पूर्वी सिंहभूम/मुसाबनी
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
वित्त रहित स्कूल -कॉलेजों का अधिग्रहण/ घाटा- अनुदान, अनुदान की राशि सीधे शिक्षक- कर्मचारियों के खाते में भेजने, सेवानिवृत्ति की आयु 62 वर्ष करने, महंगाई को देखते हुए उच्च विद्यालय के अनुदान स्लैब में संशोधन करने के साथ साथ शिक्षक कर्मी को राज्य कर्मी का दर्जा दिए जाने, अनुदान की राशि चौगुना किये जाने की मांग को लेकर
वित रहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आवाहन पर बुधवार को राज्य के 1250 इंटर कॉलेज, उच्च विद्यालयों, संस्कृत विद्यालयों एवं मदरसा विद्यालयों में शैक्षणिक हड़ताल पर रहे।

शिक्षक कर्मी स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के पदाधिकारी के खिलाफ स्कूल कॉलेज में मुख्य द्वार नारेबाजी किया। शैक्षणिक हड़ताल का असर घाटशिला अनुमंडल के वित्त रहित शिक्षण संस्थानों में भी देखने को मिला। मुसाबनी प्रखंड के जीसीजेडी हाई स्कूल एवं मुसाबनी माइंस इंटर कॉलेज व सरस्वती विद्या मंदिर में शैक्षणिक हड़ताल रहा। हड़ताल का असर घाटशिला ,चाकुलिया, बहारागोड़ा, पोटका आदि प्रखंड में संचालित वित्त रहित स्कूल कॉलेजों में भी रहा।शिक्षकों की हड़ताल से संस्थानों में पठन-पाठन कार्य पूरी तरह बाधित रहा।मोर्चा के नेताओं ने शिक्षा विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सरकार से मांग किया है कि जब तक उनकी मांगों को नहीं माना जाता तब तक झारखंड के कोई भी वित्त रहित अनुदानित इंटर कॉलेज, उच्च विद्यालय, संस्कृत विद्यालय एवं मदरसा विद्यालय वित्तीय वर्ष 2023-24 में अनुदान के लिए ऑनलाइन आवेदन नहीं भरेंगे।
मोर्चा की बैठक में सरकार और विभाग के इस रवैये के कारण दीपावली और छठ पर्व नहीं मानने का निर्णय लिया गया.मोर्चा के नेताओं का कहना था कि जब शिक्षकों के पास पैसे नहीं है तो यह पर्व कैसे मनाए।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया की 26 नवंबर को रविवार होने के कारण 30 नवंबर 2023 को हजारों शिक्षककर्मी राजभवन पर धरना देंगे ।और प्रदर्शन कर महामहिम राज्यपाल को मांगों से संबंधित ज्ञापन देंगे । हड़ताल में मुख्य रूप से मोर्चा के संयोजक कुंदन कुमार सिंह, शिवपूजन सिंह,प्रो. सीमा कल्याणी , प्रो. संतोष दास, रूमी सरकार, मिथलेश पांडेय सहित सभी शिक्षक शिक्षकेतर कर्मचारी शामिल थे।













