जर्जर सड़क की विधायक के निजी स्तर पर मुरूम डालकर मरम्मती।
सरायकेला/ईचागढ़
( मालखान महतो ) ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के तुता केनाल सड़क से कुलटांड़ तक करीब दो किलोमीटर जर्जर सड़क की विधायक सविता महतो के निजी स्तर पर मुरूम डालकर मरम्मती कराई जा रही है। झामुमो कार्यकर्ताओं द्वारा ट्रैक्टर से मुरूम लाकर सड़क पर बिछाया जा रहा है। कार्यकर्ता दिनभर मरम्मती कार्य में जुटे रहे।
झामुमो के वरिष्ठ नेता गुप्तेश्वर महतो ने बताया कि विधायक सविता महतो के निर्देश पर करीब दो किलोमीटर जर्जर सड़क की तत्काल मरम्मती कराई जा रही है।
उन्होंने कहा कि सड़क की स्थिति खराब होने के कारण लोगों को आवागमन में काफी परेशानी हो रही थी। टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने में समय लगने के कारण विधायक के निर्देश पर फिलहाल ट्रैक्टर और जेसीबी की मदद से मुरूम डालकर सड़क को चलने लायक बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विधायक के प्रयास से सड़क के स्थायी मरम्मती कार्य का टेंडर भी कराया जाएगा। फिलहाल ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए पार्टी के दर्जनों कार्यकर्ता श्रमदान कर सड़क मरम्मती में जुटे हुए हैं।मौके पर प्रखंड 20 सूत्री अध्यक्ष कन्हाई बेसरा, अघोर महतो, गणेश महतो, लाल सिंह, मधु गोप सहित दर्जनों झामुमो कार्यकर्ता उपस्थित थे।
भष्टाचार की भेंट चढ़ गया 37 करोड़ की लागत से निर्माधीण पातकुम – लावा सड़क, आने लगी दरार।
सरायकेला/ईचागढ़
( सोनू कुमार सिंह )
एक वह रास्ता जो हमें हमारी मंजिल तक पहुंचती है और एक वह रास्ता जो हमें यमराज से मिलती है। जी हां साथियों रास्ते अगर अच्छे हो तो हमें हमारी मंजिल मिल ही जाती है लेकिन कुछ भ्रष्टाचारियों की वजह से सड़क निर्माण में लापरवाही बरतने के कारण सड़क की गुणवत्ता बिल्कुल ही बेकार निकल कर सामने आती है और इसका नतीजा यह होता है कि वक्त से पहले ही सड़कों में दरारें गड्ढे बन जाते हैं जो कि कई सड़क दुर्घटनाओं में मुख्य कारण बनती है अथवा कई बार जानलेवा साबित होते हैं।
साथियों अगर हम सरायकेला खरसावां जिले की बात करें तो इन दिनों सरायकेला खरसावां जिला अपराध भ्रष्टाचार के लिए सुर्खियों में बना हुआ है इसका अंदाजा अब इस बात से लगा सकते हैं कि सरायकेला खरसावां जिले में कानून व्यवस्था नियमित रूप से ना बनाए रखने के आलोक में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सरायकेला खरसावां जिले की पुलिस अधीक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
कहीं ज्वेलरी शॉप पर चापड़ से हमला, तो कहीं थाने में आदिवासी युवती के साथ मारपीट बर्बरता किया जाता है, तो कहीं गलियों और सड़कों में बिना नंबर प्लेट के दो पहिया वाहनों का चलना, कहीं सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करना, कहीं शराब की दुकान से शराब खरीद कर सड़क किनारे शराब पीना, कहीं सड़क किनारे झोपड़ी नुमा होटल में महुआ शराब का बिक्री होना, यह तमाम आपराधिक घटनाएं सरायकेला खरसावां जिले में आम बात हो गई हैं सूत्र बताते हैं मानो सरायकेला खरसावां जिले में कानून व्यवस्था बिल्कुल ठप हो चुकी है। और वह दिन दूर नहीं जब जिले में गुन्डों का आतंक होगा जिसे लोग गुंडाराजकहेंगे।
साथियों सरायकेला खरसावां जिले से एक और भ्रष्टाचार का मामला प्रकाश में आया है जहां पर सरायकेला खरसावां जिले के ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के लाइफ लाइन माने जाने वाले पातकुम – लावा सड़क महज छह माह में ही दरार आने लगी है। सड़क का निर्माण 37 करोड़ रु की लागत से किया जा रहा है।और ईचागढ़ प्रखंड वासियों के लिए यहसड़क लाइफ लाइन माना जाता है।
सूत्रों ने जानकारी दी है कि इस सड़क की निर्माण में सिर्फ खाना पूर्ति हुई है। डुमटांड़ से लेकर पातकुम तक जगह जगह सड़क में दरार आने लगी है और सड़कों में पड़ी यह दरारे धीरे-धीरे करके पूरी सड़क को जर्जर बना देगी। और वह दिन दूर नहीं जब लोगों को सड़क में गड्ढा या गड्ढे में सड़क का फर्क पता चलना बंद हो जाएगा।और सड़क पर बने यही दरारे और दरारों से बनने वाले गड्ढे एक दिन इस सड़क दुर्घटना में होने वाली मौत का कारण बनेंगे।
आपको बताते चलें कि इस सड़क के निर्माण हेतु ग्रामीणों ने विधायक, सांसद सहित अनेक जनप्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपकर कर सड़क निर्माण हेतु अनुरोध किया था। बड़ी मशक्कत के बाद इस सड़क का निर्माण किया जा रहा था लेकिन संवेदक द्वारा इस सड़क का निर्माण अच्छी गुणवत्तापूर्ण नहीं किया गया और यह सड़क भी भष्टाचार का भेंट चढ़ गया।
मिली जानकारी के अनुसार अब तक इस सड़क का निर्माण पाटपुर से लेपाटांड़ मैदान और लेपाटांड़ गांव से रानी बांध तक नहीं किया गया है। निर्माण पूरी भी नहीं हुई है और सड़क पर दरार आने लगी है। ग्रामीणों ने विभागीय अभियंता और पदाधिकारी से जाँच कर अविलंव कारवाई की मांग की है।साथ ही ग्रामीणों ने द्वारा मांग किया है कि सड़क का निर्माण अच्छी गुणवत्तापूर्ण हो ओर जँहा भी सड़क गड्डे में तब्दील हुआ है और दरारे आने लगी है उसका मरम्मति किया जाए।
सूत्रों ने यह भी जानकारी दी है कि इस सड़क पर रात दिन बालू का परिवहन किया जाता है इसलिए सड़क में दरार आने लगी है। और वह दिन दूर नहीं जब घटिया गुणवत्ता वाले सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे नजर आएंगे और स्थानीय ग्रामीण उस गड्ढे के कारण सड़क दुर्घटना में मौत का शिकार होंगे।
आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र के सड़कों का पुनः निर्माण जल्द , जियाडा परिसर में कॉर्पोरेट भवन का निर्माण शीघ्र..
सरायकेला/आदित्यपुर
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
आदित्यपुर: एक बार पुनः आदित्यपुर की सड़के चकचका उठाएंगे सड़क दुर्घटनाओं से मिलेगी राहत। आपको बताते चलें कि Jharkhand industry development authority जियाडा द्वारा आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र के जर्जर सड़कों का पुन:र्निर्माण के लिए विभाग में तैयारी चल रही है
आपको बताते चलें कि जियाडा सचिव नागेंद्र पासवान गुरुवार को रूटीन विजिट के तहत कोल्हान प्रक्षेत्र अंतर्गत चंद्रपुरा, और रुआम में प्लॉट निरीक्षण करने पहुंचे थे. इनके साथ क्षेत्रीय प्रबंध निदेशक प्रेम रंजन और कार्यपालक अभियंता सुनील कुमार भी शामिल थे.
वहीं मौके पर सचिव नागेंद्र पासवान ने जानकारी देते हुए बताया कि औद्योगिक क्षेत्र के सभी सड़कों के पुनः निर्माण के लिए प्रस्ताव विभाग के पास आया है. जिस पर जल्द काम शुरू होगा. उन्होंने बताया कि सड़क निर्माण का डीपीआर तैयार हो रहा है. एजेंसी के माध्यम से सड़क निर्माण कार्य कराए जाएंगे जो विभाग के प्राथमिकता में है.
इसके साथ ही सचिव नागेंद्र पासवान ने यह भी जानकारी साझा किया कि जियाडा परिसर स्थित पूर्व जर्जर भवन को तोड़ कर नए स्वरूप में भवन का निर्माण किया जाएगा.सचिव ने कहा कि बिल्डिंग निर्माण का डीपीआर भी जल्द तैयार होगा उन्होंने यह भी बताया कि कॉर्पोरेट सेक्टर के ऑफिस के लिए भवन का निर्माण कराया जाएगा. उन्होंने बताया कि विगत दिनों आयोजित हुए बैठक में इस प्रस्ताव पर सहमति बनी है. जिस पर अंतिम मुहर लगना बाकी है।