सफलता मेहनत व लगन के बल पर ही प्राप्त की जा सकती है : गीता कोड़ा
चाईबासा
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
चाईबासा : संत.जेवियर्स गर्ल्स , इंटर कॉलेज , चाईबासा में गुरुवार को आयोजित फेयरवेल समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुई सिंहभूम की सांसद गीता कोड़ा । दीप प्रज्वलित कर संस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया ।
कॉलेज के प्राचार्य द्वारा शाॅल ओढ़ाकर एवं पुष्प गुच्छ भेंट कर सांसद श्रीमती कोड़ा को सम्मानित किया गया। फेयरवेल समारोह को संबोधित करते हुए सांसद गीता कोड़ा ने कहा कि जीवन का प्रथम चरण पूरा कर छात्राएं दूसरे चरण में प्रवेश करने जा रहे हैं। वे यह बात सदैव याद रखें कि जीवन में सफलता मेहनत व लगन के बल पर ही प्राप्त की जा सकती है मेहनत व लगन से कभी ना घबराएं और मेहनत व लगन से ही अपने लक्ष्य को प्राप्त करें प्रत्येक मनुष्य के जीवन में और बेतहर निखार लाने के लिए स्थान का बदलाव की काफी आवश्यकता होती है, ताकि वे अपने सपने को साकार कर सकें ।
उन्होंने छात्राओं को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी । सांसद गीता कोड़ा ने कहा कि आने वाले समय में किसी भी प्रकार समस्या होने पर हर संभव मदद किया जाएगा । वहीं सांसद गीता कोड़ा के करकमलों से छात्राओं को पुरस्कृत किया गया ।
मौके पर प्राचार्य सिस्टर नीलिमा केरकेट्टा , सुप्रियर नेली केरकेट्टा , मिडिल स्कूल प्राचार्य गुलाबी केरकेट्टा , कांग्रेस जिला अध्यक्ष चंद्रशेखर दास , सांसद प्रतिनिधि त्रिशानु राय , राकेश सिंह , प्रखंड अध्यक्ष दिकु सावैयां , नगर अध्यक्ष मुकेश कुमार सहित इंटर कालेज की सभी शिक्षक – शिक्षाएं उपस्थित थी ।
चाईबासा : झारखंड के बजट सत्र में मझगांव विधानसभा के विधायक माननीय श्री निरल पूर्ति ने शून्य काल प्रश्न के दौरान अनुसूचित जनजाति ‘हो’ समाज एवं संस्कृति से संबंधित संग्रहालय की स्थापना करने की मांग किया है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए विधायक निरल पूर्ति ने कहा कि पश्चिमी सिंहभूम जिले में अनुसूचित जनजाति ” हो ” का मूलतः निवास की अधिकता है तथा इस क्षेत्र के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, जैविक, भाषिक जैसे- अतीत की वस्तु जीवन की झलकियाँ परिधान, पुराने औजार, कृषि एवं शिकार के औजार इत्यादि की संरक्षण और प्रदर्शित करने हेतू जिले में कोई भी संग्रहालय नही है।अनुसूचित जनजाति ‘हो’ के जीवन से जुड़े विविध प्रसंग, उपकरणों, अनुकृतियाँ एवं संस्कृति के जीवंत प्रदर्शन को प्रदर्शित करने का संग्रहालय उचित माध्यम है। अतः सदन के माध्यम से सरकार से माँग करता हूँ कि पश्चिम सिंहभूम जिले में अनुसूचित जनजाति ‘हो’ समाज एवं संस्कृति से संबंधित संग्रहालय की स्थापना की जाय। उन्होंने कहा कि हो जनजाति बहुल क्षेत्र में एक संग्रहालय की स्थापना करना बहुत जरूरी है, क्योंकि दूरदराज से आने वाले लोग लोगों को आदिवासी संस्कृति, परंपरा, परिधान की जानकारी स्पष्ट मिल सके। इससे हमारे आने वाले पीढ़ी को भी फायदा मिलेगा। विश्व की सबसे प्राचीन माने जाने वाले आदिवासी संस्कृति की पहचान बनाए रखना बहुत जरूरी है।
इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार एक विशाल संग्रहालय पश्चिम सिंहभूम जिला में बनाएं, जिससे दूसरे लोग आदिवासी संस्कृति को करीब से जान सके। संग्रहालय के निर्माण होने से देश-विदेश के पर्यटक भी पश्चिम सिंहभूम पहुंचकर आदिवासी संस्कृति, सभ्यता के बारे अधिक जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
मजदूरो की शाकायत पर जी सदस्य जॉन मारल मुण्डा नें योजना स्थल का किया निरीक्षण
चाईबासा
मजदूरो की शाकायत पर जी सदस्य जॉन मारल मुण्डा नें योजना स्थल का किया निरीक्षण, जहां कार्य की गुणवक्ता में अनियमित्ता पाई गई वहीं मजदुरों को भी मजदुरी दर नहीं देने का मामला उठा,उपायुक्त से किया शिकायत
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
चाईबासा: टोन्टो प्रखण्ड अन्तर्गत निर्माण कार्य में गुणवत्तापूर्ण कार्य एवं न्यूनतम मजदूरी नहीं दिए जाने के शिकायत पर झारखंड जेनरल कामगार युनियन के अध्यक्ष सह जीप सदस्य जॉन मिरन मुण्डा के द्वारा कार्य स्थल का निरिक्षण किया गया।
निरिक्षण के दौरान कार्य में गुणवक्ता पर सवाल उठा वहीं मजदुरों को मजदुरी दर भी कम दिए जाने की शिकायत मिली।इस मामले को लेकर जीप सदस्य जॉन मिरन मुण्डा नें उपायुक्त को शिकायत पत्र देते हुए मामले की जांच कराने का मांग किया है। जीप सदस्य नें कहा कि मजदूरों द्वारा शिकायत मिलने के बाद कार्य स्थल पर निरीक्षण करने के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता में लापवाही एवं मजदूरों को दी जाने वाली मजदूरी कम दिए जाने का मामला सामने आया है जो इस प्रकार है।
जिला विशेष केन्द्रीय सहायता (SCA) निधि के तहत टोन्टो में एकलव्य विद्यालय से चालगी सीमा तक 4450 फीट पी०सी०सी० सड़क निर्माण में अंबुजा सीमेंट का इस्तेमाल किया गया है। और ढलाई में सीमेंट, बालू, गिटटी में मात्रा सही नहीं दिया गया एवं ढलाई के बाद पानी भी सही रूप से नहीं डाला जा रहा है दिनभर में मात्र एक बार डाला जा रहा है जिससे सड़क कमजोर होकर जल्दी ही टूट जाएगी।काम करने वाले मजदूरों को 300 रू० दिया गया जबकि ढलाई में ज्यादा देना था। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय का निर्माण हो रहा है जिसमें घटिया काला ईंटा से निर्माण हो रहा है। 4. इसमें काम करने वाले मजदूरों को 300 रू० से 315 रू0 दिया जा रहा है जबकि केन्द्र सरकार का न्यूनतम मजदूरी दर 477 रू0 है। अपील करते हुए कहा कि दोनों कार्य स्थल हेस्सा सुरनियाँ प्रखण्ड टोन्टो है का जॉच पड़ताल कर मजदूरों को बकाया के साथ भुगतान कराने एवं गुणवत्ता में सुधार हेतू उचित कार्यवाही करें।
चाईबासा बड़ाजामदा रेलवे फाटक के समीप दो हाईवा में सीधी टक्कर, दोनों चालक घायल
चाईबासा
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
चाईबासा: बड़ाजामदा रेलवे फाटक के आगे हाथी चौक जाने वाले रास्ते पर बुधवार देर रात को दो हाईवा में सीधी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों हाईवा चालक घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को बड़ाजामदा स्थित क्लीनिक पहुंचाया गया।
दुर्घटना के संबंध में स्थानीय लोगों ने बताया कि बराईबुरु की ओर से आ रही हाईवा गाड़ी संख्या जेएच 09 एजेड 2664 तथा बड़ाजामदा से बराईबुरु की ओर जा रही हाईवा गाड़ी संख्या जेएच02एक्स 5679 मैं आमने-समने टक्कर हो गई। रात होने की वजह से दोनों चालकों के आंख में लाइट पड़ने से उन्होंने अपना संतुलन खो दिया और दोनों गाड़ियों में आपस में जोरदार टक्कर हो गई। तुरंत ही इसकी सूचना स्थानीय बड़ाजामदा थाना को दी गई।
बड़ाजामदा थाना ने घटनास्थल पहुंच मामले की जांच कर रही है घटना के संबंध में बड़ाजामदा थाना प्रभारी वासुदेव टोप्पो ने बताया कि घटना के बाद से दोनों गाड़ी के चालक फरार है। गाड़ी मालिक को थाने बुलाया गया है।
लाटिया जाहेरगढ़ में धूमधाम से मनाया गया बाहा बोंगा,ग्रामीणों ने की प्रकृति की पूजा
मुसाबनी
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
मुसाबनी– लाटिया जाहेरगाढ़ में आदिवासी समुदाय द्वारा धूम धाम से बाहा बोंगा का आयोजन किया गया । बाहा बोंगा के दिन लाटिया गांव में सुबह से ही बच्चों से लेकर बूढ़े बुजुर्ग तक बाहा बोंगा के रंग में रंगे हुए थे ।
सभी ग्रामीण आदिवासी परिधान में आदिवासी वाद्ययंत्र के बाजे गाजे के साथ गांव के नायके बाबा खेलाराम सोरेन को आदिवासी नृत्य के साथ जाहेरगाढ़ पूजा स्थल तक लाया गया और सरना धर्म के देवी देवताओं को पूजा अर्चना की गई । ग्रामीणों ने अपने अपने पूजा में मुर्गा बली दी गई । ग्रामीणों ने चढ़ाए गए वाले बली वाले मुर्गा का सोढ़े (प्रसाद) बनाकर ग्रहण किया गया ।
पूजा संपन्न होने के बाद जाहेरगाढ़ में उपस्थित महिलाओं ने नायके बाबा से आशीर्वाद लेते हुए माथे के खोपा पर और पुरुषों ने कान पर साल का फूल लगाकर शाम होते ही लाटिया जाहेरगाढ़ में आदिवासी महिला – पुरुषों ने सामूहिक रूप से बाहा नृत्य का आनंद लिया और आस पास के लोगों को भी आनंदित किया । बाहा नृत्य के बाद पूर्व संध्या पर ग्रामीणों ने नाच गान के साथ नायके बाबा को अपने निवास स्थान तक पहुंचाया गया और ग्रामीण महिला पुरुषों ने रात भर नृत्य कर बाहा बोंगा का आनंद लिया ।
लाटिया जाहेरगाढ़ बाहा बोंगा का सफल आयोजन करने में मुख्य रूप से बुद्धेश्वर मुर्मू, साधु सेन महाली, सुराई बेसरा, युगल महाली, चंदन महाली, मोटू माहली, शामु माहली, जगदीश माहली, शिव माहली,तपन माहली,मुरगेश माहली, प्रसंजीत माहली,कमल माहली, अशोक महाली,जगदीश टुडू,रमेश टुडू , टेपा हेंब्रम, राजू हेंब्रम, तिलका माहली आदि का योगदान अहम रहा है।
स्थाई लोक अदालत प्रखंड के कुईलीसूता पंचायत भवन में कैम्प लगाकर एक मुस्त त्रृण हुआ निपटारा ।
मुसाबनी
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
मुसाबनी: स्थाई लोक अदालत के तहत मुसाबनी प्रखंड के कुईलीसूता पंचायत भवन में कैम्प लगाकर बैंक आफ इंडिया के द्वारा एक मुस्त त्रृण त्रृण का निपटारा किया गया।
इस कैम्प में कुल 31 लाख 35 हजार 343 रुपए के कुल लोन का निपटारा 13 लाख 94 हजार रुपए में हुआ। इसका लाभ कुल 62 खाता धारकों ने उठाया।
इस अवसर पर स्थाई लोक अदालत के अध्यक्ष सह जिला न्यायाधीश पारसनाथ उपाध्याय, सदस्य गौतम घोष, अचल कुमार, एलडीएम संतोष कुमार, बैंक आफ इंडिया के शाखा प्रबंधक संजय यादव उपस्थित थे।
पूर्वी सिंहभूम के स्थाई लोक अदालत के अध्यक्ष सह जिला न्यायाधीश पारसनाथ उपाध्याय ने बताया कि पूरे झारखंड में 74 सौ करोड़ एनपीए है। जिसमें 7 लाख खाता धारकों पर मुकदमा चल रहा है। इस कैम्प के माध्यम से त्रृण लेने वाले खाता धारक 1 फरवरी से 21 मार्च तक जिला के विभिन्न प्रखंडों में चलने वाले कैम्प के माध्यम से अपने त्रृण की राशि को 60 प्रतिशत में सटलमेंट कर यदि चाहे तो शेष 40 प्रतिशत राशि किस्त में भी दे सकते हैं। एलडीएम ने बताया कि बैंक आफ इंडिया के मुसाबनी शाखा में 1546 खाताधारक हैं। जिनका खाता एनपीए है। यह राशि कुल 10 करोड़ 33 हजार है। उन्होंने कहा कि ऐसे अवसर का लाभ खाता धारकों को उठाना चाहिए।
गैंगस्टर अखिलेश सिंह गिरोह के कन्हैया सिंह को पुलिस ने कानपुर से गिरफ्तार किया है ,,,हथकडी लगा कर शहर में घुमाया
जमशेदपुर
पुलिस पर भरोसा बरकरार रखने के लिए जमशेदपुर पुलिस द्वारा बड़ी कार्रवाई की गई
गैंगस्टर अखिलेश सिंह गिरोह के गिरफ्तार कन्हैया सिंह को हथकडी लगा कर शहर में घुमाया गया
जमशेदपुर : जमशेदपुर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है खबर आ रही है कि बीते दिनों ही शहर के गैंगस्टर अखिलेश सिंह गिरोह के सदस्य कन्हैया सिंह को कानपुर से गिरफ्तार किया था.
जानकारी के अनुसार देर रात पुलिस कन्हैया सिंह को लेकर शहर पहुंची थी. इधर शहर वासियों के दिलों में बसे अखिलेश सिंह गिरोह के खौफ को खत्म करने के लिए जमशेदपुर पुलिस ने कन्हैया सिंह को हथकड़ी लगाकर शहर की सड़कों पर घुमाया.
इस दौरान सिटी एसपी के. विजय शंकर के अलावा अन्य पुलिस पदाधिकारी मौजूद थे.
वहीं मीडिया को जानकारी देते हुए सिटी एसपी के विजय शंकर ने बताया कि शहर में कई ऐसे अपराधी मौजूद है जो अपना वर्चस्व कायम किए हुए है. ये अपराधी बड़े बड़े व्यापारियों और अन्य लोगों से रंगदारी वसूलते है. रंगदारी नही देने पर उनपर फायरिंग करवाई जाती है. इन्ही सब कारणों से अपराधियों का खौफ बना रहता है. इस खौफ को खत्म करने के लिए जमशेदपुर पुलिस ने कन्हैया सिंह को हथकड़ी लगाकर शहर की सड़कों पर घुमाया.
स्वास्थ्य विभाग एवं समाज कल्याण विभाग अंतर्गत संचालित योजनाओं का उपायुक्त ने किया समीक्षा
सरायकेला
आपसी तालमेल स्थापित कर लोगो को बेहतर सुविधा प्रदान करने के दिए निदेश
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
सरायकेला: समाहरणालय स्थित सभागार मे जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त श्री अरवा राजकमल की अध्यक्षता मे जिला समाज कल्याण एवं स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत संचालित योजनाओं की कार्य प्रगति से संबंधित समीक्षा बैठक आयोजित किया गया। बैठक में उपायुक्त के साथ उप विकास आयुक्त श्री प्रवीण कुमार गागराई, सिविल सर्जन डॉक्टर विजय कुमार, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती शिप्रा सिन्हा सभी एमओआईसी सभी सीडीपीओ एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
इस दौरान उपायुक्त ने बारी बारी से स्वास्थ्य विभाग एवं समाज कल्याण विभाग अंतर्गत संचालित योजनाओं की कार्य प्रगति का समीक्षा करते हुए दोनों विभाग के पदादिकारियों को आपसी तालमेल स्थापित करते हुए महिलाओ, बच्चो को बेहतर सुविधाए प्रदान करने के निदेश दिए। इस दौरान प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना अंतर्गत संचालित धीमी प्रगति वाले संबंधित प्रखंड के सीडीपीओ को प्राप्त आवेदनों के त्वरित निष्पादन सुनिश्चित कर अधिक से अधिक गर्भवती माताओं को योजना के लाभ प्रदान करने के निर्देश दिए। वही डोर टू डोर सर्वे कर 18 से 19 वर्ष के छूटे हुए किशोरियों को फुले बाई किशोरी समृद्धि योजना के तहत आवेदन प्राप्त करने, कम वजन के जन्मे बच्चों को एमटीसी में भर्ती करा उन्हें पोषण युक्त आहार एवं स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने के निर्देश दिए। इस दौरान उपायुक्त सीडीपीओ ऐसी योजनाएं जिंदगी कार्य प्रगति धीमी है मे सुधरात्मक प्रगति लाने के निदेश दिए।
इस दौरान उपायुक्त ने सभी MOIC निदेशित करते हुए कहा कि समय समय पर क्षेत्र एवं अस्पताल का निरिक्षण कर लोगों को दी जा रही सुविधाओं का जायजा ले साथ ही अस्पताल मे बने MTC बेड का जायजा ले और कोशिश करें कि शत प्रतिशत बच्चों को उसमे भर्ती किया जाय ताकि ऐसे बच्चे जिनका वजन काफी काम है उनमे सुधार ला कर उन्हें ठीक कर के वापस भेजा जाय यह सुनिश्चित करने के निदेश दिए। समीक्षा के क्रम मे उन्होंने जिले मे होने वाले बच्चों अथवा बुजुर्ग के मृत्यु दर का भी जायजा लिया एवं इसमें सुधार लाने का दिशा निदेश दिए।
उक्त अवसर पर उपायुक्त के अलावे उप विकास आयुक्त श्री प्रवीण कुमार गागराई, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती शिप्रा सिन्हा, जिला पंचायती राज पदाधिकारी श्री धनवीर लकड़ा, सिविल सर्जन श्री विजय कुमार, सभी BEO, MOIC, CDPO, LS एवं अन्य उपस्थित रहे।
समाहरणालय सभागार में आत्मा शासकीय निकाय एवं जिला स्तरीय खाद सुरक्षा मिशन कार्यकारिणी समिति की बैठक आहूत की गई।
सरायकेला
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
गुरुवार 2 मार्च 2023 को समाहरणालय स्थित सभागार में उप विकास आयुक्त श्री प्रवीण कुमार गागराई के अध्यक्षता में आत्मा शासकीय निकाय एवं जिला स्तरीय खाद सुरक्षा मिशन कार्यकारिणी समिति की बैठक आहूत की गई। बैठक में सर्वप्रथम जिला कृषि पदाधिकारी श्री विजय कुमार कुजूर ने आत्मा एग्रीकल्चर एक्सटेंशन 2021-22 एवं 2022-23 में प्राप्त राशि के विरुद्ध किए गए कार्यों की जानकारी दी। बैठक के दौरान ऐसे किसान मित्र जिनका कार्य प्रगति ठीक नहीं है तथा रिक्त पदों पर किसान मित्रों का चयन करने का निर्णय लिया गया।
इस दौरान उप विकास आयुक्त ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2022 23 में आवंटन प्राप्त होने पर किसान मेला आयोजित कर कृषकों को जागरूक करें तथा योजनाओं से लाभान्वित करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि कृषिको को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के लाभ मिले, कृषको के आय में बढ़ोतरी हो इस हेतु कार्यक्रम संचालित करें। उप विकास आयुक्त ने कहा कि किसानों को मोटिवेट करने, तकनीकों से खेती करने हेतु प्रेरित करें।वही योग्य लाभुकों को सरकार के योजनाओं के तहत सहायक उपकरण, एक्सचेंज सीड्स ससमय उपलब्ध कराएं ताकि अच्छी फसल हो सके।
इस दौरान बैठक में उपस्थित डीडीएम नाबार्ड ने कहा कि सरकार द्वारा किसानों को ओटल मशीन(सहायक उपकरण ) उपलब्ध कराया गया है जो किसान उपयोग नहीं कर रहे हैं, ऐसे किसानों को चयनित कर उन्हें मशीन की उपयोगिता इसके फायदे तथा संचालन संबंधित विस्तार पूर्वक जानकारी दें ताकि वह मशीन का सही इस्तेमाल कर सके।
बैठक में उप विकास आयुक्त के साथ डीडीएम नाबार्ड श्री सिद्धार्थ शंकर, जिला कृषि पदाधिकारी श्री विजय कुजुर, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक श्री वीरेंद्र कुमार शीत एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
शिक्षा:-समाज, राजनीति, धर्म और संस्कृति का अटूट संबंध है।
New Delhi
शिक्षा – सामाजिक परिवर्तन का उपकरण
शिक्षा, समाज, राजनीति, धर्म और संस्कृति का अटूट संबंध है।
सामाजिक परिवर्तन एक सतत घटना है।
सलिल सरोज,नई दिल्ली
हम अब एक ऐसे समाज में रह रहे हैं जो तेजी से बदल रहा है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी के चमत्कारों ने जीवन के तरीके और जीवन के प्रति दृष्टिकोण को इतना बदल दिया है कि हम नहीं जानते कि इसके साथ कैसे तालमेल बिठाया जाए और उचित समायोजन कैसे किया जाए। सामाजिक मूल्य, मानवीय मूल्य, अंततः एक निश्चित समय में समाज के स्वास्थ्य और बीमारी का निर्धारण करते हैं। आमतौर पर यह माना जाता है कि छात्र वही करते हैं जो शिक्षक करते हैं; लोग शासकों - राजनेता और नौकरशाह का अनुसरण करते हैं; बच्चों को उनके माता-पिता द्वारा, उनके वफादार अनुयायियों को उनके धार्मिक नेताओं द्वारा ढाला जाता है। हालांकि, आज जीवन के हर क्षेत्र में उथल-पुथल और भ्रम है। बच्चे, जो अपने माता-पिता द्वारा लाड़-प्यार में अनुशासनहीन कर दिए जाते हैं, उन्हें वयस्क होने पर अनुशासित और आज्ञाकारी होने का आदेश दिया जाता है। लड़कियों और लड़कों, महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग मूल्य और मानदंड निर्धारित हैं।
सलिल सरोजनई दिल्ली
चरित्र जो एक व्यक्ति की मूलभूत आवश्यकता है, बचपन में परिवार और समाज दोनों में नजरअंदाज कर दिया जाता है। "चरित्र वह है जिस पर किसी राष्ट्र की नियति का निर्माण होता है।"
जवाहरलाल नेहरू बताते हैं कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान लोग गांधीजी से कैसे प्रभावित हुए थे।
"परिस्थितियों से मजबूर लोगों के लिए खुद को अपने सामान्य स्तर से ऊपर उठाने के लिए, पहले की तुलना में और भी निचले स्तर पर वापस जाने के लिए उपयुक्त हैं। आज हम कुछ ऐसा ही देखते हैं ... इससे भी बुरा यह है कि इन मानकों को बढ़ाने के लिए सामान्य रूप से कम किया जा रहा है। गांधी जी ने अपना जीवन सामाजिक उत्थान को समर्पित कर दिया था।" कई बार राजनीति विद्वेष पैदा कर देती है। भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद समाज के हर तबके में व्याप्त है। जनसंख्या, गरीबी, बीमारी, कुपोषण और अशिक्षा पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। दहेज, दुल्हन को जलाना, आतंकवाद दिन का क्रम है। महिला विकास राजनेताओं का फोकस है, लेकिन पुरुष विकास का नहीं। "छोटे चरित्र के पुरुषों और महिलाओं के साथ कोई राष्ट्र नहीं हो सकता।" संसद में पारित कानूनों को ठीक से लागू नहीं किया जाता है क्योंकि अधिकांश आम लोगों को अपने अधिकारों के बारे में जानकारी नहीं होती है और उनका प्रचार-प्रसार करने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं और सत्ता के भूखे राजनेताओं द्वारा शोषण किया जाता है। समन्वय, व्यापक योजना और प्रबंधन की कमी है और सबसे महत्वपूर्ण आम लोगों की चिंता मूल विषय से नदारद है। आजादी के बाद भी अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के लिए सीटों के आरक्षण के अपेक्षित परिणाम नहीं मिले हैं। गरीबों और दलितों के उत्थान के लिए किसी ने गंभीरता से प्रयास नहीं किया। साधन, जो सीमित हैं, बर्बाद हो जाते हैं। आईआईटी, प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों ने सर्वश्रेष्ठ छात्रों को प्रशिक्षित किया है, जिनमें से 80% विकसित देशों में चले जाते हैं। उच्च पदों पर बैठे लोगों के बच्चों को उन लोगों के लिए कोई सरोकार, कोई दायित्व नहीं है जिनका पैसा उनकी शिक्षा और प्रशिक्षण में जाता है। उन्हें न तो अपने देश पर गर्व है और न ही देश उन्हें बनाए रखने के लिए पर्याप्त प्रोत्साहन देता है। एक व्यक्ति जितनी अधिक उच्च शिक्षा प्राप्त करता है, उतनी ही अधिक डिग्रियाँ प्राप्त करता है, दहेज की माँग भी उतनी ही अधिक होती है। डिग्री केवल भौतिक मामलों में आत्म-उन्नति के लिए, किसी की स्थिति को बढ़ाने और जल्दी पैसा बनाने के लिए एक साधन है।
इन सभी बीमारियों के लिए शिक्षा को रामबाण माना जाता है। विद्वानों, वैज्ञानिकों और तकनीशियनों को गरीबी, बेरोजगारी, बीमारी और मानव पतन से लड़ने की आवश्यकता है। शिक्षा की वर्तमान प्रणाली में कुछ दोष हैं। हमारे जीवन स्तर को ऊपर उठाने के लिए विज्ञान आवश्यक है लेकिन मानविकी की तुलना में विज्ञान, इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी में छात्रों को प्रशिक्षित करना महंगा है। राष्ट्रीय परंपरा की उपेक्षा की गई है। वर्तमान पीढ़ी जड़विहीन है। सामान्य शिक्षा की क्या जरूरत है। राष्ट्रीय शिक्षा परिषद छात्रों को उनकी महान राष्ट्रीय विरासत और विज्ञान के साथ-साथ पारंपरिक मूल्यों को समझने में शिक्षित करके राष्ट्रीय भावना को विकसित करने में रुचि रखती थी। "सत्य और असत्य की दुनिया, सही और गलत, सुंदरता और कुरूपता की दुनिया विज्ञान की दुनिया से अलग है।" धर्म एक अन्य बाध्यकारी शक्ति है, हालांकि ऐसा लगता है कि यह समाज को विभाजित कर रहा है। "हमारे महाकाव्य, हमारे साहित्यिक ग्रंथ, हमारे धार्मिक तीर्थ, देश की एकता की घोषणा करते हैं।" आखिरकार "धर्म सही विश्वास, सही भावना और सही कार्य है …", यह बौद्धिक विश्वास, भावनात्मक परमानंद या सामाजिक सेवा तक ही सीमित नहीं है। शिक्षा की किसी भी अच्छी प्रणाली का उद्देश्य व्यक्ति के व्यक्तित्व का विकास करना चाहिए, जिससे वह ज्ञान और ज्ञान प्राप्त करने में सक्षम हो सके। साहित्य, धर्म और दर्शन का अध्ययन उसे ज्ञान प्राप्त करने में मदद करता है। तभी वह ब्रह्मांड के नियमों को समझ सकता है अन्यथा वह लालच, चिंता आदि से पीड़ित होगा। भारतीय संस्कृति जितनी बदलती है, उतनी ही वैसी ही रहती है।" जानकारी, ज्ञान, विज्ञान सब व्यर्थ है अगर एक शिक्षित व्यक्ति में चीजों को शांति से देखने की क्षमता नहीं है। राजनीति अब शिक्षा व्यवस्था का अभिन्न अंग बन चुकी है। यह शिक्षक संघों, छात्र संघों आदि में विशेष रूप से स्पष्ट है। हड़तालों और चुनावों के दौरान पैसा और शक्ति तबाही मचाते हैं। यहां तक कि पदोन्नति भी सत्ता में बैठे लोगों की सनक पर निर्भर करती है। इसलिए, प्रतिबद्ध शिक्षकों को इस प्रक्रिया में नजरअंदाज किया जाता है, वे हतोत्साहित और निराश होते हैं। डर की राजनीति हावी है। शैक्षणिक माहौल खराब हो गया है, हालांकि किसी तरह शिक्षण संस्थान अभी भी ज्ञान प्रदान करने का प्रबंधन करते हैं। शिक्षा के लिए अनुदान के आवंटन में कमी, (बजट में शिक्षा को प्राथमिकता नहीं दी गई) के परिणामस्वरूप मानकों में गिरावट आई। जिस समाज में सम्मान भौतिक संपत्ति पर निर्भर करता है, वहां शिक्षकों का सम्मान गायब हो जाता है। शिक्षण अब एक विद्वान की पहली पसंद नहीं है। नतीजा यह होता है कि बेहतरीन दिमाग वाले अब इस पेशे की ओर आकर्षित नहीं होते। राजनेता, शिक्षाविद् और समाज सुधारक आज समाज में अराजक स्थितियों के लिए एक-दूसरे पर दोषारोपण करते हैं। "शिक्षा पूरे मनुष्य के लिए सोचने, महसूस करने,और अपने होने का परिचायक है और बिना सोचे इसे हासिल नहीं किया जा सकता है" उपकरण, पुस्तकालय, भवन महान शिक्षकों के लिए कोई विकल्प नहीं हैं। सर्वश्रेष्ठ विद्वानों को शिक्षण पेशे में होना चाहिए। "विश्वविद्यालय के शिक्षक को आराम से रहने में मदद की जानी चाहिए यदि वह खुद को सीखने, सिखाने और अनुसंधान के लिए समर्पित करना चाहता है। चूंकि विश्वविद्यालयों में भर्ती होने वाले युवा को कम वेतन दिया जाता है, वे बौद्धिक मूल्यों की सराहना करने में विफल रहते हैं और पाठ्यपुस्तक लिखने या फेलोशिप प्राप्त करने में रुचि रखते हैं।" जैसा कि शिक्षक के उदाहरण का विद्यार्थियों पर बहुत प्रभाव पड़ता है, हम शिक्षण पेशे के प्रति अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। एक अधिक प्रबुद्ध सार्वजनिक दृष्टिकोण आवश्यक है" डॉ एस राधाकृष्णन, शिक्षक, दार्शनिक और राजनेता कहते हैं। विश्वविद्यालय शांति के लिए सबसे मजबूत प्रभावों में से एक हैं। दुनिया की वर्तमान स्थिति सोचने वाले लोगों के लिए हैरान करने वाली और खतरनाक है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी ने आसमान और सितारों पर अपना प्रभुत्व जमा लिया है। इस चुनौती से निपटने के लिए हमें नए साधनों की जरूरत है। "राजनीति तत्काल की कला है। स्टेट्समैनशिप लंबे और गहरे विचारों पर टिकी हुई है।" "विश्वविद्यालयों को हमें अनुपात और परिप्रेक्ष्य की भावना सिखानी चाहिए, क्योंकि वे विश्व समुदाय को स्वीकार करते हुए सार्वभौमिक सुपर-राष्ट्रीय मूल्यों पर जोर देते हैं और एक स्थिर संतुलन के भीतर राष्ट्रीय समूहों को घेरने का प्रयास करते हैं। दुनिया के विश्वविद्यालय अपने सदस्यों को एक साथ जोड़ने वाली एक महान बिरादरी बनाते हैं। शिक्षा किसी एक ख़ास वर्ग के लोगब की बपौती नहीं बल्कि हवा की तरह सबके लिए उपलब्ध होनी चाहिए ताकि समाज की नसों में विकास का ऑक्सीजन दौड़ता रहे।"
चक्रधरपुर प्रखंड कार्यालय के नाजिर शेखर पंडित को एसीबी टीम ने 4000/- घूस लेते रंगे हाथ किया गिरफ्तार…
चक्रधरपुर
प्रखंड कार्यालय
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
निगरानी विभाग टीम में डीएसपी विजय महतो, सीओ सुभाष कुमार महतो और उनकी पूरी टीम शामिल थे.
जमशेदपुर: चक्रधरपुर प्रखंड कार्यालय के शेखर पंडित को ₹4000/- घूस लेते हुए जमशेदपुर भ्रष्टाचार नियंत्रण ब्यूरो निगरानी विभाग की टीम द्वारा पकड़े जाने की खबर सामने आई है
जमशेदपुर की भ्रष्टाचार नियंत्रण ब्यूरो निगरानी विभाग की टीम ने गुरुवार को चक्रधरपुर प्रखंड कार्यालय में घूस लेते रंगे हाथों नाजिर शेखर पंडित को धर दबोचा.
वाहीं जानकारी के अनुसार घूसखोर नाजिर मारवाड़ी प्लस टू उच्च विद्यालय के पीछे स्थित किराए के मकान में रहते हैं, गुरुवार को रोज की तरह नाजिर प्रखंड कार्यालय पहुंचे थे. वीडियो ग्राफर विकास बोस उर्फ माना से 24 हजार 700 रुपए बिल पास कराने के एवज में आधे रकम की मांग की थी.
इसमें 4 हजार रुपए पर तय हुआ. इससे परेशान होकर विकास बोस ने इसकी शिकायत जमशेदपुर सोनारी स्थित निगरानी विभाग से की थी. गुरुवार को विकास बोस ने नाजिर को 4 हजार घूस दिया. तभी घूस लेते निगरानी की टीम ने नाजिर को धर दबोचा. इस घटना के बाद से चक्रधरपुर प्रखंड कार्यालय में हड़कंप मच गया. बाद में निगरानी विभाग की टीम नाजिर को गिरफ्तार कर अपने साथ जमशेदपुर ले गई।
उक्त कार्यवाही में निगरानीविभाग टीम में डीएसपी विजय महतो, सीओ सुभाष कुमार महतो और उनकी पूरी टीम शामिल थे.
रांची के मैक्लुस्कीगंज में नक्सली हमला : 2 मजदूर घायल, पुलिस मुखबिरी बंद करने की चेतावनी की तो…
रांची
मैक्लुस्कीगंज थाना
जोभिया
गोलीबारी के बाद घटनास्थल पर पर्चा भी छोड़ा
रांची: रांची के मैक्लुस्कीगंज थाना क्षेत्र जोभिया से बुधवार की देर रात नक्सलियों द्वारा हमला करने की खबर सामने आ रही है जिसमें नक्सलियों की गोलीबारी में दो मजदूर घायल हो गये हैं। दोनों मजदूरों के पैर में गोली लगी है. घायलों को तत्काल बेहतर इलाज के लिए रिम्स रेफर किया गया। वहीं, पुलिस मामले की छानबीन में जुट गयी है. नक्सलियों ने गोलीबारी के बाद घटनास्थल पर पर्चा छोड़ कर पुलिस मुखबिरी बंद करने की चेतावनी दी है।
नक्सलियों द्वारा छोड़े गए पर्चे को पुलिस ने जप्त कर लिया है
जानकारी के अनुसार, बुधवार की देर रात मैक्लुस्कीगंज थाना क्षेत्र के जोभिया में नक्सलियों ने धावा बोलकर राजन साहू के ईंट भट्ठा में गोलीबारी की। लातेहार जिले के जंगल की ओर से सात-आठ की संख्या में आकर नक्सलियों ने ईंट भट्ठा में कार्यरत मजदूरों से भट्ठा संचालक राजन साहू का मोबाइल नंबर मांगा। जब तक मजदूर कुछ समझ पाते नक्सलियों ने गोली चला दी। इस गोलीबारी में मांडर निवासी 40 वर्षीय राजकुमार और लातेहार निवासी 25 वर्षीय सोमरा उरांव घायल हो गये. दोनों मजदूरों के पैर में गोली लगी है।
घटना को अंजाम देने के बाद नक्सलियों ने एक पर्चा छोड़ते हुए ठेकेदार, ईंट भट्ठा संचालक, कोयला व्यवसायी को धमकी देते हुए पुलिस मुखबिरी बंद करने की चेतावनी दी. साथ ही पर्चा में जंगल और जमीन को बचाने की बात भी कही गयी. पर्चा किसी माओवादी के कोयल शंख जोनल कमिटी के नाम से जारी किया गया है. घटना को अंजाम देने के बाद नक्सली लातेहार के जंगलों में प्रवेश कर गये