विद्यालय के पास काजू बागान में पहुंचे दो दतैल हाथी, मचा हड़कंप

विद्यालय के पास काजू बागान में पहुंचे दो दतैल हाथी, मचा हड़कंप

सरायकेला/ईचागढ़

ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के पिलीद स्थित अनुग्रह नारायण (एएन) प्लस टू उच्च विद्यालय के समीप काजू बागान में शनिवार को दो दतैल हाथियों के पहुंच जाने से विद्यालय परिसर और आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। हाथियों की मौजूदगी से छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अभिभावकों में भय का माहौल बन गया। विद्यालय के पास हाथियों के भटककर पहुंचने के कारण बच्चे डर के साये में स्कूल पहुंचे। कई अभिभावक भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित नजर आए।

हाथियों की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीणों और राहगीरों की भीड़ उन्हें देखने के लिए जुट गई। दिनभर लोगों का जमावड़ा लगा रहा, जिससे स्थिति और संवेदनशील हो गई। हाथियों के डर से रघुनाथपुर–पिलीद सड़क पर कुछ समय के लिए आवागमन भी प्रभावित गया। लोग सावधानी बरतते हुए वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करते देखे गए।

ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय के बिल्कुल समीप हाथियों की मौजूदगी से किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल हस्तक्षेप कर हाथियों को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर खदेड़ने तथा विद्यालय और आसपास के गांवों में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। लोगों ने अपील की है कि वन विभाग लगातार निगरानी रखे, ताकि हाथियों और ग्रामीणों के बीच किसी प्रकार का टकराव न हो और जन-धन की हानि से बचा जा सके। सुचना मिलते ही प्रभारी वनपाल कैलाश महतो भी हाथियों का सुधी लेने पहुंचे और उन्होंने लोगों को आश्वस्त किया कि रात को टीम लगाकर हाथियों को जंगल की ओर भगाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने लोगों को हाथियों से छेड़छाड़ नहीं करने एवं सतर्क रहने का अपील किया।

बिस्टाटांड़ में जंगली हाथी ने मचाया उत्पात, किसानों के फसल को किया नष्ट।

बिस्टाटांड़ में जंगली हाथी ने मचाया उत्पात, किसानों के फसल को किया नष्ट।

सरायकेला/ईचागढ़

ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के सोड़ो पंचायत अंतर्गत बिस्टाटांड़ गांव में शुक्रवार रात को जंगली हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया। बिस्टाटांड़ गांव निवासी किसान वीर सिंह महतो के खेत में लगे लौकी की फसल को रौंदकर नष्ट कर दिया और चासा राम महतो के खेत में लगे नेनुआ झींगा की फसल को खा कर चट कर दिया। ग्रामीणों के अनुसार शुक्रवार रात करीब 11:00 बजे आसपास एक जंगली हाथी द्वारा किसानों के फसल को खाकर चट कर दिया।

ग्रामीणों ने बताया कि विगत कुछ दिनों से झूंठ से बिछड़े दो जंगली हाथी पुलिस जंगल के आसपास डेरा जमाए हुए हैं, शाम ढलते ही जंगली हाथी गांव की और कुच करते हैं। गांव के अगल-बगल में लगे फसलों को नष्ट कर देते हैं, ग्रामीण रात जगा करने को मजबूर है। वनरक्षी सह प्रभारी वनपाल कैलाश चंद्र महतो  ने बताया कि दो जंगली हाथी तालापीढ़ी के समीप जंगल में हैं, उसी से एक बिछड़ कर गांव पहुंचा था और किसानों के फसल को नष्ट किया।

उन्होंने किसानों से छतिपूर्ति मुआवजा हेतु आवेदन समर्पित करने का अपील किया। ग्रामीण ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान समय में खेती का कार्य जोर शोर से चल रही है, जंगली इलाका होने के कारण शाम 4:00 बजे के बाद धान की खेती का कार्य बंद करना पड़ रहा है, क्योंकि शाम ढलते ही जंगली हाथी जंगल से गांव की ओर आ रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग किया है कि जल्द से जल्द इस क्षेत्र से जंगली हाथियों को भगाया जाए और किसानों के फसलों का क्षतिपूर्ति मुआवजा राशि भुगतान किया जाए।

चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में हाथियों ने मचाया उत्पाद, खामीयाजा भुगत रहे किसान।

चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में हाथियों ने मचाया उत्पाद, खामीयाजा भुगत रहे किसान।

सरायकेला/ईचागढ़

साथियों किसानों की रोजी-रोटी का एकमात्र साधन उनकी खेती होती है और पूरे देश का पेट भरने में सबसे बड़ा योगदान हमारे देश के किसानों का होता है। और यह किसान दिन रात कड़ी मेहनत कर फसल को उपजाते हैं तभी जाकर आपके और हमारे घर में पूरे देश के घरों में अनाज पहुंचता है लेकिन क्या हो अगर किसानों के कड़ी मेहनत पर हाथी उत्पाद मचा कर उनकी फसल को नष्ट कर दे इसमें केवल किसानों की हानि नहीं होती बल्कि हमारे और आपके घर में जो अनाज पहुंचता है उनकी कीमतों में भी बढ़ोतरी हो जाती है।

जी हां साथियों ताजा मामला सरायकेला खरसावां जिले का है जहां पर ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र सहित पूरे चांडिल अनुमंडल क्षेत्र जंगली हाथियों के उत्पाद से ग्रसित है किसान त्राहिमाम कर रहे हैं हाथियों द्वारा किसानों के फसल को नष्ट किया जा रहा है उनकी मेहनत को हाथी अपने पैरों तले रौंद कर चले जा रहे है।

आपको बताते चलें कि बुधवार करीब शाम 4 बजे ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के सोड़ो पंचायत अंतर्गत तालापीढ़ी निवासी किसान निमाई चंद्र महतो के खेत में लगे धान की बिछड़ा को दो जंगली हाथी ने रौंद कर नष्ट कर दिया।

वर्तमान समय में पूरे प्रखंड क्षेत्र में धान रोपनी का कार्य जोर शोर से किया जा रहा है। रोपनी के समय धान की बिछड़ा को नष्ट करने से किसान मायूस है। किसान निमाई चंद्र महतो ने बताया कि धान की बिछड़ा पूरी तरह से तैयार हो गया था और दो दिन बाद रोपनी का कार्य करना था। ऐसे समय में जंगली हाथी द्वारा धान की बिछड़ा को नष्ट कर दिया कि रोपनी का कार्य पीछे हो जाएगा और समय पर खेती नहीं हो पाएगा।

मालूम हो कि विगत दो दिन पूर्व चुनीडीह गांव में जंगली हाथी द्वारा आधा दर्जन किसानों के खेत में लगे धान की बिछड़ा को नष्ट कर दिया गया था। लगातार जंगली हाथी द्वारा किसानों की खेती को नष्ट किए जाने से किसान मायूस है।

वही इस मामले पर सूत्रों ने जानकारी दी है कि ग्रामीणों ने जल्द से जल्द हाथियों को क्षेत्र से भागने की स्थानीय प्रशासन से मांग की है ताकि किस समय रहते खेती कर सके।

मैसड़ा,कालीचामदा,बुरूहातु गांव से भगाए गए हाथी ने जमकर मचाया उत्पाद।

मैसड़ा,कालीचामदा,बुरूहातु गांव से भगाए गए हाथी ने जमकर मचाया उत्पाद।

सरायकेला/ईचागढ़

सरायकेला-खरसावां जिला के ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र में दो सप्ताह से लगातार वन विभाग द्वारा बंगाल एवं पालना क्यूआरटी टीम को जटिल भौगोलिक क्षेत्र से हाथी को निकालने के लिए लगाया गया है, फिर भी झुंड से बिछड़े एक हाथी को भगाने में असफल रहे। झुंड से बिछड़े एक हाथी ने कुंजवन,तामारी एवं रूगड़ी गांव में जमकर उत्पात मचाया। कु़जवन में हाथी ने तनु लायेक , शिवराम घाटवाल,अजय लायेक, रूगड़ी गांव के चीत्तरंजन पुरान एवं तामारी में लोधु मांझी का घर को क्षतिग्रस्त कर घर में रखे चावल को चट कर गया। घटना रविवार की देर रात करीब 2 बजे की बताई जा रही है।

घटना की सुचना मिलते ही मुखिया राखोहरी सिंह मुण्डा गांव पहुंचे और क्षति का जायजा लिया। उन्होंने वन विभाग से हाथियों का स्थाई समाधान करने एवं क्षतिग्रस्त मकानों का उचित मुआवजा देने का मांग किया है। झुंड से बिछड़े हाथी ने क्षेत्र में दहशत फैला कर रख दिया है।

प्रभारी वनपाल कैलाश महतो ने बताया कि लगातार झुंड से बीछड़े हाथी को बंगाल एवं पालना का क्यूआरटी टीम द्वारा क्षेत्र से निकालने का कोशिश किया जा रहा है। मैसड़ा,कालीचामदा,बुरूहातु गांव से हाथी को टीम द्वारा निकाला गया । उन्होंने कहा कि फिर अपने झुंड के तलाश में फिर से क्षेत्र में प्रवेश किया। उन्होंने कहा कि माइकिंग के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। हाथी प्रभावित गांवों के ग्रामीणों के बीच पटाखा व टार्च का वितरण भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि झुंड से बिछड़े हाथी को झुंड से मिलाने का कोशिश किया जा रहा है।

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