नेपाल
नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। बताया जा रहा है कि बाढ़ की शुरुआत तिब्बत से सटे इलाके से हुई और देखते ही देखते इसका तेज बहाव नेपाल के कई शहरों, गांवों और मुख्य हाईवे तक पहुंच गया। इस आपदा में अब तक 22 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। चिंता की बात ये है कि लापता लोगों में 105 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं।

इस बाढ़ की भयावहता का अंदाजा सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो से लगाया जा सकता है। तिब्बत-नेपाल सीमा के पास का एक वीडियो चीन के इमिग्रेशन सेंटर का बताया जा रहा है। वीडियो में पहले सब कुछ सामान्य दिखता है, लेकिन कुछ ही सेकंड में पहाड़ों की ओर से पानी की ऊंची-ऊंची लहरें आती हैं और पूरे इलाके को निगल लेती हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पानी का वेग इतना तेज था कि उसने चंद सेकंड में लगभग पांच मंजिला ऊंची इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। वीडियो में लोग जान बचाने के लिए सड़कों पर भागते और चीखते-चिल्लाते हुए दिखाई दे रहे हैं। पानी के साथ कई ढांचे और सामान बहते हुए नजर आ रहे हैं। इमारत के अंदर उस वक्त कितने लोग थे, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी नहीं मिल पाई है।
बाढ़ के कारण नेपाल में कई पुल, सड़कें और बुनियादी ढांचा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। कई इलाकों का संपर्क पूरी तरह कट गया है, जिससे राहत और बचाव कार्य में भी काफी दिक्कतें आ रही हैं।
हालात को देखते हुए नेपाल प्रशासन ने कई प्रमुख हाईवे पर आवाजाही पर रोक लगा दी है। सुरक्षा के मद्देनजर काठमांडू-नागढुंगा, नागढुंगा-धादिंग, गल्छी-त्रिशूली, धादिंग-मुग्लिन और मुग्लिन-नारायणघाट रूट को बंद कर दिया गया है। इसके साथ ही नारायणी ब्रिज पर भी अगले आदेश तक यातायात बंद रहेगा।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बेवजह यात्रा न करें और सुरक्षित जगहों पर ही रहें। फिलहाल सेना और बचाव दल फंसे हुए लोगों को निकालने और लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं। बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटकों के फंसे होने से उनके परिजनों में भी दहशत का माहौल है।
