन , दवाइयां, चश्मा, खाना पीना, रहना व आना जाना आदि पूर्ण रूप से मुफ्त होगा।

उक्त शिविर में लोगों को शरीर के विशेष अंग नेत्र की देख भाल करने की बात कही गई। शिविर में नेत्र की छोटी छोटी बिमारी और बीमारी से बचने की कई उपाय बताई गई। पूर्णिमा नेत्रालय तामोलिया जमशेदपुर आर्थोमेडिस्ट गंगा सागर महतो, बनबिहारी महतो, अमरजीत महतो आदि का सहयोग सराहनीय रहा। मौके पर क्षेत्र के तमाम समाजसेवी बुद्धिजीवी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।

विधायक संजीव सरदार के पहल पर तेंतला मे लगा नि:शुल्क चिकित्सा शिविर, उमड़ी भीड़

विधायक संजीव सरदार के पहल पर तेंतला मे लगा नि:शुल्क चिकित्सा शिविर, उमड़ी भीड़

जमशेदपुर

( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )

जमशेदपुर : पोटका के विधायक संजीव सरदार के पहल पर वीर शहीद गंगा नारायण सिंह मेमोरियल सोशल वेलफेयर ट्रस्ट झारखंड की तत्वधान मे गंगा मेमोरियल ऑस्पताल मानगो जमशेदपुर की ओर से एक दिवसीय मेगा चिकित्सा शिविर का आयोजन रविवार को किया गया. इस शिविर मे पोटका के अलावा जमशेदपुर, रांजनगर, मुसाबनी, घाटशिला, डुमरिया, बहरागोड़ा आदि प्रखंड क्षेत्र से कुल 461 मरीज पहुंचे, जिसकी स्वास्थ्य जांच कर नि:शुल्क दवाई दिया. इस दौरान 100 से अधिक मरीजों का चयन नि:शुल्क ऑपरेशन के लिए किया गया.

कार्यक्रम का उदघाटन मुख्य अतिथि विधायक संजीव सरदार एवं गंगा मेमोरियल ऑस्पताल के प्रमुख डॉ नागेंद्र सिंह के द्वारा किया गया. इस मौके पर विधायक श्री सरदार ने कहा कि स्वास्थ्य चिकित्सा मे पोटका विधानसभा को उत्कृष्ठ बनाया जायेगा, जिसके तहत सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ अपने स्तर से रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य चिकित्सा शिविर का आयोजन कर लोगों को स्वास्थ्य सेवा पहुंचाने का काम कराया जा रहा है. उन्होंने कहा कि लोग अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहे, किसी को चिकित्सा सेवा का अभाव नहीं होने दिया जायेगा. गंगा मेमोरियल ऑस्पताल एक प्राइवेट ऑस्पताल है, लेकिन यहां गरीबों की चिकित्सा सेवा मे किसी तरह का कमी नहीं होने दिया जाता है. गंगा मेमोरियल ऑस्पताल को आनेवाले दिनों मे एक एंबुलेंस उपलब्ध कराया जायेगा, जिसके माध्यम से क्षेत्र के मरीजों को ईलाज के लिए जमशेदपुर भेजा जायेगा. मौके पर गंगा मेमोरियल ऑस्पताल के प्रमुख डॉ नागेंद्र सिंह ने कहा कि पोटका के विधायक संजीव सरदार लोगों की सेवा मे कमी नहीं करते है. उनका भी यही उद्देश्य है कि चिकित्सा के अभाव मे किसी की मृत्यु नहीं हो. इसी के तहत प्रतिवर्ष अपने मां गंगा देवी की स्मृति मे नि:शुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन करते है, जहां से चयनीत मरीजों का नि:शुल्क ऑपरेशन किया जाता है. आनेवाले दिनों मे भी यह सेवा जारी रहेगा.

कार्यक्रम मे पूर्वी सिंहभूम के पूर्व सीएस डॉ एके लाल, जिप सदस्य हीरणमय दास, पूर्व जिप सदस्य चंद्रावती महतो, उपप्रमुख उर्मिला सामाद, मुखिया अमृत माझी, पंसस चरण सिंह, आंदोलनकारी नेता सुनील महतो, बबलू चौधरी, सुधीर सोरेन, भागात बास्के, पूर्व मुखिया दीपांतरी सरदार, उपमुखिया सहदेव पात्र, ग्राम प्रधान श्यामचरण सरदार, विश्वनाथ सोरेन, अर्धेंदु गोप, वार्ड सदस्य अबंती सरदार, छंदारानी सिंह, डोबो चाकिया, अब्दुल रहमान आदि उपस्थित थे.

जिन्होंने दिया सेवा

तेंतला मे आयोजित नि:शुल्क चिकित्सा शिविर मे गंगा मेमोरियल ऑस्पताल के प्रमुख डॉ नागेंद्र सिंह के अलावा जानेमाने चिकित्सक डॉ हरप्रित सिंह, डॉ ललित मिंज, डॉ पिंकी कुमारी, डॉ सूरज कुमार मुर्मू, डॉ अभिषेक, डॉ इशानी चक्रवर्ती, डॉ देव कुमार, डॉ राजीर आदि ने सेवा प्रदान किया. इस दौरान मरीजों का इसीजी, ब्लॉड सुगर, प्रेसर आदि कि नि:शुल्क जांच किया गया.

बर्ड फ्लू (H5N1 ) के प्रति सतर्कता बरतने हेतु किए जाने वाले आवश्यक उपाय

बर्ड फ्लू (H5N1 ) के प्रति सतर्कता बरतने हेतु किए जाने वाले आवश्यक उपाय

बर्ड फ्लू

( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )

बर्ड फ्लू- एक Zoonotic बीमारी है एवं इससे संक्रमण का सबसे अधिक खतरा मुर्गी पालन से जुड़े लोगों को होता है, क्योंकि वो लगभग हर वक्त मुर्गियों के ही सम्पर्क में होते हैं। बर्ड फ्लू या एवियन इंफ्लुएंजा एक विषाणु जनित संक्रामक रोग है। यह विषाणु जिसे एवियन इंफ्लुएंजा (H5N1) विषाणु कहते हैं। आम तौर पर यह पक्षियों में पाया जाता है। लेकिन कभी कभी मानव सहित अन्य कई स्तनधारियो को भी संक्रमित कर सकता है संक्रमित व्यक्तियों से स्वस्थ्य व्यक्तियों में भी इस रोग का प्रसार हो सकता है।

मनुष्य में मुख्य लक्षण:-

★ सर्दी, जुकाम व खासी का होना।

★ गले में खराश, मांस पेशियों में सूजन एवं दर्द का होना।

★ सांस लेने में तकलीफ का होना।

★ यकृत, गुर्दा व फेफड़ो का कार्य बंद होना।
बर्ड फ्लू से बचाव:-

★ संक्रमित पक्षी, पशु या सामानो के संपर्क मे आने से बचें।

★ संक्रमित पक्षी को अपनी फूड जोन में आने से रोके।

★ कच्चे या अधपके मांस का सेवन न करे।

★ कच्चे या अधपके अंडे न खायें, यदि खना है तो उसे सही तरीके से उबाल कर खाये।

★ पक्षियों में इस रोग के लक्षण दिखाई दे तो नजदीक के पशुचिकित्सालय को सूचित करें।

★ बर्ड फ्लू के संक्रमण से बचने के लिए मृत या घायल पक्षियों को नहीं छूना चाहिए पक्षियों का संभालने से पहले दस्ताने पहनें। इसके अलावा बर्ड ड्रॉपिंग के संपर्क में आने से भी बचें। H5N1 के प्रसार को रोकने के लिए पशु पक्षियों के संपर्क में आने से बचना हैं।

★ आमतौर पर बैक्टीरिया फ्लू वायरस और अन्य कीटाणु हाथों को सबसे अधिक संक्रमण करते हैं। बर्ड फ्लू के संक्रमण से बचने के लिए नियमित अपने हाथों को साबुन से अच्छी तरह से साफ करें।

अतः उक्त आलोक में अनुरोध है कि जन-सामुदय को बर्ड फ्लू (H5N1) के प्रति जागरूक करना सुनिश्चित करें। अगर उक्त बीमारी से संभावित किसी रोग की सूचना प्राप्त होती है तो उस रोगी को तत्काल Isolate करते हुए IDSP को सूचना उपलब्ध करायेगें। ताकि बर्ड फ्लू (H5N1) को महामारी का रूप लेने से रोका जा सके।

प्लाई हाउस में प्रमंडलीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया!

प्लाई हाउस में प्रमंडलीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया!

पश्चिमी सिंहभूम,

चाईबासा

चाईबासा के प्लाई हाउस में प्रमंडलीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया

इस डिविजनल रिव्यू मीटिंग में कोल्हान प्रमंडल से पूर्वी सिंह, पश्चिमी सिंहभूम एवं सरायकेला जिला शामिल हुए।

रिव्यू मीटिंग में मुख्य रूप से समुदाय उत्तरण सेल एवं प्रचार प्रसार से संबंधित कार्यक्रमों की समीक्षा की गई इस बैठक में तीनों जिला के सिविल सर्जन, अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, जिला आरसीएच पदाधिकारी हर जिला से 05 प्रखंडों से प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधन इकाई के लोग उपस्थित हुए

साथ ही इस रिव्यू मीटिंग में पश्चिम सिंहभूम जिला से सिविल सर्जन एवं उनकी जिला स्तरीय टीम जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी उपस्थित हुए।

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