सरायकेला/चांडिल
सरायकेला खरसावां जिला परिषद के उपाध्यक्ष सह कुकरू प्रखंड के जिप सदस्य मधुश्री महतो ने उपायुक्त से कुकरू प्रखंड प्रवासी छह नाबालिक बंधुआ मजदूरी से मुक्त करने गुहार गई।

दारुदा गांवों के छह बच्चे को बंधुआ मजदूरी से मुक्त करने की गुहार लगाई। घटना के संबंध में जिला परिषद उपाध्यक्ष मधुश्री महतो का कहना है की कुकरू प्रखंड के तिलरूडीह थाना अंतर्गत दारूदा गांव के बच्चे को बंधुआ मजदूर बनकर गुजरात में रखा हुआ है। इनके परिजन का कहना है की जोसवंत तांती पिता सुदर्शन तांती कांडा के निवासी गांव के बच्चे को रोजगार दिलाने के नाम ले गए।छह बच्चों को को बंधुआ मजदूर बनकर रखा हुआ।इन बच्चों को परिवार से बात चीत भी नहीं करने देते हैं। बच्चे को घर गए एक माह हो चुका है। परिजन भी बच्चे के लिए परेशान हुए। परिजन ने जिला परिषद मधुश्री महतो से बच्चों घर लाने की गुहार लगाई इसके बाद जिला उपाध्यक्ष मधुश्री महतो ने उक्त मामले को तिरूलडीह थाना में जानकारी दी। इसके बाद सारायकेला खारसवां जिला उपायुक्त से कुकरू प्रवासी नाबालिग बच्चों को बंधुआ मजदूर से मुक्त करने की गुहार लगाई। बच्चे लें जाने वाले ने तिरूलडीह थाना में बच्चों को कंपनी काम दिलाने की बात स्वीकार किया।
निरंजन महतो पिता गोरव महतो,आकाश महतो पिता निरंजन महतो, मधुसूदन महतो पिता राजकिशोर महतो,मानिक मछुआ, पिता राजेश मछुआ,शरद मछुआ पिता प्रेमचंद मछुआ, विदेशी मछुआ पिता लखिन्द्र मछुआ सभी गांव दारुदा पोस्ट कुकरू थाना तिरूलडीह सरायकेला खरसावां जिला के निवासी सभी बच्चों लगभग 15से17वर्ष का है।















