खरसावां गोलीकांड के शहीदों को, राज्यपाल,केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, सांसद संजय सेठ,खरसावां विधायक दशरथ गगराई ,भाजपा नेता गणेश महाली ने दी श्रद्धांजलि।
सरायकेला–खरसावां
1 जनवरी सोमवार को खरसावां गोली कांड के शहीदों को श्रद्धांजलि देने पहुंचे झारखंड के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन, केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, सांसद संजय सेठ, खरसावां विधायक दशरथ गहराई,भाजपा नेता गणेश महाली ने शहीद स्थल पहुंचे और शहीद वेदी पर अपने श्रद्धा सुमन अर्पित कर गोलीकांड के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
इससे पूर्व पथ निरीक्षण भवन गेस्ट हाउस में केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा एवं सरायकेला खरसावां के उपायुक्त रवि शंकर शुक्ला ने राज्यपाल का गुलदस्ता देकर स्वागत किया. उसके बाद राज्यपाल को गार्ड ऑफ ऑनर दी गई. मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने बताया कि खरसावां गोली कांड के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करना अपने आप में गौरवशाली क्षण है. खरसावां गोलीकांड के शहीदों की शहादत को याद करते हुए राज्यपाल ने कहा कि आज के दिन को भूलना आसान नहीं है. एक तरफ देश आजाद भारत का पहला नया साल मनाने के जश्न की तैयारी में था, दूसरी तरफ खरसावां के जनजातीय समुदाय के लोगों पर गोलियां बरसाई गई थी. उन्होंने कहा कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई की वजह से अलग झारखंड राज्य का सपना साकार हुआ और अर्जुन मुंडा जैसे मुख्यमंत्री के नेतृत्व प्राप्त कर झारखंड विकसित राज्य के पथ पर अग्रसर है. बता दें कि सीपी राधाकृष्णन झारखंड के पहले राज्यपाल हैं जो खारसावां के शहीदों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे।
वहीं मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि हम फूल चढ़ने वाले नहीं बल्कि फूल उगाने वाले बनेंगे. शहीद वेदी पर आकर फूल चढ़कर अपनी जिम्मेदारी से हम भाग नहीं सकते. हमें ऐसा करना होगा ताकि यहां के किसानों की आय बेहतर हो. यह क्षेत्र कृषि प्रधान क्षेत्र है. केंद्र सरकार ऐसी कार्य योजना तैयार कर रही है जिससे इलाके के किसानों के जीवन में बदलाव आए और उनका जीवन भी खुशियों से परिपूर्ण हो. भारत सरकार के कृषि मंत्रालय की ओर से शहीद कृषि मेला का आयोजन किया गया है. जहां क्षेत्र के किसानों के लिए एक से बढ़कर एक खेती- किसानी और बागवानी के स्टॉल लगाए गए हैं. जिसके माध्यम से किसान अपनी आय को दोगुना कर सकते हैं. इसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में कृषि कार्य को बढ़ावा देना है. वहीं एक सवाल के जवाब में केंद्रीय मंत्री ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि खरसाल गोलीकांड के शहीदों का स्पष्ट ब्यौरा आज तक नहीं मिल सका है. सरकार को इस दिशा में पहल करनी चाहिए और शहीदों का स्पष्ट डाटा तैयार करना चाहिए।
इधर शहीद दिवस कार्यक्रम को लेकर समूचे खरसावां को छावनी में तब्दील कर दिया गया था. चप्पे- चप्पे पर पुलिस कर्मियों के साथ पदाधिकारी एवं दंडाधिकारी की प्रतिनिधि की गई थी. हर आने- जाने वाले श्रद्धालुओं को कड़ी सुरक्षा जांच के बाद ही शहीद वेदी पर जाने की अनुमति दी गई थी. वैसे इस साल शहीद स्थल पर अन्य साल की तुलना में कम भीड़ देखी गयी. श्रद्धालुओं से ज्यादा सुरक्षा बलों की तैनाती रही. इसकी मुख्य वजह भारत सरकार के कृषि मंत्रालय द्वारा शहीद स्थल से दो किमी दूर गोंडपुर मैदान में लगाए गए शहीद कृषि मेला को माना जा रहा है. जहां सुबह से ही क्षेत्र के किसानों की भीड़ जुटी।
खरसावां शहीद दिवस कार्यक्रम में राज्य के माननीय मुख्यमंत्री,भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री सहित राज्य के कई मंत्री व विधायक शहीदों के मजार पर आनें की संभावित कार्यक्रम के मध्य नजर आज शहिद पार्क खरसावां परिसर में माननीय खरसावां विधायक दशरथ गागराई , उपायुक्त रवि शंकर शुक्ला एवं पुलिस अधीक्षक डॉ विमल कुमार के द्वारा शहीद स्मारक समिति सदस्यों तथा विभिन्न राजनितिक दल के सदस्यों के साथ बैठक की गई।
बैठक में आगामी 1 जनवरी 2024 को राज्य माननीय मुख्यमंत्री के प्रस्तावित आगमन को लेकर बिंदुवार चर्चा कर अब तक की गई तैयारीयों का समीक्षा किया गया। बैठक के दौरान तैयारीयों के मध्येजर बिंदुवार चर्चा कर खरसावां शहीद वेदी पर पारंपरिक विधि विधान के तहत पूजा-अर्चना करने, चांदनी चौक से आर.सी.डी गेस्ट हॉउस तक किसी भी राजनितिक दल का तोरणद्वारा एवं बैनर ना लगाने, आवगमन हेतू अलग-अलग व्यवस्था रखने, लोगो के सहूलियत को देखते हुए दो जगह जूता चपल स्टैंड बनाने, सभी मुख्यमंत्री मार्ग में वाहन पार्किंग की व्यवस्था करने तथा शहीद पार्क के अंदर जुता-चप्पल पूर्णतः वर्जित रखने का निर्णय लिया गया। इसके अलावे समिति के द्वारा तीन सौ भोलेंटियर तैनात करने, पार्क की साफ-सफाई, बरेकेटिंग, पार्क के आस-पास साफ सफाई, पार्क के समीप पेयजल तथा चलन्त शौचालय की व्यवस्था करने समेत विभिन्न बिन्दुओ पर चर्चा सम्बन्धित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा निदेश दिया गया।
बैठक के पाश्चात्य माननीय खरसावां विधायक श्री दशरथ गागराई, उपायुक्त रवि शंकर शुक्ला, पुलिस अधीक्षक डॉ विमल कुमार के द्वारा शहीद वेदी, शहीद पार्क, मुख्य द्वार समेत विभिन्न बिन्दुओ का स्थल निरिक्षण कर जायजा ले आवश्यक दिशा निदेश दिए।
गुवा गोली कांड के शहीदों की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा -सह परियोजनाओं का शिलान्यास- उद्घाटन एवं परिसंपत्ति वितरण कार्यक्रम में हुए सम्मिलित मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, वीर शहीदों को किया नमन।
शहीद स्थल/ फुटबॉल मैदान गुवा/ नोवामुंडी/चाईबासा
मुख्यमंत्री ने 406 करोड़ 11 लाख 58 हज़ार 3 सौ रुपए की लागत से 126 योजनाओं का किया उद्घाटन- शिलान्यास
वीर शहीदों को चिन्हित कर उन्हें अथवा उनके आश्रितों को पूरा मान सम्मान और अधिकार दे रही सरकार– मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
आदिवासी ,दलित और पिछड़ों को आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक बौद्धिक और राजनीतिक रूप से कर रहे मजबूत-मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
● गुवा गोलीकांड के शहीदों को शत-शत नमन
● वीरों, शहीदों औऱ आंदोलनकारियों के सपनों का झारखंड बनाने का लें संकल्प
● शोषण और अन्याय के खिलाफ आदिवासी ना कभी झुके हैं, ना रुके हैं , संघर्ष ही इनकी पहचान है
● हमारे पूर्वजों ने अन्याय और शोषण के खिलाफ लंबा संघर्ष किया, तभी हमारा वजूद कायम है
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी में गुवा गोली कांड के शहीदों की स्मृति में आयोजित श्रद्धांजलि सभा -सह – परियोजनाओं का शिलान्यास- उद्घाटन एवं परिसंपत्ति वितरण कार्यक्रम को संबोधित किया । इस अवसर पर उन्होंने शहीद स्थल में माल्यार्पण कर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
शहादत दिवस कार्यक्रम में मंत्री श्री चम्पाई सोरेन और श्रीमती जोबा मांझी, सांसद श्रीमती गीता कोड़ा, विधायक श्री निरल पूर्ति, श्री दीपक बिरुवा, श्री दशरथ गगराई और सोनाराम सिंकू, जिला परिषद अध्यक्ष, मुख्यमंत्री के सचिव श्री विनय कुमार चौबे, कोल्हान प्रमंडल के आयुक्त एवं डीआईजी के अलावा पश्चिमी सिंहभूम जिले के उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक समेत जिला प्रशासन के कई अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम का संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने अलग-अलग समयों में ब्रिटिश हुकूमत, शोषण जुल्म और अन्य के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़ते रहे । चाहे वह अपने वजूद और अस्तित्व को बचाने का संघर्ष हो या जल जंगल और जमीन की रक्षा का। इस लड़ाई में कई ने अपने को बलिदान कर दिया। लेकिन, उन्होंने जो संघर्ष किया, उसी का परिणाम है कि आज आदिवासियों- मूलवासियों का अस्तित्व बरकरार है।
शहीदों को दे रहे हैं पूरा सम्मान
आगे मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने वीर शहीदों और झारखंड अलग राज्य के आंदोलनकारियों के साथ गुमनामी की जिंदगी जीने वाले शहीदों के आश्रितों को चिन्हित कर उन्हें सम्मान देने का काम हमारी सरकार कर रही है । इस क्रम में शहीदों के आश्रितों को नौकरी और पेंशन के साथ विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने का काम किया गया है।
आज भी कई चुनौतियां हैं, लेकिन हमारे कदम नहीं रुकेंगे
आगे मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भी हमारे सामने कई चुनौतियां हैं । आदिवासी दलित और पिछड़े लोग दशकों से हासिये पर रहे हैं। आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक, बौद्धिक और राजनीतिक रूप से कमजोर होने की वजह से इन्हें नजरअंदाज किया जाता रहा है । अब जब ये आगे बढ़ रहे हैं तो कुछ ताकते इन्हें रोकने की नापाक कोशिश कर रही है। लेकिन, हमने इन्हें मजबूत करने का जो संकल्प ले रखा है, उससे नहीं डिगेंगे। चाहे परिस्थितियों कैसी भी हो, इन्हें मजबूत करने के रास्ते पर चल पड़े हैं और कदम नही थमेंगे।
साढ़े तीन वर्षों में विकास की लंबी लकीर खींची है
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार के गठन के बाद कोरोना महामारी और सुखाड़ का सामना करना पड़ा। कोरोना काल के हालात से हम सभी वाकिफ हैं। लेकिन, हमारी सरकार ने इस वैश्विक बीमारी के खिलाफ जारी जंग के बीच भी विकास कार्यों को जारी रखा। आज हर वर्ग और हर तबके के लिए सरकार की योजनाएं हैं । पिछले साढ़े तीन वर्षों में तमाम चुनौतियों के बीच हमारी सरकार ने विकास की एक लंबी लकीर खींची है। यह सिलसिला लगातार जारी रहेगा।
हर बेघर को देंगे मकान
मुख्यमंत्री ने कहा जिस तरह यूनिवर्सल पेंशन स्कीम के तहत सभी बुजुर्गों दिव्यांगों एकल महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ दिया जा रहा है , उसी तरह अब सभी बेघर को पक्का मकान देने का निर्णय सरकार ने लिया है। बहुत जल्द अबुआ आवास योजना की शुरुआत होगी , ताकि लोगों के अपने घर का सपना साकार हो सके।
यहां के बच्चों के विदेश में पढ़ने के सपने को कर रहे साकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब यहां के आदिवासी, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग के बच्चों का विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने का सपना साकार हो रहा है । सरकार विद्यार्थियों के विदेश में पढ़ाई का पूरा खर्च वहन कर रही है। इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि सरकार की सहायता से विदेश में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के साथ किसी प्रकार की कोई शर्त नहीं रखी गई है। वे विदेश से पढ़ कर अपना, अपने परिवार, समाज, राज्य और देश का नाम रोशन करें, यही हमारी उनसे उम्मीद है।
अभिभावक सिर्फ बच्चों के पढ़ाई पर ध्यान दें, खर्च की चिंता नहीं करें
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा की बेहतरी पर सरकार का विशेष जोर है। इस सिलसिले में उत्कृष्ट विद्यालय खोले गए हैं । छात्रवृत्ति राशि में बढ़ोतरी की गई है। बच्चियों के लिए सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना चलाई जा रही है । प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी से लेकर मेडिकल- इंजीनियरिंग जैसे कोर्सेज करने के लिए सरकार सहायता दे रही है। बच्चों का बेहतर भविष्य बने, इस दिशा में हम कम कर रहे हैं। हमारा अभिभावकों से कहना है कि वे अपने बच्चों को अच्छे से पढ़ाएं, खर्च की चिंता नहीं करें। सरकार मदद करेगी।
मानकी- मुंडा व्यवस्था को कर रहे मजबूत
मुख्यमंत्री ने कहा कि मानकी- मुंडा पारंपरिक व्यवस्था जनजाति समुदाय की मजबूत कड़ी है। यह समाज के पुरोधा हैं। इस व्यवस्था को हम और मजबूती दे रहे हैं, ताकि समाज को इनका लाभ ज्यादा से ज्यादा मिल सके। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने उनके बीच मोटरसाइकिल वितरित की।
95 योजनाओं की रखी गई आधारशिला, 31 का उद्घाटन
● मुख्यमंत्री ने 406 करोड़, 11 लाख, 58 हज़ार 3 सौ रुपए की लागत से 126 योजनाओं का उद्घाटन – शिलान्यास किया। इसमें 367 करोड़ 99 लाख 15 हज़ार रुपए की लागत वाली 95 योजनाओं की नींव रखी गई । वहीं, 38 करोड़ 12 लाख 43 हज़ार 3 सौ रुपए की 31 योजनाओं का उद्घाटन हुआ।
● 25 लाभुकों के बीच 23 लाख 35 हज़ार 636 रुपये की परिसंपत्तियां बांटी गई। जिला प्रशासन की ओर से मुख्यमंत्री को इस बात से अवगत कराया गया कि चालू वित्तीय वर्ष 2023- 24 में 7 लाख 38 हज़ार 962 लाभुकों के बीच 282 करोड़ 27 लाख 35 हज़ार 4 सौ रुपए की परिसंपत्तियां वितरित की जा चुकी हैं।
● पश्चिमी सिंहभूम जिले के विभिन्न प्रखंडों में 91 आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण का शिलान्यास।
● मनोहरपुर और जगन्नाथपुर के आईटीआई में हॉस्टल का शिलान्यास।
● 6 स्वास्थ्य उप केंद्र भवन निर्माण का शिलान्यास।
● टोंटो औऱ झींकपानी में स्टेडियम निर्माण का शिलान्यास।
● मझगांव में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन निर्माण तथा चाईबासा सदर में 50 बिस्तरों की क्षमता वाले क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल का शिलान्यास।
● चाईबासा सदर के बिरसा मुंडा इंडोर स्टेडियम में एयर कंडीशंड जिम का उद्घाटन।
● तांतनगर और गोयलकेरा प्रखंड में प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, पर्यवेक्षक और अन्य कर्मचारियों के आवास निर्माण तथा प्रखंड परिसर के विकास संबंधी कार्य का उद्घाटन।
● बंदगांव, गोईलकेरा, सोनुवा, नोवामुंडी, चाईबासा सदर, तांतनगर, चक्रधरपुर और खूंटपानी में सोलर कोल्ड स्टोरेज का उद्घाटन।
● विभिन्न प्रखंडों में आठ धुमकुड़ियां हाउस निर्माण का उद्घाटन।
● चक्रधरपुर और बंदगांव में 33/11 केवी विद्युत शक्ति उप केंद्र का उद्घाटन।