पश्चिमी सिंहभूम,,उप विकास आयुक्त संदीप बक्शी की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित सभागार में डीएमएफटी से संबंधित समीक्षात्मक बैठक आहूत की गई

पश्चिमी सिंहभूम,,उप विकास आयुक्त संदीप बक्शी की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित सभागार में डीएमएफटी से संबंधित समीक्षात्मक बैठक आहूत की गई

पश्चिम सिंहभूम

चाईबासा

( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )

चाईबासा: उपायुक्त पश्चिमी सिंहभूम अनन्य मित्तल के निर्देशानुसार उप विकास आयुक्त संदीप बक्शी की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित सभागार में डीएमएफटी से संबंधित समीक्षात्मक बैठक आहूत की गई

बैठक में सभी कार्यकारी एजेंसी द्वारा वित्तीय वर्ष 2022-23 में संचालित योजनाओं यथा विद्यालयों में पेयजल,शौचालय एवं मरम्मती तथा अन्य प्रक्षेत्र में स्वीकृत योजनाओं की भौतिक स्थिति तथा संचालित वैसे योजनाओं का जिसका निविदा अब तक नहीं कराया गया है उसका निविदा करा कर जल्द से जल्द कार्य पूर्ण करने का निर्देश सभी कार्यकारी एजेंसी को दिया गया

जल मीनार की योजनाओं को जो अब तक प्रगति में है उसे यथाशीघ्र पूर्ण कराते हुए प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया l साथ ही एक सप्ताह के अंदर सभी कार्यकारी एजेंसियों को एकरारनामा कराने का निर्देश दिया गया l
बैठक में मुख्य रूप से प्रभारी पदाधिकारी विकास शाखा पारुल सिंह सहित सभी कार्यकारी एजेंसी के कार्यपालक अभियंता उपस्थित थे

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सीएस ( तुलनात्मक विवरिणी ) कराने के नाम पर विभागों द्वारा संवेदकों से 11% की भारी राशि वसूली पर अविलंब रोक लगाने की ग्रामीण संवेदक संघ नें उठाई आवाज

सीएस ( तुलनात्मक विवरिणी ) कराने के नाम पर विभागों द्वारा संवेदकों से 11% की भारी राशि वसूली पर अविलंब रोक लगाने की ग्रामीण संवेदक संघ नें उठाई आवाज

चाईबासा

पश्चिमी सिंहभूम जिले में ढाई करोड़ से नीचे की जिला स्तरीय विकास योजनाओं के निविदा में डबल बिड की बाध्यता को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने तथा पथ निर्माण विभाग (आरसीडी) से निबंधित संवेदकों को पूर्व की भांति सभी विभागों के निविदा में भाग लेने की छूट देने और सीएस ( तुलनात्मक विवरिणी ) कराने के नाम पर विभागों द्वारा संवेदकों से 11% की भारी राशि वसूली पर अविलंब रोक लगाने की ग्रामीण संवेदक संघ नें उठाई आवाज

चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले में ढाई करोड़ से नीचे की जिला स्तरीय विकास योजनाओं के निविदा में डबल बिड की बाध्यता को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने तथा पथ निर्माण विभाग (आरसीडी) से निबंधित संवेदकों को पूर्व की भांति सभी विभागों के निविदा में भाग लेने की छूट देने और सीएस ( तुलनात्मक विवरिणी ) कराने के नाम पर विभागों द्वारा संवेदकों से 11% की भारी राशि वसूली पर अविलंब रोक लगाने समेत अन्य कई मांगों को लेकर प्रदेश कांग्रेस सचिव श्री अशरफुल होदा और ग्रामीण संवेदक संघ पश्चिमी सिंहभूम के अध्यक्ष श्री सुनील सिरका के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल जिसमें श्री सोनाराम देवगम, श्री निराकर बिरवा, श्री नारायण बानरा, मो० मुजाहिद अहमद, मोहम्मद इमरान ने आज दिनांक 23 फरवरी 2023 को ग्रामीण विकास मंत्री श्री आलमगीर आलम से रांची स्थित उनके आवास पर जाकर मिला ।

माननीय मंत्री महोदय के साथ प्रतिनिधिमंडल ने ग्रामीण संवेदक संघ के द्वारा पूर्व में उठाए गए सभी मुद्दों पर विस्तृत रूप से विन्दुवार चर्चा किया । माननीय मंत्री महोदय से प्रतिनिधिमंडल का वार्ता काफी साकारात्मक रहा उन्होंने सभी बातों को काफी गंभीरता से लिया| विन्दुवार चर्चा उपरांत माननीय मंत्री श्री आलमगीर आलम ने प्रतिनिधिमंडल को यथाशीघ्र सभी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया| माननीय मंत्री जी से मिलने के लिए संघ के प्रतिनिधिमंडल के अलावा संवेदक श्री हरि चरण गोप, आदित्य विक्रम तिरिया, संजय अखाड़ा, राहुल गोप, मोहम्मद राज, मोहम्मद अबदीन, गोविंद चंद्र पान, प्रकाश पिंगुवा, दीपक करोवा, अभिराम देवगम, रोशन जमाल, मनोरंजन दास, रितेश तामसोय, इकबाल अहमद, रुपेश बिरुली उपस्थित थे।

प्रेमी से विडियो कॉल पर बात करना प पड़ा महंगा, पिता और भाई नें सादिया को उतार दी मौत के घाट और शव को कुंएं में फेंका

प्रेमी से विडियो कॉल पर बात करना प पड़ा महंगा, पिता और भाई नें सादिया को उतार दी मौत के घाट और शव को कुंएं में फेंका

चाईबासा

चाईबासा: कहते है प्यार पर जब जब पहरा पड़ा तब तब प्यार और गहरा हुआ है,लेकिन सादिया को अपने प्रेमी से बिडियो कॉल से बात करना पड़ गया महंगा। ऐसी कि जान से हाथ गवानी पड़ी।वह भी उसके हाथों से जिसने बच्चा से पाल पोस कर बड़ा किया

पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर अनुमंडल मुख्यालय में पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर थाना क्षेत्र के ईचिड़ासाई में बीते दिनों कुंए से सादिया कौसर (20) का शव बरामद किया गया था।

इस मामले में मृतका के पिता मो मुस्तफा के बयान पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। हालांकि अनुसंधान के क्रम में जो बाते सामने आई उसने पुलिस को भी सोंचने पर मजबूर कर दिया।

दरअसल सादिया की हत्या उसी के परिजनों ने की थी। सादिया का कसूर सिर्फ इतना था कि वह बस्ती के ही एक लड़के से प्रेम करती थी।परिजनों ने उसे अपने प्रेमी से वीडियो कॉल पर बात करते पकड़ लिया था जिसके बाद उसकी हत्या कर शव को कुंएं में फेंक दिया था।दूसरे दिन पिता ने चक्रधरपुर थाने में बेटी की गुमशुदगी की प्राथमिकी भी दर्ज करा दी थी।

इस मामले में पुलिस मृतका के पिता मो. मुस्तफा अहमद, भाई मो. बकाश और मो. शाद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। हत्या कर शव को अर्धनग्न कर कुंएं में फेंका

घटना की जानकारी देते हुए एसपी अशुतोष शेखर ने बताया कि 10 फरवरी को मो मुस्तफा द्वारा थाने में शिकायत कराई गई कि उसकी बेटी सादिया 9 फरवरी की रात से लापता है इसके ठीक तीन दिन बाद 13 फरवरी को घर के पास ही एक कुंएं से सादिया का शव बरामद किया गया था। शव अर्धनग्न अवस्था में था इसलिए परिजनों ने दुष्कर्म कर हत्या की आशंका जताई थी।जब मामले में अनुसंधान किया गया तब जानकारी मिली कि परिजनों ने ही सादिया की हत्या की है।
पूछताछ में मो. मुस्तफा ने बताया कि 9 फरवरी की रात सादिया बस्ती के ही एक युवक से वीडियो कॉल पर बात कर रही थी। बेटे ने उसे बात करते पकड़ा और मारपीट करने लगा। इसी बीच सादिया गिर गई जिस कारण उसे सिर पर चोट आई और वह बेहोश हो गई।सभी को लगा कि उसकी मौत हो गई है।रात को ही उसे अर्धनग्न अवस्था में मुंह में कपड़ा ठूंस दिया और पत्थर बांधकर कुंएं में फेंक दिया। ताकि किसी को लगे की उसके साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या की गई है। दूसरे दिन थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट करा दी।

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जगन्नाथपुर प्रखंड में पिछले 5 माह से राशन वितरण नहीं करने को लेकर अखिल भारतीय क्रांतिकारी आदिवासी महासंघ नें किया उपायुक्त से शिकायत

जगन्नाथपुर प्रखंड में पिछले 5 माह से राशन वितरण नहीं करने को लेकर अखिल भारतीय क्रांतिकारी आदिवासी महासंघ नें किया उपायुक्त से शिकायत

चाईबासा

चाईबासा: पश्चिम सिंहभूम के जगन्नाथपुर प्रखंड में पिछले 5 माह से राशन वितरण नहीं करने को लेकर अखिल भारतीय क्रांतिकारी आदिवासी महासभा के जिला अध्यक्ष सह जिला परिषद मानसिंह तिरिया व ग्रामीण पहुंचे उपायुक्त के समक्ष

उपायुक्त से मुलाकात कर समस्या का समाधान करने की मांग की गई डीलर द्वारा पिछले 5 माह से राशन वितरण नहीं करने के विरोध डीलर का लाइसेंस रद्द करने की भी ग्रामीणों ने मांग रख। ग्रामीणों ने कहा ग्राम गुमरिया, लखीपाई,मसाबिला के राशन डीलर द्वारा राशन वितरण समय पर नहीं करता है जिससे कार्ड धारी लाभुकों में काफी आक्रोश है,

सभी कार्ड धारियों का कहना कि –

ग्राम-गुमरिया, पंचायत – गुमरिया, प्रखंड- जगन्नाथपुर में राशन डीलर नवीन आनंद पिंगुवा द्वारा राशन कार्ड धारियों लाभुकों को पिछले सितंबर, अक्टूबर,नवंबर, दिसंबर, जनवरी कुल 5 माह का राशन वितरण नहीं किया गया है और मुफ्त राशन भी वितरण नहीं किया है ,जब राशन कार्ड धारियों द्वारा डीलर से राशन की मांग करने पर कार्ड धारियों के साथ गाली- गलौज धमकाया जाता है, एवं राशन वितरण,पंचिंग कराने को लेकर लाभुकों से कार्ड जमा करा कर फर्जी राशन वितरण के नाम पर कार्ड में अंकित कर दिया जाता है

ग्राम- मसाबिला, पंचायत -गुमरिया, प्रखंड- जगन्नाथपुर, में साधुचरण लागुरी राशन डीलर द्वारा पिछले अगस्त, सितंबर, दिसंबर एवं जनवरी माह तक राशन वितरण नहीं किया गया, राशन कार्ड धारियों का कार्ड में फर्जी तरीके से राशन कार्ड में अंकित कर दिया गया है।

ग्राम- लखीपाई,पंचायत- गुमरिया,प्रखंड- जगन्नाथपुर में संजीत कुमार लागुरी राशन डीलर द्वारा पिछले नवंबर, दिसंबर, जनवरी माह का राशन वितरण नहीं किया गया है, राशन कार्ड धारी लाभुकों का राशन कार्ड में फर्जी राशन वितरण कार्ड में अंकित कर दिया गया है। तीनों राशन डीलरो से ग्रामीण कार्ड धारी लाभुक परेशान है क्योंकि जब से डीलर का काम मिला है तब से गरीब कार्ड धारियों के साथ अच्छा व्यवहार नहीं करते हैं। और तीनों डीलर का कहना है हम मुख्यमंत्री-संसद का आदमी है हमको कोई कुछ नहीं कर सकता है। डीलर का कार्य कार्ड धारियों को चावल राशन वितरण करना है, लेकिन ऐसा नहीं है कार्ड धारी लाभुकों को संरक्षण देने के बजाय, डीलर को संरक्षण मिलता है क्योंकि इस लूट में अफसरों का भी बहुत बड़ा रोल है। इन डीलरों के खिलाफ राशन वितरण गड़बड़ी को लेकर पूर्व में धरना प्रदर्शन कर मांग किया गया था लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे साफ पता चलता है की डीलर को अफसरों की संरक्षण मिली है,और कार्ड धारी लाभुकों की समस्याओं को देखते हुए अभिलंब जांच पड़ताल कर कारवाई किया जाए अन्यथा हम सभी आपके कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन अनशन करेंगे। नोट उपायुक्त से मुलाकात करने पर ज्ञापन सौंपा गया ज्ञापन पर 5 माह का राशन नहीं मिलने के बारे में बात को रखें तो उपायुक्त महोदय भी विश्वास नहीं कर रहे हैं कि कैसे 5 माह का राशन नहीं मिला, मैंने जवाब दिया इन तीनों राशन डीलरों की मनमानी आज से नहीं कई वर्षों से इसी तरह का ग्रामीणों को ठगने का काम करते आ रहे हैं इसलिए जांच कराया जाए उपायुक्त ने कहा जांच जरूर होगा। और पेयजल की समस्या पर बात को रखा गया पेयजल को लेकर सूची बनाकर देने का आश्वासन दिया। खराब चापाकल मरम्मत हो जाएगी।प्रतिलिपि- माननीय मुख्यमंत्री, झारखंड सरकार, रांची।मुख्य सचिव,झारखंड सरकार, रांची।माननीय, रामेश्वर उरांव खाद्य आपूर्ति मंत्रीझारखंड सरकार,रांची। उपायुक्त महोदय, चाईबासा, पश्चिम सिंहभूम। जिला खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी
चाईबासा पश्चिम सिंहभूम। प्रखंड विकास पदाधिकारी जगन्नाथपुर पश्चिम सिंहभूम को प्रेषित कर दिया गया है शव

मौके पर पंचायत समिति सदस्य सुभाष लागुरी, वार्ड सदस्य राकेश पूर्ति, ग्रामीण डाकुआ , गुरुचरण पुरती, बाबूलाल महतो,हरिश तमसोय,टुपरा सिकु, राकेश दोराईबुरू, आदि हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन सौंपा गया।

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जिला प्रशासन और टाटा स्टील फाउंडेशन मिलकर पेसा कानून और कोल्हान की पारंपरिक स्वशासन प्रणाली मानकी मुंडा व्यवस्था को समाप्त करने की दिशा में कार्य कर रहे

जिला प्रशासन और टाटा स्टील फाउंडेशन मिलकर पेसा कानून और कोल्हान की पारंपरिक स्वशासन प्रणाली मानकी मुंडा व्यवस्था को समाप्त करने की दिशा में कार्य कर रहे

चाईबासा

चाईबासा: जिला प्रशासन और टाटा स्टील फाउंडेशन मिलकर पेसा कानून और कोल्हान की पारंपरिक स्वशासन प्रणाली मानकी मुंडा व्यवस्था को समाप्त करने की दिशा में कार्य कर रहे है।यह प्रतिक्रिया झारखंड पुनरूत्थान अभियान के संयोजक सन्नी सिंकु ने दी है।

टाटा स्टील फाउंडेशन के तत्वाधान में विगत 10 फरवरी 2023 को उपायुक्त की अध्यक्षता में समाहरणालय कक्ष में बैठक की गई थी।

उस बैठक में संबंधित प्रखंड के विकास पदाधिकारियों और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में निर्वाचित जन प्रतिनिधियों को ही बुलाया गया था।जिसमें टाटा स्टील फाउंडेशन ने जमशेदपुर कालिंगनगर डेवलपमेंट कॉरिडोर प्रोजेक्ट की भूमिका पर चर्चा की थी। जिसमें कहा गया था 286 किलोमीटर के बीच 450 गांव को संवारने का जिम्मेदारी अब कॉरिडोर प्रोजेक्ट के तहत उनकी जिम्मेदारी है। जिस आयाम को आगे बढ़ाते हुए टाटा स्टील फाउंडेशन ने 21 फरवरी 2023 को हाटगमरिय प्रखंड के प्रखंड विकास भवन के सभा कक्ष में बीडीओ ने बैठक का आयोजन किया है। जिस बैठक में विकास से संबंधित और निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है।

ताज्जुब लगता है कोल्हान में पारंपरिक स्वशासन प्रणाली के तहत मानकी मुंडा व्यवस्था आज भी लागू है।लेकिन कोल्हान के मानकी मुंडाओं को टाटा स्टील फाउंडेशन और बीडीओ ने बैठक में आमंत्रित नहीं किया है, न ही जिला समाहरणालय में संपन्न बैठक में उपायुक्त ने मानकी मुंडाओं को आमंत्रित किया था। जबकि भारत की संविधान में 73 वी संशोधन के तहत आदिवासी क्षेत्रों की पारंपरिक स्वशासन को नौकरशाह द्वारा कमजोर करने से रोकने के लिए ही PESA कानून 1996 बनाया गया। और कोल्हान को 1854 में ही नॉन रेगुलेशन एरिया घोषित किया गया था। जो कालांतर में महामहिम राष्ट्रपति द्वारा झारखंड के 13 जिलों सहित प.सिंहभूम चाईबासा को अनुसूचित जिला घोषित किया गया है। तब अनुसूचित जिला से सबंधित संविधान प्रदत्त कानून को लागू करने का दाहित्व जिला प्रशासन का है। झारखंड पुनरूत्थान अभियान जिला प्रशासन और टाटा स्टील फाउंडेशन से पूछना चाहती है। कोल्हान में मानकी मुंडा स्वशासन प्रणाली का अंग है।जिनको रिकॉर्ड ऑफ राइट के तहत हुकुकनामा प्राप्त है। जब संविधान में मानकी मुंडा की पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को अक्षुण,यथावत रखने के लिए ग्राम सभा का पदेन अध्यक्ष के रूप में मान्यता प्रदान किया गया है तो इन्हें टाटा स्टील फाउंडेशन की बैठक में क्यों नहीं बुलाया जा रहा है?

क्या टाटा स्टील फाउंडेशन और बीडीओ जमीन पर विकास का कार्य नहीं कर आकाश में करने के लिए उन्मुखीकरण बैठक का आयोजन किया है? जिला प्रशासन और टाटा स्टील फाउंडेशन इसका जवाब कोल्हान की जनता को सार्वजनिक तौर पर दे।

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मधु कोड़ा,सांसद गीता कोड़ा व संयुक्त यूनियनों ने एमडीओ के विरोध विशाल विरोध प्रदर्शन किया, प्रबंधन को सौंपा मांग पत्र

मधु कोड़ा,सांसद गीता कोड़ा व संयुक्त यूनियनों ने एमडीओ के विरोध विशाल विरोध प्रदर्शन किया, प्रबंधन को सौंपा मांग पत्र

चाईबासा

( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )

मधु कोड़ा,सांसद गीता कोड़ा व संयुक्त यूनियनों ने एमडीओ के विरोध विशाल विरोध प्रदर्शन किया, प्रबंधन को सौंपा मांग पत्र

चाईबासा: गुवा सेल खदान में एमडीओ के विरुद्ध झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, सांसद गीता कोड़ा के नेतृत्व में संयुक्त यूनियनों ने विशाल विरोध प्रदर्शन कर सेल प्रबंधन को मांग पत्र सौंपा।

इस विरोध प्रदर्शन को लेकर सबसे पहले पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, सांसद गीता कोड़ा व संयुक्त यूनियनों ने गुवा सेल के फुटबॉल मैदान में एक बैठक कर एमडीओ के विरुद्ध विभिन्न नारे लगाते हुए रैली निकाली। यह रैली गोवा सेल के फुटबॉल मैदान से होते हुए कच्ची धौड़ा, विवेक नगर, रेलवे मार्केट, रामनगर तथा गुवा बाजार होते हुए रामनगर में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया।

अपने संबोधन में मधु कोड़ा ने कहा कि सेल प्रबंधन गुवा सेल खदान को एमडीओ का नाम देकर एक निजी कंपनी ठेकेदार को देना चाह रही है। परंतु यहां के सभी संयुक्त यूनियन, सेलकर्मी तथा सारंडा के आसपास गांव के ग्रामीण इसका पुरजोर विरोध करती है। गुवा सेल खदान में निजीकरण कभी भी नहीं होने दिया जाएगा। चाहे इसके लिए क्यों ना हमें आंदोलन करना पड़े या सेल का चक्का जाम करना पड़े। सेल में निजीकरण होने से सेल में होने वाली बहाली पूरी तरह से बंद हो जाएगी। यहां के स्थानीय को रोजगार नहीं मिलेगा। और सेल प्रबंधन द्वारा ऐसा करने का हम विरोध करते हैं और किसी भी हालत में एमडीओ को गुवा नहीं आने दी जाएगी।

वंही सांसद गीता कोड़ा ने लोगों को संबोधित कर कहा कि सेल प्रबंधन एमडीओ के नाम पर यहां के लोगों को लॉलीपॉप पकड़ा दे रही है। यहां के लोग एम डी ओ के बारे में कुछ जानते भी नहीं है। एमडीओ क्या है। इसका मतलब होता है माइनिंग डेवेलपर्स ऑपरेशन। परंतु यहां के मजदूर गुवा सेल खदान में 2 मिलियन से बढ़ाकर 4.2 मिलीयन तक कर दिया है। मजदूरों में अभी भी ताकत है कि इसे 10 मिलियन टन तक कर सकता है। जब मजदूरों में इतनी क्षमता है तो बाहर से बुलाकर प्राइवेट को देने की क्या जरूरत। अगर सेल प्रबंधन एमडीओ को वापस नहीं लेती है तो सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करेंगे।

जनसभा को संबोधित करने के बाद विशाल जुलूस पैदल मार्च करते हुए सेल के जेनरल ऑफिस समक्ष प्रदर्शन किया। उसके बाद सेल प्रबंधन को मांग पत्र सौंपा। उन्होंने अपने मांग पत्र में लिखा कि गुवा लौह अयस्क खान में आजादी के पहले से खनन कार्य चल रहा है। जिसमें टेक्निकल व नन टेक्निकल लगभग 2000 कर्मी नियमित रूप से कार्य करते हुए आ रहे हैं। खनन की क्षमता 2.9 मिलियन टन से प्रतिवर्ष लौह अयस्क उत्पादन 4.2 मिलियन टन प्रतिवर्ष हो गया है। अब गुवा खदान में कार्यरत स्थाई कर्मचारी की संख्या मात्र 400 से भी कम रह गया है। इसके स्थान पर बहाली के नाम पर बहुत ही कम लोगों को लिया गया है और ठेका मजदूरों से टेक्निकल व नन टेक्निकल कार्य कराया जा रहा है। जो श्रम कानून का घोर उल्लंघन है। ज्ञात हो कि कॉन्ट्रैक्ट लेबर (रेगुलेशन व एबोलिशन) एक्ट 1970 के सेक्शन 10 सब सेक्शन 1 मैं व्यवस्था दिया गया है की कोर एक्टिविटी जो 24 घंटो और सालों भर चलने वाले कार्य पर मुख्य नियोक्ता कंपनी ठेका मजदूरों से नहीं करा सकता है। परंतु अब गुवा अयस्क खान द्वारा खनन कार्य का काम स्थाई रिक्त पदों पर बहाली कर काम नहीं कराया जा रहा है। बल्कि उल्टे श्रम कानून,लेबर कानून को ताक में रखकर सार्वजनिक कंपनी सेल द्वारा अब गुवा अयस्क खदान की खनन की कार्य एमडीओ के माध्यम से निजी ठेकेदार को देकर श्रम कानून का उल्लंघन किया जा रहा। सेल प्रबंधन से मांग करते हैं कि गुवा लौह अयस्क खान सेल द्वारा एमडीओ के माध्यम से नहीं कराया जाए, गुवा सेल कंपनी में जितने रिक्त पद(टेक्निकल व नन टेक्निकल) है उनकी बहाली अभिलंब निकाल कर रिक्त पद भरा जाए, गुवा सेल कंपनी में स्थाई बहाली में स्थानीय ग्रामीण व मजदूर के परिजनों को प्राथमिकता दी जाए, गुवा सेल कंपनी में सीएसआर के तहत अपने अपने पेरीफेरल क्षेत्र में सामुदायिक विकास हेतु कार्य के लिए सुनिश्चित बजट का प्रावधान किया जाए तथा कार्य स्थानीय के द्वारा कराया जाए।

इस विशाल आंदोलन में संयुक्त यूनियनों के पदाधिकारियों में झारखंड मजदूर संघर्ष संघ के रामा पांडे, बोकारो स्टील वर्कर्स यूनियन इंटक के दुचा टोप्पो, सीटू के मनोज मुखर्जी, सारंडा मजदूर यूनियन के कुल बहादुर, सप्लाई मजदूर संघ के राजेश कोड़ा, झारखंड मजदूर संघ के पंचम जॉर्ज सोय, जेएमएम के वृंदावन गोप, कोल्हान मजदूर यूनियन के ब्रज मोहन मिश्रा सहित सारंडा के विभिन्न गांव के ग्रामीण मौजूद थे।

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जमीन नही मिलने के कारण मंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट गोमदेसई माझी परगना भवन का निर्माण कार्य लटका,संवेदक को जमीन मिलने का इंतजार

Minister’s dream project Gomdesai Majhi Pargana Bhavan’s construction work suspended due to non-availability of land, waiting for the sensor to get the land

चाईबासा

( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )

राजनगर प्रखण्ड के गोमदेसाई में चारों योजना एक ही जगह पर बनना है

चाईबासा: कोल्हान प्रमंडल में आन दिनों विभाग के पास योजना को अंजाम देने के लिए भूमी उपलब्ध नहीं है,लेकिन योजना कि निविदा जरूर निकल जाती है,और अंततः योजना अधुरा रह जाता है

जमीन के अभाव में बहरहाल पश्चिमी सिंहभूम जिले में ग्रामीण विकास विभाग स्पेशल डिविजन भवन निर्माण से सधित सौ से अधीक योजना निकाली लेकिन जमीन उपलब्ध नहीं होने के कारण सभी योजना को रद्द कर दिया गया।

वैसी ही कोल्हान प्रमंडल के सराईकेला खरसावां जिला में अनुसूचित जनजाती एवं अनुसुचित जाति,अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के संचिका सं 07 /मा धुम स्वी आ 1/2022-522 पत्र संख्या के अनुसार सरकार के सचिव कमल किशोर के अदेश पर योजना मिली थी।लेकिन जिला प्रशासन की उदासीनता और लापरवाही का यह आलम है की एक साल पहले कल्याण विभाग के द्वारा कल्याण मंत्री चंपाई सोरेन के विधान सभा के राजनगर प्रखण्ड में मांझी परगना भवन निर्माण कार्य और चहारदीवारी निर्माण कार्य का टेंडर की प्रक्रिया पूरा हुए तीन माह बीतने के बाद भी जमीन विवाद का मामला में संवेदक के द्वारा कार्य नही करा पा रहें हैं।

ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता सुनील नाथ भी संवेदक को जमीन दिलाने में अब तक सफल नहीं हुए हैं,ऐसा लगता है की मंत्री के इस ड्रीम प्रोजेक्ट को नजर लग गया है।कल्याण के आई टी डी ए निदेशक के द्वारा जिस जमीन के प्लॉट को चिन्हित किया गया है, उस में ग्रामीण का दखल है,साथ ही ग्रामीणों के द्वारा ग्राम सभा कर उक्त योजना को इस जमीन में नही बनाने दिए जाने का परस्तव भी पारित किया है,ऐसी स्थिति में संवेदक जमीन मिलने का इंतजार करने पर मजबूर है। संवेदक को यह भी चिंता सता रही है की मार्च में आवंटन लेप्स कर जायेगा,और फिर मई के अंतिम सप्ताह में आवंटन मिलेगा। यूं कहा जा सकता है कि विभाग और जिला की लापरवाही का खामियाजा संवेदक भुगत रहें हैं।

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चाईबासा में फिर आईईडी ब्लास्ट, एयरलिफ्ट कर ले जाया गया रांची…

पश्चिम सिंहभूम: चाईबासा के टोटो गुरुवार को एक बार फिर आईईडी ब्लास्ट की गई है जिसमें में तीन जवान घायल हो गये हैं. तीनों को एयरलिफ्ट कर रांची भेजा जा रहा है. इस ब्लास्ट में नक्सल अभियान में लगे तीन जवान घायल हो गए हैं. पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर ने घटना की पुष्टि की है

( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )

घायलों में सीआरपीएफ 60 बटालियन के 3 जवान शामिल हैं. जिनकी पहचान हेड कांस्टेबल आरओ राकेश पाठक, सिपाही बीडी गुदा और सिपाही पंकज यादव के रूप में हुई है.

कोल्हान के टोंटो थाना क्षेत्र के जंबाईबुरु और तुम्बाहासा जंगल क्षेत्र में सुरक्षा बलों द्वारा नक्सलियों के शीर्ष बड़े नेताओं की घेराबंदी के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है इससे नक्‍सली एक तरफ से बौखला गए हैं और सुरक्षाबलों को लगातार अपने निशाने पर लिया जा रहा है. 

नक्सली किसी न किसी तरह से सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश में जुटे हुए हैं, लेकिन इन्‍हें सफलता नहीं मिल पा रही है. मालूम हो कि पिछले दिनों पूर्व सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के द्वारा लगाये गये 10 आईईडी बम सहित 3 नक्सली समर्थकों की गिरफ्तारी की है

चाईबासा में फिर आईईडी विस्फोट सीआरपीएफ का सब इंस्पेक्टर घायल…

चाईबासा : चाईबासा बुधवार को मुफस्सिल थाना अंतर्गत अंजदबेड़ा गांव से जोजोहातु के बिच में नक्सलियों द्वारा आईईडी विस्फोट किया गया विस्फोट में सीआरपीएफ का एक सब इंस्पेक्टर इंसार अली घायल हो गया

एक सीआरपीएफ का सब इंस्पेक्टर इंसार अली घायल हो गए ।बीते 15 दिन के अंदर सुरक्षाबलों का यह 11 जवान है जो नक्सलियों के द्वारा लगाए गए आईआईटी के चपेट में आने से घायल हुआ है।  मुफस्सिल और गोइलकेरा थाना क्षेत्र के जंगलों में नक्सलियों ने चप्पे-चप्पे पर आईडी बम लगा रखा है । बुधवार को सुरक्षाबलों के द्वारा सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा था इसी दौरान अंजदबेड़ा गांव के पास जंगल में आईडी की चपेट में आने से यह जवान घायल हो गया जिसे बेहतर इलाज के लिए हेलीकॉप्टर के माध्यम से रांची भेज दिया गया है। जवान की हालत स्थिर बनी हुई है। इस संबंध में जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक चाईबासा आशुतोष शेखर ने कहा कि

मुफस्सिल और गोइलकेरा थाना क्षेत्र के जंगलों में नक्सलियों ने चप्पे-चप्पे पर आईडी बम लगा रखा है । बुधवार को सुरक्षाबलों के द्वारा सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा था इसी दौरान अंजदबेड़ा गांव के पास जंगल में आईडी की चपेट में आने से यह जवान घायल हो गया जिसे बेहतर इलाज के लिए हेलीकॉप्टर के माध्यम से रांची भेज दिया गया है। जवान की हालत स्थिर बनी हुई है। इस संबंध में जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक चाईबासा आशुतोष शेखर ने कहा कि

कोल्हान क्षेत्र में भाकपा (माओवादी) नक्सलियों के बड़ी संख्या में उपस्थित होकर किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की प्राप्त सूचना के आलोक में चाईबासा पुलिस, कोबरा 209 , 203 बटालियन , झारखण्ड जगुआर एवं सीआरपीएफ 60 , 174 , 197 बटालियन की टीमों का एक संयुक्त अभियान दल गठित कर अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को प्रातः लगभग 8 बजे मुफसिल थानान्तर्गत ग्राम जोजोहातु से अंजदबेड़ा के बीच सुरक्षा बलों को लक्षित करने के उद्देश्य से नक्सलियों द्वारा एक आईईडी का विस्फोट किया गया।

जिसके चपेट में आने से सीआरपीएफ 197 बटालियन के एसआई इंसार अली आईईडी विस्फोट से जख्मी हुए है तथा सर्च अभियान के दौरान उसी क्षेत्र में एक अन्य जिन्दा पाईप बम बरामद किया गया है। जिसे सुरक्षा बलों एवं बम निरोधक दस्ता के सहायता से सुरक्षा के दृष्टिकोण से उसी स्थान पर विनिष्ट किया गया है। पुलिस बल द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस मुख्यालय, झारखण्ड, रॉची एवं सीआरपीएफ झारखण्ड सेक्टर, झारखण्ड रांची के सहयोग से हेलीकॉप्टर के माध्यम से तत्काल प्राथमिकी उपचार के पश्चात जख्मी पदाधिकारी को उच्चत्तर ईलाज के लिए रॉची ले जाया गया। जख्मी पदाधिकारी की स्थिति स्थिर है। जबकि नक्सलियों के विरोध पूरे क्षेत्र में सघन अभियान सुरक्षा बलों की और से चलाया जा रहा है। जख्मी पदाधिकारी इंसार अली की स्थिति स्थिर है।

मुख्यमंत्री का खतियानी जोहार यात्रा चाईबासा/सिमडेगा में संपन्न..

चाईबासा: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने मंगलवार 24 जनवरी को चाईबासा में पश्चिमी सिंहभूम और सिमडेगा जिले में संचालित विकास कार्यों और कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को कई निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने उच्च स्तरीय बैठक में पश्चिमी सिंहभूम तथा सिमडेगा जिले में संचालित विकास योजनाओं तथा कल्याणकारी योजनाओं और विधि व्यवस्था की समीक्षा की

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा- आप अपनी जिम्मेदारियों को चुनौती के रूप में स्वीकार कर कार्य करें, तभी बेहतर नतीजे मिलेंगे

मुख्यमंत्री ने कहा- नक्सल प्रभावित इलाकों में नौजवानों को भटकाव से रोकने के लिए स्वरोजगार से जोड़ने की विशेष पहल हो

मुख्यमंत्री ने ग्रामीण इलाकों में बेहतर पुलिसिंग और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के अधिकारियों को दिए निर्देश

ग्रामीणों के साथ मिल- बैठकर कार्य करें अधिकारी

आदिवासी- दलित बहुल राज्य में गरीब, वंचित और जरूरतमंदों को आगे बढ़ाने का काम कर रही है सरकार

सहाय योजना के तहत खेल गतिविधियों को दिया जा रहा बढ़ावा

राज्य के हर जिले में कम से कम 10 से 15 हज़ार कर्मी हैं। आप चाहे किसी भी विभाग के अधिकारी या कर्मचारी हो, राज्य सरकार के अंग के रूप में कार्य कर रहे हैं । आप पढ़े लिखे हैं। आप में दक्षता की कोई कमी नहीं है। झारखंड के भौगोलिक, सामाजिक और आर्थिक स्थिति से भी भलीभांति वाकिफ हैं। अगर आप अपनी जिम्मेदारियों को चुनौती के रूप में स्वीकार कर कार्य करेंगे तो निश्चित तौर पर बेहतर नतीजे आएंगे और यह इस राज्य के विकास और यहां के निवासियों के हित में होगा। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने आज चाईबासा में पश्चिमी सिंहभूम और सिमडेगा जिले में संचालित विकास कार्यों और कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को कई निर्देश दिए।

समाज के कमजोर, वंचित, गरीब और जरूरतमंद को आगे बढ़ा रहे हैं

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड एक आदिवासी और दलित बहुल राज्य है। इनके साथ यहां के किसानों, मजदूरों, दिव्यांगों, बुजुर्गों, महिलाओं, नौजवानों समेत कमजोर और वंचित वर्ग को आगे बढ़ाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इस सिलसिले में कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। इन योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने की दिशा में अधिकारी पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य करें, तभी हम अपने लक्ष्यों और उद्देश्यों को हासिल कर सकेंगे।

योजनाओं को लेकर कन्फ्यूजन ना हो

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत और प्रखंड से लेकर मुख्यालय स्तर तक में कई योजनाओं को लेकर कई बार कन्फ्यूजन की स्थिति बन जाती है। अगर इस प्रकार के कन्फ्यूजन पैदा होते हैं तो उसका समाधान भी है। अगर किसी को किसी योजना को लेकर किसी तरह का संशय हो तो वह अपने वरीय अधिकारी या विभाग को इसकी जानकारी दें। सरकार की कोशिश है कि हर योजना का क्रियान्वयन धरातल पर बेहतर तरीके से हो।

पद से अलग हटकर थोड़ा ज्यादा मेहनत करने की है जरूर है

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में खनिज समेत तमाम संसाधन मौजूद है, जो इस राज्य को विकास के रास्ते पर आगे ले जा सकता है। फिर भी झारखंड देश के पिछड़े राज्यों में गिना जाता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि झारखंड के चरित्र को देखते हुए आपको अपने पद से थोड़ा अलग हटकर लोगों के साथ मिल बैठकर कार्य करने की जरूरत है। इस राज्य की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए थोड़ा ज्यादा मेहनत करें, तभी हम अपनी सकारात्मक सोच को यथार्थ में परिवर्तित कर सकते हैं।

बैंकों का नहीं मिल रहा अपेक्षित सहयोग

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विकास के लिए बैंकों का सहयोग काफी मायने रखता है। लेकिन, यहां बैंक सरकार को आशा अनुरूप सहयोग नहीं कर रहे हैं। कई योजनाओं में सरकार खुद गारंटर है, फिर भी यहां के लोगों को उसका लाभ नहीं मिल रहा है। ऐसी स्थिति में अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियों और कार्यों को गति देना होगा । इसके लिए सरकार अपने स्तर पर हर संसाधन उपलब्ध कराएगी।

दोनों जिले नक्सल प्रभावित है, विकास को तेज करने की ज्यादा जरूरत

मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिमी सिंहभूम और सिमडेगा जिले में नक्सल गतिविधियां थोड़ी ज्यादा है। ऐसे में यहां विकास को और तेज करने की जरूरत है। नौजवानों को रोजगार या स्वरोजगार से जोड़ने में अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों को निभाएं, ताकि वे भटकाव रास्ते पर ना जाएं। इसके साथ इन इलाकों में बेहतर पुलिसिंग और स्वास्थ सुविधाओं और मजबूत करें। कई बार मरीजों को चारपाई या किसी अन्य तरीके से घंटों पैदल चलकर अस्पताल ले जाने की खबरें सुनने को मिलती है। यह काफी चिंता की बात है। ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं हो, इसका अधिकारी पूरा ख्याल रखें।

खेल गतिविधियों को बढ़ावा दे रही सरकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खेल गतिविधियों को सरकार बढ़ावा दे रही है विशेषकर नक्सल प्रभावित इलाकों में सहाय योजना के तहत खेल कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं पिछले दिनों पंचायत स्तर पर फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन हुआ जिसमें लगभग 80 हजार खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा दिखाई । इसके साथ इन खिलाड़ियों को सरकार की ओर से 80 हज़ार किट्स भी बांटे गए।

अधिकारियों को मिले कई निर्देश

सावित्री बाई फुले किशोरी समृद्ध योजना के लागू होने से पहले जिन बच्चियों ने स्कूल की पढ़ाई छोड़ दी है, उनका डाटा एकत्रित उन्हें इस योजना से जोड़ने की पहल करें।

28 फरवरी तक सभी निराश्रित महिलाओं को पेंशन योजना का लाभ सुनिश्चित करें इसके लिए पंचायत स्तर पर मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाकर सत्यापन की व्यवस्था हो।

15 फरवरी 2023 तक 60 वर्ष से अधिक उम्र के सभी योग्य पात्रों को पेंशन योजना का लाभ सुनिश्चित करें और इसका डेटा सरकारी वेबसाइट पर अपलोड हो।

बच्चों का बैंक खाता खोलने की प्रक्रिया 31 जनवरी 2023 तक पूरी कर ली जाए, ताकि उनके खाते में डीबीटी के माध्यम से छात्रवृत्ति योजना की राशि डाली जा सके ।

मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के लाभुक सरकार से मिली राशि का सदुपयोग कर रहे हैं या नहीं, इसकी भी जानकारी और निगरानी की जाए।

मनरेगा के तहत ज्यादा से ज्यादा मानव दिवस का सृजन कर ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराया जाए।

सुदूरवर्ती गांवों में विकास को लेकर एक्शन प्लान बनाएं। लोगों को सरकार के योजनाओं का जानकारी मिले और योजनाओं से जुड़कर इसका लाभ उठा सकें।

मुख्यमंत्री पशुधन योजना के प्राप्त आवेदनों में लक्षित लाभुकों के बीच राशि उपलब्ध कराने के बाद के आवेदनों को वेटिंग लिस्ट में रखकर उन्हें भी आपूर्ति करें जिससे उन्हें पुनः आवेदन न करना पड़े। इसके साथ साथ समुदाय स्तर पर पशुओं को आवंटित करें।

किसान पाठशाला सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट है इसके क्रियान्वयन में तेजी लाई जाए ।

सभी अधिकारी जनप्रतिनिधियों के साथ समय-समय पर बैठक करें और लोगों की समस्याओं का निराकरण करें

मादक पदार्थों की अवैध तस्करी पर लगाम कसी जाए घटना में लिप्त तस्करों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें।


इन योजनाओं की हुई समीक्षा

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सावित्री बाई फुले किशोरी समृद्धि योजना, सर्वजन पेंशन योजना, प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना, मुख्यमंत्री सुखाड़ राहत योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना, मनरेगा अन्तर्गत मानव दिवस सृजन, राजस्व न्यायालय, आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार, जिले में चल रही विभिन्न परियोजनाओं एवं जिलों के विधि-व्यवस्था की समीक्षा की।
समीक्षा बैठक में मंत्री सत्यानंद भोक्ता,मंत्री बादल, माननीया मंत्री श्रीमती जोबा मांझी, चाईबासा विधायक दीपक बिरुआ, मझगांव विधायक निरल पूर्ति,चक्रधरपुर विधायक सुखराम उरांव, जगन्नाथपुर विधायक सोनाराम सिंकू, कोलेबिरा विधायक नमन बिक्सल कोंगारी, सिमडेगा विधायक भूषण बारा, विधायक सरायकेला दशरथ गहराई, मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का,डी.जी.पी नीरज सिन्हा, सचिव विनय चौबे, सचिव अबू बकर सिद्दीकी, सचिव अमिताभ कौशल, सचिव श्री कृपानंद झा, सचिव श्री प्रशांत कुमार, सचिव के श्रीनिवासन, आयुक्त दक्षिणी छोटानागपुर प्रवीण कुमार टोप्पो, आयुक्त कोल्हान मनोज कुमार, डी.आई.जी दक्षिणी छोटानागपुर श्री अनीश गुप्ता, डी.आई.जी. कोल्हान अजय लिंडा, उपायुक्त, पश्चिम सिंहभूम अनन्य मित्तल, पुलिस अधीक्षक पश्चिम सिंहभूम आशुतोष शेखर, उपायुक्त सिमडेगा श्रीमती आर रॉनीटा, पुलिस अधीक्षक सिमडेगा श्री सौरभ, सिमडेगा एवं पश्चिमी सिंहभूम जिला के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

अनुसूचित जनजाति आवासीय बालिक उच्च विद्यालय और छात्रावास, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, +2जिला स्कूल चाईबासा, सेंट्रलाइज किचन, सदर अस्पताल चाईबासा, टाटा कॉलेज कॉलोनी मध्य विद्यालय का औचक निरीक्षण

चाईबासा: पश्चिम सिंहभूम जिला उपायुक्त अनन्य मित्तल के द्वारा आज मध्यरात्रि में मुख्यालय शहर चाईबासा स्थित अनुसूचित जनजाति आवासीय बालिक उच्च विद्यालय और छात्रावास, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, +2जिला स्कूल चाईबासा, सेंट्रलाइज किचन, सदर अस्पताल चाईबासा, टाटा कॉलेज कॉलोनी मध्य विद्यालय का औचक निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान संस्थानों में उपलब्ध व्यवस्थाओं का क्रियान्वयन एवं विद्यार्थियों को दी जाने वाली सुविधाओं, रख-रखाव, साफ-सफाई, रसोईघर, दी जाने वाली भोजन की गुणवत्ता, अस्पताल में मरीजों को दी जाने वाली सुविधा आदि का अवलोकन किया गया।

निरीक्षण के उपरांत जिला उपायुक्त के द्वारा जानकारी दिया गया कि निरीक्षत सभी जगहों पर व्यवस्था सुदृढ़ पाई गई। जबकि जिला स्कूल और सदर अस्पताल में विशेष रूप से साफ- सफाई, समुचित लाइट की व्यवस्था, शौचालय की साफ सफाई रखने हेतु निर्देशित किया गया।

जिला उपायुक्त के द्वारा उपस्थित ऑन ड्यूटी पदाधिकारियों एवं कर्मियों को निष्ठा पूर्वक कर्तव्य स्थल पर उपस्थित रहकर कार्य इमानदारी पूर्वक करने हेतु निर्देशित किया गया है। आवासीय विद्यालय में रह रहे छात्रों को किसी प्रकार की कोई समस्या ना हो साथ ही साथ उनको दी जाने वाले भोजन की गुणवत्ता पर भी विशेष रुप से ध्यान रखा जाए।

उपायुक्त के द्वारा सिविल सर्जन को सख्त रूप से निर्देशित करते हुए कहा गया कि अस्पताल में मरीजों को सभी प्रकार की सुविधा उपलब्ध कराया जाए उन्हें किसी प्रकार की कोई भी समस्या ना हो इसका विशेष रूप से ध्यान रखा जाए।

उक्त क्रम में उप विकास आयुक्त संदीप बख्शी, चक्रधरपुर अनुमंडल पदाधिकारी रीना हांसदा, प्रशिक्षु आईएएस ओम प्रकाश गुप्ता, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी एजाज अनवर, कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद सत्येंद्र कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी सदर चाईबासा पारूल सिंह सहित जिला स्तरीय अन्य पदाधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

अवैध तरीके से रूपये की निकिसी कर विभाग के खजाने को लूटने का काम,उपायुक्त नें लिया संज्ञान

लेखापाल नें 22 km दुरी बता कर निकाल ली ममता वाहन संचालक के साथ लाखों रूपये,जबकी निरीक्षण के दौरान जांच अधिकारी भी 8 km ही पाया

मामला जगन्नाथपुर सीएचसी के तत्तकालिन लेखापाल मनोज साव के द्वारा ममता वाहन के संचालक के खाते में एक बार नही कई बार जगन्नाथपुर से मालूका की दूरी 22 किमी दिखा कर डाले लाखो रूपया

स्वास्थय विभाग से सूचना के अधिकार द्वारा मांगे गए थे ममता वाहन का रिपोर्ट, उसी पर उपायुक्त नें लिया संज्ञान और अलग अलग दो जांच दल द्वारा कराया गया मामले की जांच

चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले में अनुबंध पर बहाल लेखापालों द्वारा कभी फर्जी भाउचर बना और भेंडर बनाकर लाखों रूपये कि निकासी किया जा रहा है तो वहीं स्वास्थय विभाग में चल रहे ममता वाहन में विभाग द्वारा निर्धारित दूरी के बजाय कई अधिक दुरी का किमी दिखाकर ममता वाहन संचालक के खाते में लेखापाल द्वारा रूपये का निकिसी कर विभाग के खजाने को लूटने का काम कर रहें तो कहीं आरबीसी के तहत स्वास्थय विभाग में अपने सगे भाई के खाते में रूपये डाल दिए जाते हैं,जबकी आरबीएस के तहत चलने वाले वाहन का कागजात किसी और के नाम पर रहता है।इस तरह के काले कारनामों से विभाग बदनाम हो रहें है।

इधर गोईलकेरा निवासी नितिन नें पश्चिमी सिंहभूम जिले के जगन्नाथपुर प्रखंड के सीएचसी समेत सभी सीएचसी में चल रहे ममता वाहनों का लेखा जोखा सुचना के आधार पर मांगा गया था।हलांकि जगन्नाथपुर सीएचसी के द्वारा ही केवल ममता वाहन का लेखा जोखा का ब्यौरा स्वास्थय विभाग को अब तक उपलब्ध कराई है,जबकी अन्य सीएचसी में चल रहे ममता वाहनों का ब्यौरा नहीं दिया गया है।

आपको बताते चलें कि स्वास्थय विभाग के द्वारा दिए गए ममता वाहन के ब्यौरा में पाया गया कि तत्कालिन लेखापाल जगन्नाथपुर के द्वारा ममता वाहन संचालक दिनेश शर्मा के खाते में मालुका कि दूरी 7-8 किमी के बजाय 22 किमी दिखा कर राशी कि निकाशी गई है,जिसे दैनिक भास्कर नें खुलाशा कि थी।इसी खबर को उपायुक्त नें संज्ञान में लेते हुए स्वास्थय विभाग के तीन सदस्य जांच दल का गठन किया गया था जिसमें स्वास्थय विभाग का डीटीओ भारती मिंज, एसीएमओ डॉ जगदीश प्रसाद, डीपीएम विजय कुमार व एक सहायक कर्मी थे। तथा दुसरे जांच दल में जगन्नाथपुर के कार्यपालक दण्डाधिकारी सह कुमारडुंगी के अंचलाधिकारी सुसमा लकड़ा को बनाया गया था।

वंही जिला प्रशाषन कि ओर से जांच दल के पदाधिकारी सुसमा लकड़ा द्वारा मामले की जांच कि गई जिसमे भी पाया गया कि मालूका से जगन्नाथपुर की दूरी 22 किमी दिखाकर रूपये कि निकिसी हूई है,इतना ही नही और कई गांव का दुरी अधिक दिखाकर ममता वाहन के संचालक को भुगतान किया गया यह प्रमाण पंजिका में लेखिपाल के हस्ताक्षर से हुई है।इधर गुरूवार को स्वास्थय विभाग के द्वारा तीन सदस्य जांच दल जगन्नाथपुर पहूंची और मामले कि करिब चार घंटे तक तक जांच किया गया।जांच में ममता वाहन के पंजिका में लेखापाल के द्वारा दर्शाया गया किमी निर्धारित दूरी अधिक पाया गया, जबकी वास्तव में जगन्नाथपुर से मालूका की दुरी आठ किमी ही है।यदी तोड़ागहातु होकर भी मालुका से जगन्नाथपुर आती है ममता वाहन तो दुरी 11-12 किमी ही होती है,मगर लेखापाल मनोज साव नें 22 किमी दर्शाया है।इस दौरान एसीएमओ डॉ जगदीश प्रसाद व डीपीएम विजय कुमार के द्वारा ममता वाहन संचालक दिनेश शर्मा सै पूछ ताछ किया तो उसने भी कभी 25 किमी तो कभी 30 किमी जगन्नाथपुर से मालूका की दूरी बताया फिर सात किमी दूरी बताया।संतोष जनक और बरगलाने जैसी जानकारी जांच दल को दी गई जिससे संतुष्ट नहीं हुए जांच दल।और चार घंटे के जांच में तत्तकालिन लेखापाल मनोज साव पर लगाया गया आरोप सही साबित हुआ और तीन वर्ष का लेखा जोखा के बही खाते जांच दल सिज कर अपने साथ ले गए।तथा ममता वाहन संचालक दिनेश साव से भी लिखित लिया कि कितने साल से सीएचसी में ममता वाहन चला रहा है और कितने रूपया महिना लिया है। जबकी ममता वाहन संचालक नें वर्ष 2019 के जून माह में दिनेश साव ने करिब 70 हजार का कलेम किया था जिसे लेखापाल नें एक लाख तीन हजार भूगतान कर दिया गया।इधर जांच दल में बीपीएम विजय कुमार नें ममता वाहन के नाम पर हुई लूट की जानकाली सही पाए जाने पर इसकी जानकारी दुरभाष पर अपने वरिय पदाधिकारी को दे दी है।

लेखापाल की तो नौकरी जायेगी,ममता वाहन संचालक पर होगा एफआईः डॉ जगदीश

जांच करने आए चाईबासा सदर अस्पताल के ऐसीएमओ डॉ जगदीश प्रसाद नें कहा कि सात से आठ किमी मालूका से जगन्नाथपुर कि दूरी को 22 किमी दिखा कर निकासी किए गये रूपये का आरोप सही साबित हूआ है।उन्होनें ममता वाहन के संचालक दिनेश साव को कहा है लेखापाल का नौकरी तो जाएगा तुम पर एफआईआर दर्ज करेगें।

आरोप सही साबित हुआ कार्रवाई होगीःबीपीएम

बीपीएम विजय कुमार जहां तीन वर्ष के ममता वाहन संचालन का खाता सिज कर ले गए वहीं खाते में कई जगह मालूका कि दुरी 7 किमी के बजाय 22-25 किमी दिखाए जाने का प्रमाण भी पाया जिस पर लेखापाल कि हस्तक्षरयुक्त पंजिका है।उन्होने भी कहा कि सरकारी रूपये कि गलत निकासी ममता वाहन के संचालक के साथ सांठ गांठ लेखापाल का है,जो आरोप है सत्य है,कार्रवाई होगी।जब्त किए गए खातें में और भी दुसरे स्थानों की दुरी का लेखा जोखा का जांच करेगें।

डीपीएम भारती मिंज नें नापी जगन्नाथपुर से मालूका की दूरी

स्वास्थय विभाग का डीपीएम भारतीय मिंज नें जगन्नाथपुर से मालूका की दुरी नापने के लिए दो मार्ग से सफर तय किया तो पता चला कि जिंतूगढ़ा से होकर मालुका की दुरी आठ किमी और तोड़ागहातु होकर जाते है तो मालूका की दूरी 11-12 किमी है,फिर भी 22 किमी नहीं होता है।जबकी जगन्नाथपुर सिएचसी के अंदर 12 प्रसव केंद्र है विभिन्न पंचायतो में जहां प्रस्व कराने की सुविधा उपलब्ध है।

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