खाद की कालाबाजारी एवं डुप्लीकेट उर्वरकों की बिक्री रोकथाम को लेकर अनुमंडल स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक सम्पन्न।
सरायकेला-खरसावां
ई-पॉस स्टॉक मिलान, एक्सपायरी खाद बिक्री पर रोक, नियमित निरीक्षण एवं खाद दुकानों की मॉनिटरिंग को लेकर दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश।
सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त नितिश कुमार सिंह के निर्देशानुसार अनुमंडल पदाधिकारी, चांडिल विकास कुमार राय की अध्यक्षता में चांडिल अनुमंडल अंतर्गत सभी खाद दुकानदारों एवं चारों प्रखंडों के प्रखंड कृषि पदाधिकारियों के साथ अनुमंडल स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में खाद की कालाबाजारी, डुप्लीकेट उर्वरकों की बिक्री तथा अनियमितताओं की रोकथाम को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। सभी खाद दुकानदारों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया कि ई-पॉस मशीन में प्रदर्शित स्टॉक एवं भौतिक स्टॉक में पूर्ण समानता होनी चाहिए। किसी भी परिस्थिति में एक्सपायरी उर्वरक अथवा डुप्लीकेट फर्टिलाइजर का भंडारण एवं बिक्री नहीं की जाएगी।
अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा निर्देश दिया गया कि सभी खाद दुकानदार निर्धारित दर सूची एवं उपलब्ध स्टॉक की जानकारी दुकान में अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करें तथा किसानों को उर्वरक बिक्री की रसीद उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। बिना वैध अभिलेख एवं लाइसेंस के किसी भी प्रकार का उर्वरक विक्रय पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
साथ ही सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र अंतर्गत संचालित खाद दुकानों की नियमित मॉनिटरिंग, औचक निरीक्षण एवं स्टॉक सत्यापन करने का निर्देश दिया गया। बैठक में यह भी कहा गया कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण एवं निर्धारित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि खाद की कालाबाजारी, अवैध भंडारण, कृत्रिम कमी उत्पन्न करने अथवा डुप्लीकेट उर्वरकों की बिक्री संबंधी शिकायत अथवा अनियमितता पाए जाने पर संबंधित दुकानदारों के विरुद्ध लाइसेंस निलंबन/रद्द करने सहित विधिसम्मत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) प्रबंधन समिति की बैठक सम्पन्न।
सरायकेला-खरसावां
खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर दिए गए आवश्यक निर्देश।
स्वीकृत योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन, पारदर्शिता, नियमित अनुश्रवण एवं आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर दिया गया विशेष जोर।
समाहरणालय सभागार में उपायुक्त, सरायकेला-खरसावां नीतीश कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) प्रबंधन समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 एवं 2026-27 के अंतर्गत स्वीकृत एवं प्रस्तावित योजनाओं की समीक्षा करते हुए खनन प्रभावित क्षेत्रों में संचालित विकास योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना (PMKKKY) अंतर्गत प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से खनन प्रभावित क्षेत्रों के चिन्हीकरण एवं संशोधित सूची के अनुमोदन पर चर्चा करते हुए समिति द्वारा आवश्यक अनुमोदन प्रदान किया गया।
साथ ही जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट से संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा खनन प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु विभिन्न योजनाओं एवं प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान करने संबंधी बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया। वित्तीय वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 के ऑडिट एवं वार्षिक प्रतिवेदन की समीक्षा कर संबंधित बिंदुओं पर आवश्यक निर्णय भी लिए गए।
बैठक के दौरान निर्देश दिया गया कि DMFT अंतर्गत संचालित सभी योजनाओं का कार्य गुणवत्तापूर्ण एवं निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण कराया जाए। खनन प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, सिंचाई एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं से संबंधित योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनाए रखने पर विशेष बल दिया गया।
इसके अतिरिक्त प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से खनन प्रभावित क्षेत्रों की आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाओं के चयन, प्राथमिकता निर्धारण एवं क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। संबंधित विभागों को निर्देश दिया गया कि स्थानीय आवश्यकता एवं जनहित को ध्यान में रखते हुए विकासोन्मुख योजनाओं का चयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि खनन प्रभावित क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण हो तथा आमजन को योजनाओं का समुचित लाभ प्राप्त हो सके।
बैठक में आगामी पांच वर्षीय परिप्रेक्ष्य योजना तैयार करने हेतु बेसलाइन सर्वेक्षण कराने तथा आगामी वित्तीय वर्षों के ऑडिट कार्यों के अनुमोदन संबंधी विषयों पर भी चर्चा की गई। बैठक में संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे तथा विभिन्न योजनाओं की अद्यतन स्थिति, क्रियान्वयन प्रगति एवं भावी कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया गया।
उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला योजना कार्यकारिणी समिति की बैठक सम्पन्न।
डीएमएफटी – अनावध निधि अंतर्गत संचालित विकास योजनाओं की हुई समीक्षा एवं प्राथमिकता आधारित योजनाओं चयन के दिए गए निर्देश
सरायकेला-खरसावां
समाहरणालय सभागार, सरायकेला में उपायुक्त नीतिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में आज जिला योजना कार्यकारिणी समिति की बैठक आयोजित की गई।
बैठक के दौरान जिला खनिज प्रतिष्ठान न्यास (DMFT) अनावध निधि अंतर्गत संचालित योजनाओं की अद्यतन भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा के क्रम में योजनाओं के प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया गया। इसके अतिरिक्त शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क निर्माण, सिंचाई, कौशल विकास, पोषण, स्वच्छता, विद्युत आपूर्ति सुदृढ़ीकरण एवं सामुदायिक आधारभूत संरचना से संबंधित विभिन्न विभागों से प्राप्त प्रस्तावों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जनहित एवं आवश्यकता के आधार पर योजनाओं का प्राथमिकता अनुसार चयन सुनिश्चित करते हुए डीएमएफटी अनावध निधि से उनके क्रियान्वयन की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाए।
समीक्षा के क्रम में उपायुक्त द्वारा निर्देशित किया गया कि सभी योजनाओं का निष्पादन निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए तथा निर्माण कार्यों में गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। सभी योजनाएं स्वीकृत प्राक्कलन (Estimate) एवं निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप ही निष्पादित हों, यह सुनिश्चित करने के साथ-साथ कार्यस्थलों का नियमित निरीक्षण कर प्रगति की सतत निगरानी की जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की शिथिलता अथवा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही कार्यस्थलों पर सूचना पट्ट, स्वीकृत लागत, कार्य अवधि एवं योजना संबंधी विवरण का स्पष्ट प्रदर्शन किया जाए तथा योजनाओं की अद्यतन भौतिक एवं वित्तीय प्रगति प्रतिवेदन निर्धारित प्रारूप में समय-समय पर जिला मुख्यालय को उपलब्ध कराया जाए, ताकि प्रभावी अनुश्रवण एवं मूल्यांकन सुनिश्चित किया जा सके।
उपायुक्त ने यह भी कहा कि जनउपयोगिता को बढ़ावा देते हुए योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना सुनिश्चित किया जाए तथा डीएमएफटी निधि से संचालित सभी योजनाओं में पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
बैठक में निदेशक DRDA अजय तिर्की, अपर उपायुक्त जायबर्धन कुमार, अपर नगर आयुक्त आदित्यपुर, जिला योजना पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी समेत विभिन्न विभाओ के वरीय पदाधिकारी तथा विभिन्न कार्य विभाग के कार्यपालक अभियन्ता उपस्थित रहे।
समाहरणालय सभागार में उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक सम्पन्न।
सरायकेला-खरसावां
विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर , समयबद्ध निष्पादन एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के दिए गए निर्देश।
योजनाओं का स्थानीय भाषा में व्यापक प्रचार-प्रसार, अंतिम पायदान तक लाभ पहुँचाने एवं लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित करने के दिए गए निर्देश।
समाहरणालय सभागार में उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई, बैठक में उपायुक्त के द्वारा विभिन्न विभागों द्वारा संचालित विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई तथा उनके प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए।
समीक्षा के क्रम में प्रखंड एवं अंचल स्तर पर नियमित समन्वय बैठक आयोजित करने, योजनाओं की सतत निगरानी रखने एवं सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने का निर्देश दिया गया। लाभुकों को योजनाओं का लाभ बिना किसी मध्यस्थता के सीधे उपलब्ध कराने तथा राजस्व संबंधी कार्यों में अनावश्यक विलंब समाप्त करने के निर्देश दिए गए।
सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे सप्ताह में कम-से-कम एक से दो दिन कार्यालय अवधि में अपने-अपने कार्यालय में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहकर क्षेत्र से आने वाले आमजन की समस्याओं को सुनें तथा प्राप्त आवेदनों/शिकायतों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करें, ताकि लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े एवं योजनाओं के लाभ प्रदान करने में विलंब न हो।
शिक्षा विभाग को विद्यालयों में जर्जर शौचालयों के निर्माण हेतु स्वीकृति प्राप्त कर कार्य प्रारंभ करने, सभी विद्यार्थियों का जन्म प्रमाण पत्र निर्गत करने, बैंक खाता खोलने की प्रक्रिया पूर्ण करने तथा नामांकन, उपस्थिति एवं शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग को आयुष्मान कार्ड निर्माण हेतु विशेष अभियान चलाने, रोस्टरवार कैंप आयोजित करने, स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
खाद आपूर्ति विभाग की समीक्षा के क्रम में निर्देश दिया गया कि जन वितरण प्रणाली के अंतर्गत राशन वितरण में प्राप्त शिकायतों की जांच कर दोषी डीलरों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा स्टॉक मिलान सुनिश्चित करते हुए लाभुकों को निर्धारित मात्रा में राशन उपलब्ध कराया जाए।
उद्योग एवं श्रम विभाग को योजनाओं के अंतर्गत अधिकाधिक लाभुकों को जोड़ने, श्रमिक पंजीकरण में तेजी लाने एवं योजनाओं का प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
कृषि विभाग को बीज, उर्वरक एवं उपकरणों का समयबद्ध वितरण, मृदा जांच में तेजी एवं किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों से जोड़ने का निर्देश दिया गया।
सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याण विभाग को केंद्र सरकार की पेंशन योजनाओं के अंतर्गत पेंशन प्राप्त करने वाले लाभुकों का डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेशन शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने एवं लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन करने का निर्देश दिया गया।
मनरेगा एवं आवास योजनाओं के अंतर्गत योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन एवं रोजगार सृजन में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
नगर विकास विभाग को स्वच्छता, पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा निर्माण एवं विकास कार्यों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में रोस्टरवार हल्का स्तर पर विशेष शिविर आयोजित करने का निर्देश दिया गया, जिसमें विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत ऑन-स्पॉट सेवाएं उपलब्ध कराते हुए आमजन का मोबिलाइजेशन सुनिश्चित किया जाएगा।
सभी विभागों को निर्देशित किया गया कि योजनाओं का स्थानीय भाषा में व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए ग्राम पंचायत स्तर पर बैनर, फ्लेक्स एवं होर्डिंग, सोशल मीडिया तथा गीत-संगीत, नुक्कड़ नाटक, पेंटिंग एवं वॉल पेंटिंग जैसे माध्यमों का उपयोग कर अधिकाधिक लोगों तक जानकारी पहुँचाई जाए तथा अंतिम पायदान पर खड़े पात्र व्यक्तियों को योजनाओं से आच्छादित किया जाए।
बैठक के अंत में सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, गुणवत्तापूर्ण निष्पादन एवं समयबद्ध लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में निदेशक DRDA अजय तिर्की, अपर उपायुक्त जयबर्धन कुमार, अपर नगर आयुक्त रवि प्रकास, अनुमंडल पदाधिकारी सरायकेला अभिनव प्रकाश समेत जिला स्तरीय पदाधिकारीगण एवं सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी–अंचलाधिकारी उपस्थित थे।
उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय परामर्श समिति (DLCC/DLRC) की बैठक सम्पन्न।
सरायकेला–खरसावाँ
समाहरणालय सभागार में उपायुक्त नीतिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय परामर्श समिति (DLCC/DLRC) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों एवं बैंकिंग संस्थानों द्वारा संचालित हितग्राही-उन्मुख योजनाओं, ऋण वितरण, वित्तीय समावेशन तथा बैंकिंग सेवाओं की उपलब्धता की विस्तृत समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने सभी बैंक प्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि लाभुकों के ऋण स्वीकृति एवं वितरण की प्रक्रिया को सरल एवं त्वरित बनाया जाए, ताकि लाभुक समय पर अपना व्यवसाय प्रारंभ कर सकें तथा ऋण की अदायगी निर्धारित समय सीमा में कर सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजनाओं से संबंधित मामलों में अनावश्यक पेंडेंसी, विलंब अथवा बिना कारण निरस्तीकरण स्वीकार्य नहीं होगा।
उन्होंने सभी शाखा प्रबंधकों को निर्देशित किया कि लाभुकों के आवेदनों पर संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करें, अस्वीकृत मामलों में स्पष्ट कारण अंकित करें तथा बैंक शाखाओं में आने वाले नागरिकों के प्रति सहयोगात्मक एवं उत्तरदायी व्यवहार सुनिश्चित करें, जिससे बैंकिंग सेवाओं के प्रति आमजन का विश्वास सुदृढ़ हो सके।
उपायुक्त ने बैंकों को निर्देश दिया कि पात्र लाभुकों को अधिक से अधिक ऋण उपलब्ध कराते हुए अपने कार्य व्यवहार में सुधार लाएं, ताकि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंच सके।
किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि योग्य किसानों के आवेदनों को लंबित न रखा जाए तथा सभी पेंडिंग मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही पात्र किसानों को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप KCC का लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
इसके अतिरिक्त उपायुक्त ने जिले के प्रमुख बाजारों एवं अधिक आवागमन वाले क्षेत्रों में ATM सुविधाओं को सुदृढ़ करने, बंद ATM को शीघ्र चालू करने तथा ग्रामीण एवं नवसृजित क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं के विस्तार हेतु बैंकिंग संवाददाता (BC) प्वाइंट की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान नाबार्ड (NABARD) द्वारा तैयार “संभाव्यतायुक्त ऋण योजना (Potential Linked Credit Plan) 2026–27” पुस्तिका का विमोचन उपायुक्त एवं उपस्थित पदाधिकारियों के द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
आखिरकार तीन वर्षों के लंबे अंतराल के बाद आयोजित हुई मधुपुर नगर परिषद की बहुप्रतीक्षित बोर्ड बैठक।
बैठक में शहर के विकास को लेकर कई अहम और ठोस निर्णय लिए गए।
मधुपुर
मधुपुर नगर परिषद की बहुप्रतीक्षित बोर्ड बैठक आखिरकार तीन वर्षों के लंबे अंतराल के बाद आयोजित हुई, जिसमें शहर के विकास को लेकर कई अहम और ठोस निर्णय लिए गए। बैठक की अध्यक्षता नगर परिषद अध्यक्ष दरक्शां परवीन ने की, जबकि उपाध्यक्ष ऋषभ भारद्वाज समेत सभी वार्ड पार्षदों ने सक्रिय भागीदारी निभाते हुए अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं और विकास प्रस्तावों को मजबूती से सदन में रखा। बैठक के दौरान शहर में बढ़ते मच्छरों के प्रकोप को देखते हुए नियमित फॉगिंग कराने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया।
इसके साथ ही खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत, बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त करने और सफाई व्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए हैंड ट्रॉली खरीदने जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। नगर परिषद ने प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभुकों के भुगतान को लेकर भी सख्त रुख अपनाया।
अब लाभुकों को भुगतान बोर्ड की स्वीकृति के बाद ही किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। वहीं, डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण व्यवस्था को लेकर भी परिषद ने गंभीरता दिखाई और इसमें सुधार के लिए एक महीने का समय निर्धारित किया गया। साथ ही टैक्स वृद्धि जैसे मुद्दों पर भी सहमति बनाते हुए नगर के राजस्व को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया गया।
अनुमंडल पदाधिकारी ने की पेट्रोल पंप संचालकों के साथ महत्वपूर्ण बैठक: उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा देने का निर्देश
बिहार/समस्तीपुर
दिनांक 02 अप्रैल 2026 को समस्तीपुर अनुमंडल पदाधिकारी दिलीप कुमार के नेतृत्व में अनुमंडल अंतर्गत सभी पेट्रोल पम्प संचालकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान सभी पेट्रोल पंप संचालकों के साथ बारी-बारी से विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा के क्रम में संचालकों ने बताया कि प्रशासन द्वारा की गई सुदृढ़ व्यवस्था के कारण उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ रहा है।
अनुमंडल पदाधिकारी दिलीप कुमार ने सभी संचालकों को निर्देश दिया कि वे निर्धारित मानकों का पालन करते हुए उपभोक्ताओं को सुचारु एवं पारदर्शी सेवा उपलब्ध कराएं। साथ ही उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि किसी भी परिस्थिति में उपभोक्ताओं को परेशानी न हो।
बैठक का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा प्रदान करना एवं पेट्रोल पम्प पर व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाना था, जिसमें प्रशासन और संचालकों के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला।
माननीय राष्ट्रपति महोदया के प्रस्तावित आगमन की तैयारियों को लेकर विधि-व्यवस्था, सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था की व्यापक समीक्षा।
सरायकेला-खरसावां
माननीय राष्ट्रपति महोदया के प्रस्तावित आगमन की तैयारी के निमित्त विधि-व्यवस्था संधारण को लेकर उपायुक्त, सरायकेला–खरसावाँ नीतिश कुमार सिंह एवं पुलिस अधीक्षक, सरायकेला–खरसावाँ मुकेश लुणायत द्वारा संयुक्त रूप से एनआईटी परिसर, कार्यक्रम स्थल, आगमन–प्रस्थान मार्ग (रूट लाइन) सहित विभिन्न संबंधित स्थलों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के क्रम में सुरक्षा, प्रोटोकॉल, यातायात, पार्किंग, सेफ रूम, नियंत्रण कक्ष सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई।
तैयारियों के क्रम में जियाडा (JIADA) स्थित सभागार में संबंधित विभागों के पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपायुक्त द्वारा सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि माननीय राष्ट्रपति महोदया के आगमन से पूर्व सभी तैयारियाँ दिनांक 27 दिसंबर तक अनिवार्य रूप से पूर्ण कर ली जाएँ।
बैठक में रूट लाइन से संबंधित समस्त तैयारियों की विस्तार से समीक्षा करते हुए उपायुक्त द्वारा निर्देश दिया गया कि आगमन–प्रस्थान मार्ग पर स्थित सभी विद्युत खंभों, झूलते हुए तारों एवं अन्य विद्युत संरचनाओं को यथाशीघ्र दुरुस्त किया जाए। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिकोण से संबंधित विभागों द्वारा स्थलीय जांच के उपरांत सभी निर्धारित मानकों के अनुरूप आवश्यक प्रमाण-पत्र दिनांक 27 दिसंबर तक अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराया जाए। यातायात परिचालन को सुगम, सुरक्षित एवं निर्बाध बनाए रखने हेतु आवश्यकता अनुसार रूट डायवर्जन की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा थाना प्रभारी एवं नगर निगम के पदाधिकारियों को रूट लाइन में पड़ी किसी भी प्रकार की निर्माण सामग्री, मलबा अथवा क्षतिग्रस्त वाहनों को पूर्णतः हटाने का निर्देश दिया गया, ताकि आगमन मार्ग में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सुरक्षा व्यवस्था, प्रोटोकॉल अथवा तैयारियों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कोताही किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारी अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण तत्परता, जिम्मेदारी एवं उच्च स्तर की संवेदनशीलता के साथ सुनिश्चित करेंगे।
समीक्षा बैठक में अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार, अपर नगर आयुक्त, आदित्यपुर रवि प्रकाश, उप नगर आयुक्त पारुल सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी, सरायकेला–चांडिल, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सरायकेला–चांडिल, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी, जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के वरीय पदाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी उपस्थित रहे।
वन दोहन का लगाया आरोप, ग्राम सभाओं की अनदेखी पर नाराज़गी
दलमा क्षेत्र ग्राम सभा सुरक्षा मंच कोल्हान का विरोध तेज
सरायकेला-खरसावां
दलमा अभ्यारण्य परिसर में प्रस्तावित ग्लास ब्रिज,रोपवे तथा अन्य पर्यटन परियोजनाओं को लेकर स्थानीय दलमा क्षेत्र ग्राम सभा सुरक्षा मंच ने इन परियोजनाओं का तीखा विरोध जताते हुए कहा है कि पर्यटन विकास के नाम पर वन दोहन किया जा रहा है और ग्राम सभा की सहमति के बिना कार्य शुरू का आदेश देना कानून का उलंघन है।
मंच के सचिव दलमा टाइगर सुकलाल पहाड़िया ने कहा कि दलमा अभ्यारण्य को विश्व स्तरीय और “टूरिस्ट-फ्रेंडली” बनाने की पहल में वन विभाग स्थानीय समुदायों को पूरी तरह नज़रअंदाज़ कर रहा है। उनका कहना है कि प्रशासन पर्यटन को बढ़ावा देने की आड़ में जंगलों की कटाई, पर्यावरणीय संरचनाओं को नुकसान और वनाधिकार कानून की अवहेलना कर रहा है।
ग्राम सभा को दरकिनार कर काम शुरू होने का आरोप
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग ने न तो किसी ग्राम सभा से लिखित सहमति ली और न ही परियोजना से जुड़े प्रभावों पर बातचीत की। ग्रामीणों के अनुसार, अभ्यारण्य क्षेत्र आदिवासी समुदायों की सांस्कृतिक धरोहर, जीविका और परंपरागत अधिकारों से जुड़ा है। ऐसे में बिना सहमति किसी भी तरह का निर्माण कार्य उनके अधिकारों का हनन है।
पर्यटन परियोजनाओं पर उठ रहे सवाल
प्रस्तावित ग्लास ब्रिज और रोपवे परियोजना को लेकर पर्यावरणविदों ने भी चिंता जताई है। श्री पहाड़ीया कहा कि कि हज़ारों पर्यटकों की आवाजाही से वन्यजीव संरक्षण प्रभावित होगा और हाथियों के प्राकृतिक विचरण क्षेत्र में व्यवधान उत्पन्न होगा।
मंच के सचिव दलमा टाइगर सुकलाल पहाडिया ने बताया कि भारी मशीनरी के उपयोग से पहाड़ी इलाके की संरचना प्रभावित भी होगी ।
पेड़ों की कटाई की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है,और निर्माण क्षेत्र में वन्यजीवों की गतिविधियाँ घटने लगी हैं। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि कई बार लिखित आपत्ति देने के बावजूद विभाग कोई जवाब नहीं दे रहा है।मंच ने चेतावनी दी है कि यदि परियोजनाओं को तुरंत रोका नहीं गया और ग्राम सभाओं के साथ औपचारिक वार्ता नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय माइनिंग टास्क फोर्स की बैठक सम्पन्न।
सरायकेला-खरसावां
उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय माइनिंग टास्क फोर्स की बैठक सम्पन्न — अवैध खनन एवं परिवहन पर कठोर निगरानी, संलिप्त व्यक्तियों पर सख़्त कार्रवाई हेतु स्पष्ट निर्देश।
समाहरणालय सभागार में आज उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय माइनिंग टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक मुकेश लूणायत, अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार, जिला खनन पदाधिकारी ज्योति शंकर सतपथी, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय सहित अन्य संबंधित विभागीय पदाधिकारी उपस्थित थे।
बैठक के प्रारंभ में जिला खनन पदाधिकारी श्री सतपथी द्वारा सितंबर एवं अक्टूबर माह में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में अवैध खनन एवं अवैध परिवहन के विरुद्ध संचालित विशेष अभियानों का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। बताया गया कि इन अभियानों के दौरान 07 ट्रैक्टर, 03 जेसीबी, 01 ट्रक, 09 हाईवा, 02 हाइड्रोलिक एक्सकेवेटर एवं 02 डंपिंग मशीनें जब्त की गईं। लगभग 7.5 लाख घनफुट अवैध बालू ज़ब्त किया गया तथा छह वाहनों से ₹2.45 लाख दंड राशि वसूल की गई। इसी अवधि में अवैध उत्खनन एवं परिवहन से संबंधित कुल 07 प्राथमिकी दर्ज की गईं।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिले में अवैध खनन, उत्खनन, भंडारण एवं परिवहन की किसी भी गतिविधि को पूर्णतः रोकने हेतु सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ सतत एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि संवेदनशील खनन क्षेत्रों में नियमित औचक निरीक्षण अभियान संचालित किए जाएँ तथा किसी भी प्रकार की सूचना प्राप्त होते ही संयुक्त टीम द्वारा त्वरित छापेमारी की जाए। उपायुक्त ने मिलन चौक, तिरुलडीह चेकपोस्ट सहित प्रमुख चेक नाकों पर आगामी दो दिनों के भीतर मजिस्ट्रेट एवं पुलिस पदाधिकारियों की निरंतर तैनाती सुनिश्चित करने तथा सभी चेक-प्वाइंट को CCTV आधारित 24×7 निगरानी प्रणाली के अंतर्गत लाने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी प्रकार की अवैध आवाजाही पर तत्काल रोक लगाई जा सके।
उपायुक्त ने यह भी स्पष्ट निर्देश दिया कि खनिज परिवहन में संलग्न सभी वाहनों में ढुलाई सामग्री को पूर्णतः ढका एवं सुरक्षित रखना अनिवार्य होगा, ताकि पर्यावरण संरक्षण, सड़क सुरक्षा एवं सार्वजनिक मार्गों पर स्वच्छता सुनिश्चित रहे। उन्होंने जब्त बालू की नीलामी प्रक्रिया को शीघ्र प्रारंभ करने तथा राजस्व प्राप्ति से संबंधित सभी कार्यवाही को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने का भी निर्देश दिया।
बैठक में पुलिस अधीक्षक मुकेश लूणायत ने कहा कि अवैध खनन एवं परिवहन से संबंधित किसी भी सूचना पर अनुमंडल पदाधिकारी, अंचलाधिकारी एवं थाना प्रभारी संयुक्त रूप से त्वरित कार्रवाई दल गठित करें तथा पर्याप्त पुलिस बल के साथ गोपनीय छापामारी कर दोषियों के विरुद्ध कठोर एवं नियमसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिया कि जब्त वाहनों, मशीनरी एवं संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध प्राथमिकी पंजीकृत कर मामलों का न्यायालय में शीघ्र प्रस्तुतिकरण हर स्थिति में सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की प्रक्रियागत देरी न हो।
उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक सम्पन्न
सरायकेला-खरसावां
उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक सम्पन्न — सड़क दुर्घटनाओं में नियंत्रण, यातायात अनुशासन, अवैध पार्किंग एवं अतिक्रमण के विरुद्ध सख़्त कार्रवाई के दिए गए निर्देश।
समाहरणालय सभागार में उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक मुकेश लुनायत, अपर उपायुक्त जैवर्धन कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी गिरिजा शंकर महतो, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय, यातायात निरीक्षक एवं अन्य संबंधित विभागीय पदाधिकारी उपस्थित थे।
बैठक के प्रारंभ में उपायुक्त ने विगत बैठक में दिए गए दिशा–निर्देशों के अनुपालन की विस्तृत समीक्षा की। इस क्रम में जिला परिवहन पदाधिकारी गिरिजा शंकर महतो द्वारा अक्टूबर माह में जिले में घटित सड़क दुर्घटनाओं एवं उनके संबंध में की गई कार्रवाई की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। उन्होंने बताया कि अक्टूबर 2025 में कुल 24 सड़क दुर्घटनाएँ दर्ज की गईं, जिनमें 17 मृत्यु, 11 गंभीर रूप से घायल, तथा 03 मामूली चोट के मामले शामिल हैं। सभी घटनाओं में संबंधित थाना क्षेत्रों द्वारा आवश्यक विधिसम्मत कार्रवाई की गई है तथा यातायात अनुशासन को सुदृढ़ करने हेतु विभिन्न स्तरों पर निरंतर अभियान चलाए जा रहे हैं।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने जिले में सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और मज़बूत बनाने हेतु सभी विभागों को समन्वित एवं सतत प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले के प्रमुख चौक–चौराहों, गोलचक्कर एवं मुख्य सड़कों पर आवश्यकता के अनुसार स्पीड लिमिट संकेतक, चेतावनी बोर्ड एवं दिशा–निर्देश पट्टिकाओं की स्थापना सुनिश्चित की जाए। इसके अतिरिक्त मुख्य मार्गों, बाज़ार क्षेत्रों एवं व्यस्त चौक–चौराहों पर अवैध पार्किंग एवं अतिक्रमण के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर निरंतर एवं सख़्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने जिले के सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों को निर्देश दिया कि वे अपने परिसरों में बिना हेलमेट प्रवेश पूर्णत: वर्जित करें तथा अपने कर्मियों को हेलमेट, सीट बेल्ट एवं अन्य सड़क सुरक्षा मानकों के पालन के प्रति जागरूक करें।
उपायुक्त ने Jharkhand Accelerated Road Development Company Limited (JARDCL) तथा National Highways Authority of India (NHAI) के पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि अपने–अपने सड़क खंडों पर आवश्यकता अनुसार मरम्मत एवं सुधार कार्य को यथाशीघ्र पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित जोनल कार्यालय को तुरंत सूचित किया जाए। इसके अतिरिक्त सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण हेतु विशेष कार्य योजना तैयार कर उसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि ब्लैक स्पॉट सुधार, सुरक्षा मानक, सड़क सतह की गुणवत्ता एवं चिन्हांकन को प्राथमिकता के साथ दुरुस्त किया जाना आवश्यक है।
बैठक में पुलिस अधीक्षक मुकेश विनायक ने निर्देश दिया कि जिले में हेलमेट एवं सीट बेल्ट के उपयोग को सुनिश्चित करने हेतु विशेष जाँच अभियान नियमित रूप से चलाए जाएँ तथा यातायात नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि दोपहिया वाहन चालकों एवं आम नागरिकों को हेलमेट की उपयोगिता तथा सड़क सुरक्षा के महत्व के संबंध में व्यापक जन–जागरूकता अभियान चलाया जाए। इसके साथ ही पुलिस अधीक्षक ने जिला परिवहन पदाधिकारी को विभिन्न माध्यमों से सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के प्रति व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने तथा आवश्यकतानुसार हेलमेट वितरण कर उनके अनिवार्य उपयोग के लिए प्रेरित करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में उपस्थित सभी विभागीय अधिकारियों ने सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी निर्धारित दिशा–निर्देशों के अनुपालन और संयुक्त प्रयासों को आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया। उपायुक्त ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सड़क सुरक्षा से संबंधित सभी कार्यों को समयबद्ध एवं प्रभावी रूप से क्रियान्वित किया जाए, ताकि जिले में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लायी जा सके और एक सुरक्षित यातायात वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।
प्रस्तावित फैक्ट्री के खिलाफ गौरडीह पंचायत में बैठक हुई।
सरायकेला/चांडिल
सरायकेला खरसावां जिला के नीमडीह प्रखंड अंतर्गत गैरडीह पंचायत भवन ग्राम सभा के सदस्य ग्रामीण के साथ प्रस्तावित फैक्ट्री के जमीन अधिग्रहण में स्थानीय प्रशासन की उपेक्षित के कारण ग्रामीण विरोध करने को विवश हैं। प्रशासन राज्य सरकार की सारी व्यवस्था को दरकिनार कर जमीन का अधिग्रहण संस्था एवं दलाल के माध्यम से किया है।ग्रामीण के जमीन अधिग्रहण में काई विसंगति है।
राज्य सरकार का विकास करना है तो आयडा से जमीन अधिग्रहण क्यो नही कराया गया।संस्था किसी को जमीन देकर ग्रामीण और कंपनी प्रबंधन से दुरी बनाने का षंडयत्र रचा गया।इस अवसर प्रदेश के कैडिनेटर राधा कृष्ण सिंह मुंडा ने कहा कि जनता के हित न्यायालय के शरण जाएंगे। राज्य के मुख्यमंत्री, राजस्व मंत्री विधायक का का पुतला भी ग्रामीण के भीतर में फुंका जाएगा। यह क्षेत्र चांडिल डैम,दलमा सेंचरी भी विस्थापित करने की चर्चा है। इसके बाद पांच गांव के किसान को उपजाऊ खेती में फैक्ट्री बैठा कर बेरोजगार करने की षंड़यत्र रचा जा रहा है। लोग को गुमराह कर जमीन लिया जा रहा है।
त्रिलोचन सिंह की अध्यक्षता में गौरडीह पंचायत के भवन में बैठक हुई राधा कृष्ण सिंह मुंडा, सुरेन्द्र सिंह सरदार,मदन सिंह सरदार, चंद्रमोहन सिंह सरदार, विभाग गांव के वासी रहे मौजूद।