सालड़ीह में करमा पर्व की धूम: मांदर की थाप पर थिरके झामुमो नेता गणेश महाली।

सालड़ीह में करमा पर्व की धूम: मांदर की थाप पर थिरके झामुमो नेता गणेश महाली।

सरायकेला/आदित्यपुर

सरायकेला प्रखंड के सालड़ीह गांव में मंगलवार को करमा पर्व बड़े हर्षोल्लास और पारंपरिक धूमधाम के साथ मनाया गया। यह झामुमो केंद्रीय सदस्य और सरायकेला विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी गणेश महाली का पैतृक गांव है। प्रकृति उपासना और भाई-बहन के प्रेम के प्रतीक इस पर्व में महाली परिवार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।

गणेश महाली और उनकी पत्नी, पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष शकुंतला महाली ने विधि-विधान से करम डाल की पूजा की और क्षेत्र की समृद्धि व खुशहाली की प्रार्थना की। पूजा के बाद मांदर की थाप और पारंपरिक करम गीतों पर महाली ग्रामीणों के साथ झूमते नजर आए। बाद में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में झामुमो नेताओं और स्थानीय लोगों ने करम नृत्य प्रस्तुत कर समां बांध दिया।

अपने संबोधन में गणेश महाली ने कहा कि करमा पर्व झारखंड की प्रकृति, संस्कृति और भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आदिवासी और मूलवासी समाज में इस पर्व का गहरा ऐतिहासिक महत्व है और करम राजा के आशीर्वाद से समाज में भाईचारा, सद्भाव और एकता मजबूत होती है, जिससे गांव और राज्य के विकास को नई दिशा मिलती है।

इस कार्यक्रम में झामुमो जिलाध्यक्ष डॉ. सुभेंदु महतो, गणेश चौधरी, विधायक प्रतिनिधि मंगललाल महतो, सुधीर महतो, बिशु हेंब्रम, सरायकेला प्रखंड अध्यक्ष सुरेश हेंब्रम, राजनगर प्रखंड अध्यक्ष रामसिंह हेंब्रम, अमूल्य महतो, उपमुखिया वासुदेव महतो, शेखर महाकुड़ और दिलीप महतो समेत कई पार्टी कार्यकर्ता और ग्रामीण उपस्थित रहे।

करम महापर्व पर सीएम हेमंत सोरेन ने प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं, प्रकृति संरक्षण का दिया संदेश।

करम महापर्व पर सीएम हेमंत सोरेन ने प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं, प्रकृति संरक्षण का दिया संदेश।

झारखंड

करम महापर्व के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड की जनता को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि यह पर्व प्रकृति के प्रति आस्था, मानव और पर्यावरण के बीच गहरे संबंध, भाई-बहन के अटूट स्नेह तथा सामाजिक सौहार्द का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि करम पर्व झारखंड की संस्कृति और जीवन-शैली से अभिन्न रूप से जुड़ा हुआ है। यह केवल धार्मिक या सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह प्रकृति के प्रति आदर, आभार और उसके संरक्षण की प्रेरणा भी देता है। उनके अनुसार जल, जंगल और जमीन न सिर्फ जीवन का आधार हैं, बल्कि ये हमारी परंपरा, पहचान और भावी पीढ़ियों की अमूल्य धरोहर भी हैं।

हेमंत सोरेन ने पर्व से जुड़ी पारंपरिक रस्मों का उल्लेख करते हुए कहा कि अखड़ा में करम डाल की स्थापना, मांदर की थाप पर गाए जाने वाले करम गीत और सामूहिक नृत्य झारखंड की समृद्ध लोक-संस्कृति की जीवंत झलक प्रस्तुत करते हैं। इन परंपराओं के माध्यम से समाज अपने पूर्वजों और अपनी जड़ों से जुड़ा रहता है।

उन्होंने कहा कि करम पर्व की सबसे खास बात यही है कि यह लोगों को अपनी जड़ों से जोड़कर रखने की सीख देता है। विकास और आधुनिकता की राह पर बढ़ते हुए भी अपनी भाषा, संस्कृति, परंपराओं, लोक-ज्ञान और प्रकृति के साथ रिश्ते को संजोकर रखना बेहद जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वजों से मिली इस समृद्ध धरोहर को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सबकी साझा जिम्मेदारी है। इसके लिए पर्यावरण और संस्कृति दोनों के संरक्षण की दिशा में प्रयास करने होंगे।

भाई-बहन के प्रेम से इस पर्व को जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि करम पर्व आपसी विश्वास, रिश्तों की मजबूती और समाज में सद्भाव का संदेश देता है। उन्होंने कामना की कि इस पर्व के अवसर पर हर घर में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली बनी रहे।

उन्होंने भाई-बहन के बंधन और मजबूत होने, समाज में एकजुटता बढ़ने तथा झारखंड के प्रकृति और संस्कृति के साथ तालमेल बनाकर निरंतर प्रगति करने की कामना की।

आदित्यपुर में आस्था का महासंगम: राधा अष्टमी और कृष्ण-रुक्मणी विवाह उत्सव पर निकली रथयात्रा, भजनों पर झूमे भक्त।

आदित्यपुर में आस्था का महासंगम: राधा अष्टमी और कृष्ण-रुक्मणी विवाह उत्सव पर निकली रथयात्रा, भजनों पर झूमे भक्त।

सरायकेला/आदित्यपुर

आदित्यपुर में दो दिवसीय धार्मिक महोत्सव का भव्य आगाज हुआ। 18 और 19 सितंबर को आयोजित हो रहे राधा अष्टमी एवं भगवान श्रीकृष्ण-रुक्मणी विवाह समारोह के पहले दिन नगर में भव्य रथयात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

भारतीय कृष्ण भावामृत संघ द्वारा आयोजित इस यात्रा में इस्कॉन के प्रतिनिधियों सहित कई विदेशी भक्त भी शामिल हुए, जिससे आयोजन को वैश्विक पहचान मिली। ढोल-नगाड़ों और हरे कृष्ण संकीर्तन के बीच पूरा शहर भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आया।

रथयात्रा के दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने मंच से स्वयं भजन प्रस्तुत किया और श्रद्धालुओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि राधा-कृष्ण की कथा प्रेम, सरलता और आपसी सौहार्द का प्रतीक है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि इंसान को निष्ठा के साथ अपना कर्तव्य निभाना चाहिए, उसके फल की चिंता ईश्वर पर छोड़ देनी चाहिए।

कार्यक्रम के मुख्य संयोजक और पूर्व उपमहापौर अमित कुमार सिंह उर्फ बॉबी सिंह ने स्पष्ट किया कि यह आयोजन पूरी तरह धार्मिक है और इसका किसी राजनीति से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने सभी दलों और सामाजिक संगठनों के लोगों को आमंत्रित करने की बात कही और श्रद्धालुओं से रथ खींचकर पुण्य अर्जित करने की अपील की।

इस अवसर पर आदित्यपुर के मेयर संजय सरदार ने कहा कि इस तरह के धार्मिक आयोजन समाज को जोड़ने का काम करते हैं और सनातन परंपरा को मजबूती देते हैं। डिप्टी मेयर अंकुर सिंह ने कहा कि देशी-विदेशी भक्तों का एक साथ भजन-कीर्तन करना सामाजिक एकता का सुंदर उदाहरण है।

कार्यक्रम में कांग्रेस के प्रदेश महासचिव अजय सिंह ने भी शिरकत की और आयोजकों को बधाई दी। इसके अलावा डॉ. मीरा मुंडा, भाजपा प्रदेश मंत्री शैलेंद्र सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष उदय प्रताप सिंहदेव सहित कई पार्षद, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

आदित्यपुर में धूमधाम से मनी भगवान विश्वकर्मा पूजा, रेणु देवी इंटरप्राइजेज में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़।

आदित्यपुर में धूमधाम से मनी भगवान विश्वकर्मा पूजा, रेणु देवी इंटरप्राइजेज में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़।

सरायकेला/आदित्यपुर

औद्योगिक नगरी आदित्यपुर में भगवान विश्वकर्मा पूजा बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर रेणु देवी इंटरप्राइजेज, रेणु देवी ड्रिंकिंग वाटर एवं रेणु देवी वाशिंग सेंटर, आदित्यपुर में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया।

प्रोपराइटर रेणु देवी के नेतृत्व में पूरे विधि-विधान से भगवान विश्वकर्मा जी की पूजा की गई। प्लांट में लगी AQUAGOLD RO मशीनों, वाशिंग सेंटर की मशीनों और वाहनों की पूजा कर सुख-समृद्धि और तरक्की की कामना की गई।

पूजा के दौरान पंडित जी द्वारा मंत्रोच्चार के साथ हवन-पूजन संपन्न कराया गया। इस दौरान परिवार के सदस्य, कर्मचारी और आसपास के दुकानदार मौजूद रहे।

पूजा के उपरांत सैकड़ों लोगों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। आसपास के राहगीरों, ऑटो चालकों और स्थानीय लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे परिसर को फूल-मालाओं और झालरों से सजाया गया था।

रेणु देवी ने बताया कि भगवान विश्वकर्मा शिल्प और मशीनों के देवता हैं। उन्हीं की कृपा से आज उनका यह छोटा सा उद्योग लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध करा रहा है और कई लोगों को रोजगार मिल रहा है। उन्होंने सभी क्षेत्रवासियों को विश्वकर्मा पूजा की शुभकामनाएं दीं।

मौके पर रेणु देवी इंटरप्राइजेज के सभी कर्मचारी और गणमान्य लोग उपस्थित थे।

आगामी दुर्गा पूजा एवं दशहरा पर्व को लेकर जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक सम्पन्न

आगामी दुर्गा पूजा एवं दशहरा पर्व को लेकर जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक सम्पन्न

सरायकेला-खरसावां

आगामी दुर्गा पूजा एवं दशहरा पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से आज दिनांक 17 सितम्बर 2026 को समहरणालय सभागार,सरायकेला में उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक श्री मनोज सर्वंगीआरी की उपस्थिति में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित की गई।

बैठक में उप विकास आयुक्त श्रीमती रीना हांसदा, अपर उपायुक्त श्री जयवर्धन कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी सरायकेला श्री अभिनव प्रकाश, अपर नगर आयुक्त, आदित्यपुर नगर निगम श्री एजाज अनवर, अनुमंडल पदाधिकारी चांडिल श्री नितिन शिवम गुप्ता, प्रभारी पदाधिकारी, सामान्य शाखा श्री अविनाश कुमार समेत विभिन्न विभागों के वरीय पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, थाना प्रभारी तथा विभिन्न पूजा समितियों के सदस्यगण उपस्थित रहे।

बैठक में आगामी पर्व के दौरान विधि-व्यवस्था एवं शांति-व्यवस्था बनाए रखने, श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा, यातायात प्रबंधन, पार्किंग, अग्नि एवं विद्युत सुरक्षा, चिकित्सा व्यवस्था, विसर्जन एवं रावण दहन की तैयारियों तथा आपातकालीन सेवाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक के दौरान उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों को अपने-अपने दायित्व क्षेत्र में पूरी सतर्कता एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया गया। शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ शहर को जोड़ने वाले वैसे ग्रामीण मार्गों, जिन पर ग्रामीणों का नियमित आवागमन रहता है, वहां भी देर रात्रि तक पुलिस गश्ती एवं भ्रमण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया, ताकि पर्व के दौरान आमजनों को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा विधि-व्यवस्था प्रभावी रूप से बनी रहे।

पूजा पंडालों में सुरक्षा एवं जनसुविधा सुनिश्चित करने का निर्देश

पूजा समितियों को निर्देश दिया गया कि पंडालों का निर्माण सुरक्षित स्थान पर निर्धारित मानकों एवं सक्षम विभागों द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जाए। पंडाल विद्युत तार, ट्रांसफॉर्मर, हाईटेंशन लाइन, गैस गोदाम अथवा अन्य संवेदनशील स्थानों से सुरक्षित दूरी पर बनाए जाएं। पंडाल निर्माण में ज्वलनशील एवं अत्यधिक आग पकड़ने वाली सामग्री के उपयोग से बचने तथा पंडाल की मजबूती एवं सुरक्षा से संबंधित आवश्यक प्रमाण-पत्र सक्षम प्राधिकारी से प्राप्त करने का निर्देश दिया गया।

पंडालों में महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं के लिए पृथक प्रवेश एवं निकास की व्यवस्था, पर्याप्त चौड़ाई वाले द्वार तथा आपात स्थिति में सुरक्षित निकासी के लिए वैकल्पिक निकास मार्ग सुनिश्चित करने को कहा गया। महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों एवं दिव्यांग श्रद्धालुओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखने का निर्देश दिया गया।

सभी पूजा पंडालों में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, स्वच्छता, प्राथमिक उपचार तथा आवश्यक जनसुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। पंडालों एवं उनके आसपास किसी भी प्रकार के ज्वलनशील पदार्थ का भंडारण नहीं करने तथा पर्याप्त संख्या में अग्निशमन यंत्र, पानी एवं सूखी बालू से भरी बाल्टियां आदि रखने का निर्देश दिया गया।

विद्युत एवं अग्नि सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता

पूजा पंडालों में विद्युत वायरिंग सुरक्षित तरीके से करने, समुचित अर्थिंग की व्यवस्था रखने तथा विद्युत सजावट एवं अस्थायी कनेक्शन का कार्य संबंधित विद्युत विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप करने का निर्देश दिया गया। विद्युत नियंत्रण कक्ष को ऐसी जगह स्थापित करने को कहा गया, जहां आपात स्थिति में विद्युतकर्मी आसानी से पहुंच सकें।

संबंधित विभागों द्वारा दिए गए अग्नि एवं विद्युत सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने तथा आवश्यक सुरक्षा प्रमाण-पत्र प्राप्त करने को कहा गया।

पूजा पंडालों एवं प्रमुख स्थलों पर चिकित्सा, अग्निशमन एवं एम्बुलेंस की व्यवस्था

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी प्रमुख पूजा पंडालों में आवश्यकतानुसार चिकित्सा दल एवं अग्निशमन व्यवस्था उपलब्ध रहे। सभी चिकित्सक एवं चिकित्सा पदाधिकारी अपने-अपने स्वास्थ्य केंद्रों में निर्धारित दायित्व के अनुसार उपस्थित रहेंगे, ताकि किसी भी परिस्थिति में चिकित्सा सेवा में व्यवधान उत्पन्न न हो।

उन्होंने सभी संबंधित स्वास्थ्य पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि पर्व के दौरान एम्बुलेंस को सक्रिय मोड में रखा जाए तथा आकस्मिक स्थिति में त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

विसर्जन घाटों पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का निर्देश

प्रतिमा विसर्जन के लिए प्रशासन द्वारा चिन्हित विसर्जन घाटों पर पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश संबंधित पदाधिकारियों को दिया गया। विसर्जन घाटों पर समतलीकरण, पर्याप्त विद्युत एवं प्रकाश व्यवस्था, आवश्यकतानुसार बैरिकेडिंग, गोताखोरों की तैनाती, पुलिस बल एवं दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति तथा चिकित्सा दल एवं एम्बुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।

विसर्जन घाटों पर प्रतिमा एवं अन्य सामग्री के आवागमन को सुगम बनाने के लिए आवश्यकता के अनुसार हाइड्रा/अन्य आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था समय से पूर्व सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

पूजा समितियों को निर्देश दिया गया कि प्रतिमाओं का विसर्जन प्रशासन द्वारा निर्धारित तिथि, समय एवं मार्ग के अनुसार ही करें तथा निर्धारित विसर्जन स्थल/घाट का ही उपयोग करें।

रावण दहन के दौरान सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश

दशहरा के अवसर पर आयोजित होने वाले रावण दहन कार्यक्रम के लिए सुरक्षा के सभी आवश्यक मानकों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। रावण दहन स्थल पर दर्शकों एवं दहन स्थल के बीच निर्धारित एवं पर्याप्त सुरक्षित दूरी बनाए रखने, भीड़ नियंत्रण एवं बैरिकेडिंग की समुचित व्यवस्था करने तथा अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।

संबंधित पदाधिकारियों एवं आयोजन समिति को निर्देश दिया गया कि रावण दहन से संबंधित सभी तैयारियां निर्धारित सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए समय से पूर्व पूर्ण कर लें, ताकि कार्यक्रम सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सके।

यातायात एवं नो-एंट्री व्यवस्था को लेकर निर्देश

पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित रखने तथा निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया। अनधिकृत पार्किंग एवं आवागमन में बाधा उत्पन्न करने वाले अतिक्रमण पर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।

आवश्यकतानुसार मुख्य बाजारों को जोड़ने वाले मार्गों पर नो-एंट्री व्यवस्था लागू करने तथा बड़े एवं वाणिज्यिक वाहनों के आवागमन को नियंत्रित करने का निर्देश दिया गया, ताकि श्रद्धालुओं एवं आमजनों के आवागमन में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।

रात्रि 10 बजे के बाद DJ एवं ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर रोक

बैठक में ध्वनि प्रदूषण से संबंधित निर्धारित नियमों एवं सक्षम प्राधिकारी/माननीय न्यायालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। रात्रि 10:00 बजे के बाद DJ अथवा ध्वनि विस्तारक यंत्र पर किसी भी प्रकार का गाना या अन्य ध्वनि प्रसारण नहीं किया जाएगा।

इसका अनुपालन सभी थाना प्रभारी, अनुमंडल पदाधिकारी एवं अंचल अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में सुनिश्चित करेंगे। निर्धारित ध्वनि सीमा एवं समय-सीमा का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

अवैध शराब की बिक्री एवं परिचालन पर प्रभावी नियंत्रण के निर्देश

पर्व के दौरान किसी भी स्थिति में अवैध शराब की बिक्री एवं परिचालन पर पूर्ण नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाकर कार्रवाई करने का निर्देश संबंधित पदाधिकारियों को दिया गया। ड्राई-डे के दौरान निर्धारित प्रावधानों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया।

शराब दुकानों एवं उनके आसपास, विशेषकर मुख्य सड़कों तथा सार्वजनिक स्थलों पर शराब का सेवन नहीं हो, इसके लिए विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया गया। सार्वजनिक स्थानों पर शराब सेवन अथवा किसी भी प्रकार के नशे का प्रयोग करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

CCTV एवं सोशल मीडिया निगरानी पर विशेष जोर

सभी प्रमुख पूजा पंडालों में CCTV कैमरों की व्यवस्था एवं उसकी प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही, मुख्य मार्गों एवं आवश्यकता वाले संवेदनशील स्थलों पर संबंधित पदाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर CCTV कैमरे लगाने का निर्देश दिया गया।

सोशल मीडिया एवं व्हाट्सऐप ग्रुपों पर भ्रामक, अफवाहजनक, आपत्तिजनक अथवा सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करने वाली सामग्री प्रसारित नहीं करने की अपील की गई। ऐसी किसी भी सामग्री की सूचना तत्काल निकटतम प्रशासनिक अथवा पुलिस पदाधिकारी को देने का निर्देश दिया गया।

पूजा समितियों से सुझाव आमंत्रित, प्राप्त सुझावों पर कार्रवाई के निर्देश

बैठक में पूजा समिति के सदस्यों एवं शांति समिति के सदस्यों से पर्व के दौरान जनसुविधा एवं आवश्यक व्यवस्थाओं से संबंधित सुझाव एवं सलाह आमंत्रित किए गए। इस दौरान पूजा समितियों द्वारा सड़क निर्माण एवं मरम्मत, साफ-सफाई, अवैध पार्किंग पर नियंत्रण, खराब स्ट्रीट लाइट की मरम्मत, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, झूलते हुए विद्युत तारों एवं विद्युत खंभों की मरम्मत, विसर्जन घाटों पर हाइड्रा की व्यवस्था एवं समतलीकरण सहित विभिन्न बिंदुओं पर सुझाव दिए गए।

प्राप्त सुझावों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों एवं पदाधिकारियों को नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने तथा पर्व से पूर्व संबंधित व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया।

उपायुक्त ने शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण आयोजन में पूजा समितियों से सहयोग की अपील

अपने संबोधन में उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह ने कहा कि जिले में प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी दुर्गा पूजा एवं दशहरा पर्व शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं आपसी भाईचारे के वातावरण में संपन्न हो, इसके लिए सभी की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने सभी पूजा समितियों एवं शांति समिति के सदस्यों से प्रशासन द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन करते हुए शांतिपूर्ण वातावरण में पूजा संपन्न कराने तथा प्रशासन एवं पुलिस को आवश्यक सहयोग प्रदान करने की अपील की।

उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि पूजा समितियों से प्राप्त जनसुविधा एवं आवश्यक व्यवस्थाओं से संबंधित सुझावों पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए सभी आवश्यक तैयारियां समय से पूर्व पूर्ण कराई जाएं। स्वास्थ्य सेवाओं को निर्बाध बनाए रखने, एम्बुलेंस को सक्रिय रखने तथा प्रमुख पूजा स्थलों पर आवश्यक चिकित्सा एवं अग्निशमन व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।

पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारियों को सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने का दिया निर्देश

पुलिस अधीक्षक मनोज सर्वंगीआरी ने अपने संबोधन में कहा कि दुर्गा पूजा एवं दशहरा के दौरान पुलिस प्रशासन की प्राथमिकता शांति-व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुगम यातायात व्यवस्था बनाए रखना है।

उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने थाना क्षेत्र के सभी पूजा पंडालों, सुरक्षा व्यवस्था, यातायात व्यवस्था एवं पार्किंग के लिए चिन्हित स्थलों का पूर्व में ही भ्रमण कर आवश्यक तैयारियों का जायजा लें। पूजा समितियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए सभी आवश्यक तैयारियां निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण कराना सुनिश्चित करें।

उन्होंने पूजा समितियों को निर्देश दिया कि अपने स्तर से नियुक्त सभी स्वयंसेवकों की सूची संबंधित थाना प्रभारी को उपलब्ध कराएं तथा स्वयंसेवकों को पहचान-पत्र उपलब्ध कराएं, ताकि भीड़ प्रबंधन एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं में उनका प्रभावी सहयोग लिया जा सके।

पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को पूजा पंडालों एवं मुख्य मार्गों के आवश्यक स्थलों पर संबंधित पदाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर CCTV कैमरों की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही, पर्व के दौरान ड्रंक एंड ड्राइव के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उन्होंने शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण एवं शहर को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों पर भी नियमित पुलिस गश्ती एवं भ्रमण सुनिश्चित करने को कहा। वरीय पुलिस पदाधिकारी एवं गश्ती दल लगातार भ्रमणशील रहेंगे तथा पूजा समितियों एवं आम नागरिकों के साथ समन्वय स्थापित कर किसी भी अप्रिय स्थिति की सूचना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।

उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि रात्रि 10:00 बजे के बाद DJ एवं ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर रोक तथा अन्य निर्धारित ध्वनि नियंत्रण संबंधी प्रावधानों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें।

पूजा समितियों ने प्रशासन को सहयोग का दिया आश्वासन

बैठक के दौरान उपस्थित पूजा समिति के प्रतिनिधियों एवं शांति समिति के सदस्यों ने प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन करने तथा शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में दुर्गा पूजा एवं दशहरा पर्व संपन्न कराने में प्रशासन एवं पुलिस को पूर्ण सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया।

बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि पर्व के दौरान विधि-व्यवस्था, जनसुरक्षा एवं श्रद्धालुओं की सुविधा से संबंधित सभी निर्देशों का अनुपालन अनिवार्य होगा। किसी भी प्रकार के उल्लंघन की स्थिति में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन द्वारा सभी संबंधित पदाधिकारियों, पूजा समितियों एवं शांति समिति के सदस्यों से अपील की गई कि सुरक्षा मानकों, विधि-व्यवस्था एवं जनसुविधाओं से संबंधित सभी तैयारियां पर्व प्रारंभ होने से पूर्व समय पर पूर्ण कर लें, ताकि दुर्गा पूजा एवं दशहरा पर्व शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराया जा सके।

एनटीटीएफ में धूमधाम से मनाई गई विश्वकर्मा पूजा।

एनटीटीएफ में धूमधाम से मनाई गई विश्वकर्मा पूजा।

जमशेदपुर

एनटीटीएफ आर.डी. टाटा तकनीकी संस्थान, गोलमुरी में टाटा स्टील फाउंडेशन के सहयोग देव शिल्पी भगवान विश्वकर्मा की पूजा श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ हर्षोल्लासपूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर संस्थान के शिक्षकगण, कर्मचारी एवं अन्य सदस्य सभागार में एकत्रित हुए और भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना में शामिल हुए।

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान विश्वकर्मा की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। भगवान विश्वकर्मा को वास्तुकला, शिल्पकला, निर्माण एवं तकनीकी कौशल का देवता माना जाता है। तकनीकी शिक्षा संस्थान में विश्वकर्मा पूजा का विशेष महत्व है, क्योंकि यह विद्यार्थियों और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों को मेहनत, कौशल, सृजनशीलता और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण का संदेश देती है।पूजा-अर्चना के दौरान संस्थान की सुख-समृद्धि, विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य तथा सभी के कल्याण की कामना की गई। पूजा के पश्चात उपस्थित सभी लोगों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। इसके बाद सामूहिक भोज-प्रसाद का आयोजन हुआ।


पूरे कार्यक्रम के दौरान संस्थान परिसर में भक्तिमय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण बना रहा। संस्थान परिवार ने भगवान विश्वकर्मा से प्रार्थना की कि उनका आशीर्वाद सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों पर बना रहे तथा संस्थान तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में निरंतर प्रगति करता रहे।

वरुण कुमार
प्रबंधन अधिकारी

बड़े नेताओं की पूजा को कवरेज, गरीब की पूजा को कौन पूछे?

बड़े नेताओं की पूजा को कवरेज, गरीब की पूजा को कौन पूछे?

सरायकेला/आदित्यपुर

हर साल गणेश पूजा और दुर्गा पूजा में शहर के बड़े-बड़े पंडालों की धूम रहती है। अधिकारी हों या छोटे से लेकर नेशनल लेवल तक के नेता, सभी पंडालों का उद्घाटन करने पहुँचते हैं। उनके पीछे मीडिया की लाइट, कैमरा और माइक दौड़ते हैं। अगले दिन अखबारों के पहले पन्ने पर उनकी बड़ी-बड़ी तस्वीरें छपती हैं।

लेकिन सवाल यह है — उस गरीब की पूजा को कौन दिखाएगा, जो बस्ती में चंदा जुटाकर दो बांस और तिरपाल से पंडाल बनाकर बप्पा को बैठाता है?
आस्था अमीरी-गरीबी नहीं देखती
वार्ड 20 की तंग गलियों में कुछ ऐसा ही जज़्बा देखने को मिलता है। यहाँ श्रीराम बॉयज क्लब के लड़के साल 2012 से लगातार गणेश पूजा करते आ रहे हैं।

ना उनके पास लाखों का स्पॉन्सर है, ना किसी बड़े नेता का हाथ। है तो सिर्फ तीन चीज़ें — भक्ति, मेहनत और बस्ती के लोगों का 10-20 रुपये का चंदा।

इस बार इन युवाओं ने हिम्मत करके 15 फीट की बप्पा की भव्य मूर्ति स्थापित की है। पंडाल की सजावट भी इन्होंने अपने हाथों से की है। सोचिए, बिना पैसे, बिना संसाधन के इतना बड़ा आयोजन करने में कितनी मेहनत और कितना समर्पण लगा होगा?
यहाँ VIP नहीं, सब भक्त हैं, इन छोटे पंडालों की सबसे खूबसूरत बात यही है।

यहाँ कानफोड़ू डीजे नहीं, ढोलक की थाप और मंजीरे की खनक पर आरती होती है।
यहाँ VIP पास नहीं बँटते, सबके लिए भोग बराबर है।
यहाँ दिखावा नहीं, सच्ची आस्था है।

यह पूजा सिर्फ एक मूर्ति स्थापना नहीं है, यह गरीब की आस्था का प्रतीक है। यह उन हज़ारों बस्तियों की कहानी है जहाँ भगवान को अमीरों के चमचमाते पंडालों का इंतज़ार नहीं, बल्कि सच्चे मन से लगाए गए दो फूल ही काफी हैं।

मीडिया से एक अपील
बड़े-बड़े पंडालों की भव्यता तो हर कोई दिखाता है। चंदा-वसूली से लेकर लाइटिंग तक की खबरें बनती हैं।

लेकिन हमारी मीडिया से हाथ जोड़कर अपील है — एक बार इन गरीबों के पंडाल की ओर भी कैमरा घुमाइए। इनकी मेहनत, इनके हौसले को भी एक खबर बनाइए।

ताकि अगली बार बस्ती का कोई बच्चा यह न सोचे कि पूजा सिर्फ अमीरों के लिए होती है।

क्योंकि जब भगवान अमीर-गरीब में फर्क नहीं करता, तो फिर मीडिया क्यों करे?

वार्ड 20, आदित्यपुर से एक आम नागरिक की आवाज़

SDS Towers में दुर्गा पूजा 2026 की तैयारी जोरों पर, भोग और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शेड्यूल जारी

SDS Towers में दुर्गा पूजा 2026 की तैयारी जोरों पर, भोग और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शेड्यूल जारी

सरायकेला/आदित्यपुर

SDS Towers सोसाइटी में इस वर्ष दुर्गा पूजा को लेकर उत्साह चरम पर है। SDS Towers Durga Puja Committee द्वारा 2026 के पूजा कार्यक्रम, भोग (लंच) और सांस्कृतिक आयोजनों की समय-सारणी जारी कर दी गई है।

कमेटी के अध्यक्ष K. Upadhyay एवं उपाध्यक्ष श्री D. D. Bhattacharjee और सचिव M. S. Mandal के नेतृत्व में पूरी आयोजन समिति तैयारियों में जुट गई है। इस बार पूजा को और भी भव्य बनाने की योजना है।

6 दिनों तक चलेगा माँ की आराधना और भोग का कार्यक्रम:

पूजा का शुभारंभ 16 अक्टूबर, शष्ठी को बोधन, आमंत्रण और अधिवास के साथ शाम 5:57 बजे होगा।

17 और 18 अक्टूबर सप्तमी को नबपत्रिका प्रवेश, स्थापना और सप्तमी पूजा सुबह 7:14 बजे से होगी। दोपहर 12 बजे देवी भोग और 1:30 बजे से सभी के लिए भोग (लंच) की व्यवस्था रहेगी। शाम 8 बजे सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा।

19 अक्टूबर, महा अष्टमी को मुख्य संधि पूजा सुबह 7:26 बजे शुरू होगी। इस दिन पुष्पांजलि, देवी भोग के बाद दोपहर भोग और शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन है।

20 अक्टूबर, महानवमी को विशेष आकर्षण के रूप में *डांडिया नाइट* का आयोजन शाम 7 बजे से किया जाएगा। भोग दोपहर 12:30 बजे तक चलेगा।

दशमी (21 अक्टूबर) को सिंदूर खेला, दशमी पूजा और विसर्जन सुबह 6:14 बजे से होगा, शाम को विजया सम्मेलनी का आयोजन 8 बजे होगा।

प्रतिदिन भोग की व्यवस्था:
रोजाना पूजा के लिए भोग की व्यवस्था मौसमी रॉय, सुनीता रॉय, माधुरी मंडल, मोहिनी जी, मौसमी बिस्वास, पिंकी बनर्जी और मोनालिसा जी की देखरेख में की जाएगी।

कमेटी के समन्वयक सुदीप बनर्जी और कैशियर पिंकी बनर्जी ने सभी निवासियों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे सपरिवार पूजा में शामिल होकर माँ दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त करें।

आदित्यपुर बस्ती में 83 सालों से अनवरत जारी है जन्माष्टमी की ऐतिहासिक परंपरा, मेयर संजय सरदार ने फीता काटकर मेले का किया शुभारंभ।

आदित्यपुर बस्ती में 83 सालों से अनवरत जारी है जन्माष्टमी की ऐतिहासिक परंपरा, मेयर संजय सरदार ने फीता काटकर मेले का किया शुभारंभ।

सरायकेला/आदित्यपुर

आदित्यपुर बस्ती रोड नंबर-सी स्थित गौरांगो क्लब में श्री श्री जन्माष्टमी पूजा समिति द्वारा इस साल भी बड़े ही हर्षोल्लास के साथ श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का आयोजन किया गया।

इस पूजा स्थल की सबसे खास बात यह है कि यहाँ 1942 से बिना रुके हर साल जन्माष्टमी पूजा होती आ रही है। इस 83 साल पुरानी धार्मिक परंपरा को क्लब के सदस्य आज भी पूरी आस्था और जोश के साथ निभा रहे हैं।

मुख्य अतिथि के तौर पर आदित्यपुर नगर निगम के मेयर संजय सरदार कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने फीता काटकर पूजा पंडाल और मेले का विधिवत उद्घाटन किया और भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। जन्माष्टमी के मौके पर पंडाल में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली।

कार्यक्रम को सफल बनाने में समिति के अध्यक्ष विमल महतो, सुरक्षा प्रभारी हेमंत महतो, कैशियर विकास, उदय संपति, अमर कुयरी, विशाल महतो, आकाश महतो, समर, सपन महतो, संजय केवतो, दिलीप केवतो, संजीत पाल और राजेंद्र कुयरी समेत सभी सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा।

समिति के आयोजकों ने बताया कि पंडाल में श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं और भविष्य में भी इस ऐतिहासिक परंपरा को इसी भव्यता के साथ जारी रखा जाएगा।

आदित्यपुर-2 में जन्माष्टमी महोत्सव का आयोजन, पूर्व सीएम चंपाई सोरेन ने कहा- कृष्ण के आदर्शों से ही बनेगा सशक्त समाज।

आदित्यपुर-2 में जन्माष्टमी महोत्सव का आयोजन, पूर्व सीएम चंपाई सोरेन ने कहा- कृष्ण के आदर्शों से ही बनेगा सशक्त समाज।

आदित्यपुर में जन्माष्टमी पर निकली भव्य शोभायात्रा, पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन हुए शामिल

सरायकेला/आदित्यपुर

श्री श्री राधा कृष्ण मंदिर निर्माण समिति, श्रीकृष्णनगर, आदित्यपुर-2 द्वारा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव हर्षोल्लास और भक्तिमय माहौल में मनाया गया।

इस मौके पर आयोजित विशाल शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। ‘जय श्री कृष्ण’ और ‘राधे-राधे’ के नारों से पूरा इलाका भक्तिमय हो गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान विधायक चंपाई सोरेन ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण का पूरा जीवन हमें अन्याय के खिलाफ खड़े होने और न्याय स्थापित करने की सीख देता है। उन्होंने कहा कि जब भी समाज में अन्याय बढ़ा है, श्रीकृष्ण ने अपनी बुद्धिमत्ता और रणनीति से उसका अंत किया है। आज के समय में भी समाज और राष्ट्र को मजबूत बनाने के लिए हमें उनके बताए मार्ग पर चलना होगा। आदिवासी, दलित समेत सभी वर्गों को साथ लेकर ही एक समान और मजबूत समाज बनाया जा सकता है।

आदित्यपुर नगर निगम के डिप्टी मेयर अंकुर सिंह ने कहा कि इस तरह के धार्मिक आयोजन समाज को एकजुट करने का काम करते हैं। जब लोग एक साथ मिलकर पूजा-पाठ करते हैं तो आपसी प्रेम और भाईचारा और भी मजबूत होता है। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण से सभी के जीवन में सुख-शांति और समृद्धि की प्रार्थना की।

वहीं आदित्यपुर नगर परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष पुरेंद्र नारायण सिंह ने सभी जनप्रतिनिधियों और स्थानीय निवासियों के सहयोग की सराहना की और क्षेत्र में शांति और आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कार्यक्रम का संचालन किया और आए हुए सभी मेहमानों का स्वागत किया।

जन्मोत्सव के दौरान भोजपुरी गायक राजेश रसिक ने अपने भजनों से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके अलावा स्थानीय कलाकारों ने भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक नृत्य-संगीत की प्रस्तुति दी, जिसमें महिलाओं और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री के आप्त सचिव चंचल गोस्वामी, सिमल सोरेन, पार्षद उत्तरा प्रधान, रिंकी कुमारी, संगीता सामड, शिक्षाविद सत्यप्रकाश सुधांशु, अजीत कुमार, मंदिर समिति के अध्यक्ष एस.एन. यादव, वीरेंद्र यादव, विजय यादव, परमेश्वर प्रधान, सुभाष करुआ, उमेश यादव, आर.के. सिंह सहित आयोजन समिति के के.एल. यादव, नगीना प्रसाद पंडित, जितेंद्र पांडेय, संतोष कुमार सिंह, रामाधार सिंह और अन्य सदस्य मौजूद रहे।

पावन पर्व ‘श्री कृष्ण जन्माष्टमी’ के अवसर पर प्रखंड वासियों को हार्दिक शुभकामनाएं

पावन पर्व ‘श्री कृष्ण जन्माष्टमी’ के अवसर पर प्रखंड वासियों को हार्दिक शुभकामनाएं

बरडीहा:
श्री कृष्ण जन्माष्टमी के पावन  अवसर पर प्रखंड विकास पदाधिकारी सह अंचल अधिकारी प्रवीण कुमार सिंह ने हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

प्रखंड विकास पदाधिकारी ने अपने शुभकामना संदेश में कहा, “भगवान श्री कृष्ण का जीवन हमें सत्य, निष्काम कर्म, धर्म, प्रेम और सौहार्द के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। जन्माष्टमी का यह पावन पर्व हम सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और नई ऊर्जा का संचार करे।”

उन्होंने आगे कहा कि भगवान श्री कृष्ण की शिक्षाएं हमें समाज में आपसी भाईचारा और न्यायपूर्ण दृष्टिकोण बनाए रखने का मार्ग दिखाती हैं। हम सभी का यह दायित्व है कि हम इस पवित्र पर्व को पूरे हर्षोल्लास, गरिमापूर्ण वातावरण में मनाएं।

75वीं प्लेटिनम जयंती को भव्य बनाने के लिए दुर्गा पूजा कमेटी का गठन।

75वीं प्लेटिनम जयंती को भव्य बनाने के लिए दुर्गा पूजा कमेटी का गठन।

सरायकेला/कांड्रा

श्री श्री दुर्गा पूजा कमेटी, कांड्रा कॉलोनी की बैठक 23 अगस्त 2026 को मंदिर परिसर में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अधिवक्ता सह संरक्षक राकेश कुमार वाष्र्णेय ने की। बैठक में सर्वसम्मति से इस वर्ष की दुर्गा पूजा के सफल आयोजन के लिए नई कमेटी का गठन किया गया।

बैठक में कमेटी के पदाधिकारियों का चयन किया गया। अध्यक्ष होनी सिंह मुंडा, उपाध्यक्ष विजय तिवारी एवं के. साईं राव, महासचिव के. दुर्गा राव, सचिव हितेश वाष्र्णेय, सह सचिव राजू मंडल तथा कोषाध्यक्ष चंदन प्रताप सिंह, गिरिश वाष्र्णेय एवं स्वाधीन चंद्र महतो को जिम्मेदारी सौंपी गई।

कमेटी के गठन के बाद इस वर्ष आयोजित होने वाली दुर्गा पूजा को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। इस वर्ष श्री श्री दुर्गा पूजा कमेटी, कांड्रा कॉलोनी अपनी 75वीं प्लेटिनम जयंती मना रही है। इसे देखते हुए पूजा समारोह को विशेष और भव्य रूप देने का निर्णय लिया गया।
कमेटी ने निर्णय लिया कि इस वर्ष दुर्गा पूजा नौ दिनों तक आयोजित की जाएगी तथा पहले दिन से ही मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर विधिवत पूजा-अर्चना शुरू की जाएगी। इसके साथ ही नौ दिनों के दौरान विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

बैठक में मुख्य रूप से साधन कुमार दास, विपिन वाष्र्णेय ,सजय वाष्र्णेय,रंजीत सेन, आदित्य चौधरी, शिवांशु वाष्र्णेय, अमर दे, संजू दत्ता, सकेत मिश्रा, कपिश सिंह, सौरभ,सहित कमेटी के अन्य सदस्य उपस्थित थे। सदस्यों ने 75 वर्षों की गौरवशाली परंपरा को यादगार बनाने और पूरे आयोजन को सफल बनाने के लिए मिल-जुलकर कार्य करने का संकल्प लिया।

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