दहेज हत्या का मामला: बेटी की मौत पर ससुराल वालों पर हत्या का आरोप, कानून की प्रक्रिया में फंसा न्याय
एक दर्दनाक घटना में, एक बेटी की ससुराल में फंदे से लटका मिली मृत्यु शरीर ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है। बेटी के माता-पिता का आरोप है कि ससुराल वालों ने उनकी बेटी को मारकर टांग दिया है, लेकिन कानून की प्रक्रिया में फंसा न्याय उन्हें अभी तक नहीं मिल पाया है।
मृतक के माता-पिता का आरोप
मृतक के माता-पिता का कहना है कि उनकी बेटी को ससुराल वालों ने दहेज के लिए प्रताड़ित किया था। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी ने कई बार उन्हें ससुराल वालों की प्रताड़ना के बारे में बताया था, लेकिन उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि बात इतनी बढ़ जाएगी।
लौटती लड़की को न्याय की आस
मृतक के माता-पिता का कहना है कि वे अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए लड़ रहे हैं, लेकिन कानून की प्रक्रिया में उन्हें अभी तक न्याय नहीं मिल पाया है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि उनकी बेटी को न्याय दिलाया जाए और ससुराल वालों को सजा दी जाए।
क्या कहता है कानून?
भारतीय दंड संहिता की धारा 304B के तहत, यदि कोई महिला अपने विवाह के सात साल के भीतर अस्वाभाविक परिस्थितियों में मरती है, तो उसके पति और ससुराल वालों को दहेज हत्या का आरोपी माना जाता है।
वही इस मामले में, पुलिस ने ससुराल वालों के खिलाफ मामला दर्ज तो किया है और जांच भी शुरू की है।परन्तु संतोष जनक नहीं है।
लड़की पक्ष में वरीय पदाधिकारी ग्रामीण एसपी से इस विषय पर पुणे गंभीरता से जांच करने का अपील की है। जिससे मृतक को न्याय मिल सके।
वही आपको जानकारी के लिए बताते चले की जिले के सदर हॉस्पिटल की एक कर्मचारी द्वारा पोस्टमार्टम हाउस जाकर कैसे को रफा दफा करने की भी कोशिश की गई है।
अगर ऐसा है तो कहीं ना कहीं राजस्थानी कव्वाली थाना सदर हॉस्पिटल पर भी सवाल उठ रहे हैं ….?
क्या हो सकता है आगे?
इस मामले में आगे की कार्रवाई के लिए पुलिस और अदालत की प्रक्रिया का पालन किया जाएगा। मृतक के माता-पिता को न्याय दिलाने के लिए समाज और मीडिया को भी आगे आना होगा।




































