एक माह से बंद सपादा जलापूर्ति प्लांट, दर्जनभर गांवों में पेयजल संकट गहराया।

एक माह से बंद सपादा जलापूर्ति प्लांट, दर्जनभर गांवों में पेयजल संकट गहराया।

सरायकेला/ईचागढ़

13 माह से वेतन बकाया, मजदूरों में रोष; समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी।

( मालखान महतो )

सरायकेला-खरसावां जिला के कुकड़ू प्रखंड अंतर्गत सपादा स्थित जलापूर्ति प्लांट पिछले करीब एक माह से ठप है। इसके चलते आसपास के लगभग एक दर्जन गांवों में भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट गहरा गया है। हालात यह हैं कि ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए दूर-दराज के जल स्रोतों पर निर्भर होना पड़ रहा है, जिससे ग्रामीण परेशान हैं ।

उक्त योजना पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के ग्रामीण जलापूर्ति योजना के तहत संचालित है, जिसका उद्देश्य हर घर तक नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल पहुंचाना है। हालांकि, प्लांट के बंद रहने से योजना की जमीनी हकीकत पर सवाल उठने लगे हैं और इसकी कार्यप्रणाली पर गंभीर संदेह व्यक्त किया जा रहा है।

प्लांट में कार्यरत मजदूरों ने आरोप लगाया है कि उन्हें पिछले 13 महीनों से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। आर्थिक तंगी के कारण उनके सामने परिवार के भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है। मजदूरों का कहना है कि उन्हें मजबूरी में कर्ज लेकर घर चलाना पड़ रहा है।

ग्रामीणों और मजदूरों ने इस स्थिति के लिए ठेकेदार की मनमानी एवं लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद न तो जलापूर्ति बहाल की गई और न ही बकाया वेतन का भुगतान किया गया। इससे स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति भी नाराजगी बढ़ती जा रही है। मामले को लेकर पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष अशोक साव ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इतने गंभीर मुद्दे के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

उन्होंने शासन-प्रशासन से अविलंब जलापूर्ति बहाल करने, मजदूरों का बकाया वेतन भुगतान सुनिश्चित करने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन किया जाएगा।

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