सरायकेला/ईचागढ़
( सोनू कुमार सिंह )
एक वह रास्ता जो हमें हमारी मंजिल तक पहुंचती है और एक वह रास्ता जो हमें यमराज से मिलती है। जी हां साथियों रास्ते अगर अच्छे हो तो हमें हमारी मंजिल मिल ही जाती है लेकिन कुछ भ्रष्टाचारियों की वजह से सड़क निर्माण में लापरवाही बरतने के कारण सड़क की गुणवत्ता बिल्कुल ही बेकार निकल कर सामने आती है और इसका नतीजा यह होता है कि वक्त से पहले ही सड़कों में दरारें गड्ढे बन जाते हैं जो कि कई सड़क दुर्घटनाओं में मुख्य कारण बनती है अथवा कई बार जानलेवा साबित होते हैं।

साथियों अगर हम सरायकेला खरसावां जिले की बात करें तो इन दिनों सरायकेला खरसावां जिला अपराध भ्रष्टाचार के लिए सुर्खियों में बना हुआ है इसका अंदाजा अब इस बात से लगा सकते हैं कि सरायकेला खरसावां जिले में कानून व्यवस्था नियमित रूप से ना बनाए रखने के आलोक में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सरायकेला खरसावां जिले की पुलिस अधीक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
कहीं ज्वेलरी शॉप पर चापड़ से हमला, तो कहीं थाने में आदिवासी युवती के साथ मारपीट बर्बरता किया जाता है, तो कहीं गलियों और सड़कों में बिना नंबर प्लेट के दो पहिया वाहनों का चलना, कहीं सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करना, कहीं शराब की दुकान से शराब खरीद कर सड़क किनारे शराब पीना, कहीं सड़क किनारे झोपड़ी नुमा होटल में महुआ शराब का बिक्री होना, यह तमाम आपराधिक घटनाएं सरायकेला खरसावां जिले में आम बात हो गई हैं सूत्र बताते हैं मानो सरायकेला खरसावां जिले में कानून व्यवस्था बिल्कुल ठप हो चुकी है। और वह दिन दूर नहीं जब जिले में गुन्डों का आतंक होगा जिसे लोग गुंडाराज कहेंगे।
साथियों सरायकेला खरसावां जिले से एक और भ्रष्टाचार का मामला प्रकाश में आया है जहां पर सरायकेला खरसावां जिले के ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के लाइफ लाइन माने जाने वाले पातकुम – लावा सड़क महज छह माह में ही दरार आने लगी है। सड़क का निर्माण 37 करोड़ रु की लागत से किया जा रहा है।और ईचागढ़ प्रखंड वासियों के लिए यह सड़क लाइफ लाइन माना जाता है।
सूत्रों ने जानकारी दी है कि इस सड़क की निर्माण में सिर्फ खाना पूर्ति हुई है। डुमटांड़ से लेकर पातकुम तक जगह जगह सड़क में दरार आने लगी है और सड़कों में पड़ी यह दरारे धीरे-धीरे करके पूरी सड़क को जर्जर बना देगी। और वह दिन दूर नहीं जब लोगों को सड़क में गड्ढा या गड्ढे में सड़क का फर्क पता चलना बंद हो जाएगा। और सड़क पर बने यही दरारे और दरारों से बनने वाले गड्ढे एक दिन इस सड़क दुर्घटना में होने वाली मौत का कारण बनेंगे।
आपको बताते चलें कि इस सड़क के निर्माण हेतु ग्रामीणों ने विधायक, सांसद सहित अनेक जनप्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपकर कर सड़क निर्माण हेतु अनुरोध किया था। बड़ी मशक्कत के बाद इस सड़क का निर्माण किया जा रहा था लेकिन संवेदक द्वारा इस सड़क का निर्माण अच्छी गुणवत्तापूर्ण नहीं किया गया और यह सड़क भी भष्टाचार का भेंट चढ़ गया।
मिली जानकारी के अनुसार अब तक इस सड़क का निर्माण पाटपुर से लेपाटांड़ मैदान और लेपाटांड़ गांव से रानी बांध तक नहीं किया गया है। निर्माण पूरी भी नहीं हुई है और सड़क पर दरार आने लगी है। ग्रामीणों ने विभागीय अभियंता और पदाधिकारी से जाँच कर अविलंव कारवाई की मांग की है। साथ ही ग्रामीणों ने द्वारा मांग किया है कि सड़क का निर्माण अच्छी गुणवत्तापूर्ण हो ओर जँहा भी सड़क गड्डे में तब्दील हुआ है और दरारे आने लगी है उसका मरम्मति किया जाए।
सूत्रों ने यह भी जानकारी दी है कि इस सड़क पर रात दिन बालू का परिवहन किया जाता है इसलिए सड़क में दरार आने लगी है। और वह दिन दूर नहीं जब घटिया गुणवत्ता वाले सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे नजर आएंगे और स्थानीय ग्रामीण उस गड्ढे के कारण सड़क दुर्घटना में मौत का शिकार होंगे।

