एसबीआई गोविंदपुर में पूर्व सैनिकों के लिए विशेष बैठक आयोजित।
बैंकिंग सुविधाओं और भविष्य की योजनाओं की दी गई महत्वपूर्ण जानकारी
जमशेदपुर
अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद जमशेदपुर एवं सेवारत सैनिकों को बैंकिंग सुविधाओं तथा उनके हित में उपलब्ध विभिन्न योजनाओं की जानकारी देने के उद्देश्य से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, गोविंदपुर शाखा में विशेष बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में गोविंदपुर, टेल्को, घोड़ाबांधा, गदड़ा तथा आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले पूर्व सैनिकों एवं सेवारत सैनिकों ने भाग लिया।
बैठक के दौरान स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की ओर से पूर्व सैनिकों के लिए उपलब्ध विभिन्न बैंकिंग सुविधाओं, योजनाओं तथा भविष्य की वित्तीय आवश्यकताओं से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की गईं। बैंक प्रतिनिधियों ने सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों की जिज्ञासाओं और बैंकिंग संबंधी आवश्यकताओं पर भी जानकारी उपलब्ध कराई।
इस अवसर पर पूर्व सैनिकों ने कहा कि इस प्रकार की जानकारीपूर्ण बैठकों से सैनिक समुदाय को बैंक की विभिन्न सुविधाओं को समझने और उनका उचित लाभ उठाने में मदद मिलती है। बैठक में उपस्थित सदस्यों ने इसे पूर्व सैनिकों के हित में उपयोगी पहल बताया।
संगठन की ओर से अजय तिवारी के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया गया, जिन्होंने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, गोविंदपुर शाखा में पूर्व सैनिकों के हित में इस महत्वपूर्ण बैठक को व्यवस्थित रूप से आयोजित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संगठन के सदस्यों ने उनके प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सैनिक समुदाय के हित में इस तरह के प्रयास निरंतर किए जाने चाहिए।
इस अवसर पर संगठन की ओर से सभी सदस्यों से अपील की गई कि संगठन से जुड़े जो भी सदस्य विभिन्न बैंकों से जुड़े हुए हैं, वे अपने-अपने संबंधित बैंक प्रबंधन से संपर्क कर पूर्व सैनिकों के लिए ऐसी जानकारीपूर्ण बैठकों का आयोजन कराने का प्रयास करें। इससे अधिक से अधिक पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को बैंकिंग सुविधाओं एवं उनके लिए उपलब्ध योजनाओं की जानकारी मिल सकेगी।
संगठन की ओर से अजय तिवारी जितेंद्र कुमार सिंह बिरजू कुमार सिद्धनाथ कुमार एवं स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, गोविंदपुर शाखा के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
नगर निगम आदित्यपुर के लिए अर्बन रिवर मैनेजमेंट प्लान को लेकर उपायुक्त की अध्यक्षता में मल्टी-स्टेकहोल्डर वर्किंग ग्रुप की द्वितीय बैठक सम्पन्न।
सरायकेला-खरसावां
उपायुक्त, सरायकेला-खरसावां नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में नगर निगम आदित्यपुर क्षेत्र के लिए अर्बन रिवर मैनेजमेंट प्लान (URMP) के निर्माण से संबंधित मल्टी-स्टेकहोल्डर वर्किंग ग्रुप (MSWG) की द्वितीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में पूर्व बैठक में चिन्हित बिंदुओं एवं दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुपालन में अब तक किए गए कार्यों की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई तथा आगामी कार्ययोजना पर चर्चा की गई।
बैठक में खरकई नदी के समग्र विकास एवं संरक्षण, नदी तट विकास, जल संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, जल निकासी व्यवस्था तथा शहरी क्षेत्र में हरित क्षेत्र के विकास से संबंधित प्रमुख बिंदुओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
उपायुक्त ने अर्बन रिवर मैनेजमेंट प्लान को क्षेत्र की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप प्रभावी एवं दीर्घकालिक बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने नदी तट के समुचित विकास, फ्लड प्लेन प्लान, जल निकायों के संरक्षण, उपलब्ध भूमि के बेहतर उपयोग एवं हरित क्षेत्र के विकास से संबंधित पहलुओं को कार्ययोजना में समाहित करने का निर्देश दिया।
बैठक में जल संचयन एवं जल संरक्षण की दिशा में प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने तथा शहरी क्षेत्र में उपलब्ध जल स्रोतों एवं जल निकायों के संरक्षण पर विशेष ध्यान देने पर चर्चा की गई। साथ ही खरकई नदी एवं उससे जुड़े जलस्रोतों को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में ठोस एवं व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार करने पर विचार-विमर्श किया गया।
सॉलिड वेस्ट के डिपोजिट, कलेक्शन एवं डिस्पोजल की व्यवस्था को व्यवस्थित करने तथा नदी, नालों एवं जल निकायों में कचरा जाने से रोकने के लिए आवश्यक उपाय सुनिश्चित करने पर भी चर्चा की गई। नालों की कनेक्टिविटी, जल निकासी एवं जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए आवश्यक संरचनात्मक एवं प्रबंधन संबंधी उपायों को योजना में शामिल करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में पूर्व बैठक में चर्चा किए गए तालाबों के जीर्णोद्धार, नालों की कनेक्टिविटी, सीवेज एवं जल निकासी व्यवस्था, एसटीपी के सुदृढ़ीकरण, जलापूर्ति व्यवस्था, भू-जल संरक्षण, पार्क एवं हरित क्षेत्रों के विकास, नदी तटों के सौंदर्यीकरण तथा ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए योजना से संबंधित अद्यतन आंकड़े, मैपिंग, तकनीकी जानकारी एवं आवश्यक प्रस्ताव समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अर्बन रिवर मैनेजमेंट प्लान केवल नदी संरक्षण तक सीमित न होकर जल संरक्षण, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, बाढ़ एवं जलभराव प्रबंधन तथा शहरी हरित क्षेत्र के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाए।
बैठक में नगर निगम आदित्यपुर क्षेत्र में नदी एवं जल निकायों के संरक्षण के साथ-साथ क्षेत्र को स्वच्छ, हरित एवं पर्यावरण अनुकूल बनाने तथा स्थानीय स्तर पर नागरिक सुविधाओं को बेहतर करने की दिशा में विभागों के बीच समन्वित कार्ययोजना तैयार करने पर बल दिया गया।
बैठक में नगर आयुक्त, आदित्यपुर नगर निगम एजाज अनवर एवं जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार समेत वन प्रमंडल, JUIDCO, JIADA, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, जल संसाधन विभाग, झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, JARDA/JARDCL, स्वास्थ्य, कृषि, मत्स्य, उद्यान सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ एवं अन्य हितधारक उपस्थित रहे।
उद्योग सचिव, झारखण्ड अरवा राजकमल की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा एवं सुगम यातायात परिचालन को लेकर उच्चस्तरीय बैठक संपन्न।
सरायकेला/खरसावां
सरायकेला-खरसावां जिले में सड़क सुरक्षा एवं सुगम यातायात परिचालन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उद्योग सचिव, झारखंड सरकार अरवा राजकमल की अध्यक्षता में परिसदन सभागार, सरायकेला में बैठक आयोजित की गई।
बैठक में उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी नितिश कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक मनोज सर्वांगीयारी, उद्योग विभाग की अपर सचिव प्रीति रानी, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र ( जीएमडीसी ) रविशंकर प्रसाद, जिला परिवहन पदाधिकारी शंकराचार्य सामद, सिविल सर्जन डॉ. सरयू प्रसाद सिंह सहित संबंधित विभागीय पदाधिकारी एवं विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक में झारखंड उच्च न्यायालय के निर्देश के आलोक में औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा एवं यातायात परिचालन की समीक्षा की गई। विशेष रूप से औद्योगिक प्रतिष्ठानों के आसपास मुख्य सड़कों पर भारी वाहनों के अनियंत्रित एवं अनावश्यक ठहराव से यातायात परिचालन प्रभावित होने, भारी वाहनों के लिए पर्याप्त एवं सुव्यवस्थित पार्किंग की उपलब्धता, पार्किंग स्थलों पर वाहन चालकों के लिए आवश्यक सुविधाएं तथा मुख्य सड़कों पर अनधिकृत रूप से खड़े वाहनों के कारण उत्पन्न यातायात संबंधी समस्याओं के समाधान को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
चिलियामा क्षेत्र में रूंगटा स्टील प्लांट के बाहर मुख्य सड़क पर ट्रकों के खड़े रहने से संबंधित जनहित याचिका के संदर्भ में भी आवश्यक बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया। औद्योगिक प्रतिष्ठानों को अपने परिसर में आने वाले भारी वाहनों के लिए पर्याप्त एवं सुव्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया, ताकि मुख्य सड़कों पर वाहनों के अनावश्यक ठहराव को कम करते हुए यातायात का सुचारु एवं सुरक्षित परिचालन सुनिश्चित किया जा सके।
पार्किंग स्थलों को सुव्यवस्थित एवं सुविधायुक्त रखने का निर्देश
औद्योगिक संस्थान रूंगटा माइंस (राजनगर) की पार्किंग व्यवस्था के निरीक्षण के क्रम में संबंधित अधिकारियों एवं औद्योगिक प्रतिष्ठान के प्रतिनिधियों को पार्किंग स्थल को सुव्यवस्थित रखने तथा वाहन चालकों की सुविधा के अनुरूप वहां आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। साथ ही, पार्किंग स्थल पर वाहनों के सुचारु आवागमन एवं सुरक्षित ठहराव की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
मुख्य सड़कों पर अनावश्यक एवं अनधिकृत रूप से खड़े वाहनों के कारण यातायात परिचालन प्रभावित न हो, इसके लिए ऐसे वाहनों के विरुद्ध नियमित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ मुख्य सड़कों पर यातायात परिचालन की नियमित निगरानी करते हुए अनावश्यक रूप से खड़े वाहनों को व्यवस्थित कराने तथा सुगम यातायात परिचालन सुनिश्चित करने को कहा गया।
सीएचसी राजनगर का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सुविधाओं का लिया जायजा
राजनगर निरीक्षण के क्रम में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, राजनगर का निरीक्षण कर उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं एवं चिकित्सा व्यवस्था का जायजा लिया गया। इस दौरान डेडिकेटेड ट्रॉमा सेंटर के प्रस्ताव की समीक्षा की गई तथा संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। दुर्घटना के पश्चात प्रभावित लोगों को त्वरित एवं समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने तथा प्रस्ताव के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
उद्योग सचिव अरवा राजकमल ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में सुगम एवं सुरक्षित यातायात परिचालन के लिए प्रशासन, पुलिस, परिवहन विभाग एवं औद्योगिक प्रतिष्ठानों के बीच प्रभावी समन्वय आवश्यक है। उन्होंने औद्योगिक प्रतिष्ठानों को अपने परिसर में आने वाले भारी वाहनों के लिए पर्याप्त एवं व्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था विकसित करने, वाहन चालकों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा मुख्य सड़कों पर अनावश्यक रूप से वाहनों के ठहराव को नियंत्रित करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
बैठक में औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा, सुगम एवं व्यवस्थित यातायात परिचालन, भारी वाहनों के लिए पर्याप्त एवं सुव्यवस्थित पार्किंग, पार्किंग स्थलों पर वाहन चालकों के लिए आवश्यक सुविधाएं, मुख्य सड़कों पर अनावश्यक रूप से खड़े वाहनों को व्यवस्थित करने तथा संबंधित विभागों एवं औद्योगिक प्रतिष्ठानों के बीच समन्वय स्थापित कर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।
परिसदन सभागार सरायकेला में झारखंड विधानसभा की प्राक्कलन समिति की अध्यक्षता में विकास योजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक संपन्न।
सरायकेला-खरसावां
झारखंड विधानसभा की प्राक्कलन समिति का सरायकेला-खरसावां जिले में दौरा हुआ। इस क्रम में सरायकेला परिसदन सभागार में समिति के माननीय सभापति हेमलाल मुर्मू की अध्यक्षता में जिले में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं एवं विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में समिति के माननीय सदस्य नागेंद्र महतो, माननीय सदस्य मथुरा प्रसाद महतो एवं माननीय सदस्य सोमेश सोरेन उपस्थित रहे तथा सरायकेला-खरसावां जिले के खरसावां विधानसभा क्षेत्र के माननीय विधायक श्री दशरथ गागराई उपस्थित रहे।
बैठक से पूर्व समिति के माननीय सभापति एवं माननीय सदस्यों, माननीय विधायक का उपायुक्त नितिश कुमार सिंह एवं पुलिस अधीक्षक मनोज सर्वांगीयारी द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। साथ ही परियोजना निदेशक, ITDA उषा मुंडू, अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार समेत विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में विभिन्न विकास योजनाओं की समीक्षा के क्रम में संबंधित विभागों के पदाधिकारियों एवं कार्यपालक अभियंताओं को निर्देश दिया गया कि जिले में संचालित योजनाओं की समुचित जानकारी स्थानीय जनप्रतिनिधियों, यथा माननीय विधायक एवं माननीय सांसद को भी उपलब्ध होनी चाहिए, ताकि उनके स्तर से भी समय-समय पर योजनाओं की समीक्षा की जा सके तथा योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराने के लिए आवश्यक प्रयास किए जा सकें। पूर्ण हो चुकी योजनाओं का यथाशीघ्र स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में उद्घाटन एवं नई योजनाओं का शिलान्यास कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया।
लंबित योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करना संबंधित विभाग की जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए सभी कार्यदायी एजेंसियों के कार्यपालक अभियंताओं को योजनाओं की नियमित निगरानी करने तथा जवाबदेही तय करते हुए कार्यों को निश्चित समय में पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया।
सभी कार्यपालक अभियंताओं को लंबित योजनाओं पर विशेष निगरानी रखने, संवेदकों के साथ नियमित बैठक करने तथा योजनाओं का स्थल निरीक्षण कर कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। राज्य संपोषित योजनाओं में निर्धारित समय-सीमा से विलंबित कार्यों को दिसंबर माह तक पूर्ण करने का निर्देश दिया गया। साथ ही, ऐसे संवेदक जिनके द्वारा विभिन्न विभागों में आवंटित कार्य निर्धारित समय पर पूर्ण नहीं किए जा रहे हैं अथवा अनावश्यक विलंब किया जा रहा है, उन्हें आगामी योजनाओं में कार्य नहीं देने तथा विभागीय दिशा-निर्देशों के आलोक में नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
जिन योजनाओं में काफी विलंब से कार्य संचालित हैं, उनके संबंध में संबंधित विभाग के कार्यपालक अभियंताओं को कार्यशैली में सुधार लाने, संवेदकों के साथ समन्वय स्थापित कर योजनाओं को यथाशीघ्र पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया। साथ ही, ऐसी योजनाओं की उपायुक्त स्तर से नियमित समीक्षा करते हुए आवश्यक ठोस निर्णय लेने एवं लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
खनन एवं भूतत्व की समीक्षा के क्रम में खनन गतिविधियों से प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित ग्राम एवं टोलों का नियमानुसार विकास सुनिश्चित करने तथा अवैध खनन एवं परिचालन के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
पर्यटन विकास की समीक्षा के क्रम में जिले में पर्यटन विकास की दिशा में सकारात्मक पहल करने तथा पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की सुविधा के अनुरूप आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के क्रम में सदर अस्पताल, सीएचसी समेत अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सक एवं आवश्यक दल-बल के साथ उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। सभी स्वास्थ्य केंद्रों में लोगों को सुगम एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएं, यह सुनिश्चित करने को कहा गया। मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी योजना समेत सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ योग्य लोगों तक पहुंचाना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
स्कूली शिक्षा विभाग की समीक्षा के क्रम में विद्यालयों में खेल-खेल में शिक्षा, स्वच्छता एवं बच्चों को गुड बिहेवियर का ज्ञान देने की दिशा में आवश्यक पहल सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
इसके अतिरिक्त विभिन्न विभागों की समीक्षा के क्रम में निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूर्ण करने तथा विभाग की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत पात्र लाभुकों तक पहुंचाना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। लंबित कार्यों एवं योजनाओं में अनावश्यक विलंब नहीं हो, कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण हों तथा योजनाओं के निर्धारित उद्देश्यों की पूर्ति सुनिश्चित हो, इस दिशा में विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
बैठक के अंत में अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार द्वारा माननीय सभापति एवं समिति के अन्य माननीय सदस्यों द्वारा विभिन्न विभागों की समीक्षा के क्रम में दिए गए दिशा-निर्देशों एवं सुधार संबंधी बिंदुओं पर आवश्यक कार्रवाई करते हुए सभी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए आश्वस्त किया गया। साथ ही, समिति को अनुपालन से अवगत कराने की बात कही गई।
उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में इन्क्यूबेटर कार्यक्रम को लेकर बैठक सम्पन्न।
सरायकेला-खरसावां
समाहरणालय सभागार में उप विकास आयुक्त, सरायकेला-खरसावां श्रीमती रीना हांसदा की अध्यक्षता में इन्क्यूबेटर कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला परिषद उपाध्यक्ष श्रीमती मधुश्री महतो, स्टेट से जिला एंकर श्री वरुण कुमार, DPM-JSLPS एवं उनकी टीम की उपस्थिति रही। बैठक में कार्यक्रम के उद्देश्यों, लक्षित उद्यमों, वित्तीय सहायता, लाभुकों के चयन एवं कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन से संबंधित बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय (MoRD) द्वारा अनुमोदित इस कार्यक्रम का संचालन झारखंड राज्य आजीविका संवर्धन सोसाइटी (JSLPS) एवं IIM कलकत्ता इनोवेशन पार्क (IIMCIP) के संयुक्त सहयोग से किया जा रहा है। कार्यक्रम के तहत झारखंड में कुल 150 उद्यमों को लक्षित किया गया है। इसमें 18 उद्यमियों को अनुदान (Grant) तथा 132 उद्यमियों को ब्याज रहित ऋण (Soft Loan) के माध्यम से सहायता प्रदान की जाएगी।
अनुदान के तहत 6 व्यक्तिगत उद्यमियों को ₹20 लाख, 6 समूह उद्यमियों को ₹25 लाख तथा 6 बड़े उद्यमों को ₹60 लाख की अनुदान राशि प्रस्तावित है। वहीं ब्याज रहित ऋण के तहत व्यक्तिगत उद्यमियों को ₹3 लाख तथा समूह उद्यमियों को ₹5 लाख प्रति उद्यमी तक सहायता प्रदान की जाएगी।
बैठक में स्वयं सहायता समूह (SHG) सदस्यों को प्रशिक्षण, बाजार विपणन, ब्रांडिंग एवं आत्म-कौशल विकास से जोड़ने तथा चयनित उद्यमों को सुदृढ़ एवं बाजारोन्मुख बनाने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम की कुल अवधि 36 माह होगी तथा IIMCIP, कोलकाता के माध्यम से उद्यमियों को आवश्यक सहयोग एवं मॉनिटरिंग प्रदान की जाएगी।
आगामी दुर्गा पूजा एवं दशहरा पर्व को लेकर जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक सम्पन्न
सरायकेला-खरसावां
आगामी दुर्गा पूजा एवं दशहरा पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से आज दिनांक 17 सितम्बर 2026 को समहरणालय सभागार,सरायकेला में उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक श्री मनोज सर्वंगीआरी की उपस्थिति में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में उप विकास आयुक्त श्रीमती रीना हांसदा, अपर उपायुक्त श्री जयवर्धन कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी सरायकेला श्री अभिनव प्रकाश, अपर नगर आयुक्त, आदित्यपुर नगर निगम श्री एजाज अनवर, अनुमंडल पदाधिकारी चांडिल श्री नितिन शिवम गुप्ता, प्रभारी पदाधिकारी, सामान्य शाखा श्री अविनाश कुमार समेत विभिन्न विभागों के वरीय पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, थाना प्रभारी तथा विभिन्न पूजा समितियों के सदस्यगण उपस्थित रहे।
बैठक में आगामी पर्व के दौरान विधि-व्यवस्था एवं शांति-व्यवस्था बनाए रखने, श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा, यातायात प्रबंधन, पार्किंग, अग्नि एवं विद्युत सुरक्षा, चिकित्सा व्यवस्था, विसर्जन एवं रावण दहन की तैयारियों तथा आपातकालीन सेवाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक के दौरान उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों को अपने-अपने दायित्व क्षेत्र में पूरी सतर्कता एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया गया। शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ शहर को जोड़ने वाले वैसे ग्रामीण मार्गों, जिन पर ग्रामीणों का नियमित आवागमन रहता है, वहां भी देर रात्रि तक पुलिस गश्ती एवं भ्रमण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया, ताकि पर्व के दौरान आमजनों को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा विधि-व्यवस्था प्रभावी रूप से बनी रहे।
पूजा पंडालों में सुरक्षा एवं जनसुविधा सुनिश्चित करने का निर्देश
पूजा समितियों को निर्देश दिया गया कि पंडालों का निर्माण सुरक्षित स्थान पर निर्धारित मानकों एवं सक्षम विभागों द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जाए। पंडाल विद्युत तार, ट्रांसफॉर्मर, हाईटेंशन लाइन, गैस गोदाम अथवा अन्य संवेदनशील स्थानों से सुरक्षित दूरी पर बनाए जाएं। पंडाल निर्माण में ज्वलनशील एवं अत्यधिक आग पकड़ने वाली सामग्री के उपयोग से बचने तथा पंडाल की मजबूती एवं सुरक्षा से संबंधित आवश्यक प्रमाण-पत्र सक्षम प्राधिकारी से प्राप्त करने का निर्देश दिया गया।
पंडालों में महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं के लिए पृथक प्रवेश एवं निकास की व्यवस्था, पर्याप्त चौड़ाई वाले द्वार तथा आपात स्थिति में सुरक्षित निकासी के लिए वैकल्पिक निकास मार्ग सुनिश्चित करने को कहा गया। महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों एवं दिव्यांग श्रद्धालुओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखने का निर्देश दिया गया।
सभी पूजा पंडालों में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, स्वच्छता, प्राथमिक उपचार तथा आवश्यक जनसुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। पंडालों एवं उनके आसपास किसी भी प्रकार के ज्वलनशील पदार्थ का भंडारण नहीं करने तथा पर्याप्त संख्या में अग्निशमन यंत्र, पानी एवं सूखी बालू से भरी बाल्टियां आदि रखने का निर्देश दिया गया।
विद्युत एवं अग्नि सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता
पूजा पंडालों में विद्युत वायरिंग सुरक्षित तरीके से करने, समुचित अर्थिंग की व्यवस्था रखने तथा विद्युत सजावट एवं अस्थायी कनेक्शन का कार्य संबंधित विद्युत विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप करने का निर्देश दिया गया। विद्युत नियंत्रण कक्ष को ऐसी जगह स्थापित करने को कहा गया, जहां आपात स्थिति में विद्युतकर्मी आसानी से पहुंच सकें।
संबंधित विभागों द्वारा दिए गए अग्नि एवं विद्युत सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने तथा आवश्यक सुरक्षा प्रमाण-पत्र प्राप्त करने को कहा गया।
पूजा पंडालों एवं प्रमुख स्थलों पर चिकित्सा, अग्निशमन एवं एम्बुलेंस की व्यवस्था
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी प्रमुख पूजा पंडालों में आवश्यकतानुसार चिकित्सा दल एवं अग्निशमन व्यवस्था उपलब्ध रहे। सभी चिकित्सक एवं चिकित्सा पदाधिकारी अपने-अपने स्वास्थ्य केंद्रों में निर्धारित दायित्व के अनुसार उपस्थित रहेंगे, ताकि किसी भी परिस्थिति में चिकित्सा सेवा में व्यवधान उत्पन्न न हो।
उन्होंने सभी संबंधित स्वास्थ्य पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि पर्व के दौरान एम्बुलेंस को सक्रिय मोड में रखा जाए तथा आकस्मिक स्थिति में त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
विसर्जन घाटों पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का निर्देश
प्रतिमा विसर्जन के लिए प्रशासन द्वारा चिन्हित विसर्जन घाटों पर पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश संबंधित पदाधिकारियों को दिया गया। विसर्जन घाटों पर समतलीकरण, पर्याप्त विद्युत एवं प्रकाश व्यवस्था, आवश्यकतानुसार बैरिकेडिंग, गोताखोरों की तैनाती, पुलिस बल एवं दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति तथा चिकित्सा दल एवं एम्बुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
विसर्जन घाटों पर प्रतिमा एवं अन्य सामग्री के आवागमन को सुगम बनाने के लिए आवश्यकता के अनुसार हाइड्रा/अन्य आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था समय से पूर्व सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
पूजा समितियों को निर्देश दिया गया कि प्रतिमाओं का विसर्जन प्रशासन द्वारा निर्धारित तिथि, समय एवं मार्ग के अनुसार ही करें तथा निर्धारित विसर्जन स्थल/घाट का ही उपयोग करें।
रावण दहन के दौरान सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश
दशहरा के अवसर पर आयोजित होने वाले रावण दहन कार्यक्रम के लिए सुरक्षा के सभी आवश्यक मानकों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। रावण दहन स्थल पर दर्शकों एवं दहन स्थल के बीच निर्धारित एवं पर्याप्त सुरक्षित दूरी बनाए रखने, भीड़ नियंत्रण एवं बैरिकेडिंग की समुचित व्यवस्था करने तथा अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
संबंधित पदाधिकारियों एवं आयोजन समिति को निर्देश दिया गया कि रावण दहन से संबंधित सभी तैयारियां निर्धारित सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए समय से पूर्व पूर्ण कर लें, ताकि कार्यक्रम सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सके।
यातायात एवं नो-एंट्री व्यवस्था को लेकर निर्देश
पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित रखने तथा निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया। अनधिकृत पार्किंग एवं आवागमन में बाधा उत्पन्न करने वाले अतिक्रमण पर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।
आवश्यकतानुसार मुख्य बाजारों को जोड़ने वाले मार्गों पर नो-एंट्री व्यवस्था लागू करने तथा बड़े एवं वाणिज्यिक वाहनों के आवागमन को नियंत्रित करने का निर्देश दिया गया, ताकि श्रद्धालुओं एवं आमजनों के आवागमन में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
रात्रि 10 बजे के बाद DJ एवं ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर रोक
बैठक में ध्वनि प्रदूषण से संबंधित निर्धारित नियमों एवं सक्षम प्राधिकारी/माननीय न्यायालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। रात्रि 10:00 बजे के बाद DJ अथवा ध्वनि विस्तारक यंत्र पर किसी भी प्रकार का गाना या अन्य ध्वनि प्रसारण नहीं किया जाएगा।
इसका अनुपालन सभी थाना प्रभारी, अनुमंडल पदाधिकारी एवं अंचल अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में सुनिश्चित करेंगे। निर्धारित ध्वनि सीमा एवं समय-सीमा का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
अवैध शराब की बिक्री एवं परिचालन पर प्रभावी नियंत्रण के निर्देश
पर्व के दौरान किसी भी स्थिति में अवैध शराब की बिक्री एवं परिचालन पर पूर्ण नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाकर कार्रवाई करने का निर्देश संबंधित पदाधिकारियों को दिया गया। ड्राई-डे के दौरान निर्धारित प्रावधानों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया।
शराब दुकानों एवं उनके आसपास, विशेषकर मुख्य सड़कों तथा सार्वजनिक स्थलों पर शराब का सेवन नहीं हो, इसके लिए विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया गया। सार्वजनिक स्थानों पर शराब सेवन अथवा किसी भी प्रकार के नशे का प्रयोग करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
CCTV एवं सोशल मीडिया निगरानी पर विशेष जोर
सभी प्रमुख पूजा पंडालों में CCTV कैमरों की व्यवस्था एवं उसकी प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही, मुख्य मार्गों एवं आवश्यकता वाले संवेदनशील स्थलों पर संबंधित पदाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर CCTV कैमरे लगाने का निर्देश दिया गया।
सोशल मीडिया एवं व्हाट्सऐप ग्रुपों पर भ्रामक, अफवाहजनक, आपत्तिजनक अथवा सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करने वाली सामग्री प्रसारित नहीं करने की अपील की गई। ऐसी किसी भी सामग्री की सूचना तत्काल निकटतम प्रशासनिक अथवा पुलिस पदाधिकारी को देने का निर्देश दिया गया।
पूजा समितियों से सुझाव आमंत्रित, प्राप्त सुझावों पर कार्रवाई के निर्देश
बैठक में पूजा समिति के सदस्यों एवं शांति समिति के सदस्यों से पर्व के दौरान जनसुविधा एवं आवश्यक व्यवस्थाओं से संबंधित सुझाव एवं सलाह आमंत्रित किए गए। इस दौरान पूजा समितियों द्वारा सड़क निर्माण एवं मरम्मत, साफ-सफाई, अवैध पार्किंग पर नियंत्रण, खराब स्ट्रीट लाइट की मरम्मत, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, झूलते हुए विद्युत तारों एवं विद्युत खंभों की मरम्मत, विसर्जन घाटों पर हाइड्रा की व्यवस्था एवं समतलीकरण सहित विभिन्न बिंदुओं पर सुझाव दिए गए।
प्राप्त सुझावों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों एवं पदाधिकारियों को नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने तथा पर्व से पूर्व संबंधित व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त ने शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण आयोजन में पूजा समितियों से सहयोग की अपील
अपने संबोधन में उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह ने कहा कि जिले में प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी दुर्गा पूजा एवं दशहरा पर्व शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं आपसी भाईचारे के वातावरण में संपन्न हो, इसके लिए सभी की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने सभी पूजा समितियों एवं शांति समिति के सदस्यों से प्रशासन द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन करते हुए शांतिपूर्ण वातावरण में पूजा संपन्न कराने तथा प्रशासन एवं पुलिस को आवश्यक सहयोग प्रदान करने की अपील की।
उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि पूजा समितियों से प्राप्त जनसुविधा एवं आवश्यक व्यवस्थाओं से संबंधित सुझावों पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए सभी आवश्यक तैयारियां समय से पूर्व पूर्ण कराई जाएं। स्वास्थ्य सेवाओं को निर्बाध बनाए रखने, एम्बुलेंस को सक्रिय रखने तथा प्रमुख पूजा स्थलों पर आवश्यक चिकित्सा एवं अग्निशमन व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारियों को सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने का दिया निर्देश
पुलिस अधीक्षक मनोज सर्वंगीआरी ने अपने संबोधन में कहा कि दुर्गा पूजा एवं दशहरा के दौरान पुलिस प्रशासन की प्राथमिकता शांति-व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुगम यातायात व्यवस्था बनाए रखना है।
उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने थाना क्षेत्र के सभी पूजा पंडालों, सुरक्षा व्यवस्था, यातायात व्यवस्था एवं पार्किंग के लिए चिन्हित स्थलों का पूर्व में ही भ्रमण कर आवश्यक तैयारियों का जायजा लें। पूजा समितियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए सभी आवश्यक तैयारियां निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण कराना सुनिश्चित करें।
उन्होंने पूजा समितियों को निर्देश दिया कि अपने स्तर से नियुक्त सभी स्वयंसेवकों की सूची संबंधित थाना प्रभारी को उपलब्ध कराएं तथा स्वयंसेवकों को पहचान-पत्र उपलब्ध कराएं, ताकि भीड़ प्रबंधन एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं में उनका प्रभावी सहयोग लिया जा सके।
पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को पूजा पंडालों एवं मुख्य मार्गों के आवश्यक स्थलों पर संबंधित पदाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर CCTV कैमरों की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही, पर्व के दौरान ड्रंक एंड ड्राइव के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण एवं शहर को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों पर भी नियमित पुलिस गश्ती एवं भ्रमण सुनिश्चित करने को कहा। वरीय पुलिस पदाधिकारी एवं गश्ती दल लगातार भ्रमणशील रहेंगे तथा पूजा समितियों एवं आम नागरिकों के साथ समन्वय स्थापित कर किसी भी अप्रिय स्थिति की सूचना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।
उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि रात्रि 10:00 बजे के बाद DJ एवं ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर रोक तथा अन्य निर्धारित ध्वनि नियंत्रण संबंधी प्रावधानों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें।
पूजा समितियों ने प्रशासन को सहयोग का दिया आश्वासन
बैठक के दौरान उपस्थित पूजा समिति के प्रतिनिधियों एवं शांति समिति के सदस्यों ने प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन करने तथा शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में दुर्गा पूजा एवं दशहरा पर्व संपन्न कराने में प्रशासन एवं पुलिस को पूर्ण सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि पर्व के दौरान विधि-व्यवस्था, जनसुरक्षा एवं श्रद्धालुओं की सुविधा से संबंधित सभी निर्देशों का अनुपालन अनिवार्य होगा। किसी भी प्रकार के उल्लंघन की स्थिति में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन द्वारा सभी संबंधित पदाधिकारियों, पूजा समितियों एवं शांति समिति के सदस्यों से अपील की गई कि सुरक्षा मानकों, विधि-व्यवस्था एवं जनसुविधाओं से संबंधित सभी तैयारियां पर्व प्रारंभ होने से पूर्व समय पर पूर्ण कर लें, ताकि दुर्गा पूजा एवं दशहरा पर्व शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराया जा सके।
20 सितंबर को आदित्यपुर में श्रमिकों की बड़ी एकजुटता, बनेगी खरकई पुल से टायो गेट तक मानव श्रृंखला।
सरायकेला/आदित्यपुर
क्षेत्र के कारखानों में काम करने वाले श्रमिकों के हितों और उनकी मूलभूत सुविधाओं को लेकर कोल्हान सह टायो मजदूर यूनियन ने बड़े आंदोलन की घोषणा की है। संगठन के अध्यक्ष और पूर्व विधायक अरविंद सिंह ने आदित्यपुर में पत्रकारों से बातचीत में जानकारी दी कि 20 सितंबर को खरकई पुल, आदित्यपुर से लेकर गम्हरिया के टायो गेट तक लंबी मानव श्रृंखला का आयोजन होगा। इसके बाद घोड़ा बाबा मंदिर प्रांगण में बड़ी जनसभा भी होगी।
अरविंद सिंह ने स्पष्ट किया कि यह आयोजन किसी कंपनी या प्रबंधन के खिलाफ नहीं है, बल्कि मजदूरों के सम्मान और उनके अधिकारों को आवाज देने के लिए है। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य है — कारखाने तरक्की करें, कामगार सुरक्षित रहें और मेहनत का उचित सम्मान मिले।
उन्होंने श्रमिकों से जुड़े 18 प्रमुख मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि कई औद्योगिक इकाइयों में श्रम कानूनों का पालन नहीं हो रहा है। आरोप है कि अधिकांश फैक्ट्रियों में मजदूरों से 12 घंटे तक काम लिया जाता है, लेकिन साप्ताहिक छुट्टी, पीने का साफ पानी और आराम की व्यवस्था नहीं मिलती। यहां तक कि राष्ट्रीय व राजकीय छुट्टियों का लाभ भी नहीं दिया जाता।
उनके मुताबिक, कई मजदूर सुबह 4 बजे घर से निकलते हैं और प्रबंधन उनसे 16 घंटे तक काम कराता है, जिससे न उन्हें आराम मिल पाता है, न परिवार के लिए समय।
वेतन और सुविधाओं पर उठे सवाल अरविंद सिंह ने कहा कि एक जैसा काम करने के बावजूद स्थायी और अस्थायी कर्मचारियों के वेतन व बोनस में भारी अंतर है। न्यूनतम मजदूरी, पीएफ, ईएसआई और ओवरटाइम के नियमों को लेकर भी उन्होंने सवाल खड़े किए।
उन्होंने आरोप लगाया कि हक मांगने वाले श्रमिकों में नौकरी छूटने का डर बना रहता है। साथ ही, कुशल कारीगरों को अर्ध-कुशल या ठेका श्रेणी में दिखाकर उनका ग्रेड घटाने और आवाज उठाने वालों का तबादला कर परेशान करने की शिकायतें भी मिल रही हैं।
बुनियादी सुविधाओं की मांग यूनियन अध्यक्ष ने श्रम विभाग की कार्यशैली पर भी प्रश्न उठाए। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र में सड़कों की मरम्मत, नालियों की सफाई, स्ट्रीट लाइट, अतिरिक्त पुलिस चौकी और मजदूरों के लिए सुरक्षित बस सेवा की मांग रखी।
उन्होंने बताया कि सरायकेला, खरसावां, चांडिल, ईचागढ़, राजनगर, हाता, हल्दीपोखर समेत आसपास के कई इलाकों से हजारों मजदूर रोजाना आते हैं, जिन्हें आवागमन में भारी दिक्कत होती है।
उन्होंने यह भी कहा कि मजदूरों के मुद्दों पर जल्द ही खुली चर्चा आयोजित की जाएगी ताकि समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें।
जुटान की अपील अंत में अरविंद सिंह ने कोल्हान के मजदूरों और आम लोगों से 20 सितंबर के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की।
पत्रकार वार्ता में यूनियन के महामंत्री अजय कुमार शर्मा, कार्यकारी अध्यक्ष बसंत कुमार, उपाध्यक्ष जगदीश नारायण चौबे, इन्द्र कांत झा उर्फ इशू झा और असंगठित मजदूर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष शैलेश पांडेय समेत कई पदाधिकारी उपस्थित थे।
सरायकेला में मासिक क्राइम मीटिंग, पेंडिंग केस निपटाने और पेट्रोलिंग तेज करने पर जोर।
सरायकेला
सरायकेला सर्कल इंस्पेक्टर कार्यालय में गुरुवार को मासिक अपराध गोष्ठी का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता सर्कल इंस्पेक्टर राजेश टुडू ने की।
इस बैठक में सरायकेला सर्कल के अंतर्गत आने वाले सभी थानों के प्रभारी मौजूद रहे। इनमें सरायकेला, खरसावां, राजनगर, कुचाई और महिला थाना के थानेदार शामिल थे।
मीटिंग में पिछले महीने दर्ज हुए मामलों, उनकी जांच की प्रगति और लंबित कांडों के जल्द निपटारे को लेकर विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक के बाद सर्कल इंस्पेक्टर राजेश टुडू ने बताया कि पूरे अंचल में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराध पर अंकुश लगाने के लिए सभी थाना प्रभारियों को जरूरी निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि सरायकेला शहरी इलाका है, इसलिए यहां सबसे ज्यादा सड़क हादसे और बाइक चोरी के मामले सामने आते हैं। लेकिन पुलिस की लगातार कार्रवाई से बड़े और संगठित अपराधों पर पूरी तरह से नियंत्रण है। बीते कुछ महीनों में बाइक चोर गिरोह का खुलासा करने में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है।
इसके अलावा आमदा ओपी, राजनगर और सरायकेला इलाके में घरों में हुई जेवर चोरी की घटनाओं का खुलासा करते हुए पुलिस ने चोरी के जेवरात की बड़ी खेप बरामद की है। टुडू ने कहा कि चोरी की वारदातों और सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सभी थानों को रात्रि गश्ती और पेट्रोलिंग बढ़ाने का आदेश दिया गया है।
उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय खनन टास्क फोर्स की बैठक सम्पन्न।
सरायकेला-खरसावां
दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त, सरायकेला-खरसावाँ नीतिश कुमार सिंह की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक मनोज सर्वागिंयारी की उपस्थिति में विडिओ कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला स्तरीय खनन टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पूर्व बैठक में दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा के साथ-साथ जिले में अवैध खनन, अवैध खनिज परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध की गई कार्रवाई की समीक्षा की गई।
समीक्षा के क्रम में जिला खनन पदाधिकारी श्री ज्योति शंकर सतपथी द्वारा अवैध खनन, भंडारण एवं परिवहन के विरुद्ध की गई कार्रवाई की जानकारी दी गई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, दिनांक 22 जून 2026 से 21 अगस्त 2026 तक लगभग 3,50,000 घन फीट बालू से संबंधित मामलों में कार्रवाई की गई। इस दौरान 14 वाहनों पर दंडात्मक कार्रवाई करते हुए कुल 12.91 लाख रुपये की राशि की वसूली की गई तथा 01 प्राथमिकी/शिकायतवाद दर्ज किया गया। कार्रवाई के क्रम में 03 ट्रैक्टर, 05 हाइवा एवं 01-407 वाहन सहित अवैध क्वार्जाइट पत्थर उत्खनन एवं खनिज परिवहन से संबंधित वाहनों पर भी कार्रवाई की गई।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिले में अवैध खनन, विशेषकर बालू के अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जाए। एनजीटी के निर्देशानुसार निर्धारित अवधि में नदी से बालू के अवैध उत्खनन एवं उठाव पर पूर्ण रोक सुनिश्चित करने तथा नदी घाटों एवं संवेदनशील क्षेत्रों में सतत निगरानी रखने का निर्देश दिया गया। अवैध गतिविधियां पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों एवं वाहनों के विरुद्ध नियमानुसार त्वरित एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को अपने-अपने अनुमंडल क्षेत्र में अवैध खनन एवं खनिज परिवहन की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा संबंधित विभागीय पदाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। वहीं, सभी अंचल अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र में नियमित जांच एवं छापेमारी अभियान संचालित करने को कहा गया।
उपायुक्त ने जिला खनन विभाग को भी जिला स्तर पर नियमित जांच अभियान चलाने तथा अवैध उत्खनन, भंडारण एवं परिवहन की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखने का निर्देश दिया। जिला खनन पदाधिकारी एवं जिला परिवहन पदाधिकारी को खनिज परिवहन में संलग्न वाहनों की नियमित जांच करने तथा वैध दस्तावेज के बिना खनिज परिवहन करने वाले वाहनों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि अवैध उत्खनन एवं खनिज परिवहन के संबंध में किसी भी माध्यम से प्राप्त शिकायत अथवा सूचना पर तत्काल संज्ञान लेते हुए स्थल जांच एवं आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। प्राप्त सूचना को लंबित न रखते हुए संबंधित पदाधिकारी द्वारा त्वरित सत्यापन कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा की गई कार्रवाई से वरीय पदाधिकारियों को अवगत कराया जाए।
अवैध खनन एवं खनिज परिवहन की रोकथाम के लिए पुलिस, खनन विभाग, अंचल प्रशासन एवं परिवहन विभाग के बीच समन्वय के साथ संयुक्त जांच एवं छापेमारी अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। संवेदनशील मार्गों एवं क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुसार विशेष जांच अभियान चलाते हुए अवैध खनिज परिवहन में प्रयुक्त वाहनों के विरुद्ध नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
खनिज परिवहन में संलग्न वाहनों में खनिज को तिरपाल से पूरी तरह ढंककर परिवहन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित वाहन एवं जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया।
पुलिस अधीक्षक ने अवैध खनन एवं खनिजों के अवैध परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस एवं संबंधित विभागों के बीच समन्वय को और सुदृढ़ करने का निर्देश दिया। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निगरानी एवं गश्त, संयुक्त छापेमारी अभियान तथा सूचना तंत्र को सुदृढ़ करते हुए अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध त्वरित एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
बैठक में जिला खनन पदाधिकारी द्वारा अवैध खनन, भंडारण एवं परिवहन की रोकथाम से संबंधित नियमों एवं प्रावधानों की जानकारी दी गई। उपायुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को पूर्व में दिए गए निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने तथा अवैध खनन एवं खनिज परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई में किसी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने का निर्देश दिया।
बैठक में अपर उपायुक्त श्री जयवर्धन कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी सरायकेला अभिनव प्रकाश, अनुमंडल पदाधिकारी चांडिल नितिन शिवम गुप्ता, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सरायकेला एवं चांडिल, जिला खनन पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधि सभी अंचल अधिकारी, थाना प्रभारी सहित जिला स्तरीय खनन टास्क फोर्स के सदस्य एवं अन्य संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।
उपायुक्त की जिलेवासियों से अपील—सर्पदंश से बचाव के लिए बरतें सावधानी, सर्पदंश की स्थिति में बिना विलंब नजदीकी CHC पहुंचाएं।
सरायकेला/खरसावां
सरायकेला-खरसावाँ जिले में वर्षा ऋतु के दौरान सर्पदंश की आशंका को देखते हुए उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी नितिश कुमार सिंह (भा.प्र.से.) ने जिलेवासियों से सतर्कता एवं सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सर्पदंश एक गंभीर चिकित्सकीय आपातस्थिति हो सकती है। सतर्कता, समय पर चिकित्सा सहायता और उचित उपचार से सर्पदंश के कारण होने वाली गंभीर जटिलताओं के जोखिम को कम किया जा सकता है तथा व्यक्ति का जीवन बचाया जा सकता है।
उपायुक्त ने कहा कि सर्पदंश की स्थिति में बिना किसी विलंब के मरीज को नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाएं। सर्पदंश के उपचार के लिए जिले के संबंधित CHC में प्रशिक्षित चिकित्सक उपलब्ध हैं तथा चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार एंटी-स्नेक वेनम (ASV) उपलब्ध कर उपचार किया जाता है। इसलिए सर्पदंश को गंभीरता से लेते हुए तत्काल चिकित्सकीय सहायता प्राप्त करना आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि सर्पदंश के बाद पीड़ित को शांत रखें और अनावश्यक रूप से चलने-फिरने न दें। प्रभावित अंग को यथासंभव स्थिर रखें। अंगूठी, घड़ी, कड़ा अथवा अन्य कसाव वाली वस्तुएं पहनी हों तो उन्हें हटा दें, ताकि सूजन की स्थिति में परेशानी न हो। सर्प को पकड़ने अथवा मारने का प्रयास न करें।
उपायुक्त ने स्पष्ट रूप से अपील की कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक, तंत्र-मंत्र अथवा अप्रमाणित घरेलू उपचार का सहारा न लें। घाव को काटना, जहर चूसना, जलाना, रगड़ना या उस पर किसी प्रकार की जड़ी-बूटी अथवा रासायनिक पदार्थ लगाना नहीं चाहिए। ऐसी स्थिति में प्राथमिकता तत्काल चिकित्सकीय सहायता प्राप्त करना होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि वर्षा ऋतु में सर्पों की गतिविधि को देखते हुए घर एवं आसपास के परिसर को साफ-सुथरा रखें तथा अनावश्यक झाड़ियों, कचरे एवं ऐसे स्थानों की नियमित सफाई करें जहां सर्प छिप सकते हैं। रात में बाहर निकलते समय टॉर्च का उपयोग करें तथा पैरों को ढकने वाले जूते पहनें। खेतों एवं अन्य कार्यस्थलों पर भी आवश्यक सावधानी बरतें।
उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह ने जिलेवासियों से अपील की कि सर्पदंश की स्थिति में घबराएं नहीं, समय न गंवाएं और तत्काल चिकित्सा सहायता प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि जागरूकता एवं सावधानी के साथ सर्पदंश की घटनाओं से बचाव किया जा सकता है तथा समय पर उचित उपचार मिलने से गंभीर परिणामों को रोका जा सकता है।
उन्होंने जिलेवासियों से स्वयं जागरूक रहने के साथ-साथ परिवार, पड़ोस एवं आसपास के लोगों को भी सर्पदंश से बचाव तथा समय पर चिकित्सा सहायता प्राप्त करने के प्रति जागरूक करने की अपील की।
उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक संपन्न, विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की हुई समीक्षा।
सरायकेला-खरसावां
सरायकेला-खरसावाँ समाहरणालय सभागार में आज उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए योजनाओं का प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने हेतु संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन की प्राथमिकता जनहित से जुड़े मामलों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करते हुए पात्र लाभुकों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पहुंचाना है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि योजनाओं का लाभ लेने के लिए आमजनों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाना पड़े तथा कार्यालय स्तर पर ही उनकी समस्याओं का नियमानुसार समाधान सुनिश्चित हो।
समीक्षा के क्रम में प्रखंड एवं अंचल स्तर पर नियमित समन्वय बैठक आयोजित करने, योजनाओं की सतत निगरानी रखने तथा सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने का निर्देश दिया गया। लाभुकों को योजनाओं का लाभ बिना किसी मध्यस्थता के सीधे उपलब्ध कराने तथा राजस्व एवं अन्य जनहित से जुड़े कार्यों में अनावश्यक विलंब समाप्त करने को कहा गया।
सभी संबंधित पदाधिकारियों को सप्ताह में कम-से-कम एक से दो दिन कार्यालय अवधि में अपने-अपने कार्यालय में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहकर क्षेत्र से आने वाले आमजनों की समस्याओं को सुनने तथा प्राप्त आवेदनों एवं शिकायतों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि विभिन्न कार्यों के लिए प्रखंड, अंचल एवं अन्य कार्यालयों में आने वाले फरियादियों की समस्याओं पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि लोगों को एक ही कार्य के लिए बार-बार कार्यालय का चक्कर न लगाना पड़े।
आपूर्ति विभाग की समीक्षा के क्रम में गोदाम निर्माण एवं मरम्मती कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया गया। राशन के उठाव से संबंधित लंबित कार्यों को यथाशीघ्र पूर्ण करते हुए ससमय राशन वितरण सुनिश्चित करने को कहा गया। विभिन्न माध्यमों से राशन वितरण में अनियमितता संबंधी प्राप्त शिकायतों की नियमानुसार जांच कर दोषी पाए जाने वाले डीलरों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा स्टॉक का नियमित मिलान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया, ताकि लाभुकों को निर्धारित मात्रा में राशन उपलब्ध हो सके।
शिक्षा विभाग की समीक्षा के क्रम में छूटे हुए सभी विद्यार्थियों का जन्म प्रमाण पत्र निर्गत कराने तथा बैंक खाता खोलने की प्रक्रिया पूर्ण करने का निर्देश दिया गया। साथ ही नामांकन, विद्यार्थियों की उपस्थिति एवं शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार सुनिश्चित करने को कहा गया।
उद्योग एवं श्रम विभाग की समीक्षा के क्रम में विभिन्न योजनाओं के तहत लोन आवेदन तैयार करने की प्रक्रिया में तेजी लाने तथा अधिकाधिक पात्र लाभुकों को योजनाओं से जोड़कर स्वरोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने का निर्देश दिया गया। श्रमिकों के पंजीकरण में तेजी लाने तथा विभागीय योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा गया।
कृषि एवं संबद्ध विभागों की समीक्षा के दौरान तालाब जीर्णोद्धार, योग्य किसानों के बीच कृषि सहायक उपकरण एवं बीज आदि का समयबद्ध वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। मत्स्य पालन के इच्छुक किसानों को संबंधित योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने तथा तालाबों की बंदोबस्ती की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा गया। योजनाओं से संबंधित डेटा की संबंधित पोर्टल पर समयबद्ध ऑनलाइन प्रविष्टि सुनिश्चित करने तथा किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों से जोड़ने का निर्देश दिया गया।
खेल एवं पर्यटन विभाग की समीक्षा के क्रम में जिला खेल पदाधिकारी को सतनाला डैम को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने हेतु आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया गया। पर्यटकों की सुविधा एवं क्षेत्र के पर्यटन विकास को ध्यान में रखते हुए सीटिंग बेंच, बोटिंग आदि आवश्यक सुविधाओं के विकास की दिशा में कार्य करने को कहा गया।
सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याण विभाग को केंद्र सरकार की पेंशन योजनाओं के अंतर्गत पेंशन प्राप्त करने वाले लाभुकों का डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेशन शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने तथा लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन करने का निर्देश दिया गया।
बैठक के दौरान मिशन वात्सल्य योजना की समीक्षा करते हुए एकल एवं अनाथ बच्चों को चिन्हित कर उन्हें स्पॉन्सरशिप योजना से जोड़ने का निर्देश दिया गया। स्वयं सहायता समूह की दीदियों को अधिकाधिक आर्थिक गतिविधियों से जोड़कर स्वावलंबी बनाने तथा ‘लखपति दीदी’ की संख्या में वृद्धि के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने को कहा गया।
मनरेगा एवं आवास योजनाओं के अंतर्गत स्वीकृत योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा रोजगार सृजन में तेजी लाने का निर्देश दिया गया।
नगर विकास विभाग को नगर निकाय क्षेत्रों में स्वच्छता, पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति से संबंधित व्यवस्थाओं को सुदृढ़ रखने तथा निर्माण एवं विकास कार्यों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि सरकारी योजनाओं की जानकारी स्थानीय भाषा में सरल एवं प्रभावी तरीके से आमजनों तक पहुंचाई जाए। इसके लिए ग्राम पंचायत स्तर पर बैनर, फ्लेक्स एवं होर्डिंग के साथ-साथ सोशल मीडिया, गीत-संगीत, नुक्कड़ नाटक, पेंटिंग एवं वॉल पेंटिंग जैसे जनसंचार माध्यमों का प्रभावी उपयोग करने को कहा गया। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ केवल जागरूक एवं सक्रिय लाभुकों तक सीमित न रहे, बल्कि अंतिम पायदान पर खड़े प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं की जानकारी एवं लाभ पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।
बैठक के अंत में सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, गुणवत्तापूर्ण निष्पादन एवं निर्धारित समय-सीमा में लक्ष्य प्राप्त करने का निर्देश दिया गया। साथ ही योजनाओं की नियमित समीक्षा एवं क्षेत्र स्तर पर सतत निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक के अंत में भारत सरकार, गृह मंत्रालय के जनगणना कार्य निदेशालय, झारखण्ड द्वारा भारत की जनगणना-2027 के प्रथम चरण के मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना कार्य में सराहनीय योगदान के लिए प्रखंड विकास पदाधिकारी, सरायकेला एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी, चांडिल को प्रदान किए गए प्रशस्ति-पत्र उपायुक्त द्वारा प्रदान कर सम्मानित किया गया।
बैठक में उप विकास आयुक्त श्रीमती रीना हांसदा, अपर उपायुक्त जयबर्धन कुमार, नगर आयुक्त आदित्यपुर एजाज अनवर, अनुमंडल पदाधिकारी सरायकेला अभिनव प्रकाश, अनुमंडल पदाधिकारी चांडिल नितिन शिवम गुप्ता, सिविल सर्जन, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी सहित जिला स्तरीय पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी, सभी विभागों के कार्यपालक अभियन्ता, उपस्थित थे।
उपायुक्त की अध्यक्षता में कौशल विकास एवं आजीविका संवर्धन से संबंधित समीक्षा बैठक संपन्न।
सरायकेला/खरसावां
उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में कौशल विकास एवं आजीविका संवर्धन से संबंधित समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न कौशल विकास कार्यक्रमों, प्रशिक्षण केंद्रों, श्रमिक पंजीकरण, प्लेसमेंट, रोजगार एवं स्वरोजगार से संबंधित कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान विगत समीक्षा बैठकों में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की क्रमवार समीक्षा करते हुए लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने का निर्देश संबंधित पदाधिकारियों को दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि कौशल विकास कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण प्रदान करना नहीं, बल्कि प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को उनकी योग्यता एवं उपलब्ध रोजगार अवसरों के अनुरूप रोजगार अथवा स्वरोजगार से जोड़ना है।
उन्होंने निर्देश दिया कि जिले के विभिन्न औद्योगिक एवं सेवा क्षेत्र के संस्थानों से प्राप्त रिक्त पदों की मांग के अनुरूप ट्रेड-वार प्रशिक्षण की कार्ययोजना तैयार की जाए। औद्योगिक संस्थानों द्वारा लाइव पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई रिक्तियों का नियमित रूप से अनुश्रवण करते हुए संबंधित ट्रेड में प्रशिक्षण प्राप्त स्थानीय युवाओं के प्लेसमेंट हेतु आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही सभी औद्योगिक संस्थानों को अपनी रिक्तियों की जानकारी पोर्टल पर नियमित रूप से अद्यतन करने के लिए आवश्यक समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में जिले में संचालित सभी 13 प्रशिक्षण केंद्रों एवं प्रखंड स्तर पर संचालित 9 प्रशिक्षण केंद्रों के नियमित संचालन की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने प्रशिक्षण केंद्रों में प्रशिक्षण की गुणवत्ता एवं नियमितता सुनिश्चित करने तथा प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों के रोजगार एवं स्वरोजगार से जुड़ाव के लिए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार कर कार्य करने का निर्देश दिया। प्रशिक्षण पूर्ण कर चुके अभ्यर्थियों का ट्रैकिंग एवं प्लेसमेंट सुनिश्चित करने तथा पात्र अभ्यर्थियों को संबंधित सरकारी कल्याणकारी एवं स्वरोजगार योजनाओं से जोड़ने का निर्देश दिया गया।
काशी साहू कॉलेज, सरायकेला में स्किल पार्क के संचालन हेतु तैयार प्रस्ताव एवं अब तक की प्रगति की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने बॉयज एवं गर्ल्स हॉस्टल, आईटी लैब, कक्षा-कक्ष, सुरक्षा व्यवस्था सहित अन्य आवश्यक तैयारियों को विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप नियमानुसार यथाशीघ्र पूर्ण करने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने राजनगर एवं खरसावां प्रखंड में सिलाई मशीन प्रशिक्षण का कार्य यथाशीघ्र प्रारंभ करने तथा प्रशिक्षण के उपरांत अभ्यर्थियों को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने हेतु संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
PNB RSETI की समीक्षा के क्रम में प्रशिक्षण प्राप्त ऐसे अभ्यर्थियों, जो अब तक रोजगार अथवा स्वरोजगार से नहीं जुड़ पाए हैं, को चिह्नित कर उनसे संपर्क स्थापित करने, काउंसलिंग एवं आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। प्रशिक्षण प्राप्त इच्छुक अभ्यर्थियों का बैंक लिंकेज सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि वे वित्तीय सहायता एवं संबंधित योजनाओं का लाभ प्राप्त कर स्वरोजगार प्रारंभ कर सकें।
बैठक में श्रमिक पंजीकरण की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने विभागीय योजनाओं के अंतर्गत विशेष कैंप आयोजित कर पात्र श्रमिकों से आवेदन प्राप्त करने एवं छूटे हुए श्रमिकों का पंजीकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को अपने-अपने विभागों में संचालित रोजगार, स्वरोजगार एवं कल्याणकारी योजनाओं का स्थानीय भाषा में व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा पात्र लाभुकों को योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने हेतु प्रभावी कार्रवाई करने को कहा।
नियोजन कार्यालय की समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने जिला नियोजन पदाधिकारी को जिला शिक्षा पदाधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर जिले के विभिन्न विद्यालयों में कक्षा 10वीं, 11वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों के लिए विशेषज्ञों के माध्यम से करियर एवं रोजगार संबंधी काउंसलिंग आयोजित कराने का निर्देश दिया। उन्होंने निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप नियमित रोजगार मेलों का आयोजन करने तथा स्थानीय युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने के लिए प्रभावी पहल करने को कहा।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि रोजगार मेला आयोजित किए जाने से पूर्व संबंधित क्षेत्र में स्थानीय भाषा के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक योग्य एवं इच्छुक अभ्यर्थी रोजगार मेले में शामिल होकर उपलब्ध अवसरों का लाभ उठा सकें। रोजगार मेलों में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों के प्रशिक्षण, योग्यता एवं उपलब्ध रिक्तियों के अनुरूप रोजगार से जोड़ने की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
उपायुक्त ने कहा कि कौशलयुक्त मानव संसाधन जिले के समग्र एवं सतत विकास की महत्वपूर्ण आधारशिला है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों एवं प्रशिक्षण संस्थानों को आपसी समन्वय एवं उत्तरदायित्व के साथ कार्य करते हुए प्रशिक्षण, प्लेसमेंट एवं स्वरोजगार की पूरी प्रक्रिया को परिणामोन्मुखी बनाने तथा अधिक से अधिक स्थानीय युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी पहल सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक में श्रम अधीक्षक अविनाश कुमार ठाकुर, जिला नियोजन पदाधिकारी, डीपीएम-जेएसएलपीएस, संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं विभिन्न प्रशिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।