रथ यात्रा में शामिल हुए पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, पूजा अर्चना कर रथ खींचकर मांगी प्रदेश की खुशहाली।

रथ यात्रा में शामिल हुए पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, पूजा अर्चना कर रथ खींचकर मांगी प्रदेश की खुशहाली।

पश्चिम सिंहभूम/चांईबास

चाईबासा : झारखण्ड राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने बुधवार को रथ यात्रा के अवसर पर पोस्टऑफिस चौक , चाईबासा स्थित दुर्गा मंदिर ” मौसी बाड़ी ” पहुँच कर महाप्रभु जगन्नाथ, माता सुभद्रा एवं भगवान बलभद्र का विधिवत पूजा अर्चना कर रथ खींचा ।

इस दौरान उन्होंने महाप्रभु जगन्नाथ से प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि और निरोगी जीवन की कामना करते हुए सभी को रथ यात्रा पर्व की बधाई एवँ शुभकामनाएं दी।
पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने कहा कि भगवान जगन्नाथ झारखण्ड की संस्कृति से समान रूप से जुड़े हुए है। रथ यात्रा का यह त्यौहार ओडिशा की तरह झारखण्ड की संस्कृति का भी अभिन्न हिस्सा है। आज के दिन भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकालने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। उत्कल संस्कृति और झारखण्ड की संस्कृति के बीच की यह साझेदारी अटूट है।

मौके पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर दास , जिला बीस सूत्री सदस्य त्रिशानु राय , जिला कांग्रेस प्रवक्ता जितेन्द्र नाथ ओझा , प्रखण्ड अध्यक्ष दिकु सावैयां , ईस्माईल सिंह दास , नगर अध्यक्ष मुकेश कुमार , नारायण निषाद , मुकेश दास आदि उपस्थित थे ।

महाप्रभु जगन्नाथ की वापसी रथ परिचालन हुआ।

महाप्रभु जगन्नाथ की वापसी रथ परिचालन हुआ।

सरायकेला/चांडिल

चांडिल: चांडिल अनुमंडल के अधीन चांडिल स्टेशन दुर्गा मंदिर से चांडिल साधु बांध मठिया आश्रम तक रधुनाथपुर दुर्गा मंदिर से दुमदुमी तक महाप्रभु जगन्नाथ जी की वापसी रथ का परिचालन हुए। महाप्रभु जगन्नाथ जी के श्रद्धालु ने रथ परिचालन में बढ़ तक भाग लिए। हरिनाम संकीर्तन मंडली बाजा गजा के साथ रथ परिचालन हुआ।रथ का प्रसाद भी वितरण की गई। चांडिल स्टेशन साधु बांध आश्रम के संत, श्रद्धालु शामिल थे।

वहींही रधुनाथपुर गांव में रथ परिचालन समिति के सदस्य सुधीर महतो,अद्वैत दास, मनोरंजन दास, रंजीत महतो, सुरेन्द्र नाथ महतो, आदि गांव वासी उपस्थित थे।

आदित्यपुर क्षेत्र मे महिलाओं ने माँ बिपदा तारिणी का पूजा बड़ी भक्ति भाव से की गई।

आदित्यपुर क्षेत्र मे महिलाओं ने माँ बिपदा तारिणी का पूजा बड़ी भक्ति भाव से की गई।

सरायकेला/आदित्यपुर

आदित्यपुर: मंगलवार को आदित्यपुर क्षेत्र में धूमधाम से मनाई बिपदा तारिणी का पूजा बंगाली समुदाय की महिलाओं ने देवी दुर्गा के रूप मां विपदा तारिणी की पूजा अर्चना की इसे लेकर काली व दुर्गा मंदिरों में सुबह से दोपहर तक महिलाओं की भीड़ रही. दिंदली बस्ती काली मंदिर के पौराणिक मंदिर में सुबह से दोपहर बाद तक महिलाओं ने पूजा-अर्चना की. मां को घास के साथ अनानास व आम सहित मौसमी फल चढ़ाए गए।

इसके बाद परिवार के सदस्यों ने प्रसाद ग्रहण करने से पहले 13 गांठ वाला धागा बांह में बांधा. मान्यता है कि मां विपदतारिणी के प्रसन्न रहने से घर में सुख-शांति रहती है.मां विपदतारिणी की पूजा आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष में प्रतिपदा से नवमी के बीच मंगलवार व शनिवार को होती है. वही देवी दुर्गा के दूसरे रूप की पूजा करने सैकड़ों की संख्या में महिलाएं पहुंचीं थी. मां दुर्गा के चरणों में 13 किस्म के फल-फूल चढ़ाए गए. वही पुजारी ने बताया कि महिलाएं यह पूजा अपने पति की लंबी आयु व घर में सुख-शांति के लिए करती हैं. पूजा के बाद महिला व पुरुष हाथ में तेरह लड़ी व गांठ का रक्षासूत्र बांधते हैं।

सैकड़ों महिलाओं ने भक्ति भाव के साथ माँ विपद तारिणी की पूजा अर्चना।

सैकड़ों महिलाओं ने भक्ति भाव के साथ माँ विपद तारिणी की पूजा अर्चना।

राजनगर

राजनगर: परिवार की मंगल कामना के लिए मंगलवार को राजनगर के विभिन्न पूजा स्थानों में माँ विपद तारिणी की पूजा अर्चना धूमधाम से की गई।वहीं पूजा को लेकर महिलाओं ने व्रत रखा। राजनगर प्रखंड के विभिन्न पूजा स्थलों में व्रतियों की भीड़ उमड़ी रही। पूजा के संबंध में बताया जा रहा है कि विपत्ति से छुटकारा पाने के लिए मा बिपत्तारिणी की पूजा अर्चना की जाती है।इस पूजा को माताएँ करती है।माताएं अपने घर के प्रत्येक सदस्यों के नाम पर बाजू में बांधने के लिए अलग अलग डोर को पूजा स्थल पर रखती है।और पूजा के पश्चात माताओं द्वारा प्रत्येक सदस्य के बाजु में बांधा जाता है।

बता दें कि यह पूजा हर वर्ष रथयात्रा के बाद होने वाले पहले मंगलवार और शनिवार को किया जाता है।इसमें महिलाएं माँ तारिणी को 13 प्रकार के मौसमी फल चढ़ाती है।और परिवार की मंगल कामना करती है।

मौसीबाड़ी में दूसरे दिन महाप्रभु के प्रसाद लेने को उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़।

मौसीबाड़ी में दूसरे दिन महाप्रभु के प्रसाद लेने को उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़।

मुसाबनी

मुसाबनी: श्री श्री जगन्नाथ महाप्रभु का महाप्रसाद का वितरण कार्यक्रम गुरूवार को दूसरे दिन मुसाबनी 1 मौसी बाड़ी में आयोजित हुआ। मौसीबाड़ी में भंडारे कार्यक्रम का शुभारंभ मुसाबनी बाजार के सब्जी व्यवसाई सह पुजारी देवव्रत पंडा व उनकी टीम द्वारा किया गया।प्रसाद लेने के लिए गुरूवार दोपहर मौसीबाड़ी में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ जुट गई थी। लोगों ने पंडाल में बैठकर भरपेट भोजन किया। सैकड़ों महिला-पुरुष पंक्ति में बैठकर भक्ति भाव से महाप्रभु के प्रसाद ग्रहण किया।

प्रखंड विकास पदाधिकारी सीमा कुमारी,डॉ जी सी सतपथी, लक्ष्मण तिवारी, एचसीएल के कई वरीय पदाधिकारी एवं केंदाडीह माइंस के अधिकारियों सहित कई समाजसेवियों ने एक साथ बैठकर महाप्रभु का प्रसाद ग्रहण किया ।संध्या काल में महाप्रभु के आरती के बाद सैकड़ों श्रद्धालुओं के बीच खीर प्रसाद का वितरण किया गया।
शुक्रवार को जय हिंद क्लब की ओर से भंडारे का आयोजन होगा।

वही कार्यक्रम में संयोजक चौधरी उमेश सिंह ,नटवर अग्रवाल, जितेंद्र शर्मा, अरविंद यादव, बबलू सिंह, रवि कुमार, मिथिलेश पांडेय, राकेश प्रजापति, शिबू प्रजापति, शिबू भगत, संजय मोहंती, तपन पांडा आदि उपस्थित कार्यक्रम को सफल बनाने में जोर शोर से जुटे हैं।

महाप्रसाद के लिए मौसीबाड़ी में पहले दिन हीं श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़।

महाप्रसाद के लिए मौसीबाड़ी में पहले दिन हीं श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़।

मुसाबनी

मुसाबनी : श्री जगन्नाथ सेवा ट्रस्ट की ओर से बुधवार को मुसाबनी बाबू लाइन दुर्गा मंडप परिसर में महाप्रभु जगन्नाथ के महाप्रसाद का वितरण किया गया।
बुधवार दोपहर को महाप्रसाद की व्यवस्था मुसाबनी बाजार समिति के अध्यक्ष सरदार राजू सिंह के नेतृत्व में बाजार समिति के सदस्यों की ओर से की गई थी। मंदिर कमेटी द्वारा बाजार समिति के अध्यक्ष सरदार राजू सिंह को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया।
महाप्रसाद लेने के लिए मौसीबाड़ी में काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे।

विदित हो कि इन दिनों महाप्रभु अपने भाई बलभद्र व बहन सुभद्रा के साथ मौसीबाड़ी में विश्राम कर रहे हैं। इस दौरान हर दिन वहां पूजा-अर्चना के साथ ही आरती की जा रही है। प्रतिदिन संध्या 7:00 बजे के बाद मुसाबनी पोस्ट ऑफिस मैदान में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन हो रहा है। इसमें भारी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। 28 जून को बाह़ुड़ा के दिन महाप्रभु के रथ की वापसी होगी। वितरण के मौके पर मुसाबनी बाजार समिति के अध्यक्ष सरदार राजू सिंह, जलधर प्रधान, विवेक गुप्ता, धर्मेंद्र सिंह, फोटिक, मानस नमाता,लक्ष्मण यादव, गणेश प्रसाद,डॉक्टर जीसी सतपति, अरविंद यादव, तपन पांडा, बीबी पटनायक, देव कुमार व अस्मित पांडा,संजय मोहंती सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

महाप्रसाद के लिए मौसीबाड़ी में पहले दिन हीं श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़।

महाप्रसाद के लिए मौसीबाड़ी में पहले दिन हीं श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़।

मुसाबनी

मुसाबनी : श्री जगन्नाथ सेवा ट्रस्ट की ओर से बुधवार को मुसाबनी बाबू लाइन दुर्गा मंडप परिसर में महाप्रभु जगन्नाथ के महाप्रसाद का वितरण किया गया।
बुधवार दोपहर को महाप्रसाद की व्यवस्था मुसाबनी बाजार समिति के अध्यक्ष सरदार राजू सिंह के नेतृत्व में बाजार समिति के सदस्यों की ओर से की गई थी। मंदिर कमेटी द्वारा बाजार समिति के अध्यक्ष सरदार राजू सिंह को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया।
महाप्रसाद लेने के लिए मौसीबाड़ी में काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे।

विदित हो कि इन दिनों महाप्रभु अपने भाई बलभद्र व बहन सुभद्रा के साथ मौसीबाड़ी में विश्राम कर रहे हैं। इस दौरान हर दिन वहां पूजा-अर्चना के साथ ही आरती की जा रही है। प्रतिदिन संध्या 7:00 बजे के बाद मुसाबनी पोस्ट ऑफिस मैदान में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन हो रहा है। इसमें भारी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। 28 जून को बाह़ुड़ा के दिन महाप्रभु के रथ की वापसी होगी। वितरण के मौके पर मुसाबनी बाजार समिति के अध्यक्ष सरदार राजू सिंह, जलधर प्रधान, विवेक गुप्ता, धर्मेंद्र सिंह, फोटिक, मानस नमाता,लक्ष्मण यादव, गणेश प्रसाद,डॉक्टर जीसी सतपति, अरविंद यादव, तपन पांडा, बीबी पटनायक, देव कुमार व अस्मित पांडा,संजय मोहंती सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

जगन्नाथ सुभद्रा, बलराम जगन्नाथ महाप्रभु का रथ परिचालन हुए।का रथ परिचालन हुए।

जगन्नाथ सुभद्रा, बलराम जगन्नाथ महाप्रभु का रथ परिचालन हुए।का रथ परिचालन हुए।

सरायकेला/चांडिल

चांडिल सरायकेला खरसावां जिला के चांडिल अनुमंडल अधीन विभिन्न जगह जगन्नाथ महाप्रभु का रथ परिचालन हुए। चांडिल साधु मठिया आश्रम से चांडिल स्टेशन दुर्गा मंदिर, नीमडीह प्रखड के दुमदुमी से रधुनाथपुर दुर्गा मंदिर तक रथ का परिचालन हुआ। चांडिल मठिया आश्रम से चांडिल स्टेशन स्थित दुर्गा मंदिर मासी वारी रथ परिचालन जुना अखड़ा के प्रदेश प्रवक्ता सह काली मंदिर महंत विद्यानंद सरस्वती चांडिल के समाज सेवी, जनप्रतिनिधियों, ने रथ परिचालन उपस्थित थे।

नीमडीह प्रखंड आंचलिक रथ परिचालन समिति के सदस्य रंजीत महतो,साठु उर्फ बैद्यनाथ महतो, सुधीर महतो, सुरेन्द्र महतो,अद्यैत दस, मनोरंजन दास,उर्फ छोटू दास, आदरडीह पंचायत के मुखिया सुभाष सिंह,मनोज महतो आदि उपस्थित थे।रथ पर्व में बच्चों के लिए मीना बाजार मेला का शोभा को बढ़ाने का काम किया।

उमड़ा आस्था का जन सैलाब,कीर्तन मंडली रहा आकर्षक का केंद्र,चहुंओर जय जगन्नाथ का उद्घोष

उमड़ा आस्था का जन सैलाब,कीर्तन मंडली रहा आकर्षक का केंद्र,चहुंओर जय जगन्नाथ का उद्घोष

मुसाबनी

मुसाबनी में रथ खींचने की मची रही होड़।

मुसाबनी: मुसाबनी में महाप्रभु की रथयात्रा मंगलवार को आस्था व जनसैलाब के साथ श्रद्धापूर्वक संपन्न हुई। रथ यात्रा में भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा था।
सुसज्जित रथों पर भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा की मूर्तियों को भजन कीर्तन के साथ मंदिर से लाकर रथ पर आसीन कराया गया। पूजा-अर्चना के साथ रथ यात्रा का शुभारंभ हुआ।

वहीं कार्यक्रम में विधायक रामदास सोरेन, पूर्व विधायक लक्ष्मण टूडू, डीएसपी चंद्रशेखर आजाद, डुमरिया बीड़ी साधु चरण देवगम, मुसाबनी बीडीओ सीमा कुमारी, आईसीसी के जीएम एसएस सेठी,प्लांट हेड एसके राउत, इंस्पेक्टर दीपक कुमार, थाना प्रभारी अंचित कुमार,घाटशिला जिला पार्षद कर्ण सिंह, गालूडीह जिला पार्षद सुभाष सिंह, डॉक्टर सुनीता देवदूत सोरेन, बाघराय मार्डी, कान्हू सामंत, प्रधान सोरेन,मुखिया बसंती सोरेन,दुलारी मुर्मु, जगन्नाथ सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष जीसी सतपति, राजा बिरेंद्र नारायण सिंह देव, दिनेश साव, बादल लामा, संजय महंती, तपन पंडा, हिमांशु मिश्रा, अरविंद यादव, सत्या तिवारी, ऋषि देव प्रसाद, बी बी पटनायक, पप्पू सिंह, विरमान लामा,हिमांशु पात्रो,तुषारकान्त पातर, शत्रुघ्न प्रसाद, ग्राम प्रधान गौरव किस्कू सहित अन्य गणमान्य लोगों का कमेटी द्वारा अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया।

अतिथियों ने नारियल फोड़कर महाप्रभु की पूजा-अर्चना की। इसके बाद सभी ने रथ का रस्सा खींचकर रथ यात्रा की शुरुआत की। रथ के ऊपर से प्रसाद आदि का वितरण किया जा रहा था। रथ पर सवार श्रद्धालु मिठाई, केला, कटहल, पीठा आदि विभिन्न प्रकार के प्रसाद वितरण करते रहे। रथ यात्रा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।

रथ खींचने की लगी रही होड़

भक्ति भाव से विभोर होकर बच्चे, बूढ़े, जवान सभी रथ खींचने को होड़ करते रहे, महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रसाद चढ़ाने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ देर रात्रि तक लगी रही। संध्या पांच बजे से लेकर देर रात्रि तक सड़क पर चहल-पहल व मेले का माहौल रहा। रथ यात्रा में शांति बनाए रखने के लिए भी पुलिस के जवान तैनात रहे।

मुसाबनी नं. 1 दुर्गा मंडप में बनाया गया मौसीबाड़ी

रथ यात्रा मुसाबनी नं. 2 स्थित जगन्नाथ मंदिर से बाबू लाइन मुसाबनी नं. 1 दुर्गा मंडप परिसर मौसीबाड़ी तक महाप्रभु जगन्नाथ, बलभद्र व सुभद्रा को रथ पर बैठाकर रथ खींचकर श्रद्धालु रथ को दुर्गा मंडप मौसी बाड़ी तक लेकर आये। रथ यात्रा में हज़ारो लोगो की भीड़ थी। ग्रामीण क्षेत्र से सैकड़ों की संख्या में लोग रथ यात्रा में शामिल होने पहुंचे थे। हर वर्ष भक्तों की संख्या में इजाफा देखा जा रहा है। महाप्रभु के प्रति लोगों की आस्था बढ़ी है। इस वर्ष भी परंपरा के अनुसार श्रद्धापूर्वक रथ यात्रा निकाली गई। रथ खींचने का पुण्य लाभ प्राप्त करने को लेकर लोगों में गजब का उत्साह दिखा। रथ यात्रा के दौरान लगे छोटे-मोटे मेले में बच्चों ने खूब धमा-चौकड़ी की। महिलाओं का उत्साह भी कम नहीं रहा। महिलाओं ने भी पूरी सक्रियता से रथ यात्रा में हिस्सा लिया।

पति की लंबी उम्र की कामना के लिए सुहागन महिलाएं ने वट सावित्री पूजा की

पति की लंबी उम्र की कामना के लिए सुहागन महिलाएं ने वट सावित्री पूजा की

आदित्यपुर

( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )

आदित्यपुर: पति की लंबी उम्र की कामना के लिए सुहागिन महिलाएं शुक्रवार को वट सावित्री की पूजा की हिंदू पंचांग के अनुसार हर वर्ष जेष्ठ माह की अमावस्या और पूर्णिमा तिथि को ये पूजा की जाती है। शुक्रवार के दिन विवाहित महिलाएं यमराज और माता सावित्री की पूजा करती हैं। साथ ही माता सावित्री के निमित्त व्रत भी रखती हैं। ऐसी धार्मिक मान्यता है कि वट सावित्री व्रत करने से विवाहित स्त्रियों को सुख और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। साथ ही पति की आयु भी लंबी होती है। यह व्रत पति के दीर्घायु होने के लिए ही किया जाता है। वट सावित्री व्रत पर सुहागिन निर्जला उपवास कर डलिया और फलों से पूजा करती हैं। पति की लंबी उम्र की कामना को लेकर किए जाने वाले वट सावित्री व्रत का महिलाओं को साल भर इंतजार रहता है।

इस व्रत में सुहागिन महिलाएं फल-पकवान से वट वृक्ष की पूजा करती हैं। साथ ही अमर सुहाग की कामना भी करते हैं।वट सावित्री पूजा सुहागिन महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि यह व्रत करने से महिलाओं को अखंड सुहाग का आशीष प्राप्त होता है।

अखंड सौभाग्य के लिए महिलाओं ने की वट सावित्री पूजा

अखंड सौभाग्य के लिए महिलाओं ने की वट सावित्री पूजा

मुसाबनी

( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )

मुसाबनी: मुसाबनी प्रखंड में शुक्रवार को वट सावित्री का पर्व धूमधाम से मनाया गया। मुसाबनी नंबर 1शिव मंदिर, मेड़िया काली मंदिर ,विश्वनाथ मंदिर मुसाबनी नंबर 3, महाकालेश्वर मंदिर मुसाबनी न्यू कॉलोनी आदि धार्मिक स्थलों पर महिलाओं ने वट वृक्ष की पूजा कर पतियों के दीर्घायु की कामना की। शहर व कस्बे के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में महिलाओं ने व्रत रख भगवान विष्णु की विधिविधान से पूजा-अर्चना की और उनसे सौभाग्यवती होने का आशीर्वाद मांगा।

मुसाबनी शहरी इलाके के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं सुबह से ही सजने संवरने लगीं थी। अक्षत रोली से तिलक करने के बाद महिलाओं ने पंचामृत से भगवान विष्णु का पूजन वंदन किया। वट वृक्ष में धागा लपेटते हुए महिलाओं ने अखंड सौभाग्य की कामना कर व्रत रखा। पूजन-अर्चन कर महिलाओं ने पति की दीर्घायु के साथ ही परिवार में सुख-समृद्धि की कामना की।

पूजा अर्चना के बाद महिलाओं ने पंडित के वट सावित्री की कथा सुनी। सुबह से ही वट वृक्ष के नीचे महिलाओं की भीड़ लगने लगी थी। महिलाओं ने वट वृक्ष की परिक्रमा कर विधिविधान से पूजन वंदन किया। मौके पर महिलाओं ने पंडित को दान पुण्य भी किया।

घोड़ालांग में पांचवें दिन भी रंगारंग रहा श्रीमद् भागवत कथा का कार्यक्रम

घोड़ालांगा में पांचवें दिन भी रंगारंग रहा श्रीमद् भागवत कथा का कार्यक्रम

सरायकेला/सीनी

श्री भगवते वासुदेवाय नमः के नारे से गूंज उठा पूरा घोड़ालांग क्षेत्र

ईश्वर की भक्ति में डूबा पूरा घोड़ालांग क्षेत्र

जीवन जीने की सही प्रेरणा देती है श्रीमद भगवत कथा

( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )

सरायकेला: सिनी ओपी क्षेत्र अंतर्गत घोड़ालांग गांव में एडवोकेट दीनदयाल उपाध्याय के नेतृत्व में हो रहे श्रीमद् भागवत कथा महापुराण ज्ञान यज्ञ कार्यक्रम पांचवें दिन भी रंगारंग रहा

आगामी 16 मई तक चलने वाली श्रीमद् भागवत कथा महापुराण ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ पवित्र 108 कलशों के साथ श्री भगवते वासुदेवाय का जयकारा लगाते हुए भव्य कलश यात्रा के साथ किया गया इसके साथ-साथ ग्राम स्थित मंदिर में कलश स्थापना और पूजा पाठ के पश्चात पुष्पांजलि एवं भव्य आरती के कार्यक्रम किए गए

क्या होती है श्रीमद् भागवत कथा: नीचे पढ़ें

श्रीमद् भागवत कथा साक्षात भगवान श्री कृष्ण चंद्र जी महाराज का वांग्मय स्वरूप है जो काली काल के समस्त दोष ताप और पाप को नाश कर मृत्यु को भी मंगलमय बनाता है यह इस संसार का सर्वश्रेष्ठ सत्कर्म है जो किसी व्यक्ति के पुरुषार्थ के कारण ही नहीं पिछले जन्मों के पुण्य अर्जित होने के कारण मिलता है

वहीं महायज्ञ के पांचवें दिन भी व्यासपीठ से प्रयागराज से पधारें कथावाचक संजय त्रिवेदी एवं दीनदयाल मिश्रा द्वारा श्रीमद् भागवत कथा महापुराण का पाठ वाचन किया गया

वही कार्यक्रम के संचालक दीनदयाल उपाध्याय द्वारा बताया गया कि आगामी 16 मई को प्रार्थना के पश्चात पाठ एवं यज्ञ पूर्ण पूर्णाहुति के साथ दोपहर के 3:00 बजे से महाप्रसाद भोग वितरण करते हुए आध्यात्मिक कार्यक्रम का समापन किया जाएगा

आपको बताते चलें कि घोड़ालांग गांव में हो रहे श्रीमद् भागवत कथा महापुराण ज्ञान यज्ञ कार्यक्रम को गांव के सभी भक्तों ग्रामीणों के सहयोग से किया जा रहा है जिसमें की एडवोकेट दीनदयाल उपाध्याय, संजय त्रिवेदी और जगरनाथ आचार्य की अहम भूमिका रही

Design a site like this with WordPress.com
Get started