पेपर प्लेट निर्माण मशीन स्थापना विषयक एक दिवसीय कौशल उन्नयन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

पेपर प्लेट निर्माण मशीन स्थापना विषयक एक दिवसीय कौशल उन्नयन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

नाबार्ड-एलईडी परियोजना के अंतर्गत स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को उद्यमिता एवं आजीविका संवर्धन का दिया गया प्रशिक्षण।

सरायकेला-खरसावां

ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने तथा सतत् आजीविका के अवसर विकसित करने के उद्देश्य से सरायकेला प्रखंड के सिदडीह गांव में पेपर प्लेट निर्माण मशीन स्थापना विषयक एक दिवसीय कौशल उन्नयन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

प्रशिक्षण का आयोजन झारखंड ट्राइबल डेवलपमेंट सोसाइटी (JTDS), डीपीएमयू, सरायकेला-खरसावाँ द्वारा नाबार्ड-एलईडी (NABARD-LED) परियोजना के अंतर्गत किया गया। प्रशिक्षण में राजनगर प्रखंड की तीन एवं सरायकेला प्रखंड की तीन स्वयं सहायता समूहों (SHG) की कुल 60 महिला प्रतिभागियों ने भाग लिया।

प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर शेफाली महतो द्वारा प्रतिभागियों को पेपर प्लेट निर्माण मशीन की स्थापना, संचालन, रख-रखाव, सुरक्षा उपाय, कच्चे माल की लोडिंग, गुणवत्ता नियंत्रण, उत्पादन प्रक्रिया, लागत निर्धारण तथा उद्यम प्रबंधन से संबंधित व्यावहारिक एवं तकनीकी जानकारी प्रदान की गई। साथ ही बाजार की मांग, व्यावसायिक संभावनाओं, मशीन की उपयोगिता एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पेपर प्लेट निर्माण आधारित स्वरोजगार की संभावनाओं पर विस्तार से जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण के क्रम में प्रतिभागियों का कौशल मानचित्रण (Skill Mapping) किया गया तथा समूहवार गतिविधियों के माध्यम से वर्तमान में संचालित आजीविका गतिविधियों एवं भविष्य में अपनाए जाने वाले संभावित व्यवसायों का आकलन किया गया। इसके उपरांत प्रतिभागियों द्वारा चार्ट पेपर के माध्यम से अपने समूह की कार्ययोजना एवं आजीविका संबंधी संभावनाओं का प्रस्तुतीकरण किया गया।

प्रशिक्षण का उद्देश्य स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की क्षमता एवं कौशल का विकास करना, पेपर प्लेट निर्माण आधारित उद्यम हेतु इच्छुक महिलाओं की पहचान करना, मशीन संचालन एवं रख-रखाव का तकनीकी ज्ञान उपलब्ध कराना तथा महिलाओं को स्वरोजगार एवं उद्यमिता से जोड़कर सतत् आय के अवसर उपलब्ध कराना रहा।

समापन सत्र में प्रतिभागियों के साथ कार्ययोजना तैयार की गई तथा प्रशिक्षण से संबंधित प्रतिपुष्टि (फीडबैक) प्राप्त की गई। इस अवसर पर JTDS, डीपीएमयू, सरायकेला-खरसावाँ के अधिकारियों ने बताया कि प्रशिक्षण उपरांत चयनित स्वयं सहायता समूहों को पेपर प्लेट निर्माण मशीन की स्थापना एवं उद्यम प्रारंभ करने हेतु आवश्यक तकनीकी एवं संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण एवं आय सृजन को बढ़ावा मिलेगा।

कार्यक्रम में डीपीएम नीरज नयन सहित JTDS, डीपीएमयू, सरायकेला-खरसावाँ के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

पोस्टल बैलेट को लेकर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

पोस्टल बैलेट को लेकर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

झारखण्ड/पाकुड़

( पाकुड़ से मोहम्मद काजीरूल शेख की रिपोर्ट )

दिव्यांग व विशिष्ट मतदाताओं को लेकर गुरुवार को हिरणपुर के घाघरजानि स्थित प्रखंड कार्यालय सभागार में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित हुई जिसमें सभी बीएलओ,पर्यवेक्षक ने भाग लिया।

प्रशिक्षण में बीडीओ दिलीप टुडू ने मतदान की तैयारियो को लेकर विस्तृत जानकारी दिया उन्होंने कहा कि दिव्यांग व 85 वर्ष से ऊपर के मतदाताओं को मतदान के लिए बूथ में नही आना जोड़ेगा पोस्टल बैलेट के माध्यम से मतदान करने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। हिरणपुर में 304 दिव्यांग व विशिष्ट मतदाता 234 है इसमे सभी को होम वोटिंग की सुविधा दी जाएगी इसको लेकर सभी बीएलओ घर घर जाकर सर्वे कार्य को निर्धारित अवधि के अंदर पूर्ण करेंगे।

बैठक में बीएलओ के बीच प्रपत्रों का भी वितरण किया गया। वही मतदान कार्य की तैयारियो को लेकर वृहत रुप से समीक्षा की गई।

बीडीओ ने निर्देश देते हुए कहा कि सभी कर्मी जवाबदेही के साथ कार्यो का निर्वहन करेंगे इसमे किसी प्रकार की कोताही न बरती जाए। इस मौके पर बीपीआरओ संजीव कुमार सिन्हा सहित सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट उपस्थित थे।

चिकित्सा पदाधिकारी,एएनएम, कुक का प्रशिक्षण का आयोजन सोमवार को डिविजनल प्रशिक्षण संस्थान पाताहातु में किया गया।

चिकित्सा पदाधिकारी,एएनएम, कुक का प्रशिक्षण का आयोजन सोमवार को डिविजनल प्रशिक्षण संस्थान पाताहातु में किया गया।

पश्चिमी सिंहभूम/चाईबासा

( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )

पश्चिम सिंहभूम: कुपोषण उपचार केंद्र के गाइडलाइन के अनुसार एमटीसी (MTC) में कार्यरत चिकित्सा पदाधिकारी,एएनएम, कुक का दो दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन सोमवार को डिविजनल प्रशिक्षण संस्थान पाताहातु में किया गया।

जानकारी के अनुसार जिले में पांच कुपोषण उपचार केंद्र चाईबासा, चक्रधरपुर, मनोहरपुर, कुमारडूगी, जगन्नाथपुर संचालित है। सोमवार को आयोजित प्रशिक्षण में 12 एएनएम, 05 चिकित्सा पदाधिकारी, 03 कुक ने भाग लिया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य है, एमटीसी में दिए जा रहे सेवाओं को और बेहतर किया जा सके। राज्य में कुल 96 एमटीसी संचालित है। जिसमें पश्चिम सिंहभूम जिला लगातार विगत 02 वर्षों से एमटीसी में उपलब्ध किए जा रहे सेवाओं में प्रथम स्थान पर रहा है।

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