सरायकेला/आमदा
खरसावां के आमदा ओपी अंतर्गत चल रही है नशे का अवैध कारोबार। ग्रामीणों ने सरायकेला खरसावां के पुलिस अधीक्षक से पत्रकार के माध्यम से लगाई गुहार।
वहीं ग्रामीणों ने यह भी बताया है कि आमदा ओपी थाना प्रभारी के संज्ञान में होने के बावजूद भी फल फूल रहा है जिले के आमदा ओपी अंतर्गत नशे का कारोबार।
कारोबारी थाना मैनेज कर बेच रहे हैं जहरीले नशीली शराब।
जहरीली नशीली शराब का अवैध कारोबार इन दिनों आमदा ओपी क्षेत्र में काफी फलता-फूलता नजर आ रहा है।
वहीं क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि हमारी आवाज जिला के पुलिस कप्तान तक पहुंचा दीजिएगा हम तो गरीब हैं थाना प्रभारी सुनते ही नहीं है और हमें डांट कर भगा देते हैं।
सीधे लफ्जों में कहा जाए तो आबकारी विभाग के दरोगा भी कहीं ना कहीं इस अवैध नशीली कारोबार में मिली भगत होने की सूत्रों ने जानकारी दी है।

शराब बेचने और आंख बंद कर बिकवाने वाले मालामाल और शराब पीने वाले गरीब लाचार और परिवार बेहाल।
कई अवैध कारोबारों का अड्डा बनता जा रहा है खरसावां का आमदा ओपी।
आपको बताते चले कि करीब करीब बीता हुआ दो बरसों के आसपास ऐसे ही एक घर का आंगन सुना पड़ गया शराब पिलाकर , जहां शराब पिलाकर नशा में हत्या कर तालाब के पास मिली लाश से क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। जिसकी एफआईआर आमदा ओपी मे दर्ज है। शराब पिलाकर मर्डर कर दिया जिसका तहकीकात कर 1 साल के बाद पीड़िता को न्याय मिला था। और आरोपी जेल के सलाखों के पीछे गया था।
अब सूत्रों ने यह भी जानकारी दी है कि वही आलम फिर से क्षेत्र में नजर आ रहा है थाना प्रवाही की लापरवाही एवं गैर जिम्मेदाराना हरकतों से नाराज आमदा ओपी के क्षेत्र के वासी ने सरायकेला खरसावां के पुलिस कप्तान से न्याय की गुहार लगाई।
सूत्रों ने यह भी जानकारी दी है कि इस मामले में ग्रामीणों की आवाज को पत्रकार ने पुलिस कप्तान तक पहुंचने में काफी सहायता प्रदान की है जिससे कि पत्रकार के ऊपर भी अब शराब कारोबारीयों द्वारा जान माल का खतरा बना हुआ है।
नीचे भी पढ़ें….
अवैध शराब के कारोबार के मामले में थाना प्रभारी निम्नलिखित धाराओं के तहत कार्रवाई कर सकते हैं:
अवैध शराब के कारोबार से संबंधित धाराएं
- उत्पाद शुल्क अधिनियम: यह अधिनियम शराब के उत्पादन, वितरण, और बिक्री को नियंत्रित करता है।
- आबकारी अधिनियम: यह अधिनियम शराब के उत्पादन, वितरण, और बिक्री के लिए लाइसेंस और शुल्क का प्रावधान करता है।
- धारा 272 आईपीसी: यह धारा खाद्य पदार्थों में मिलावट करने के लिए सजा का प्रावधान करती है, जिसमें शराब भी शामिल हो सकती है।
- धारा 273 आईपीसी: यह धारा हानिकारक खाद्य पदार्थों की बिक्री के लिए सजा का प्रावधान करती है।
- धारा 328 आईपीसी: यह धारा किसी को नुकसान पहुंचाने के लिए जहर या हानिकारक पदार्थ देने के लिए सजा का प्रावधान करती है।
अन्य संबंधित धाराएं
- धारा 34 आईपीसी: यह धारा साझा इरादे के साथ अपराध करने के लिए सजा का प्रावधान करती है।
- धारा 120बी आईपीसी: यह धारा आपराधिक साजिश के लिए सजा का प्रावधान करती है।
इन धाराओं के तहत थाना प्रभारी अवैध शराब के कारोबार में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई कर सकते हैं और उन्हें सजा दिला सकते हैं।

