राजकीय छऊ नृत्य कला केंद्र को मिलेगा नया स्वरूप, जल्द शुरू होगा प्रशिक्षण।

राजकीय छऊ नृत्य कला केंद्र को मिलेगा नया स्वरूप, जल्द शुरू होगा प्रशिक्षण।

सरायकेला-खरसावां

वर्षों से निष्क्रिय पड़े राजकीय छऊ नृत्य कला केंद्र को पुनर्जीवित करने की दिशा में जिला प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। गुरुवार को अनुमंडल कार्यालय सभागार में कला केंद्र के सचिव सह अनुमंडल पदाधिकारी अभिनव प्रकाश की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में केंद्र के संचालन, संस्थागत विकास एवं प्रशिक्षण व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में नगर पंचायत अध्यक्ष एवं सरायकेला छऊ आर्टिस्ट एसोसिएशन के संरक्षक मनोज कुमार चौधरी, वरिष्ठ छऊ गुरु, कलाकार तथा कला प्रेमी शामिल हुए।

बैठक में निर्णय लिया गया कि केंद्र में आवश्यक पदों को चरणबद्ध तरीके से भरते हुए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम पुनः प्रारंभ किया जाएगा, ताकि नई पीढ़ी को सरायकेला की विश्वविख्यात छऊ शैली का व्यवस्थित प्रशिक्षण मिल सके। साथ ही कला केंद्र के दीर्घकालीन एवं सुव्यवस्थित संचालन के लिए आवश्यक संस्थागत व्यवस्था विकसित की जाएगी।

अनुमंडल पदाधिकारी अभिनव प्रकाश ने बैठक में कलाकारों को फेलोशिप चयन समिति के गठन, सोसाइटी निबंधन अधिनियम के तहत संस्था का पंजीकरण, गवर्निंग बॉडी के गठन तथा विभिन्न सरकारी एवं अन्य स्रोतों से अनुदान एवं वित्तीय सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद कला केंद्र के संचालन, विकास एवं वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने में सुविधा होगी।

बैठक में कलाकारों ने नियमित प्रशिक्षण, प्रशिक्षकों की नियुक्ति, आधारभूत संरचना के विकास, कलाकार कल्याण योजनाओं तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सरायकेला छऊ के प्रचार-प्रसार से जुड़े कई सुझाव दिए। अनुमंडल पदाधिकारी ने सभी सुझावों पर गंभीरता से कार्य करने का आश्वासन दिया।

नगर पंचायत अध्यक्ष एवं सरायकेला छऊ आर्टिस्ट एसोसिएशन के संरक्षक मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि सरायकेला की सांस्कृतिक पहचान एवं विश्वविख्यात छऊ परंपरा के संरक्षण और संवर्धन के लिए कलाकारों द्वारा लगभग 20 वर्षों से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अब राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन की सकारात्मक पहल से राजकीय छऊ नृत्य कला केंद्र के पुनर्जीवन का मार्ग प्रशस्त हुआ है। उन्होंने कहा कि बैठक में प्रस्तुत विस्तृत कार्ययोजना आने वाले दिनों में कला केंद्र के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी तथा कलाकारों और नई पीढ़ी को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

बैठक में उपस्थित कलाकारों ने उम्मीद जताई कि केंद्र में शीघ्र नियमित प्रशिक्षण शुरू होने से सरायकेला छऊ की गौरवशाली परंपरा को नई ऊर्जा मिलेगी तथा इसे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूती मिलेगी।

कुकड़ू में बिजली की अनियमितता आपूर्ति और समस्याएं की स्थाई समाधान के लिए जिप उपाध्यक्ष ने कार्यपालक अभियंता के साथ की बैठक।

कुकड़ू में बिजली की अनियमितता आपूर्ति और समस्याएं की स्थाई समाधान के लिए जिप उपाध्यक्ष ने कार्यपालक अभियंता के साथ की बैठक।

सरायकेला/ईचागढ़

कुकड़ू प्रखंड क्षेत्र में प्राय समय पर बिजली आपूर्ति बाधित के संबंध में जिप उपाध्यक्ष मधुश्री महतो की उपस्थिति में गुरुवार को जिला कार्यपालक अभियंता विद्युत सरायकेला खरसावां के साथ तिरुलडीह बिजली फीडर कार्यालय में एक आवश्यक बैठक संपन्न हुआ।

बैठक में मुख्य रूप से बिजली विभाग से संबंधित कोई ज्वलंत समस्या पर अवगत कराया गया और क्षेत्र में नियमित बिजली की आपूर्ति के लिए पहली फेज में प्रखंड कुकड़ू को स्वीकृति प्रदान के साथ खुली तारों को हटा कर केबल तार से जोड़ा जाय , टूटा फूटा खंबा को हटाकर नए खंबा लगाया जाए, आवश्यकता अनुसार गांव में ट्रांसफार्मर की व्यवस्था किया जाए, आवश्यकता अनुसार गांव में लाइनमैन का नियुक्ति किया जाए, बिजली मित्र द्वारा मासिक बिजली बिल स्लिप कलेक्शन किया जाए, फीडर में योग्य अनुभवी कर्मी नियमित बहाल किया जाए, प्रखंड में आकस्मिक बिजली आपूर्ति बाधित एवं अन्य सूचना के लिए मोबाइल ग्रुप बनाया जाए। किसानों को रैयत पर नया बिजली कनेक्शन दिया जाए सहायक अभियंता एवं कनीय अभियंता द्वारा क्षेत्र में नियमित बिजली आपूर्ति मरम्मती कार्य का निरीक्षण कराया जय। बिजली तार द्वारा जानवरों की मृत्यु की मुआवजा राशि शीघ्र भुगतान किया जाए। बैठक में मुख्य रूप से सभी पंचायत के बिजली उपभोक्ता शामिल थे।

उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में आपूर्ति विभाग अंतर्गत संचालित योजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक संपन्न।

उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में आपूर्ति विभाग अंतर्गत संचालित योजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक संपन्न।

खाद्यान्न वितरण की धीमी प्रगति पर एमओ एवं बीडीओ को नियमित निगरानी एवं मासिक समीक्षा के निर्देश।

ई-केवाईसी एवं आधार सीडिंग के लंबित प्रकरणों के त्वरित निष्पादन तथा अयोग्य/निष्क्रिय लाभुकों का नाम विलोपन सुनिश्चित करने के निर्देश।

सरायकेला/खरसावां

समाहरणालय सभागार में उप विकास आयुक्त रीना हांसदा की अध्यक्षता में आपूर्ति विभाग अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS), खाद्यान्न आपूर्ति, दाल-भात योजना, डाकिया योजना, चावल दिवस, सोना–सोबरन धोती–साड़ी योजना, ई-केवाईसी, डीलर टैगिंग/री-टैगिंग, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) अंतर्गत खाद्यान्न वितरण, नमक वितरण, धान अधिप्राप्ति एवं भुगतान सहित अन्य योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई

उप विकास आयुक्त ने कहा कि विभागीय योजनाओं का उद्देश्य पात्र लाभुकों तक समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं पहुंचाना है। इसके लिए सभी संबंधित पदाधिकारियों को कार्य में गुणवत्ता, जवाबदेही एवं नियमित अनुश्रवण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

जून माह में खाद्यान्न वितरण की अपेक्षाकृत धीमी प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए उप विकास आयुक्त ने सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों (MO) को खाद्यान्न उठाव एवं वितरण की नियमित निगरानी करने तथा सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों (बीडीओ) को प्रखंड स्तर पर मासिक समीक्षा बैठक आयोजित कर समय पर खाद्यान्न वितरण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने एमओ एवं बीएसओ को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाते हुए प्रत्येक पात्र लाभुक को निर्धारित समय पर उचित मात्रा में चावल, चना दाल, नमक एवं चीनी का वितरण सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक के दौरान ई-केवाईसी एवं आधार सीडिंग के लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने, ग्राम स्तर पर विशेष शिविर आयोजित कर शत-प्रतिशत ई-केवाईसी एवं आधार सीडिंग पूर्ण करने तथा तकनीकी बाधाओं का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए गए।

उप विकास आयुक्त ने निर्देश दिया कि अयोग्य अथवा अपात्र राशन कार्डधारियों की पहचान करते हुए उनके भूमि स्वामित्व (Land Holding), आयकर, जीएसटी पंजीकरण, वाहन स्वामित्व एवं अन्य निर्धारित मानकों के आधार पर सत्यापन किया जाए तथा नियमानुसार पात्रता नहीं पाए जाने पर उनका नाम राशन कार्ड से विलोपित किया जाए। साथ ही लंबे समय से खाद्यान्न का उठाव नहीं करने वाले लाभुकों की भी जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में जन वितरण प्रणाली की दुकानों का नियमित औचक निरीक्षण एवं सत्यापन करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रत्येक पात्र लाभुक को उचित दर पर निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न का वितरण समय पर एवं पारदर्शी तरीके से हो। वितरण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित जन वितरण प्रणाली विक्रेता के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही खाद्यान्न उठाव एवं वितरण से संबंधित प्राप्त शिकायतों तथा पीजीएमएस एवं अग्रस पोर्टल पर दर्ज मामलों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में नमक सहित सभी आवश्यक खाद्यान्न सामग्रियों की शत-प्रतिशत डोर-स्टेप डिलीवरी (DSD), गोदामों में खाद्यान्न का सुरक्षित एवं मानक अनुरूप भंडारण, लंबित वितरण कार्यों के शीघ्र निष्पादन तथा निर्माणाधीन गोदाम एवं बरामदा निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। गुणवत्ता परीक्षण हेतु जिला स्तरीय समिति से नियमित जांच कराने को भी कहा गया।

बैठक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी पुष्कर सिंह मुंडा, जिला सहकारिता पदाधिकारी, सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी, गोदाम प्रबंधक, विभिन्न कार्य एजेंसियों के कनीय अभियंता, राइस मिलर एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

चांडिल अनुमंडल मुख्यालय में मोहर्रम को लेकर हुई शांति समिति की बैठक।

चांडिल अनुमंडल मुख्यालय में मोहर्रम को लेकर हुई शांति समिति की बैठक।

सरायकेला/चांडिल

सौहार्दपूर्ण माहौल में पर्व मनाने की अपील

आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने को लेकर मंगलवार को चांडिल अनुमंडल मुख्यालय में अनुमंडल पदाधिकारी नितिन शिवम गुप्ता की अध्यक्षता में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई।

बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न समुदायों के लोगों ने भाग लिया। बैठक को संबोधित करते हुए एसडीओ नितिन शिवम गुप्ता ने कहा कि देश में विभिन्न समुदायों द्वारा वर्षों से आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ पर्व-त्योहार मनाने की परंपरा रही है। मोहर्रम भी इसी परंपरा के अनुरूप शांति एवं सद्भाव के वातावरण में मनाया जाए।

उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी असामाजिक तत्व या अफवाह फैलाने वाले व्यक्ति को संरक्षण न दें तथा ऐसी गतिविधियों की सूचना तत्काल प्रशासन को दें।

उन्होंने कहा कि समाज में शांति व्यवस्था बनाए रखना केवल प्रशासन की ही नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भी जिम्मेदारी है। सभी के सहयोग से ही क्षेत्र में सौहार्दपूर्ण वातावरण कायम रखा जा सकता है। बैठक के दौरान सड़क सुरक्षा एवं बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं का मुद्दा भी उठा।

इस पर एसडीओ ने कहा कि यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है, जिस दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने लोगों से ट्रैफिक नियमों का पालन करने तथा वाहन चलाते समय सावधानी बरतने की अपील करते हुए कहा कि नियमों की अनदेखी न केवल स्वयं के लिए बल्कि अन्य लोगों के लिए भी खतरा उत्पन्न करती है। बैठक में एसडीपीओ शिव प्रकाश कुमार, नीमडीह अंचलाधिकारी, ईचागढ़ बीडीओ, चांडिल थाना प्रभारी, नीमडीह थाना प्रभारी, कपाली ओपी प्रभारी, समाजसेवी हिकीम चंद्र महतो, पंचायत समिति सदस्य रजिया सुल्ताना, शेख फरीद, मनमन सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

मोहर्रम को लेकर कपाली में शांति समिति की बैठक का आयोजन।

मोहर्रम को लेकर कपाली में शांति समिति की बैठक का आयोजन।

सरायकेला/चांडिल

सरायकेला-खरसावां जिले के कपाली ओपी क्षेत्र अंतर्गत डांगरडीह स्थित सामुदायिक भवन में आगामी मोहर्रम पर्व के मद्देनजर सोमवार को शांति समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों तथा मोहर्रम जुलूस कमेटी के सदस्यों ने भाग लेकर पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने पर चर्चा की।

बैठक में चांडिल अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) नितिन शिवम गुप्ता, एसडीपीओ शिव प्रकाश कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक रवि कुमार, कपाली ओपी प्रभारी अविनाश कुमार, नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी गोपी किशन, वार्ड पार्षद पूजा कुमारी महतो, अंजना सिंह,रजिया मंजर, संतोष महतो, इनामुल हक्क, उस्मान, विक्की, हीरो, फरीद समेत विभिन्न अखाड़ा एवं मोहर्रम जुलूस कमेटियों के सदस्य उपस्थित थे।

इस अवसर पर अधिकारियों ने कहा कि मोहर्रम त्याग, बलिदान और भाईचारे का पर्व है। सभी समुदायों के लोगों को आपसी प्रेम, सद्भाव और सामाजिक सौहार्द बनाए रखते हुए पर्व मनाना चाहिए। प्रशासन ने जुलूस मार्ग, सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए।

अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से अफवाह फैलाने वालों तथा माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले असामाजिक तत्वों पर प्रशासन की कड़ी नजर रहेगी। किसी भी प्रकार की हुड़दंग, अशांति या भड़काऊ गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की कि किसी भी अपुष्ट सूचना पर विश्वास न करें और किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल प्रशासन या पुलिस को दें, ताकि मोहर्रम का पर्व शांति, सौहार्द और भाईचारे के साथ संपन्न हो सके।

अपर उपायुक्त ने ईचागढ़ अंचल कार्यालय का किया निरीक्षण।

अपर उपायुक्त ने ईचागढ़ अंचल कार्यालय का किया निरीक्षण।

सरायकेला/ईचागढ़

सरायकेला-खरसावां के अपर उपायुक्त जयबर्धन कुमार द्वारा ईचागढ़ अंचल कार्यालय का निरीक्षण कर अंचल में संचालित विभिन्न राजस्व एवं भूमि संबंधी कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान अंचल के सभी संबंधित कर्मियों के साथ बैठक कर लगान वसूली, पंजी-2 के संधारण एवं सुधार तथा अर्जित भूमि से संबंधित नामांतरण मामलों की प्रगति की समीक्षा की गई

समीक्षा के क्रम में उपर्युक्त कार्यों की प्रगति अपेक्षित स्तर के अनुरूप नहीं पाए जाने पर अपर उपायुक्त ने संबंधित कर्मियों को आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राजस्व एवं भूमि अभिलेखों से संबंधित मामलों का समयबद्ध निष्पादन प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है तथा इसमें किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी।

अपर उपायुक्त ने सभी संबंधित कर्मियों को निर्देशित किया कि लगान वसूली में प्रगति लाते हुए पंजी-2 के संधारण एवं सुधार कार्य तथा अर्जित भूमि से संबंधित लंबित नामांतरण मामलों के निष्पादन में विशेष अभियान चलाकर आवश्यक सुधार सुनिश्चित करें। उन्होंने उक्त तीनों बिंदुओं पर 15 दिनों के भीतर उल्लेखनीय प्रगति सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए निर्धारित अवधि के उपरांत की गई कार्रवाई का अनुपालन प्रतिवेदन (Compliance Report) उपलब्ध कराने को कहा।

समीक्षा के दौरान अपर उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि राजस्व एवं भूमि अभिलेखों से संबंधित कार्यों में शत-प्रतिशत पारदर्शिता, समयबद्धता एवं उत्तरदायित्व सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों से जुड़े मामलों के निष्पादन में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए तथा लंबित मामलों के निष्पादन हेतु विशेष प्रयास किए जाएं। साथ ही अभिलेखों के अद्यतनकरण, राजस्व संग्रहण में वृद्धि एवं भूमि संबंधी मामलों के त्वरित निष्पादन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य करने का निर्देश दिया।

अपर उपायुक्त ने कहा कि नियमित समीक्षा एवं सतत अनुश्रवण के माध्यम से राजस्व प्रशासन को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा, जिससे आम नागरिकों को बेहतर, पारदर्शी एवं सुगम सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

जियाडा रेगुलेशन 2026′ के ड्राफ्ट को लेकर उद्यमियों की बैठक सम्पन्न।

जियाडा रेगुलेशन 2026′ के ड्राफ्ट को लेकर उद्यमियों की बैठक सम्पन्न।

रांची/झारखंड

JIADA द्वारा सोमवार को रांची के होटल रेडिसन ब्लू में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। JIADA द्वारा राज्य में निवेश को बढ़ावा देने और नियमों को सरल बनाने के लिए नया ‘जियाडा रेगुलेशन 2026’ लाने की तैयारी में है. जिसे लेकर के उक्त कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यशाला में झारखंड की प्रस्तावित नई औद्योगिक नीति एवं ड्राफ्ट रेगुलेशंस पर राज्यभर के विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने विस्तार से चर्चा की।

इसरो प्रतिनिधिमंडल ने औद्योगिक नीति के मसौदे से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को तथ्यात्मक रूप से जियाड़ा के प्रबंध निदेशक वरुण रंजन एवं उनकी टीम के समक्ष रखा। साथ ही संगठन की ओर से लिखित सुझाव सौंपते हुए औद्योगिक क्षेत्रों में आधारभूत संरचनाओं के विकास और सुविधाओं में सुधार की मांग की गई।

आपको बताते चलें कि जियाडा द्वारा राज्य में निवेश को बढ़ावा देने और नियमों को सरल बनाने के लिए नया ‘जियाडा रेगुलेशन 2026’ लाने की तैयारी में है.

वहीं कार्यशाला में जियाडा के एमडी वरुण रंजन ने विभिन्न उद्योग संगठनों के उद्यमियों से सीधा संवाद किया और उनसे पूछा कि वे कैसा रेगुलेशन चाहते हैं? एमडी ने स्पष्ट किया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य निवेश को आसान बनाना और उद्यमियों की समस्याओं को दूर करना है.

कार्यक्रम में शामिल FJCCI, JASSIA और AIADA के प्रतिनिधियों ने जियाडा के सामने अपनी कई महत्वपूर्ण मांगें और सुझाव रखें. जिसमें उद्यमियों ने कहा कि पहले औद्योगिक क्षेत्रों में 99 साल की लीज पर जमीन मिलती थी, जिसे घटाकर 30 साल कर दिया गया है. बिहार समेत कई राज्यों ने इसे दोबारा 99 साल कर दिया है, झारखंड में भी यही व्यवस्था लागू होनी चाहिए. साथ ही साथ निवेशकों ने ऐसे ‘प्लग एंड प्ले’ परिसरों की मांग की जहां विकसित भूमि, तैयार शेड, बिजली, पानी, सड़क और अपशिष्ट प्रबंधन (वेस्ट मैनेजमेंट) जैसी सुविधाएं पहले से उपलब्ध हों, ताकि उद्योग तुरंत शुरू हो सकें. ओनरशिप ट्रांसफर (स्वामित्व हस्तांतरण) को आसान बनाने के लिए ज्वाइंट वेंचर के प्रावधान शामिल करने का भी सुझाव दिया गया. इसके अलावा औद्योगिक क्षेत्रों में कर्मचारियों के लिए 10 फीसदी आवासीय सुविधा की मांग की गई. इस पर जियाडा की ओर से बताया गया कि इंडस्ट्रियल एरिया में वर्किंग वुमेंस हॉस्टल का निर्माण कराया जा रहा है.

कार्यक्रम में जियाडा आदित्यपुर के क्षेत्रीय निदेशक प्रेम रंजन तथा आरडीडी दिनेश रंजन भी उपस्थित रहे। इसरो प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष रुपेश कटरियार, उपाध्यक्ष समीर सिंह, अशोक सतपति, महासचिव संदीप मिश्रा, सचिव राजीव शुक्ला, कार्यकारिणी सदस्य गौतम महापात्रा एवं अवनीत मूतरेजा शामिल थे।

सरायकेला सदर अस्पताल के एसी, क्यू मैनेजमेंट और आधुनिक सुविधाओं को मिली मंजूरी।

सरायकेला सदर अस्पताल के एसी, क्यू मैनेजमेंट और आधुनिक सुविधाओं को मिली मंजूरी।

सरायकेला

जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा की अध्यक्षता में सरायकेला सदर अस्पताल, सरायकेला के प्रशासनिक ढांचे और चिकित्सा व्यवस्था को अधिक प्रभावी व व्यवस्थित बनाने के लिए अस्पताल प्रबंधन समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक का मुख्य उद्देश्य अस्पताल आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना था। इसके तहत अस्पताल के विभिन्न विभागों के शौचालयों के जीर्णोद्धार, ओपीडी और इमरजेंसी वार्ड में एयर कंडीशनर (एसी) लगाने तथा एक्स-रे कक्ष व स्टोर रूम में नए दरवाजे लगाने के प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा की गई।

अस्पताल की कार्यप्रणाली को आधुनिक बनाने के लिए ‘क्यू मैनेजमेंट सिस्टम’ और ‘इन्टरकॉम टेलीफोन सिस्टम’ स्थापित करने पर भी सहमति बनी। इसके अतिरिक्त, कॉन्फ्रेंस हॉल के नवीनीकरण, आवश्यक दवाओं, रसायनों व चिकित्सा उपकरणों की खरीद तथा ब्लड बैंक के पास मरीजों के परिजनों के लिए वेटिंग एरिया निर्माण को हरी झंडी दी गई। परिसर में पेयजल और पंखों जैसी मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया गया।

इस बैठक में स्थानीय विधायक के प्रतिनिधि सनद आचार्य, सिविल सर्जन डॉ. सरयू प्रसाद, उपाधीक्षक डॉ. नकुल प्रसाद चौधरी और अस्पताल प्रबंधक संजीत राय सहित समिति के कई सदस्य मुख्य रूप से उपस्थित थे।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त की अध्यक्षता में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) संबंधी बैठक आयोजित।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त की अध्यक्षता में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) संबंधी बैठक आयोजित

सरायकेला-खरसावां

जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त, सरायकेला-खरसावां नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभागार में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) से संबंधित बैठक आयोजित की गई। बैठक में निर्वाची निबंधन पदाधिकारी, खरसावां विधानसभा क्षेत्र सह अपर उपायुक्त श्री जयवर्धन कुमार, जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी-सह-अनुमंडल पदाधिकारी, सरायकेला श्री अभिनव प्रकाश तथा विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

बैठक के दौरान जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों एवं संबंधित पदाधिकारियों से सक्रिय सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे तथा कोई भी अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में अनावश्यक रूप से शामिल न हो।

उन्होंने कहा कि मतदाताओं की मैपिंग की प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी, तथ्याधारित एवं त्रुटिरहित होनी चाहिए। प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम संबंधित मतदान केंद्र एवं मतदाता सूची से सही रूप से संबद्ध किया जाना आवश्यक है। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से इस दिशा में समन्वित प्रयास सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त ने जानकारी दी कि विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत झारखंड राज्य में 01 अक्टूबर, 2026 को अर्हता तिथि (Qualifying Date) निर्धारित की गई है तथा अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 07 अक्टूबर, 2026 को किया जाएगा।

बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण की संपूर्ण प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, दावा एवं आपत्ति से संबंधित प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही मतदाताओं की मैपिंग, अनमैप्ड मतदाताओं को मतदाता सूची से जोड़ने की प्रक्रिया तथा वर्ष 2003 की मतदाता सूची में नाम खोजने संबंधी जानकारी भी साझा की गई।

बैठक के दौरान बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) एवं बूथ लेवल एजेंट (BLA) की महत्वपूर्ण भूमिका पर विशेष रूप से प्रकाश डाला गया। बताया गया कि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के सफल, पारदर्शी एवं त्रुटिरहित क्रियान्वयन में BLO एवं BLA की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से सभी मतदान केंद्रों पर BLA की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने तथा उनकी सूची आगामी 10 जून, 2026 तक उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया।

भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप विभिन्न श्रेणी के मतदाताओं से संबंधित प्रावधानों की जानकारी भी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को दी गई। इस दौरान बताया गया कि पात्र मतदाताओं को आवश्यक दस्तावेजों सहित समय पर पुनरीक्षण प्रक्रिया में सम्मिलित कराने हेतु व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाना आवश्यक है।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण केवल निर्वाचन विभाग का कार्यक्रम नहीं, बल्कि मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, समावेशी एवं अद्यतन बनाने का एक महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक अभियान है। उन्होंने राजनीतिक दलों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों एवं प्रबुद्ध नागरिकों से अपील की कि वे इस अभियान की महत्ता को समझते हुए आम नागरिकों तक SIR की प्रक्रिया, उद्देश्य, प्रावधानों एवं आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं तथा पात्र मतदाताओं को निर्धारित समयावधि के भीतर प्रक्रिया में भाग लेने हेतु प्रेरित करें।

उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर संचालित प्रचार-प्रसार एवं जनजागरूकता गतिविधियों के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि कोई भी पात्र मतदाता मैपिंग अथवा पुनरीक्षण प्रक्रिया से वंचित न रहे। साथ ही मतदाता सूची में केवल पात्र एवं सत्यापित मतदाताओं का ही समावेश सुनिश्चित किया जाए, जिससे मतदाता सूची की शुद्धता एवं विश्वसनीयता बनी रहे।

बैठक के दौरान राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों द्वारा पूछे गए विभिन्न प्रश्नों का समाधान करते हुए SIR से संबंधित दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी दी गई। इस अवसर पर प्रतिनिधियों द्वारा महत्वपूर्ण सुझाव भी साझा किए गए।

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम की महत्वपूर्ण तिथियां :

• अर्हता तिथि (Qualifying Date) – 01.10.2026

• तैयारी, प्रशिक्षण एवं प्रिंटिंग कार्य – 20.06.2026 से 29.06.2026 तक

• बीएलओ द्वारा घर-घर सत्यापन – 30.06.2026 से 29.07.2026 तक

• मतदान केंद्रों का रैशनलाइजेशन – 29.07.2026 तक

• प्रारूप (ड्राफ्ट) मतदाता सूची का प्रकाशन – 05.08.2026

• दावा एवं आपत्ति प्राप्त करने की अवधि – 05.08.2026 से 04.09.2026 तक

• दावा एवं आपत्तियों का निष्पादन – 05.08.2026 से 03.10.2026 तक

• अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन – 07.10.2026

आगामी बकरीद पर्व को लेकर उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक की संयुक्त अध्यक्षता में जिलास्तरीय समीक्षा बैठक सम्पन्न।

आगामी बकरीद पर्व को लेकर उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक की संयुक्त अध्यक्षता में जिलास्तरीय समीक्षा बैठक सम्पन्न।

सरायकेला-खरसावां

आगामी बकरीद पर्व को लेकर जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त नितिश कुमार सिंह एवं पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी की संयुक्त अध्यक्षता में शनिवार को समाहरणालय सभागार में जिलास्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप विकास आयुक्त रीना हांसदा, अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार समेत अन्य वरीय पदाधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने निर्देश दिया कि अनुमंडल एवं थाना स्तर पर शांति समिति की बैठक आयोजित कर स्थानीय स्तर पर विधि-व्यवस्था, साफ-सफाई, पेयजल, बिजली आपूर्ति एवं अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए सभी आवश्यक तैयारियां समय पूर्व पूर्ण कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि पर्व के दौरान सभी प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारी अलर्ट एवं सक्रिय मोड में कार्य करेंगे।

उपायुक्त ने पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, अग्निशमन सेवा, बिजली विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं नगर निकायों के पदाधिकारियों को पूर्ण सतर्कता बरतने का निर्देश दिया, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। नगर निकायों को कुर्बानी के अवशेषों का समुचित एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने तथा नियमित साफ-सफाई व्यवस्था बनाए रखने का निर्देश दिया गया। साथ ही निर्बाध पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया।

उन्होंने निर्देश दिया कि सदर अस्पताल सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को एक्टिव मोड में रखा जाए तथा चिकित्सकीय दल 24×7 कार्यरत रहें। सभी एंबुलेंस एवं अग्निशमन वाहनों को ‘रेडी टू मूव’ स्थिति में रखने का निर्देश भी दिया गया। इसके अतिरिक्त जिला पशुपालन पदाधिकारी एवं सभी प्रखंड पशुपालन पदाधिकारियों को अपने-अपने कार्यालयों में उपस्थित रहकर सक्रिय रूप से कार्य करने का निर्देश दिया गया।

उपायुक्त ने पर्व के दौरान युवाओं द्वारा बाइक रेसिंग, स्टंट एवं तेज गति से वाहन परिचालन की संभावनाओं को देखते हुए विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियों से दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ती है तथा आमजन में भय एवं असुरक्षा का वातावरण उत्पन्न होता है। इसे ध्यान में रखते हुए विशेष गश्ती दल का गठन कर विभिन्न स्थानों पर सघन वाहन जांच अभियान चलाते हुए यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

समीक्षा के दौरान संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि विधि-व्यवस्था एवं यातायात परिचालन की दृष्टि से चिन्हित संवेदनशील स्थलों पर आवश्यकता अनुसार सीसीटीवी कैमरे एवं ड्रोन के माध्यम से निगरानी रखी जाए। साथ ही पर्व के दौरान धार्मिक स्थलों के आसपास विशेष सतर्कता बरती जाए तथा मंदिर, मस्जिद, चर्च एवं अन्य धार्मिक स्थलों के समीप अनावश्यक भीड़ एकत्रित नहीं होने देने का निर्देश दिया गया।

उपायुक्त ने कहा कि किसी भी धर्म, समुदाय अथवा वर्ग की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले गाना-बजाना, भड़काऊ गतिविधि अथवा आपत्तिजनक प्रचार-प्रसार की अनुमति नहीं दी जाएगी। सभी संबंधित पदाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया कि पर्व शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं विधि-व्यवस्था के अनुरूप संपन्न हो।

पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी ने कहा कि कुछ परिवार निर्धारित तिथि के अतिरिक्त अन्य दिनों में भी बकरीद पर्व मनाते हैं एवं कुर्बानी देते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए प्रशासनिक तैयारी व्यापक एवं संवेदनशील होनी चाहिए, ताकि किसी भी समुदाय को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने सभी प्रतिनियुक्त पुलिस एवं प्रशासनिक पदाधिकारियों को प्रो-एक्टिव मोड में कार्य करने तथा विधि-व्यवस्था से संबंधित किसी भी सूचना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

एस आई आर को लेकर अंचलाधिकारी ने बी एल ओ के साथ किया बैठक।

एस आई आर को लेकर अंचलाधिकारी ने बी एल ओ के साथ किया बैठक।

सरायकेला/ईचागढ़

ईचागढ़ प्रखंड कार्यालय सभागार में शनिवार को सहायक निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी सह अंचल अधिकारी दीपक प्रसाद ने प्रखंड क्षेत्र में कार्यरत बी एल ओ सुपरवाइजर और बी एल ओ के साथ बैठक किया। बैठक में आगामी मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण के निमित मैपिंग से संबंधित का समीक्षा किया गया।

साथ ही अंचल अधिकारी ने सभी बी एल ओ को निर्देश दिया कि जितने भी मतदाताओं का मैपिंग कार्य नहीं हुआ है,वो अनिवार्य रूप से एक सप्ताह के अंदर पूरा करने का निर्देश दिया। रविवार सुबह 10 बजे से 5 बजे तक सभी बी एल ओ को अपने बूथ में उपस्थित हो कर अनमैप मतदाता सूची का प्रदशित करने का भी निर्देश दिया।

आदिवासी कुड़मी समाज का बैठक में पहुंचे बंगाल के अजीत प्रसाद महतो।

आदिवासी कुड़मी समाज का बैठक में पहुंचे बंगाल के अजीत प्रसाद महतो।

सरायकेला/ईचागढ़

ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के आदारडीह सांसद भवन में बुधवार को ग्राम प्रधान शिवराम महतो की अध्यक्षता में आदिवासी कुड़मी समाज का एक बैठक किया गया। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में आदिवासी कुड़मी समाज के मूल खूंटी,मुलमानता अजीत प्रसाद महतो उपस्थित हुए। बैठक में आने वाले जनगणना में जाति, भाषा, समुदाय का कॉलम में क्या सुचिव्द्ध करना है। कुर्मी और कुड़मी में अंतर आदि के संबंध में चर्चा किया गया।

अजीत प्रसाद महतो ने कुड़मी जाति को आदिवासी सूची से एक साजीस के तहत हटाने और वर्तमान में आदिवासी सूची में शामिल करने की लड़ाई का रणनीति के संबंध में विस्तृत जानकारी दिया। उन्होंने बैठक में उपस्थित समाज के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि केन्द्रीय कमेटी द्वारा निर्णय लिया गया है कि आने वाले जनगणना में जाति के स्थान पर कुड़मी लिखने, भाषा में कुड़माली लिखने और धर्म में सारना लिखने की जानकारी एक एक लोगों को देने के लिए हर गांव में एक कमेटी बनाई जाएगी और कमेटी द्वारा कुड़मी समाज को जनगणना में जाति, भाषा एवं अन्य आवश्यक विषयों पर जानकारी देंगे। उन्होंने कुड़मी समाज को एकजुट होकर अपनी पहचान की लड़ाई में भागीदारी सुनिश्चित करने का अपील किया।

उन्होंने कहा कि हमारी लड़ाई किसी जाति या समुदाय से नहीं है, वल्कि हमारी लड़ाई अपनी पहचान को पुनर्स्थापित करने है। हम अपनी मौलिक अधिकार की लड़ाई लड़ रहे हैं। मौके पर आदिवासी कुड़मी समाज के चारी गुरु संतोष कटियार,केंद्रीय सह संपादक जयराम महतो, केंद्रीय प्रवक्ता सादन महतो, भाषा सांस्कृतिक संरक्षक दीपक पुनियार, प्रखंड अध्यक्ष भूत नाथ महतो ने भी अपना विचार व्यक्त किए। मौके पर सेवानृवित शिक्षक उमाकांत महतो,कमलाकांत महतो,ठाकुरदास महतो,ग्राम प्रधान मनोरंजन महतो,अनिल चंद्र महतो,उपेन चंद्र महतो,रंजीत प्रसाद महतो,गोपेश कुमार महतो सहित सैकड़ों समाज के लोग उपस्थित थे।

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