सरायकेला/आदित्यपुर
सरायकेला खरसावां जिले के आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र के हथियाडीह के ग्रामीण रास्ता के लिए 5 दिन से धरना पर बैठे हुए हैं। वहीं ग्रामीणों द्वारा कहा गया कि झारखंड सरकार गरीबों की बात करती है ,उन्हें न्याय दिलाने की बात करती है। परंतु हम सभी ग्रामीण रास्ते के लिए 5 दिनों से धरना पर बैठे हुए हैं लेकिन कोई भी आकर हमारी समस्या सुनने को तैयार नहीं है।

वहीं 29 नवंबर को भारतीय जनता पार्टी एस टी मोर्चा राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य रमेश हांसदा ने हथियाडीह गांव बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले 5 दिनों से बैठे हुए धरना में लोगों को समर्थन देने पहुंचे। रमेश हांसदा ने कहा कि जल जंगल के नाम पर झारखंड मुक्ति मोर्चा ने राज्य में सत्ता काबिज किया और आज आदिवासी जल जंगल जमीन बचाने के लिए 5 दिन से धरने में बैठे हैं। लेकिन अभी तक किसी ने शुद्ध तक नहीं ली बात तक करना प्रशासन ने उचित नहीं समझा। यहां का विधायक सह मंत्री चंपई सोरेन इन्हीं आदिवासियों मूलवासी का वोट लेकर के आज मंत्री बना है । लेकिन आज कंपनी के दलाली करने से लोग बाज नहीं आ रहे हैं। वैसे लोगों को इनका राजनीतिक हकीकत बताना चाहिए।
आगे रमेश हांसदा ने कहा कि हेमंत सोरेन हर मंच में डींग हांकते फिर रहे है. झारखंड की जमीन में आदिवासी मूलवासी का अधिकार है.लेकिन यहां पर तो ठीक इसका उल्टा हो रहा है. झारखंड बनने से पहले यहां के लोगों ने सोचा था कि, हम लोग का आदिवासी मुख्यमंत्री माटी का पुत्र यदि बनेगा तो उनका हर सुख-दुख में भागीदारी निभाएगा, लेकिन झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता केवल मंच में ही बड़े-बड़े डींग हांकते फिरते हैं. जमीन में आम आदिवासी मरे कोई मतलब नहीं है. इन ग्रामीण लोगों का केवल एक ही मांग है की जो खतियान के नक्शे में जो रास्ता है। वह रास्ता उन लोगों को दे दिया जाए और जो यहां के अधिकारी गलत तरीके से नक्शा का रास्ता हटा करके अधिकरण कराया है ऐसे अधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।
रमेश हांसदा ने आंदोलन में बैठे ग्रामीणों को कहा की इस लड़ाई में हम ग्रामीणों के साथ लक्ष्य की प्राप्ति तक साथ रहेंगे और आश्वासन दिया कि उनकी इस लड़ाई को राज्य सरकार तक, विपक्ष के नेता अमर बावरी के मार्फत और जिला अध्यक्ष विजय महतो के मार्फत पहुंचाएगा।













