सरायकेला/आदित्यपुर
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
सरायकेला खरसावां जिले के आदित्यपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित रामकृष्ण कास्टिंग सॉल्यूशन लिमिटेड ( पूर्व में JMT ) गेट के बाहर लगभग 15 दिनों से समायोजन और फाइनल सेटलमेंट की मांग को लेकर धरना पर बैठे मजदूरों के चेहरे उस वक्त खिल उठे जब श्रम अधीक्षक स्वयं मजदूरों का हाल-चाल जानने एवं उनकी परेशानियों से अवगत हो उनकी परेशानियों का समाधान निकालने के लिए मजदूरों के समक्ष उपस्थित हुए।

आपको बताते चलें कि धरना स्थल पर श्रम अधीक्षक ने लगभग 1 घंटे तक मजदूरों से वार्तालाप की उनकी समस्याओं को जाना उनके परेशानियों से अवगत हुए।
मीडिया को जानकारी देते हुए श्रम अधीक्षक अविनाश ठाकुर ने कहा कि जेएमटी कंपनी के बंद होने और बाद और रामकृष्ण ग्रुप द्वारा अधिग्रहण किए जाने के बाद कई मजदूरों का समायोजन और फाइनल सेटलमेंट अधूरा रह गया था.
श्रम अधीक्षक ने आगे कहा कि मजदूरों का कहना है कि वे पिछले 15 से 20 वर्षों से कंपनि में कार्यरत थे कंपनी में अपना खून पसीना बहाया कड़ी मेहनत की लेकिन अधिग्रहण के बाद कुछ मजदूरों को समायोजित कर दिया गया जबकि कई मजदूर अब भी अपने अधिकारों के लिए भटक रहे हैं.
श्रम अधीक्षक ने आगे जानकारी देते हुए कहा कि मामला एनसीएलटी तक पहुंचा था और नियमों के तहत सभी श्रमिकों के साथ न्याय होना चाहिए था. हालांकि आंदोलन के दौरान कई त्रुटियां पाई गई जिसके कारण मजदूरों की अपेक्षा के अनुसार विचार नहीं किया जा सका लेकिन मजदूरों को न्याय दिलाना भी हमारा काम है किसी भी मजदूर के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए यह हमारी प्राथमिकता रहती है।
आपको बताते चलें कि धरना स्थल पर श्रम अधीक्षक ने लगभग 1 घंटे तक मजदूरों से वार्तालाप की उनकी समस्याओं को जाना उनके परेशानियों से अवगत हुए। लेकिन हद तो तब हो गई जब धरना स्थल पर श्रम अधीक्षक के 1 घंटे तक मौजूद होने के बावजूद भी कंपनी से कोई भी जिम्मेदार अधिकारी धरना स्थल पर मजदूरों के समक्ष या श्रम अधीक्षक के समक्ष उपस्थित नहीं हुए।
वहीं लगभग 1 घंटे बीत जाने के बाद कंपनी की सेक्रेटरी मोना बहादुर धरना स्थल पर पहुंची और श्रम अधीक्षक से वार्तालाप की कुछ देर के चले वार्तालाप में कंपनी की सेक्रेटरी ने श्रम अधीक्षक से लगभग 10 दोनों का समय मांगा है।
फिलहाल श्रम अधीक्षक ने कंपनी को 10 दिनों की मोहल्ला दी है और साथ ही मजदूरों को न्याय दिलाने का भरोसा भी दिलाया है। मजदूरों ने भी श्रम अधीक्षक का आभार जताते हुए अपनी धरना स्थगित कर दी है।
अब देखना यह दिलचस्प होगा कि 10 दिनों के बाद मजदूरों को न्याय मिलता है या फिर मजदूर यूं ही न्याय के लिए धरना प्रदर्शन करते रहते हैं कड़ी धूप में जलते रहते हैं।
