आदित्यपुर नगर निगम के नाकामयाबी की दास्तान कह रहा है यह बजबजाती नालियां और जगह-जगह पर पड़ा कचरे का अंबार।

आदित्यपुर नगर निगम के नाकामयाबी की दास्तान कह रहा है यह बजबजाती नालियां और जगह-जगह पर पड़ा कचरे का अंबार।

सरायकेला/आदित्यपुर

आदित्यपुर में कचरे के अंबार से उठ रही महामारी की बदबू, सीएम का ‘ग्रीन झारखंड’ का सपना हुआ तार-तार


आदित्यपुर के सब्जी बाजार में कचरे का पहाड़, डेंगू-मलेरिया का खतरा, जिम्मेदार मौन

स्वच्छ भारत और ग्रीन झारखंड की उड़ रही धज्जियां, आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र बना कचरा डंपिंग जोन

एक तरफ राज्य सरकार “ग्रीन झारखंड” और “स्वच्छ भारत मिशन” का नारा दे रही है, वहीं दूसरी तरफ आदित्यपुर की ये तस्वीर सरकारी दावों की पोल खोल रही है।

आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र के जगह-जगह पर पड़े कचरे और सर्विस रोड पर बहते गंदे नालियों के पानी ने आदित्यपुर नगर निगम की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जगह-जगह पर कई दिनों अथवा कई हफ्तों से पड़े कचरे से गंदी बदबू आ रही है जिससे कि नगर वासी त्रस्त हो चुकी है। इन पड़े गंदगियों से नगर वासी त्राहिमाम कर रही है लेकिन इसकी शुध लेने वाला कोई नहीं।

आदित्यपुर थाना से महज़ कुछ ही दूरी पर कचरे का अंबार लगा हुआ है और उसी रास्ते से होकर प्रत्येक दिन सैकड़ो लोगों का आना-जाना लगा रहता है उसी रास्ते से होकर थाने के तमाम पुलिस कर्मियों का भी आना-जाना लगा रहता है। साथ ही कचरे के सामने बैठकर सब्जी विक्रेता सब्जियों की बिक्री करते हैं और उन्ही सब्जियों का कचरा उठाकर सामने फेंक देते हैं जिसकी वजह से पूरे क्षेत्र का वातावरण दूषित हो जाता। कुछ दिनों पूर्व नगर निगम द्वारा उक्त स्थान को साफ करवाया गया था लेकिन फिर से स्थिति ज्यों कि त्यों बनी हुई। साथ ही इस मामले पर बाजार समिति के अध्यक्ष मनोज पासवान ने भी चुप्पी साध ली है जबकि बाजार को स्वच्छ रखना इनकी जिम्मेदारी बनती है फिर भी वे इस मामले पर कोई ठोस कदम उठाने में असमर्थ और लाचार नजर आ रहे हैं यूं मानों सब्जी विक्रेताओं का खौफ उनके दिल में पूर्ण रूप से बसा हुआ हो।

इतना ही नहीं आर आई टी थाना क्षेत्र के सामने और थाना से महज कुछ दूरी पर भी कचरे का अंबार लगा हुआ है। और साथ ही बरसात का पानी और कचरा एक साथ मिल जाने से कई तरह की बीमारियों को आमंत्रण दे रहा है जिसकी साफ सफाई समय रहते नहीं की गई तो यह कई गंभीर बीमारियों को उत्पन्न कर सकता है जिसकी चपेट में आकर आसपास क्षेत्र के लोग गंभीर बीमारी का शिकार हो सकते हैं।

साथ ही आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में पड़ने वाले इंडस्ट्रियल एरिया फेस-2 मैं भी सड़क किनारे लगभग 1 महीने से कचरे का अंबार लगा हुआ है और लगातार बरसात का पानी गिरने से पूरी सड़क में भयंकर गंदी बदबू आ रही है जिससे कि सड़क पर चलने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन इसके साफ-सफाई की जिम्मेदार अधिकारियों ने मौन धारण कर रखा है।

आगे इस मामले पर सूत्रों का कहना है कि आदित्यपुर नगर निगम में पड़ने वाले कई ऐसी सड़के हैं जहां पर नालियों का गंदा पानी सड़क पर बह रहा है और उस गंदे पानियों पर चलने को आदित्यपुर नगर वासी मजबूर हैं।

आपको बताते चलें कि इन गंदे पानियों से न जाने कई तरह के कीटाणु पैदा होते हैं कीटाणुओं के साथ-साथ कई तरह के मच्छर भी उत्पन्न होते हैं और इन्हीं गंदगियों से उत्पन्न होती है डेंगू वाले मच्छर जिससे कि डेंगू जैसी बीमारियां उत्पन्न होने की समस्या काफी बढ़ जाती है।

वहीं सूत्रों का कहना है कि आदित्यपुर नगर निगम कुछ दिनों पहले या फिर यूं कहें कि कुछ महीनों पहले काफी जोश में थी और पूरे क्षेत्र की साफ सफाई में आदित्यपुर नगर निगम की ओर से काफी ध्यान दिया गया था। कहीं नालियों की सफाई की जा रही थी तो कहीं सड़क पर झाड़ू मरवाए जा रहे थे तो कहीं सड़क किनारे बसे झोपड़ी नुमा दुकानों को तोड़ा जा रहा था ताकि राष्ट्रपति महोदया (द्रौपदी मुर्मू) को हमारा सरायकेला जिला स्वच्छ प्रतीत हो।

लेकिन राष्ट्रपति महोदया के कार्यक्रम संपन्न होने के पश्चात मानो आदित्यपुर नगर निगम गहरी निंद्रा में सोई हुई है शायद इसी वजह से उन्हें आदित्यपुर नगर निगम की गंदगी दिखाई नहीं देती और गंदगी से उत्पन्न होने वाली बीमारियों से भी अनभिज्ञ है।

उक्त मामले पर यह भी खबर मिल रही है कि आदित्यपुर के शेर-ए पंजाब में स्थानीय लोगों को कचरा फेंकने के लिए डस्टबिन रखा गया है लेकिन डस्टबिन की हालत ऐसी है कि अगर डस्टबिन के अंदर से झांको तो मानो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के स्वच्छ झारखंड का सपना कचरे के ढेर में मिलता हुआ दिखाई देता है। डस्टबिन में फेंका गया कचरा डस्टबिन में न रहकर डस्टबिन में बने बड़े-बड़े छेदों से बाहर निकाल कर सड़कों पर बिखर जाता है। और वही कचरा पूरे क्षेत्र में बदबू का मुख्य कारण बनता है।

जनहित में बनाए गए शौचालय को आदित्यपुर नगर निगम ने कब्जा मुक्त कराया गया।

जनहित में बनाए गए शौचालय को अपर नगर पारुल सिंह ने कब्जा मुक्त कराया गया।

सरायकेला/आदित्यपुर

पारुल सिंह, अपर नगर आयुक्त, आदित्यपुर नगर निगम

सरायकेला खरसावां जिले के आदित्यपुर थाना के समीप स्थित जनहित में बनी सरकारी शौचालय को अवैध कब्जा से नगर निगम ने मुक्त कराया।

आपको बताते चलें कि नगर निगम की ओर से जनहित में एवं स्वच्छ भारत के निर्माण को एवं स्वच्छ भारत के सपने को साकार करने के लिए आदित्यपुर थाने के समीप शौचालय बनवाया गया था ताकि नगर वासियों को इसका लाभ मिल सके और एक स्वच्छ भारत के निर्माण में आदित्यपुर क्षेत्र अपना कदम आगे बढ़ा सकें  और ऐसा हुआ भी शौचालय का निर्माण हो जाने के बाद नगर वासियों ने शौचालय का भरपूर एवं अच्छी तरह इस्तेमाल भी किया लेकिन धीरे-धीरे एक शख्स ने उसे शौचालय पर अपना कब्जा जमा लिया यदि फिर युं कहें कि शख्स ने उक्त शौचालय में ही अपना डेरा जमा लिया।

लेकिन झूठ या फिर अपराध कितना भी बड़ा क्यों ना हो सच के आगे बहुत छोटी पड़ जाती है इसी तरह इस पूरे मामले की गुप्त सूचना नगर निगम को मिली जिस पर नगर निगम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जनता के प्रति अपना फर्ज एवं अपना कर्तव्य पूरा किया।

आपको बताते चले कि पिछले काफी महीनो से अवैध कब्जा कर शौचालय को अपना घर बना लेने वाले दबंग व्यक्ति से अपर नगर आयुक्त पारुल सिंह एवं नगर निगम की  टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर जनहित में शौचालय को कब्जा मुक्त करा कर पुनः जनता को सौंप दिया जनता के लिए जनता को सोपा।

साथ ही मौके पर पारुल सिंह ने यह संदेश भी नगर निगम के अधिकारियों ने दिया कि किसी भी तरह का अवैध कंस्ट्रक्शन करना गैरकानूनी है। साथ ही उन्होंने बताया कि बाजार में स्वच्छ भारत अभियान के तहत साफ सफाई एवं नियम वध तरीके से ही बाजार लगे। ताकि आम जनता को आवागमन में कोई भी परेशानी ना हो। नगर निगम आदित्यपुर की टीम को जनता ने इस कार्य के लिए धन्यवाद भी दिया।

Design a site like this with WordPress.com
Get started