सरायकेला/आदित्यपुर
आदित्यपुर बंद कराने सड़क पर उतरे मेयर समेत 40 भाजपाई समर्थक को आदित्यपुर पुलिस ने लिया हिरासत में।
आदित्यपुर क्षेत्र के चप्पे चप्पे पर पुलिस ने अपनी पैनी नजर बनाई हुई है।
( सोनू कुमार सिंह )
साथियों सरायकेला-खरसावां जिले का आदित्यपुर क्षेत्र काफी व्यस्त माना जाता है यहां छुट्टियों के दिन भी ट्रैफिक सिग्नल पर काफी भीड़ देखी जाती है। शायद ही यहां कभी कोई ऐसा दिन हो जब यहां सन्नाटा देखने को मिलता हो अथवा कम भीड़ देखने को मिलती हो और यह काफी दुर्लभ होता है। लेकिन आदित्यपुर के स्थानीय निवासी हिमांशु सिंह के हत्या के बाद वह दिन आया जब आदित्यपुर क्षेत्र में काफी सन्नाटा देखने को मिला लोगों के चेहरे मायूस दिखे। सड़कों पर गाड़ियां कम दिखीं लोगों की भीड़ कम दिखी गाड़ियों में बजने वाले होरन की आवाज कम सुनाई दी।

ज्ञात हो कि जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित ‘डबल डाउन’ बार में किसी बात को लेकर हिमांशु सिंह और उसके दोस्त प्रत्युष की कुछ युवकों से कहासुनी हो गई थी।
इसके बाद बार के बाहर बदमाशों ने पुलिस की मौजूदगी में ही दोनों पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल हिमांशु की सोमवार को इलाज के दौरान टीएमएच में मौत हो गई थी। इस घटना के बाद शहर में कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे थे और व्यापारियों-स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश था।



वही हिमांशु सिंह की हत्या के बाद भाजपाइयों ने 3 जुलाई को बंदी का आवाहन किया था। जिसे देखते हुए आज 03 जुलाई को आदित्यपुर के लगभग तमाम काम बंद रहे। आदित्यपुर सरायकेला खरसावां मुख्य मार्ग के किनारे लगभग लगभग तमाम दुकान बंद पड़े मिले अथवा मुख्य मार्ग पर गाड़ियों की संख्या भी लगभग लगभग ना के बराबर ही देखने को मिली। कई जगहों पर लोगों ने टायर जलाकर बंद के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।

वहीं बंद को सफल बनाने के लिए आदित्यपुर टोल ब्रिज के समीप सड़क पर उतरे करीब 40 से अधिक भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। हिरासत में लिए गए लोगों में आदित्यपुर नगर निगम के मेयर संजय सरदार , विहिप ज़िला अध्यक्ष डॉ जेएन दास समेत कई दिग्गज स्थानीय भाजपा नेता शामिल हैं।

आपको बताते चलें कि उक्त बंदी के आवाहन को सफल बनाने के लिए सुबह से ही बंद के समर्थक सड़कों पर उतरकर हिमांशु सिंह के हत्यारों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त सजा की मांग को लेकर नारेबाजी कर रहे थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल के साथ मौजूद आदित्यपुर थाना प्रभारी अंजनी कुमार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए यातायात बाधित कर रहे पूर्व मेयर संजय सरदार और अन्य कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया और कड़ी सुरक्षा के बीच आदित्यपुर थाने ले गई।
वहीं मामला गंभीरता को देखते हुए सरायकेला-खरसावां के नवनियुक्त एसपी मनोज स्वर्गियारी खुद सुरक्षा व्यवस्था की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल और दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है कहा कि सरायकेला पुलिस सुरक्षा को लेकर पूरी तरह मुस्तैद है। प्रदर्शनकारियों से अपील है कि वे लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखें। कानून हाथ में लेने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।”

वहीं पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी के कारण आदित्यपुर खरकई पुल से लेकर गम्हरिया जाने वाले व्यस्त टाटा-कांदरा मुख्य सड़क पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह सुगम और सामान्य बना हुआ है। हालांकि, हत्याकांड के विरोध में स्थानीय बाजार के कई दुकानदारों ने स्वेच्छा से अपनी दुकानें बंद रखकर विरोध को अपना समर्थन दिया है। फिलहाल पूरे इलाके में पुलिस बल गश्त कर रहा है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।


वहीं इस मामले पर मीडिया को जानकारी देते हुए आदित्यपुर के नवनियुक्त थाना प्रभारी अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि जमशेदपुर में हुए हिमांशु सिंह हत्याकांड मामले को लेकर बुलाए गए बंदी का मिला-जुला असर आदित्यपुर क्षेत्र में भी है। आगे उन्होंने कहा कि आदित्यपुर के महापौर संजय सरदार अपने समर्थकों के साथ सड़क पर उतरे थे लेकिन क्षेत्र में शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने के उद्देश्य से उनके समर्थकों के साथ उन्हें गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि कुल 40 लोगों को गिरफ्तार किया गया है जो कि बीजेपी समर्थक है। उन्होंने कहा कि सड़कों पर शांतिपूर्ण माहौल बना हुआ है कुछ दुकानें खुली है और कुछ दुकान शुभेच्छा से बंद है।





















