सिर्फ चुनाव के समय की राजनीतिक नहीं करती हूं, दुख सुख में सदैव खड़ी रहती हूं, सांसद गीता कोड़ा

सिर्फ चुनाव के समय की राजनीतिक नहीं करती हूं, दुख सुख में सदैव खड़ी रहती हूं, सांसद गीता कोड़ा

सरायकेला/किरीबुरू

किरीबुरू: सिर्फ चुनाव के समय की राजनीतिक नहीं करती हूं, बल्कि सालों भर जनता के साथ दुःख-सुख में सदैव खड़ी रहती हूं. सारंडा के तमाम सुदूरवर्ती गांवों तक सड़क की कनेक्टीविटी होगी. इसके लिये युद्ध स्तर पर कार्य जारी है. उक्त बातें सांसद गीता कोड़ा ने तितलीघाट गांव में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सारंडा के ग्रामीण जनता को संबोधित करते हुये कहा. सांसद ने कहा कि जनता की समस्या आते रहती है, मैं सभी समस्याओं का निदान प्रमुखता से करती रहती हूं.जितना आसानी से सभी क्षेत्रों की जनता के पास उपलब्ध रहती हूं वैसी मेहनत करने वाला कोई नहीं. यहीं वजह है कि सभी क्षेत्र के लोग मुझे निरंतर प्यार देते हुये हमारे साथ जुड़ते जा रहे हैं।

इस दौरान सांसद गीता कोड़ा एवं विधायक सोनाराम सिंकू ने सारंडा के महिलाओं व पुरुषों के बीच 100-100 साड़ी एवं धोती का वितरण किया. कार्यक्रम में सारंडा के विभिन्न गांवों व संगठनों के लगभग 35 कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस का दामन थामा. सभी का उन्होंने माला पहनाकर स्वागत किया. उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता हीं संगठन व हमारी रीढ़ हैं. सभी कार्यकर्ता जनता की सेवा में लग जायें।

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सारंडा वन प्रमंडल का 74वां वन महोत्सव कार्यक्रम सम्पन्न।

सारंडा वन प्रमंडल का 74वां वन महोत्सव कार्यक्रम सम्पन्न।

सरायकेला/किरीबुरु

किरीबुरु: सारंडा वन प्रमंडल के ससंग्दा (किरीबुरु) वन प्रक्षेत्र के तत्वाधान में 74 वां वन महोत्सव किरीबुरु के प्रोस्पेक्टिंग स्थित दुर्गा पूजा पंडाल में मनाया गया।

कार्यक्रम का शुभारम्भ बतौर मुख्य अतिथि नोवामुंडी प्रखंड प्रमुख पूनम गिलुवा, विशिष्ट अतिथि सारंडा के प्रभारी डीएफओ आलोक कुमार वर्मा, सीआरपीएफ 26 बटालियन के सहायक कमांडेंट शिबु मलिक, सीआईएसएफ के इन्स्पेक्टर रुपेश लखवार, रेंजर शंकर भगत, मुखिया लिपि मुंडा, सेल अधिकारी संदीप भारद्वाज, रिषभ सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

इसके बाद वन विभाग ने सभी अतिथियों को पौधा भेंट कर सम्मानित किया.मुख्य अतिथि पूनम गिलुवा ने कहा कि जंगल व पेड़-पौधे हमारे जीने का आधार है. इसके बगैर हम एक पल भी जिंदा नहीं रह सकते हैं. हम आदिवासी सदैव प्रकृति व पर्यावरण प्रेमी रहे हैं. हमें लकड़ी की जगह गैस का इस्तेमाल इंधन के रूप में करना चाहिए. प्रत्येक व्यक्ति 10-10 पौधा लगाये. सारंडा के प्रभारी डीएफओ आलोक कुमार वर्मा ने कहा कि बच्चे देश के भविष्य हैं. आप वन व पर्यावरण की रक्षा में अहम भूमिका निभा सकते हैं. आपको अपने परिवार व समाज को वन व पर्यावरण की रक्षा हेतु जागरूक करने की जरुरत है. रेंजर शंकर भगत ने कहा कि सारंडा जंगल को सिर्फ आग व कटाई से बचा दिया जाये तो इस जंगल में वन महोत्सव मनाने की कभी जरूरत नहीं पडे़गी. सीआरपीएफ 26 बटालियन के सहायक कमांडेंट शिबु मलिक ने कहा कि देश की उन्नति पर्यावरण के बगैर नहीं हो सकती. पेड़ हमारे लिये अनमोल है. यह हमारी जीने आधार है.

इस दौरान सेल अधिकारी, मजदूर नेता वीर सिंह मुंडा, पर्यावरण प्रेमी अरविन्द चौहान, सुमित कुमार, शंकर पांडेय, छोटे लाल मिश्रा, अभय सिंह, मोनिका, सालिनी, रब्बे आलम उपस्थित थे।

अनिश्चितकाल के लिए ठप किया जाए दोनों खदानों का उत्पादन व डिस्पैच – मधु कोड़ा

अनिश्चितकाल के लिए ठप किया जाए दोनों खदानों का उत्पादन व डिस्पैच – मधु कोड़ा

सरायकेला/किरीबुरू

किरीबुरू: सेल की किरीबुरू-मेघाहातुबुरु प्रबंधन ने हीं खदान के स्थापना काल में किरीबुरू में बाहर से लोगों को अपने उत्पादन कार्य के लिए बसाया. आज जब प्रबंधन का उद्देश्य पुरा हो गया तो यहां बसे लोगों को भगा रहा है. ऐसा किसी भी कीमत पर होने नहीं दिया जाएगा. दोनों प्रबंधनों का गेट अनिश्चितकाल के लिए जाम कर उत्पादन व माल ढुलाई ठप कर दिया जाएगा।

उक्त बातें पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने किरीबुरू-मेघाहातुबुरु के दुकानदारों व विभिन्न बस्ती के लोगों की शिकायत सुनने के बाद कहा. उन्होंने कहा कि यहां विभिन्न बस्तियों में रहने वाले लोगों के पूर्वजों को 60 वर्ष पूर्व सेल प्रबंधन ने खदान में काम करने के लिए लाया था. तब यहां के घने जंगल, जंगली जानवरों, मलेरिया, आवागमन व कोई सुविधा नहीं रहने के कारण कोई रहना नहीं चाहता था. लोग भाग जाते थे.प्रबंधन पकड़-पकड़ लाता एवं किरीबुरू में चटाई आदि का झोपड़ी बनाकर रहने को कहता था. आज वैसे हीं लोगों को प्रबंधन नोटिस देकर जमीन खाली करने बोल रहा है. ऐसा नहीं होने दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि आज भी सेल की किरीबुरु-मेघाहातुबुरु खदान में लगभग 1700 ठेका मजदूर, सैकड़ों दुकानदार, उनके परिवार एवं बस्ती के लोग दोनों प्रबंधनों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से निरंतर सेवा दे रहे हैं.सेल प्रबंधन नालायक व गरीबों का शोषक है. प्रबंधन के खिलाफ बडी लड़ाई लड़ी जाएगी. इसके लिए सभी को अपने-अपने घर से निकलना होगा. प्रबंधन गलत कह रही है कि अतिक्रमण नहीं हटने की वजह से उसको लीज नहीं मिल रहा है. लीज की अनेक प्रक्रिया होती है. पहले भी लीज मिला है. पुलिस फोर्स को लेकर प्रबंधन ग्रामीणों को डर नहीं दिखाए इससे स्थिति और खराब होगी

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