हावा की रफ्तार के कारण जंगल में धू धू कर आग पूरे जंगल में फैलने लगा।
सरायकेला
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )

सरायकेला: जिले के चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के चांडिल डेम स्थित बडाबिंदा जंगल में आज सुबह से जंगल में एक किलोमीटर लंबाई तक लगी आग जिसे हजारों शाल और खैर का पेड़ जलने लगा ।साथ ही हजारों पौधे जलकर राख हो गए ।

स्थानीय लोगों ने बताया की आग लगने की सूचना चांडिल वन क्षेत्र पदाधिकारी को दिया गया ।
3 हेक्टर जंगल के जमीन मे खोयेर का बड़े पेड़ लगे हे। दो प्रजाति के खॉयर का पेड़ है।ओर जंगल देखरेख में एक ही कर्मचारी है ।
आग पर काबू पाने के लिए सूखे पत्ते को वचाव कर्ता दो भागों में अलग अलग करने लगा जिसे आग की रफ्तार आगे चलकर रुख जाए
इतने बड़े जंगल में देखरेख में वाचार की जरूरत है। एक आदमी द्वारा आग लगने के समय जंगल की सुरक्षा करना मुश्किल हो जाते है।

आपको बताते चलें कि इस जंगल में 600 सौ खैर का पेड़ लगा है जो 10 बर्ष के लगभग हो गया । प्रति वर्ष आग लग जाने से लाखो रुपया का पेड़ पौधे जलकर राख हो जाता है ।
वहीं जानकारी के मुताबिक वन एवं पर्यावरण विभाग को केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा प्रति वर्ष करोड़ों रुपया जंगल एवं जंगली जीवजंतु संरक्षण के मुहैया कराते हैं।ओर प्रतिवर्ष जंगल में आग लगने से बेस कीमती पेड़ पौधे। जलकर राख हो जाते ।जंगल सुरक्षा के नाम पर एक ही वाचार् नियुक्ति में रखा गया ।

आज चांडिल वन क्षेत्र पदाधिकारी की अनदेखी के कारण जंगल में आग लग रहा है।




































