वित्त रहित संस्थाओं में रहा शैक्षणिक हड़ताल।

वित्त रहित संस्थाओं में रहा शैक्षणिक हड़ताल।

पूर्वी सिंहभूम/मुसाबनी

( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )

वित्त रहित स्कूल -कॉलेजों का अधिग्रहण/ घाटा- अनुदान, अनुदान की राशि सीधे शिक्षक- कर्मचारियों के खाते में भेजने, सेवानिवृत्ति की आयु 62 वर्ष करने, महंगाई को देखते हुए उच्च विद्यालय के अनुदान स्लैब में संशोधन करने के साथ साथ शिक्षक कर्मी को राज्य कर्मी का दर्जा दिए जाने, अनुदान की राशि चौगुना किये जाने की मांग को लेकर
वित रहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आवाहन पर बुधवार को राज्य के 1250 इंटर कॉलेज, उच्च विद्यालयों, संस्कृत विद्यालयों एवं मदरसा विद्यालयों में शैक्षणिक हड़ताल पर रहे।

शिक्षक कर्मी स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के पदाधिकारी के खिलाफ स्कूल कॉलेज में मुख्य द्वार नारेबाजी किया। शैक्षणिक हड़ताल का असर घाटशिला अनुमंडल के वित्त रहित शिक्षण संस्थानों में भी देखने को मिला। मुसाबनी प्रखंड के जीसीजेडी हाई स्कूल एवं मुसाबनी माइंस इंटर कॉलेज व सरस्वती विद्या मंदिर में शैक्षणिक हड़ताल रहा। हड़ताल का असर घाटशिला ,चाकुलिया, बहारागोड़ा, पोटका आदि प्रखंड में संचालित वित्त रहित स्कूल कॉलेजों में भी रहा।शिक्षकों की हड़ताल से संस्थानों में पठन-पाठन कार्य पूरी तरह बाधित रहा।मोर्चा के नेताओं ने शिक्षा विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सरकार से मांग किया है कि जब तक उनकी मांगों को नहीं माना जाता तब तक झारखंड के कोई भी वित्त रहित अनुदानित इंटर कॉलेज, उच्च विद्यालय, संस्कृत विद्यालय एवं मदरसा विद्यालय वित्तीय वर्ष 2023-24 में अनुदान के लिए ऑनलाइन आवेदन नहीं भरेंगे

मोर्चा की बैठक में सरकार और विभाग के इस रवैये के कारण दीपावली और छठ पर्व नहीं मानने का निर्णय लिया गया.मोर्चा के नेताओं का कहना था कि जब शिक्षकों के पास पैसे नहीं है तो यह पर्व कैसे मनाए।

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया की 26 नवंबर को रविवार होने के कारण 30 नवंबर 2023 को हजारों शिक्षककर्मी राजभवन पर धरना देंगे ।और प्रदर्शन कर महामहिम राज्यपाल को मांगों से संबंधित ज्ञापन देंगे । हड़ताल में मुख्य रूप से मोर्चा के संयोजक कुंदन कुमार सिंह, शिवपूजन सिंह,प्रो. सीमा कल्याणी , प्रो. संतोष दास, रूमी सरकार, मिथलेश पांडेय सहित सभी शिक्षक शिक्षकेतर कर्मचारी शामिल थे।

5 माह से वेतन न मिलने के कारण खासमहल सदर अस्पताल के होमगार्ड अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे।

5 माह से वेतन न मिलने के कारण खासमहल सदर अस्पताल के होमगार्ड अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे।

जैसे ही पैसा आएगा सभी का भुगतान कर दिया जाएगा:-सिविल सर्जन जुझार मांझी

जमशेदपुर

5 माह से वेतन न मिलने के कारण जमशेदपुर के खासमहल स्थित सदर अस्पताल के होमगार्ड अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर सोमवार सुबह से बैठे है. उनकी मांग है कि उन्हे सरकार द्वारा बीते पांच महीने का वेतन दिया जाए. सदर अस्पताल में कुल 42 गृह रक्षा वाहिनी के जवान पदस्थापित थे. जहां 12 जवानों को तत्काल हटा दिया गया है. फिलहाल 30 जवान ही है जो की अस्पताल की सुरक्षा में तैनात है. इन 30 जवानों को पिछले 5 महीना से भुगतान नहीं हुआ है, जिसके कारण जवानों के समक्ष भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है. स्थिति इतनी विकराल हो गई है कि छोटे-छोटे बच्चों का स्कूल फीस भी वे जमा नहीं कर पा रहे हैं. थक हार कर जवानों ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का मन बना लिया और सिविल सर्जन कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गए.

जानकारी देते हुए होमगार्ड वेलफेयर एसोसिएशन के जिला उपाध्यक्ष रमेश प्रसाद ने कहा कि आउटसोर्स के माध्यम से इन जवानों का वेतन किया जाता आ रहा था और आज सिविल सर्जन के द्वारा बताया जा रहा है कि आउटसोर्स का जो फंड है वह पूरी तरह से नील है. उन्होंने कहा कि कहीं ना कहीं इस भुगतान न होने के पीछे राजनीति है. कहीं न कहीं होमगार्ड के जवानों को हटाकर निजी सुरक्षा कर्मियों को काम देने की एक साजिश रची जा रही है. उन्होंने कहा 5 महीने से जवानों के परिवार के सदस्य दाने-दाने को मोहताज है पर किसी तरह का कोई कदम सिविल सर्जन के द्वारा नहीं उठाया जा रहा है. थकहार कर सोमवार को सभी आंदोलन के लिए बाध्य हुए हैं

वहीं संबंध में सिविल सर्जन जुझार मांझी ने कहा कि वे भी इस स्थिति से परेशान है, सरकार के द्वारा आउटसोर्स फंड में पैसा नहीं भेजा जा रहा है, जिसकी वजह से इनका भुगतान नहीं किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि जिस मद का पैसा है उस मद में ही भुगतान किया जा सकता है. साढ़े चार करोड़ रुपए आउटसोर्स का पैसा नहीं आया है जिसकी वजह से परेशानी हो रही है।

नीमडीह थाना में रेल चक्का जाम के दौरान पुलिस पर अन्दोलनकारी ने पथराव , 144 घारा के उलंघन पर मामला दर्ज की।

नीमडीह थाना में रेल चक्का जाम के दौरान पुलिस पर अन्दोलनकारी ने पथराव , 144 घारा के उलंघन पर मामला दर्ज की।

सरायकेला/चांडिल

टोटेमिक कुड़मी समुदायिक के आहुत गत दिन नीमडीह स्टेशन पर रेल चक्का जाम में आंदोलन कारी पर 144का उलंघन, पुलिस पर पत्थर बाजी, के आरोप में 55 नामजद लोग सहित 1500अन्य लोग पर मामला दर्ज।यह मामला अंचलाधिकारी संजय पांडे के लिखित ब्यान पर दर्ज की गई। उक्त बात नीमडीह थाना के प्रभारी मो.तंजिल खान ली।रेल चक्का जाम आंदोलनकारी ने पुलिस प्रशासन पर पथराव करने निर्धारित स्थल से अलग स्थल पर चक्का जाम का आरोप लगाया कर मामला दर्ज की गई।

बैधनाथ महतो,मेथर महतो,नरेन महतो,सुनिल महतो,मोती लाल महतो शंकर महतो, आदि 55लोग का नामदर्ज की गई। इसके अन्य में 1500लोग पर मामला दर्ज की गई। नीमडीह थाना में कार्ड संख्या 44/23में मामले दर्ज किए।

नीमडीह स्टेशन के समीप कुड़मी आंदोलन में 18 घंटे ठप हुई थी रेलवे की आवागमन, द्विपक्षीय वार्ता एवं लिखित आश्वासन के बाद गुरूवार को जाम हटी..

नीमडीह स्टेशन के समीप कुड़मी आंदोलन में 18 घंटे ठप हुई थी रेलवे की आवागमन, द्विपक्षीय वार्ता एवं लिखित आश्वासन के बाद गुरूवार को जाम हटी..

सरायकेला/चांडिल

आदिवासी कुड़मी समाज के द्वारा नीमडीह स्टेशन के निकट तिल्ला रेलवे फाटक में किए गए रेल टेका व डहर छेंका आंदोलनों का वार्ता एवं लिखित आश्वासनों के बाद सुबह 8:30 बजे समाप्त हो गया। बीते रात को डीएसपी सरायकेला एवं एसडीएम चांडिल अनुमंडल के साथ आंदोलनकारिओं के पक्ष से केंद्रीय सहसचिव जयराम महतो, प्रदेश अध्यक्ष पद्मलोचन महतो एवं जिला प्रभारी प्रभात कुमार महतो आदि शामिल होकर छह बिंदुओं पर द्विपक्षीय वार्ताएं हुई। जिसका बृहस्पतिवार की सुबह उन्हें पदाधिकारियों सहित अपर जिला दंडाधिकारी (विधि व्यवस्था) ने आंदोलनकारियों को लिखित पत्र देते हुए कहा कि जिले के उपायुक्त ने सरकार के मुख्य सचिव से बैठक के संदर्भ में वार्ता की।

उक्त विषय के संबंध में मुख्य सचिव ने 25 सितंबर की सुबह 10:30 बजे से 11:00 बजे तक मिलने का समय दिया है। उक्त बैठक में टीआरआई, रांची के निदेशक भी उपस्थित रहेंगे। अपर जिला दंडाधिकारी की लिखित आश्वासन में कहा गया है कि नीमडीह स्टेशन के आसपास लागू धारा 144 क्षेत्र के बाहर तिल्ला फाटक में आंदोलन किया गया। समाज के आंदोलनकारिओं के नेतृत्वकर्ताओं और सदस्यों के उपर सरकार व रेलवे द्वारा किसी प्रकार की धाराओं का केस लागू नहीं होगी। हिरासत में लिए गए सभी प्रदर्शनकारियों को बिना शर्त छोड़ दिया जाए और किसी प्रकार की धारा के साथ केस दर्ज नहीं किया जाएं। आंदोलनकारिओं द्वारा रेलवे की किसी भी प्रकार की संपत्ति का नुकसान नहीं हुआ है। मालूमात हो कि कुड़मि समुदाय को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने, कुड़माली भाषा को आठवीं अनुसूची में सूचीबद्ध करने और प्रकृति धर्म कोड लागू करने की मांग पर आदिवासी कुड़मी समाज का बुधवार करीब दोपहर 2:30 बजे से अनिश्चितकालीन रेल टेका व डहर छेंका आंदोलन चल रहा था। आंदोलन स्थल के आसपास के क्षेत्र में बड़ी संख्या में पुलिस और तैनात किया गया था। रेलवे पुलिस के अलावा जीआरपी जिला पुलिस के जवान महिला बल के साथ मुश्तैद किया गया था ।

पूर्व घोषित निर्धारित कार्यक्रम के तहत 20 सितंबर को नीमडीह स्टेशन व आसपास के क्षेत्र में धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू किए जाने पर बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती के बाद आदिवासी कुडमी समाज ने एक किलोमीटर दूर तिल्ला रेलवे फाटक के पास दोपहर 2:30 बजे से रेल चक्का जाम कर दिया गया था। इस आंदोलन के दौरान सभी महिला, पुरुष, बुजुर्ग व बच्चे आंदोलनकारी झूमर गीतों पर रात भर थिरकते रहे, आधी रात को भी आंदोलनकारी सामूहिक भोजन करने के बाद मादर व नगाड़ा की थाप पर गाते, झूमते, थिरकते रहे।

इस आंदोलन के प्रमुख नेतृत्वकर्ता आदिवासी कुड़मी समाज के जिला प्रभारी प्रभात कुमार महतो, प्रदेश अध्यक्ष पद्मलोचन महतो, केंद्रीय सहसचिव जयराम महतो, अशोक पुनअरिआर, गुणधाम मुतरुआर, वीरेन महतो, अनूप महतो, श्यामल महतो, रघुनाथ महतो, वासुदेव महतो, जयचांद बांसरिआर, शंभूनाथ केटिआर, कार्तिक महतो, जालबानुआर राकेश आदि कर रहे थे।

कड़मी समुदाय के लोग एसटी सुची में शामिल की मांग को लेकर रेल ट्रेक को जाम कार्यक्रम में पुलिस को जाम हटाने के लिए बल का प्रयोग किया।

कड़मी समुदाय के लोग एसटी सुची में शामिल की मांग को लेकर रेल ट्रेक को जाम कार्यक्रम में पुलिस को जाम हटाने के लिए बल का प्रयोग किया।

सरायकेला/चांडिल

नीमडीह थाना के अंतर्गत नीमडीह स्टेशन के समीप पुलिस ने आन्दोलनकारीओं की जामव को हटाने के लिए बल का प्रयोग करना पड़ा। पटरी पर रेल का आवागमन जारी है। वहीं आंदोलनकारियों का कहना था की हमारी आंदोलन की तीन मुख्य मांगें है , पहला कुड़मी समुदाय को अनुसूचित जनजाति में शामिल कराना, दुसरा कुड़माली भाषा को आठवीं अनुसूची में सूचीबद्ध कराना और तीसरा प्रकृति धर्म कोड लागू कराना। इन मांगों को लेकर 73 वर्षों से आज तक कुड़मी जनजाति आंदोलन करते आ रहे हैं। केंद्र की सरकारें हमें मजबूर कर रही है कि आज अपनी हक एवं संवैधानिक अधिकार की लड़ाई के लिए रेल टेका व डहर छेंका आंदोलनों के कारण कुड़मी समाज के लोग घर-घर से निकल पड़े हैं। करम परब सामने है, और इधर अनिश्चितकालीन रेल टेका आंदोलन, इसलिए सभी मां-बहन, जेठा-जेठी, खुढ़ा-खुढ़ी बुढ़ा-बुढ़ी, धिआ-पुता आदि रेल लाइनें करम परब मनाने का संकल्प लिया है।

उन्होंने आगे कहा कोई अगर विरोध में कहता है कि कुड़मी आदिवासी नहीं है तो कोर्ट में जाकर प्रूफ करें कि कुड़मी आदिवासी नहीं है। अगर कुड़मी आदिवासी नहीं है तो संथाल, मुंडा, उरांव, हो, खड़िया आदि 12 जनजातियां जिन्हें कुड़मियों के साथ 1913 में नोटिफिकेशन किया था यह जनजातियां भी आदिवासी नहीं है । इसका जिक्र पटना हाई कोर्ट ने 1963 में ही किया है। एक सवाल क्या 1950 में आदिवासी पैदा हुआ? क्या उसके पहले आदिवासी नहीं था? भारत सरकार के गृहमंत्रालय साबित करें कि कुड़मी आदिवासी नहीं है। 1913 में जब कोई रिजर्वेशन नहीं था, कोई आरक्षण नहीं था, कोई प्रतिनिधित्व का अधिकार आदिवासियों को नहीं था, उस समय कुड़मियों को आदिवासी माना है । जब झाड़खंड अलग राज्य का आंदोलन जोर-शोर से चली, तब गृह मंत्रालय ने लाली कमीशन बनाकर कुड़मियों को गैर सरकारी आदिवासी माना है। तो अब सरकारी आदिवासी बनाने की मांग पर सरकार को परेशानी क्यों हो रही है ? आज इन सारे सवालों के साथ हम रेल लाइन और सड़क पर उतरे हैं, अब सटीक निर्णय और समाधान के बाद ही हम सभी रेल लाइन से हटने का फैसला लेंगे।

वहीं प्रशासन ने रेल आवागमन बाधित नहीं होने दिया।

जिला कांग्रेस कमेटी कार्यकारी जिला अध्यक्ष अंबुज कुमार के नेतृत्व में सरायकेला उपयुक्त कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय जोरदार धरना।

जिला कांग्रेस कमेटी कार्यकारी जिला अध्यक्ष अंबुज कुमार के नेतृत्व में सरायकेला उपयुक्त कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय जोरदार धरना।

सरायकेला-खरसावां

दिनांक 4 सितंबर सोमवार को जिला कांग्रेस कमेटी सरायकेला खरसावां के कार्यकारी जिला अध्यक्ष अंबुज कुमार के नेतृत्व में सरायकेला उपयुक्त कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय जोरदार धरना प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में सैकड़ो की संख्या में कांग्रेसी जनों ने भागीदारी निभाई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला प्रभारी संजीव श्रीवास्तव उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन जिला महासचिव रमाशंकर पांडे ने किया। कार्यक्रम उपरांत कार्य कारी अध्यक्ष अंबुज कुमार के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने माननीय उपायुक्त से मुलाकात किया ।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कार्यकारी जिला अध्यक्ष अंबुज कुमार ने कहा कि मोदी सरकार ने रक्षाबंधन के दिन गैस के दामों में ₹200 की कटौती करके माता बहनों समेत देश के 32 करोड़ से अधिक गैस उपभोक्ताओं को छलने का कार्य किया है।एक तरफ जहां राजस्थान एवं छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ₹500 में अपने राज्य वाशियो को गैस सिलेंडर उपलब्ध करा रही है वहीं दूसरी ओर एक देश एक चुनाव की बात करने वाली भारतीय जनता पार्टी देशवासियों को₹200 की कटौती करके 960 रुपए में सिलेंडर उपलब्ध कराएगी कांग्रेस पार्टी इसका विरोध करती है

वहीं अंबुज कुमार ने कहा कि मोदी सरकार ने गैस उपभोक्ताओं से 832000 करोड रुपए से अधिक की राशि कीमतों को बढ़ाकर के वसूल किया है जो चिंतनीय हैमोदी सरकार को उक्त राशि सब्सिडी के रूप में गैस उपभोक्ताओं को वापस करना चाहिए
एक नेशन एक चुनाव मोदी सरकार का छलावा है।
मोदी सरकार चुनाव आयोग समेत चुनावी मिशनरी का दुरुपयोग करके लूट तंत्र के माध्यम से एक साथ देश भर में चुनाव जीतने का सपना सजा रही है, जिसको कांग्रेस पार्टी एवं देश की जनता कभी सफल होने नहीं देगी ।
आगामी लोकसभा चुनाव में मोदी सरकार को देश की जनता उखाड़ फेंकेगी एवं इंडिया गठबंधन की कांग्रेस नेतृत्व में सरकार बनेगी।

वहीं मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जिला प्रभारी संजीव श्रीवास्तव ने कहा कि मोदी सरकार ने उज्ज्वला योजना के तहत उपलब्ध कराए गए गैस सिलेंडर धारकों से भी 67000 करोड रुपए से अधिक की लूट की है जिसका पाई पाई का हिसाब चुनाव हारने के बाद मोदी सरकार को देना पड़ेगा
मोदी सरकार देश में भ्रष्टाचार का प्रजाय बन गई है
मोदी सरकार सिर्फ चुनाव जीतने के एजेंदे पर काम करती है इसका देश एवं राष्ट्र के विकास से कोई लेना-देना नहीं है पिछले 9 वर्षों में जिस प्रकार का भ्रष्टाचार एवं देश के संसाधनों की लूट हुई है कितना लूट 70 वर्षों के कार्यकाल में कभी नहीं हुआ जनता जागरुक हो गई है सभी राज्यों से भाजपा सरकार का सफाया हो जाएगा

कार्यक्रम को जिला उपाध्यक्ष जमाल अशरफ बबन ,जिला महासचिव मनमन सिंह, वरिष्ठ नेता समरेंद्र नाथ तिवारी ,फूल कांत झा, महिला जिला अध्यक्ष वैजयंती बारी , जिला महासचिव टुकुरभंज ,युवा कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष प्रकाश महतो, परमिंदर मिश्रा, प्रखंड अध्यक्ष मोतीलाल गौड़ ,गम्हरिया प्रखंड अध्यक्ष अखिलेश तिवारी आदित्यपुर नगर अध्यक्ष राहुल यादव चांडिल प्रखंड अध्यक्ष राजा राम महतो कुचाई प्रखंड अध्यक्ष फागु सिंह मुंडा खरसाल प्रखंड अध्यक्ष सुदाम बोदरा कपाली नगर अध्यक्ष सानु रहमान जिला महासचिव नरेश कुमार जिला महासचिव कुणाल राय संदीप गोप पूर्व आदित्यपुर नगर अध्यक्ष रानी कालुंदिया पूर्व प्रखंड अध्यक्ष होपना हेंब्रमअशोक गुप्ता अजय ओझा संतोष पांडे विजय झा संदीप गोप फूलचंद हेंब्रम रामचंद्र मांझी बाबूराम मांझी फूलन कुमार साजिद अंसारी रमेश ठाकुर सूरज समद सचिन हेंब्रम गोविंद सिंह रामेश्वर महतो मनसा लोहार घसीरामगढ़ समेत सैकड़ो की संख्या में कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी गण उपस्थित रहे

घाटशिला अनुमंडल के दर्जनों वित्त रहित शिक्षकों ने विधानसभा के समक्ष दिया धरना।

घाटशिला अनुमंडल के दर्जनों वित्त रहित शिक्षकों ने विधानसभा के समक्ष दिया धरना।

मुसाबनी

मुसाबनी: वित्त रहित स्कूल -कॉलेजों के अधिग्रहण एवं तत्काल घाटा अनुदान देने की मुख्य मांग को लेकर राज्य भर के हजारों वित्त रहित शिक्षक कर्मियों ने बुधवार को मोर्चा के आवाहन पर विधानसभा के सामने महा धरना दिया। इस महाधरना कार्यक्रम में मोर्चा के नेता कुंदन कुमार सिंह, भवानी शंकर महतो,शिवपूजन सिंह चौहान आदि के नेतृत्व में पूर्वी सिंहभूम जिले के दर्जनों वित्त रहित शैक्षणिक संस्थान के शिक्षकों ने भाग लेकर अपनी मांगों के समर्थन में चट्टानी एकता प्रदर्शित करते हुए महाधरना कार्यक्रम को सफल बनाया।

महाधरना में मुसाबनी, बहरागोड़ा, चाकुलिया,सालबोनी, पोटका,जमशेदपुर आदि जगहों से शिक्षक भाग लेने रांची पहुंचे थे। महा धरना में संस्कृत शिक्षण पीला वस्त्र पहने हुए थे। और मदरसा शिक्षक टोपी पहने हुए थे ।भारी बारिश में भी हजारों शिक्षक कर्मी धरना स्थल पर डटे रहे। शिक्षककर्मी बारिश में भीगने के बावजूद धरना स्थल पर डटे हुए थे।
धरना के बाद मोर्चा ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन मुख्यमंत्री को उचित माध्यम से सौंपा।

ज्ञापन में मुख्यमंत्री से मांग की गई है कि यह सारे स्कूल कॉलेज विगत 25 वर्षों से चल रहे हैं । इनके शिक्षकों को वेतन के नाम पर एक रुपया भी नहीं मिलता है। केवल साल में एक बार अनुदान मिलता है। जो काफी कम है ।मुख्यमंत्री से स्कूल कॉलेजों के महंगाई को देखते हुए अधिग्रहण करने की मांग की गई ।वक्ताओं ने कहा कि हम इस राज्य के गरीब बच्चों पढ़ाते हैं ।और यह स्कूल कॉलेज अधिकांशत: ग्रामीण क्षेत्रों में है ।फिर भी हमें 25 वर्षों से वेतन के नाम पर कुछ नहीं मिल रहा है ।सरकार आंदोलन के क्रम में समस्याओं के निदान का आश्वासन देती है परंतु कार्यवाही नहीं होती है। साल में एक बार अनुदान मिलता है जिसकी राशि बहुत ही कम है। शिक्षकों के सामने भूखमरी की स्थिति आ गई है।
मोर्चा द्वारा सर्वसम्मति से 5 सितंबर शिक्षक दिवस को राजभवन पर विशाल महा धरना देने एवं प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया ।

बैठक में निर्णय लिया गया कि 5 सितंबर तक सारे शिक्षककर्मी अपने अपने क्षेत्र के विधायकों से मुख्यमंत्री के नाम आग्रह पत्र लिखवाएंगे। जिसमें इन संस्थाओं के अधिग्रहण के करने की मांग करेंगे ।

बैठक में 9 अगस्त को क्रांति दिवस के दिन पूरे राज्य के शिक्षककर्मी काला बिल्ला लगाकर काम करेंगे ।
बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि जब तक स्कूल कॉलेजों का अधिगृहण नहीं होगा ।
मोर्चा का आंदोलन जारी रहेगा।महा धरना का नेतृत्व सुरेंद्र झा ,रघुनाथ सिंह ,हरिहर प्रसाद कुशवाहा , अरविंद सिंह, नरोत्तम सिंह ,देवनाथ सिंह, चंद्रेश्वर पाठक ,कुंदन कुमार ,मनीष कुमार ,संजय कुमार आदि कर रहे थे ।

इंडिया गठबंधन द्वारा डीसी ऑफिस पर जोरदार प्रदर्शन

इंडिया गठबंधन द्वारा डीसी ऑफिस पर जोरदार प्रदर्शन

सरायकेला

मणिपुर में विगत तीन महीनों से ज़ारी जातिगत हिंसा पर केंद्र सरकार और मणिपुर राज्य सरकार की उदासीनता के विरोध में जिला कांग्रेस के कार्यकारी जिलाध्यक्ष अंबुज कुमार एवम झामुमो जिलाध्यक्ष शुभेंदु महातो के संयुक्त नेतृत्व में इंडिया घटक दल राजद जेडीयू आम आदमी पार्टी टीएमसी आदि दलों का समाहरणालय सरायकेला पर जोरदार प्रदर्शन किया गया.कांग्रेस,झारखण्ड मुक्ति मोर्चा, राजद समर्थित इंडिया गठबंधन के सभी सहयोगी दल आज सैकरो की संख्या में उपस्थित होकर मोदी सरकार के विरोध मे नारा लगाते हुए जोरदार प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जगदीश नारायण चौबेजेएमएमनेता सानंद आचार्य पप्पू वर्मा रंजित प्रधान झामुमो नेता गोरादा कांग्रेस नेता रामा शंकर पांडे राजदप्रदेश महासचिव वीरेंद्र यादव राजेश यादव सिद्धेश्वर उपाध्याय कुणाल राय संदीप गोप वैजयंती बारी मनमन सिंह जीपालाल मुंडा राणा सिंह श्रीराम ठाकुर सुनील सिंह तस्लीमाखातून, मुबारक मोमिन रूईदास , तुकुनभंज आदि उपस्थित रहे।

प्रदर्शन के दौरान के दौरान जानकारी देते हुए कांग्रेस के कार्यकारी जिलाध्यक्ष अंबुज कुमार, झामुमो जिलाध्यक्ष डॉ शुभेन्दु महतो , राजद जिलाध्यक्ष संजय कुमार सिंह आम आदमी के बिरसा सोय जदयू के कौशलेंद्र, राजद प्रदेश महासचिव वीरेंद्र यादव ,झामुमो नेता गोरादा,, कांग्रेस प्रभारी संजीव श्रीवास्तव प्रितोष सिंह प्रिंस सिंह उपस्थित रहे।

इस मौके पर कांग्रेस के कार्यकारी जिलाध्यक्ष अंबुज कुमार ने कहा कि विगत तीन महीनों से मणिपुर हिंसा की आग में जल रहा है। बावजूद इसके इस मामले में भाजपानीत केंद्र सरकार और मणिपुर सरकार की चुप्पी सरकार प्रायोजित हिंसा की ओर इशारा करती है। माननीय सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान और टिप्पणी के बावजूद भाजपा शासित केंद्र और राज्य सरकार की अकर्मण्यता निहायत ही मानवीय संवेदनाओं एवं मूल्यों के विपरीत है

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए झामुमो जिलाध्यक्ष डॉ शुभेंदु महतो ने कहा कि उक्त मार्मिक घटना पर तत्काल रोक लगाते हुए शांति बहाल करने एवं मणिपुर सरकार को बर्खास्त करने की मांग को लेकर झामुमो कांग्रेस राजद टीएमसी आदि दलों की ओर से नवगठित इंडिया गठबंधन के तहत आज सरायकेला-खरसावां जिला समाहरणालय के समक्ष एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन कार्यक्रम आहूत किया गया है

30 अगस्त को कांग्रेस भवन रांची में आयोजित I.N.D.I.A गठबंधन की बैठक में गठबंधन में शामिल सभी घटक दलों में सहमति बनी है कि कार्यक्रम में शामिल होकर पूरे जोशो-खरोश के साथ भाजपा की चाल, चरित्र और मानसिकता को आम जनता के बीच उजागर किया जाएगा।
तत्पश्चात उपायुक्त के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित करते हुए मणिपुर की घटना पर संज्ञान लेते हुए कार्रवाई करने का अनुरोध पत्र सौंपा गया।

अनिश्चितकालीन धरना पर बैठे विस्थापितों ने की समीक्षा बैठक।

अनिश्चितकालीन धरना पर बैठे विस्थापितों ने की समीक्षा बैठक।

सरायकेला/चांडिल

चांडिल स्थित अधीक्षण अभिंयता के पुराने कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना पर बैठे अखिल झारखंड विस्थापित अधिकार मंच ने रविवार को समीक्षा बैठक की. बैठक में 16 जून से चले आ रहे अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन व आंदोलन की समीक्षा की गई. इसके साथ ही आने वाले दिनों में होने वाली पांचवें चरण के आंदोलन को सफल बनाने पर विचार-विमर्श किया गया. बठक में चांडिल डैम के डूब क्षेत्र से बड़ी संख्या में विस्थापित शामिल हुए.राकेश बने अध्यक्ष।

इस दौरान सर्वसम्मति से मंच के केंद्रीय अध्यक्ष के रूप में राकेश रंजन महतो का चयन किया गया. वहीं मंच का केंद्रीय प्रवक्ता अनूप महतो को और मंच के महिला मोर्चा का अध्यक्ष मंजू गोराई, उपाध्यक्ष लक्ष्मी महतो व सचिव गीता रानी महतो को सर्वसम्मति से बनाया गया. इस अवसर पर मुख्य रूप से विवेक सिंह बाबू, मुकेश कुमार महतो, कार्तिक महतो, विशाल कालिंदी, विदेश कालिंदी, सुबोध पोद्दार, अनूप महतो, राकेश रंजन महतो, तपन महतो, मंजू गोराई समेत बड़ी संख्या में चांडिल बांध के विस्थापित उपस्थित थे।

चांडिल झारखण्ड बंद का असर टाटा रांची एन एच -33 मुख्य सड़क चांडिल में देखा गया।

चांडिल झारखण्ड बंद का असर टाटा रांची एन एच -33 मुख्य सड़क चांडिल में देखा गया।

सरायकेला/चांडिल

चांडिल: झारखण्ड झारखंड बंदी का असर चांडिल गोल चक्कर में गाड़ियों की कतार लंबी लाइनें देखने को मिला बंद व्यापक रूप से बंद का मिला जुला असर मुख्य सड़क एन एच-33 पर टायर जलाकर बंद किया गया। ओलचिकी भाषा को लेकर झारखण्ड सरकार से हमारी माँगे – झारखण्ड प्रदेश में संताली भाषा का ओल चिकी लिपि से पुस्तकों का मुद्रण एवं पठन-पाठन आरम्भ करों । संताली शिक्षकों का बहाली हो । संताली भाषा को प्रथम राज भाषा का दर्जा देना होगा। अलग से संताली अकादमी का गठन करना होगा।

इसी मौके पर ओल चिकि हूल बैसी सरायकेला जिला अध्यक्ष डां अर्जुन टुडू, छात्र संगठन सुदामा हेंब्रम, गोपाल मार्डी, गोपाल टू डू, अनिमा टू डू, लखन मुरमू, लखन मुरमू, दिनेश सोरेन, सुजन किस्कू, रतन मार्डी, नरेंद्र हसदा , सुमित टुडू,फागुन मार्डी,सुमित मार्डी,मंगल हांसदा,आदि मुख्य हजारो महिला पुरुष अपने पारंपारिक पोशाक और वाद्ययंत्र व पारंपारिक औजार के साथ रूप से मौजूद थे।

ईचागढ़ विधानसभा में बंदी का दूसरे दिन भी रहा असरदार, ढोल नगाड़े के साथ सड़क पर उतरे।

ईचागढ़ विधानसभा में बंदी का दूसरे दिन भी रहा असरदार, ढोल नगाड़े के साथ सड़क पर उतरे।

सरायकेला/चांडिल

चांडिल : सराइकेला खरसावां जिला के ईचागढ़ विधानसभा में झारखंड बंदी का दूसरे दिन भी रहा असरदार,चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के विभिन्न जगहों में छात्र संघ एवं झारखंडी भाषा खतियानी संघर्ष समिति के सदस्य ने सुबह से ही रोड पर ढोल नगाड़े के साथ उतरकर मुख्य सड़कों को पूरी तरह से किया जाम। जगह जगह के दुकान,शोरूम आदि को बंद कराके बंदी के लिए समर्थन का अपील भी किया।

चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के सिल्ली रंगामटी मुख्य सड़क के मिलनचौक,पुरुलिया टाटा मुख्य सड़क के चांडिल अर्जुनतल में छात्र संघ के सदस्य ने सड़क के बीचों बीच टायर जलाकर रोड को जाम किया,इस बीच रोड पर चल रहे वाहनों का लंबी कतार लगी रहे,छात्र संघ के रास्ते पर प्रदर्शन पर चांडिल थाना प्रभारी अजीत कुमार अपने दल वल के साथ सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात रहा

नियोजन नीति के विरोध में टाटा- कांड्रा मुख्य सड़क डेढ़ घंटे जाम रहे।

नियोजन नीति के विरोध में टाटा- कांड्रा मुख्य सड़क डेढ़ घंटे जाम रहे।

सरायकेला/गम्हरिया

गम्हरिया: 60-40 नियोजन नीति के विरोध में दो दिवसीय झारखंड बंद के दूसरे दिन गम्हरिया प्रदर्शनकारियों ने रविवार को टाटा- कांड्रा मुख्य मार्ग को जाम कर दिया।

रविवार को सुबह डेढ़ घंटे तक गम्हरिया स्थित केरला पब्लिक स्कूल के समक्ष लोगों ने प्रदर्शन किया.झारखंडी भाषा खतियानी संघर्ष समिति एवं संयुक्त झारखंड स्टूडेंट यूनियन के आह्वान पर दो दिवसीय हड़ताल बुलाया गया है. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने 60-40 नाय चलतो, कैसे लिया झारखंड- लड़के लिया झारखंड, जैसे नारे लगाए.टाटा-कांड्रा मुख्य मार्ग पर जाम की स्थिति बनी रही

मौके पर पुलिस भी मुस्तैद रही. हालांकि प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान किसी तरह के कोई हिंसक घटना को अंजाम नहीं दिया. करीब डेढ़ घंटा प्रदर्शन करने के बाद सभी प्रदर्शनकारी वापस लौट गए. बता दें कि राज्य सरकार द्वारा लाए गए 60- 40 नियोजन नीति को लेकर लगातार छात्र संगठनों का विरोध जारी है. इनका कहना है कि इस नीति के लागू होने से यहां के स्थानीय एवं मूलवासियों के अधिकारों का हनन होगा. जिसका वे कभी समर्थन नहीं करेंगे और लगातार विरोध करते रहेंगे

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